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लखीमपुर खीरी हिंसा में जाँच तेज: SIT के इन नम्बरों पर दीजिए जानकारी, पहचान रखी जाएगी गुप्त; UP पुलिस देगी सुरक्षा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले की जाँच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जाँच तेज कर दी है। इसी क्रम में जाँच टीम ने हिंसा के चश्मदीदों से जाँच में सहयोग करने के लिए आगे आने की अपील की है। एसआईटी ने इस मामले में अफसरों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं। साथ ही लोगों से अपना बयान दर्ज कराने को कहा है।

मोबाइल नंबरों को जारी करने के साथ ही जाँच दल की ओर से कहा गया है कि जो भी चश्मदीद घटना की जानकारी देगा। उसकी पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखने के साथ ही उसे सुरक्षा भी दी जाएगी। एसआईटी के द्वारा जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा के बाद उसकी जाँच के लिए प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। इसके अध्यक्ष उपेंद्र कुमार अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक लखनऊ हेडक्वार्टर हैं। उनका मोबाइल नंबर 9454400454 है।

इसके अलावा एसआईटी की ओर से बाराबंकी स्थित पीएसी की 10वीं वाहिनी के सेनानायक सुनील कुमार सिंह (9454400394), खीरी के अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार (9454401072), खीरी क्राइम ब्रान्च के निरीक्षक विद्याराम दिवाकर (7017496741) और निरीक्षक सुधीर चंद्र पांडेय (9450782977) का मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है। चश्मदीद इन नंबरों पर संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दे सकते हैं। अगर वो एसआईटी के चीफ से सीधे मिलकर जानकारी देना चाहते हैं तो वे ऐसा भी कर सकते हैं।

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जाँच एजेंसी ने मंगलवार (26 अक्टूबर 2021) को बीजेपी कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में विचित्र सिंह और गुरुविंदर सिंह को गिरफ्तार किया था। दूसरे पक्ष की तरफ से ये पहली गिरफ्तारी थी। जबकि किसानों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं।

पाकिस्तान के समर्थन पर जो नफीसा स्कूल से निकाली गई, उसने कहा- परिवार के दूसरे लोगों ने भी ऐसा किया: उदयपुर की टीचर पर FIR

राजस्थान के उदयपुर में नीरजा मोदी स्कूल ने टीचर नफीसा अटारी को नौकरी से निकाल दिया था। भारत की हार का जश्न मनाने के बाद कार्रवाई का सामना करने वाली नफीसा ने बताया है कि उसके परिवार के दूसरे लोगों ने भी पाकिस्तान का समर्थन किया था। उसके खिलाफ उदयपुर के अंबा माता पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 बी के तहत FIR भी दर्ज की गई है।

बता दें कि नफीसा ने T-20 वर्ल्ड कप में भारत की हार और पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाया था। जिसके बाद स्कूल ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। अब नफीसा का कहना है कि उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी भारत के खिलाफ टी 20 विश्व कप में पाकिस्तान की टीम का समर्थन कर रहे थे।

नफीसा ने बताया कि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान उनका परिवार दो टीमों में बँट गया था और अपनी-अपनी टीम का समर्थन किया। उनके अनुसार उनकी टीम पाकिस्तान का समर्थन कर रही थी, इसलिए उन्होंने जीत के बाद व्हाट्सएप पर स्टेटस पोस्ट किया। उन्होंने दावा किया कि वे वास्तव में पाकिस्तान की टीम का समर्थन नहीं करती हैं। नफीसा ने अपने बयान में कहा, “हमारे परिवार के सदस्य 2 समूहों में विभाजित थे और उन्होंने अपनी टीमों का समर्थन किया। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं पाक का समर्थन करती हूँ।”

दरअसल, 25 अक्टूबर को उदयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की एक शिक्षिका नफीसा अटारी का व्हॉट्सऐप स्टेटस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। इस पोस्ट में नफीसा अटारी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें लिखा था, “जीत गए, हम जीत गए (Jeeeet gayeeee… We wonnn)”। इस पोस्ट के लिए नफीसा की काफी आलोचना हुई। 

किसी ने नफीसा अटारी का यह व्हाट्सएप स्टेटस देख लिया। पूछ भी लिया– क्या आप पाकिस्तान का समर्थन करती हैं? पूछने वाले ने शर्मसार होने वाली इमोजी भी लगाई। मैडम ने बड़ी शान से जवाब दिया– हाँ। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि अगर वह खुले तौर पर पाकिस्तान का समर्थन कर रही थी तो वह अपनी कक्षा में क्या पढ़ा रही होगी? हालाँकि, सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद ही नफीसा को स्कूल से निकाल दिया गया। सोशल मीडिया पर उसका टर्मिनेशन लेटर वायरल है। इसमें लिखा है कि नीरजा मोदी स्कूल की अध्यापिका नफीसा अटारी को सोजतिया चेरिटेबल ट्रस्ट की मीटिंग के निर्णय के अनुसार नीरजा मोदी स्कूल से तुरंत प्रभाव से निष्कासित किया जाता है।

‘परिवार का मैच, हार पर ज्यादा खुश’: चेन्नई की कंपनी ने पाकिस्तान की जीत का मनाया जश्न, शेयर की Pak खिलाड़ियों की सेल्फी

T20 विश्व कप में भारत को अपने पहले ही मैच में पाकिस्तान के हाथों 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसका जश्न भारत के कई हिस्सों में भी पटाखे फोड़ कर मनाया गया। पाकिस्तानी मंत्रियों ने इसे इस्लाम की जीत बताया, पूर्व खिलाड़ियों ने मोहम्मद रिजवान के ‘हिन्दुओं के बीच नमाज पढ़ने’ पर ख़ुशी जताई तो भारत में भी कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में जश्न मने। अब इस जश्न में तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित एक कंपनी भी शामिल हो गई है।

इस कंपनी का नाम है MEDLOQR, जिसकी अपनी वेबसाइट भी है और प्ले स्टोर पर इसका एप भी है। इसने अपने फेसबुक पेज पर अपने लोगो के साथ पाकिस्तानी टीम की सेल्फी लेते हुए तस्वीर पोस्ट कर के लिखा, “जब हम परिवार के बीच ही खेलते हैं, तब हम जीत पर खुश होते हैं। लेकिन जब हम हारते हैं, तब हम बहुत ज्यादा खुश होते हैं। भाई पाकिस्तान को शुभकामनाएँ। डाउन-डाउन ‘मौका-मौका’ स्टार स्पोर्ट्स।” बता दें कि पाकिस्तान की विश्व कप में भारत के हाथों लगातार हार पर इससे पहले ‘मौका-मौका’ नामक मजेदार विज्ञापन बनाया गया था।

जब हमने MEDLOQR की आधिकारिक वेबसाइट खँगाली तो उस पर हमें उसके दफ्तर का पता ये मिला – ‘नालम हेल्थकेयर सॉलूशन्स प्राइवेट लिमिटेड, #19, दूसरा फ्लोर, सिंगरवेलन पहली गली, पल्लवन नगर, मदुरावॉयल, चेन्नई – 60095। इस पर फोन नंबर ‘044 – 4264 3282’ और ईमेल एड्रेस ‘[email protected]’ दिया गया है। साथ ही जो लोग कंपनी से संपर्क करना चाहते हैं, उनके लिए नाम-नंबर और सन्देश लिखने वाला एक फॉर्म भी उपलब्ध है। अब आउटरेज होने के बाद कंपनी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम से इस पोस्ट को डिलीट कर लिया है।

कंपनी की वेबसाइट पर इसके दफ्तर का पता चेन्नई

जहाँ तक MEDLOQR का सवाल है, बताया गया है कि ये आपात मेडिकल स्थिति के लिए डिजाइन की गई एक हेल्थ आईडी है। इस पर स्कैन करने से डॉक्टरों और परिवार को सावधान करने से लेकर एम्बुलेंस तक बुलाने की व्यवस्था का दावा किया गया है। प्ले स्टोर पस इसका एप है, जिसे डाउनलोड कर के रजिस्टर करने पर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स सेलेकर करने के विकल्प आते हैं। इसमें आपको जो मेडिकल दिक्कतें हैं, उनका विवरण दिया जा सकता है। 2500 डाउनलोड्स वाला ये एप 80 ज़िंदगियाँ बचाने का दावा करता है।

आर्यन के बहाने NCB पर हमला: नवाब मलिक सहित लिबरल गिरोह की सोची-समझी चाल, कानूनी कार्रवाई को दिया राजनीतिक रंग

एनसीबी (NCB) ने आर्यन खान को ड्रग मामले में गिरफ्तार किया तो परंपरागत और सोशल मीडिया पर युद्ध सा छिड़ गया। आर्यन खान के समर्थन और एनसीबी के विरोध में कई लोग उठ खड़े हुए। तर्क, कुतर्क और बालसुलभ बातों से मीडिया स्पेस भर गया। गिरफ्तारी के पीछे के कारणों को लेकर लगाए गए कुछ कयास और जारी किए गए कुछ बयानों को पढ़कर लगा जैसे उनका उद्देश्य ही एनसीबी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाना और आम लोगों में भ्रम पैदा करना था। हाल के वर्षों में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के खिलाफ माहौल बना कर भ्रम पैदा करना लिबरल इकोसिस्टम के टूलकिट का ऐसा हिस्सा है जिसे बार-बार आजमाया जाता रहा है।

यह बताया गया कि केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी दरअसल आर्यन खान को नहीं बल्कि उनके बहाने शाहरुख खान के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। ऐसे बयान के पीछे के कारण तो इसे जारी करने वाले बयानबाजों को ही पता होंगे पर सबकुछ धड़ल्ले से कहा गया। जैसे शाहरुख खान की वर्तमान केंद्र सरकार से कोई दुश्मनी है और सरकार इसी कारण से शाहरुख़ खान को परेशान कर रही है। यह तब जब शाहरुख़ खान की केंद्र सरकार से ही नहीं, भाजपा के साथ भी कभी किसी तरह का सार्वजनिक विवाद नहीं रहा। फिर भी कुछ टीवी न्यूज़ चैनल, उनके संपादक और संवाददाताओं ने अपनी चिर परिचित नीति के तहत एनसीबी की कार्रवाई का खुलकर विरोध और आर्यन खान का समर्थन किया।

आगे चलकर कहा गया कि शाहरुख खान को इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि वे मुसलमान हैं। इस तरह के तर्क हमेशा से अजीब लगते रहे हैं पर समय-समय पर यह दोहरा कर इसे सच बनाने का प्रयास जारी है। कुछ तो अपने कुतर्क मार्ग पर चलकर वहाँ पहुँच गए जहाँ से यह कहते सुने गए कि; चूँकि शाहरुख़ खान सदी के सबसे लोकप्रिय भारतीय हैं इसलिए उनके बेटे के साथ ऐसा व्यवहार न तो कानून सम्मत है और न ही संविधान सम्मत।

भारत का कानून या सरकार शाहरुख़ खान की लोकप्रियता के आधार पर आचरण करें, यह कहना वैसा ही है जैसे यह कहा जाए कि अमिताभ बच्चन के कर्ज बैंकों द्वारा केवल इसलिए माफ़ कर देने चाहिए थे क्योंकि उन्हें सदी का महानायक माना जाता रहा है।

ऐसा लगता है जैसे मीडिया में आर्यन और शाहरुख़ खान के समर्थन में दिए गए बयान और कुतर्क वगैरह का असर होता दिखाई न दिया तो राजनीतिक हस्तक्षेप का सहारा लिया गया। अब महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने इसे ड्रग मामले में की गई सामान्य कानूनी कार्रवाई से आगे ले जाकर खुद और एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के बीच का मामला बना दिया है। नतीजा यह हुआ है कि महाराष्ट्र की राजनीति अब राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के दिनों से भी नीचे चली गई है। नवाब मलिक को वानखेड़े से चाहे जो समस्या हो पर आर्यन खान मामले में उनका व्यक्तिगत हस्तक्षेप किसी भी तरह से संवैधानिक नहीं है।

वानखेड़े के विरुद्ध वे रोज कोई न कोई ऐसा बयान जारी करते हैं जो लगते तो व्यक्तिगत हमले हैं पर उनका उद्देश्य एनसीबी के साथ-साथ केंद्र सरकार के अन्य विभागों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाना जान पड़ता है। ऐसा महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार के मंत्री और सत्ताधारी दलों के अन्य नेता पहले भी कर चुके हैं। आज नवाब मलिक जो कर रहे हैं वो केंद्र सरकार के विरुद्ध खड़े होने के अनिल देशमुख के अजेंडे का ही विस्तार है। पूर्व गृहमंत्री देशमुख अपने दिनों में लगभग रोज केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कोई न कोई जाँच का आदेश देते ही रहते थे। यह बात और है कि बाद में उनका और उनके पुलिस अफसरों का क्या बना वह सबके सामने है।

पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय जाँच एजेंसियों के विरुद्ध कुछ राज्य सरकारों ने जिस तरह की राजनीति की है वह कई स्तरों पर संघीय ढाँचे को क्षति पहुँचाने वाली रही है। चंद्रबाबू नायडू और ममता बनर्जी का अपने राज्य में सीबीआई को न घुसने देने की घोषणा इसी राजनीति का हिस्सा थी। अपने मंत्रियों की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी द्वारा सीबीआई का घेराव इसी वर्ष किया गया। नवाब मलिक आज जो कर रहे हैं वह इसी राजनीति का नवीनतम संस्करण है। उन्हें वानखेड़े से जो भी समस्या है, उसका खुलासा जब होगा तब होगा पर फिलहाल उनके आचरण ने एनसीबी की एक विशुद्ध कानूनी कार्रवाई को राजनीतिक लड़ाई बना दिया है। यह बात वर्तमान विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के विरुद्ध शुरू की गई राजनीतिक प्रवृत्ति को पुख्ता ही नहीं करेगी बल्कि अन्य राज्य सरकारों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगी।

मलिक एक मंत्री की हैसियत से यह सब कर रहे हैं पर आश्चर्य यह है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अपने मंत्री के ऐसे आचरण पर प्रतिक्रिया नहीं देते। मुख्यमंत्री ठाकरे की यही चुप्पी अनिल देशमुख की अति सक्रियता के समय भी थी। ठाकरे तो चुप हैं ही पर शरद पवार की चुप्पी और महत्वपूर्ण है। वर्तमान भारतीय राजनीति के सबसे वरिष्ठ नेता पिछले लगभग दो वर्षों से चुप होकर अपने दल के नेताओं को निकृष्ट राजनीतिक आचरण करते हुए लगातार देख रहे हैं पर हस्तक्षेप नहीं करते। उनका ऐसा राजनीतिक आचरण महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीति पर उनकी लगातार ढीली होती पकड़ का नतीजा है या फिर केंद्र सरकार से अलग-अलग स्तर पर टकराव का, यह देखना दिलचस्प रहेगा।

नई पार्टी बनाऊँगा, अमित शाह से मिलूँगा, जहाँ से लड़ेंगे सिद्धू वहीं से चुनाव लड़ूँगा: पंजाब में कैप्टन ने खोल दिए पत्ते

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अब कॉन्ग्रेस छोड़ चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है। हालाँकि, उन्होंने पार्टी का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि कॉन्ग्रेस के कई नेता उनके संपर्क में हैं। कैप्टन ने कहा, ”हाँ, मैं एक नई पार्टी बनाऊँगा। चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद चुनाव चिह्न के साथ नाम की घोषणा की जाएगी। मेरे वकील इस पर काम कर रहे हैं।” कैप्टन कल (28 अक्टूबर गुरुवार) को 20-25 नेताओं के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह केंद्र द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों के लेकर चर्चा भी करेंगे। 

कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर उन्होंने कहा, “उनके पास दिमाग नहीं है। वो कुछ नहीं जानते हैं, लेकिन बोलते बहुत हैं।” उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में वक्त कॉन्ग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे। दरअसल, सिद्धू ने ट्वीट किया था कि कैप्टन भाजपा के सबसे वफादार मुख्यमंत्री रहे हैं। कैप्टन ने अपनी नई राजनीतिक पारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में वह राज्य के 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होेंने कहा कि जहाँ से सिद्धू चुनाव लड़ेंगे, वह वहीं से लड़ेंगे।

आज (बुधवार को) चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैप्टन ने बताया कि अभी पार्टी का नाम तय नहीं किया गया है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री रहते अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने क्या किया, इसके सारे पेपर यहाँ रखे हैं। उन्होंने कहा, “हमने मेनिफेस्टो में जो वादे किए थे और जो काम किए, उन्हें इस बुकलेट में रखा है। हमने मेनिफेस्टो के 92 फीसदी वादों को पूरा किया है। कुछ 10 चीजें थीं जो वैट से संबंधित थीं, उनको पूरा नहीं कर पाए।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहने के दौरान पंजाब में उन्होंने इंडस्ट्री के लिए भी पूरा काम किया और 96,000 करोड़ रुपये का निवेश आया।

कैप्टन ने कहा कि सुरक्षा उपायों को लेकर उनका मजाक उड़ाया जाता है, लेकिन उनकी ट्रेनिंग के सैनिक के तौर पर हुई है और इससे जुड़ी बेसिक बातों को वे बहुत अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा, ”मैं मेरे प्रशिक्षण से लेकर सेना छोड़ने तक 10 वर्षों तक आर्मी में रहा। इसलिए मुझे मूल बातें पता हैं।” पंजाब के हालात को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ”9.5 साल तक मैं पंजाब का गृह मंत्री रहा। मैंने 1947 के बाद से पूरा पंजाब देखा है। 1984 हो या पठानकोट, सारे हमने देखे हैं।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से पंजाब बेहद संवेदनशील है और कोई भी परेशान पंजाब नहीं चाहता।

पंजाब की प्रमुख समस्याओं में से एक नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में भी कैप्टन ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सीमा पर अंदर तक ड्रोन सिस्टम से ड्रग्स की डिलीवरी हो रही है, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि ये चीन के ड्रोन हैं, जिनसे पेलोड ले जाने की क्षमता बढ़ रही है। उन्होंने आगाह किया कि आने वाले समय में ये चंडीगढ़ तक ड्रग्स की डिलीवरी कर सकते हैं।

राज्य में सीमा के 50 किलोमीटर अंदर तक बीएसएफ की कार्रवाई का बचाव करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि पंजाब पुलिस एक बेहतरीन पुलिस है, बेहतरीन ट्रेनिंग लिए हुए है, लेकिन कुछ चीजों के लिए इसकी ट्रेंनिग नहीं है और उसके लिए सुरक्षाबलों की मदद लेनी पड़ेगी। उन्होंने पाकिस्तान को दोषी ठहराते हुए कहा कि इन सारी हरकतों में आईएसआई और खालिस्तानी फोर्स इन्वॉल्व हैं। ये पाकिस्तान के स्लीपर सेल हैं। जरूरत हो तो बीएसएफ की मदद लेना चाहिए।

वकार युनूस का ‘हिंदुओं के बीच नमाज’ बस नमूना, पहले भी हिंदू और भारत घृणा दिखाते रहे हैं पाकिस्तानी क्रिकेटर: पढ़िए ऐसी 7 कहानियाँ

भारत-पाकिस्तान मैच के बाद इस्लामी कट्टरपंथी पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाते हुए हिंदू घृणा दिखाने से नहीं चूँक रहे। ऐसे में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने तो कहा है कि उन्हें पूरे मैच में सबसे अच्छी बात ये लगी कि रिजवान ने सभी हिंदुओं के सामने खड़े होकर नमाज पढ़ी। उनके इस बयान पर जब लोगों ने आपत्ति जताई और विरोध हुआ तो उन्होंने माफी माँगते हुए कहा कि उनके मुँह से ये बात आवेश में निकल गई थी। 

वकार ने ट्वीट कर माफी माँगी और लिखा, “आवेश में आकर मैंने ऐसी बात कह दी, मैंने ऐसा कुछ कहा, जो मेरा कहने का मतलब नहीं था, जिससे काफी लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं। मैं इसके लिए माफी माँगता हूँ, मेरा ऐसा मकसद बिल्कुल नहीं था, सच में गलती हो गई। खेल लोगों को रंग और धर्म से हटकर जोड़ता है।”

यहाँ बता दें कि विवादों में घिरने के बाद भले ही वकार ने माफी माँग ली हो लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान क्रिकेटर ने सार्वजनिक तौर पर भारत और हिंदुओं के ख़िलाफ़ अपनी घृणा का प्रदर्शन किया है।

शोएब अख्तर ने मैच से पहले किया दो राष्ट्र सिद्धांत का प्रचार

हाल में हुए मैच से पहले पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज शोएब अख्तर और हरभजन सिंह आजतक के एक कार्यक्रम में साथ दिखे। यहाँ हँसी-मजाक हुआ और एक दूसरे पर कई तंज कसे गए। लेकिन इस दौरान शोएब ने दो राष्ट्र सिद्धांत का प्रचार करते हुए हरभजन को कहा कि वो इसमें यकीन रखते हैं और उनकी अपनी विचारधारा है। अगर उन्होंने इस पर बात करनी शुरू कर दी तो चीजें बहुत आगे चली जाएँगी।

‘आएगा गजवा-ए-हिंद, जीतेंगे कश्मीर’

बीते दिनों एक वीडियो वायरल हुई थी। इसमें शोएब अख्तर समा टीवी से बात करते हुए कह रहे थे कि “ये हमारी पाक किताब में लिखा है कि गजवा ए हिंद आएगा। अटक की नदी दोबारा खून से लाल रंग की होगी। अफगानिस्तान की सेना अटक पहुँचेंगी। उसके बाद शमल मशरिक से सेनाएँ उठेंगी। अलग-अलग दल उज्बेकिस्तानन आदि से पहुँचेंगे… जो लाहौर तक फैले ऐतिहासिक क्षेत्र खोरासन को दर्शाता है। बाद में वह ताकतें कश्मीर को जीतेंगी और फिर बाद इंशाल्लाह काफिला बढ़ता (बाकी बचे भारत की ओर) रहेगा।”

भारत सुरक्षित नहीं है- जावेद मियानंद

साल 2019 में जावेद मियानंद ने बयान दिया था, “आईसीसी को आगे आना चाहिए और दुनिया, आईसीसी के सहयोगी देशों को बताना चाहिए कि भारत में खेलना बंद करें क्योंकि यह देश सुरक्षित नहीं है। दूसरे देश भारत से बेहतर हैं। भारत में लोग अपने ही देशवासियों से लड़ रहे हैं। क्या हो रहा है, देखिए और ऐक्शन लीजिए।” उस समय भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली ने जावेद को आड़े हाथ लेकर कहा था कि रिटार होने के बाद भी उंगली करने की आदत नहीं गई।

शाहिद अफरीदी का जहर

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी अक्सर भारत विरोधी बातें करते हैं। एक बार उन्होंने भारत के लिए जहर उगलते हुए कहा था,उन्हें तो ठीक-ठाक मारा है हमने। इतना मारा है कि कई बार माफियाँ माँगी हैं उन्होंने।” उन्होंने दावा किया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध दबाव ज्यादा रहने से उन्हें खेलने में खूब मजा आता था। 

‘इस्लाम अपनाओ जन्नत जाओगे’

पाकिस्तानी क्रिकेटर अहमद शहजाद का एक वीडियो कुछ दिन पहले वायरल हुआ था। वीडियो 2014 की थी। जब श्रीलंका और पाकिस्तान का मैच हो रहा था। वायरल वीडियो में दिलशान बल्लेबाजी कर के लौट रहे हैं और उनके साथ चल रहे अहमद शाहजाद उन्हें कह रहे हैं कि अगर आप नॉन-मुस्लिम हैं और इस्लाम अपना लेते हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि फिर अपने जीवन में आप क्या करते हो, आप अंततः जन्नत हो जाओगे।

तलवार से मार सकता हूँ इंसान: आर्टिकल 370 हटने पर जावेद की धमकी

आर्टिकल 370 हटने से कई पाकिस्तानी आग बबूला थे। ऐसे में पूर्व क्रिकेटर जावेद ने भारत को तलवार दिखाकर धमकी दी थी। उन्होंने कहा था, “कश्मीरी भाइयों फ़िक्र ना करो, हम आपके साथ हैं। मेरे पास बल्ला भी है छक्का मारा था अब ये (तलवार) चलेगा। जब बल्ले से छक्का मार सकता हूँ तो इससे (तलवार) से इंसान क्यों नहीं मार सकता।” 

मोहम्मद शमी मुस्लिम होने के कारण टीम से बाहर: मोइन खान

साल 2019 में श्रीलंका के साथ हुए मैच में मोहम्मद शमी की जगह जडेजा को जगह मिलने के बाद पाक के पूर्व क्रिकेटर मोइन खान ने नफरत फैलाने का काम किया था। उनका कहना था कि शमी को मौका इसलिए नहीं मिला क्योंकि भाजपा मुस्लिमों के आगे बढ़ने नहीं देना चाहती।

‘कितना लिया?’: मोहम्मद आमिर ने शेयर किया अफरीदी के 4 छक्कों वाला वीडियो तो हरभजन ने खोला स्पॉट फिक्सिंग वाला चैप्टर

सोशल मीडिया पर भारतीय फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह और पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। रविवार (24 अक्टूबर, 2021) को T20 विश्व कप में पाकिस्तान के हाथों हार के बाद से ही पड़ोसी मुल्क से उकसाऊ बयान आ रहे हैं और इस कारण सोशल मीडिया पर भी तनाव का माहौल है। अब हरभजन सिंह और मोहम्मद आमिर आपस में भिड़ गए। दरअसल, मोहम्मद आमिर ने एक पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने हरभजन सिंह को 4 छक्के लगाए थे।

इसके बाद हरभजन सिंह ने भी मोहम्मद आमिर का स्पॉट-फिक्सिंग स्कैंडल याद दिला दिया। मोहम्मद आमिर ने यूट्यूब वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मैं व्यस्त था। हरभजन सिंह, आपकी बोलिंग का वीडियो देख रहा था। उस टेस्ट मैच का, जब लाला ने आपको 4 गेंदों पर 4 छक्के लगाए थे। लेकिन, क्रिकेट है। लग सकते हैं। लेकिन, टेस्ट क्रिकेट में? थोड़ा ज्यादा हो गया ये।” इसके बाद मोहम्मद आमिर और शाहिद अफरीदी के समर्थकों ने भी हरभजन सिंह को ट्रोल करना शुरू कर दिया।

इस पर हरभजन सिंह ने उनका विवाद याद दिलाते हुए कहा, “लॉर्ड्स में नो बॉल कैसे हो गया? कितना लिया? किसने दिया? टेस्ट क्रिकेट है। नो बॉल कैसे हो सकता है? आपको और आपके समर्थकों को इस सुंदर खेल को बदनाम करने के लिए धर्म आनी चाहिए।” इसके बाद हरभजन सिंह ने भी वो वीडियो शेयर किया, जब भारत-पाकिस्तान मैच में भारत को जीत के लिए 2 गेंदों पर 3 रन चाहिए थे और उन्होंने मोहम्मद आमिर को छक्का जड़ के ये कारनामा कर दिखाया था।

इस पर मोहम्मद आमिर ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “चल भाई, मैं तो अब लगा सोने। आप बैठ कर अपने पिछवाड़े में कुछ बर्फ मलिए। विश्वास कीजिए, आप होश में आ जाएँगे। शुभ रात्रि।” दरअसल, हरभजन सिंह ने वीडियो के कैप्शन में ‘फ़िक्सर को सिक्सर’ लिख दिया था, जिससे मोहम्मद आमिर भड़क गए। मोहम्मद आमिर ने कहा कि उनके इतिहास के बारे में बात करने से ये तथ्य नहीं बदल जाएगा कि भारत को 3 दिन पहले मुँह की खानी पड़ी।

उन्होंने हरभजन सिंह की बॉलिंग एक्शन अवैध होने के भी आरोप लगा दिए और दावा किया कि पाकिस्तान इस बात T20 विश्व कप का फाइनल जीतेगा। हरभजन सिंह ने मोहम्मद आमिर को जवाब दिया, “आप जैसे लोगों के लिए सिर्फ पैसा, पैसा, पैसा, पैसा… न इज्जत न कुछ, सिर्फ पैसा। अपने मुल्क वालों को और समर्थकों को बताओगे नहीं कि कितना मिला? आप जैसे लोग इस खेल का अपमान करते हैं और अपनी हरकतों से लोगों को मूर्ख बनाते हैं, इसीलिए मुझे आपसे बात करने में भी घिन आ रही। भाड़ में जाओ।”

बता दें कि मोहम्मद आमिर स्पॉट-फिक्सिंग के मामले में जेल भी जा चुके हैं। 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ जान-बूझ कर नो बॉल फेंकने के आरोप में उन्हें और उनके कप्तान सलमान बट्ट को जेल हुई थी। तब 19 साल के रहे मोहम्मद आमिर को डोरसेट के पोर्टलैंड जेल में 6 महीने की सज़ा सुनाई गई थी। इसकी आधी सज़ा काटने के बाद उन्हें छोड़ा गया था। जब एक स्टिंग ऑपरेशन में मजहर मजीद ने मोहम्मद आमिर को फिक्स करने की गारंटी दी थी, तब ये मामला सामने आया था।

34 साल के हिंदू को अगवा किया, हत्या कर कुएँ में फेंका: वजह- मुस्लिम लड़की से चल रहा था अफेयर

कर्नाटक के विजयपुरा जिले से हेट क्राइम का मामला सामने आया है। यहाँ एक हिंदू युवक को मुस्लिम लड़की से प्यार करने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। लड़की के परिवारवालों पर उसे अगवा कर बेरहमी से हत्या करने के आरोप है। इसके बाद उसके शव को गाँव में ही एक कुएँ में फेंक दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना विजयपुरा जिले के सिंदगी तहसील के बलागनुर गाँव की है। मुस्लिम लड़की के परिवारवालों पर इस निर्मम हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप है। मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में लड़की का भाई और उसका मामा शामिल है। मृतक हिंदू रवि निंबारगी (34) बीते 21 अक्टूबर से लापता था।

युवक के लापता होने के बाद लड़की ने पुलिस को फोन किया था। कथित तौर पर उसने अपने प्रेमी की जान को खतरा बताया था। कहा था कि उसके अम्मी-अब्बू उसकी हत्या कर सकते हैं। साथ ही खुद को भी मुसीबत में बताया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के लिहाज से उसे थाने लेकर आ गई। इस मामले में बीते शुक्रवार (22 अक्टूबर 2021) को रवि के परिवार ने थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

विजयपुरा के एसपी एचडी आनंद ने कहा, “इस मामले की जाँच शुक्रवार को उस व्यक्ति के परिवार द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद शुरू की गई थी। शनिवार को हमारे कंट्रोल रूम को एक महिला का फोन आया, जिसमें दावा किया गया कि उसके प्रेमी की जान को खतरा है। उसने दावा किया कि उसके परिवार ने उसे चोट पहुँचाई और मदद माँगी। वह फोन पर रो रही थी।” पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि महिला के पिता और बड़े भाई फरार हैं। इसलिए हमने उसके मामा और उसके छोटे भाई को हिरासत में लिया, जिन्होंने अपराध कबूल किया है। उनकी जानकारी के आधार पर रवि का शव गाँव के कुएँ में देखा गया। इस मामले की जाँच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है।

विजयपुरा पुलिस के मुताबिक, “मृतक लड़का और लड़की पिछले तीन-चार साल से रिलेशनशिप में थे। लड़की के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया था। यह मामला पूर्व में भी तब सामने आया था जब दोनों परिवारों के साथ ग्राम प्रधानों की बैठक हुई थी। उस दौरान रवि को रिश्ता खत्म करने के लिए कहा गया था।” रवि के भाई के मुताबिक, उसके भाई को पहले भी कई बार अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी।

आगरा के इंजीनियरिंग कॉलेज ने Pak की जीत का जश्न मनाने वाले कश्मीरी छात्रों को किया सस्पेंड, पुलिस ने दर्ज की FIR

आगरा के राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी कॉलेज (RBS) ने तीन कश्मीरी छात्रों पर कार्रवाई की है। निलंबित किए गए छात्रों के नाम हैं- अरशद यूसुफ, इनायत अल्ताफ और शौकत अहमद। T20 विश्वकप में रविवार (24 अक्टूबर 2021) को भारत पर पाकिस्तान की जीत के बाद जश्न मनाने को लेकर इन पर कार्रवाई की गई है। आरोप है कि इन्होंने पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी भी की थी। पुलिस ने इन छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा के बिचपुरी क्षेत्र में यह घटना हुई। यहाँ RBS कॉलेज के कुछ स्टूडेंट ने भारत की हार के बाद पाकिस्तान के समर्थन में व्हाट्सएप पर स्टेटस अपडेट किया था। इस पर कुछ स्टूडेंट ने आपत्ति जाहिर की। बावजूद इसके उन्होंने इसे नहीं हटाया। इसके बाद इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में वायरल हो गया। इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं विरोध-प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस भी कॉलेज कैम्पस पहुँची।

भाजयुमो के प्रांतीय नेता गौरव सिंह राजावत और महानगर अध्यक्ष शैलू पंडित की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। आगरा (सिटी) के एसपी विकास कुमार ने बताया है, “छात्रों पर पाकिस्तान की प्रशंसा करने वाली चैट साझा करने का आरोप लगाया गया है। जगदीशपुरा थाने में लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।”

RBS कॉलेज के डीन दुष्यंत सिंह ने बताया कि सिविल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र अरशद यूसुफ और चौथे वर्ष के छात्र इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनाई को निलंबित कर दिया गया है। छात्रावास समिति ने भी तीनों छात्रों को निलंबित करने का फैसला किया है। जाँच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

श्रीनगर में भी हुई थी FIR

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के डाउनटाउन में भी पाकिस्तान की जीत पर मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने नारेबाजी करते हुए 24-25 अक्टूबर की रात में पाकिस्तान के समर्थन में जश्न मनाए थे। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ UAPA की धारा 13 और आईपीसी की धारा 105ए और 505 के तहत मामला दर्ज किया था।

उदयपुर में महिला टीचर निष्कासित

पाकिस्तान की जीत से गदगद राजस्थान के उदयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की शिक्षका नफीसा अटारी ने जश्न मनाते हुए व्हाट्सएप स्टेटस लगाया था। इसमें लिखा, “जीत गए हम, जीत गए।” सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने के बाद स्कूल मैनेजमेंट ने नफीसा को भी नौकरी से निकाल दिया था।

बिहार के पंचायत चुनाव में जीत गई उस इरफान की भी बीवी जो 12 राज्यों में वांटेड, चोरी के पैसों से बनवाई थी सड़कें: 4 गर्लफ्रेंड भी है

बिहार के सीतामढ़ी में रॉबिनहुड नाम से मशहूर इरफान ‘चोर’ इस समय 12 राज्यों का वांटेड है, वहीं उसकी बीवी गुलशन परवीन है जो बिहार के पंचायत चुनाव में जीत गई है। बताया जा रहा है कि इरफान का काम देखकर ग्रामीणों ने ही गुलशन को चुनाव लड़ने को कहा था, जब नतीजे आए तो उसने भारी वोटों से विजय हासिल की। अब मीडिया में इरफान और उसके काम फिर से चर्चा में आ गए हैं।

बता दें कि इरफान को उसके गाँव में समाजसेवी के तौर पर देखा जाता है। वह देश के कोने-कोने में चोरी करता है और अपने आस-पास वालों की मदद करता है। उसे उसके गाँव में सड़कें बनवाने, कैंसर पीड़ित का इलाज करवाने, गरीबों की लड़कियों की शादी करवाने वाले के तौर पर जाना जाता है। वह कहता है कि उसने चोरी की शुरुआत 11 साल पहले की थी। उस समय वह अपनी बहन के निकाह के लिए पैसे नहीं इकट्ठा कर पाया था तो उसने चोरी की, जब पकड़ा नहीं गया तो ये चोरी का सिलसिला और बढ़ गया और वह जगुआर जैसी कार में बैठकर चोरी करने लगा।

उसने दिल्ली से लेकर गोवा तक में बड़े कारोबारियों के घर हाथ मारा है। उसे महंगे कपड़े और गाड़ियों का शौक है। साल 2017 में जब उसकी गिरफ्तारी हुई थी तो उसने दिल्ली के एक बिजनेसमैन के घर से हीरे और सोने के जेवर चुराए थे। उसकी गर्लफ्रेंड भोजपुरी फिल्मों की एक्ट्रेस थी।

वर्तमान में उसकी 4 गर्लफ्रेंड हैं जिनके बारे में उसने पुलिस को बताया है। चारों आगरा, अलीगढ़, सवाई माधोपुर और मुंबई में रहती हैं। अभी हाल में कवि नगर में एक कारोबारी के घर करोड़ों की चोरी करने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया हुआ है। देश के 12 राज्यों में उसके विरुद्ध 40 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस उसकी तलाश में सितंबर में उसके गाँव (पपुरी के गाढ़ जोगिया गाँव) गई थी लेकिन वो फरार था। ऐसे में पुलिस ने उसकी बीवी समेत 11 गिरोह के लोगों को धर लिया। बाद में वो उन्हें छुड़ाने जब थाने गया तो उसकी गिरफ्तारी हुई। कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि गाजियाबाद पुलिस ने जो उसे पकड़ा है इस बारे में सीतामढ़ी पुलिस तक नहीं जानती। देश के 12 राज्यों में उस पर 40 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। उनमें सारे मामले हाई प्रोफाइल हैं।

गाजियाबाद के एसपी सिटी निपुण अग्रवाल कहते हैं, “इरफान ने किसी भी वारदात से पहले रेकी नहीं की। वह अपनी गाड़ी से निकलता था और जहाँ भी मन करता था, रुक कर चोरी कर लेता था। उसका अंदाजा इतना सटीक था कि वह आज तक जिस भी घर में गया, 1-1.5 लाख रुपए लेकर ही निकला। आरोपित ने बताया है कि वह इस तरह से कोठियों में घुसता था कि कड़ी चौकसी के बाद भी सुरक्षाकर्मियों की उस पर नजर नहीं पड़ती थी।”

उसने नोटबंदी से ठीक पहले दिल्ली के एक जज में 65 लाख की चोरी की थी और गोवा के गवर्नर हाउस के पास रहने वाले एक कारोबारी के घर से लाखों रुपए चुराए थे। पुलिस को उसने बताया कि उसने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और गोवा सहित 12 राज्यों में चोरी की, मगर कभी पकड़ा नहीं गया। उसने सारी चोरियों को रात के 1 से 3 बजे के बीज अंजाम दिया।