विषय

lead story

जिससे थी उम्मीदें, वो बेवफा निकला: ‘सरजी’ के गले का फाँस बना शाहीन बाग़, बिगड़ा चुनावी गणित

कॉन्ग्रेस चालाक निकली। उसने दिग्विजय और मणिशंकर जैसे नाकारा नेताओं को वहाँ भेज इतिश्री कर ली। 'सरजी' राजनीतिक फसल काटने के लिए लालच में आ गए। अमानतुल्लाह-सिसोदिया ने काम बिगाड़ दिया। अब शाहीनबाग़ वो कुल्हाड़ी बन गया है, जिसे दिल्ली के मुखिया ने अपने पाँव पर ही दे मारा।

चोट हलाला, पॉलीगेमी, तलाक पर की जाती है, दर्द इन्हें होता है: मिलिए ‘The Wire’ की आरफा खानम जी से

जो गोरखनाथ मंदिर को लेकर झूठ फैलाती है। जो आज़म ख़ान के महिलाविरोधी बयान का बचाव करती है। जो 'जय श्री राम' से नफरत करती है और 'ला इलाहा' का महिमामंडन करती है। जो हलाला का विरोध करने वालों से लड़ाई करती है। वो 'द वायर' की आरफा खानम शेरवानी है।

शाहीन बाग में ₹120 करोड़ का खेल: इस्लामी कट्टरपंथी PFI का पैसा, सिब्बल और इंदिरा जयसिंह का योगदान – ED

पीएफआई ने दंगों से पहले 27 बैंक अक़ॉउंट ख़ोले थे। 9 बैंक अकॉउंट रेहाब फाउंडेशन के नाम पर खोले गए थे, जिसका संबंध भी पीएफआई से है। जबकि 37 अन्य अकॉउंट भी इसी संगठन ने 17 अलग-अलग लोगों के नाम और संगठनों के नाम पर खोले थे।

‘शरजील इमाम के खिलाफ सभी केस वापस लो’ – बरखा दत्त की Sheroes उतरीं ‘देशद्रोही’ के समर्थन में

"शरजील के ख़िलाफ़ असम और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, वो निंदाजनक है। शरजील सिर्फ़ नागरिकता संशोधन कानून का मौख़िक आलोचक है और AMU में जो उसने असम के बारे में बयान दिया, उसे संघ के लोग और भाजपा प्रवक्ता गलत तरह से पेश कर रहे हैं।"

मुस्लिम बन कर मत करो विरोध-प्रदर्शन, वरना… द वायर की आरफा शेरवानी ने समुदाय विशेष को समझाई रणनीति

"हम अपनी विचारधारा से समझौता नहीं कर रहे बल्कि अपने तरीके और स्ट्रेटेजी बदल रहे हैं। सभी जाति, धर्म के लोग साथ आएँ। घर पर खूब मजहबी नारे पढ़कर आइए, उनसे आपको ताकत मिलती है। लेकिन सिर्फ मुस्लिम बनकर विरोध मत कीजिए, आप लड़ाई हार जाएँगे।"

मस्जिद व कॉन्ग्रेस दफ्तर से चले पत्थर: मुस्लिमों ने की गोलीबारी, ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ चीखते हुए टूट पड़ी भीड़

"हिन्दू माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं क्योंकि मुस्लिम अपने बच्चों को जिहादी बना रहे हैं। दंगाई मुस्लिम भीड़ ने 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' का नारा लगाते हुए न सिर्फ़ ईंट-पत्थर फेंके बल्कि गोली चलाई और पेट्रोल बम भी दागे। मुस्लिम महिलाएँ मिर्ची पाउडर फेंक रही थीं।"

मास्टरमाइंड शरजील के नंगे हो जाने के बाद शाहीन बाग वाले जोर-शोर से अपनी देशभक्ति जताने में जुटे

वे जितने ज्यादा जोर से 'इंकलाब ज़िंदाबाद' बोलेंगे, वामपंथी मीडिया उतना ही ज्यादा द्रवित होगा। कोई रवीश कुमार टीवी स्टूडियो में बैठ कर कहेगा- "क्या तिरंगा हाथ में लेकर राष्ट्रगान गाने वाले और संविधान का पाठ करने वाले देश के टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य हो सकते हैं? नहीं न।"

हज़ारों मुस्लिम युवा सड़क पर उतरेंगे: शरजील इमाम के समर्थन में कूदे इस्लामी कट्टरवादी

शरजील इमाम वामपंथियों के प्रोपेगंडा पोर्टल 'द वायर' में कॉलम भी लिखता है। प्रोपेगंडा पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री के शरजील उस्मानी ने इमाम का समर्थन किया है। जेएनयू छात्र संघ की काउंसलर आफरीन फातिमा ने भी इमाम का समर्थन करते हुए लिखा कि सरकार उससे डर गई है।

4 धमाकों से दहला असम, शरजील इमाम ने दी थी राज्य को भारत से अलग करने की धमकी

ये धमाके तब हुए हैं, जब शाहीन बाग़ विरोध-प्रदर्शन के मुख्य साज़िशकर्ता शरजील इमाम ने असम को शेष भारत से काट कर अलग करने की धमकी दी थी। भारत के 'टुकड़े-टुकड़े' करने की बात करते हुए शरजील ने कहा था कि 'चिकेन्स नेक' वाले क्षेत्र को ब्लॉक कर के पूरे उत्तर-पूर्व को शेष भारत से अलग-थलग कर देने का लक्ष्य होना चाहिए।

शाहीन बाग की इन औरतों का हंगामा और संविधान देने वाली उन 15 महिलाओं का हासिल

संविधान का मसौदा तैयार करने में अहम किरदार निभाने वाली उन महिलाओं ने क्या सपना देखा था और शाहीन बाग की औरतें कैसी मिसाल पेश कर रही हैं। यह जानने के लिए 26 जनवरी से बेहतर दिन नहीं हो सकता।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें