पिछले दिनों स्वीडन और नॉर्वे में हुए दंगे के बारे में आपने काफी कुछ पढ़ा और सुना होगा। आपने कई लिबरल्स को इन दंगों को जस्टिफाई करते भी देखा होगा कि उनका कुरान जला दिया गया तो उन्होंने थोड़ा सा ये कर दिया तो क्या हो गया। किसी ने लिखा कि वहाँ तो सिर्फ 300 लोगों ने दंगे किए। यूपी में रेप हो रहा, तो कहीं पर कुछ और समस्या है, लेकिन भक्तों को सिर्फ स्वीडन का दंगा दिख रहा है।
सच्चाई यह है कि वहाँ पर 300 की संख्या काफी मायने रखती है, क्योंकि वहाँ की जनसंख्या काफी कम है। स्वीडन में दंगे इसलिए हुए क्योंकि वहाँ पर ‘कुरान जलाओ रैली’ निकाली गई। माना कि यह रैली निकालना गलत और अवैध है। अवैध है तो उस स्टेट के पुलिस सिस्टम, नेता या प्रतिनिधियों के पास जाने के बजाए खुद को कानून मान लेना कहाँ तक उचित है। नॉर्वे में भी यही हुआ।
सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने PUBG सहित 118 मोबाइल एप्लीकेशंस पर प्रतिबंध लगा दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान नियम 2009 के तहत और इसके मद्देनजर इसे लागू किया है।
बताया जा रहा है कि इन 118 मोबाइल एप्लिकेशन को प्रतिबंधित करने का निर्णय उनकी कार्यप्रणाली के कारण लिया गया है और यह ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए पूर्वाग्रहपूर्ण हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें कई मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्टें शामिल हैं। इससे पहले भी इन पर उपयोगकर्ताओं के डेटा को अनधिकृत तरीके से चोरी करने के आरोप लगते रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रतिबंधित की गई इन ऐप में ज्यादातर चायनीज एप्लीकेशन हैं। इसके अलावा अधिकतर ऐसी ऐप हैं, जो मोबाइल क्लीन करते हुए मोबाइल यूजर की जानकारी कॉपी करती हैं और वर्चुअल प्रोफाइल बनाती हैं।
प्रतिबंधित ऐप निम्न हैं –
1. APUS Launcher Pro- Theme, Live Wallpapers, Smart 2. APUS Launcher -Theme, Call Show, Wallpaper, HideApps 3. APUS Security -Antivirus, Phone security, Cleaner 4. APUS Turbo Cleaner 2020- Junk Cleaner, Anti-Virus 5. APUS Flashlight-Free & Bright 6. Cut Cut – Cut Out & Photo Background Editor 7. Baidu 8. Baidu Express Edition 9. FaceU – Inspire your Beauty 10. ShareSave by Xiaomi: Latest gadgets, amazing deals 11. CamCard – Business Card Reader 12. CamCard Business 13. CamCard for Salesforce 14. CamOCR 15. InNote 16. VooV Meeting – Tencent Video Conferencing 17. Super Clean – Master of Cleaner, Phone Booster 18. WeChat reading 19. Government WeChat 20. Small Q brush 21. Tencent Weiyun 22. Pitu 23. WeChat Work 24. Cyber Hunter 25. Cyber Hunter Lite 26. Knives Out-No rules, just fight! 27. Super Mecha Champions 28. LifeAfter 29. Dawn of Isles 30. Ludo World-Ludo Superstar 31. Chess Rush 32. PUBG MOBILE Nordic Map: Livik 33. PUBG MOBILE LITE 34. Rise of Kingdoms: Lost Crusade 35. Art of Conquest: Dark Horizon 36. Dank Tanks 37. Warpath 38. Game of Sultans 39. Gallery Vault – Hide Pictures And Videos 40. Smart AppLock (App Protect) 41. Message Lock (SMS Lock)-Gallery Vault Developer Team 42. Hide App-Hide Application Icon 43. AppLock 44. AppLock Lite 45. Dual Space – Multiple Accounts & App Cloner 46. ZAKZAK Pro – Live chat & video chat online 47. ZAKZAK LIVE: live-streaming & video chat app 48. Music – Mp3 Player 49. Music Player – Audio Player & 10 Bands Equalizer 50. HD Camera Selfie Beauty Camera 51. Cleaner – Phone Booster 52. Web Browser & Fast Explorer 53. Video Player All Format for Android 54. Photo Gallery HD & Editor 55. Photo Gallery & Album 56. Music Player – Bass Booster – Free Download 57. HD Camera – Beauty Cam with Filters & Panorama 58. HD Camera Pro & Selfie Camera 59. Music Player – MP3 Player & 10 Bands Equalizer 60. Gallery HD 61. Web Browser – Fast, Privacy & Light Web Explorer 62. Web Browser – Secure Explorer 63. Music player – Audio Player 64. Video Player – All Format HD Video Player 65. Lamour Love All Over The World 66. Amour- video chat & call all over the world. 67. MV Master – Make Your Status Video & Community 68. MV Master – Best Video Maker & Photo Video Editor 69. APUS Message Center-Intelligent management 70. LivU Meet new people & Video chat with strangers 71. Carrom Friends : Carrom Board & Pool Game- 72. Ludo All Star- Play Online Ludo Game & Board Games 73. Bike Racing : Moto Traffic Rider Bike Racing Games 74. Rangers Of Oblivion : Online Action MMO RPG Game 75. Z Camera – Photo Editor, Beauty Selfie, Collage 76. GO SMS Pro – Messenger, Free Themes, Emoji 77. U-Dictionary: Oxford Dictionary Free Now Translate 78. Ulike – Define your selfie in trendy style 79. Tantan – Date For Real 80. MICO Chat: New Friends Banaen aur Live Chat karen 81. Kitty Live – Live Streaming & Video Live Chat 82. Malay Social Dating App to Date & Meet Singles 83. Alipay 84. AlipayHK 85. Mobile Taobao 86. Youku 87. Road of Kings- Endless Glory 88. Sina News 89. Netease News 90. Penguin FM 91. Murderous Pursuits 92. Tencent Watchlist (Tencent Technology 93. Learn Chinese AI-Super Chinese 94. HUYA LIVE – Game Live Stream 95. Little Q Album 96. Fighting Landlords – Free and happy Fighting Landlords 97. Hi Meitu 98. Mobile Legends: Pocket 99. VPN for TikTok 100. VPN for TikTok 101. Penguin E-sports Live assistant 102. Buy Cars-offer everything you need, special offers and low prices 103. iPick 104. Beauty Camera Plus – Sweet Camera & Face Selfie 105. Parallel Space Lite – Dual App 106. “Chief Almighty: First Thunder BC 107. MARVEL Super War NetEase Games 108. AFK Arena 109. Creative Destruction NetEase Games 110. Crusaders of Light NetEase Games 111. Mafia City Yotta Games 112. Onmyoji NetEase Games 113. Ride Out Heroes NetEase Games 114. Yimeng Jianghu-Chu Liuxiang has been fully upgraded 115. Legend: Rising Empire NetEase Games 116. Arena of Valor: 5v5 Arena Games 117. Soul Hunters 118. Rules of Survival
UnAcademy कोचिंग सेंटर के एक शिक्षक वरुण अवस्थी को अपने एक वीडियो में छात्रों को ऐके-47 बंदूक उठाने के लिए उकसाते हुए पाया गया है।
इस वक्त सोशल मीडिया पर उनकी लाइव वीडियो का एक क्लिप तेजी से वायरल हो रहा हैं। उस क्लिप में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा है, “जिस तरह महात्मा गाँधी कह के गए थे हिंदुस्तान की आत्मा गॉंव में बसती है, जब तक गॉंव का विकास नहीं करोगे हिंदुस्तान का विकास नहीं होने वाला। वैसे ही मोदी जी इतना जान लो अगर देश को नहीं झुकने देना है न, तो इस युवा को अपने साथ लेके चलना है। नहीं तो वो दिन दूर नहीं की जिस वजह से आपने जम्मू कश्मीर को ब्लॉक किया है न उधर से, यहाँ पर हर युवा कलम छोड़ के AK-47 पकड़ लेगा।”
वहीं वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षक अवस्थी ने उस वीडियो को अपने फेसबुक प्रोफाइल से डिलीट कर दिया। हालाँकि, ऑपइंडिया ने उस बीस मिनट के पूरे वीडियो को ढूँढ निकला जिसमें उन्होंने छात्रों को हथियार उठाने के लिए उकसाने की कोशिश की। बता दें, वीडियो एसएससी रेलवे परीक्षा के परिणामों की देरी को लेकर बनाया गया है। जब हमने वीडियो में मेंशन हैशटैग को खोजा, तो पता चला कि इसी तरह के उत्तेजक वीडियो विभिन्न कोचिंग सेंटरों के कई शिक्षकों द्वारा भी पोस्ट किए गए है।
अनअकैडमी के शिक्षक वरुण अवस्थी की वीडियो वायरल होने के बाद कोचिंग सेंटर ने इस पर अपनी सफाई पेश की है। अनअकैडमी ने कुछ ट्वीट्स के जवाब देते हुए कहा कि वे कंपनी से जुड़े किसी भी शिक्षक द्वारा किए गए इस तरह के व्यवहार और बयान का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जाँच की जा रही है। साथ ही उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
Unacademy does not endorse any content or communication from Educators that instigates hateful or unlawful behaviour. We expressly prohibit such activities and encourage Educators to stay lawful in all situations. We’re investigating this matter and will take appropriate action.
वरुण अवस्थी की ही तरह भूतेश नाम के एक शिक्षक की ऐसी ही एक वीडियो और सामने आई है। भूतेश यूट्यूब पर e1 कोचिंग सेंटर नाम से एक चैनल चलाते हैं। उन्होंने 30 अगस्त को एक वीडियो अपलोड किया जिसमें उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का मज़ाक उड़ाया। उन्होंने कहा, “तुम्हें मंदिर बना के दे दिया और तुम्हें जिंदगी में क्या चाहिए। अयोध्या में मंदिर बन गया, उसका पूजन हो गया और इस से बड़ा मुद्दा क्या है?
उन्होंने आगे कहा, तुम्हें जॉब दिला दी तो यह हिंदू-मुस्लिम के नाम पर घृणा कौन फैलाएगा? जात पात के नाम पर दंगे कौन करवाएगा? इनके IT सेल की झूठी खबरें कौन फैलाएगा अगर युवा को जॉब दिला दी तो?
वहीं खान जीएस रिसर्च सेंटर नाम से एक चैनल चलाने वाले खान नाम के एक शिक्षक ने 31 अगस्त को अपलोड किए गए अपने एक वीडियो में कहा कि अधिकारीयों ने परीक्षा के पेपर को लीक कर दिया है ताकि वे अपने परिवार को स्विट्जरलैंड ले जाने के लिए पैसे कमा सकें। शिक्षकों द्वारा बनाएँ गए उत्तेजक वीडियो यहीं पर खत्म नहीं होते है। राजस्थानी रिंगर, एजुकेशन अफेयर्स, टाइम कोचिंग और ऐसे अनगिनत कई कोचिंग सेंटर द्वारा ऐसे उत्तेजक वीडियो सोशल मीडिया पर डाले गए हैं। ये शिक्षक छात्रों को पढ़ाई में मदद करने की जगह राजनीतिक रूप से पक्षपाती और विपक्षी दलों का प्रचार प्रसार करते हुए ज्यादा नजर आने लगे है।
गौरतलब है कि हैशटैग “SpeakupforSSCRAILWAYStudents” की एक सरल खोज से पता चलता है कि कोचिंग सेंटर की यह साँठगाँठ कितनी गहरी है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रियंका गाँधी वाड्रा सहित कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा उपरोक्त हैशटैग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया गया था।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग एंगल सामने आने के बाद अब बॉलीवुड के कई चेहरे सवालों को घेरे में हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने इसी बीच हर फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों के ब्लड सैंपल की माँग कर डाली है। अब लोगों का कहना यह है कि यदि इन युवा कलाकारों के ड्रग एडिक्ट होने की बात में थोड़ी भी सच्चाई है, तो हकीकत बाहर आनी चाहिए। आखिर कोई नशेड़ी रोल मॉडल कैसे हो सकता है।
कंगना रनौत ने अपने हालिया ट्वीट में रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी और विकी कौशल से अनुरोध किया है कि वह ड्रग टेस्ट के लिए अपने ब्लड सैंपल दें, क्योंकि ऐसी अफवाहें है कि वह लोग कोकिन के आदी हैं।
कंगना लिखती हैं, “मैं रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी, विक्की कौशल से ड्रग टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल देने का अनुरोध करती हूँ, ऐसी अफवाहें हैं कि उन्हें कोकिन की लत है। मैं चाहती हूँ कि वे इन अफवाहों का भंडाफोड़ करें। अगर उनके सैंपल साफ आते हैं तो वह लोग लाखों को प्रेरित कर सकते हैं।”
I request Ranveer Singh, Ranbir Kapoor, Ayan Mukerji, Vicky Kaushik to give their blood samples for drug test, there are rumours that they are cocaine addicts, I want them to bust these rumours, these young men can inspire millions if they present clean samples @PMOIndia ? https://t.co/L9A7AeVqFr
बॉलीवुड कलाकारों के ब्लड सैंपल की माँग उठने के बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही हैं। इसमें रणवीर कपूर, दीपिका पादुकोण, मल्लिका अरोड़ा, अर्जुन कपूर, वरुण धवन जैसे बड़े कलाकार नशे की हालत में नजर आ रहे हैं।
इस वीडियो को अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा है,”देखिए। कैसे बॉलीवुड के जानी-मानी हस्तियाँ गर्व से अपनी नशीली अवस्था का प्रदर्शन कर रहे हैं। मैं इस हस्तियों द्वारा किए जा रहे ड्रग एब्यूज के खिलाफ आवाज उठाता हूँ। “
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। कंगना रनौत को ये मुद्दा उठाने के लिए कई लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। लेकिन इस बीच कुछ लोग ऐसे भी है जो उनकी आलोचना कर रहे हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने तो अभिनेत्री को मुंबई से परहेज करने की धमकी दी है।
दरअसल, अभिनेत्री कंगना ने ट्वीट किया था कि उन्हें हिमाचल या केंद्र सरकार से सुरक्षा की आवश्यकता होगी। बॉलीवुड में कथित ‘ड्रग माफिया’ का पर्दाफाश करने के लिए वह मुंबई पुलिस से सुरक्षा स्वीकार नहीं करेंगी क्योंकि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच अब रफ़्तार पकड़ रही है।
इसके बाद, शिवसेना नेता संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में रनौत के बयानों को खारिज करते हुए लिखा कि अभिनेत्री का ‘विश्वासघात’ शर्मनाक है और वह मुंबई में रहने के बावजूद शहर के पुलिस बल की आलोचना करती है।
राउत ने लिखा, “हम उनसे मुंबई न आने का अनुरोध करते हैं। यह मुंबई पुलिस का अपमान करने के अलावा और कुछ नहीं है। गृह मंत्रालय को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।”
चीन और भारत के सैनिक एक बार फिर पेंगोंग त्सो (Pangong Tso) इलाके में आमने-सामने हैं और सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एक ओर जहाँ दोनों ही देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है, वहीं, काला टॉप पहाड़ी के नीचे चीन अपने टैंक और बख्तरबंद गाड़ियों को तैनात करने का प्रयास कर रही है।
विस्तारवादी चीन की चाल इस बार असफल रही है। भारतीय सेना के मुताबिक, चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए के करीब 500 सैनिकों ने 29-30 अगस्त की रात काला टॉप और हेमलेट टॉप इलाकों पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की, लेकिन सतर्क भारतीय सैनिकों ने ऐसा नहीं होने दिया।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान
हालाँकि, इस मुठभेड़ में चीनी सैनिकों के मारे जाने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन सोशल मीडिया पर रक्षा विषयों पर लिखने वाले कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान 25 से 30 की संख्या तक चीनी सैनिकों को बंधक बना लिया गया था। और अब चीनी सेना एक ही जगह फँस कर रह गई है। यही नहीं, चीन ने आरोप लगाया है कि भारतीय सैनिक उनकी सीमा में बहुत दूर तक प्रवेश कर चुके हैं और वह निरंतर सेना से वापस लौटने का निवेदन कर रहा है।
अगस्त माह में चीनी सेना ने नई जगह पर घुसपैठ की कोशिशें तेज की हैं। यह उस जगह से हटकर है, जहाँ इससे पहले हिंसक झड़प हुईं थीं। चीनी सेना द्वारा नया विवाद पेन्गोंग त्सो लेक के दक्षिणी किनारे पर खड़ा किया गया है, जहाँ भारतीय सेना लगातार नजर रख रही थी। यही वजह भी है कि चीन की सेना गत 29-30 अगस्त की रात को घुसपैठ कर पाने में नाकाम रही।
भारत ने मंगलवार (सितम्बर 01, 2020) को कहा था कि चीन ने 29 और 30 अगस्त की रात को पेंगोंग त्सो लेक के दक्षिण किनारे पर उकसाने वाली सैन्य हरकत करते हुए सीमा पर यथास्थिति को तोड़ने की कोशिश की और इसके अगले दिन भी ऐसी कार्रवाई की जिसे भारतीय सेना द्वारा नाकाम कर दिया गया।
माना जा रहा है कि भारत ने चीन के साथ नेहरूकालीन सीमाओं वाले नियमों में कुछ बदलाव करने का मन बना लिया है और भारतीय सेना ने लद्दाख में चीन के कब्जे वाला करीब 3.5 किलोमीटर एरिया वापस ले लिया है। भारत ने अब तक LAC से अपनी सेना की तैनाती में कमी नहीं की है और करीब 40 हजार जवान सीमा पर तैनात हैं। हालाँकि, इस बारे में अभी तक किसी भी प्रकार की कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई हैं। जिस तरह से भारतीय सेना ने इस बार चीनी सैनिकों को सबक सिखाया है, उसे लेकर चीनी सैनिक हैरान हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में सर्विलांस कैमरा इतने बेहतरीन हैं कि इस इलाके में हो रही हलचल को दूर से भी कैद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैमरे में चीनी सैनिकों की हलचल देखने के बाद भारतीय सेना तुरंत हरकत में आई और चीनी सैनिकों को एलएसी पार करने से रोक दिया।
मंगलवार को भारत में चीनी दूतावास ने कहा कि भारत को सीमा पर उकसाने वाली हरकत बंद करनी चाहिए और वह अपने उन सैनिकों को वापस बुला ले, जो ‘गलत तरीके’ से वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी, एलएसी का उल्लंघन कर रहे हैं।
भारत-चीन सैनिकों के बीच जारी गतिरोध की टाइमलाइन पर यदि नजर दौड़ाएँ तो लद्दाख स्थित गलवान घाटी में बीते 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों के वीरगति को प्राप्त होने की खबर सामने आई थी। इसके अलावा 43 चीनी सैनिक भारतीय सेना द्वारा मार गिराए दिए गए।
इसी क्षेत्र में चीन और भारतीय सैनिक आमने-सामने हैं
इन हिंसक झड़पों के बाद सीमा पर तनाव कम करने को लेकर दोनों देशों के बीच कई राउंड की सैन्य स्तर की बातचीत हो गई है। लद्दाख में पेंगोंग झील के किनारे और गलवान वैली में मई माह से ही दोनों देशों की सेनाएँ कई बार आमने-सामने आईं। डोकलाम में 2017 में दोनों देशों के बीच 73 दिनों तक चले तनाव के बाद पहली बार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी (LAC) पर इतने लंबे समय तक सैन्य गतिरोध हुआ।
29-30 अगस्त रात हुई झड़प के बाद चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, “भारत के कदम ने चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का घोर उल्लंघन किया है, दोनों देशों के बीच प्रासंगिक समझौतों, प्रोटोकॉल और महत्वपूर्ण आम सहमति का गंभीर उल्लंघन किया है और चीन-भारत सीमा क्षेत्रों के मध्य शांति को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।”
5 मई – एलएसी और गलवान घाटी में चीन की आक्रामकता बढ़नी शुरू हुई। चीनी सैनिकों ने गलवान में चोरों की तरह घुसपैठ की
6 जून – चीनी हिस्से के मोल्डो में बैठक हुई
15 जून – हिंसक झड़प, जिसमें 20 भारतीय और 43 चीनी सैनिक हताहत हुए
22 जून – लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव कम करने को लेकर करीब 11 घंटे की मैराथन बैठक हुई
24 जून – चीनी सैनिकों ने फिंगर 4 पर अपनी सैन्य गतिविधियाँ शुरू कर दीं
30 जून – तीसरे दौर की बैठक लद्दाख के चुशूल में ही की गई थी। इसमें कहा गया कि चीनी सेना गलवान में फिंगर 4 प्वाइंट से पीछे हट गई
2 जुलाई – देपसांग पर चीनी सैनिकों की तैनाती बढ़ाई गई
14 जुलाई – भारत-चीन सीमा पर तनाव कम करने के लिए लद्दाख के चुशूल में कोर कमांडर स्तर की चौथी बैठक आयोजित हुई
2 अगस्त – देपसांग पर लेफ्टिनेंट जनरलों के बीच बातचीत में भारत ने साफ कर दिया कि पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना पीछे नहीं हटी है
4 अगस्त – चीन ने पेंगोंग त्सो (Pangong Tso) लेक की स्थिति पर बात करने से इनकार कर दिया
8 अगस्त – मेजर जनरल स्तर पर बातचीत
12 अगस्त – चीन ने देप्सांग पर अपनी गतिविधियाँ बढ़ा दीं
29-30 अगस्त –पेंगोंग लेक के साउथ बैंक क्षेत्र में चीन ने भड़काऊ सैन्य हरकत करते हुए यथास्थिति को तोड़ने की कोशिश की
इसके बाद से दोनों देशों के बीच बातचीत भी जारी है लेकिन साथ ही साथ तनाव भी कायम है।
सैन्य मामलों पर लिखने वाले शिव अरूर के अनुसार, 14-15 जून को चौथे दौर की जो वार्ता हुई है थी, चीन ने पेंगोंग त्सो लेक के आसपास की स्थिति को टकराव का विषय मानना ही बंद कर दिया था। चीनी सेना ने अपनी फौजें पीछे हटाने के वादे पर अमल सिर्फ गालवान घाटी के पट्रोल प्वाइंट 14, पट्रोल प्वाइंट 15 और उसके दक्षिण में हॉट स्प्रिंग्स सेक्टर तक ही सीमित रखा।
इंडिया टुडे के अनुसार, चीन ने पिछले तीन सप्ताह में ही पेंगोंग त्सो (Pangong Tso) के भीतरी इलाकों और अक्साई चिन में कई सप्लाई बेस तैयार किए हैं, जहाँ से किसी भी सूचना के मिलते ही हमला करने के लिए सैनिकों को मदद पहुँचाई जा सकती है।
सबसे ताजा समाचारों के अनुसार, चीन-नेपाल-भूटान के साथ भारत की सीमाओं के लिए सुरक्षा एजेंसियों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। सैन्य मामलों के जानकार ट्विटर पर बता रहे हैं कि भारत ने चीन को यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ऊँचाइयों से अब पीछे नहीं हटने वाले हैं और कहा है कि भारतीय सैनिक अपने ही क्षेत्र में हैं। इसके अलावा, बीजिंग को अपने सीमावर्ती सैनिकों को नियंत्रित करने की चेतावनी भी कल विदेश मंत्रालय द्वारा दी जा चुकी है।
कॉन्ग्रेस के बाद अब टीएमसी ने फेसबुक और भाजपा के बीच गठजोड़ को लेकर सवाल उठाए हैं। तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O’Brien) ने फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने बंगाल में होने वाले चुनावों के मद्देनजर प्लेटफॉर्म की अखंडता को बनाए रखने का अनुरोध किया है। साथ ही राज्य सभा सांसद ने इसमें फेसबुक पर बंगाल के कई पेज और अकॉउंट्स ब्लॉक करने का इल्जाम लगाया है।
इसके अलावा उन्होंने फेसबुक से साल 2014 और 2019 में हुए लोकसभा चुनावों की भूमिका पर जानकारी माँगी है। बीबीसी, WSJ व अन्य में प्रकाशित लेखों का हवाला देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का झुकाव बीजेपी की ओर है। उन्होंने कंपनी के उच्च प्रबंधन के ख़िलाफ़ लगे इल्जामों के जाँच की माँग भी उठाई है।
TMC MP Derek O’Brien writes to Facebook CEO Mark Zuckerberg. He writes ‘With elections in WB months away, your recent blocking of pages & accounts in Bengal points to link b/w FB & BJP…Please do all it takes to maintain integrity of your platform in Indian electoral process.’ pic.twitter.com/MlBHoo4TEF
उल्लेखनीय है कि यह पत्र केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के पत्र के बाद लिखा गया है। इससे पहले कानून मंत्री ने कल मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखा था। उन्होंने उस पत्र में साल 2019 के लोकसभा चुनाव का जिक्र किया और गौर करवाया कि इलेक्शन से पहले फेसबुक इंडिया मैनेजमेंट ने दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थकों के पेज डिलीट कर दिए थे या फिर उनकी पहुँच कम कर दी। जबकि फेसबुक को संतुलित और निष्पक्ष होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि फेसबुक इंडिया टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के समर्थक हैं।
टीएमसी से पहले याद दिला दें वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपने एक लेख में फेसबुक कंपनी की उच्च अधिकारी अंखी दास पर भाजपा समर्थक होने का आरोप लगाया था। उनकी निष्पक्षता पर केवल इसलिए सवाल उठे थे क्योंकि निजी तौर पर भाजपा व मोदी सरकार की समर्थक थी। इस मामले के गर्माने के बाद भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी कॉन्ग्रेस के फेसबुक के साथ संबंधों का खुलासा किया था। साथ ही बताया था कि कॉन्ग्रेस नेता प्रोपगेंडा फैलाने के लिए यूएसए की ल़ॉबी हायर कर रहे हैं।
स्टेन्फोर्ड इंटरनेट ऑब्जर्वेट्री (SIO) की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के फेसबुक और इंस्टाग्राम के एक नेटवर्क को उजागर किया गया है। ये सोशल मीडिया अकाउंट पाकिस्तानी सत्ताधारी प्रतिष्ठान की आलोचना करने वाले फेसबुक पेजों की सामूहिक रूप से रिपोर्टिंग करने में लिप्त थे।
स्टेन्फोर्ड इंटरनेट ऑब्जर्वेट्री की रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 अगस्त 2020 को पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे 103 फेसबुक पेज, 78 फेसबुक ग्रुप, 453 फेसबुक अकाउंट और 107 इंस्टाग्राम अकाउंट्स को गलत व्यवहार में शामिल होने के चलते सस्पेंड कर दिया गया।
फेसबुक ने इस कार्रवाई में इस नेटवर्क को बनाने में पाकिस्तानियों के शामिल होने की बात कही। फेसबुक ने 28 अगस्त को SIO के साथ इस नेटवर्क का एक हिस्सा साझा करते हुए जानकारी दी थी, जिसके बाद SIO ने जाँच की और अपनी रिपोर्ट सामने लाई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे पाकिस्तान में सोशल मीडिया एकाउंट्स के एक नेटवर्क ने पाकिस्तानी राष्ट्रवादी संदेश पोस्ट किए और भारत सरकार की आलोचना की। इसने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे ग्रुप्स और पेज चलाने वालों ने सोशल मीडिया यूजर्स को इस्लाम या पाकिस्तानी सेना/सरकार की आलोचना करने वाले एकाउंट्स को रिपोर्ट करने का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
इनमें से कई ग्रुप्स और पेजेज़ के ज़रिए पाकिस्तानी राष्ट्रवादी सामग्री पोस्ट की गई, जिसमें आईएसआई, पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ की तारीफ भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उनके पोस्ट भारत में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने में काफी सक्रिय थे।
Report by SIO
पाकिस्तान के कुछ नेता भी इन ग्रुप्स से जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में इस तरह की गतिविधि का यह पहला मामला नहीं है। अप्रैल 2019 में फेसबुक ने पाकिस्तानी सेना के इंटरसर्विस पब्लिक रिलेशन विंग से जुड़े एकाउंट्स के एक नेटवर्क को निलंबित कर दिया था। पाकिस्तानी राजनेता पाकिस्तान में प्रो-हैशटैग ट्रेंड कराने के लिए प्रमुख सोशल मीडिया ट्रोल के साथ सीधे काम करते हैं।
एसआईओ के एक रिसर्च स्कॉलर शेल्बी ग्रॉसमैन के अनुसार, इन ग्रुप्स ने अपनी सफलताओं के बारे में बार-बार दावा किया और जानबूझकर फर्जी नाम से अकाउंट बनाकर अन्य अकाउंट्स को टारगेट किया, जो कि स्पष्ट रूप से फेसबुक की नीतियों का उल्लंघन है। शेल्बी ग्रॉसमैन ने कहा कि नेटवर्क ने एक साथ ढेर सारे अकाउंट को रिपोर्ट करने के लिए क्रोम एक्सटेंशन ऑटो रिपोर्टर का इस्तेमाल किया, जो संभवत: सीधे रिपोर्टिंग का लिंक जेनरेट करता है।
The network found accounts they perceived to be critical of Islam or Pakistan & pushed links to Groups & Pages that took users directly to Facebook’s site to report an account. They even included instructions on how to open dozens of tabs simultaneously to expedite reporting. ? pic.twitter.com/LGh3uaMuzx
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की फर्जी खबरों को लेकर भारत ने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज की है। खासकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी सामाचार प्रचारित करने का पाकिस्तान को दोषी ठहराया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि ने बताया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल दुर्भावनापूर्ण प्रचार, गलत सूचना और फर्जी खबरों के लिए किया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि ने ट्वीट के जरिए पाकिस्तान की इस हरकत को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष रखा। स्थाई प्रतिनिधि का यह ट्वीट तब आया है, जब फेसबुक और इंस्टाग्राम ने पाकिस्तान के कई समूहों और व्यक्तिगत अकाउंट पर कार्रवाई करते हुए भारत विरोधी कई पोस्टों को ब्लॉक कर दिया है।
Malicious propaganda, misinformation, #infodemic, fake news. Call it what you may.
Do read this report from the @stanfordio on motivated false propaganda from Pakistan.
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने एक ट्वीट में इस रिपोर्ट को शेयर किया है। यूएन में भारत के परमानेंट मिशन के ट्विटर हैंडल पर कहा गया, “भारत की छवि खराब करने के लिए प्रोपेगेंडा चला जा रहा है। यहाँ फेक न्यूज और गलत जानकारियाँ फैलाई जा रही हैं। एसआईओ की यह रिपोर्ट पढ़नी चाहिए कि किस तरह जानबूझकर ये फर्जी प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है। सच्चाई दुनिया के सामने आ चुकी है।”
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए अपमानजनक ट्वीट को मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह द्वारा लाइक करने को लेकर उन्हें निशाने पर लिया है। कंगना रनौत ने ट्वीट करते हुए पूछा है कि जब मुंबई पुलिस प्रमुख ही इस तरह बदमाशी और अपराध को बढ़ावा देंगे तो मुंबई में उनकी सुरक्षा को लेकर कौन जिम्मेदार होगा? वहीं जब मुंबई पुलिस ने कमिश्नर का बचाव किया तो कंगना ने उन्हें फोर्स के नाम पर धब्बा बता दिया।
Liking derogatory tweets about people who are fighting against the murderers of Sushant, instead of condemning public teasing and bullying like this @CPMumbaiPolice is encouraging it, @MumbaiPolice has hit all time low … SHAME !! pic.twitter.com/9H4mhC9Nsk
मंगलवार (सितंबर 1, 2020) को कंगना ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट पर मुंबई पुलिस पर जबरदस्त हमला बोलते हुए लिखा है कि इस समय मुंबई पुलिस अब तक की सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है। कंगना ने अपने ट्वीट में दो स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया मुंबई पुलिस कमिश्नर ऐसे अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट्स को लाइक कर रहे हैं जो सुशांत को न्याय दिलाने की आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ लिखे गए हैं। उन्होंने लिखा कि सार्वजनिक रूप से परेशान करने वालों और धमकाने वालों की निंदा करने का बजाय इसे प्रोत्साहित कर रहे हैं।
When @CPMumbaiPolice is openly intimidating me like this, encouraging bullying and crime against me, will I be safe in Mumbai ? Who is responsible for my safety? @PMOIndia
इसके बाद किए एक अन्य ट्वीट में कंगना ने अपनी सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए लिखा, “जब मुंबई के पुलिस कमिश्नर ही खुले आम मुझे इस तरह डराएँगे, मेरे खिलाफ अपराधों और बदमाशी करने वालों को प्रोत्साहित करेंगे, तो क्या मैं मुंबई में सुरक्षित रहूँगी? मेरी सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार होगा?” अपने इस ट्वीट को उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्विटर हैंडल को भी टैग किया।
सड़क पर कंगना का नाम लिखकर उसे ‘वॉक ऑफ शेम’ बताया गया
कंगना ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के लाइक किए जिन ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स को शेयर किया, उसमें सड़क पर मेनहोल के ढक्कन की आकृति बनाकर कंगना रनौत का नाम लिखा हुआ था और उसे ‘वॉक ऑफ शेम’ बताया गया था। इसी ट्वीट पर कमेंट करते हुए एक शख्स ने लिखा था, “मुझे इससे आपत्ति है… यहाँ इनके नाम के अलावा इन लोगों के चेहरे भी होने चाहिए।” इसी ट्वीट को तथाकथित रूप से मुंबई कमिश्नर ने लाइक किया था।
This tweet has never been liked by @CPMumbaiPolice – the cyber police station has been asked to examine the screenshot.
कंगना के ट्वीट के बाद मुंबई पुलिस ने अपने कमिश्नर का बचाव किया और अपने ट्विटर हैंडल से लिखा कि “इस ट्वीट को मुंबई पुलिस कमिश्नर द्वारा कभी लाइक नहीं किया गया है। साइबर पुलिस स्टेशन को स्क्रीनशॉट की जाँच के लिए कहा गया है।”
You are a big sham in the name of police force, don’t you forget not just me all the people tagged got notifications of @CPMumbaiPolice liking the derogatory tweet, trying to prove victim a criminal seems your old dhandha, don’t you dare to lie @MumbaiPolice, don’t you dare .. https://t.co/6v5bwEE7An
इसके बाद मुंबई पुलिस को जवाब देते हुए कंगना ने लिखा, “आप लोग पुलिस फोर्स के नाम पर बहुत बड़ी शर्म हैं, मत भूलिए कि सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि ट्वीट में टैग किए गए सभी लोगों को मुंबई पुलिस कमिश्नर के उस अपमानजक ट्वीट को लाइक करने का नोटिफिकेशन आया था, लगता है पीड़ित को अपराधी साबित करने की कोशिश आपका पुराना धंधा है।”
गौरतलब है कि मुंबई ‘आज़ादी गैंग’ का नया पसंदीदा केंद्र बनता जा रहा है। कुछ बदमाश शहर भर में अपमानजनक भित्ति चित्र (graffiti) बना रहे हैं। उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा, रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और ZEE न्यूज के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी को निशाना बनाते हुए अपमानजनक भित्ति बनाया था।
वामपंथियों, लिबरल गिरोह और संप्रदाय विशेष के उकसाने और भारी दबाव के बाद ब्लूम्सबरी इंडिया ने हाल ही में दिल्ली दंगों पर आधारित किताब ‘दिल्ली रायट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी’ का प्रकाशन रद्द करने का फैसला लिया था। वहीं, अब इसी तरह कुछ संप्रदाय विशेष के लोगों और वामपंथी गिरोह के सदस्यों ने बुधवार को पशु हिंसा पर अपनी राय व्यक्त करने वाले ब्लूम्सबरी से जुड़े एक लेखक को निशाना बनाया है।
सायरा शाह हलीम नाम की एक सोशल मीडिया यूजर ने बुधवार को एक ट्वीट किया जिसमें दावा किया गया कि शाकाहार और अहिंसा का आपस मे कोई सम्बन्ध नहीं हैं। बता दें कि सायरा दावा करती हैं कि वह TEDx (टेडेक्स) अध्यक्ष हैं। जबकि सायरा हलीम ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए नाज़ी नेताओं का उदाहरण भी दिया। जो उनके अनुसार, पालतू जानवरों और अन्य जानवरों के प्रति प्यार के लिए जाने जाते हैं।
हलीम ने दावा किया कि हिटलर एक शाकाहारी और शिकार से नफरत करने वाला था। साथ ही वह कुत्तों को पसंद करता था। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को सुप्रीम लीडर का जानवरों के प्रति प्रेम को देखते हुए उनकी प्रशंसा करना बंद कर देना चाहिए। सोशल मीडिया यूजर ने कहा, “ऐसे नाजियों पर सवाल खड़ा करना चाहिए।”
बता दें कि हलीम द्वारा शाकाहार, नाज़ियों और जानवरों के प्रति प्रेम को दर्शाने वाला ट्वीट हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साझा किए गए वीडियो के संदर्भ में था। जिसमें पीएम मोदी को मोर के साथ समय बिताते और उन्हें अपने घर पर भोजन कराते देखा गया था।
वहीं हलीम द्वारा किए गए पोस्ट पर लेखक अल्पेश पटेल ने एक मजाकिया तौर पर जवाब दिया। उन्होंने उनकी पोस्ट पर एक बकरी को काटने के लिए सही प्रक्रिया साझा करने के लिए कहा। बकरीद पर बकरे को ‘बलिदान’ के हिस्से के रूप में वध किया जाता है।
अल्पेश पटेल द्वारा दिए गए जवाब के बाद, सायरा शाह हलीम ने उन्हें इसका जवाब देने के बजाय ब्लूम्सबरी को विवाद में घसीटने की कोशिश की। ब्लूम्सबरी को टैग करते हुए सायरा ने पब्लिशिंग हाउस से पूछा कि क्या अल्पेश उनके लेखक है?
सायरा द्वारा ब्लूम्सबरी को टैग किए गए ट्वीट पर जल्द ही कई लोग उनकी टाइमलाइन पर आकर लेखक अल्पेश पटेल को उनके कमेंट के लिए धमकाने लगे। एक यूजर ने अल्पेश पटेल को कट्टर व्यक्ति कहा। इसके साथ ही उन्होंने ब्लूम्सबरी पर कट्टर विचारधारा के लेखकों को नियुक्त करने का आरोप भी लगाया।
एक अन्य ट्विटर यूजर ने ब्लूम्सबरी को इस मुद्दे पर लेखक के खिलाफ कदम उठाने की माँग भी की।
ये सभी वामपंथी गिरोह के सदस्य और संप्रदाय विशेष के लोग हालिया ब्लूम्सबरी द्वारा दबाव बनाने पर बुक को प्रकाशित नहीं करने के फैसले को देखते हुए दोबारा से ऐसा ही कदम अल्पेश के साथ उठाने का दबाव बना रहे है। वामपंथी अक्सर इसी तरह अपनी दकियानूसी बातों पर जवाब दिए जाने पर मचल उठते है। और इनका गिरोह तुरंत एक्टिव हो जाता है।
गौरतलब है कि कुछ हफ़्ते पहले प्रकाशक ब्लूम्सबरी इंडिया ने संप्रदाय विशेष के लोगों और वामपंथी गिरोह के लोगों के दबाव में आकर मोनिका अरोरा, सोनाली चितलकर और प्रेरणा मल्होत्रा की की पुस्तक ‘Delhi Riots 2020: The Untold Story’ के प्रकाशन को वापस लेने का फैसला किया था। उन्होंने इसके पीछे का एक कारण उनकी जानकारी के बिना लेखकों द्वारा आयोजित किए गए वर्चुअल प्री-पब्लिकेन इवेंट लॉन्च करने को बताया था।
दिल्ली दंगों पर यह किताब इसके लेखकों द्वारा की गई जाँच और इंटरव्यू के आधार पर लिखा गया था। जिसे सितंबर 2020 में पुस्तक को जारी करने की योजना बनाई थी।
वहीं पब्लिशिंग हाउस ब्लूम्सबरी द्वारा ‘Delhi Riots 2020: The Untold Story’ पुस्तक का प्रकाशन रद्द करने के बाद ‘गरुड़ प्रकाशन’ ने इसे प्रकाशित करने का फैसला किया था। पुस्तक के लिए अभी तक 30,000 से अधिक प्री बुकिंग ऑर्डर आ चुके हैं।
पाकिस्तान प्रशासन ने मंगलवार (सितंबर 1, 2020) को ‘अनैतिक’ (immoral) और ‘अशोभनीय’ (indecent) सामग्रियों पर लगाम कसने के लिए टिंडर समेत कुछ अन्य डेटिंग एप्स पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लॉक कर दिया।
पाकिस्तान टेलिकम्युनिकेशन अथॉरिटी ने कहा कि उन्होंने टिंडर, ग्रिंडर, से हाय, टैग्ड और स्काउट जैसे सोशल नेटवर्किंग एप्स को ब्लॉक कर दिया क्योंकि वह पाकिस्तान के कानून के हिसाब से अपनी सामग्री मर्यादित नहीं करते थे।
पीटीए का कहना है कि ये एप्स उनसे ब्लॉक हटाने का अनुरोध कर सकती हैं, लेकिन उन्हें आश्वासन देना होगा कि वह अनैतिक या अशोभनीय सामग्री नियंत्रित करेंगे। बता दें, पाकिस्तान प्रशासन का यह फैसला उस समय आया है जब पाकिस्तान के रेगुलेटर्स ने इन्हीं कारणों से कुछ दिन पहले यूट्यूब को बंद करने की धमकी दी थी।
जी हाँ, पिछले हफ्ते, पीटीए ने YouTube से उन सभी वीडियो को तुरंत ब्लॉक करने के लिए कहा था जिन्हें वह आपत्तिजनक मान रहे थे। इसके बाद कई कैंपेनर्स ने इस फैसले का विरोध किया था जिन्हें पाकिस्तान के इंटरनेट और प्रिंटेड मीडिया पर सेंसरशिप का डर रहता है।
डिजिटल राइट्स ग्रुप्स बाइट फॉर ऑल के निदेशक शहजाद अहमद ने पीटीए पर इस फैसले के लिए निशाना साधा। अहमद ने कहा कि अगर वयस्क एप पर रहना चाहते हैं, तो प्रशासन को यह निर्धारित नहीं करना चाहिए कि कौन एप इस्तेमाल करेगा और कौन नहीं। उन्होंने प्रशासन के इस कदम को वाहियात कदम बताया है और कहा कि लोग एप्स को एक्सेस करने के तरीके ढूँढ ही लेंगे।
यहाँ बता दें कि जुलाई में पाकिस्तान ने वीडियो शेयरिंग एप बिगो पाकिस्तान को बैन करने के बाद टिकटॉक को बैन करने की धमकी दी थी। ऐसा इसलिए क्योंकि अनैतिक सामग्रियों को लेकर उनके पास कई शिकायत आ रही थीं। पीटीए ने बयान जारी करते हुए कहा था कि समाज के विभिन्न वर्गों से उन्हें टिकटॉक और बिगो जैसी एप्स के ख़िलाफ़ शिकायतें मिल रही हैं। शिकायत में कहा जा रहा है कि अनैतिक, अश्लील, घटिया सामग्री इन सोशल मीडिया एप्स पर आम हो चुकी हैं।
बता दें कि पीटीए ने अपनी ताकतों का इस्तेमाल करते हुए टिकटॉक को आखिरी चेतावती दी थी कि वह अपनी ऐप पर ऐसी अनैतिकता और अश्लीलता पर नियंत्रण लगाए।