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सागर धनखड़ की हत्या के मामले में आरोपित पहलवान सुशील कुमार साथी अजय के साथ गिरफ्तार

अपडेट: “दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में आरोपित पहलवान सुशील कुमार और उनके साथी अजय कुमार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पहलवान सागर की हत्या के बाद से ही दोनों फरार चल रहे थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार (23 मई, 2021) को पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में आरोपित पहलवान सुशील कुमार और उनके साथी अजय कुमार को तब गिरफ्तार किया जब दोनों कार छोड़कर स्कूटी से किसी से मिलने जा रहे थे। हालाँकि शनिवार को यह अफवाह उड़ती रही कि दोनों आरोपितों को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया गया है।”

उल्लेखनीय है कि छत्रसाल स्टेडियम में 4 मई 2021 को जूनियर चैंपियनशिप विजेता सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों के साथ दूसरे पहलवानों ने मारपीट की थी। बाद में सागर की मौत हो गई थी। उनके साथियों ने बताया कि घटना के समय सुशील कुमार वहीं मौजूद थे।

इसके बाद मॉडल टाउन में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। रोहिणी के फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सबूत भी जुटाए। लेकिन, जब दिल्ली पुलिस सुशील कुमार के घर पहुँची तो वह वहाँ से गायब थे। उसके बाद से ही सुशील कुमार की तलाश जारी है। उनके ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस भी जारी हुआ था। साथ ही दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार के ऊपर 1 लाख रुपए और उनके साथी अजय कुमार के ऊपर 50,000 रुपए का ईनाम भी रखा था।

इससे पहले इस मामले में 24 साल के प्रिंस दलाल को गिरफ्तार किया गया था। वह हरियाणा के झज्जर का रहने वाला है। छत्रसाल स्टेडियम में हुई झड़प के दौरान फायरिंग भी हुई थी। दलाल को डबल बैरेल लोडेड बंदूक के साथ दबोचा गया था।

पहलवान सुशील कुमार नेशनल लेवल के कुश्ती चैंपियन हैं। इसके अलावा 2008 के बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने काँस्य पदक हासिल किया था। 2012 के ओलंपिक में भी सुशील कुमार रजत पदक जीतने में सफल रहे थे।  

ट्विटर ने ‘कॉन्ग्रेस टूलकिट’ शेयर करने वाले कुछ और बीजेपी नेताओं के ट्वीट को दिया ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ टैग: बढ़ा सरकार से रार

कॉन्ग्रेस के टूलकिट को शेयर करने पर ‘मैनिपुलेटेड मीडिया (Manipulated Media)’ का टैग लगाने के मामले में केंद्र सरकार द्वारा फटकारने के एक दिन बाद ही ट्विटर 5 और ट्वीट्स को ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ टैग लगा दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा संबित पात्रा के एक ट्वीट को “मैनिपुलेटेड मीडिया” करार दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने आपत्ति जताई थी।

सोशल मीडिया साइट्स ने शनिवार (22 मई 2021) को राज्यसभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे, भाजपा की राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी प्रीति गाँधी, आंध्र प्रदेश के सह प्रभारी सुनील देवधर, भाजपा की मीडिया पैनलिस्ट चारू प्रज्ञा और दिल्ली भाजपा के महासचिव कुलजीत सिंह चहल के ट्वीट में “मैनिपुलेटेड मीडिया” का टैग लगा दिया है। इसके अलावा “कॉन्ग्रेस टूलकिट” शेयर करने वाले कई अन्य लोगों के ट्वीट्स में भी “मैनिपुलेटेड मीडिया” का टैग लगाया गया है।

ये हैं वो ट्वीट जिन्हें “मैनिपुलेटेड मीडिया” टैग मिला है

आंध्र प्रदेश बीजेपी के सह प्रभारी सुनील देवधर
दिल्ली बीजेपी के महासचिव कुलजीत सिंह चहल
भाजपा की मीडिया पैनलिस्ट चारू प्रज्ञा के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
राज्यसभा सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
बीजेपी की राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी प्रीति गाँधी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

ट्विटर ने टीम भारत नाम के यूजर द्वारा “कॉन्ग्रेस टूलकिट” को शेयर करने पर उसे “मैनिपुलेटेड मीडिया” करार दिया है।

टीम भारत द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इससे पहले शुक्रवार (21 मई 2021) को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर से यह टैग हटाने के लिए कहा था। मंत्रालय ने कहा था कि टूलकिट सही है या गलत यह एजेंसियाँ तय करेंगी न कि ट्विटर।

मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है, “भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय भारतीय राजनीतिक नेताओं द्वारा किए गए कुछ ट्वीट्स पर “मैनिपुलेटेड मीडिया” का टैग लगाने पर ऐतराज जताते हुए ट्विटर की ग्लोबल टीम को पत्र लिखा है। कॉन्ग्रेस ने कोरोना महामारी के खिलाफ सरकार की कोशिशों को कमजोर करने, उसे पटरी से उतारने और सरकार को नीचा दिखाने के लिए यह टूलकिट बनाई थी।”

सूत्रों के मुताबिक, “ट्विटर के द्वारा “मैनिपुलेटेड मीडिया” का टैग लगाया जाना पूर्वधारणा और पूर्वाग्रह से ग्रसित दिखाई देता है। इससे ऐसा लगता है कि जानबूझकर ट्विटर स्थानीय कानूनी एजेंसियों की जाँच को प्रभावित करता है। मंत्रालय ने ट्विटर की इस एकतरफा कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसे जाँच की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया है।”

सरकार के अनुरोध को दरकिनार करने से ऐसा लगता है कि ट्विटर भारतीय अधिकारियों के साथ चल रहे अपने झगड़े को बढ़ाना चाहता है। ऐसा प्रतीत होता है कि ट्विटर ने भारतीय अधिकारियों के साथ अपने चल रहे झगड़े को बढ़ाने का फैसला कर लिया है।

केजरीवाल ने दिल्ली में युवाओं के लिए वैक्सीनेशन सेंटर किए बंद: केंद्र को फिर ठहराया जिम्मेदार, दूसरी लहर में 400+ डॉक्टर्स की मौत

दिल्ली में शनिवार ( 22 मई 2021) से युवाओं (18 से 44 साल) के लिए वैक्सीनेशन सेंटर बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अरविंद केजरीवाल इस मामले पर हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”हमें दुख है कि युवाओं के लिए वैक्सीनेशन सेंटर बंद करने पड़ रहे हैं। केंद्र से हमने और वैक्सीन की माँग की है। जैसे ही वैक्सीन मिलेगी, दोबारा सेंटर खोलेंगे।”

उन्होंने कहा, “दिल्ली को ढाई करोड़ वैक्सीन की जरूरत है। मई में दिल्ली को 16 लाख वैक्सीन दी गई और जून में इसे घटाकर 8 लाख कर दिया गया है। ऐसा केंद्र की तरफ से कहा गया है। अगर इसी गति से वैक्सीन मिली तो वैक्सीन लगाने में हमें 30 महीने लग जाएँगे।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वैक्सीन की कमी की वजह से देश में बहुत मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं। कोरोना से लोगों की जान बचाने के लिए वैक्सीन ही एक मात्र उपाय है। देश में वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को चार सुझाव दिए गए हैं। भारतीय बायोटेक कंपनी अपनी फॉर्मूला बताने के लिए तैयार हो गई है। केंद्र सरकार उन सभी कंपनियों को 24 घंटों के अंदर आदेश दे कि वे युद्ध स्तर पर भारत में वैक्सीन का उत्पादन करें। भारत सरकार इन विदेशी कंपनियों और वहाँ की सरकार से बात करे। इसके अलावा, भारत में सभी विदेशी वैक्सीन के इस्तेमाल की तुरंत इजाजत दी जाए।।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, राजधानी में शुक्रवार (21 मई 2021) तक 49.67 लाख लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है। इनमें से 38.44 लाख ऐसे हैं, जिन्हें पहली डोज लगी है, जबकि 11.23 लाख लोगों को दोनों डोज लग चुकी है।

वहीं, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में देश भर के 400 से ज्यादा डॉक्टरों को अपनी जान गँवानी पड़ी है। इसमें अकेले दिल्ली में 100 डॉक्टरों की कोरोना के कारण मौत हो गई है। 420 डॉक्टर्स की लिस्ट जारी हुई है जिन्होंने कोरोना की इस लहर में जान गवाई।

बता दें कि दिल्ली और महाराष्ट्र में चिकित्सा सुविधाएँ नहीं होने के कोरोना काल में कई लोगों ने दम तोड़ दिया। देश भर में इन दोनों राज्यों में सबसे अधिक कोरोना के नए मामले सामने आए और ​कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं।

राजस्थान के डूंगरपुर में 10 दिनों में 315 बच्चे कोरोना+, लॉकडाउन तोड़ कर मस्जिद में नमाज भी इसी जिले में

कोरोना वायरस का संक्रमण अब राजस्थान के गाँवों में तेजी से फैल रहा है लेकिन खतरे की बात यह है कि संक्रमण के शिकार अब बच्चे भी हो रहे हैं। बच्चों में फैल रहे इस संक्रमण का ताजा मामला राजस्थान के डूंगरपुर से आया है, जहाँ 18 वर्ष से कम के 300 से अधिक बच्चे Covid-19 संक्रमित हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान में पिछले 10 से 12 दिनों में 500 से अधिक बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण का मामला सामने आया है। इनमें से अधिकांश बच्चे डूंगरपुर जिले के हैं, जहाँ 500 से अधिक बच्चे संक्रमित हैं। पिछले 10 दिनों में ही डूंगरपुर में लगभग 315 बच्चे संक्रमित हुए हैं।

डूंगरपुर के सीएमएचो डॉ. राजेश शर्मा ने रिपब्लिक चैनल को बताया कि जिले में 12 से 22 मई के बीच 0-19 साल के 315 बच्चे संक्रमित हुए हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार सभी बच्चों को होम आइसोलेट करके उनका उपचार चल रहा है।

हाल ही में डूंगरपुर से ही खबर आई थी कि जिले की एक स्थानीय मस्जिद में लॉकडाउन के नियमों को तोड़ कर बड़ी संख्या में मुस्लिम इकट्ठा हुए थे। खबर शुक्रवार (14 मई) की है। ज्ञात हो कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में 14 दिनों का कड़ा लॉकडाउन लगा रखा है। इसके बावजूद भी मस्जिद में कई मुस्लिम बड़ी संख्या में ईद की नमाज के लिए जुटे थे।

शुक्रवार (21 मई) को राजस्थान में कोरोना वायरस के 6,225 संक्रमण के नए मामले सामने आए। साथ ही 129 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई है। राज्य में Covid-19 संक्रमितों की कुल सँख्या बढ़कर 9,03,418 हो गई है। इनमें से सक्रिय मरीजों की सँख्या 1,31,806 है। राज्य में कुल 7,475 मौतें हुई हैं।

मुंबई में कुत्तों से रेप… नागपुर के रंजीत 190+ कुत्तों को खिलाते हैं चिकन बिरयानी, 11 सालों से कर रहे सेवा

ऐसे समय में जब मुंबई से कुछ ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहाँ जानवरों का बेरहमी से यौन उत्पीड़न जाता है। सिरफिरे न तो गायों को छोड़ रहे हैं और न ही कुत्ते और भेड़-बकरियों को। इन्हीं खबरों के बीच महाराष्ट्र के नागपुर के एक व्यक्ति लगभग 190 आवारा कुत्तों को रोज चिकन बिरयानी खिलाते हैं।

कोरोना महामारी के इस दौर में जहाँ कई लोगों को एक वक्त का भोजन मुश्किल से मिल रहा है और लोग घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं, वहीं एक शख्स ऐसे हैं जो हर रोज घर से बाहर इसलिए निकलते हैं ताकि आवारा कुत्ते भूखे ना रह जाएँ। इस शख्स का नाम है रंजीत नाथ, जो नागपुर के रहने वाले हैं। 

रंजीत नाथ नागपुर में पिछले 11 साल से इन कुत्तों की सेवा कर रहे हैं। रंजीत नाथ पिछले 11 सालों से चुपचाप आवारा कुत्तों को खाना परोस रहे हैं और वह उन्हें अपना ‘बच्चा’ मानते हैं। उनकी कहानी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। 58 साल के रंजीत नाथ पेशे से ज्योतिषी हैं। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से यह काम कर रहे हैं। वह आवारा जानवरों को बच्चे बोलते हैं। उन्हें यह पसंद नहीं है कि कोई उन्हें कुत्ता कहे।

रंजीत की कहानी को अभिनव जेसवानी नाम के एक ब्लॉगर ने एक ब्लॉग पेज पर शेयर किया, जहाँ उन्होंने शहर में आवारा कुत्तों की सेवा करने वाले 58 वर्षीय व्यक्ति का एक वीडियो डाला। वीडियो के साथ, उस आदमी की कहानी भी लिखी गई थी। रंजीत ने कथित तौर पर 11 साल पहले आवारा कुत्तों की सेवा शुरू की थी और शुरू में उन्हें बिस्किट देते थे। पिछले ढाई साल से उन्होंने चिकन और मटन मिक्स बिरयानी देना शुरू किया। वह दान से मिलने वाले पैसे से बिरयानी तैयार करते हैं।

वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही आवारा जनवरों के लिए रंजीत नाथ के दिल में दया ने लोगों के दिलों को छू लिया। कई लोग सीधे तौर पर उन्हें योगदान देना चाहते हैं और आवारा पशुओं को खिलाने में उनकी मदद करना चाहते हैं।

एक यूजर ने लिखा, “भगवान उन्हें हर आशीर्वाद और खुशियाँ दें।” एक अन्य ने लिखा, “कितना दयालु आदमी! हमें इस मिस्टर काइंडनेस जैसे इंसानों से उदाहरण लेने की जरूरत है। एक अन्य ने टिप्पणी की, “ग्रेट वर्क दादा।”

रंजीत नाथ महामारी की शुरुआत के बाद से रोजाना लगभग 40 किलोग्राम बिरयानी पका रहे हैं। वह करीब 190 आवारा कुत्तों को खाना खिलाते हैं। पिछले दिनों एएनआई से बात करते हुए, रंजीत नाथ ने कहा, “मैं बुधवार, रविवार और शुक्रवार को व्यस्त रहता हूँ, क्योंकि मैं इन कुत्तों के लिए 30-40 किलोग्राम बिरयानी तैयार करता हूँ। वे अब मेरे बच्चों की तरह हैं। मैं अपने जिंदा रहने तक यह काम करूँगा। यह मुझे खुशी प्रदान करता है।”

रंजीत नाथ के दिन की शुरुआत बिरयानी की तैयारी से होती है। वह इसे दोपहर से पकाना शुरू कर देते हैं और रोजाना शाम 5 बजे अपनी बाइक पर एक बड़ा सा बर्तन लेकर आवारा कुत्तों को खिलाने के लिए शहर का चक्कर लगाते हैं। नाथ बताते हैं, “मेरे पास 10-12 निश्चित स्थान (लोकेशन) हैं और मेरे ‘बच्चे’ उन जगहों के बारे जानते हैं। जैसे ही वे मुझे देखते हैं, वे मेरी ओर दौड़ने लगते हैं। मैं भेदभाव नहीं करता। मैं बिल्लियों को भी खिलाता हूँ।”

नागपुर के रंजीत नाथ के उलट गौर करते हैं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की ओर। बीते चंद महीनों की बात करें तो मुंबई से पशुओं के साथ सेक्स के 4 मामले सामने आ चुके हैं। मुंबई के सांताक्रुज के कलीना में 20-25 वर्ष का तौफीक अहमद एक कुतिया का रेप करते सीसीटीवी में पकड़ा गया। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने उसके विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।

तौफीक की तरह ही कुछ दिन पहले मुंबई पुलिस ने 68 वर्षीय एक व्यक्ति को कुतिया के साथ बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपित की पहचान अहमद शाह के तौर पर हुई थी। उसने करीब 30 कुत्तों का रेप किया था।

वहीं साल 2020 के अक्टूबर माह में मुबंई के पवई में गैलेरिया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर नूरी नाम की एक कुतिया का रेप हुआ था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में उसे एनिमल केयर सेंटर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर्स ने बताया कि उसके प्राइवेट पार्ट्स से 11 इंच की लकड़ी की छड़ी मिली थी, जिसे ईलाज के दौरान निकाल दिया गया।

भारत को बदनाम करने वाले कमलनाथ के बयान पर सोनिया गाँधी से माँगा गया जवाब, लोगों ने कहा- ‘यही तो है कॉन्ग्रेस टूलकिट’

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार (22 मई 2021) को नए कोविड वेरिएंट को ‘इंडियन वेरिएंट’ कहने के लिए कॉन्ग्रेस और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी देश को बदनाम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”कमलनाथ इसे इंडियन कोरोना कह रहे हैं। वह कह रहे हैं हमारी पहचान, मेरा भारत कोविड। यह भारत का अपमान है। कॉन्ग्रेस के अन्य नेता भी ऐसे बयान दे रहे हैं, जबकि डब्ल्यूएचओ (WHO) ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने वैश्विक महामारी के लिए किसी भी देश के नाम का इस्तेमाल नहीं किया है।”

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी अब नकारात्मक राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने सोनिया गाँधी से सवाल किया है कि कॉन्ग्रेस इस तरह की नकारात्मक राजनीति क्यों कर रही है। साथ ही उन्होंने कमलनाथ के बयान पर भी सोनिया गाँधी से जवाब माँगा है?

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “शुरुआत में कोवैक्सीन को ‘बीजेपी की वैक्सीन’ कहा गया। अब सबसे ज्यादा अच्छी कोवैक्सीन साबित हुई। तो अब इन्होंने एक नया शब्द ‘ट्रैवल बैन’ जोड़ा है, लेकिन डब्ल्यूएचओ (WHO) ने ऐसा कोई भी निर्णय ही नहीं लिया है।”

जावेड़कर ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने का काम कर रही है। लोगों में डर और भ्रम पैदा किया जा रहा है। ये एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं है। सोनिया गाँधी को बताना चाहिए कि उनकी पार्टी इस तरह की नकारात्मक राजनीति क्यों कर रही है?

दरअसल, सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ का बयान वायरल होने के बाद वह नेटिजन्स के निशाने पर आ गए हैं। एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा, “कमलनाथ जी का दिमाग खराब है। कमलनाथ जी को कोरोना इतना पसंद आ गया है कि कॉन्ग्रेस उसको अपनी प्रयोगशाला में प्रयोग कर रही है।”

ज्योति परमार नाम की यूजर ने लिखा, “सत्ता के लिए इतनी हद तक गिर जाने वाले कॉन्ग्रेसियों को सत्ता के बाहर ही रखा जाएगा, यह जनता को तय करना पड़ेगा।”

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि यही तो कॉन्ग्रेस टूलकिट के पॉइंट्स हैं, जो ये सब कर रहे हैं।

कमलनाथ का शुक्रवार (21 मई 2021) को कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को किसान आंदोलन के नाम पर क्षुद्र राजनीति करने और आग लगाने की सलाह देने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसको लेकर एक यूजर ने लिखा, “कॉन्ग्रेस का यही चरित्र था और है। पहले सामने नहीं आता था, अब आधुनिक तकनीक के समय में दुनिया के सामने आ जाता है। यह देश को तोड़ने वाली पार्टी है। क्या कमलनाथ के घर वाले शर्मसार नहीं होते कि कैसा पति, पिता है, जो @#### में लगा है।”

बता दें कि कमलनाथ ने क​हा था, ”दुनिया भर में देश की पहचान इंडियन कोरोना से बन गई है। इसकी शुरुआत चीनी कोरोना से हुई थी, लेकिन अब यह इंडियन वेरिएंट कोरोना है। आज भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री COVID-19 के भारतीय वेरिएंट से डरते हैं। यह कौन सा टूलकिट है? हमारे वैज्ञानिक इसे इंडियन वेरिएंट कह रहे हैं। सिर्फ बीजेपी के सलाहकार ही नहीं मान रहे हैं।”

कॉन्ग्रेस नेता ने वीडियो में कहा, ”हम कहते थे कि चाइनीज कोरोना है। अगर आपको याद हो तो जनवरी 2020 में जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब हम कहते थे यह कोरोना चीन का है। चाइनीज लेबोरेटरी में बनाया गया था और एक खास शहर से आया था। हम आज कहाँ पहुँच गए हैं? आज दुनिया इसे इंडियन कोरोना कहती है।”

जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष कारी उस्मान का कोरोना से निधन: जनाजे में भारी भीड़, किट के बाहर शव, देखें वीडियो

जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दारुल उलूम देवबंद के कार्यवाहक मोहतमिम हजरत मौलाना कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी का शुक्रवार (मई 21, 2021) को कोरोना से निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने के बाद 75 वर्षीय मौलाना को नोएडा के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद उसे किट में लपेटकर उसका अंतिम संस्कार किया जाता है। ताकि दूसरे संक्रमित न हों, लेकिन यूट्यूब पर “दीनदारी” नाम के यूजर द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि मौलाना की मौत बाद उनके जनाजे के दौरान किट को हटा दिया गया था और मौलाना का मुँह खुला हुआ था। इससे जितने भी लोग वहाँ थे उनके कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है।

वहीं “एमटी मीडिया ओडिशा” नाम के हैंडल से जो वीडियो अपलोड किया है उसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जिस वक्त मौलाना कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी का जनाजा आता है उस दौराना हजारों की तादात में भीड़ इकट्ठी होती है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सोशल डिस्टेंसिंग पूरी तरह से नदारद थी।

एक अन्य “आल ओडिशा मदरसा” नाम के यूजर ने भी वैसा ही वीडियो अपलोड किया है, जिसमें भारी भीड़ देखी जा सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौलाना की मौत के बाद शोक सभा में जमीयत उलमा ए हिंद के शहर अध्यक्ष जैनुर राशिद्दीन सिद्दीकी ने मगफिरत के लिए दुआ कराई। बता दें कि दारुल उलूम देवबंद मुसलमानों की सबसे बड़ी संस्था मानी जाती है और मौलाना कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी उसके कार्यकारी मुहतमिम थे।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार की 24 अप्रैल 2021 की गाइडलाइंस के मुताबिक, किसी के भी अंतिम संस्कार में केवल 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं। बावजूद इसके यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो में हजारों की भीड़ देखी जा सकती है, जो कि राज्य सरकार की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। उत्तर प्रदेश में मास्क नहीं पहनने पर पहली बार एक हजार और दूसरी बार ऐसा ही करने पर 10,000 रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान है।

अमानतुल्लाह खान ने मुस्लिम समुदाय को क्यों कहा फंगस? लोग ‘रेड-ऑरेंज दाढ़ी’ वालों की फोटो क्यों कर रहे शेयर?

आम आदमी पार्टी का एक विधायक है। नाम है अमानतुल्लाह खान। विधायक अमानतुल्लाह खान ने आज मतलब 22 मई 2021 को मतलब जुमे की नमाज के ठीक 24 घंटे बाद एक ट्वीट किया है। पहले ट्वीट पढ़ा जाए। फिर इस पर चर्चा करते हैं।

नेताओं पर भरोसा नहीं, ट्वीट डिलीट करके भाग जाते हैं… इसलिए स्क्रीनशॉट

विधायक अमानतुल्लाह खान ने जो ट्वीट किया, उसमें साफ नहीं है कि वो किसे फंगस कह रहे हैं। लेकिन नीचे देश की जनता (जिसके एक वोट की कीमत राष्ट्रपति के एक वोट के बराबर होती है, मतलब अमानतुल्लाह जैसे विधायक जनता के सामने नौकर/सेवक के बराबर हैं) ने उन्हें साफ कर दिया कि फंगस है कौन।

अमानतुल्ला विधायक हैं। उनकी पार्टी के नेता केजरीवाल मुख्यमंत्री हैं। मतलब ये मुख्यमंत्री से छोटे कद के नेता हैं। यह उदाहरण देकर भी जनता ने इन्हें समझाया कि फंगस कौन है।

महामारी के समय तरह-तरह के फंगस आ गए हैं। विधायक अमानतुल्लाह खान को यह विज्ञान भी समझाया गया कि ब्लैक फंगस क्या होता है।

ब्लैक फंगस से ज्यादा खतरनाक होता है वॉइट फंगस। यह तो डायरेक्ट लिंग पर ही अटैक करता है। यह देखते हुए विधायक अमानतुल्लाह खान को वॉइट फंगस के बारे में भी बताया गया।

विधायक अमानतुल्लाह खान चूँकि गर्दन और जुबान काटने की बात करना खुलेआम पसंद करते हैं, इसलिए जिस जुबान के सहारे थूका जाता है, उसके विज्ञान को भी समझाया गया।

उम्मीद है देश की आम जनता से AAP वाले विधायक अमानतुल्लाह खान ने फंगस-फोबिया समझ लिया होगा।

सलीम ने सोनू बनकर हिंदू महिला को फँसाया, शादी के बाद ससुराल पहुँची तो दूसरी बीवी के साथ मिलकर पीटा: गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) का मामला सामने आया है। सलीम नाम के युवक पर हिंदू महिला ने आरोप लगाया है कि सलीम ने झूठी पहचान बताकर पहले उसे अपने प्रेम जाल में फँसाया और बाद में धर्म परिवर्तन करवाकर उससे निकाह किया। हाल में जब महिला अपने ससुराल गई तो वहाँ उसके साथ मारपीट हुई।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सहारनपुर एसपी ने इस संबंध में बताया कि एक महिला ने अपने पति पर धर्म परिवर्तन और घरेलू हिंसा के आरोप में शिकायत लिखवाई है। मुकदमा दर्ज हो चुका है और आरोपित को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

न्यूज नेशन की खबर के अनुसार, शेखपुरा गाँव का रहने वाला सलीम, सोनू बन कर मोदीनगर की हिंदू महिला से मिला और उसे अपने प्रेम जाल में फाँसा। इसके बाद शारीरिक संबंध बनाकर उसे कई बार गर्भवती भी किया। महिला लगातार शादी के लिए कहती रही। लेकिन सलीम ने हर बार उसका गर्भपात करवा दिया।

हाल में जब महिला ने ज्यादा दबाव बनाया तो सलीम ने उसका धर्म परिवर्तन करवाया और फिर उससे 5 मार्च को निकाह किया, मगर कागज पर तारीख 20 दिसंबर 2018 की लिखवा ली।

महिला का आरोप है कि निकाह के बाद जब वह अपने ससुराल गई तो सलीम ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उससे मारपीट की। वहीं उसे ये भी पता चला कि सलीम की एक और शादी हो रखी है। इतना ही नहीं महिला ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी खुलासा किया कि सोनू उर्फ सलीम बसपा नेता का बेटा है। उन दोनों का एक बेटा भी हुआ था। लेकिन सलीम ने उसे अपने भाई के साथ मिल कर खत्म कर दिया।

पुलिस का इस संबंध में कहना है कि सलीम ने हिंदू युवती से शादी 2018 में (महिला के अनुसार, शादी मार्च में हुई मगर उस पर तारीख 2018 की है) की थी। उससे उसकी एक बेटी है। लेकिन इसी वर्ष सलीम ने हिंदू लड़की को छोड़ मुस्लिम महिला से निकाह कर लिया। जब हिंदू युवती को यह पता चला तो वह सलीम के घर पहुँच गई। महिला का कहना है कि यहाँ उसके साथ मारपीट हुई। इस केस में धर्म परिवर्तन और अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस ने आरोपी सलीम को गिरफ्तार कर लिया है।

ये है ऑल टाइम भारतीय टेस्ट टीम, Wisden ने कर दी घोषणा: ऋषभ पंत को बनाया है विकेट-कीपर, सचिन को कप्तानी नहीं

क्रिकेट का बाइबिल कही जाने वाली विजडन मैग्जीन ने आईसीसी की रैंकिंग के हिसाब से अपनी ऑल टाइम भारतीय टेस्ट इलेवेन का चयन कर लिया है। विजडन ने अपनी टीम का कप्तान विराट कोहली को बनाया है।

इस टीम में राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, सुनील गवास्कर, रविंद्र जडेजा, कपिल देव, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), आर अश्विन, अनिल कुंबले और जसप्रीत बुमराह को शामिल किया है। हालाँकि, हैरानी की बात यह है कि विजडन ने न तो पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और न ही वीरेंद्र सहवाग को शामिल किया है।

गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के दौरे पर जा रही है, जहाँ तीन महीने से भी अधिक समय के इस दौरे के दौरान टीम 6 टेस्ट मैच खेलेगी।

क्या था सेलेक्शन प्रोसेस

विजडन ने अपनी टीम चुनने को लेकर कहा है कि उसके चयन की प्रक्रिया आसान थी। मैग्जीन का कहना है कि उसने आईसीसी के रैंकिंग के आधार पर टॉप फाइव बैट्समैन, टॉप रैंकिंग वाले विकेटकीपर और हाईएस्ट रैंकिंग वाले ऑल राउंडर (आर अश्विन) और टॉप 4 बॉलर्स को चुना था।

मैग्जीन ने ऑल टाइम बैटिंग रैंकिंग में सुनील गवास्कर को 916 प्वॉइंट्स के साथ नंबर पर रखा है। उनके अलावा राहुल द्रविड़ (892 प्वाइंट्स), सचिन तेंदुलकर (898 प्वाइंट्स) और विराट कोहली (कप्तान-937 प्वाइंट्स) को भी नंबर वन रैंकिंग दी है।

वहीं ऑल टाइम बैटिंग रैंकिंग में 888 प्वाइंट्स के साथ चेतेश्वर पुजारा को सेकंड रैंक दी गई है, जबकि ऋषभ पंत (747 प्वाइंट्स) को इस मामले में 9वीं रैंक दी गई है।

रविचंद्रन अश्विन (904 प्वाइंट्स) को ऑल टाइम बॉलिंग में नंबर वन रैंक दिया गया है। इसके अलावा उन्हें ऑल टाइम ऑल राउंडर में भी 492 प्वाइंट्स के साथ पहली रैंक दी गई है। उनके अलावा 899 प्वाइंट्स के साथ रविंद्र जडेजा (899 प्वाइंट्स) को भी ऑल टाइम बॉलिंग रैंक में नंबर वन पर शामिल किया गया है। अनिल कुंबले को 859 प्वाइंट्स के साथ इस मामले में सेकंड रैंक पर रखा गया है। जबकि, ऑल टाइम बॉलिंग रैंकिंग में 835 प्वॉइंट्स के साथ जसप्रीत बुमराह को थर्ड रैंक पर रखा गया है।