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सड़क पर प्रवासी मजदूरों के साथ हादसा: UP-MP में 14 की मौत, 50 से ज्यादा घायल

कोरोना वायरस की मार सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूरों पर पड़ी है। लॉकडाउन के बीच पैदल ही अपने घर जाने की जद्दोजहद में लगे मजदूर आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस बार घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की है। मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाइवे पर पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों को बुधवार (13.5.20) देर रात एक तेज रफ्तार बस ने कुचल दिया। इसमें 6 लोगों की मृत्यु हो गई।

रिपोर्टों के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घौली चेक-पोस्ट के पास हुई। पुलिस ने अज्ञात बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आउटलुक की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के वक़्त आरोपी ड्राइवर शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था। पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी कर फरार ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

रिपोर्ट के अनुसार गंभीर रूप से घायल हुए दो प्रवासी श्रमिकों को जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर कर दिया। साथ ही मामूली रूप से घायल हुए दो अन्य प्रवासियों का मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस तरह की एक और भयावह घटना मध्य प्रदेश के गुना जिले में हुई। यहाँ 14 मई की सुबह 3 बजे एक ट्रक हादसे में 50 प्रवासी मजदूर घायल हो गए और 8 लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार प्रवासी मजदूर कंटेनर में सवार होकर महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश जा रहे थे। यह कंटेनर गुना कैंट थाना के समीप विपरीत दिशा से आ रही बस से टकरा गया। दुर्घटना में घायल हुए लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस सप्ताह की शुरुआत में, मध्य प्रदेश में ट्रक पलटने की वजह से 5 प्रवासियों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हो गए थे। ये हादसा तब हुआ, जब आम से लदे ट्रक में मजदूर हैदराबाद से उत्तर प्रदेश जा रहे थे। इससे पहले भी 15 प्रवासी कामगारों की मौत ट्रैन से कुचलने की वजह से तब हुई थी, जब वे पटरियों पर सो रहे थे।

नोएडा: नाबालिग को संबंध बनाने के लिए किया मजबूर, वीडियो वायरल करने वाले सानू, जियारुल और मिनाजुल गिरफ्तार

एक नाबालिग को दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने और उसका वीडियो वायरल करने के आरोप में नोएडा पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किए हैं। इनके नाम सानू, जियारुल और मिनाजुल हैं।

घटना थाना सेक्टर-49 क्षेत्र के बरौला गाँव की है। 14 वर्षीय किशोरी को आरोपितों ने पहले अपने दोस्त के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर किया और फिर वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

सहायक पुलिस आयुक्त विमल कुमार सिंह से मिली जानकारी के अनुसार लड़की अपने दोस्त के साथ सब्जी लेने के लिए सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन के पास गई थी। लौटते समय सानू, जियारुल और मिनाजुल ने उन्हें रोक लिया। धमका कर मेट्रो स्टेशन के पीछे झाड़ियों में लेकर गए। वहाँ किशोरी और उसके दोस्त के साथ मारपीट की। किशोरी को कपड़े उतारने के लिए बाध्य किया।

पुलिस के मुताबिक कपड़े उतरवाने के बाद आरोपितों ने किशोरी और उसके दोस्त को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। इसका अश्लील वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

घटना के बाद पीड़ितों को लेकर परिवार वालों ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगलवार रात घटना की रिपोर्ट दर्ज की गई और बुधवार को तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी हुई।

वहीं, नोएडा के सेक्टर-74 में रहने वाली एक युवती के साथ बदसलूकी और रेप की धमकी देने का मामला भी सामने आया है। एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार थाना सेक्टर-49 में युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके मुताबिक दिल्ली के तिलक नगर निवासी एक युवक ने उसकी सहेली के फोन से उसे वीडियो कॉल किया और गंदी बातें करने लगा।

युवती के फोन काटने पर आरोपित ने कई बार उसे वीडियो कॉल किया। पिस्टल दिखाते हुए रेप की धमकी दी। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।

नीरव मोदी के बचाव में गवाही किसने दी? कॉन्ग्रेसी नेता अभय थिप्से ने, जो पहले हाई कोर्ट के जज थे

अभय थिप्से ने नीरव मोदी के बचाव में गवाही दी है, जिसके बाद वो चर्चा में हैं। भारत सरकार ने बुधवार (मई 13, 2020) को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ धोखधड़ी और धन शोधन के मामले में लंदन की एक अदालत में सबूतों के तौर पर और दस्तावेज जमा किए।

इस सुनवाई में नीरव मोदी के बचाव पक्ष में 2 लोगों ने गवाही दी है – पहले हैं थियेरी फ्रिच और दूसरे हैं भारत से न्यायमूर्ति अभय थिप्से (Abhay Thipsay)। इन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से नीरव मोदी के बचाव में अपनी गवाही दी।

पहले गवाह थियेरी फ्रिच एक मशहूर फ्रांसीसी आभूषण विशेषज्ञ हैं। दूसरे गवाह अभय थिप्से दिलचस्प हैं। बॉम्बे और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश, रहने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट से रिटायर्ड जज अभय थिप्से, वर्ष 2018 में कॉन्ग्रेस ज्वाइन कर चुके हैं।

अभय थिप्से ने नीरव मोदी के बचाव में कहा:

“जब तक किसी को धोखा नहीं दिया जाता है, तब तक भारतीय कानून के तहत यह कोई धोखा नहीं हो सकता। धोखेबाज़ी धोखाधड़ी के अपराध का एक अनिवार्य घटक है। यदि LoU जारी करने में किसी को धोखा नहीं दिया गया तो कॉर्पोरेट निकाय को धोखा दिए जाने का कोई सवाल ही नहीं है। LoUs जारी करने के लिए बैंक के अधिकारियों को दिए गए अधिकार को संपत्ति नहीं कहा जा सकता है और उन्हें संपत्ति के साथ सौंपने के लिए नहीं कहा जा सकता है और इसलिए विश्वास का आपराधिक उल्लंघन नहीं हो सकता है।”

वर्ष 2019 के आम चुनावों से कुछ महीने पहले ही कॉन्ग्रेस में शामिल होने के बाद अभय थिप्से ने कहा था:

“फासीवादी ताकतों के सामने खड़ा होना जरूरी है। झूठी ऐतिहासिक पटकथा लिखी जा रही हैं। संवैधानिक सिद्धांतों को बरकरार रखा जाना जरूरी है। आक्रामक राष्ट्रवाद की आड़ में सांप्रदायिकता फैलाई जा रही है। इन सभी ताकतों के खिलाफ अकेले लड़ना असंभव है।”

सोशल मीडिया पर भी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के लिए अभय थिप्से की दी गई गवाही चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है:

“बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस अभय थिप्से नीरव मोदी का बचाव करने के लिए ब्रिटेन की अदालत में पेश हुए। पप्पू @राहुल गाँधी, आपने उसे वहाँ भेजने से पहले क्या सोचा था? भारत का कोई भी नहीं जानता या फिर नीरव ब्लैकमेल कर रहा है?”

ज्ञात हो कि ये वही अभय थिप्से हैं, जिन्होंने ‘हिट एंड रन’ केस मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को ज़मानत दी थी।

इसके अलावा अभय थिप्से ने सोहराबुद्दीन मामले में भी न्यापालिका के फैसले पर ही सवाल उठाते हुए कहा था कि यह न्यायपालिका की विफलता है और न्याय तन्त्र असफल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया था कि हाई-प्रोफाइल आरोपितों को बरी किया गया है।

वामपंथी गिरोहों की तरह ही अभय थिप्से ने भी जस्टिस लोया कि मौत पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा था कि उनकी मौत की जाँच की जानी चाहिए और कॉल रिकॉर्डिंग भी देखी जानी चाहिए।

दरअसल, ये लगभग वो मामले हैं, जिन पर अक्सर कॉन्ग्रेस से लेकर हर सरकार विरोधी दल केंद्र सरकार के खिलाफ फर्जी नेरेटिव बनाते हुए आया है। ऐसे में यदि कॉन्ग्रेस अपने नेताओं को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के बचाव में उतारती है तो इस पर पार्टी की संदेहास्पद भूमिका ही नजर आती है कि आखिर क्यों वो एक भगोड़े का बचाव कर रही है?

नीरव मोदी पर वर्ष 2011 से 2017 तक पीएनबी के अधिकारियों के साथ धोखाधड़ी और साजिश द्वारा पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के LoUs (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के माध्यम से अत्यधिक लाभकारी दरों पर £700 मिलियन (6,498 करोड़ रुपए) के बिना सेंक्शन किए ऋण प्राप्त करने का आरोप है।

‘पश्चिम बंगाल को इस्लामिक स्टेट बनाकर बांग्लादेश से जोड़ना चाहती हैं ममता बनर्जी’ – BJP और TMC मंत्री में भिड़ंत

मोदी सरकार में राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बयान दिया है कि वो पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश से जोड़ना चाहती हैं। देबाश्री चौधरी ने तो यहाँ तक कह दिया कि यही वो कारण है जिसके लिए ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को इस्लामिक स्टेट बनाने में जुटीं हैं।

ममता के मंत्री गुलाम रब्बानी को आया गुस्सा

पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट से सांसद देबाश्री चौधरी इसके बाद TMC नेताओं के निशाने पर आ गई हैं। ममता बनर्जी सरकार में श्रम राज्य मंत्री गुलाम रब्बानी ने कई ट्वीट किए। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा:

“विपक्ष की आलोचना मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए, कल्पनाओं पर नहीं। कल तक उनके सहकर्मी गृहमंत्री भी ममता बनर्जी से बांग्लादेशी लोगों की मदद के लिए सीमाओं को खोलना चाहते थे। आखिर दिल्ली में बैठकर कौन ‘तथाकथित जिहादियों’ की मदद करना चाहता है?”

ममता बनर्जी के मंत्री गुलाम रब्बानी ने कटाक्ष कसते हुए कहा, “मैं और क्या कह सकता हूँ, समय पर दवाएँ लें और सुरक्षित रहें। लॉकडाउन आपको प्रभावित कर रहा है।”

ज्ञात हो कि देबाश्री चौधरी ने एक इंटरव्यू में यह भी कहा था कि ममता बनर्जी सरकार रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को पाल-पोस रही हैं। उन्होंने कहा कि देश-विरोधी तत्वों को बंगाल में सरकारी संरक्षण मिल रहा है।

पश्चिम बंगाल के हुगली जि़ले के तेलिनीपाड़ा इलाके में फैली हिंसा को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने ममता बनर्जी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा:

“जिस तरह से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के घर और मंदिर जलाए जाते हैं, उसी तरह से आज ममता दीदी के शासनकाल में पश्चिम बंगाल में बहुसंख्यकों के घर और दुकानें जलाईं जा रहीं। पुलिस मूकदर्शक बनी है। क्योंकि पुलिस को चुपचाप तमाशा देखने के लिए कहा गया है। पश्चिम बंगाल में दमन कर हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश हो रही है।”

‘भारत में 100 करोड़ जानवर और 35 करोड़ इंसान’ – मुनव्वर राना के ट्वीट पर लोगों ने कहा: हिंदुओं के लिए जहरीला

उर्दू के मशहूर और विवादित शायर मुनव्वर राना ने फिर से एक ट्वीट किया है। ट्वीट इस बार भी विवादित ही है। मुनव्वर राणा ने लिखा है कि भारत में 35 करोड़ इंसान और 100 करोड़ जानवर रहते हैं।

मुनव्वर राणा ने यह ट्वीट भाजपा नेता संबित पात्रा को सम्बोधित करते हुए भारत में रहने वाले लोगों को लेकर लिखा है। शायर मुनव्वर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा:

“डियर संबित, कॉन्ग्रेस की जवानी में तो आप गब्हे पे रहे होंगे (गब्हे का मतलब आप उड़ीसा में नहीं, यूपी में पूछना)। लेकिन कोरोना पर सरकार की नाकामी ने मेरी इस बात को सही साबित किया कि भारत में 35 करोड़ इंसान और 100 करोड़ जानवर रहते हैं, जो सिर्फ वोट देने के काम आते हैं।”

अपने इस ट्वीट पर एक कमेंट में मुनव्वर राना ने लिखा – “मैं झूठ के दरबार में सच बोल रहा हूँ, हैरत है कि सर मेरा क़लम क्यूँ नहीं होता।”

सोशल मीडिया पर जिस तरह से आप लिखने को स्वतंत्र हैं, ठीक उसी तरह से लोग कॉमेंट करने को। मुनव्वर राना के विवादित ट्वीट के जवाब में एक यूजर ने रिप्लाई कर लिखा:

“जितनी ज़हालत पेलने की आजादी हिन्दुस्तान में मिली है, यदि इतनी जहालत किसी शरिया कानून वाले मुल्क में करते तो तेरी सर कलम वाली ख्वाहिश भी पूरी हो जाती! शुक्र मना तू दुनिया के सबसे सहिष्णु हिंदुओं के बीच रह रहा है, जिन्होंने कुत्तों को भी भौंकने की आजादी दे रखी है!”

इस विवादित ट्वीट के प्रकाश में आते ही अब मुनव्वर राना सफाई देते हुए भी नजर आ रहे हैं। 100 करोड़ इंसानों को जानवर (शायद हिंदुओं को) बताकर निशाना बनाने की कोशिश करने के बाद अब शायर मुनव्वर ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा है:

“जिस तरह से हमारे ट्वीट को तोड़-मरोड़ कर हव्वा बनाया जा रहा है, वो सरासर ग़लत है। यहाँ 35 करोड़ वो लोग हैं जो ख़ुशहाल हैं, और 100 करोड़ लोगों से मुराद वो भारतवासी हैं, जो खाने-पीने और ओढ़ने-बिछाने जैसे हर बुनियादी हुक़ूक़ से महरूम हैं।”

मुनव्वर राना के इस ट्वीट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

राशन बाँटने के नाम पर कॉन्ग्रेसी MLA के स्कॉर्पियो से शराब की तस्करी: कार्यकर्ता गिरफ्तार, विधायक पर FIR

कॉन्ग्रेस के विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी की निजी गाड़ी से शराब की सात बोतलें बरामद की गईं। बुधवार (13.5.20) की शाम बिहार में बक्सर सदर पुलिस ने शराब अधिनियम की धारा के तहत विधायक की गाड़ी को जब्त कर उस पर सवार चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

यह पूरा मामला बिहार के बक्सर जिला अंतर्गत सिमरी थाना क्षेत्र के नगपुरा का है। यहाँ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे वाहन जाँच के दौरान बक्सर सदर से कॉन्ग्रेस के विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी की गाड़ी से शराब की बोतलें बरामद हुईं। मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी केके सिंह थाना में जाँच के लिए पहुँचे और गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की।

गिरफ्तार लोगों की पहचान चुरामनपुर निवासी चालक सुशील कुमार प्रसाद, बड़कागांव मानसिंह पट्टी निवासी अनिल मिश्रा, दलसागर निवासी विक्की तिवारी और नितेश तिवारी के रूप में की गई है। विक्की पहले भी शराब तस्करी के मामले में आरोपित है।

नदी के रास्ते से शराब की सप्लाई

सिमरी थानाध्यक्ष से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को नदी के रास्ते शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। इस आधार पर पुलिस द्वारा वहाँ से आने-जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को स्कॉर्पियो आती दिखी। तलाशी के दौरान गाड़ी से महँगी शराब की सात बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने शराब समेत गाड़ी जब्त करने के साथ वाहन पर सवार चालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

कॉन्ग्रेस विधायक ने दी सफ़ाई

इस मामले पर विधायक ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि कार्यकर्ता कोरोना वायरस की संकट की घड़ी में ग्रामीण इलाकों में राशन बाँटने के लिए गए थे। वे खुद चकित हैं कि आखिर उनकी गाड़ी में शराब कैसे आई। उन्होंने कहा कि उनकी बात अभी कार्यकर्ताओं से नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह उनके खिलाफ साजिश हो सकती है। उन्होंने बिहार सरकार से इसकी न्यायिक जाँच करवाने का अनुरोध किया।

विधायक के वाहन से शराब का पकड़ा जाना राजनीतिक हलकों समेत अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल गाड़ी विधायक के नाम पर होने की वजह से उन पर एफआईआर दर्ज किया गया है। वहीं डीएसपी केके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है कि वे किसके लिए शराब ले जा रहे थे।

क्या है गोपालगंज का रोहित जायसवाल मामला? जानिए पूरा घटनाक्रम

अपडेट: बिहार के डीजीपी की जॉंच के बाद हम सूचनाओं को अपडेट कर रहे हैं। पीड़ित पिता इस दौरान कई बार अपने बयान से मुकरे हैं। लिहाजा उनकी ओर से किए गए सांप्रदायिक दावों को हम हटा रहे हैं। हमारा मकसद किसी संप्रदाय की भावनाओं का आहत करना नहीं था। केवल पीड़ित पक्ष की बातें सामने रखना था। इस क्रम में किसी की भावनाओं को ठेस पहुॅंची हो तो हमे खेद है।

ऑपइंडिया ने एक ख़बर प्रकाशित की थी, जिसमें बिहार के गोपालगंज के कटेया थाना स्थित बेलहीडीह गाँव के रोहित जायसवाल की कथित हत्या का जिक्र था। मृतक के पिता राजेश जायसवाल ने पुलिस-प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे।

रोहित के पिता राजेश और बहन ने वीडियो के द्वारा लोगों से उनके लिए आवाज़ उठाने की माँग की थी। ऑपइंडिया ने पीड़ित परिवार से विस्तृत रूप से बातचीत कर सारे आरोपों का जिक्र किया था।

उस दिन क्या हुआ था?

गोपालगंज के कटेया थाना क्षेत्र का रोहित जायसवाल 28 मार्च 2020 को गायब हुआ था। इसके बाद परिवार ने खोजबीन शुरू की। जायसवाल परिवार की पकौड़े की दुकान थी। उससे ही घर का गुजर-बसर चलता था। गायब होने के अगले दिन यानी 29 मार्च को रोहित की लाश गाँव से 3-4 किलोमीटर दूर एक नदी से निकली।

वीडियो से क्या पता चलता है?

राजेश जायसवाल ने अपने बेटे रोहित जायसवाल के हत्याकांड पर थाने में FIR दर्ज कराई। गाँव के ही कुछ लोगों को आरोपित बनाया। रोहित जायसवाल द्वारा शूट किए गए वीडियो में थाना प्रभारी अश्विनी तिवारी उनके साथ गाली-गलौज करते हुए दिखते हैं।

राजेश जायसवाल के मुताबिक वो अपनी पत्नी को लेकर भी थाने में न्याय के लिए गुहार लगाने गए थे लेकिन उनका कहना है कि एक महिला को सामने देख कर भी थानाध्यक्ष ने वही हरकतें की

राजेश जायसवाल के क्या आरोप हैं, क्या हुआ था?

अगर पूरे घटना को पीड़ित पिता राजेश जायसवाल के आरोपों से चश्मे से देखें तो ये पुलिस के वर्जन से बिल्कुल अलग है। राजेश ने बेटे की कथित हत्या को लेकर कुछ सांप्रदायिक दावे किए थे।

कुछ ख़बरों की मानें तो रोहित की मौत नदी में डूबने से हुई है। इस बात पर पीड़ित परिवार कहना है कि जहाँ से रोहित की लाश मिली, वहाँ कोई नहाने भी नहीं जाता और उसके कपड़े पास की झाड़ी से मिले। उनका ये भी कहना है कि लाश के ऊपर कोई भारी चीज डाल दी गई थी, क्योंकि वो काफी गहरी चली गई थी।

पुलिस क्या कहती है?

पुलिस से ऑपइंडिया ने कई बार संपर्क किया। थाना प्रभारी अश्विनी तिवारी ने अधिकतर बार व्यस्त होने की बात कह के कॉल कट कर दिया। बात होने पर उन्होंने कहा था कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की और 5 लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था। एसपी मनोज कुमार तिवारी ने भी यही कहा कि जाँच एसडीपीओ को सौंपी जा चुकी है और कार्रवाई हो गई है। हथुआ डीएसपी ने भी कहा कि कार्रवाई हो गई है। इससे आगे पुलिस से बात नहीं हो पाई।

कुछ ख़बरों के अनुसार, एसपी मनोज तिवारी ने कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक रोहित की मौत डूबने के कारण हुई है।

Zee News के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी को UAE से खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों की धमकी भरे कॉल

Zee News के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी को खालिस्तान समर्थक आंतकवादी ने फोन पर धमकी दी है। हाल ही में सुधीर चौधरी को उनके चैनल Zee News पर DNA प्रोग्राम में इस्लामिक जिहाद और उसकी क्रियाविधि पर रिपोर्टिंग करने के लिए पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा भी धमकी मिली थी।

इसके बाद इस बार फिर Zee News के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) को अब UAE से खालिस्तान समर्थित आतंकवादी और फिर एक कश्मीरी आतंकवादी से फोन पर धमकी मिली हैं। इसके साथ ही आतंकवादियों ने सुधीर चौधरी को ऑडियो टेप भेजकर कश्मीर को भारत से अलग करने की भी बातें कहीं हैं।

सुधीर चौधरी को खालिस्तान समर्थक आतंकवादी ने भेजा ऑडियो टेप

सुधीर चौधरी को भेजे गए इस ऑडियो टेप में खालिस्तानी आतंकवादी ने सिख जनमत संग्रह 2020 पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा होगा और वे खालिस्तान की स्थापना करेंगे। ज़ी न्यूज़ ने इसकी रिकॉर्डिंग की है, जिसमें खालिस्तानी कहता है –

“पंजाब किसी के बाप का नहीं है और रेफरेंडम वैसे भी होगा। कोई भी खालिस्तान को स्थापित करने से नहीं रोक सकता।”

खालिस्तानी इस ऑडियो टेप में कहता है –

“ये जो पंजाब है न, ये किसी के बाप का नहीं का है, मैं सब हिंदुस्तानियों को बताना चाहता हूँ, इतिहास आप देखोगे न तो ये खालसा राज आधे हिंदुस्तान पर था। ठीक है ना। तो बाकायदा रिफरेंडम होगा, खालिस्तान भी बनेगा और जो ये सिंह हैं ना हमारे योद्धा.. ये बनाकर दिखाएँगे। मैंने आपका नंबर तीन-चार आदमियों से माँगा तो मिल गया।”

ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी सुधीर चौधरी को गत सोमवार (मई 10, 2020) को पाकिस्‍तान से जान से मारने की धमकियों भरे फोन आए थे।

यही नहीं, धमकी भरे फ़ोन कॉल के साथ ही उनके मोबाइल के व्‍हाट्सऐप नम्बर पर पाकिस्‍तान के कई मोबाइल नंबरों से उकसाने वाले संदेश और तस्‍वीरें भेजी गई हैं। इसके खिलाफ उन्‍होंने दिल्‍ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

पाकिस्तान से आई इन फ़ोन कॉल्स में से एक ने कहा कि वो केरल में हुई FIR के बारे में भी जानता है और जल्‍दी ही सुधीर चौधरी के खिलाफ ऐसी कई अन्‍य एफआईआर दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र और पंजाब में दर्ज कराई जाएँगी।

उल्लेखनीय है कि मार्च 11, 2020 को ज़ी न्यूज़ चैनल पर DNA प्रोग्राम में जम्‍मू-कश्‍मीर पर ‘जमीन जेहाद‘ नाम से ग्राउंड रिपोर्ट दिखाने और जिहाद के विभिन्‍न स्‍वरूपों का जिक्र करने के कारण उन पर केरल में सुधीर चौधरी के खिलाफ गैर-जमानती FIR दर्ज कराई गई है।

बडगाम में चेक पोस्ट तोड़कर भाग रहे मेहराजुद्दीन की CRPF जवान की गोली से हुई मौत, उमर अब्दुल्ला ने की जाँच माँग

जम्मू कश्मीर के बडगाम में बुधवार (मई 12, 2020) को चेकपोस्ट से भाग रहे मेहराजुद्दीन की CRPF जवान की गोली से मौत हो गई है। यह हादसा तब हुआ जब मेहराजुद्दीन नारबल के कावूसा खलिसा गाँव के पास बने चेक पोस्ट को तोड़कर भाग रहा था।

सुरक्षाबलों ने उसे रोकने की कोशिश की तो वह रुकने के बजाए कार की स्पीड बढ़ाकर भागने लगा। और तभी CRPF के जवान ने गोली चला दी, जिसमें मेहराजुद्दीन की मौत हो गई।

यह घटना आज सुबह श्रीनगर-गुलमर्ग हाइवे पर स्थित नारबल इलाके में घटी। नारबल के पास कावूसा खलिसा गाँव के बाहरी सड़क पर नाके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने एक कार काे रूकने का संकेत किया लेकिन कार चला रहा मेहराजुद्दीन उनके इशारे को नजरंदाज करते हुए तेजगति के साथ आगे निकल गया।

जब कार चालक दूसरे नाके पर पहुँचा तो वहाँ पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भी उसे रूकने का इशारा दिया। लेकिन कार चालक ने वहाँ पर भी रूकने के बजाए वह नाका भी तोड़ दिया। इसके बाद नाके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को कार में संदिग्ध आतंकियों के छिपे होने का संदेह हुआ और उन्होंने कार की ओर फायरिंग शुरू कर दी।

CRPF के जवानों की एक गोली कार चला रहे मेहराजुद्दीन के कंधे और सीने में लगी और वह गंभीर रुप से घायल हो गया। सुरक्षाकर्मियों ने कार रुकने के बाद उस घाायल पड़े चालक को उठाया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर गए, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

मेहराजुद्दीन बडगाम जिले में मकहामा खाग का रहने वाला था। एसएसपी अनंतनाग ने मामले की जाँच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रोष व्यक्त करते हुए जाँच की माँग की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना के बाद स्थानीय लोग विरोध में सड़क पर उतर आए और वहाँ हंगामा शुरू कर दिया।

इसके बाद पुलिस ने किसी तरह से वहाँ मौजूद लोगों को समझाकर शांत किया। उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और ट्विट कर के इसकी निष्पक्ष जाँच की माँग की है।

उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा है – “बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण, इस घटना के आस-पास की परिस्थितियों की निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए और तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए। मृतक के परिवार के प्रति मेरी संवेदना।”

पीएम मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर शशि थरूर ने साधा निशाना, तो अनुपम खेर ने कहा- टुकड़ों पर बिके हुए लोग

कोरोना वायरस की दहशत के बीच पीएम मोदी ने मंगलवार (मई 12, 2020) शाम को राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए का एक पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देने का ऐलान किया।

साथ ही पीएम मोदी ने लॉकडाउन 4.0 को लेकर भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने निशाना साधते हुए कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ कुछ और नहीं, ‘मेक इन इंडिया’ ही है जिसकी री-पैकेजिंग कर नया नाम दे दिया गया है। उनके ट्वीट पर बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने हमला बोला है।

शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए लिखा, “नए नाम से वही पुराना शेर बेच गए, सपनों के वो फिर से ढेरों ढेर बेच गए। मेक इन इंडिया अब आत्मनिर्भर भारत हो गया, कुछ और भी नया था क्या?” शशि थरूर ने अपने ट्वीट में एक ग्राफिक भी शेयर किया है। इस ग्राफिक में मेक इन इंडिया का लोगो है, जिसे एक मजदूर रिपेयर करते हुए दिखाई दे रहा है।

अनुपम खेर ने उनके ट्वीट पर रिएक्शन देते हुए कहा, “‘कोहनी पर टिके हुए लोग, टुकड़ों पर बिके हुए लोग! करते हैं बरगद की बातें, ये गमले में उगे हुए लोग!!”

कुछ ही दिन पहले मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस ने कहा था कि सरकार कोरोन वायरस की आपदा से निपटने के लिए देश की कुल GDP का कम से कम 5-6% की घोषणा करनी चाहिए। मगर जब GDP के 10% के आर्थिक पैकेज की घोषणा हुई, तो उसके तुरन्त बाद कॉन्ग्रेस की ओर से जो प्रतिक्रियाएँ आई हैं, उन्हें देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि कम से कम कॉन्ग्रेस के लिए यह काफी नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के बारे में बताते हुए कहा कि ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु-मंझोले उद्योग, MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है।

उन्होंने कहा कि ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहा है। ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है।