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असम में अलकायदा से जुड़े 5 आतंकी गिरफ्तार, बड़ी जिहादी साजिश का भंडाफोड़: दबोचे गए सैफुल, खैरुल, सुलेमान, नौशान और तैमूर

असम पुलिस ने शुक्रवार (4 मार्च, 2022) को पाँच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर बांग्लादेश से बाहर के एक संगठन से जुड़ने का आरोप है जिसका संबंध अलकायदा (Al-Qaeda) से है। इन आरोपितों को असम के हाउली, बारपेटा और कलगछिया से गिरफ्तार किया गया है। 

मामले की आगे की जाँच में पुलिस जुटी है। पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। महंत ने कहा कि राज्य पुलिस की विशेष शाखा द्वारा साझा की गई एक खुफिया रिपोर्ट के आधार पर, बारपेटा पुलिस ने हाउलिया और कलगछिया पुलिस थानों के इलाकों से पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान सैफुल इस्लाम उर्फ हारुन राशिद उर्फ मोहम्मद सुमन, खैरुल इस्लाम, बादशाह सुलेमान खान, नौशाद अली और तैमूर रहमान खान के रूप में हुई है।

एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि बांग्लादेश के नागरिक मोहम्मद सुमन ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया और एक मस्जिद में शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। उसने कथित तौर पर अन्य चार को अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के मॉड्यूल में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, ताकि बारपेटा को जिहादी कार्य के लिए आधार के रूप में विकसित किया जा सके और अल-कायदा की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। आरोपितें के पास से आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आईईडी विस्फोट की साजिश में शामिल अलकायदा (Al-Qaeda) के एक सदस्य को गिरफ्तार किया था। जाँच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के निवासी तौहीद अहमद शाह (Tawheed Ahmad Shah) को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले एनआईए ने इस मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जिनके खिलाफ 5 जनवरी 2022 को चार्जशीट दाखिल की गई थी।

मोदी सरकार के ‘ऑपरेशन गंगा’ के कारण बची जान, अब होने वाले बच्चे का नाम ‘गंगा’ रखेगा ये जोड़ा: यूक्रेन से सुरक्षित निकाले गए, नहीं खर्च हुआ एक पैसा भी

रूस और यूक्रेन में चल रहे जंग के बीच भारत सरकार ‘ऑपरेशन’ गंगा के तहत यूक्रेन में फँसे भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी करवा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 17 हजार से अधिक भारतीयों को यूक्रेन से सुरक्षित वापस निकाला जा चुका है। ऐसी ही एक कहानी केरल राज्य के रहने वाले अभिजीत की भी है, जो अपनी गर्भवती पत्नी के साथ यूक्रेन के कीव में फँस गए थे। भारतीय दूतावास की सहायता से ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत अभिजीत और उनकी गर्भवती पत्नी को यूक्रेन से सुरक्षित निकाल लिया गया है।

इसके बाद अभिजीत और उनकी पत्नी पहले पोलैंड पहुँचे, जहाँ उन्होंने भारतीय दूतावास द्वारा स्थापित किए गए शेल्टर होम में शरण ली। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अभिजीत ने बताया, “मेरी पत्नी 9 महीने की गर्भवती है। फिलहाल वो पोलैंड के अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल के अनुसार, पत्नी और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे के पैदा होने की तय तारीख़ 26 मार्च, 2022 है।” अभिजीत ने आगे कहा कि भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन गंगा अभियान के नाम पर वो अपने आने वाले बच्चे का नाम गंगा रखेंगे।

एएनआई को दिये इंटरव्यू में अभिजीत ने कहा, “मैं यूक्रेन के कीव में एक रेस्ट्रॉं चलाता हूँ। युद्ध शुरू होने के बाद हम वहाँ फँस गए थे। दूतावास के अधिकारियों की मदद से ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत हमें सुरक्षित निकाला गया। यहाँ तक आने में हमारा एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ है। “अभिजीत भारत आ रहे हैं, वहीं उनकी गर्भवती पत्नी को फिलहाल चिकित्सा कारणों की वजह से पोलैंड के अस्पताल में रहना होगा।

‘आप भारत के स्टैंड से निराश हैं?’: NDTV के पत्रकार ने भारत विरोधी बयान देने के लिए अमेरिकी अधिकारी को उकसाया, मिला करारा जवाब

बीते दो सप्ताह से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई तरह के व्यवधान उत्पन्न हो गए हैं। सभी देश मौजूदा घटनाक्रम से निपटने के लिए अपने-अपने हितों को देखते हुए अपने स्टैंड तय कर रहे हैं।

एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में भारत ने अपने सामरिक हितों को ध्यान में रखते हुए यूक्रेन और रूस के विवाद पर अपना निष्पक्ष रवैया कायम रखा है। रूस के यूक्रेन पर हमले की निंदा करने वाली संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रस्तावों को लेकर हुई वोटिंग में भारत अनुपस्थित रहा। भारत का रूख स्पष्ट है कि संवाद ही मतभेदों और विवादों को खत्म करने का एक मात्र तरीका है।

भारत ने दोनों पक्षों को राज्यों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करने की अपील की है। सात दशकों के बाद अंतरराष्ट्रीय घटना से जुड़े किसी गंभीर विषय पर भारत ने स्पष्ट और संतुलित रूख अपनाया है। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि पश्चिमी देश उन्हें कोई भी ऐसा निर्णय लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं जो भारत के लिए कल्याणकारी ना हो। भारत के इस रूख को कुछ समूह रूस के समर्थन के तौर पर देखते हैं।

हालाँकि, भारत का रूख बेहद स्पष्ट और निष्पक्ष है, यह किसी एक के पक्ष या विरोध में नहीं है। भारत इस विवाद को बातचीत के माध्यम से हल होते हुए देखने का पक्षधर है। भारत के लिए इस वक्त यूक्रेन में फँसे अपने नागरिकों की सुरक्षित वतन वापसी पहली प्राथमिकता है।

भारत के इस निष्पक्ष रूख के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारत ‘ऑपरेशन गंगा’ चला रहा है और इसके लिए दोनों ही देशों से मोदी सरकार लगातार संपर्क में है। भारत वह पहला देश है जो बिना किसी सैन्य हस्तक्षेप के अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी कराने में में पूरी तरह से कामयाब रहा।

भारत में मौजूद कुछ लिबरल समूह के कुछ लोग निराशा से घिरते हुए नजर आ रहे हैं। उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही है कि भारत रणनीतिक अखंडता की रक्षा कर सकता है। कोई भी निर्णय लेने के लिए पश्चिमी मुल्क भारत पर दवाब नहीं बना सकते। यह समूह भारत के सहयोगी अमेरिका को भारत पर कारवाई करने के लिए उकसाने का प्रयास कर रहे हैं।

शुक्रवार (4 मार्च, 2022) को एनडीटीवी के पत्रकार श्रीनिवासन जैन भारत में अमेरिका मिशन की प्रतिनिधि पेट्रीसिया एलसीना से एक इंटरव्यू के दौरान, यूक्रेन रूस विवाद पर भारत के निष्पक्ष रूख और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों पर मतदान के दौरान भारत की अनुपस्थिति को लेकर एलसीना को केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए उकसाते नजर आए

एनडीटीवी के पत्रकार ने पूछा कि क्या बाइडेन प्रशासन यूक्रेन रूस विवाद पर भारत के रूख को लेकर निराश है? क्योंकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका समर्थित प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया। श्रीनिवासन जैन द्वारा उकसाने वाले सवाल पूछे जाने के बावजूद एलसीना का जवाब सकारात्मक रहा। उन्होंने भारत के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात को समझता है कि रूस के साथ भारत के संबंध, रूस के साथ अमेरिका के संबंधों से काफी अलग हैं। बायडेन प्रशासन ने यूक्रेन रूस विवाद पर भारत के रूख को लेकर कभी भी नकारात्मक टिप्पणी नहीं की है।

अमेरिका द्वारा यह बार बार स्पष्ट किया जा चुका है कि वो अब भारत को दिशानिर्देश नहीं देने की स्थिति में नहीं है। यह स्पष्ट होने के बाद भी वामपंथी धारा के लोग अमेरिका को भारत पर कड़ा रूख अख्तियार करने के लिए उकसाने का हर तरह से प्रयास करते रहते हैं।

जिस मोदी सरकार को बताते हैं फासिस्ट, जावेद अख्तर को अब उसी से उम्मीदें: ‘ऑपरेशन गंगा’ के हुए कायल, कहा – ‘सरकार नहीं छोड़ेगी कोई कसर’

मोदी सरकार को फासिस्ट बताने वाले बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर (Bollywood Lyricist Javed Akhtar) ने रूसी हमलों के बीच यूक्रेन (Russia-Ukraine War) से भारतीय छात्र-छात्राओं को निकालने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) की तारीफ की है। अख्तर भाजपा, संघ और राष्ट्रवादियों (BJP Nationalist) की आलोचना के लिए कुख्यात हैं।

पुणे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2022 (Pune International Fil Festival) में शुक्रवार (4 मार्च) को अख्तर ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सरकार हमारे बच्चों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। मुझे इसमें एक पल के लिए भी कोई संदेह नहीं है कि सरकार सभी बच्चों को सुरक्षित लाने की अपना पूरा प्रयास कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने आज भी सुना है कि बच्चों को निकालने के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाने के लिए कुछ निर्णय लिया गया है। यह मुद्दा राष्ट्रीय सरोकार का है।”
77 वर्षीय अख्तर ने कहा कि अंतत: युद्ध कोई नहीं जीतता, हर किसी की हार होती है। लोग दोनों तरफ के मरते हैं। युद्ध बिल्कुल नहीं होना चाहिए।

ऑपरेशन गंगा

बता दें कि यूक्रेन में बिगड़ते हालात के बीच भारत ने ऑपरेशन गंगा के तहत अपने रेस्क्यू अभियान को तेज कर कर दिया है। इसके लिए 80 फ्लाइट और 24 मंत्रियों को लगाया गया है। अधिक से अधिक भारतीयों को जल्दी निकालने के लिए विमानों की आवाजाही की संख्या को भी बढ़ा दिया गया है।

रोमानिया के बुखारेस्ट से 35 फ्लाइट और Suceava से 5 फ्लाइट, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से 28 फ्लाइट, पोलैंड के Rzeszow से 9 फ्लाइट और स्लोवाकिया के Kosice से 3 फ्लाइट उड़ान भरेंगी। इन 80 फ्लाइट्स में यूक्रेन से लगभग 17,000 विद्यार्थियों को निकाला जाएगा।

रेस्क्यू अभियान की निगरानी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीके सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, हरदीप सिंह पुरी और किरेन रिजेजू को हंगरी, रोमानिया, पोलैंड और स्लोवाकिया भेजा है। इसके साथ अन्य मंत्रियों को इस अभियान की निगरानी और यूक्रेन से लौटने छात्र-छात्राओं को दिल्ली और मुंबई में व्यवस्थित करने की जिम्मेवारी सौंपी है।

बयानों के कारण विवादों में अख्तर

जावेद अख्तर अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहते हैं। पिछले साल जावेद अख्तर ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तुलना तालिबान से की थी। उन्होंने कहा था, “RSS, VHP और बजरंग दल का समर्थन करने वालों की मानसिकता भी तालिबान जैसी ही है। जिस तरह तालिबान एक मुस्लिम राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रहा है। उसी तरह कुछ लोग हमारे सामने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पेश करते हैं।” जावेद अख्तर ने आगे कहा, “इन लोगों की मानसिकता एक जैसी है। तालिबान हिंसक हैं। जंगली है। उसी तरह RSS, VHP और बजरंग दल का समर्थन करने वाले लोगों की मानसिकता एक जैसी है।”

इसी साल जनवरी में जब प्रधानमंत्री का काफिला पंजाब में लगभग 20 मिनट तक फँसा रहा था तब उन्होंने मुस्लिमों के नरसंहार की बात कर देश में डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 करोड़ भारतीयों (मुस्लिमों) पर नरसंहार के खतरे पर एक शब्द भी नहीं कहा। देश में डर के माहौल की बात भी कहते रहते हैं।

इसी तरह कंगना रनौत ने भी जावेद अख्तर पर इन्फ्लुएंस करने का आरोप लगाया था। एक साक्षात्कार में कंगना ने कहा था, “जावेद अख्तर ने मुझे अपने घर बुलाया। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर मैं ऋतिक रोशन से माफ़ी नहीं माँगी तो मुझे आत्महत्या करनी पड़ेगी।”

2004 में तेंदुलकर, 2022 में रवींद्र जडेजा… दोहरा शतक पूरा होने से पहले ही घोषित हुई पारी, लोगों ने बताया ‘राहुल द्रविड़ इफ़ेक्ट’

मोहाली में चल रहे भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच में रवींद्र जडेजा की धुआँधार पारी ने आज सबको हैरान कर दिया। इस मैच में भारतीय टीम ने जहाँ टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए 574 का लक्ष्य दिया, वहीं रवींद्र जडेजा ने नाबाद 175 रन बनाए। जडेजा इस मैच में दोहरा शतक जड़ते इससे पहले भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने पहली पारी घोषित कर दी। अब इसी फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर नेटीजन्स भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ को कोस रहे हैं और उनपर मीम बना रहे हैं।

ये सब इसलिए क्योंकि ये पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय क्रिकेटर को दोहरा शतक मारने से रोक दिया गया हो। साल 2004 में यही दृश्य पूरी दुनिया ने तब देखा था जब मुल्तान टेस्ट के दौरान राहुल द्रविड़ ने सचिन तेंदुलकर के 194 रन बनाने पर पूरी पारी को खत्म कर दिया था। 

अब उसी वाकये को याद कर करके लोग रोहित शर्मा को द्रविड़ और जडेजा को सचिन तेंदुलकर बता रहे हैं। दोनों का चेहरा एडिट करके तमाम मीम बन रहे हैं। कोई ये दिखा रहा है कि कैसे रोहित शर्मा ने इस फैसले को लेकर द्रविड़ द्वारा शुरू की गई रीत को आगे बढ़ाया तो कोई ये दिखा रहा है कि शर्मा के इस फैसले ने द्रविड़ की गर्दन को जिराफ जितना ऊँचा कर दिया है।

मीम में राहुल द्रविड़ की तस्वीर और रोहित शर्मा की तस्वीरों का प्रयोग करके दिखाया जा रहा है कि भले ही रोहित शर्मा ने पारी डिक्लेयर की है, लेकिन ये फैसला राहुल द्रविड़ का है। यूजर्स का पूछना है कि आखिर जडेजा को 25 और रन क्यों नहीं बनाने दिए गए। वो इस तरह 200 रन हर बार नहीं बना सकते। ये सिर्फ मैच का दूसरा ही दिन था। सच में निराशजनक।

नेटीजन्स का कहना है कि रोहित शर्मा का ये फैसला द्रविड़ से प्रेरित है। सोशल मीडिया पर देख सकते हैं हर क्रिएटिव ढंग से द्रविड़ को ट्रोल किया जा रहा है। लोगों का तर्क है कि जब सचिन का दोहरा शतक रोका गया तब द्रविड़ कप्तान थे और जब जडेजा का दोहरा शतक रोका गया तो वो कोच हैं। उनका पूछना है कि जब कोई खिलाड़ी दोहरा शतक बनाने वाला होता है तब क्यों द्रविड़ पारी खत्म करवा देते हैं।

‘इंटरव्यू के वक्त मुझे घूरते रहते थे क्रिकेटर्स, नहीं देते थे सवालों के जवाब’: मंदिरा बेदी ने किया खुलासा – ‘उन्हें पसंद नहीं थी साड़ी पहन कर क्रिकेट की बातें’

फिल्म एक्ट्रेस मंदिरा बेदी (Mandira Bedi) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। एक्ट्रेस ने अपनी दमदार एक्टिंग से लोगों को लंबे समय तक एंटरटेन किया है। वहीं, क्रिकेट जगत में भी उनका अच्छा-खासा नाम है, जिस वजह से लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं। हाल ही में, Pinkvilla को दिए इंटरव्यू में मंदिरा ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की है। आइए आपको बताते हैं उन्होंने क्या कहा है।

‘क्रिकेट टूर्नामेंट्स के दौरान प्री-मैच शो की मेजबानी करते वक्त ‘कई क्रिकेटर्स’ मुझे घूर-घूरकर देखते थे।’ इस बात का खुलासा अभिनेत्री मंदिरा बेदी ने एक इंटरव्यू के दौरान किया। मंदिरा कहती हैं कि उन्हें उनके सवाल बहुत बचकाने लगते थे, वह सोचते थे ‘ये क्या सवाल पूछ रही है’ और अक्सर उनके सवालों का जवाब भी नहीं देते थे। अगर जवाब दे भी देते थे तो उनके उत्तर का उनके सवाल से कोई नाता ही नहीं होता था।

आगे मंदिरा क्रिकेट में महिलाओं के साथ हो रहे बर्ताव का खुलासा करते हुए बताती हैं, “पैनल पर बैठे लोग कभी नहीं चाहते थे कि मैं क्रिकेट शो की मेजबानी करूँ। मेरे बहुत सारे क्रिकेटर्स दोस्त थे, अब वह रिटायर हो चुके हैं, लेकिन तब पैनल को मेरी ये दोस्ती तक पसंद नहीं आती थी। उन्हें यह पसंद नहीं था कि कोई महिला साड़ी पहनकर, सज-धजकर क्रिकेट की बातें करे। किसी ने भी मुझे गाइड नहीं किया, न ही किसी ने मुझ सवाल बताए। मैं वहाँ आम आदमी का प्रतिनिधित्व करने के लिए गई थी, जिन्हें क्रिकेट के टेक्निकल टर्म्स नहीं पता थे, जो क्रिकेट की बारीकियों को नहीं जानते थे।”

मंदिरा आगे बताती हैं, “मुझे बताया गया था कि उस समय पर आपके दिमाग में जो भी सवाल आता है, आपको वही सवाल पूछना है। मुझे वह स्वतंत्रता दी गई थी। बेशक, मुझे बहुत सारे क्रिकेटर्स ने घूर-घूरकर देखा, मेरे सवालों पर हँसे और सोचने लगे कि मैं ये क्या पूछ रही हूँ, मैं यह भी क्यों पूछ रही हूँ। उन्होंने मेरे प्रश्न से संबंधित जवाब भी नहीं दिए और यह बहुत डराने वाला हो सकता है लेकिन मुझे चैनल द्वारा आश्वासन दिया गया था, यह सोनी था, जिसने मेरा समर्थन किया और मुझे 150-200 महिलाओं में से चुना। उन्होंने कहा कि हमने आपको किसी कारण से चुना है, हमें लगता है कि आपके पास वो क्वालिटी है जो हमें चाहिए, इसलिए आगे बढ़िए और वैसे ही रहिए जैसी आप हैं और इस समय का आनंद लीजिए।”

गौरतलब है कि मंदिरा बेदी उन कुछ महिलाओं में से हैं, जिन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी और कमेंट्री दोनों की है। उन्होंने 2003 व 2007 में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप और 2004 व 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की थी। इंडियन प्रीमियर लीग सीजन 2 के दौरान मंदिरा ने सोनी मैक्स के लिए शो होस्ट किया था। वहीं मंदिरा आईटीवी (एक ब्रिटिश नेटवर्क) के लिए आईपीएल 3 के कवरेज का नेतृत्व भी कर चुकी हैं।

बता दें कि मंदिरा ने शांति (1994) से टेलीविजन धारावाहिक में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने ‘औरत’, ‘हैलो फ्रेंड्स’, ‘दुश्मन’, ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ और ‘महाभारत’ जैसे कई हिंदी टेलीविजन धारावाहिक में काम किया। इसके अलावा ‘फेम गुरुकुल’, ‘डील या नो डील’, ‘फियर फैक्टर इंडिया’, ‘जो जीता वही सुपर स्टार’, ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी’ और ‘आई कैन डू दैट’ सहित कई रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया।

‘PM मोदी ने बनारस को नया कर दिया, पूरे देश का किया विकास’: पंडित छन्नूलाल मिश्रा ने दिया आशीर्वाद – यूपी में फिर से BJP की सरकार, आगे बढ़ता रहे देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद देते हुए उनके स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि उन्होंने न केवल अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बल्कि देश को काफी विकसित कर दिया है। हर तरफ पीएम मोदी की ही चर्चा है अगले 10 मार्च को यूपी में एक बार फिर से बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।

वीडियो में पंडित छन्नूलाल ने कहा, “मैं अपने प्रधानमंत्री को हमेशा स्वस्थ रहने का आशीर्वाद देता हूँ। इसी तरह से देश को आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने बनारस को तो एकदम नया कर दिया है। अभी ये आजमगढ़ के देहात से आए, तो वहाँ देखा कि दिन भर इन्हीं के चर्चे होते रहे कि हम लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने पूरे देश के लिए बहुत कुछ किया है। हमारी शुभकामनाएँ हैं कि वो इसी तरह से हमारे बीच बना रहें।”

पंडित छन्नूलाल ने पीएम मोदी के लिए दो पंक्तियाँ भी गाई। जिसके बोल हैं, रंक को आज दान देने दो, आज हुआ है मोदी जी का आगमन, आज आधार पा रहा है मन। क्यों भटकता पड़े तुझे जीवन मुक्ति को, आज प्राण देने दो। शब्द को अर्थ ज्ञान लेने दो।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (5 फरवरी 2022) को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं। उन्होंने वाराणसी में रोड शो किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पुलिस लाइन में भाजपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और उसके बाद मालदहिया चौराहे पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें प्रणाम किया।

इस दौरान सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के खजूरी में जनसभा को संबोधित करते हुए बताया कि यूपी चुनाव में ये उनकी आखिरी जनसभा है। इस बार कि विधानसभा चुनाव को पूरी तरह से अनोखा करार देते हुए पीएम मोदी बोले कि यूपी के लोग गुंडागर्दी, माफिया, भाई-भतीजावाद और परिवारवादियों को पूरी तरह से नकार चुके हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी देश पर संकट आता है तो घोर परिवारवादी लोग उसमें भी अपने राजनीतिक फायदे ढूँढते हैं। यही हाल कोरोना में हुआ था और यही यूक्रेन संकट के दौरान भी देखने को मिल रहा है।

‘ये खाने लायक नहीं’: पाकिस्तान के भेजे घटिया क्वालिटी के गेहूँ को देख कर भड़का तालिबान, अफगानिस्तान में बन रहा मजाक

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) द्वारा कब्जे के बाद से वहाँ की जनता गंभीर मानवीय संकट की जूझ रही है। खाद्यान्न की भारी कमी के चलते अफगानों को भूखमरी का शिकार होना पड़ रहा है। वहीं, मानवीय आधार पर अफगानिस्तान को भारत खाद्यान्न उपलब्ध करा है। उधर पाकिस्तान ने भी सहायता के रूप में गेहूँ की खेप है, जो उसकी खिल्ली का कारण बन गई है। तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भेजा गया गेहूँ खाने लायक नहीं है।

तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा भेजी गई गेहूँ की क्वालिटी बेहद घटिया है और खाने लायक नहीं है। तालिबानी अधिकारियों की शिकायत का वीडियो पर ट्विटर पर वायरल हो रहा है। पाकिस्तान के इस कदम से लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं।

इस वीडियो को साझा करते हुए जी मीडिया से जुड़े पत्रकार सिद्धांत सिब्बल ने लिखा, “तालिबान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा भेजा गया गेहूँ खराब गुणवत्ता वाला है, जबकि भारत द्वारा भेजा गया गेहूँ बेहतर है। भारत ने मानवीय सहायता के रूप में पिछले महीने अफगान लोगों को गेहूँ भेजना शुरू किया।”

इस वीडियो को अफगानिस्तान के पत्रकार अब्दुल हक ओमेरी ने ट्विटर पर साझा किया था। उनके अनुसार, इस वीडियो में तालिबान के अधिकारी कहता है, “पाकिस्तान ने जो गेहूँ भेजा है, वो खाने लायक नहीं है।” हालाँकि, पाकिस्तानी गेहूँ को लेकर ये बातें जिस तालिबानी अधिकारी ने कही है, उसे बर्खास्त करने की खबर है।

भारत को धन्यवाद दे रहे अफगान

वहीं, भारत की गेहूँ की तारीफ करते हुए अफगानिस्तान के लोग धन्यवाद दे रहे हैं। ट्विटर पर एक यूजर ने कहा, “अफगानिस्तान के लोगों को लगातार समर्थन देने के लिए भारत को शुक्रिया। हमारी दोस्ती हमेशा बनी रहेगी। जय हिंद।”

नजीब फरहोदिस नाम के एक यूजर ने कहा, “पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को जो गेहूँ दान में दिया है वो खराब है। इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। भारत ने हमेशा अफगानिस्तान की मदद की है।”

भारत भेज रहा है अफगान को सहायता

अफगानिस्तान की भयावह स्थिति को देखते हुए भारत वहाँ मानवीय सहायता पहुँचा रहा है। गुरुवार (3 मार्च) को भारत ने 2,000 मीट्रिक टन गेहूँ की दूसरी खेप अफगानिस्तान को भेजी है। यह खेप पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान भेजी गई है। इससे पहले 2,500 मीट्रिक टन की पहली खेप 22 फरवरी को भेजी गई थी।

वहाँ के हालात को देखते हुए भारत ने पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान को एक प्रस्ताव भेजकर अफगानिस्तान के सहायता उपलब्ध कराने के लिए रास्ता देने का आग्रह किया गया था। भारत पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान के लोगों को 50,000 मीट्रिक टन गेहूँ भेज रहा है। इसका वितरण संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के माध्यम से किया जाएगा।

रूस से गेहूँ डील कर इमरान ने अफगानिस्तान खराब माल भेजा

बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार (1 मार्च) को घोषणा की कि उनका देश रूस से लगभग 20 लाख टन गेहूँ आयात करेगा। इसके साथ ही पाकिस्तान रूस से प्राकृतिक गैस भी खरीदेगा। इस संबंध में दोनों के बीच हुई घोषणा के बारे में उन्होंने पाकिस्तान के लोगों को जानकारी दी थी।

इस पाकिस्तान खुद रूस से गेहूँ आयात कर रहा है और सहायता के नाम पर अफगानिस्तान में अपने खराब खाद्यान्न को खपा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पाकिस्तान की चारों तरफ किरकिरी हो रही है।

‘सेक्स के लिए बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले से मिलते थे बिल गेट्स’: पूर्व पत्नी ने खोले राज- ‘वो घिनौना और दुष्ट, डरावने सपने को याद कर घबराती हूँ’

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर और विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक बिल गेट्स ने अपनी पत्नी मेलिंडा गेट्ल से शादी के 27 सालों बाद मई 2021 में अलग होने का फैसला किया था। अब बिल गेट्स से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा हुआ है।

खुलासे में कहा गया है कि बिल गेट्स की बीते सालों में कई बार विवादित शख्स जेफरी एपस्टिन (Jeffrey Epstein) से मुलाकात हुई थी। ये एपस्टिन वही है, जो अपने समय में सेक्स के लिए बच्चों की खरीद-फरोख्त (Child Trafficking for sex) के लिए दुनिया भर में कुख्यात रहा है। एपस्टिन को अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान ही अगस्त 2019 में उसने मैनहटन की जेल में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

बिल गेट्स बारे में यह खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स (Melinda French Gates) ने ही किया है। हालाँकि, अपने एक हालिया इंटरव्यू के दौरान मेलिंडा ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि उन्होंने बिल गेट्स के साथ रहते हुए कभी उन्हें एपस्टिन से मिलने से उन्हें रोका या नहीं। बिल और एपस्टिन के संबंधों के बारे में भी उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा। सिवाय इतने के इस बारे ‘बिल ही अपना रुख स्पष्ट कर सकते हैं। उन्हें ही ऐसे सवालों के जवाब देने चाहिए।’

सीबीएस पत्रकार द्वारा ये पूछे जाने पर कि क्या एपस्टिन के साथ उनके पति के रिश्ते ने उनके तलाक में भूमिका निभाई, इस पर उन्होंने कहा कि ‘कई चीजों’ में से ये एक थी। जिसके कारण ये तलाक हुआ।

बहुत घिनौना इंसान था वह, दुष्टता का साक्षात अवतार 

बातचीत के दौरान मेलिंडा (Melinda French) ने यह भी माना कि वे खुद एक बार एपस्टिन से मिली थीं क्योंकि वे देखना चाहती थीं कि यह शख्स आखिर है कौन। अपने उस अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया, “एपस्टिन बहुत ही घिनौना इंसान था। मैं जब उससे मिली, तो लगा जैसे वह दुष्टता का साक्षात अवतार हो। मेरे लिए वह अनुभव किसी डरावने सपने की तरह था। उसे याद करके मैं आज तक घबरा जाती हूँ। मुझे आज भी इस बात का पछतावा है कि आखिर मैंने उसके दरवाजे पर कदम रखा ही क्यों।” इसके साथ उन्होंने भी यह भी माना कि उनके तलाक की एक वजह एपस्टिन से बिल गेट्स (Bill Gates) के संबंध भी थे। बीते साल ही दोनों का तलाक हुआ है।

बिल गेट्स ने जेफरी से अपने रिश्ते को बड़ी गलती बताया

बीते साल बिल गेट्स ने खुद एपस्टिन के साथ अपनी मुलाकात को स्वीकार किया था। इसके लिए उन्होंने पछतावा भी जताया था। लेकिन यह भी जोड़ा था कि वे अपने लोक-कल्याणकारी फाउंडेशन (Bill and Melinda Gates Foundation) के लिए पैसे जुटाने की गरज से एपस्टिन से मिले थे। वह एपस्टिन से इस उम्मीद में मिले थे ताकि वैश्विक स्वास्थ्य के मुद्दे पर ज्यादा से ज्यादा धन जुटाया जा सके। उन्होंने उसके साथ कई बार रात का खाना खाया था।

मेलिंडा ने बताया कि जब वो बिल से अलग हुईं तो कई दिनों तक वो खूब रोई थीं। उनकी जिंदगी में कई मौके ऐसे भी आए जब उन्हें अपनी शादी टूटने पर बेहद गुस्सा आया। उन्होंने बताया, “वो मेरे शोक का समय था। जब आप ऐसा कुछ खो देते हैं जो आपने सोच रखा था कि वो आपके पास जीवन भर रहने वाला है तो आप शोक मनाते हैं।”

‘अब मैं दुख से निकल रही हूँ, ठीक हो रही हूँ’

मेलिंडा ने बताया कि अब वो उस दुख से निकल रही हैं और जिंदगी में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें लगता है कि अब वो जीवन के दूसरे पहलू को देखने की कोशिश कर रही हैं और अब ठीक हो रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपनी जिंदगी के चैप्टर का एक नया पेज पलट रही हूँ। मेरा मतलब है कि अब हम साल 2022 में आ चुके हैं और मैं बेहद उत्साहित हूँ कि मेरे जीवन में आगे क्या नया होने वाला है।”

गौरतलब है कि मई 2021 में बिल और मेलिंडा ने अपने तलाक की घोषणा करते हुए कहा था कि काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपनी शादी को खत्म करने का फैसला किया है। लेकिन साथ ही दोनों ने ये भी कहा था कि वो अपने चैरिटेबल फाउंडेशन बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन में साथ मिलकर काम करते रहेंगे। अगस्त 2021 में दोनों का तलाक फाइनल हो गया था। दोनों के तीन बच्चे हैं।

20 मिनट तक शेन वॉर्न को 4 दोस्त देते रहे CPR, हॉस्पिटल पहुँचने पर मिला या नहीं – मीडिया रिपोर्ट में कंफ्यूजन

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी शेन वॉर्न (Shane Warne) का 52 साल की उम्र में निधन हो गया। 4 दोस्तों के साथ शेन वॉर्न थाईलैंड के कोह सामुई (Shane Warne in Koh Samui) गए थे। यहाँ के एक निजी विला में उन्होंने अंतिम साँस ली। अंत समय में वार्न के चारों दोस्तों ने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश भी की।

थाईलैंड पुलिस के अनुसार घटना के समय शेन वार्न के दोस्तों ने 20 मिनट तक उनकी जान बचाने के लिए संघर्ष किया। पुलिस के अनुसार रात को खाने के वक्त जब वॉर्न नीचे नहीं आए तो एक दोस्त उन्हें देखने के लिए गया। इसी दौरान वो बेहोश पड़े मिले।

शेन वॉर्न को बेहोश पड़े देख कर दोस्तों ने सीपीआर (CPR: Cardiopulmonary Resuscitation) के जरिए उनकी जान बचाने की कोशिश की। साथ ही एंबुलेंस को भी फोन किया। वहाँ से वॉर्न को थाई इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया।

कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार थाई इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भी शेन वॉर्न को सीपीआर दिया गया। जबकि कुछ मीडिया रिपोर्ट कहती है कि हॉस्पिटल पहुँचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मौत के स्पष्ट कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

शेन वॉर्न का आखिरी ट्वीट – क्रिकेटर के निधन पर शोक

शेन वार्न ने अपनी मौत से पहले आखिरी ट्वीट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी रॉड मार्श के निधन पर शोक व्यक्त किया था। रॉड मार्श ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज रह चुके थे। 74 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मार्श का निधन हुआ।

शेन वॉर्न का आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट

इस ट्वीट के बाद शेन वॉर्न ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में एक फोटो शेयर करके गुडनाइट लिखा था। शायद वो नहीं जानते थे कि ये उनका आखिरी गुडनाइट होगा!