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‘घाटी छोड़ो वरना मार दिए जाओगे’: ULF के आतंकी मार रहे यूपी-बिहार के लोगों को, 16 दिन में 11 हत्या-इनमें 5 गैर कश्मीरी

जम्मू-कश्मीर में गैर-मुस्लिमों पर होते हमले अब लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार (17 अक्टूबर) को भी वहाँ दो मजदूरों की हत्या हुई, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लश्कर से जुड़े आतंकी समूह यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट (ULF) ने ली और एक पत्र जारी कर धमकाया कि गैर-कश्मीरी घाटी छोड़ दें वरना उन्हें भी मार दिया जाएगा। बता दें कि रविवार को दो गैर-कश्मीरियों पर गोली चलाकर उन्हें मारा गया था जबकि 1 को घायल कर दिया गया था।

आतंकी समूह द्वारा इस पत्र को 17 अक्टूबर को जारी किया गया। इस पर यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर लिखा है और नीचे इस समूह के प्रवक्ता उमर वानी का नाम और स्टैम्प है। पत्र में कहा गया, “अस्सलाम वालेकुम, आज से पहले ‘स्वतंत्रता सेनानियों’ ने तीन गैर स्थानीय हिंदुत्ववादी लोगों को साउथ कश्मीर के कुलगाम के वानपोह इलाके में मारा था। हिंदुत्व कट्टरपंथियों ने बिहार में 200 मुस्लिमों को पिछले एक साल में मारा। जैसा कि पहले ही धमकी दी जा चुकी है कि वो लोग हमारी जमीन को छोड़ें वरना उन चीजों के लिए तैयार रहें। ये बदला लेने के लिए की गई स्ट्राइक्स थीं उन अत्याचारों के विरुद्ध जो भारतीय सेना मासूम नागरिकों पर करती है।”

आगे पत्र में कहा गया, “केवल एक हफ्ते में सेना ने हमारे 4 मासूम नागरिक नकली एनकाउंटर्स में शहीद कर दिए। सीआरपीएफ ने एक गरीब को भी अनंतनाग जिले के कोकरनाग में मारा था।”

आतंकी संगठन ने धमकी देते हुए पत्र में कहा है, “हम फिर हर गैर-कश्मीरी को हमारी जमीन छोड़ने को कहते हैं वरना वो परिणामों के लिए तैयार रहें। अगर सेना ने नागरिकों के विरुद्ध अत्याचार नहीं खत्म किया हमारे स्वतंत्रता सेना राजनेताओं और पुलिस के परिवार को निशाना बनाने में बिलकुल नहीं हिचकेंगे।”

ता दें कि जम्मू-कश्मीर में अब तक 11 लोगों की जानें चली गई हैं। हत्याओं को अंजाम देने का सिलसिला 2 अक्टूबर से शुरू हुआ था।

  • 2 अक्टूबर को मोहम्मद शफी डार को मारा गया था क्योंकि उन पर सुरक्षाबल से लिंक होने के आरोप थे।
  • 2 अक्टूबर को ही मजीद अहमद गोजरी की हत्या हुई थी। वह श्रीनगर के छतबाल निवासी थे। उन पर सेना की मदद करने के आरोप थे।
  • 5 अक्टूबर को 68 साल के माखन लाल बिंद्रू श्रीनगर में उन्हीं की फार्मेसी की दुकान पर मारे गए थे।
  • 5 अक्टूबर को ही श्रीनगर के लाल बाजार में एक सड़क किनारे खाने का सामान बेचने वाले वीरेंद्र पासवान को मारा गया था। वह भागलपुर के रहने वाले थे।
  • 5 अक्टूबर को मोहम्मद शफी लोन को आतंकियों द्वारा मारा गया। वह बांदीपोरा में टैक्सी स्टैंड अध्यक्ष थे और कैब चलाते थे।
  • 7 अक्टूबर को एक सरकारी स्कूल में घुसने के बाद आतंकियों ने सुपिंदर कौर और दीपक चंद नामक शिक्षकों को छाँट कर मारा। 
  • 16 अक्टूबर सगीर अहमद जो उत्तरप्रदेश के थे और कारपेंटर थे, उन्हें भी पुलावामा में मारा गया।
  • अरबिंद कुमार शाह भी बिहार के बांका से थे और श्रीनगर में गोलगप्पा बेचते थे। ईदगाह इलाके में गोलगप्पा बेचते समय उन्हें आतंकियों ने निशाना बनाया और गोली मार उन्हें खत्म कर दिया। इस पूरी घटना के बाद नीतीश कुमार ने 2 लाख का मुआवजा शाह के परिवार के लिए देने का वादा किया है।
  • 17 अक्टूबर को मारे गए राजा ऋषि देव भी बिहार के मजदूर थे। वह कुलगाम के वानपोह में रहते थे। उनके साथ जोगिंदर ऋषि देव को भी मारा गया है। ये घटना एक पूर्व एसएलए के आवास से नजदीक में हुई है। इस हमले में चुनचुन ऋषिदेव घायल हैं।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में होती इन घटनाओं की बाबत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से फोन पर बात की। उन्होंने राजा ऋषिदेव और जोगिंदर ऋषिदेव की हत्या एवं चुनचुन ऋषिदेव के घायल होने पर दुख जताया। नीतीश ने इस आतंकी हमले में मारे गए दोनों लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रूपए देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने श्रम संसाधन विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से मृतकों के परिजनों को नियमानुसार अन्य लाभ दिलाने का अधिकारियों को निर्देश दिया है।

आर्यन खान ड्रग्स केस: बिहार से भी कनेक्शन, मोतिहारी जेल में बंद उस्मान और अन्य को रिमांड पर लेगी NCB

आर्यन खान मामले में ड्रग्स रैकेट की जाँच कर रही NCB को अहम सुराग मिले हैं। इस रैकेट का कनेक्शन बिहार के मोतिहारी जेल से में बंद कुछ आरोपितों से जुड़ा पाया गया है। NCB की टीम मुंबई पुलिस के साथ मोतिहारी में डेरा डाले हुए है। जल्द ही NCB इन सभी को पूछताछ के लिए मुंबई ले जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस केस के विवेचक चकिया थाने के सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार हैं। उन्होंने रविवार (17 अक्टूबर 2021) को इस बात की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार मोतिहारी जेल में ड्रग तस्कर शिवशक्ति मंडल, मोहम्मद उस्मान, सत्यवीर यादव, विजय वंशी प्रसाद से NCB पूछताछ करेगी।

इन सभी को 7 दिनों के लिए मुंबई ले जाने के लिए NCB कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर रही है। ड्रग्स तस्कर शिवशक्ति मंडल पूर्वी मलाड का, मोहम्मद उस्मान शेख अंबेडकर सागर का, सत्यवीर यादव पूर्वी मलाड के क़ुरार गाँव का और विजय वंशी प्रसाद आनंदेश नगर अज़ाबाड़ा का रहने वाला है। मोतिहारी में NCB के साथ मुंबई की कांदीवली वेस्ट थाने की पुलिस भी है।

रिपोर्ट के अनुसार मुंबई क्रूज पार्टी में आर्यन खान के साथ गिरफ्तार किए गए 8 लोगों में एक मोतिहारी सेंट्रल जेल में बंद विजय वंशी प्रसाद का रिश्तेदार भी है। पूछताछ में मिली अहम जानकारी के बाद NCB ने मोतिहारी जेल में सम्पर्क किया। इसी के साथ NCB मुंबई ने बिहार के मुजफ्फरपुर टाउन और मोतिहारी के चकिया थाने से जेल काट रहे उन ड्रग्स तस्करों का ब्यौरा माँगा था जिनके कनेक्शन नेपाल और महाराष्ट्र से जुड़े थे।

आर्यन खान के साथ हुई गिरफ्तारियों के बाद बड़े खुलासे हो रहे हैं। मुंबई के ड्रग्स सप्लायरों का जाल उत्तर बिहार और नेपाल तक फैला पाया गया। इसी के साथ मुजफ्फरपुर की जेल में बंद तीन नेपाली और 3 स्थानीय तस्कर भी जाँच के दायरे में हैं।

जानकारी के मुताबिक ड्रग्स की इस सप्लाई के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस सिंडिकेट का सरगना टार्जन नाम से चर्चित दीपक यादव है जो मुंबई के मलाड वेस्ट में रहंता है। इसी के रैकेट में उस्मान, विजय, प्रकाश, सात्विक, संजय, गौरव, बांसो और रुपेश आदि जुड़े हुए हैं। पिछले साल 19 सितंबर 2020 को मोतिहारी की चकिया पुलिस ने चकिया से उस्मान व विजय वंशी को भारी मात्रा में गांजा के साथ गिरफ्तार किया था।

कश्मीर घाटी में गैर-कश्मीरियों को सुरक्षाबलों के कैंप में शिफ्ट करने की एडवाइजरी, आईजी ने किया खंडन

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा गैर-कश्मीरियों को टारगेट कर उनकी हत्या की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में द्वावा किया गया है कि प्रशासन ने घाटी में रहने वाले गैर-कश्मीरी लोगों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी किया है। इसके तहत सभी जिलों के प्रशासन को उनके क्षेत्र में रहने वाले सभी गैर-कश्मीरियों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सेना अथवा पुलिस के कैंपों में शिफ्ट करने के लिए कहा गया है। हालाँकि, कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने इस खबर का खंडन किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) विजय कुमार ने घाटी में गैर-स्थानीय लोगों को निकटतम पुलिस एवं सैन्य शिविरों में स्थानांतरित करने के कथित आदेश का रविवार को पूरी तरह नकार दिया। समाचार एजेंसी केएनओ के मुताबिक, आईजीपी ने कहा, “ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है। यह गलत खबर है।”

गौरतलब है कि रविवार को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों की पहचान बिहार निवासी राजा और जोगिंदर देव के रूप में हुई है। वहीं, घायल व्यक्ति की पहचान चुनचुन देव के रूप में हुई है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “हम अपने कमरे में बैठे थे, तभी हमारा एक साथी आया और कहा कि हमारे तीन लोगों को गोली मार दी गई है। हम उन्हें अस्पताल ले गए, जहाँ दो को मृत घोषित कर दिया गया।”

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “उन्हें (मजदूरों को) आतंकवादियों ने छह गोलियाँ मारी थीं। मुझे नहीं पता कि कमरे के अंदर कितने बंदूकधारी थे।” एक अनुमान के मुताबिक, इस समय घाटी में 50 हजार से अधिक मजदूर रह रहे हैं। बता दें कि पिछले 15 दिनों में कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा 11 नागरिकों की हत्या कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि रविवार को दो गैर-कश्मीरी युवकों की हत्या के बाद से खबर आ रही है कश्मीर घाटी के सभी जिलों के गैर-कश्मीरियों को सुरक्षाबलों के कैंपों में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है।

डायरेक्टर ने फिल्म में काम के बदले ‘सेक्स’ की रखी डिमांड, कास्टिंग काउच की शिकार एक्ट्रेस डोनल बिष्ट ने बयाँ की सच्चाई

कास्टिंग काउच फिल्म इंडस्ट्री की ऐसी काली सच्चाई है, जिसके बारे में जानते सभी हैं, लेकिन बात करने से कतराते हैं। इसके बावजूद पीड़ित सामने आकर अपनी व्यथा व्यक्त करते रहते हैं। इसकी शिकार फिल्म अभिनेत्री डोनल बिष्ट भी हो चुकी हैं। डोनल ने बताया कि जब वो एक डायरेक्टर के पास काम माँगने के लिए गई थीं तो उसने काम के बदले सेक्स करने के लिए कहा।

बिग बॉस की कंटेस्टेंट डोनल बिस्ट का पिछले साल दिसंबर 2020 का एक इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने उस काले अतीत का खुलासा किया है। डोनल ने मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया है कि फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद उनके संघर्ष के दिनों में डायरेक्टर से काम के सिलसिले में मिलीं तो उसने कॉम्प्रोमाइज करने को कहा। इस घटना ने उन्हें कई सप्ताह तक काफी परेशान किया।

डोनल कहती हैं, “मैं अपने काम की पूजा करती हूँ। मुझे इस बात का विश्वास था कि भले ही थोड़ा अधिक स्ट्रगल करना पड़े, लेकिन मैं इंडस्ट्री में अपनी मेहनत से अपना मुकाम हासिल करूँगी। इसीलिए उस घटना के बाद मैंने उस व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी।” डोनल से काम के बदले साथ सोने के लिए कहने वाला साउथ की फिल्मों का डायरेक्टर था। हालाँकि, फिल्मों में काम नहीं मिलने के बाद डोनल ने टीवी इंडस्ट्री का रूख किया। यहाँ उन्होंने अपने लिए काम तलाशे।

फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले डोनल बिष्ट दिल्ली में एक पत्रकार हुआ करती थीं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की थी। डोनल कहती हैं कि जब वो पत्रकारिता कर रही थीं तो उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि वो फिल्म इंडस्ट्री के लिए ही बनी हैं।

बहरहाल डोनल अकेली नहीं हैं, जो कास्टिंग काउच का शिकार हुई हैं। इसी महीने ‘साथ निभाना साथिया-2’ की एक्ट्रेस स्नेहा जैन ने भी अपने साथ हुई कास्टिंग काउच की घटना का खुलासा किया था। उन्होंने कहा कि जब वह ग्रेजुएशन में थीं, उस दौरान साउथ की फिल्मों के एक कास्टिंग डायरेक्टर ने उन्हें फोन किया था। स्टूडेंट लाइफ पर बनने वाली एक फ‍िल्‍म के लिए उनसे बात की थी।

स्नेहा जैन ने कहा, “जब मैं उस आदमी से मिली तो उसने मुझसे कॉम्प्रोमाइज करने के लिए कहा। मैं तो हैरान रह गई। उसने कहा कि कॉम्प्रोमाइज करते ही मैं डायरेक्टर से मिल सकती हूँ। मेकर्स मुझे फिल्म में काम करने के लिए मोटी रकम भी देंगे। उस आदमी ने कहा कि बस मुझे उसके साथ पूरा दिन बिताना होगा। मुझे यकीन हो गया था कि मैं गलत जगह फँस गई हूँ। मैंने उस आदमी को साफ मना कर दिया।”

दुर्गा पूजा जुलूस में लोगों को कुचलने वाला ड्राइवर मोहम्मद उमर गिरफ्तार, नदीम फरार, भीड़ में कई बार गाड़ी आगे-पीछे किया था

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार (17 अक्टूबर, 2021) की रात दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं को एक कार कुचलती हुई निकल गई। कार के ड्राइवर का नाम मोहम्मद उमर है, जो भानपुर मल्टी छोला का रहने वाला है। उसके साथ अशोक गार्डन का नदीम बैठा हुआ था। जहाँ 23 वर्षीय मोहम्मद उमर को गिरफ्तार कर लिया गया है, 22 वर्षीय नदीम की तलाश जारी है।

पूछताछ में मोहम्मद उमर ने उगला है कि घटना के बाद वो द्वारिका नगर होते हुए छोला पहुँचा था। वारदात के बाद भी वो पूरे शहर में घूमता रहा। ऐशबाग इलाके से उसे पुलिस ने धर दबोचा। बकौल उमर, वो रात को चाय-नशा और सिगरेट पीने के लिए रेलवे स्टेशन गया हुआ था। वो अपने साथी नदीम को उसके घर छोड़ने जा रहा था। स्टेशन के प्रवेश द्वार के सामने से झाँकी निकल रही थी। सड़क पर भीड़ लगी थी।

मोहम्मद उमर का कहना है कि उसे लगा कि कार भीड़ में से निकल जाएगी, लेकिन एक बच्चे के ऊपर कार का पहिया चढ़ जाने के कारण वो चीखने लगा और भीड़ आक्रोशित हो गई। ड्राइवर का कहना है कि कार को घेर कर कुछ युवक कहासुनी करने लगे और गाड़ी के शीशे फोड़ने लगे, जिसके बाद भागने के चक्कर में उसने कार को रिवर्स किया क्योंकि आगे जगह नहीं थी। मोहम्मद उमर का कहना है कि इसी चक्कर में लोग घायल हुए।

इसके बाद उसने जीआरपी थाने के पास कार को टर्न किया और पूरे शहर में घूमता रहा। ‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, इस घटना में चांदबड़ बजरिया निवासी रोशन शाक्या, यश साहू, सुरेन्द्र सेन, चित्रांश सिंह साहू घायल हो गए थे। रोशन का लालघाटी स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। उनकी हालत गंभीर है। उनके सिर, पैर, हाथ में गंभीर चोट लगी है। अन्य घायलों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।

मोहम्मद उमर कार को बेंगलुरु से लेकर आया था और उसे इंदौर जाना था। उमर और नदीम, दोनों ही पेशे से ड्राइवर हैं और कार को डिलीवर करते हैं। जहाँगीराबाद सीएसपी अभिनव विश्वकर्मा ने जानकारी दी है कि मेडिकल जाँच में ड्राइवर के शराब के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई है। कार को जब्त कर लिया गया है। वहाँ मौजूद श्रद्धालुओं का कहना है कि ड्राइवर ने कई बार कार को आगे-पीछे कर के लोगों को कुचला।

घायल रोशन शाक्य का कहना है कि उन्हें गाड़ी से 10 मीटर तक घसीटा गया। शोर मचाने के बावजूद ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और 200 मीटर रिवर्स कर भागा। लोगों का कहना है कि वो नशे में भी था। रोशन के सिर से काफी खून बह रहा था और वो बेहोश हो गए थे। घायल सुरेंद्र सेन ने बताया कि उनके पाँव पर गाड़ी चढ़ा कर रफ़्तार बढ़ा दी। लोगों ने उसे आगे जाने से रोका, लेकिन फिर भी ड्राइवर ने बात नहीं मानी।

जम्मू-कश्मीर: आतंकियों ने दो और गैर-कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की, गोलीबारी में एक घायल, मरने वाले दोनों बिहारी

जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार द्वारा कश्मीरी पंडितों को फिर से बसाए जाने की घोषणा के बाद से आतंकी बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में वो कश्मीर में रहने वाले गैर-मुस्लिमों और गैर-कश्मीरियों को टारगेट कर लगातार उन पर जानलेवा हमले कर रहे हैं। ताजा मामला दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम का है, जहाँ आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की बेरहमी से हत्या कर दी है। बता दें कि पिछले 15 दिनों में कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा 11 नागरिकों की हत्या कर दी गई है।

मृतकों की पहचान बिहार निवासी राजा और जोगिंदर देव के रूप में हुई है। वहीं, घायल व्यक्ति की पहचान चुनचुन देव के रूप में हुई है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “हम अपने कमरे में बैठे थे जब हमारा एक साथी आया और कहा कि हमारे तीन लोगों को गोली मार दी गई है। हम उन्हें अस्पताल ले गए, जहाँ दो को मृत घोषित कर दिया गया।”

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “उन्हें (मजदूरों को) आतंकवादियों ने छह गोलियाँ मारी थीं। मुझे नहीं पता कि कमरे के अंदर कितने बंदूकधारी थे।” एक अनुमान के मुताबिक इस समय घाटी में 50 हजार से अधिक मजदूर रह रहे हैं।

इस घटना की पुष्टि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कर दी है। राज्य की पुलिस की ओर से बताया गया है कि कुलगाम के वानपोह इलाके में स्थित दो गैर-स्थानीय मजदूरों के घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस आतंकवादी घटना में 2 लोग मारे गए और 1 घायल हुआ है। फिलहाल, सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान छेड़ दिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार (16 अक्टूबर 2021) को श्रीनगर में भी आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरियों को निशाना बनाया था। इसमें श्रीनगर के ईदगाह इलाके में रेहड़ी लगाने वाले बिहार के एक निवासी को गोली मार दी गई, जो वहाँ पानी-पूरी बेचने थे। मृतक का नाम अरविंद कुमार साह था। उन्हें गंभीर स्थिति में ही श्रीनगर SMHS ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वो बिहार के बाँका जिले के रहने वाले थे। उन्हें ईदगाह पार्क के बाहर गोली मारी गई थी।

वहीं, आतंकियों ने पुलवामा में उत्तर प्रदेश के रहने वाले सगीर अहमद नाम के शख्स को गोली मार दी थी, जो मिस्त्री का काम करते थे। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को निंदनीय बताया था। हालाँकि, शनिवार को ही सेना ने पुलवामा के पंपोर में लश्कर ए तैयबा के टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे समेत 2 आतंकियों को मार कर ढेर कर दिया था।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की टारगेटेड किलिंग के बाद उनका सफाया करने के लिए सेना ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ लॉन्च किया है। इसके तहत सेना ने अक्टबूर महीने में अब तक 11 आतंकियों को ढेर कर दिया है।

‘करवा चौथ नहीं करूँगी, मैं और मेरे पति इसमें यकीन नहीं रखते’: अनिल कपूर की बेटी ने कहा – इससे जुड़े विज्ञापन के लिए संपर्क न करें

अनिल कपूर की छोटी बेटी रिया कपूर ने कहा है कि उन्हें करवा चौथ के गिफ्ट नहीं चाहिए, क्योंकि वो इस त्योहार में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए कहा कि कोई करवा चौथ त्योहार से जुड़े ब्रांड इंडोर्समेंट के लिए उनसे कोई संपर्क न करे, क्योंकि वो उस चीज को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं जिसमें उन्हें यकीन नहीं। उन्होंने कहा कि अन्य जोड़े जो इसे मनाते हैं, उनका वो सम्मान करती हैं और वो इसे एन्जॉय कर सकते हैं।

रिया कपूर ने रविवार (17 अक्टूबर, 2021) को ‘हैप्पी संडे’ लिख कर अपने इंस्टाग्राम स्टोरी की शुरुआत की और उसमें आगे लिखा, “ये सिर्फ मेरे लिए नहीं है, या सिर्फ हमारे लिए। मैं ऐसा हरगिज नहीं कर सकती कि मैं किसी ऐसी चीज को आगे बढ़ाऊँ जिस पर मैं विश्वास नहीं करती या फिर जिसकी भावना से मैं सहमत नहीं हूँ। मेरा मानना है कि अगर हम अपना और एक-दूसरे का ख्याल रखेंगे तो हम ठीक रहेंगे।”

फिल्म अभिनेत्री सोनम कपूर की छोटी बहन रिया ने कहा कि उन्हें ये पोस्ट लिखने की ज़रूरत इसीलिए पड़ गई क्योंकि कुछ अपरिचित लोग चाहते हैं कि वो मुझे आक्रामक रूप से ये एहसास दिलाएँ कि इस विचार के कारण मैं ‘मूर्ख’ हूँ। उन्होंने लिखा, “लोग कह रहे हैं कि ये मेरा पहला करवा चौथ है, इसीलिए मुझे करना चाहिए। नहीं। धन्यवाद। आइए, आगे बढ़ें? अगर आपने पढ़ा तो इसके लिए धन्यवाद।”

करवा चौथ व्रत पर रिया कपूर की इंस्टाग्राम स्टोरी

बता दें कि अगस्त 2021 में ही रिया कपूर और करण बलूनी की शादी हुई है। रिया का कहना है कि करण भी इस त्योहार में यकीन नहीं रखते। मुंबई स्थित अनिल कपूर के आवास पर शादी समारोह आयोजित किया गया था। इसमें केवल करीबी लोगों को ही निमंत्रित किया गया था। वो अपनी बहन के साथ Rheson नाम का एक फैशन ब्रांड भी चलाती हैं। उन्होंने ‘आयशा (2010)’, ‘खूबसूरत (2014)’ ‘वीरे दी वेडिंग (2015)’ जैसी फिल्मों का निर्माण भी किया है।

ड्रग तस्करी के आरोप में BSP नेता गिरफ्तार, पाकिस्तान से मँगवाई ₹34 करोड़ की हेरोइन: बम ब्लास्ट से जुड़े हो सकते हैं तार

पंजाब में राजनीति की आड़ में ड्रग तस्करी करने का एक मामला सामने आया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता दीदार सिंह को ड्रग तस्करी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी दीदार सिंह से पुलिस ने पाकिस्तान से मँगवाए गए 34 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की थी। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था, जिसमें अहम जानकारियाँ निकल कर सामने आई हैं।

अमर उजाला के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को अहम जानकारियाँ दी हैं, जिनका पुलिस जल्द ही खुलासा करेगी। दरअसल, पुलिस ने दीदार सिंह की निशानदेही पर छह किलोग्राम 610 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। यह हेरोइन सरहद स्थित बीएसएफ की टापू टौकी के नजदीक फेंसिंग पार खेत में रखे एक प्लास्टिक की बोरी से बरामद की गई थी। दीदार सिंह ने ये हेरोइन पाकिस्तान तस्करों से मँगवाई थी। बताया जा रहा कि दीदार सिंह के पाकिस्तान के ड्रग तस्करों से गहरे संबंध हैं।

पुलिस सूत्रों के हवाले से की गई अमर उजाला के रिपोर्ट के अनुसार, बसपा नेता दीदार सिंह ने पूछताछ दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। इससे ड्रग के धंधे में शामिल लोगों को सिंडिकेट को तोड़ने में पुलिस को आसानी होगी। वहीं, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी दीदार से गहन पूछताछ कर रहे हैं।

आशंका जाहिर की जा रही है कि दीदार सिंह के संबंध जलालाबाद में बम धमाका करने वाले जीजा-साले से तो नहीं है। जलालाबाद ब्लास्ट में फिरोजपुर के सीमांत गाँव चाँदी वाला निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा और फाजिल्का जिले के जलालाबाद तहसील के धर्मूवाला निवासी प्रवीन कुमार (जीजा) का नाम है। इसमें प्रवीन कुमार जीजा और सुखविंदर उसका साला है।

दीदार सिंह की पृष्ठभूमि भी आपराधिक रही है। उसके पास से पहले एक अवैध पिस्तौल बरामद की जा चुकी है। इस संबंध में मामला भी दर्ज है। राजनीति की बात करें तो दीदार सिंह वर्ष 2012 में बसपा की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है। इससे पहले वह अपने गाँव का सरपंच भी रह चुका है।
 
इस मामले में एसपी (ऑपरेशन) गुरमीत सिंह चीमा का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जानकारियों को मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपी से फिलहाल पूछताछ जारी है।

‘यहाँ क्यों बैठे हो, सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर रोक लगा रखी है न?’: निहंगों ने किसान नेताओं को फटकारा, कहा – कानून की बात मत करो

​सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर लखबीर सिंह की निर्मम हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सिंघु बॉर्डर पर बैठे निहंग जत्थेबंदियों ने हरियाणा पुलिस को धमकी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार (16 अक्टूबर 2021) रात को भगवंत सिंह और गोबिंदप्रीत सिंह के सरेंडर के बाद निहंगों ने कहा है कि अब वे अपने किसी और साथी का सरेंडर नहीं करवाएँगे। साथ ही निहंगों ने सोनीपत पुलिस-प्रशासन को धमकी भी दी है कि अब अगर किसी और निहंग को गिरफ्तार करने की बात की गई तो वे अपने उन चारों साथियों को भी छुड़वा लाएँगे, जिन्होंने इस मामले में सरेंडर किया है।

सिंघु बॉर्डर पर भगवंत सिंह और गोबिंदप्रीत सिंह के सरेंडर के बाद निहंग बाबा राजा राम सिंह ने कहा, ”प्रशासन अब हमसे और गिरफ्तारियाँ न माँगे। अगर पुलिस अधिकारियों ने किसी होर नू गिरफ्तार करण दी गल्ल कित्ती तां जेहड़े चार बंदे (आदमी) अंदर हैं, अस्सी ओहनां नूं वी बाहर कड्ढ ल्यावांगे।”

निहंग सरदारों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के कहा, “कुंडली बॉर्डर पर ग्रंथ की बेअदबी हुई है, जिसकी जाँच होनी चाहिए। अगर इसकी जाँच निष्पक्ष हुई तो बड़ा कांड निकलकर सामने आएगा। सरकार सिखों को आतंकवादी कह रही है, जबकि वह खुद आतंकवादी है।” निहंग सरदारों ने सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि ग्रंथ की बेअदबी नहीं होने देंगे। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के आला नेताओं के बयानों पर निहंग सरदारों ने कहा कि अगर वो क़ानून की बात करते हैं तो यहाँ क्यों बैठे हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 2 साल का स्टे कानूनों पर लगा रखा है।

दरअसल, जिन तीन आरोपितों को लखबीर सिंह की हत्या के मामले में सोनीपत क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में पेश किया गया था उनका नाम नारायण सिंह, भगवंत सिंह व गोविंद प्रीत सिंह है। कोर्ट में तीनों ने कबूल कर लिया है कि उन्होंने ही लखबीर की हत्या की थी। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपितों को 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

मालूम हो कि निहंग नारायण सिंह ने हैवानियत की हदें पार करते हुए लखबीर सिंह का हाथ काट दिया था, जिसके बाद वह 45 मिनट तक तड़पता रहा था। पुलिस के मुताबिक, जब निहंग नारायण को पता चला कि लखबीर सिंह जिंदा है तो उसने अपनी तलवार से उसके पैर को तीन वार से काट दिया। इसके बाद अन्य लोगों ने लखबीर के शव को किसान आंदोलन के पास लगे पुलिस बैरिकेड्स पर लटका दिया था। स्थानीय लोगों ने बताया था कि हमले के बाद वह करीब 45 मिनट तक तड़पता रहा था। पुलिस की पूछताछ में नारायण सिंह ने यह भी कहा था कि उसे इस बात का कोई पछतावा नहीं है, क्‍योंकि लखबीर सिंह ने सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी की थी।

गौरतलब है कि नारायण सिंह की गिरफ़्तारी से पहले उसे अमृतसर में सिख समुदाय के बीच सम्मानित भी किया गया था। श्री अकाल तख्त साहिब पर आत्मसमर्पण करने जा रहे नारायण सिंह तरना दल निहंग जत्थेबंदी का सदस्य है। सोनीपत जिले को कुंडली थाने की पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया गया है, जो उसे लेने पहुँच रही है। अमृतसर में एक प्रमुख सिख धार्मिक स्थल पर उसे सम्मानित करते हुए नोटों की माला भी पहनाई गई थी।

‘हम देश को जाति-क्षेत्र और मजहब के आधार पर बँटने नहीं देंगे, दंगा किया…तो सात पुश्तें भरेंगी’: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि पहले दिन ही प्रदेश के दंगाइयों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया था कि अगर कोई भी दंगा करेगा तो उसकी सात पीढ़ियों को इसकी भरपाई करनी होगी। राज्य में पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं, अब दंगे नहीं हो सकेंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर करारा हमला किया और कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जिसका भी शासन रहा वो आम जनता के विकास की बातें तो करते थे, लेकिन विकास केवल उनके अपने परिवार का ही हुआ। उन्हें अपने और अपने परिवार के अलावा राष्ट्र के बारे में कोई भी चिंता नहीं थी। इसका परिणाम यह हुआ कि बेरोजगारी और बदहाली ने राज्य को दंगों की आग में झुलसा दिया। अब जब राज्य विकास की राह पर चल निकला है तो उनको यह सुहा नहीं रहा है।

जाति-मजहब के आधार पर देश को बंटने नहीं देंगे

सीएम योगी ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवादी विचारधारा के आधार पर काम करती है और इसका मूल मंत्र ही ‘सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे भवंतु निरामया’ रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2013 में देश को सबका साथ सबका विकास का जो मंत्र दिया था, उसका अर्थ यह है कि हम देश को जाति, क्षेत्र और मजहब के आधार पर बंटने नहीं देंगे। सभी के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे और दबे-कुचले लोगों को आवाज देंगे।

सीएम ने कहा कि अगर समाज में कोई भी व्यक्ति विपन्न या दुखी रहता है तो वो समाज कभी खुशहाल नहीं रह सकता है। समाज की खुशहाली का आधार तब तैयार होता है, जब स्वयं के स्तर पर अथवा शासन के स्तर पर सभी कमियों को पूरा किया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं के बारे में बात करते हुए सीएम ने कहा कि बीते सात सालों में समाज के गरीब तबके के विकास के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने अभियान चलाया है। इसी के तहत प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत घर और स्वच्छ भारत योजना के तहत सभी के घरों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। हम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 42 लाख आवास बना रहे हैं। 2017 से पहले लोगों के घरों में शौचालय नहीं बनाए जा रहे थे, लेकिन हमने 2 करोड़ 61 लाख शौचालयों का निर्माण किया।

मूर्त कला पर की बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया, “मिट्टी के बने बर्तनों और उससे अन्य वस्तुएँ बनाने वाले उद्योग से जुड़े लोगों के विकास के लिए हमने 2017 में ही ‘माटी कला बोर्ड’ का गठन किया था, ताकि समाज के इस तबके का विकास हो सके। यही आज मैं आपसे कहने आया हूँ कि इस साल मुझे रिपोर्ट मिली कि प्रदेश में 41,000 से अधिक जगहों पर मूर्तियाँ स्थापित की गई थीं। आप सोचिए इससे कितने लोगों को रोजगार मिला होगा। इससे पंडाल लगाने वाले, मूर्ति बनाने वाले, फूल वाले आदि को रोजगार का एक चक्र बना। इन सब के साथ ही त्योहार और पर्व भी खुशी से मनाए गए।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2015-16 के दौरान प्रदेश के गरीब छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं दी गई थी, लेकिन बीते चार सालों में हमारी सरकार ने प्रदेश के 30,63,085 विद्यार्थियों को 627 करोड़ 49 लाख रुपए की छात्रवृति दी है। इसके अलावा 2021-22 वर्ष के 38 लाख 175 छात्र-छात्राओं के खातों में अब तक 8 करोड़ 64 लाख रुपए की धनराशि डाली जा चुकी है।