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अनलॉक-4: गाइड लाइन जारी, 7 सितंबर से शुरू होगी मेट्रो सेवा, बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, जानें और किन पर दी गई रियायतें

कोरोना वायरस महामारी के बीच अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है। एक सितंबर से शुरू होने वाले अनलॉक 4 के लिए गृह मंत्रालय ने शनिवार (अगस्त 29, 2020) को दिशानिर्देश जारी किए। गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के मुताबिक, 7 सितंबर से मेट्रो सेवाएँ (Metro Services) चरणबद्ध तरीके से खुल सकेंगी।

हालाँकि, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल और कॉलेज को फिलहाल बंद रखने का फैसला किया गया है। इस दौरान, ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई होगी। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि कंटनेमेंट जोन से बाहर 9 से 12वीं कक्षा तक के छात्र अपने परिजनों की सहमति के बाद शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने स्कूल जा सकेंगे।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा दिशा निर्देशों के मुताबिक, 21 सिंतबर से सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समेत अन्य आयोजनों की अनुमति होगी, लेकिन इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा। 

सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, थियेटर (ओपन एयर थियेटर को छोड़कर), अंतराष्ट्रीय उड़ानें (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर) बंद रहेंगे। गृह मंत्रालय ने राज्यों को हिदायत दी है कि कोई भी राज्य अपनी तरफ से लॉकडाउन नहीं लगा सकता। इसके लिए राज्य को गृह मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह ही सख्ती लागू रहेगी। कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर तक सख्ती से लागू किया जाएगा लॉकडाउन।

21 सितंबर 2020 से ओपन एयर थिएटरों को खोलने की अनुमति होगी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक परामर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि 30 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे।

इसके साथ ही इस बात को भी दोहराया है कि लोगों की एक राज्य से दूसरे राज्य या एक ही राज्य के अंदर आवाजाही पर ना तो कोई रोक होगी और ना किसी तरह की इजाजत की जरूरत होगी। यह इसलिए अहम है क्योंकि केंद्र सरकार के कहने के बावजूद कुछ राज्य अपने यहाँ घुसने पर पाबंदी लगाकर बैठे थे।

गौरतलब है कि मार्च में जब पूरे देश में कोराना के चलते संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई तभी से मेट्रो सेवा रोक दी गई थी। दिल्ली मेट्रो के अलावा अन्‍य महानागरों में हर रोज लाखों लोग सफर करते थे। मेट्रों का संचालन बंद होने के कारण लोगों को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

कई दिनों पहले सरकार ने अनलॉक के तहत कई सेवाएँ शुरु कर दी थी और ऑफिस समेत अन्‍य व्‍यापार संबंधी गति‍विधियों को शुरु करने की अनुमति दे दी थी। मेट्रो सेवा बंद रहने के कारण लोगों को अपने वर्किंग प्‍लेस पर पहुँचने में काफी असुविधा हो रही थी। जिसको ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने सख्‍त नियमों के साथ मेट्रो सेवा फिर से संचालित करने का फैसला किया है।

पठानकोट में क्रिकेटर सुरेश रैना के परिजनों पर हमला: फूफा की मौत, बुआ की हालत नाजुक, पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं अपराधी

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना के रिश्तेदारों पर 19 अगस्त की रात अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था। उस हमले में उनके फूफा की मृत्यु हो गई, जबकि उनकी बुआ की हालत गंभीर बनी हुई है। बता दें पठानकोट के थरियाल गाँव में आधी रात अपने घर की छत पर सोते समय अज्ञात हमलावरों ने उन पर घातक हमला किया था।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सुरेश रैना की बुआ आशा देवी इस समय अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत काफी नाजुक है। जबकि उनके पति अशोक कुमार का निधन हो गया है। भारतीय क्रिकेटर के चचेरे भाई कौशल कुमार, अपिन कुमार और 80 वर्षीय दादी भी घायल हुए हैं। उन पर घातक हथियारों से हमला किया गया था। हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनके रिश्तेदारों पर हमले का वास्तविक कारण क्या था।

घटना वाली रात हमलावरों ने परिवार के सदस्यों को जरा भी संभलने का मौका नहीं दिया। वहीं इस घटना ने तब तूल पकड़ा जब यह बात सामने आई कि यह दिग्गज क्रिकेटर सुरेश रैना का घर है। पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मौके पर पहुँच कर घटना स्थल का जायजा लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक घर से गायब चेक बुक और अन्य जरूरी कागजात घर के कुछ दूरी पर बरामद हो गए थे। फिलहाल अभी तक पुलिस के हाथों कोई सबूत नहीं लगे है। जाँच के लिए डॉग स्कवायड की मदद भी ली जा रही है।

इस मामले में सुरेश रैना के भाई दिनेश ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर उँगली उठाते हुए कहा है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को किसी प्रकार का सुराग हाथ नही लगा न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने CM अमरिंदर सिंह से इस मामले को संज्ञान में लेने के लिए कहा है। साथ ही माँग की है कि जल्द से जल्द आरोपितों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएँ। उन्होंने बताया इस वारदात ने उनके पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। रिश्तेदारों की तरफ से उन्हें इस मामले की जानकारी दी गई थी।

बता दें हाल ही में भारतीय दिग्‍गज खिलाड़ी सुरेश रैना ने क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया था। साथ ही वे आईपीएल टूर छोड़कर भारत लौट आए हैं। इसके पीछे पारिवारिक कारण सामने आए है। वह आईपीएल का 13वाँ सीजन नहीं खेलेंगे।

पुलवामा: सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, हिजबुल मुजाहिदीन के 3 आतंकी ढेर; 18 घंटे में मारे गए 8 दहशतगर्द, 1 ने किया आत्मसमर्पण

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलवामा के जदूरा इलाके में शुक्रवार (अगस्त 28, 2020) रात शुरु हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों की पहचान आदिल हाफिज (निवासी डालीपोरा पुलवामा), राउफ (निवासी मुसपुना), अरशिद (निवासी द्रबगाम) के तौर पर हुई है।

जानकारी के मुताबिक, 18 घंटे में यहाँ कुल 8 आतंकी मारे गए हैं, वहीं एक आतंकी ने सरेंडर कर दिया है। आतंकियों के पास से कई हथियार भी बरामद की गई है।

आदिल वर्ष 2019 से कश्मीर में सक्रिय था, जबकि राउफ और अरशिद एक सप्ताह पहले ही आतंकी संगठन में शामिल हुए थे। जनसंपर्क अधिकारी (PRO) रक्षा, श्रीनगर से मिली जानकारी के अनुसार पुलवामा के जदूरा इलाके में कल रात शुरु हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद एक सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए। मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए जवान की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी मनीष शर्मा के रूप में हुई है।

जम्मू-कश्मीर में विक्टर फोर्स के जनरल ऑपरेशन कमांडिंग (GOC) ए सेनगुप्ता ने बताया, “कल दोपहर से शुरू हुए 18 घंटे से अधिक चले दो ऑपरेशनों के तहत, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आरआर बटालियनों की बेहद ही सटीक खुफिया जानकारी और कड़ी मेहनत के जरिए हम 8 आतंकवादियों को मार पाने में सक्षम रहे हैं, साथ ही एक आतंकवादी ने आत्मसमर्पण किया है।” 

उन्होंने बताया कि जिन 8 आतंकियों को मार गिराया गया, उनमें से 7 को 2020 में भर्ती किया गया था। इन गुमराह युवाओं को पाकिस्तानी आतंकवादियों, पाकिस्तानी हैंडलर्स और देश विरोधी लोगों द्वारा झूठे वादों के साथ भर्ती किया गया था।

ए सेनगुप्ता ने आगे बताया कि कल देर रात पुलवामा में हुई मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन से संबंधित थे। इन आतंकवादियों में शामिल आदिल कई आतंकवादी घटनाओं में वांछित था। उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर परीचू पुल के नजदीक सुरक्षाबलों पर हमला किया था। इस ऑपरेशन के बारे में सेना ने शुक्रवार को यह बताया था कि आतंकियों के पास से 2 एके-47 रायफलें (AK-47 Rifles) और 3 पिस्टल भी बरामद की गई हैं। 

दक्षिण कश्मीर के DIG अतुल गोयल ने बताया कि कल दो ऑपरेशनों में जिन आतंकवादियों को ढेर किया गया, वह कई नागरिकों के साथ धृष्टता और सुरक्षा बलों पर हमले में शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष दक्षिण कश्मीर में लगभग 80 भर्तियाँ हुई हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले सीमा सुरक्षा बल ने एक बार फिर पाकिस्तान की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। भारतीय सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के इरादे से बनाई गई सुरंग का पता लगाया है।

जम्मू बीएसफ के आईजी एनएस जम्वाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था, “सैंडबैग्स के ऊपर पाकिस्तान की साफ-साफ मार्किंग हैं जो ये दिखाती हैं कि इसे (सुंरग) पूरी प्लानिंग और इंजीनियरिंग की कोशिशों के साथ खोदा गया है। पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य एजेंसियों की सहमति और अनुमोदन के बिना, इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण नहीं किया जा सकता है।”

गृहमंत्री अमित शाह हुए पूरी तरह ठीक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा- कोरोना के सिर्फ 0.29 फीसदी मरीज ही वेंटिलेटर पर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली है। अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर से शनिवार को यह जानकारी दी गई है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस को लेकर विभिन्न समन्वित प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया है।

बता दें गृहमंत्री पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद पोस्ट कोविड केयर के लिए उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था।

14 अगस्त को उनकी जाँच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसके बाद वह डॉक्टरों की सलाह पर होम आइसोलेशन में चले गए थे लेकिन कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद सेहत से जुड़ी कुछ समस्याओं की वजह से 18 अगस्त को वह एम्स में भर्ती हुए थे। एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की देखरेख में उनका इलाज चला रहा था।

वहीं दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर उच्च स्तरीय मंत्रियों के समूह (जीओएम) की बैठक की अध्यक्षता की। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि, केवल 0.29 फीसदी कोरोना मरीज ही वेंटिलेटर पर हैं। 1.93 फीसदी आईसीयू में और 2.88 फीसदी लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। पिछले 24 घंटे में 9 लाख से ज्यादा सैंपल की जाँच हुई है।

MoHFW वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में देश में 752424 सक्रिय मामले हैं। इसका मतलब यह होगा कि वेंटिलेटर पर लगभग 2200 व्यक्ति हैं। 14,521 मरीज (लगभग) आईसीयू में और 21,700 (लगभग) मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

वहीं, बैठक में एम्पावर्ड ग्रुप के एक अध्यक्ष ने कहा कि, भारत बायोटेक का वैक्सीन जायडस कैडिला के साथ साथ द्वितीय चरण के परीक्षण में है, जो वायरल डीएनए पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का ऑक्सफोर्ड वैक्सीन पहले से ही तीसरे चरण के परीक्षण में है।

गौरतलब है कि 29 अगस्त 2020 तक, 2648998 लोग उपचार के बाद इस महामारी से उबर चुके हैं। जबकि 62,550 लोगों ने चीन के वुहान शहर से फैले कोरोनावायरस से दम तोड़ दिया था।

BSF ने भारत-पाक बॉर्डर पर पकड़ी 150 गज लंबी सुरंग, सैंडबैग पर लिखा मिला ‘कराची’: पाकिस्तान से शुरू होकर सांबा में होती है समाप्त

सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बार फिर पाकिस्तान की बड़ी साजिश को नाकाम बना दिया है। भारतीय सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के इरादे से बनाई गई सुरंग का पता लगा है। यह सुरंग जिला सांबा में सीमा के साथ बनाई गई है जो पाकिस्तान में शुरू होती है और सांबा में समाप्त होती है।

जम्मू बीएसएफ आईजी एनएस जम्वाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि तलाशी अभियान के दौरान जवानों को यह सुरंग मिली। उन्होंने बताया कि इसका पता लगाने के लिए विशेष टीम गठित की गई। यह सुरंग जीरो लाइन से लगभग 150 गज लंबी है। यही नहीं सुरंग के मुँह को बजरी के बैग से बंद किया गया था ताकि किसी को इसका पता न चल सके। 

बीएसएफ आईजी एनएस जम्वाल का कहना है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य एजेंसियों की मदद के बिना कोई भी घुसपैठिया इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण नहीं कर सकता है। इससे साफ होता है कि इसमें पूरी तरह से पाकिस्तान की चाल है। बीएसएफ इसको लेकर पाकिस्तानी रेंजर्स के सामने विरोध दर्ज करवाएगी, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके। 

जम्मू बीएसफ के आईजी एनएस जम्वाल ने कहा, “सैंडबैग्स के ऊपर पाकिस्तान की साफ-साफ मार्किंग हैं जो ये दिखाती हैं कि इसे (सुंरग) पूरी प्लानिंग और इंजीनियरिंग की कोशिशों के साथ खोदा गया है। पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य एजेंसियों की सहमति और अनुमोदन के बिना, इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण नहीं किया जा सकता है।”

अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ ने पूरे इलाके में बड़ा अभियान चलाया है ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं और भी ऐसी सुरंगें तो नहीं हैं। इसके साथ ही, इस सुरंग को लेकर विश्लेषण किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल संभवत: आतंकवादियों की घुसपैठ और मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए किया गया हो।

अधिकारियों ने कहा कि सुरंग से लगभग 8-10 प्लास्टिक सैंडबैग बरामद किए गए हैं। इन बैगों पर ‘कराची और शकरगढ़’ लिखा हुआ है। बैग पर मैनुफैक्चरिंग और एक्सपायरी की तारीख भी है, जो यह दिखाता है कि उनका निर्माण हाल ही में किया गया था। उन्होंने कहा कि निकटतम पाकिस्तानी सीमा चौकी सुरंग से लगभग 400 मीटर दूर है।

बताया गया कि हाल में हुई बारिश के बाद कुछ स्थानों पर जमीन धँसने से बीएसएफ को आशंका हुई। अधिकारी ने बताया कि सुरंग का पता लगाने के लिए तत्काल मशीन मँगाई गई, मौके पर निरीक्षण करने पर पता चला कि सुरंग निर्माणाधीन है। जानकारी के मुताबिक, सुरंग करीब 25 फुट की गहराई में बनाई गई थी और यह बीएसएफ की ‘व्हेलबैक’ सीमा चौकी के नजदीक खुलती है।

बीएसएफ ने ऐसे अन्य किसी गुप्त ढाँचे का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़ा अभियान चलाया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान से लगती करीब 3,300 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ के हाथों में है और पहले भी सीमा से लगते जम्मू के इलाकों में सुरंगों का पता चला है।

CM केजरीवाल पर गरीबों का अनाज चोरी करने का BJP नेता बग्गा ने लगाया आरोप, वीडियो सबूत के साथ की इस्तीफे की माँग

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने दिल्ली में AAP सरकार के खिलाफ अनाज घोटाले का आरोप लगाया है। बग्गा ने कहा है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के हरि नगर विधायक राजकुमारी ढिल्लों इस घोटाले में शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने विधायक के इस्तीफे की माँग की है।

भाजपा नेता के अनुसार, आप सरकार ने दिल्ली के हरिनगर इलाके के मायापुरी रोड पर स्थित प्रतिभा विकास विद्यालय की कक्षाओं में हजारों टन अनाज रखा है। उन्होंने कहा कि ये सारे खाद्यान्न लॉकडाउन के दौरान लोगों के बीच बाँटा जाना था, लेकिन इसे बाँटा नहीं गया और इसे स्कूल बिल्डिंग में बंद करके रखा गया है।

तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने स्कूल के अंदर रखे अनाज के बोरों को दिखाते हुए वीडियो साझा किया हैं। बता दें इस वीडियो को कक्षाओं की खिड़कियों के माध्यम से शूट किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में हजारों टन अनाज सड़ रहा है। कक्षाओं के कमरे बंद हैं और जब स्कूल को कमरे खोलने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि फ़ूड इंस्पेक्टर की अनुमति के बिना कमरों नहीं खोला जा सकता है। बग्गा ने बताया कि अधिकारी मीडिया को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने स्कूल में खाद्यान्न भंडार के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल का दौरा किया और सबूत इक्कठा करने के लिए वहाँ संग्रहीत खाद्यान्नों का वीडियो बनाया। कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद है। जिसका उपयोग राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्न रखने के लिए एक गोदाम के रूप में किया गया है।

गौरतलब है कि जब स्कूल प्रशासन ने भाजपा कार्यकर्ताओं को कक्षाओं में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी तो वे स्कूल के सामने AAP सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने “केजरीवाल चोर है” कहते हुए नारे भी लगाए और सीएम और स्थानीय विधायक से इस्तीफे की माँग की। बग्गा ने कहा कि राजकुमारी ढिल्लों ने गरीबों का भोजन चुराया है, उन्हें एक मिनट भी सत्ता में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने माँग की कि विधायक को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड का राज, पुलिस के पास गए तो मारे जाएँगे: कंगना रनौत ने बताया आउटसाइडर का कैसे ​होता है शोषण

सुशांत सिंह की मौत के बाद लगातार हो रहे खुलासों ने बॉलीवुड की चकमक दुनिया के पीछे छिपी गंदगी को बेपर्दा कर दिया। इंडस्ट्री में नेपोटिज्म से लेकर अंडरवर्ल्ड तक की दखल सब कुछ धीरे-धीरे सामने आ रहा है। अभिनेत्री कंगना रनौत भी लगातार इन मामलों को लेकर मुखर रही हैं।

अब उन्होंने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को दिए इंटरव्यू में बॉलीवुड में ड्रग्स के इस्तेमाल और आउटसाइडर के शोषण को लेकर अपनी बात रखी है। सुशांत मामले की मुख्य आरोपित रिया चकवर्ती के व्हाट्स्एप चैट से ड्रग का एंगल सामने आया था और अब नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) इसकी पड़ताल कर रही है।

कंगना ने बताया कि बॉलीवुड में कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार एजेंसियों का कोई दखल नहीं है। इसे माफिया या अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग चलाते हैं। यदि आपने कभी मदद के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया तो वे आपको ‘पागल’ करार देंगे और आपका बहिष्कार या आपकी हत्या कर देंगे। कंगना ने दावा किया कि कई सरकारों ने बॉलीवुड में ड्रग माफिया को मजबूत होने में मदद की है।

इससे पहले कंगना ने ट्वीट कर कहा था कि यदि बॉलीवुड में नॉरकोटिक्स टेस्ट हो गया तो कई सितारे जेल में होंगे। इसके अलावा एक ट्वीट में उन्होंने ये भी बताया था जब वे बॉलीवुड में आईं थी तो उन्हें ड्रिंक में ड्रग्स दिए जाते थे।

उन्होंने कहा था, “अगर नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो बॉलीवुड में आ गया तो कई A लिस्टर जेल में पहुँच जाएँगे। अगर ब्लड टेस्ट हुआ तो कई बड़े खुलासे होंगे। उम्मीद करती हूँ कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बॉलीवुड के इस गटर को भी साफ किया जाए।”

साथ ही कहा था, “मैं तब नाबालिग थी और मेरे मेंटॉर इतने खतरनाक थे कि वह मेरी ड्रिंक में ड्रग्स मिला देते ताकि मैं पुलिस के पास न जा सकूँ। जब मैं कामयाब हो गई और मुझे मशहूर फिल्मों की पार्टियों में एंट्री मिलने लगी और तब मेरा सामना सबसे शॉकिंग और भयानक दुनिया व ड्रग्स, अय्याशी और माफिया जैसी चीजों से हुआ था।” अर्नब को दिए इंटरव्यू में भी कंगना ने विस्तार से इस बारे में बताया है कि कैसे बॉलीवुड के सितारे और उनके परिजन ड्रग्स के इस खेल में लिप्त हैं।

कंगना इससे पहले यह भी बता चुकी हैं कि किस तरह मूवी माफिया अपने इशारों पर नहीं नाचने वाले आउटसाइडर का करियर ख़त्म करते हैं। उन्होंने कहा था, “इनलोगों ने सुशांत सिंह को एक बलात्कारी में तब्दील कर दिया था। वह कैसे अपने घर बिहार वापस जाता? छोटे शहरों में पैसे नहीं देखे जाते, सम्मान देखा जाता है।”

वे इस मामले में मुंबई पुलिस की भूमिका को लेकर भी लगातार सवाल करती रही हैं। देश के जाने-माने वकील हरीश साल्वे भी सुशांत सिंह राजपूत मामले की जाँच में मुंबई पुलिस के व्यवहार को संदेहास्पद बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इस मामले में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन का पूरी तरह मजाक बना कर रख दिया गया। इसके लिए अगर कोई एक संस्था जिम्मेदार है तो वो है मुंबई पुलिस। साल्वे ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि आखिर मुंबई पुलिस ने इस मामले में एफआईआर तक भी क्यों नहीं दर्ज की? साथ ही उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के समय का ऑटोप्सी रिपोर्ट में जिक्र न होने को भी अजीब बताया।

यह बात भी सामने आई है कि सुशांत ने मौत से पहले ‘पेनलेस डेथ’, सिज़ोफ्रेनिया’ और ‘बाइपोलर डिसऑर्डर’ जैसे शब्दों को गूगल पर सर्च नहीं किया था। इन शब्दों को सर्च किए जाने का दावा मुंबई पुलिस के कमिश्नर ने किया था।

दिल्ली में मुश्ताक, सिराज, अनीश और इश्तिहार ने राहुल को पेड़ से बाँध कर लोहे की रॉड, डंडों से पीट-पीट कर मार डाला, गिरफ्तार

पश्चिमी दिल्ली के नारायणा में शुक्रवार को संप्रदाय विशेष के चार युवकों ने एक 32 वर्षीय राहुल को मोबाइल चोरी करने के आरोप में पीट-पीट कर मार डाला। चारो आरोपितों की पहचान मुश्ताक अहमद, उसके भाई सिराज अहमद, अनीश और इश्तिहार के रूप में हुई है जिन्होंने राहुल को एक पेड़ से बाँधकर डंडों और लोहे के छड़ों से उसे बेहरहमी से मारा। जिससे उसकी मौत हो गई।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के डीसीपी दीपक पुरोहित ने बताया सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दरअसल, 28 अगस्त को पीसीआर कॉल से नारायणा के लोहा मंडी के एमसीडी पार्क में एक शख्स की हत्या की सूचना मिली थी। जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए नारायणा पुलिस स्टेशन की एक टीम घटना स्थल पर पहुँची तो उन्हें 32 साल के लड़के का शव पड़ा हुआ मिला। लड़के के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को चश्मदीद शेष कुमार ने बताया कि सुबह उसके पड़ोसी मुश्ताक अहमद, उसका भाई सिराज अहमद, अनीश और इश्तिहार (चारो लोहा मंडी के निवासी थे।) पार्क में इस लड़के की बुरी तरह से पिटाई कर रहे थे। उन्होंने लड़के को पेड़ से बाँधा हुआ था। और लाठी डंडों, पाइप और लोहे की रॉड से उसकी पिटाई कर रहे थे। उन लोगों ने उस व्यक्ति को तब तक मारा जब तक उसकी हालत बदतर नहीं हो गई। उसके बाद वे उसे छोड़ कर भाग गए।

पीड़ित राहुल उर्फ धन्ना, कीर्ति नगर के जवाहर कैंप में रहता था। पुलिस बे घटनास्थल पहुँचते ही राहुल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि चारो आरोपितों को घटना के तुरंत बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया। राहुल और उसके साथियों ने मिलकर शिराज के सेलफोन को उसके ट्रक से चुरा लिया था। जिसके बाद राहुल के दोस्त फ़ोन लेकर भाग गए लेकिन राहुल उन लोगों के हत्थे चढ़ गया। जिसपर चारो आरोपितों ने उसकी इतनी पिटाई की कि उसे जान से हाथ धोना पड़ा।

गले पर 15-20 निशान, तलवों में सूई चुभोने के निशान: कूपर हॉस्पिटल के स्टाफ ने कहा- सुशांत की हत्या हुई थी

सुशांत सिंह राजपूत मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे इन आरोपों को बल मिल रहा है कि उन्होंने आत्महत्या नहीं की थी। उनकी मौत के ढाई महीने होने के बावजूद परिवार और प्रशंसकों ने उनके लिए न्याय की माँग जारी रखी है। इसी बीच कूपर हॉस्पिटल के एक कर्मचारी ने चौंकाने वाला बयान देते हुए इसे हत्या बताया है। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत के मृत शरीर की ऑटोप्सी कूपर हॉस्पिटल में ही की गई थी।

कूपर हॉस्पिटल के जिस कर्मचारी ने बयान दिया है, उसके बारे में बताया गया है कि सुशांत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल और फिर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर वही गया था। उसने स्पष्ट कहा कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या हुई है। दिवंगत अभिनेता की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर इस खुलासे से लोगों को अवगत कराया है।

हॉस्पिटल स्टाफ ने ‘न्यूज़ नेशन’ से बातचीत करते हुए ये खुलासा किया। कर्मचारी ने कहा कि उसे इतना मालूम है कि ये मर्डर था। उसने गले पर कई निशान होने की बात भी कही। कर्मचारी ने कहा कि सुशांत के गले पर एक सूई का निशान जैसा कुछ था। उसने कहा कि गले पर सेलो टेप जैसा कुछ चिपकाया हुआ था और साथ ही कम से कम 15-20 निशान थे। हॉस्पिटल में रिया चक्रवर्ती के आने की बात भी उक्त कर्मचारी ने बताई है।

कर्मचारी ने कहा कि उसके पास दो लोग आए और पूछने लगे कि क्या उन्हें बॉडी दिखाई जा सकती है। इसके बाद रिया चक्रवर्ती भी आईं, जो हॉस्पिटल स्टाफ के दावे के मुताबिक़ माफ़ी माँग रही थीं। उसने दावा किया कि उसने हॉस्पिटल के बड़े-बड़े डॉक्टरों को चर्चा करते हुए सुना था कि ये आत्महत्या नहीं है, बल्कि हत्या है। कर्मचारी ने दावा किया कि हमलोग बॉडी को देख कर ही अधिकतर चीजें जान लेते हैं।

उसके दावे के अनुसार शव के तलवों में भी सूई चुभोए जाने के निशान थे। सुशांत की बहन श्वेता ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि ऐसे वीडियो देख कर उनका दिल लाख बार टूट जाता है। श्वेता ने पूछा कि उन्होंने उनके भाई के साथ क्या किया। साथ ही उन्होंने सुशांत के दोषियों को गिरफ्तार करने की भी माँग की। लोगों ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए दोषियों को गिरफ्तार करने की माँग की है।

देवी-देवताओं को गाली देने वाली हीर खान पाकिस्तानी युवकों से करती थी चैट, इस्लामी संगठनों से लिंक: 5 दिन की रिमांड पर

हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणी करने वाली हीर खान उर्फ़ सना को प्रयागराज पुलिस ने 25 अगस्त को गिरफ्तार किया था और आज (29 अगस्त) से इस घटिया मानसिकता की नफरती यूट्यूबर को अब 5 दिनों के लिए पुलिस रिमांड में ले लिया गया है। हीर खान को उसके यूट्यूब चैनल पर हिंदू विरोधी वीडियो पोस्ट करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। 28 वर्षीय यूट्यूबर (YouTuber) पर धारा 153A / 505 IPC और 66 IT कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इन 5 दिनों में, पुलिस उन लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सख्ती से पूछताछ करेगा, जो इस यूट्यूबर के संपर्क में थे और जो उसके नफ़रत फैलाने वाले अभियान की फंडिंग कर रहे थे। यह माना जा रहा है कि हीर खान के कई इस्लामिक संगठनों और विदेशी कट्टरपंथी गिरोहों से जुड़ाव हो सकता है, जो भारत और खासतौर पर हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और उसी के लिए हीर जैसी नफरती यूट्यूबर को उकसाते और फँसाते रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार (25 अगस्त) को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद खुल्दाबाद के एसएसपी ने खुद हीर खान से पूछताछ की थी। पूछताछ में हीर खान के सहयोग न करने के कारण, आतंकवाद-निरोधी दस्ते (एटीएस) को बुलाया गया, जिसने उससे पूछताछ करने की कोशिश की, इसके बाद भी उसके इस अपराध के पीछे के कारण का पता नहीं चल सका।

गौरतलब है कि हीर खान की गिरफ्तारी के बाद, प्रयागराज पुलिस ने उसके घर से कई भारत विरोधी और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री बरामद की थी और प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, उन्होंने उससे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जानकारियाँ हासिल की। पुलिस का मानना ​​है कि कई अन्य चीजें भी हैं, जैसे: कौन हीर खान की राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों की फंडिंग कर रहा था? उसके घर से बरामद महँगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स उसे कहाँ से मिले? हर महीने उसके इस नफरत भरे अभियान पर कितना पैसा खर्च हो रहा था? इस्लामिक संगठनों और विदेशी गिरोहों के साथ हीर खान की क्या साँठगाँठ है? ऐसी कई बाते हैं जिसे जानने की जरूरत है।

इसके अलावा, प्रयागराज पुलिस उसके मामा और उसके अन्य सहयोगियों की भी तलाश में है। प्रयागराज पुलिस द्वारा साझा की गई रिपोर्टों में से एक के अनुसार, उसके चाचा, जिनकी इलाहाबाद के रोशन बाग इलाके में कपड़े की दुकान है। ऐसा माना जाता है कि वह वही था जिसने प्रयागराज के मंसूर अली पार्क में हीर खान को सीएए और एनआरसी के विरोध में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया था, जहाँ उसने सरकार और उसके फैसले के खिलाफ जहर उगली थी।

उसके चाचा के अलावा, पुलिस उसके एक रिश्तेदार की भी तलाश कर रही है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह जमात-ए-इस्लामी-हिंद से जुड़ा हुआ है और इस रिश्तेदार का बेटा भी है, जो छात्र इस्लामिक संगठन (Student Islamic Organization) का सदस्य है। खबरों के मुताबिक, इस पिता-पुत्र की जोड़ी ने हीर खान को कट्टरपंथी बना दिया था और उसे हिंदुओं, सरकार और भारत के खिलाफ नफरत फैलाने वाले इस अभियान के लिए भड़काया था।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सऊदी अरब में रहने वाले हीर खान के एक अन्य सहयोगी की तलाश में भी है। वह कथित तौर पर इस घटिया मानसिकता वाली नफरती यूटूबर के लिए धन की व्यवस्था कर रहा था ताकि वह उससे इस तरह का घृणा-अभियान चलवा सके।

अभी तक के जाँच में यह भी पता चला है कि इस्लामिस्ट यूट्यूबर हीर खान सऊदी अरब के कुछ युवाओं के संपर्क में होने के अलावा, व्हाट्सएप पर दो पाकिस्तानी युवकों के साथ नियमित संपर्क में थी। वह हैदराबाद, कानपुर, दिल्ली के कुछ युवाओं के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की छात्रा और मौलाना के साथ भी नियमित रूप से बातचीत करती रहती थी।

पिछले रिपोर्ट में ऑपइंडिया ने बताया था कि पिछले दो वर्षों में, हीर खान ने देश भर में आयोजित कई डिबेट, विरोध प्रदर्शनों और भारत विरोधी अभियानों में भाग ले चुकी थी। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और खुफिया एजेंसी जिसने हिरासत में भेजे जाने से पहले यूट्यूबर से पूछताछ की थी, ने यह भी खुलासा किया कि हीर जैश प्रमुख आतंकी मसूद अजहर के वीडियो से प्रेरित होने के बाद सोशल मीडिया पर नफरत और जहर फैलाने में लिप्त हो गई थी।

गौरतलब है कि 23 अगस्त को यूट्यूब चैनल ‘ब्लैक डे 5 अगस्त’ पर यह इस्लामी कट्टरपंथी महिला हीर खान ने एक ऐसा वीडियो शेयर किया था, जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं को जम कर गालियाँ बकी गई थी। यूट्यूबर हीर खान ने इस वीडियो में माँ सीता के लिए ‘₹#डी’ शब्द का प्रयोग किया था और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ करार दिया था। सोशल मीडिया पर लोगों के आक्रोश के बाद आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल ने यूपी पुलिस और सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग कर नियमानुसार कार्रवाई की अपील की थी। जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने बाद में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और अब उसे गिरफ्तार कर लिया था।