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‘हमारे फैसलों में लोगों की राय मायने नहीं रखती’: बोले नूपुर शर्मा पर टिप्पणी करने वाले जज, संसद से कहा – सोशल मीडिया पर लगाम लगाइए

देश जलने के लिए ‘नूपुर शर्मा की फिसली जबान’ को जिम्मेदार बताने वाले सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जेबी पारदीवाला ने रविवार (3 जुलाई, 2022) को ‘डॉक्टर एचआर खन्ना मेमोरियल सिम्पोजियम’ में ‘Vox Populi vs. Rule of Law: Supreme Court of India’ नामक कार्यक्रम को लंच के बाद सम्बोधित किया। इसे RMNLU और NLUO ने ‘CAN फाउंडेशन’ के साथ मिल कर आयोजित किया था।इस दौरान उन्होंने चार खन्ना को देश के महानतम जजों में से एक करार दिया।

इस दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला ने बताया कि पहली बार ‘Vox Populi’ का इस्तेमाल कैंटरबरी के एक अंग्रेज पादरी ने राजा एडवर्ड द्वितीय के खिलाफ किया था, जिसे वो गद्दी से हटाना चाहता था। अतः, शुरुआत में इसका इस्तेमाल नकारात्मक परिप्रेक्ष्य में हुआ। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा कि कानून के शासन में लोगों की इच्छाओं के साथ संतुलन बनाना कठिन है। उन्होंने कहा कि अधिकतर जज जजमेंट लिखते समय सोचते हैं कि लोग क्या कहेंगे।

उन्होंने दावा किया कि इसके सामाजिक दुष्परिणाम आते हैं। उन्होंने कानून के शासन को भारतीय लोकतंत्र का सबसे खास विशेषता बताते हुए कहा कि इसका करियर भारतीय संविधान से शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि जिन देशों में संसद से शासन नहीं चलता, वहाँ भी कानून का शासन रहता ही है। उन्होंने कहा कि तानाशाही में भी कानून का शासन रहता है, ऐसे में भारत में कानून के शासन की स्क्रूटनी सतर्क ढंग से होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “लोगों के बीच चर्चाएँ और बहस विधायिका में होते हैं और अदालत का निर्णय ये होता है कि भारतीय कानून निर्माण को बाकी देशों से क्या अलग करता है। उदाहरण के लिए, ब्रिटेन में संसद की संप्रभुता सर्वोच्च है। लेकिन, भारत में विधायिका के क्षेत्र को परिभाषित किया जा सकता है और कानून की अदालत में चुनौती भी दी जा सकती है। भारत में अदालतों के पास शक्ति है कि वो कानून की वैधता को लेकर जजमेंट दे सकें।”

जस्टिस जेबी पारदीवाला ने इसी आधार पर भारत में कानून के शासन को बाकी देशों से अलग करार दिया। उन्होंने कहा कि वो इस पर मजबूती से यकीन करते हैं कि कानूनी फैसलों के मामलों में लोगों की राय शायद ही मायने रखती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के फैसलों को लोगों की राय प्रभावित नहीं करने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हम अदालत के फैसलों को मानते हैं, इसका ये अर्थ नहीं कि वो हमेशा सही होते हैं लेकिन हम उन्हें मानते हैं।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटाए जाने को कानून की शासन का सबसे अच्छा उदाहरण बताया, जहाँ लोगों की राय के विरुद्ध न्यायपालिका ने फैसला दिया। साथ ही याद दिलाया कि सबरीमाला जैसे मुद्दे पर कानून का शासन और लोगों की राय में सबसे बड़ी लड़ाई देखने को मिलती है। उन्होंने जजमेंट से वाक्य उठाया कि सभी लोगों को याद रखना चाहिए कि भारत का संविधान एक पवित्र पुस्तक है।

उन्होंने मीडिया कवरेज पर भी आपत्ति जताई और कहा कि सुनवाई अदालत में होनी चाहिए, लेकिन डिजिटल मीडिया द्वारा ट्रायल करना न्यायपालिका के काम में अनुचित हस्तक्षेप है। उन्होंने इसे ‘लक्ष्मण रेखा’ लाँघना बताते हुए कहा कि आधी सच्चाई बताई जाती है जो कि और ज्यादा समस्या पैदा करती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में जजमेंट की आलोचना की बजाए जजों की व्यक्तिगत आलोचना होती है, जिससे न्यायपालिका को नुकसान पहुँचता है। उन्होंने संवेदनशील मुद्दों की सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया में चल रही टिप्पणियों को नियंत्रित करने के लिए संसद को सलाह दी।

‘हनुमान बनने का समय आ गया है, 100 करोड़ हिंदू कानून अपने हाथ में लेंगे’: कन्हैया लाल की हत्या से आक्रोशित हुए संत, जलाया ओवैसी का पोस्टर

उदयपुर में हुई कन्हैया लाल की हत्या के बाद अयोध्या के तपस्वी छावनी के महंत जगत गुरु श्री परमहंस आचार्य ने मीडिया के माध्यम से अपना गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन से कहा है कि आरोपितों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करके उन्हें फाँसी दी जाए वरना वह खुद कानून को हाथ में ले लेंगे। उन्होंने बाराबंकी के सिरौली में पहुँचकर ओवैसी का पोस्टर जलाया और ये भी कहा कि अगली बार अगर देश के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की तो उनको भी जला देंगे।

वीडियो में महंत ने कहा, “राजस्थान के उदरपुर में एक हिंदू दर्जी की जिस तरह से दो मुसलमानों ने निर्मम और नृशंस हत्या की है। अब समय आ गया है कि हिंदू ने बहुत दिन तक हनुमान चालीसा पढ़ी और हनुमान जी की आराधना की, मगर अब हनुमान बनने का समय आ गया है।”

हिंदू की निर्मम हत्या पर बौखलाते हुए वह बोले, “जिस तरह से लगातार हिंदुओं की हत्या हो रही है, फिर भी इन लोगों का कुछ नहीं रहा। इन्हें लगता है कि जेल जाएँगे और फिर छूट जाएँगे। इनके पीछे हजारों मुल्ला लगे रहते हैं। इन्हें फंडिंग होती है। इन्हें कानूनी सहायता दी जाती है। डिबेट में बैठकर इनका बचाव होता है। इसलिए अयोध्या से मैं तपस्वी छावनी पीठाधिश्वर परमहंस आचार्य आज घोषणा करता हूँ कि अगर फास्ट ट्रैक में सुनवाई करके इन दोनों दरिंदों को फाँसी नहीं हुई तो मैं कानून को हाथ में लूँगा और मेरे साथ 100 करोड़ हिंदू कानून को हाथ में लेंगे। देश को जिहाद मुक्त करेंगे।”

उन्होंने नुपूर शर्मा की टिप्पणी पर कहा, “नुपूर शर्मा ने आखिर क्या कह दिया। उन्होंने वही कहा जो ग्रंथ में लिखा है। हदीस में लिखा है। जब इस तरह की घटना होती है तो कोई मुल्ला इसका विरोध नहीं करता। इसलिए सारे मुसलमान उन्हें पाकिस्तान-बांग्लादेश मिल गया है। वे सब वहाँ चले जाएँ। नहीं तो इन्हें वही सजा देंगे जिस भाषा को ये लोग समझते हैं। इन्होंने जिस तरह से हमारे हिंदुओं की हत्या की है। मैं स्वयं इसका बदला लूँगा। चौगुनी ताकत से इन जिहादियों को तड़पा कर मारूँगा। 100 करोड़ हिंदू कानून को हाथ में लेंगे। जय श्रीराम।”

ओवैसी का जलाया पोस्टर

उल्लेखनीय है कि महंत परमहंस आचार्य ने बाराबंकी में असदुद्दीन ओवैसी का पोस्टर जलाते हुए भी अपना गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने सिरौली में सड़क पर खड़े होकर ओवैसी के पोस्टर में आग लगाई। हालाँकि साथ खड़े पुलिसकर्मियों ने उसे पूरा जलने से पहले बुझा दिया। इस घटना के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और बाराबंकी बॉर्डर पहुँचाया गया। इस बीच वह कैमरे पर कहते सुने गए कि अगर ऐसे ही देश में विरोध में लोगों को भड़काया गया तो वो दिन दूर नहीं है जब वो उनको भी जला देंगे।

उन्होंने कहा, “कुछ ऐसे सत्ता विरोधी लोग हैं, जो सत्ता विरोध के साथ देश विरोधी भी हैं। जैसे AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी।” उन्होंने कॉन्ग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अपराध करने वाला कोई जिहादी होता है तो कॉन्ग्रेस उसके ऊपर कोई प्रतिक्रिया नहीं देती, कोई विरोध नहीं होता जबकि दूसरे राज्यों में जहाँ वह सत्ता में नहीं हैं वहाँ वह छोटे मुद्दे को भी उठा देते हैं।

करंट से छटपटा रही थी गाय, दुकानदार ने आगे बढ़ उसके पैर में लपेटा कपड़ा और खींचकर बचाया: Video वायरल, खूब हो रही है तारीफ

शास्त्रों में कहा गया है कि हिंदू मानव जीवन का सही अर्थ प्राणी मात्र यानी सभी जीवों के दर्द को समझने और उनकी मदद में निहित है। बेजुबान जीवों की मदद करना मानव धर्म है और संवेदनशील प्रकृति के लोग इस धर्म को बखूबी निभाते भी हैं।

एक वीडियो सामने आया है, जिसमें टखने भर पानी में जा रही गाय बिजली के खंभे पास आकर करंट के कारण छटपटाने लगती है। इसी दौरान एक दुकानदार और उसके साथ कुछ युवक उस पानी में कुछ दूर जाता है और उस गाय की टाँगों में कपड़े लपेटकर उसे खींचकर बचा लेता है।

सोशल मीडिया पर उस दुकानदार और उसके साथियों की लोग खूब प्रशंसा कर रहे हैं और उसे साधुवाद दे रहे हैं। इस तरह की मानवीय प्रवृत्ति आज के व्यवसायिक एवं भागमभाग की जिंदगी में बहुत ही कम देखने को मिलती है। घटना पंजाब की बताई जा रही है।

इस वीडियो में आप देख सकते हैं एक गाय पानी में आगे बढ़ रही है। जैसे-जैसे वह आगे बढ़ती है उसे झटके महसूस होते हैं। इसके बाद वह वहीं गिरकर छटपटाने लगती है। जिस जगह वह गिरती वहाँ, बिजली का खंभा और किसी वजह से खंभे के पास पानी में करंट आ गया था।

उसके बगल में एक दुकानदार ये सब देखता है। उसके बाद वह अंदर जाकर एक कपड़ा लाता है और आगे बढ़कर पानी में उतर जाता है। वह गाँव के पिछले एक पैर में कपड़ा लपेटकर खींचता है। इसी दौरान दो और शख्स दुकानदार की मदद करने के आगे आ जाते हैं वे लोग मिलकर गाय को खींच लेते हैं।

इसके बाद गाय सही-सलामत खड़ी हो जाती है और आगे की बढ़ जाती है। इस दौरान उस दौरान बाइक से कई लोग उस रास्ते से गुजरे, लेकिन कुछ लोग मामला समझ नहीं सके या पानी होने की वजह मदद करने में हिचकिचाते हुए दिखे। यह पूरा घटनाक्रम दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।

8 लोग थे निशाने पर, एक डॉक्टर को वीडियो बना माँगनी पड़ी थी माफ़ी: उमेश कोल्हे के गले पर 5 इंच चौड़ा, 7 इंच लंबा और 5 इंच गहरा जख्म, दिमाग की नस डैमेज

महाराष्ट्र के अमरावती में दावा दुकानदार उमेश कोल्हे का सिर कलम किए जाने की घटना के सम्बन्ध में बड़ा खुलासा हुआ है। सिर्फ केमिस्ट उमेश कोल्हे ही नहीं, बल्कि 8 लोगों को हत्या की धमकी दी गई थी। इनमें एक डॉक्टर गोपाल राठी भी शामिल थे। हालाँकि, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर माफ़ी माँगते हुए वीडियो पोस्ट किया, तब जाकर उनकी जान बख्श दी गई। इन 8 लोगों का सिर कलम किए जाने की धमकी दी गई थी।

डॉक्टर गोपाल राठी ने अपने माफीनामे वाले वीडियो में कहा था, “मैंने नूपुर शर्मा के सम्बन्ध में स्टेटस लगाया था। इसके पीछे किसी धर्म या जाति या किसी भी व्यक्ति का दिल दुखाने का मेरा कोई मकसद नहीं था। लेकिन, फिर भी किसी का दिल दुखा हो तो मैं अपने दिल से उनसे माफ़ी माँगता हूँ। साथ ही वादा करता हूँ कि आगे ऐसी कोई गलती नहीं होगी।” फ़िलहाल जाँच चल रही है कि वो कौन लोग थे, जो इस तरह की धमकियाँ दे रहे थे।

एक तरह से ऐसा कर के हिन्दुओं को ये सन्देश देने की कोशिश की गई कि जो बात इस्लामी कट्टरपंथियों को पसंद नहीं आएगी, ऐसा लिखने-बोलने की उन्हें अनुमति नहीं है। उमेश कोल्हे को भी इससे पहले भी 2 बार मारने की कोशिश की गई थी, तीसरी बार में हत्यारों को सफलता मिली। डॉ राठी ने ‘I Supoort Nupur Sharma (मैं नूपुर शर्मा का समर्थन करता हूँ)’ का पोस्ट डाला था। विभिन्न सीसीटीवी फुटेज में हत्यारों को देखा भी जा सकता है।

भाजपा ने भी इस बर्बर हत्याकांड के विरुद्ध शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उमेश कोल्हे के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनके गले पर जो जख्म था, वो 5 इंच चौड़ा, 7 इंच लंबा और 5 इंच गहरा था। उनकी साँस लेने वाली नली, भोजन निगलने वाली नली और आँखों की नसों पर भी वार किए गए थे। उमेश कोल्हे ने नूपुर शर्मा को लेकर एक पोस्ट ‘ब्लैक फ्रीडम’ नामक एक व्हाट्सएप्प ग्रुप में गलती से शेयर कर दिया था। उनके दोस्त डॉक्टर युसूफ खान ने इस घटना की साजिश रची।

सिर कलम करने में जिस डॉ युसूफ का हाथ, वो 16 साल से था दोस्त: अमरावती हत्याकांड में कश्मीर नरसंहार वाला पैटर्न, उदयपुर में भी पड़ोसियों ने की थी रेकी

राजस्थान के उदयपुर (Udaipur, Rajasthan) में कन्हैया लाल साहू (Kanhaiya Lal Sahu) की हत्या की तरह ही महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati, Maharashtra) में हुई उमेश कोल्हे (Umesh Kolhe) की हत्या की जाँच भी राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) करेगी। कोल्हे की हत्या भी नूपुर शर्मा का समर्थन करने की वजह से बताई जा रही है।

NIA ने 54 वर्षीय उमेश कोल्हे की हत्या में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उनकी हत्या ISIS की स्टाइल में की गई है। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि यह हत्या एक आतंकी घटना है और एक खास वर्ग (हिंदू समुदाय) को टारगेट करने के उद्देश्य से किया गया है।

मृतक उमेश कोल्हे के भाई महेश कोल्हे ने बताया, “पुलिस नोट के माध्यम से हमें पता चला कि मेरे भाई की नूपुर शर्मा पर पोस्ट करने पर हत्या कर दी गई। वह आरोपित पशु चिकित्सक यूसुफ खान का अच्छा दोस्त था। यूसुफ को हम 2006 से जानते थे।”

महेश कोल्हे ने कहा कि अगर अमरावती पुलिस ने इस घटना की सत्यता को पहले ही जाहिर कर दिया होता तो हत्या की असलियत सबके सामने आ जाती और साजिश का पता लग जाता। उन्होंने कहा कि इस तरह उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या सहित देश में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने से रोका जा सकता था।

अमरावती पुलिस ने बताया था लूट का मामला

बता दें कि महाराष्ट्र की अमरावती पुलिस ने कोल्हे की हत्या को पहले लूट की इरादे से किया गया वारदात बताया था, जबकि उनके बैग में 35 हजार रुपए पड़े मिले थे। वहीं, अब उसने मान लिया है कि नूपुर शर्मा की पोस्ट की वजह से ही उनकी हत्या की गई थी।

कोल्हे की हत्या 21 जून 2022 की रात को मेडिकल शॉप बंद करने के दौरान कुछ मुस्लिमों द्वारा चाकू से गला काट करके कर दी गई थी, जबकि 28 जून 2022 को कन्हैया लाल की हत्या उनकी टेलर की दुकान में ग्राहक बनकर आए दो मुस्लिमों ने गला रेत कर दी थी।

अमरावती पुलिस का अब यह भी कहना है कि उमेश कोल्हे की हत्या और उसकी साजिश के मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इनमें स्थानीय ग्रुप से जुड़ा एक व्यक्ति भी शामिल है। कोल्हे की हत्या का मास्टरमाइंड नागपुर से गिरफ्तार 35 साल के इरफान है और उसी ने हत्या की पूरी योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि इस हत्या कांड और उसकी साजिश रचने में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

एक अधिकारी के अनुसार, “उमेश कोल्हे अमरावती शहर में मेडिकल स्टोर चलाते थे। उन्होंने कथित तौर पर नूपुर शर्मा के समर्थन में कुछ वाट्सएप ग्रुप में एक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने यह पोस्ट एक ऐसे ग्रुप में भी साझा किया था, जिसमें कुछ मुस्लिम भी सदस्य थे। इसमें उनके ग्राहक भी थे।” 

7 गिरफ्तार में एक दोस्त, एक मौलवी और बाकी दिहाड़ी मजदूर

कोल्हे की हत्या के आरोपितों में 25 वर्षीय शेख इरफान के अलावा 22 साल का मुदस्सिर अहमद, 22 साल का शोएब खान, 22 साल का अतीब राशिद, 24 साल का अब्दुल तौफीक, 25 साल का शाहरुख पठान और 44 साल का युसूफ खान बहादुर शामिल हैं। ये सभी अमरावती के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से चाकू भी बरामद कर लिया है।

हत्या का निर्देश शेख इरफान ने दिया था, जबकि उमेश का दोस्त यूसुफ ने कोल्हे की पोस्ट को वायरल कर हत्या के लिए आरोपितों को उकसाया था। ड्राइवर हेल्पलाइन नाम से संचालित कथित सामाजिक संस्था का अध्यक्ष यूसुफ वेटनरी डॉक्टर है और वह वायरल पोस्ट पर नजर रखता था। वहीं, मुदस्सिर मौलाना का काम करता है और उसी ने कोल्हे की रेकी की थी। अन्य आरोपित मजदूर हैं।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने सहायता के लिए जुटाया फंड

उधर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने आतंकियों निशाने पर आकर जान गँवाने और घायल होने वाले हिंदू परिवारों के लिए चंदा इकट्ठा किया है। मिश्रा ने बताया कि 14,000 लोगों ने कुल 1.70 करोड़ चंदा दिया है। इसको लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया।

कपिल मिश्रा ने ट्वीट में कहा, “14,000 से ज्यादा लोगों ने पाई पाई जोड़ी और हो गए 1 करोड़ 70 लाख से ज्यादा रुपए। कन्हैया जी, ईश्वर जी, उमेश कोल्हे जी और संदीप जी के परिवारों के बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। 10 दिन में ये पूरा पैसा इन सभी बैंक खातों में आ जायेगा। #HinduEcosystem

आतंकियों से निहत्थे भिड़ने वाले ईश्वर सिंह गौड़ को मदद

कन्हैया लाल की हत्या राजस्थान के उदयपुर में इस्लामी आतंकियों ने कर दी थी। कन्हैया लाल को बचाने के लिए ईश्वर सिंह गौड़ दोनों आतंकियों से निहत्थे लड़ गए, जबकि उनका दूसरा साथी राजकुमार जान बचाकर भाग गया। उन्हें बचाने के चक्कर में आतंकियों ने उन पर चाकू से कई हमले किए, जिसके कारण उन्हें लगभग 20 टाँके लगे हैं।

ईश्वर सिंह गौड़ से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराणा भूपाल अस्पताल में जाकर मुलाकात की है और मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपए देने का ऐलान किया। वहीं, वल्लभनगर की विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने भी ईश्वर सिंह गौड़ से अस्पातल में मिलकर उन्हें 5 लाख रुपए का चेक दिया।

याद हो कि जम्मू कश्मीर में हिन्दुओं के नरसंहार के दौरान भी इस तरह की घटनाएँ देखने को मिली थीं, जब पड़ोसियों और जानने वालों ने हत्यारों का साथ दिया। बाल कृष्ण गंजू के बारे में मुस्लिम पड़ोसियों ने आतंकियों को इशारे से बता दिया था कि वह चावल के ड्रम में चौथी मंजिल पर छिपे हैं, जिसके बाद उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया। इसी तरह उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या से पहले भी मुस्लिम पड़ोसियों पर रेकी करने के आरोप लगे थे।

‘1 बार दलित को और 1 बार महिला आदिवासी को चुना राष्ट्रपति’: BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की बात

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में चल रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारित किए गए प्रस्तावों और कार्यवाही को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में 2 बार राष्ट्रपति चुनाव का अवसर आया, भाजपा ने एक बार दलित को और एक बार जमीन से जुड़ी रही महिला आदिवासी को चुना।

उन्होंने बताया कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात के 2002 दंगों पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी ऐतिहासिक बताते हुए याद दिलाया कि कैसे पीएम मोदी पर लगे आरोपों को सर्वोच्च न्यायालय ने झूठा और राजनीति से प्रेरित करार दिया। शाह ने आगे कहा कि आज विपक्ष बिखरा हुआ है, कॉन्ग्रेस में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए उसके ही सदस्य लड़ाई कर रहे हैं, गाँधी परिवार डर के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं कर रहा है।

बकौल सीएम सरमा, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि कॉन्ग्रेस को ‘मोदी फोबिया’ हो गया है और पार्टी देशहित के हर निर्णय का विरोध करने लगी है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पूरी तरह से हताशा और निराशा है। साथ ही याद दिलाया कि कैसे सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 खत्म करने, GST, आयुष्मान भारत, वैक्सीन और वैक्सीनेशन, CAA, राम मंदिर, ऐसे ही हर विषय में कॉन्ग्रेस केवल विरोध ही विरोध करते जा रही है।

सीरम सरमा ने बताया, “अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाहरी और आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है। रक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है। अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाया है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तीन प्रमुख अंग हैं। 1- सभी नाम-अनाम आजादी के सिपाहियों का सम्मान होना। 2- सभी सरकारों को अपने कार्यों का लेखा जनता के सामने रखना। 3- आजादी के अमृत काल में हम सभी संकल्प लें कि भारत फिर से विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित हो।”

अयोध्या के हनुमान मंदिर में सो रहे युवक की गला रेतकर हत्या, रात भर खून से लथपथ पड़ा रहा शव: पुलिस जाँच में जुटी, Video

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अमेठी के युवक की गला रेत कर हत्या कर दी गई। घटना हनुमान मंदिर के प्रांगण में अंजाम दी गई। युवक अयोध्या में अपने रिश्तेदारी में रहने आया था और रात में गर्मी के कारण मंदिर प्रांगण में सोया था। सुबह हुई तो लोगों ने खून से लथपथ उसका शव देखा। फिर, पुलिस को इस बारे में सूचित किया गया। पुलिस ने फौरन इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की। अब आगे मामले की जाँच की जा रही है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक की पहचान 35 वर्षीय पंकज शुक्ला के तौर पर हुई है। वह अमेठी जिले के अंगूरी गाँव शिवरतगंज का रहने वाला था। पिछले कुछ महीनों से वह अपने ननिहाल में रहता था। शनिवार (2 जुलाई 2022) को बिजली न होने की वजह से वह रात का खाना खाने के बाद मंदिर के प्रांगण में सोया था। जब सुबह हुई तो घर के लोग बाहर आए और देखा तो खून से लथपथ अवस्था में पंकज का शव पड़ा हुआ था।

देखते ही देखते पहले इलाके में भीड़ जमा हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने कुमारगंज पुलिस को इस संबंध में बताया गया। पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के परिजनों में जमीनी विवाद था जिस वजह से वह अपनी माँ को लेकर तहसील आया-जाया करता था। हालाँकि, अब इस हत्या के पीछे का कारण क्या है, इसका पता लगाया जा रहा है। एक वीडियो सामने आई है जिसमें मंदिर के बाहर जमीन पर पड़ा है और उसके गले से खून निकला है। घटना का पता चलने के बाद कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है जबकि परिवार वालों का बुरा हाल है।

पुलिस का बयान

घटना की बाबत क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर सत्येन्द्र भूषण तिवारी ने बताया कि 3 जुलाई 2022 को कुमारगंज थाने में सुबह 6 बजे एक युवक की हत्या की सूचना मिली थी कि मंदिर के प्रांगण पर डेड बॉडी पड़ी हुई है। जब पुलिस वहाँ पहुँची तो उसके गले पर कटे का निशान था। मृतक की उम्र 35 वर्ष पता चली है। वह अपने ननिहाल में 2 महीने से रह रहा था। घटना की पुलिस ने वीडियो/फोटोग्राफी करवाई गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस संबंध में मृतक के परिजनों को सूचित किया गया है और तहरीर लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने पंकज की हत्या करने वाले को गिरफ्तार कर लिया है। अयोध्या एसएपी शैलेश पांडे ने बताया कि आरोपित की पहचान गुल्लू मिश्रा के तौर पर हुई है। वह मृतक का ममेरा भाई है। हत्या की घटना को अंजाम देने से पहले गुल्लू का पंकज से झगड़ा हुआ था।

दोस्त सलमान, शाहवेज, अलीजान और इमरान ने यश रस्तोगी को मार डाला, शव टुकड़े-टुकड़े कर नाले में फेंक दिया: मेरठ पुलिस बोली – ब्लैकमेल व लेनदेन का मामला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में LLB छात्र यश रस्तोगी की गला दबा कर और चाकुओं से वार कर के हत्या कर दी गई। इस मामले में उसके दोस्तों सलमान, शाहवेज, अलीजान और इमरान को गिरफ्तार किया गया है। हत्या के बाद यश रस्तोगी के शरीर के कई टुकड़े कर के नाले में फेंक दिया गया। शनिवार (2 जुलाई, 2022) की देर रात पुलिस ने चारों दोस्तों की निशानदेही पर लिसाड़ीगेट में पिलोखड़ी नाले से मृतक का शव बरामद किया।

पुलिस ने जानकारी दी है कि हत्यारों से जान से मार डालने से पहले यश रस्तोगी के साथ कुकर्म भी किया। सिटी एसपी विनीत भटनागर ने बताया कि हत्यारों का समलैंगिक युवकों का गिरोह था। दोस्तों द्वारा यश रस्तोगी की हत्या के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। मृतक मेडिकल थाना के जागृति विहार के सेक्टर-6 का निवासी था। लॉ की पढ़ाई कर रहा 21 वर्षीय यश रस्तोगी 26 जून, 2022 की शाम को स्कूटी से घर से निकला था।

उसने कुछ ही देर में आ जाने की बात घर में कही थी, लेकिन लौट कर न आने पर परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मोबाइल लोकेशन और सीडीआर की जाँच के आधार पर पुलिस ने पहले उसके दोस्तों को हिरासत में लिया। चारों ने पहले पुलिस को ये कह कर गुमराह करने की कोशिश की कि उन्हें यश रस्तोगी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालाँकि, सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने सब उगल दिया। हत्यारों ने बताया कि वो यश का फोन चेक करना चाहते थे।

उन्हें शक था कि यश रस्तोगी ने उनकी कोई अश्लील वीडियो बना ली है। गाली-गलौज के बाद उन्होंने यश की गला दबा कर हत्या कर दी। उसके हाथ और पैर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार भी किए गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही अब हत्या की असली वजह सामने आएगी। आरोपित शावेज ने यश के साथ समलैंगिक सम्बन्ध होने का दावा किया। हत्यारों ने यश के शरीर के कई टुकड़े कर के बोर में भर कर नाले में फेंक दिया।

पुलिस भी मानती है कि मेरठ का हापुड़ अड्‌डा, लिसाड़ीगेट और शास्त्रीनगर संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में मुस्लिम भीड़ हंगामा न करे, इसके लिए जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। तीन थानों की पुलिस और दो सीओ ने पहुँच कर शव की बरामदगी की प्रक्रिया पूरी की। हत्या के समय यश रस्तोगी के मुँह में कपड़ा ठूँस दिया गया था। आलीशान और शावेज ने हत्या की, जबकि सलमान ने शव को ठिकाने लगाने में साथ दिया था।

मेरठ पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में बताया था, “यश रस्तोगी अपनी स्कूटी लेकर चला गया था। इसके गायब होने की सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। सीसीटीवी व सर्विलांस की मदद से तीन गिरफ्तारियाँ हुई हैं। उनके द्वारा यह बताया गया है कि लेनदेन व संबंधों में ब्लैकमेल की वजह से उनकी हत्या कर शव को फेंक दिया गया। अभियुक्तों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।” ये हत्याकांड ऐसे समय में हुआ है जब राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल तेली और महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे का सिर कलम किए जाने से देश में उबाल है।

भाजपा MLA राहुल नार्वेकर बने महाराष्ट्र के नए स्पीकर, मिले 164 मत: ‘जय श्रीराम, जय शिवाजी’ के नारों से गूँजा सदन

महाराष्ट्र (Maharashtra) में भाजपा (BJP) के सहयोग से शिवसेना के बागी धड़े के नेता एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इसके बाद विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज रविवार (3 जुलाई 2022) को बुलाया गया। इसमें राहुल नार्वेकर को सदन का स्पीकर चुना गया है।

इसमें बीजेपी और शिंदे गुट के उम्मीदवार भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर जीते हैं। उन्हें 164 वोट मिले। वहीं, महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार को 107 मत मिले। वोटिंग की कार्रवाई डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने शुरू करवाई। विधानसभा कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए 9 कैमरे लगाए गए हैं। वोटिंग तक के लिए विधानसभा के दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए गए थे।

विधानसभा में वोटिंग के दौरान समाजवादी पार्टी ने बीजेपी उम्मीदवार राहुल नार्वेकर के खिलाफ वोटिंग से परहेज किया। उसके दोनों विधायक अबू आजमी और रईस शेख मतगणना के दौरान बैठे रहे। वहीं, AIMIM के दोनों विधायक सदन में अनुपस्थित रहे। बता दें कि कल सोमवार (4 जुलाई 2022) को नई सरकार को सदन में अपना बहुमत सिद्ध करना है।

सदन ही घुसते समय भाजपा के सदस्यों ने ‘जय श्रीराम, जय भवानी और जय शिवाजी’ के नारे लगाए। दूसरी तरफ स्थिति को देखते हुए विधानसभा के भीतर शिवसेना के कार्यालय को सील कर दिया गया है। उद्धव ठाकरे की ओर से सुनील प्रभु और एकनाथ शिंदे की ओर से भारत गोगावाले ने व्हिप जारी किया।

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और बागी गुट की ओर से भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर को प्रत्याशी बनाया गया था। वहीं, महाविकास अघाड़ी ने शिवसेना विधायक राजन साल्वी को उम्मीदवार बनाया था। शिवसेना के विधायक भास्कर जाधव ने वोटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाया।

राज्य के पूर्व CM उद्धव ठाकरे के बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा, “स्पीकर चुनाव में एक सैनिक एक पूर्व सैनिक के खिलाफ खड़ा है। बीजेपी को क्या हासिल होगा?” ठाकरे ने कहा कि विधानसभा में इतनी सुरक्षा व्यवस्था तो आतंकी कसाब के समय भी नहीं की गई थी।

इस बीच शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा, “शतरंज में वजीर और जिंदगी में जमीर मर जाए तो समझो खेल खत्म। हमारा वजीर और जमीर अभी जिंदा है।” वहीं, शरद पवार ने कहा, “मैंने कई बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, लेकिन आज तक किसी भी राज्यपाल ने मुझे मिठाई नहीं खिलाई। मैंने महाराष्ट्र राजभवन में पहली बार ऐसा देखा है।”

बता दें कि विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर शिवसेना के बागी विधायक शनिवार (2 जुलाई 2022) की रात 11 दिन के बाद वापस मुंबई लौट आए। यहाँ भाजपा और शिवसेना के बागी विधायकों के बीच देर रात तक बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की।

IAS अतहर आमिर खान फिर से करेंगे निकाह, होने वाली बीवी को ‘बांग्लादेशी’ कह इस्लामी कट्टरपंथियों से मिलती है ‘गाली’: पहली बीवी IAS टीना डाबी से लिया था तलाक

साल 2015 बैच के IAS अधिकारी अतहर आमिर खान अपनी ही बैच की टॉपर टीना डाबी से तलाक के बाद दूसरा निकाह करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी अगली पत्नी डॉ मेहरीन क़ाज़ी होंगी। अतहर आमिर ने अपनी 2 तस्वीरें सोशल मीडिया हैंडल पर हैशटैग #engagement लिख कर शेयर की हैं। इसी पोस्ट के कमेंट में उन्होंने अपनी होने वाली बीवी का नाम भी बताया है।

इस पोस्ट पर अतहर को कई लोगों से बधाइयाँ मिल रही हैं। वो इस समय श्रीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में कमिश्नर हैं। मूल रूप से कश्मीर के ही निवासी अतहर आमिर की होने वाली बीवी महरीन क़ाज़ी भी कश्मीर की ही रहने वाली हैं। बताया जा रहा है कि महरीन और अतहर ने मई 2022 में ही सगाई कर ली थी। इनकी शादी आने वाले अक्टूबर माह में हो सकती है।

अतहर की तरह महरीन ने भी अपने रिश्ते को अपनी सोशल प्रोफ़ाइल पर सार्वजानिक किया है। इस शेयरिंग में उन्होने हैशटैग #MEHAR दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महरीन क़ाज़ी फैशन इंडस्ट्री में काफी सक्रिय हैं। सोशल मीडिया पर भी वो काफी एक्टिव हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 2 लाख फॉलोवर हैं। इसके साथ महरीन वर्तमान में दिल्ली के राजीव गाँधी कैंसर संस्थान और अनुसंधान केंद्र में काम करती हैं।

महरीन को भी मिलती है पर्दा करने की नसीहत

अतहर की होने वाली बीवी महरीन सोशल मीडिया पर अपने बोल्ड अंदाज के लिए जानी जाती हैं। लेकिन इससे कई कट्टरपंथी उन्हें नसीहत देते रहते हैं। 19 जून 2021 को महरीन ने अपने भाई के साथ एक फोटो अपनी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर शेयर की थी, जिस पर उन्हें समद खान द्वारा अल्लाह से डरने की और पर्दा करने की नसीहत दी गई थी।

साभार- महरीन की इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल

19 सितंबर 2021 को महरीन द्वारा शेयर किए गए एक अन्य फोटो में प्रॉपर्टी कश्मीर नाम के हैंडल से उनके मेकअप पर सवाल उठाते हुए उन्हें बांग्लादेशी डॉक्टर कहा गया था।

साभार- महरीन की इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल

इसी तरह 1 अप्रैल 2022 को महरीन द्वारा शेयर किए गए एक अन्य फोटो में उन्हें तज़लीम द्वारा रमज़ान में लिहाज करने की सलाह दी गई थी।

साभार- महरीन की इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल

गौरतलब है कि अतहर ने इस से पहले अपनी बैचमेट टीना डाबी से 2018 में निकाह किया था। इन दोनों की मुलाकात मसूरी में IAS ट्रेनिंग सेंटर में हुई थी। हालाँकि ये रिश्ता लम्बे समय तक नहीं चल पाया और 10 अगस्त 2021 को दोनों का तलाक हो गया। इस तलाक के बाद इसी साल अप्रैल माह में टीना डाबी ने राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी प्रदीप गावंडे से शादी कर ली।