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‘…तो सिर्फ यूरोप ही नहीं, पूरी दुनिया में प्रलय आ जाएगा’: व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेताया – ‘हम पर प्रतिबंध मतलब युद्ध का ऐलान’

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर से पश्चिमी दुनिया को धमकाया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में भी कट्टरवादी हैं, लेकिन वो सरकार में नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन की सरकार में कट्टरपंथी भरे पड़े हैं। उन्होंने पूछा कि क्या रूस में नाजी का निशान लहराते हुए लोग आंदोलन कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि यूक्रेन में ऐसा है और वहाँ रूसियों का नरसंहार करने वालों को समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा कि यहूदियों-रूसियों को मारने वालों को नायक बनाया जा रहा है।

अमेरिका सहित अन्य पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए जा रहे एक के बाद एक प्रतिबंधों को व्लादिमीर पुतिन ने ‘युद्ध का ऐलान’ करार दिया। उन्होंने चेताया कि जो भी देश यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित करेगा, उसे इस युद्ध में रूस के खिलाफ उतरा हुआ माना जाएगा, भले ही वो किसी भी संस्था/समूह का सदस्य हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वो यूक्रेन को ‘न्यूट्रल’ बनाना चाह रहे हैं, ताकि वहाँ की मिलिट्री को ख़त्म किया जा सके और नाजी ताकतों को मिटाया जा सके।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंध युद्ध के ऐलान की तरह हैं लेकिन ईश्वर का शुक्र है कि अभी बात वहाँ तक नहीं पहुँची है। मॉस्को के नजदीक स्थित महिला फ्लाइट अटेंडेंट्स के ‘एरोफ्लोट ट्रेनिंग सेंटर’ दौरे के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस सैन्य ऑपरेशन में बाहरी लोगों को भर्ती नहीं किया गया है और इसमें केवल प्रोफेशनल सैनिक ही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई योजना भी नहीं है, क्योंकि रूस की सेना अपना काम पूरा करेगी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुले रूप से कहा कि उन्हें इस पर कोई शक नहीं है कि सारी चीजें वैसे ही ख़त्म होंगी, जैसे कि उनके लिए योजना बनाई गई थी। रूस में ‘मार्शल लॉ’ या ‘आपातकाल’ घोषित किए जाने की अटकलों को भी उन्होंने ख़ारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी बड़े बाहरी या भीतरी खतरे की स्थिति में ही ये किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई योजना फ़िलहाल नहीं है कि रूस में खास किस्म का शासन लगाया जाए। पुतिन ने आरोप लगाया कि यूक्रेन की सेना नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है।

व्लादिमीर पुतिन ने चेताया कि यूक्रेन के ऊपर नो फ्लाई जोन घोषित करने के प्रयास न सिर्फ यूरोप, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रलयंकारी होंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट करना पहली प्राथमिकता थी और अब ये पूरा हो चुका है। इनमें एविएशन, एयर डिफेंस और वेयरहाउस शामिल थे। उन्होंने चेताया कि कीव का यही रवैया रहा तो यूक्रेन के देश होने पर भी आफत आ जाएगी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को सेना से रहित करना रूस की योजना है।

यूक्रेन ने अपने ही अधिकारी को उतारा मौत के घाट, रूस से बात करने भी भेजा था: सूचनाएँ लीक करने के आरोप

यूक्रेन-रूस जंग के बीच एक चौंकाने वाली खबर यूक्रेन की न्यूज एजेंसी उक्रप्रावदा ने दी है। एजेंसी ने बताया कि यूक्रेन के सुरक्षाबलों ने अपने ही देश के एक वार्ताकार को मौत के घाट उतार दिया। इस वार्ताकार की पहचान डेनिस किरीव के तौर पर हुई। उन्हें यूक्रेन के सुरक्षाबलों ने संदेह में मारा। वह रूस के साथ हुई दो दौर की बातचीत में हिस्सा बने थे। यूक्रेनी सेना के अनुसार, उनके पास डेनिस के ख़िलाफ़ पुख्ता सबूत थे कि उन्होंने रूस को देश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। न्यूज एजेंसी की इस खबर की यूक्रेनी सांसद वेरखोवा रादा ने भी पुष्टि की है।

युद्ध में मारे गए यूक्रेन के फाइटर कैप्टेन

बता दें कि यूक्रेन और रूस के बीच 10 दिन से युद्ध चल रहा है जिसमें भारी तबाही मत चुकी है। आज तमाम खबरों के बीच जानकारी आई कि रूस की ओर से दो शहरों मारियुपोल और वोल्नोवाखा में सीजफायर का ऐलान किया गया लेकिन बाद में पता चला कि सीजफायर के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। फिलहाल, यूक्रेन के हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। वहीं युद्ध में यूक्रेन के फाइटर कप्तान Chybineiev के मारे जाने की खबर है।

आम नागरिकों को कर रहा है यूक्रेन इस्तेमाल, कइयों की मौत

रूस का जहाँ आरोप है कि यूक्रेन आम नागरिकों को ह्यूमन शील्ड की तरह प्रयोग कर रहा है। वहीं यू्क्रेन का दावा है कि रूस लगातार उन पर कार्रवाई कर रहे हैं। दावा है कि राजधानी कीव के पास बुका शहर में आज कार पर गोलियाँ चलाई गईं जिससे 17 साल की लड़की समेत 2 लोगों की मौत हो गई। ऐसे ही चेर्नीहीव में अब तक हुए हवाई हमलों में 47 लोगों की मौत हुई है। कीव के पास मरखलेवका गाँव है जहाँ रूसी एयर स्ट्राइक में 1 बच्चे समेत 6 लोगों की मौत हो गई।

युद्ध के लिए यूक्रेन लौटे हजारों नागरिक

उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ यूक्रेन में हालातों के मद्देनजर इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने दावा किया है कि रूस के हमले के बाद अब तक 14 लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों ने यूक्रेन को छोड़ा है। वहीं यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने अपने हालिया बयान में दावा किया है कि उनके 66,200 नागरिक रूस से छिड़ी जंग में शामिल होने के लिए विदेश से लौट आए हैं।

मीडिया और सोशल मीडिया पर रूस हुआ सख्त

रूस-यूक्रेन की लड़ाई के बीच मीडिया पर भी गाज गिरी है। रूसी अधिकारियों का कहना का है कि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी देशों जैसे दुश्मनों द्वारा उसके खिलाफ फेक न्यूज फैलाई जा रही है, ताकि रूस के लोगों के बीच अराजकता फैलाई जा सके। इसके साथ ही रूस ने कई विदेशी मीडिया संस्थानों और फेसबुक को प्रतिबंधित कर दिया है। इस लिस्ट में बीबीसी और जर्मनी न्यूज एजेंसी डॉयचे वेले भी शामिल है। इनके अलावा रूस ने ट्विटर और फेसबुक के बाद अब Youtube पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। अब ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब ने रूस की सरकार न्यूज वेबसाइटों की रीच को कम कर दिया था और उन पर दिखने वाले विज्ञापनों को सीमित कर उनकी कमाई को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

खारकीव में सफल हुआ ‘ऑपरेशन गंगा’, सभी भारतीयों को निकाला गया: अब तक 63 उड़ानों के जरिए निकाले गए 13300 भारतीय

यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में ‘ऑपरेशन गंगा’ सफल हो गया है। वहाँ से सभी भारतीयों को निकाल लिया गया है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शनिवार (5 फरवरी, 2022) को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ये अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ये देख रही है कि यूक्रेन में अब भी कितने भारतीय बचे हुए हैं। कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं, जिन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है।

अब भारतीय दूतावास ऐसे लोगों से संपर्क करने में लगा हुआ है। वहीं अब पूरा ध्यान सूमी पर लगाया जा रहा है। सूमी में अभी भी हिंसा हो रही है। अरिंदम बागची ने कहा कि वहाँ की स्थिति को लेकर हम चिंतित हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में 15 फ्लाइट्स भारत आई हैं, जिनमें लगभग 2900 भारतीयों को वहाँ से बचा कर निकाला गया। ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत अब तक 13,300 भारतीय नागरिकों की यूक्रेन से वतन वापसी कराई गई है।

इसके लिए 63 उड़ानों की ज़रूरत पड़ी। वहीं सिर्फ अगले 24 घंटों में 13 फ्लाइट्स शेड्यूल्ड हैं। वहीं रविवार (6 मार्च, 2022) को 11 उड़ानों के जरिए 2200 से अधिक लोगों को स्वदेश लाया जाएगा। वहीं शनिवार को 15 उड़ानों से 3000 लोगों को भारत एयरलिफ्ट किया गया। सूमी में 700 भारतीयों के फँसे होने की सूचना है। वहाँ सभी भारतीयों को सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है। उन्हें जोखिम न उठाने की सलाह दी गई है।

सूमी में यूक्रेन और रूस की सेना के बीच भीषण युद्ध देखने को मिल रहा है। बता दें कि 24 फरवरी, 2022 को ही रूस ने यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू किया था और तभी से ही वहाँ की हवाई पट्टी भी बंद है। ऐसे में यूक्रेन के पड़ोसी देशों रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और पोलैंड में भारत के चार केंद्रीय मंत्री वहाँ से भारतीयों को वतन वापस भेजे जाने की प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, गो फर्स्ट, स्पाइसजेट और एयर एशिया के फ्लाइट्स का इसके लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

‘फैशन शो में आने के लिए लिए ₹29 लाख ले लिए, लेकिन पहुँचीं ही नहीं’: सोनाक्षी सिन्हा के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया वॉरंट, धोखाधड़ी का मामला

धोखाधड़ी के मामले में आरोपित बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनके सलाहकार अभिषेक सिन्हा के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट ने वॉरंट जारी किया है। इस मामले में अब कोर्ट अगली सुनवाई 25 मार्च, 2022 को करेगा। एक्ट्र्र्रेस पर एक इवेंट में शामिल होने के नाम पर 29.92 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।

गौरतलब है कि यह मामला साल 2018 का है। जहाँ शिवपुरी गाँव के रहने वाले प्रमोद शर्मा ने 24 नवंबर, 2018 को मुरादाबाद के एसएसपी से सोनाक्षी सिन्हा के ख़िलाफ शिक़ायत की थी। प्रमोद का कहना था कि उन्होंने 30 सितंबर, 2018 में इंडिया फैशन एंड ब्यूटी अवॉर्ड कार्यक्रम में अवॉर्ड देने के लिए सोनाक्षी से एक करार किया था।

सोनाक्षी पर आरोप है कि फैशन शो में आने के लिए एक्ट्रेस को 29 लाख 90 हजार और उनके सलाहकार अभिषेक ने 6 लाख 50 हजार रुपए लिए थे। लेकिन ऐन वक्त पर वो इस कार्यक्रम में पहुँचे ही नहीं। जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने कोई जबाव नहीं दिया। इस कार्यक्रम के लिए प्रमोद ने टैलेंट फुल ऑन कंपनी से करार किया था।

ख़बर के अनुसार, वादी ने एक पत्र लिखकर न्याय की माँग की थी, लेकिन इस मामले को गंभीरता से न लेते हुए क्षेत्राधिकारी टाल-मटोल करते रहे। इससे आहत होकर प्रमोद शर्मा ने 13 फरवरी को ज़हर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस क़दम के बाद राज्य की पुलिस ने आईपीसी की घारा-420, 120 बी, 406, 34 के तहत FIR दर्ज कर ली थी।

FIR में सोनाक्षी सिन्हा, अभिषेक सिन्हा, मालविका पंजाबी, धूमिल कक्कड़, एडगर सकारिया के नाम शामिल हैं, जिन्हें इस मामले में आरोपित बनाया गया था। जानकारी के अनुसार, इस FIR को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सोनाक्षी सिन्हा की गिरफ़्तारी पर रोक लग गई थी। लेकिन अब एक बार फिर से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

‘मुस्लिम होने के कारण फँसाए जा रहे हैं नवाब मलिक, मंत्री पद से नहीं लेंगे इस्तीफा’: बोले NCP सुप्रीमो शरद पवार, दाऊद से संबंधों के हैं आरोप

अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) से संबंधों के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) द्वारा गिरफ्तार किए गए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और NCP के नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) के मामले में पार्टी चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) का भी बयान आ गया है। पहले से अपेक्षित तरीके से शरद पवार ने शनिवार (5 फरवरी, 2022) को मलिक पर ईडी की कार्रवाई को पूरी तरह से ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है।

पवार ने इस मामले में मुस्लिम कार्ड खेलते हुए आरोप लगाया कि एक मुस्लिम होने के कारण मलिक को फँसाया जा रहा है। इसीलिए, भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से उनके संबंध होने की बात कही जा रही है। NCP चीफ ने कहा, “मुस्लिम होने के कारण नवाब मलिक और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। लेकिन हम इसका विरोध करेंगे।”

देश के दुश्मन दाऊद इब्राहिम से संबंधों का खुलासा होने के बाद विपक्ष लगातार मलिक के इस्तीफे की माँग कर रहा है, जिसे सिरे से खारिज करते हुए पवार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और मलिक पर अलग-अलग स्टैंडर्ड लागू किए जा रहे हैं।

दरअसल, राणे को पिछले साल अगस्त में राणे को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने उद्धव ठाकरे को लेकर कहा था, “ये शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को ये नहीं पता कि हमें स्वतंत्र हुए कितने वर्ष हुए हैं। अपने भाषण के दौरान उन्होंने पीछे मुड़कर अपने सहयोगी से पूछा था। अगर मैं वहाँ होता तो उन्हें जोरदार थप्पड़ मारता।”

गौरतलब है कि नवाब मलिक को दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर से जमीन खरीदने के मामले में 23 फरवरी 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। उन्हें गिरफ्तार करने से पहले ईडी के अधिकारियों ने उद्धव सरकार के मंत्री से 8 घंटे लंबी जिरह की थी, लेकिन उन्होंने केंद्रीय जाँच एजेंसी को सहयोग ही नहीं किया था। वो फिलहाल 7 मार्च तक के लिए ईडी की हिरासत में हैं।

कॉन्ग्रेस नेता के बेटे की शादी में खाना खा कर बीमार हुए 1225 लोग, उल्टी-दस्त के कारण अस्पताल में भर्ती: हालचाल जानने पहुँचे स्वास्थ्य मंत्री

गुजरात के मेहसाणा में चल रही शादी की खुशियों में उस वक्त खलल पड़ गया जब खाना खाने के बाद लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। आयोजन कॉन्ग्रेस के एक स्थानीय नेता के बेटे की शादी का था। जिसमें करीब 3 हजार लोग शामिल हुए थे। विवाह समारोह में खाना खाने के बाद अचानक 1200 से अधिक लोगों को उल्टी-दस्त होने से अफरा-तफरी मच गई। 

सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची एंबुलेंस और निजी वाहनों से मरीजों को विसनगर, महेसाण, उंझा, खेरालु, वडनगर और गांधीनगर के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। एक साथ इतने लोगों के बीमार होने की वजह से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल भी मरीजों का हालचाल पूछने अस्पताल पहुँचे।  

फिलहाल सरकारी अस्पताल में 1225 लोगों के भर्ती किए जाने की बात कही जा रही है। उधर, डॉक्टर के मुताबिक ज्यादातर लोगों की तबीयत अब बेहतर है। और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि शादी के खाने का ऑर्डर ‘दिल्ली दरबार’ नाम के कैटरर्स को दिया गया था। दावत में लोगों को मिठाई के साथ नॉनवेज परोसा गया था। विसनगर ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, सावला गाँव में कॉन्ग्रेस के एक स्थानीय नेता के बेटे की शादी में कई लोग शामिल हुए थे। कुछ लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या के लोगों के लिए खाना पहले से बनाकर रखा गया था और फूड पॉइजनिंग के चलते लोगों की तबीयत खराब हुई होगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मुस्लिम समुदाय की दो लड़कियों की बारात में भोजन करने के बाद 50 लोग बीमार पड़ गए थे। डॉक्टरों का कहना था कि खाना दूषित होने की वजह से यह घटना घटी। इसी तरह असम के कारबी आंगलोंग जिले में एक सरकारी कार्यक्रम में बिरयानी खाने के बाद करीब 145 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था और ओडिशा में भी जहरीला खाना खाने से करीब 100 लोग बीमार पड़ गए थे।

‘₹500 देकर हमें वोट देने से रोका गया’: पुराना वीडियो शेयर कर ‘जनसत्ता’ के पूर्व संपादक ने फैलाया झूठ, पोल खुलने पर भी नहीं किया डिलीट

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बीच योगी सरकार की छवि धूमिल करने के लिए रोज सोशल मीडिया पर अलग-अलग हथकंडे आजमाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनसत्ता के पूर्व संपादक व लेखक ओम थानवी ने भी ट्विटर पर वीडियो डालकर भारतीय लोकतंत्र पर तंज कसा है, जिसकी पोल चंदौली पुलिस ने खोली।

वीडियो में दिखता है कि एक शख्स कुछ लोगों के साथ इकट्ठा होकर आरोप लगा रहा है कि भाजपा के कुछ लोग उन्हें जबरन स्याही लगाकर, पैसे देकर वोट देने से मना कर रहे हैं। वीडियो में युवक को स्पष्ट तौर पर भारतीय जनता पार्टी का नाम लेते भी सुना जा सकता है। इसके बाद इसी वीडियो में एक अन्य शख्स बताता है कि बीजेपी प्रत्याशी महेंद्र द्वारा लोगों को पैसे बाँटे जा रहे हैं, उन लोगों की उंगलियों पर निशान लगाया जा रहा है और वोट देने से उन्हें रोका जा रहा है। ऐसी घटना कई जगहों से सामने आई है। इसलिए वो ऐसे लोगों के साथ धरने पर बैठे हैं जिनकी उंगलियों पर जबरन इंक लगाया गया और वोट देने से रोका गया। वीडियो में एक महिला ने भी आरोप लगाया कि उनके हाथ में भी जबरन स्याही लगाई गई और 500 रुपए देकर कहा गया कि वो वोट देने न जाएँ।

इसी वीडियो को ओम थानवी ने अपने ट्वीट पर 4 मार्च को 8:30 बजे शेयर किया और इस पर लिखा- ‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र।’ इसके बाद इसी वीडियो के मद्देनजर यूपी पुलिस फैक्ट चेक टीम का ट्वीट आया। इस ट्वीट में उन्होंने बताया प्रकरण लोकसभा चुनाव 2019 से संबंधित है जिसमें तत्समय आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा चुकी है। चंदौली पुलिस  द्वारा इस भ्रामक पोस्ट का खंडन किया गया है। कृपया बिना सत्यापन के भ्रामक पोस्ट कर अफवाह न फैलाएँ। पुलिस ने इकोनॉमिक टाइम्स की खबर का लिंक भी शेयर किया। देख सकते हैं कि ये खबर 19 मई 2019 को पब्लिश हुई थी।

बता दें कि ओम थानवी द्वारा शेयर वीडियो के पुरानी होने की पुष्टि के बाद लोग अब बेवजह अफवाह उड़ाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। यूजर्स की माँग है कि इस मामले में कार्रवाई हो क्योंकि हजारों की संख्या के बीच भ्रामकता फैलाई गई है। दिलचस्प बात ये है कि यूपी पुलिस द्वारा फैक्ट चेक किए जाने के बाद और सैंकड़ों लोगों की आलोचना के बाद भी ये वीडियो ओम थानवी द्वारा डिलीट नहीं किया गया है।

‘वन्दे मातरम्’ गाने की माँग पर छात्र अजीत राय को मार डाला था: हत्या का केस नहीं दर्ज कर रही थी मुलायम सरकार की पुलिस, ‘सांसद योगी’ को आना पड़ा था आजमगढ़

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 6 चरणों का मतदान समाप्त हो चुका है। अब सातवें और आखिरी चरण के लिए 7 मार्च 2022 को मतदान होगा। इसी के मद्देनजर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (5 मार्च, 2022) को आजमगढ़ जिले के अतरौलिया में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। लेकिन उससे पहले उन्होंने अजीत राय हत्याकांड का जिक्र किया और विपक्ष पर निशाना साधते हुए विपक्ष को अजीत राय की हत्या के मामले में घेरते हुए बताया कि केवल ‘वंदे मातरम’ गाने की वकालत करने पर राय की हत्या कर दी गई थी।

सीएम योगी ने ट्वीट किया, “वर्ष 2007 में आजमगढ़ के एक कॉलेज में अजीत राय की निर्मम हत्या सिर्फ इसलिए हो गई, क्योंकि उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ गाने की बात कही थी। ‘वंदे मातरम्’ का विरोध करने वाले हर संगठन, हर राजनीतिक दल को आजमगढ़ की जनता उखाड़ फेंकेगी। स्वर्गीय अजीत राय को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

ये कोई पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अजीत राय की हत्या का जिक्र किया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर 2021 में भी उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।

अजीत राय हत्याकांड

अजीत राय एबीवीपी के कार्यकर्ता और आजमगढ़ स्थित शिबली नेशनल कॉलेज के बीएससी थर्ड ईयर के छात्र थे। दिन था 15 अगस्त 2007 का। उस दिन अजीत राय ने अपने कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस के दिन शिक्षकों से ‘वंदे मातरम्’ गाए जाने की माँग की। हालाँकि, उनकी इस माँग को नाजायज बताते हुए कॉलेज के ही कुछ शिक्षकों और छात्रों ने इसका विरोध किया। इसके बाद अजीत राय की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उस दौरान उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे।

पुलिस अजीत की हत्या का केस दर्ज ही नहीं कर रही थी। तब एक सांसद के तौर पर योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में मुकदमा दर्ज कराने के लिए आए थे। जिसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था।

‘बॉलीवुड ऐक्टर टीकू तलसानिया ने हिंदू छोड़कर इस्लाम अपनाया, नाम रखा अब्दुल रहीम’: जानिए सोशल मीडिया पर वायरल इस दावे की सच्चाई

बॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्टर और कॉमेडियन टीकू तलानिया (Bollywood Actor-comedian Tiku Talsania) की लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने हिंदू धर्म त्यागकर इस्लाम अपना लिया है। ट्विटर पर कुछ यूजर ने उनकी तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें टीकू मुस्लिम वेश-भूषा में नजर आ रहे हैं। तस्वीर में टीकू सलवार-कमीज में नजर आ रहे हैं और उन्होंने नमाजी टोपी पहनने के साथ-साथ लंबी दाढ़ी बढ़ा रखी है।

सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर उम्मत-ए-मुस्लिम नाम के एक हैंडल ने ऐसी ही एक तस्वीर साझा की है। मोहम्मद इजराइल मंसूरी नाम वाले इस हैंडल ने लिखा है, “इंडिया के मशहूर कॉमेडीयन टिकु तलसानिया डाइरा ने #इस्लाम धर्म मे दाखिल हो गए #mashaallahماشاءالله।”

ऐसा ही एक एक वीडियो यूट्यूब पर भी सामने आया है। मसूद खान द्वारा अपलोड किए गए इस वीडियो के एक छोटे से सीन में टीकू मुस्लिम वेश-भूषा में नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक लड़की कहती है, “सलाम वालेकुम।” इस पर तसलानिया कहते हैं, ‘अस्सलाम वालेकुम’। लड़की आगे पूछती है, “कैसे हैं आप?” इस पर टीकू कहते हैं, “खैरियत है।” वीडियो में आगे कहा गया है कि टीकू ने इस्लाम कबूल करने के बाद अपना नाम अब्दुल रहीम रहीम रख लिया है।

इन वीडियो और तस्वीरों के दावे की पड़ताल ऑपइंडिया ने की। ऑपइंडिया ने पाया कि टीकू तलसानिया के हिंदू धर्म त्यागकर इस्लाम अपनाने के जो दावे किए जा रहे हैं, वो बस एक प्रोपेगेंडा है। इस अफवाह को सोशल मीडिया पर हर तरफ फैलाने की कोशिश की जा रही है।

ऑपइंडिया ने सबसे पहले इस खबर से संबंधित विश्वसनीय स्रोतों की तलाश की, जहाँ इससे संबंधित जानकारी मिल सके। बॉलीवुड की खबरें देने वाले तमाम विश्वसनीय मीडिया वेबसाइटों के सर्च करने के बावजूद हमें इस तरह की कोई खबर नहीं मिली। इसके कीवर्ड सर्च में भी गूगल पर ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिससे सत्यापित किया जा सके कि ये दावे सही हैं।

गूगल रिवर्स इमेज सर्च के दौरान एक वीडियो मिला। इस वीडियो को ‘खुशरंग’ नाम के यूजर ने यूट्यूब पर 6 फरवरी 2022 को अपलोड किया है। इस वीडियो का शीर्षक है ‘Tiku Talsania With Topi and Beard Looking So Happy On His Upcoming Drama Serial’, यानी टोपी और दाढ़ी में टीकू तलसानिया अपनी आगामी सीरियल के लिए बेहद खुश नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में कहा गया है कि इस ड्रामे की शूटिंग के दौरान का यह उनका गेटअप है, जिसको लेकर उनके धर्मपरिवर्तन के दावे किए जा रहे हैं।

हमें आजतक से पता चला कि टीकू ने यह गेटअप एक ड्रामा शो के दौरान बनाया था। ये तस्वीरें और शॉर्ट वीडियो क्लिप बीबीसी शो की शूटिंग के दौरान ली गई थीं, जिसे यूट्यूब रिलीज किया जाएगा। इस शो में टीकू एक बहुरूपिये का किरदार निभा रहे हैं। इसके एक शो में वे मुस्लिम किरदार में नजर आने वाले हैं। इस तरह, टीकू के धर्म परिवर्तन का यह दावा झूठा साबित हुआ है।

बता दें कि टीकू बॉलीवुड के एक बेहतरीन कॉमेडी कलाकार हैं। नब्बे के दशक की सुपरहिट फिल्म ‘राजा हिन्दुस्तानी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘इश्क’, ‘हम आपके हैं कौनट जैसी कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं। वहीं, फिल्म ‘देवदास’ में भी दर्शक उनकी शानदार ऐक्टिंग देख चुके हैं।

‘विकास और बुलडोजर साथ-साथ चलने चाहिए, गरीबों का अनाज खा जाते थे सपा के गुंडे’: बोले CM योगी – महाराजा सुहेलदेव को मानने वाले राम भक्तों को ही चुनेंगे

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 6 चरणों का मतदान समाप्त हो चुका है। अब सातवें और आखिरी चरण के लिए 7 मार्च, 2022 को आखिरी चरण का मतदान होगा। इसी के मद्देनजर सीएम योगी ने शनिवार (5 मार्च, 2022) को आजमगढ़ जिले के अतरौलिया में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उससे पहले विपक्ष को 2007 में अजीत राय की हत्या के मामले में घेरते हुए उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का विरोध करने वाले हर राजनीतिक दल और संगठन को आजमगढ़ की जनता जड़ से उखाड़ फेंकेगी।

रैली के दौरान सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के दौरान सभी को फ्री में राशन भाजपा सरकार ने दिया, जबकि सपा के शासनकाल में तो गरीबों का अनाज सपा के गुंडे खा जाते थे, जबकि बीएसपी के शासनकाल में तो बहनजी के हाथी का पेट इतना बड़ा था कि वो खुद ही सब खा जाता था। सीएम योगी ने दावा किया कि अगर अजामगढ़ का सहयोग मिला तो भाजपा सरकार इस बार 330 का आँकड़ा पार करेगी। उन्होंने कहा कि 6 चरणों के चुनाव में जोरदार छक्के और चौके लगें हैं।

उन्होंने भाजपा सरकार बनने पर उज्ज्वला योजना के तहत हर गरीब को होली और दीवाली पर फ्री में मुफ्त रसोई सिलेंडर देने का वादा किया। उन्होंने बताया कि पिछले पाँच साल में पाँच लाख लोगों को नौकरी और 2 करोड़ लोगों को रोजगार से जोड़ा गया। सीएम योगी ने ये भी कहा कि हमने अभी एक करोड़ लोगों को टैबलेट और लैपटॉप दिया है, लेकिन 10 मार्च के बाद 2 करोड़ लोगों को इसमें जोड़ा जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा के विकास का जिक्र करते हुए बताया कि इनके लिए कब्रिस्तान की दीवारें विकास का प्रतीक हैं, लेकिन भाजपा के विकास का प्रतीक पूर्वांचल एक्सप्रेस वे है।

महाराजा सुहेलदेव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजमगढ़ में जो विश्वविद्यालय का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर ही होगा। महाराजा सुहेलदेव को मानने वाले लोग राम भक्त सरकार को ही चुनेंगे।

उन्होंने ये भी कहा कि विकास और बुलडोजर दोनों साथ-साथ चलने चाहिए। इसके लिए दमदार सरकार चाहिए। खानदानी लोगों को बाहर का रास्ता दिखाइए। बुलडोजर के डर से सपा-बसपा के लोगों ने 10 मार्च के बाद विदेश भागने की फिराक में हैं। सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की संवेदना प्रदेश के नौजवानों के साथ नहीं, बल्कि पेशवर, अपराधियों, माफियाओं और आतंकवादियों के साथ है।