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जो बनाती थी AAP के लिए वीडियो, TheLallantop ने उसे ही पत्रकार बना गुजरात भेजा: पोल खुलते ही सोशल मीडिया पर जनता ले रही मौज

इस वर्ष के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। मीडिया को भी साध रही है, जो उनका हमेशा से एजेंडा रहा है। ऐसे में गुजरात चुनाव से पहले न्यूज पोर्टल ‘द लल्लनटॉप’ द्वारा नूपुर पटेल की नियुक्ति ने नेटिज़न्स को आश्चर्यचकित कर दिया। लोग यह जानना चाहते हैं कि नूपुर पटेल पत्रकार हैं या फिर आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता।

दरअसल, एक ट्विटर यूजर और एक्टिविस्ट अंकुर सिंह ने एक ट्विटर थ्रेड शेयर करते हुए बताया है कि इंडिया टुडे ग्रुप का न्यूज पोर्टल ‘द लल्लनटॉप’, आम आदमी पार्टी के आईटी सेल की मेनलाइन मीडिया विंग के रूप में काम कर रहा है। ‘द लल्लनटॉप’ द्वारा नुपूर पटेल जैसे लोगों को काम पर रखना यह दर्शाता है कि ऐसे लोगों को साथ रख कर वह आप (AAP) के लिए सॉफ्ट कॉर्नर बनाना चाहते हैं।

एक्टिविस्ट अंकुर सिंह ने नूपुर पटेल द्वारा पोस्ट किए गए पुराने ट्वीट्स शेयर किए हैं। इन ट्वीट्स में नूपुर आम आदमी पार्टी के लिए अपना समर्थन करते हुए भाजपा का खुला विरोध कर रही हैं। हालाँकि, आम आदमी पार्टी से लिंक उजागर होने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी प्रोफ़ाइल से ऐसे कई ट्वीट्स हटा दिए हैं, जिनसे यह साबित हो सकता है कि वह खुले तौर पर आप की समर्थक हैं।

आप के लिए प्रचार वीडियो बनाने से लेकर अरविंद केजरीवाल और पार्टी की नीतियों का खुलकर समर्थन करने तक, नूपुर पटेल ने ट्विटर पर खुलकर अपनी राजनीतिक विचारधारा को उजागर किया है। यही नहीं, उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ भद्दे ट्वीट भी किए हैं। ऐसे ही एक ट्वीट में उन्होंने भाजपा को वायरस बताया है।

गौरतलब है, नुपुर ने अरविंद केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के बारे में जो ट्वीट किए थे, वह ‘द लल्लनटॉप’ जॉइन करने के बाद हटाए जा चुके हैं। हालाँकि, सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को ‘द लल्लनटॉप’ द्वारा शेयर किए गए वीडियो से सोशल मीडिया यूजर्स को यह समझ आ गया था कि वह आम आदमी पार्टी के प्रचार को बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ा सकती हैं। वह भी लल्लनटॉप जैसे ‘तटस्थ पोर्टल’ में ‘तटस्थ पत्रकार’ की तरह काम करते हुए।

नूपुर पटेल द्वारा डिलीट किए जा चुके एक ट्वीट में उन्होंने खुद बताया था कि वो मोदी सरकार के विरोध में बीफ खाई हैं। उन्होंने ट्विटर पर ही नहीं, बल्कि यूट्यूब और फेसबुक पर भी केजरीवाल और आप के समर्थन में कंटेंट शेयर किए हैं।

गौमांस खाएँगे और बताएँगे भी!

यही नहीं, वह फेक न्यूज पेडलर और आप समर्थक व्लॉगर ध्रुव राठी से भी प्रभावित दिखाई देती हैं। नूपुर ने कई मौकों पर ध्रुव राठी द्वारा अपलोड किए गए वीडियो और पोस्ट को शेयर किया है।

अंकुर सिंह द्वारा ‘द लल्लनटॉप’ में काम पर रखे गए एक पत्रकार के खुले राजनीतिक संबंधों को उजागर किए जाने के बाद, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बिंदु पर चर्चा की है कि यह सब राजनीतिक दलों और मीडिया संस्थानों के व्यापार के लिए सामान्य सी बात हो गई है।

कई अन्य लोगों ने ‘द लल्लनटॉप’ के संपादक सौरभ द्विवेदी की आलोचना की कि उन्होंने संदिग्ध ट्रैक रिकॉर्ड होने के बाद भी किसी को अपने संस्थान में रखा है।

सोशल मीडिया पर जब आज ‘द लल्लनटॉप’ की आलोचना हो रही है तब यह जानना जरूरी हो जाता है कि ‘द लल्लनटॉप’ पर लंबे समय से समाचारों की रिपोर्टिंग के बहाने दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया जाता रहा है। जून 2021 में, ‘द लल्लनटॉप’ ने मोदी सरकार की आलोचना करने के लिए ‘अनाथ बच्चों’ से जुड़े दो अलग-अलग डेटा सेटों की जानकारी का उपयोग किया था।

इससे पहले, दिसंबर 2020 में भी लल्लनटॉप ने एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में एपीएमसी मंडियों पर गलत सूचना शेयर की गई थी, जिसमें गुजरात में एपीएमसी बाजारों और नए कृषि कानूनों के बारे में फर्जी खबरें शेयर की गई थीं।

भगवंत मान के मुँह से शराब की बदबू… जनता-जनार्दन की थ्योरी पर किरण खेर ने लगाया ब्रेक, कहा – पद का सम्मान कीजिए

बॉलीवुड एक्ट्रेस व भाजपा सांसद किरण खेर और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में किरण खेर और भगवंत मान बात कर रहे हैं लेकिन इस दौरान किरण मास्क लगाते हुए दिख रहीं हैं। इस पर सोशल मीडिया में अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इसके बाद किरण खेर ने वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाओं को लेकर सफाई दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद गत 28 सितंबर को चंडीगढ़ स्थित एयरपोर्ट का नाम बदलकर भगत सिंह एयरपोर्ट किए जाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान व चंडीगढ़ से भाजपा सांसद किरण खेर समेत कई गणमान्य मौजूद थे।

वायरल वीडियो इस कार्यक्रम का है। यहाँ, किरण खेर के बगल में बैठे हुए आप नेता भगवंत मान उनसे बात करना शुरू कर देते हैं। हालाँकि, कुछ ही सेकंड बाद किरण खेर के चेहरे पर एक अलग ही तरह का बदलाव दिखाई देता है जैसे कि उन्हें किसी चीज की बदबू आ रही हो। इसके बाद, वह मास्क लगाते हुए अपने चेहरे को ढँकने का प्रयास करती हुई दिखाई देती हैं।

इस वीडियो के सामने आने के बाद ही सोशल मीडिया में लोगों ने किरण खेर और भगवंत मान को लेकर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। कुछ लोग तो भगवंत मान को शराब के नशे में बताते हुए ‘पियक्कड़ आदमी’ भी कह रहे।

Rahul Kumar Gupta नामक ट्विटर यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा “किरण खेर तो चंद सेकेंड भी बदबू बर्दाश्त नहीं कर पाईं। सड़ा के रख दिया इस पियक्कड़ आदमी ने।”

Hinduvaadi Tapan नामक यूजर ने लिखा ” किरण खेर मैडम आपने ऐसा क्या सूँघ लिया, जिसने आपको मास्क लगाने पर मजबूर कर दिया।”

Saurabh Sharma नामक यूजर ने शराब के ग्लास वाले इमोजी के साथ ट्वीट कर कहा “पता नहीं किरण खेर ने पर मुँह पर तुरंत मास्क क्यों लगा लिया। केजरीवाल जी तो बोल रहे थे छोड़ रखी है। गाने का आनंद लो मान साहब की कोई गलती नहीं है।”

Pawan ने ट्विटर पर लिखा “दारू की ‘ख़ुशबू’ इतनी ज़्यादा थी कि किरण खेर को मास्क लगाना पड़ा।”

सोशल मीडिया पर सामने आ रही इन प्रतिक्रियाओं के बाद किरण खेर को सफाई देनी पड़ी है। किरण खेर ने ट्वीट कर भगवंत मान के पद का सम्मान करने की बात कही है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा “अपमानजनक टिप्पणियों के साथ वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर बहुत दु:ख हुआ है। कम इम्युनिटी के कारण मैं खुद को बचाने के लिए मास्क का इस्तेमाल करती हूँ। कृपया इसका उपयोग माननीय पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का मजाक बनाने के लिए न करें। कोई किसी भी पार्टी का हो, हमें उनके पद का सम्मान करना चाहिए।”

हालाँकि, इसके बाद उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया और फिर एक अन्य ट्वीट करते हुए लिखा “एक सार्वजनिक सभा में पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान जी से बात करते हुए मैंने मास्क लगाया है, इसका वीडियो वायरल होते हुए देखना दुर्भाग्यपूर्ण है। कम इम्युनिटी के कारण मैं ऐसा करती हूँ। कृपया उनके प्रति अपमानजनक टिप्पणी का इस्तेमाल न करें। कोई किसी भी पार्टी का हो, हमें उन्हें वह सम्मान देना चाहिए जो उनके पद की गरिमा है। आपका धन्यवाद। किरण खेर, सांसद, चंडीगढ़।”

भगवंत मान और शराब को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में काफी कुछ चलता रहता है। कई मौकों पर यह भी लिखा गया कि उन्हें शराब के कारण समस्याओं का भी सामना करना पड़ा है। हाल ही में कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि भगवंत मान को शराब न नशे में धुत होने के कारण जर्मनी में एक फ्लाइट से उतार दिया गया था। यही नहीं, उन पर शराब पीकर गुरुद्वारा और लोकसभा जाने का भी आरोप लग चुका है।

सूरत में गरबा के लिए थे मुस्लिम बाउंसर, पूछने पर हिंदू नाम बताए… बजरंग दल कार्यकर्ताओं की सख्ती से नंगे पेट भागे

हिंदुओ के प्रमुख त्यौहारों में से एक नवरात्रि महापर्व पर गुजरात के सूरत जिले अंतर्गत वेसु में एक आयोजन में जमकर बवाल हुआ है। इस बवाल का कारण यह था कि आयोजक ने गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम बाउंसर्स को बुलाया था। इसकी जानकारी सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया।

रिपोर्ट के अनुसार, इस गरबा कार्यक्रम के आयोजकों को नवरात्रि उत्सव के लिए केवल हिंदुओं को ही काम पर रखने के लिए कहा गया था। चूँकि, नवरात्रि हिंदुओं का त्यौहार है और लोगों की धार्मिक भावनाएँ भी इस त्यौहार से जुड़ी हुईं हैं। ऐसे में, किसी अन्य धर्म के व्यक्ति के शामिल होने का कोई औचित्य नहीं था।

इस गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम बाउंसर्स को बुलाए जाने के बारे में जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को जानकारी मिली तो उन्होंने आयोजन स्थल में जाने का फैसला किया। आयोजन स्थल में पहुँचने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को यह भी पता चला कि मुस्लिम बाउंसर्स गरबा कार्यक्रम में आने वाले लोगों की आईडी की जाँच भी सही तरीके से नहीं कर रहे हैं।

इस घटना की जानकारी रखने वाले बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने कहा, “अगर वे हलाल अर्थव्यवस्था को केवल मुसलमानों तक सीमित रख सकते हैं, तो हम भी कर सकते हैं। नवरात्रि एक हिंदू त्यौहार है और गरबा नृत्य हमारी देवी-देवताओं की पूजा का एक रूप है।”

गौरतलब है, किसी मांसाहारी प्रोडक्ट के हलाल होने का मतलब यह होता है कि जानवर को मुस्लिम द्वारा ही काटा जाना चाहिए। यदि किसी और के द्वारा काटा जाता है तो इसे मुस्लिम गैर-हलाल बताते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हलाल और गैर-हलाल उत्पाद के चलते सभी बूचड़खानों में केवल मुस्लिमों को ही नौकरी पर रखा जाता है। इसका कारण यह है कि कोई भी हलाल और गैर-हलाल के लिए अलग-अलग बूचड़खाने खोलना अपेक्षाकृत महंगा साबित होगा।

मांस उद्योग कोई छोटा-मोटा उद्योग नहीं है। वास्तव में, यह अरबों डॉलर की कमाई वाला उद्योग है। जहाँ सिर्फ हलाल मांस के लिए मुस्लिमों को काम पर रखा जाता है। इसी हलाल सर्टिफिकेशन के चलते ऐसे लाखों लोग खासतौर से दलित वर्ग के लोग जो परंपरागत रूप से ‘कसाई’ का काम करते आ रहे हैं, उनकी रोजी-रोटी छिन गई है।

यहाँ एक और बिंदु है, जिस पर विचार करना आवश्यक है। दरअसल, मूर्ति पूजा को लेकर इस्लाम में सबसे बड़ी सजा, मौत की सजा है। इसलिए, जो लोग हिंदू देवी-देवताओं में विश्वास नहीं करते हैं और सोचते हैं कि नवरात्रि में देवी-देवताओं की पूजा करना पाप का एक रूप है, ऐसे लोगों को न केवल नवरात्रि बल्कि हिन्दुओं के किसी भी त्यौहार में शामिल नहीं होना चाहिए।

बहरहाल, बजरंग दल के कार्यकर्ता जब गरबा कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे तो उन्होंने देवी-देवताओं में विश्वास न करने वाले लोगों को गरबा कार्यक्रम स्थल से जाने के लिए कहा। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने मुस्लिम बाउंसर्स से नाम पूछे तो उन्होंने अपने हिंदू नाम बताए। जिसके बाद, मामला और गरमा गया।

इस दौरान, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में कुछ ऐसे लोगों को भी प्रवेश दिया गया था जो कि सिर्फ मौज-मस्ती के लिए इस गरबा कार्यक्रम में आए थे। ये सभी लोग, नकली हिन्दू नामों के साथ कार्यक्रम में घुसे थे, जबकि सच्चाई यह है कि वे सभी मुस्लिम थे।

बता दें, बीते कुछ दिनों में, देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी कई घटनाएँ सामने आई हैं जहाँ कुछ मुस्लिम युवकों ने अलग-अलग हिंदू नामों के साथ आयोजन स्थल में प्रवेश किया है। गुजरात में ही, कुछ स्थानों पर मुस्लिम भीड़ द्वारा नवरात्रि के कार्यक्रम पर पथराव की घटना भी सामने आई है।

जवान बने रहने के लिए चीन खरीद रहा पाकिस्तान से गधा, सिर पर हथौड़ों से मार धीमी और दर्दनाक मौत के बाद बनती है Ejiao दवाई

चीन आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान से गधों और कुत्तों को खरीदना चाहता है। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने संसदीय समिति को इससे अवगत कराया। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय और सीनेट की स्थायी समिति के अधिकारियों के बीच आयात और निर्यात को लेकर एक ब्रीफिंग हुई थी। इसी दौरान वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि चीन ने पाकिस्तान से गधों के साथ-साथ कुत्तों को आयात करने में अपनी रुचि दिखाई है।

सीनेटर अब्दुल कादिर (Senator Abdul Qadir) ने समिति को यह भी बताया कि चीनी राजदूत ने इससे पहले भी कई बार पाकिस्तान से मांस निर्यात करने की बात कही थी। समिति के सदस्यों में से एक ने यह भी सुझाव दिया कि पाकिस्तान की तुलना में अफगानिस्तान में जानवर सस्ते हैं, इसलिए पाकिस्तान वहाँ से गधों-कुत्तों को आयात कर सकता है और फिर मांस को चीन को निर्यात कर सकता है।

इस सुझाव पर वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति को बताया कि अफगानिस्तान से जानवरों के आयात पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पाकिस्तान ने यह कदम इसलिए उठाया था, क्योंकि अफगानिस्तान के जानवरों में लंपी (Lumpy Skin Disease) बीमारी के मामले सामने आए थे।

रिपोर्ट्स के मुतबिक, चीन पाकिस्तान से इसलिए गधे खरीदना चाहता है, क्योंकि वहाँ गधों की चमड़ी को छीलकर ईजाओ (Eijao) के अलावा तरह-तरह की दवाइयाँ और क्रीम बनाई जाती है। ये चेहरे से झुर्रियाँ हटाने में मदद करती हैं। ये बहुत महँगी दवाएँ होती हैं। इसमें औषधीय गुण होते हैं। इसके लिए गधों को चीन में मौत के घाट उतारा जाता है। 

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जिसके पास सबसे अधिक गधे हैं। वर्तमान में पाकिस्तान के पास 5700000 लाख (5.7 मिलियन) जानवर हैं। इससे पहले भी वह जानवरों को चीन को निर्यात कर चुका है।

सिर पर हथौड़ों से किया जाता है प्रहार

बता दें कि 2019 में भी पाकिस्तान का ऐसा ही अमानवीय चेहरा सामने आया था। खबर आई थी कि कर्ज में डूबा पाकिस्तान अपने खजाने भरने के लिए चीन को गधों का निर्यात करेगा। पाकिस्तान इस योजना से अपने विदेशी मुद्रा भंडार को भरना चाह रहा था।

चीन में दवा बनाने के नाम पर 5 वर्ष का गधा हो या फिर 5 महीने का बच्चा, किसी को भी नहीं बख़्शा जाता। उन सब की निर्ममता से सामूहिक हत्या कर दी जाती है। Ejiao नामक दवा बनाने के लिए गधों को धरती पर सुलाकर उनके सिर पर हथौड़ों से जोर-जोर से प्रहार किया जाता है, जिससे वो एक धीमी और दर्दनाक मौत मरते हैं। इतना ही नहीं, गधों को उनके ही मल-मूत्र के बीच मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। चीन में ऐसी भी मान्यता है कि गधों की चमड़ी से बनी दवा के सेवन से व्यक्ति की आयु भी लम्बी होती है।

आदिपुरुष के टीजर से गुस्से में प्रभास… डायरेक्टर को अपने कमरे में बुलाया: वीडियो वायरल होने पर नेटिजेन्स कर रहे कॉमेंट्स

साउथ इंडियन एक्टर प्रभास के लीड रोल वाली ‘आदिपुरुष’ का टीजर (2 अक्टूबर 2022) को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रिलीज किया गया। इस फिल्म को लेकर फैंस को काफी उम्मीदें थीं। हालाँकि, टीजर दर्शकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

‘आदिपुरुष’ टीजर के वीएफएक्स से लेकर भगवान राम, भगवान हनुमान और दशानन के लुक को लेकर लगातार ट्रोल किया जा रहा है। इस ट्रोल के बीच प्रभास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह ‘गुस्से’ में फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत को अपने कमरे में बुलाते नजर आ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो ‘आदिपुरुष’ के टीजर रिलीज होने के बाद होटल की लॉबी का बताया जा रहा है। इस वीडियो में प्रभास कुछ लोगों से घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद, वह किसी से यह पूछते हुए नजर आते हैं कि ओम (फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत) कहाँ है? इस पर उन्हें जवाब मिलता है ‘पता नहीं कहाँ हैं’।

वायरल वीडियो में प्रभास को दोबारा ओम राउत को अपने कमरे में बुलाते हुए सुना जा सकता है। जिस पर ओम कहते हैं ‘हाँ मैं आपके कमरे में आ रहा हूँ’।

‘आदिपुरुष’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया में फिल्म को लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई। इसलिए, नेटिजेन्स को यह लगता है कि फिल्म का टीजर खराब होने के कारण प्रभास ने डायरेक्ट ओम राउत को अपने कमरे में बुलाया वो भी ‘गुस्से’ में। प्रभास का यह वीडियो फेसबुक से लेकर ट्विटर व इंस्टाग्राम में तेजी से वायरल हो रहा है। जहाँ लोग यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्होंने प्रभास को पहली बार गुस्से में देखा है।

बता दें, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की शौर्यगाथा पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ का टीजर अयोध्या में रिलीज किया गया। टीजर रिलीज से पहले सरयू नदी में फिल्म का खास पोस्टर लॉन्च किया गया। इस दौरान पोस्टर पानी से निकलता हुआ ऊपर आया, जिसमें आदिपुरुष (प्रभास) का धमाकेदार अवतार देखने को मिला।

इस फिल्म में प्रभास को भगवान श्रीराम, कृति सेनन को माँ जानकी और सैफ अली खान को दशानन (रावण) के रूप में दिखाया गया है। इस फिल्म का टीजर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सैफ अली खान (दशानन) के लुक को तैमूर और औरंगजेब की तरह बता रहे हैं।

वहीं, भगवान श्रीराम के रूप में नजर आने वाले प्रभास के हाथ में बंधी हुई बेल्ट जैसी चीज पर भी लोग बेहद नाखुश नजर आ रहे। फिल्म में भगवान हनुमान को बिना गदा और लेदर के कपड़ों में दिखाया गया है। इसलिए लोग लगातार फिल्म को ट्रोल कर रहे हैं।

केरल के 873 पुलिस वालों का PFI कनेक्शन, छापेमारी से पहले लीक करते थे बात: मीडिया रिपोर्ट को केरल पुलिस ने नकारा

अपडेट: केरल की पुलिस ने मीडिया में प्रकाशित नीचे की खबर को नकार दिया है। मीडिया रिपोर्ट का खंडन करने के लिए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल का सहारा केरल की पुलिस ने लिया। ट्वीट में केरल की पुलिस ने लिखा:

“एनआईए ने राज्य के पुलिस प्रमुख को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 873 पुलिसकर्मियों के प्रतिबंधित पीएफआई के साथ संबंधों का खुलासा किया गया है, यह खबर झूठी और असत्यापित है।”

केरल पुलिस के अलावे सोशल मीडिया पर भी कुछ लोग ऐसे दावे कर रहे हैं कि खुद NIA ने भी इस खबर की पुष्टि नहीं की है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाने के कुछ दिनों बाद राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ा खुलासा किया है। एनआईए के मुताबिक, केरल के कम से कम 873 पुलिस कर्मचारियों के कट्टरपंथी संगठन PFI के साथ कनेक्शन थे। जाँच एजेंसी ने मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) को इन पुलिस अधिकारियों का पर्दाफाश करते हुए केरल के पुलिस महानिदेशक को एक रिपोर्ट सौंपी है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी की रिपोर्ट में सब-इंस्पेक्टर से लेकर स्टेशन हेड ऑफिसर (एसएचओ) रैंक के अधिकारियों सहित अन्य कर्मचारियों तक की लिस्ट है। एनआईए इन अधिकारियों के वित्तीय लेन-देन का ब्योरा भी जुटा रही है।

एनआईए ने कहा कि केरल के पुलिस अधिकारियों ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पीएफआई कैडरों को कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ लीक कीं। छापेमारी के दौरान भी इन पुलिस अधिकारियों ने पीएफआई से संबंधित आतंकियों और जिहादियों की मदद की। इन लोगों ने पीएफआई कैडरों को एनआईए और ईडी के छापे के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था, जिससे उन्हें अपने गोपनीय दस्तावेजों और अन्य सामानों को छिपाने में मदद मिली।

NIA और केरल की ATS ने कई राज्यों में दो बार छापेमारी कर 350 से अधिक PFI के सदस्यों को हिरासत में लिया था। इसके बाद भारत सरकार ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर पाँच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।

PFI का इतिहास हिंसा से सना रहा है। कई हिंसक मुस्लिमों संगठनों के विलय के बाद साल 2006 में PFI अस्तित्व में आया था। इसके बाद से यह सामूहिक हत्या, टारगेटेड मर्डर और दंगे फैलाने जैसे कामों में संलिप्त रहा। इतना ही नहीं, PFI पर लव जिहाद को बढ़ावा देने, महिलाओं का ब्रेनवॉश करने और धर्मांतरण कराने का भी आरोप है।

एनआईए अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान देश के लगभग 17 राज्यों में स्थित पीएफआई के ठिकानों से कई आपत्तिजनक सामग्रियाँ बरामद की थीं। इसमें एक ब्राउचर और एक सीडी भी मिली थी। जिसका नाम है – ‘मिशन 2047’। इसमें जो कंटेंट था, उसका मकसद खौफनाक था – आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक इस्लामी मुल्क में तब्दील कर देना।

बता दें कि कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के पीएफआई जिहादी ठिकानों से अवैध रूप से इकट्ठा किया गया कैश भी बरामद किया गया था। साथ ही राज्य में PFI के ‘प्रदेश अध्यक्ष’ के यहाँ से ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई दस्तावेज भी मिले थे। यह जानकारी भी सामने आई थी कि PFI द्वारा IED विस्फोटक तैयार करने के लिए मुस्लिम कट्टरपंथियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। तमिलनाडु में PFI के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मरीन रेडियो सेट्स भी जब्त किए गए थे, जिससे पता चला कि ये समुद्र में भी सक्रिय थे।

डांडिया खेल रही हिंदू लड़कियों से छेड़छाड़, विरोध करने पर कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने घोंपा चाकू: समीर धराया; शाहरुख, जुबैर और गैंग फरार

राजस्थान के बीकानेर में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों ने मधुसूदन मोदी पर चाकू से हमला किया। बताया जा रहा है कि डांडिया खेलने आई लड़कियों से मुस्लिम युवक छेड़छाड़ कर रहे थे, इसलिए मधुसूदन से उनकी बहस हुई थी। इसके बाद मुस्लिम युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने एक हमलावर समीर नाडसा को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार बताए जा रहे हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीकानेर के कोटगेट थाना क्षेत्र अंतर्गत रेलवे ग्राउंड में शनिवार (1 अक्टूबर 2022) को डांडिया कार्यक्रम चल रहा था। इस आयोजन के दौरान कुछ मुस्लिम लड़के वहाँ डांडिया कर रही लड़कियों से छेड़छाड़ कर रहे थे। यहीं पर मधुसूदन मोदी अपने दोस्तों के साथ पहले से ही मौजूद था।

मधुसूदन ने जब देखा कि मुस्लिम लड़के वहाँ आई लड़कियों से लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं तो उसने उन लड़कों को रोकने की कोशिश की। जिसके बाद उन लोगों में बहस हो गई। मधुसूदन के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस बहस के दौरान ही मुस्लिम लड़कों ने मधुसूदन को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जब वह अपने दोस्तों के साथ डांडिया पंडाल से बाहर निकला तो मुस्लिम लड़कों ने घेरकर उस पर हमला कर दिया।

मधुसूदन के पिता दिनेश मोदी ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि 1 अक्टूबर को लगभग रात 10:25 पर मधुसूदन के दोस्त किशन दैया का फोन आया। उसने बताया कि रात 8 बजे वह, अजय ओझा, किशन भाटी और मधुसुदन रेलवे ग्राउंड में डांडिया खेलने गए थे। वहाँ कुछ लड़के लड़कियों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। जब मधुसुदन ने उन्हें मना करने की कोशिश की तो वे झगड़े पर उतारू हो गए और बाहर निकलने पर जान से मार देने की धमकी दी।

इसके बाद, जैसे ही मधुसूदन और उसके साथी पंडाल से बाहर निकले तो 15-20 लड़के रेलवे ग्राउंड के सामने वाली गली में सरस बुथ के पास खड़े थे। जैसे ही ये सभी साथी वहाँ पहुँचे तो उन्होंने जान से मारने की कोशिश करते हुए लाठी, सरिया व चाकु से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान, कुछ लोगों ने मधुसूदन को पकड़ रखा था और किसी एक ने चाकू से मधुसूदन के पेट की दाईं ओर हमला कर दिया। जिसके बाद, दोस्तों ने मधुसूदन को पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

इस मामले में, मधुसूदन के पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने समीर नाडसा, शाहरुख पठान, जुबैर पठान समेत अन्य के खिलाफ धारा 307, 323, 324, 341 व आईपीसी की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। मधुसूदन पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस को आरोपित समीर नाडसा को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है, जबकि अन्य फरार बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस समीर से पूछताछ कर अन्य आरोपितों के ठिकानों में छापेमारी कर रही है।

हत्या के बाद गला काटा… फिर जलाने की कोशिश: जम्मू-कश्मीर के डीजी हेमंत कुमार लोहिया का घरेलू नौकर यासिर अहमद गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया (DG HK Lohiya) की हत्या के मामले में आरोपित घरेलू नौकर यासिर अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया नौकर डीजी जेल हेमंत कुमार की हत्या करने के बाद मौके से फरार हो गया था। उसने लोहिया के शव को जलाने की कोशिश भी की थी।

ADGP मुकेश सिंह ने बताया कि सोमवार (3 अक्टूबर 2022) रात से ही आरोपित की तलाश में ऑपरेशन चलाया जा रहा था। मुख्य आरोपित की तस्वीर भी जारी की गई थी। उसे कनाचक क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद वह खेतों में जाकर छिप गया था। पुलिस ने आरोपित से पूछताछ शुरू कर दी है।

जम्मू के एडीजीपी मुकेश सिंह ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, “हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद कर लिया गया है। आरोपित की एक डायरी भी मिली है, जो उसकी मानसिक स्थिति के बारे में बताती है।”

डायरी में आरोपित यासिर अहमद ने शायरियाँ लिखी हैं। इनमें उसने अपनी जिंदगी को खत्म करने का संकेत भी दिया। एक शायरी में उसने लिखा, ”हम डूबते हैं, डूबने दो। हम मरते हैं, तो मरने दो। पर अब कोई झूठापन मत दिखाओ।”

ADGP ने बताया कि शुरुआती जाँच में सामने आया है कि नौकर यासिर अहमद काफी आक्रामक स्वभाव वाला है। हालाँकि, अभी तक की जाँच में यह स्पष्ट नहीं है कि यह कोई आतंकी घटना है या नहीं। लेकिन टेरर लिंक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस इस मामले की हर एंगल से जाँच कर रही है।

एचके लोहिया की हत्या पर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मीडियाकर्मियों को बताया, “वह (एचके लोहिया) पिछले कुछ दिनों से अपने दोस्त के घर पर रह रहे थे। वह खाना खाने के बाद वापस अपने कमरे में चले गए थे। तभी घरेलू नौकर उनकी मदद करने के बहाने कमरे के अंदर गया था।”

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डीजी जेल हेमंत कुमार लोहिया (DG HK Lohiya) की सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को हत्या कर दी गई। उनकी हत्या ऐसे समय में की गई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्र-शासित प्रदेश के दौरे पर हैं।

आतंकवादी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फोर्स (PAFF), जिसे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक ऑफ-शूट कहा जाता है, उसने लोहिया (DG HK Lohiya) की हत्या की जिम्मेदारी ली है। यह घटना जम्मू के बाहरी इलाके उदयवाला की है।

DG जेल हेमंत कुमार लोहिया का शव जम्मू के उदयवाला में उनके दोस्त के घर पर मिला था। लोहिया की हत्या सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को की गई थी। वे 1992 बैच के अधिकारी थे। उनकी उम्र 57 वर्ष थी।

बताया जा रहा है कि कमरे में आग देखकर सुरक्षाकर्मियों को हत्या की भनक लगी। शुरुआती जाँच में पाया गया है कि उनके शरीर पर तेल लगा हुआ है। उनके पैर में सूजन थी। ऐसा लगता है कि पहले लोहिया की हत्या की गई। फिर केचप की बोतल से गला काटा गया। शरीर पर जलने के निशान हैं। इससे लग रहा है कि हत्या के बाद शव को जलाने की भी कोशिश की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री शाह सोमवार से जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।

कानूनी पचड़े में Adipurush: चमड़े के कपड़ों में भगवान हनुमान, ‘सुधार’ के लिए मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की चेतावनी

बाहुबली से पैन इंडिया स्टार बने प्रभास की बहुचर्चित फिल्म ‘आदिपुरुष’ का टीजर (Adipurush Teaser) रिलीज किया गया। रविवार (2 अक्टूबर 2022) को रिलीज हुए इस टीजर में भगवान श्रीराम से लेकर, भगवान हनुमान एवं दशानन (रावण) को जिस रूप में दिखाया गया है, उसकी सोशल मीडिया में काफी आलोचना हो रही। अब मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने न केवल टीजर की आलोचना की है बल्कि इसमें सुधार न होने पर कानूनी कार्यवाही की भी चेतावनी दी है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का कहना है कि ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) के टीजर में भगवान हनुमान को जिस रूप में दिखाया है, खासतौर से उनके कपड़ों को देखकर ऐसा लगता है जैसे उन्होंने चमड़े के वस्त्र धारण किए हों। इससे धार्मिक भावना आहत होती है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा है:

“टीजर में आपत्तिजनक सीन हैं। भगवान हनुमान को चमड़े के कपड़े पहने दिखाया गया है। ऐसे दृश्य धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं। मैं ऐसे दृश्यों को हटाने के लिए निर्माता ओम राउत को लिख रहा हूँ। अगर वह इन दृश्यों को नहीं हटाते हैं, तो हम कानूनी कार्यवाही के बारे में सोचेंगे।”

गौरतलब है कि आदिपुरुष के निर्माता-निर्देशक ओम राउत है। यह वही ओम राउत हैं, जिन्होंने अजय देवगन अभिनीत ‘तानाजी’ को डायरेक्ट किया था। ऐसे में, फैंस को उम्मीद थी कि आदिपुरुष भी तानाजी की ही तरह बेहतरीन होगी। हालाँकि, टीजर देख कर हर किसी को निराशा ही हाथ लगी है।

बता दें, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की शौर्यगाथा पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ में प्रभास को भगवान श्रीराम, कृति सेनन को माँ जानकी और सैफ अली खान को दशानन (रावण) के रूप में दिखाया गया है। इस फिल्म का टीजर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सैफ अली खान (दशानन) के लुक को तैमूर और औरंगजेब की तरह बता रहे हैं।

वहीं, भगवान श्रीराम के रूप में नजर आने वाले प्रभास के हाथ में बंधी हुई बेल्ट जैसी चीज पर भी लोग बेहद नाखुश नजर आ रहे। फिल्म में भगवान हनुमान को बिना गदा और लेदर के कपड़ों में दिखाया गया है। इसलिए, लोग लगातार इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। हालाँकि, अब देखना यह है कि क्या फिल्म के निर्माता इन विवादित सीन्स को हटाते हैं या फिर लोगों का विरोध झेलते हुए कानूनी कार्यवाही की ओर आगे बढ़ेंगे।

16 देवी-देवताओं के साथ दुबई का नया हिंदू मंदिर तैयार: दशहरा के शुभ अवसर पर उद्घाटन, QR कोड से होगी बुकिंग

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख शहर दुबई में नया हिंदू मंदिर दशहरे के पावन अवसर पर खुलने जा रहा है। यह मंदिर दुबई के जेबेल अली इलाके में बनाया गया है। मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) मतलब आज के ही दिन इसका भव्य उद्घाटन किया जाना है। दर्शनार्थियों को इस मंदिर में दशहरे मतलब 5 अक्टूबर से प्रवेश मिलेगा।

मंदिर के ट्रस्टियों में से एक राजू श्रॉफ ने गल्फ न्यूज को सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को बताया, “यूएई के शासकों और सामुदायिक विकास प्राधिकरण के सहयोग से हम मंगलवार शाम दुबई में हिंदू मंदिर का आधिकारिक रूप से उद्घाटन करने जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में उद्घाटन समारोह होगा। इस दौरान हालाँकि आम लोगों को प्रवेश नहीं मिलेगा। विजय दशमी पर दशहरे के दिन दर्शनार्थियों के लिए यह मंदिर खोला जाएगा।

1000-1200 श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मंदिर में दर्शन के लिए क्यूआर कोड से बुकिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि लोग सुरक्षा के साथ मंदिर जा सकें और भीड़ को भी नियंत्रण किया जा सके। दुबई का नया हिंदू मंदिर सुबह 6:30 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा।

मंदिर में हर रोज 1000 से 1200 श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे।। यहाँ हर हिंदू अपने धर्म का पालन कर सकता है। मंदिर में 16 देवी-देवताओं की पूजा की जाएगी। इसके साथ ही यहाँ सिखों की पवित्र किताब गुरुग्रंथ साहिब को रखने के लिए भी एक अलग कक्ष होगा।

गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दशहरा उत्सव के दिन मंदिर सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला रहेगा। यहाँ स्थापित 16 देवताओं की मूर्तियों के दर्शन के लिए सभी को अनुमति दी जाएगी। यह मंदिर दुबई के वरशिप विलेज में बनाया गया है, जिसमें कई चर्च और गुरुद्वारा मौजूद हैं।

अरबी और हिंदू शैली में डिजाइन

1 सितंबर, 2022 को इस मंदिर की एक झलक लोगों को देखने का मौका दिया गया था। उस वक्त यहाँ हजारों विजिटर्स को सफेद संगमरमर से बने मंदिर के अंदरूनी हिस्से की झलक पाने की अनुमति दी गई थी। मंदिर को अरबी और हिंदू शैली में डिजाइन किया है। सजावटी स्तंभ लगाए गए हैं। छत पर घंटियाँ लगाई गई हैं।

खलीज टाइम्स के मुताबिक, इस मंदिर में हिंदू धर्म के 16 देवी-देवताओं की मूर्तियों की स्थापना के साथ एक ज्ञान कक्ष और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए सामुदायिक केंद्र होगा। इस मंदिर की नींव फरवरी 2020 में रखी गई थी। इस इलाके में मंदिर बनने से भारतीयों का दशकों पुराना सपना सच हो गया है।