Home Blog Page 4642

पत्थलगड़ी आंदोलन के लिए आदिवासियों को बरगलाने गुजरात पहुँचे थे नक्सली, ATS ने एक महिला समेत 3 को किया गिरफ्तार

गुजरात एटीएस ने पत्थलगड़ी आंदोलन के लिए आदिवासियों को बरगलाने गुजरात पहुँचे 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। एटीएस ने इनके पास से नक्सली प्रवृत्तियों को बढ़ाने वाली कई साहित्य सामग्रियों के साथ मोबाइल और एक लैपटॉप भी जब्त किया है।

गुजरात एटीएस का आरोप है कि तीनों गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में जाकर लोगों को भड़का रहे थे। तीनों पर राजद्रोह और आपराधिक षडयंत्र की धारा लगाई गई है।

गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान बिरसा सुइल औरेया, सामू सुइल औरैया और बबीता कच्छप के रूप में हुई है। सामू और बिरसा को आदिवासी बहुल तापी जिले के व्यारा तालुक से गिरफ्तार किया, जबकि बबीता को महीसागर जिले के संतरामपुर तालुक से गिरफ्तार किया गया।

तीनों झारखंड में अलग-अलग मामलों में वांछित हैं। बिरसा सुईल औरेया के खिलाफ हाफ मर्डर, गैंगरेप सरीखे 20 मामले झारखंड के खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिला के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

इसमें से बबीता कच्‍छप पत्‍थलगड़ी आंदाेलन की मास्‍टरमांइड बताई जा रही है। राँची-खूँटी के आसपास के इलाकों में पत्‍थलगड़ी के दौरान यूसुफ पूर्ति के साथ बबीता कच्‍छप पत्‍थलगड़ी की मास्टरमाइंड थी। बबीता की गिरफ्तारी के बाद संगठन के अब बड़े नेताओं में यूसुफ पूर्ति ही बचा है। सामू औरेया और बिरसा औरेया दोनों भाई बताए जा रहे हैं।

खूँटी पुलिस लंबे समय से बबीता की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी। बबीता के ऊपर यहाँ के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इसमें असंवैधानिक पत्थलगड़ी करवाने, देशद्रोह सहित अन्य मामले शामिल हैं। खूँटी जिले के भंडरा में एसपी सहित दर्जनों जवानों को बंधक बनाने में भी बबिता शामिल थी।

इसके अलावा मुरहू में असंवैधानिक बैंक खोलने और पूर्व सांसद कड़िया मुंडा के आवास से गार्डों को अगवा कर उनका हथियार लूटने में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी।

इसके अलावा जिले के विभिन्न प्रखंडों में हुई पत्थलगड़ी में भी शामिल होने में उसकी संलिप्तता भी बताई जाती रही है। पत्थलगड़ी के कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद से बबीता की गिरफ्तारी के लिए खूँटी पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। पर उसे सफलता नहीं मिल सकी। पत्थलगड़ी के मास्टरमाइंड यूसुफ पूर्ति के हर अभियान में बबिता कच्छप उनके साथ थी।

एटीएस ने दावा किया कि जाँच करने पर उन्हें जानकारी सही लगी और आरोपितों के आवास की तलाशी लेने पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का लिट्रेचर मिला। उनके फोन और लैपटॉप पर भी लिट्रेचर पाया गया।

गुजरात एटीएस अब गुजरात में इनके लिंक की जाँच कर रही है। गुजरात एटीएस ने इन तीनों लोगों पर आईपीसी की धारा-124-ए लगाई है। आईपीसी की धारा-124-ए राजद्रोह से संबंधित है और इसके तहत आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। इसके अलावा इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी यानी आपराधिक षडयंत्र रचने का भी आरोप लगाया गया है।

म्यांमार के आतंकियों को हथियार देकर उन्हें भारत के खिलाफ उकसा रहा चीन, नॉर्थ-ईस्ट को फिर अशांत करने की साजिश

चीन लगातार भारत में तनाव बढ़ाने में जुटा है। अब इसके लिए यह म्यांमार के विद्रोहियों को हथियार देकर उन्हें भारत के खिलाफ उकसा रहा है। ऐसा करके यह पूर्वोत्तर के राज्यों में अशांति फैलाना चाहता है। नीदरलैंड के एमस्टर्डम आधारित थिंक टैंक यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (ईएफएसएएस) ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

इसमें कहा गया है कि बीते दिनों म्यांमार में थाईलैंड की सीमा के पास मेइ ताओ इलाके में चीन के हथियारों का एक बड़ा जखीरा पकड़ा गया। जाँच में पाया गया कि ये हथियार भारत के पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों के लिए भेजे गए थे।

चीन लंबे समय से म्यांमार के आतंकी संगठन अराकान आर्मी को समर्थन देता रहा है। हालांकि, जो हथियार जब्त हुए उनका इस्तेमाल फिलहाल यह संगठन नहीं करता। इससे शक और भी गहरा जाता है कि इन्हें भारत के उग्रवादियों के लिए ही भेजा गया था। ये सभी हथियार चीन के यूनाइटेड वा स्टेट आर्मी और काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी ने तैयार किए हैं। इसकी भी पुष्टि हुई है।

म्यांमार में पूर्वाेत्तर के उग्रवादी संगठनों ने शरण ली है

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के कई उग्रवादी संगठनों ने म्यांमार में शरण ले रखी है। म्यांमार की अराकान आर्मी भारतीय उग्रवादियों की मदद करते हैं। खास तौर पर म्यांमार के राखिने राज्य में यह आतंकी समूह भारतीय उग्रवादियों को शह देते हैं। भारत ने अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी के तहत पूर्वोत्तर राज्यों में ढाँचागत सुविधाएँ मजबूत की है। यहां के उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन बातों से चीन की भारत के खिलाफ रणनीति पर असर पड़ा है और वह अब भारत के खिलाफ उग्रवादियों को शह दे रहा है।

भारतीय सुरक्षा एजेंसी सक्रिय हुईं

थाइलैंड में भारत की राजदूत सुचित्रा दुरई ने 20 जुलाई को थाइलैंड के तक राज्य के गवर्नर से बातचीत की थी। उनसे मेइ ताओ में पकड़े गए चीनी हथियारों के बारे में चर्चा की। इस बीच भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ भी सक्रिय हो गई हैं और थाइलैंड और म्यांमार के अफसरों के संपर्क में है। भारत चीन से भेजी गई हथियारों की खेप के बारे में और ज्यादा जानकारी हासिल करने में जुट गया है।

भारत ने अराकान आर्मी के खिलाफ किया था ऑपरेशन

भारत-म्यांमार की आर्मी ने अराकान आर्मी के सदस्यों के खिलाफ पिछले साल मार्च में ऑपरेशन किया थ। इन उग्रवादियों से कालादान मल्टी ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट को खतरा था। इस प्रोजेक्ट को भारत के दक्षिण-पूर्व एशिया में गेटवे के तौर पर देखा जा रहा है। हालाँकि, भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन के दौरान सीमा पार नहीं की थी। ऑपरेशन का मकसद अराकान आर्मी के सदस्यों को नेस्तनाबूद करना था। अधिकारी ने बताया कि अराकान आर्मी के सदस्य मिजोरम सीमा से सटे इंटरनेशनल बॉर्डर के काफी करीब आ गए थे।

तिहाड़ जेल में डर लग रहा है, आम कैदियों से अलग शिफ्ट किया जाए: दिल्ली दंगों मे गोलीबारी करने वाले शाहरुख की अर्जी

दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों में गोलीबारी करने वाले और पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को जेल में डर लग रहा है, ऐसा उसने कोर्ट को दी गई अर्जी में बताया है। उसने कड़कड़डुमा कोर्ट में अर्जी देकर दरख्वास्त की है कि उसे आम कैदियों के साथ न रखा जाए, क्योंकि ऐसी स्थिति में उसके साथ कुछ अप्रिय घटना हो सकती है। इसीलिए उसे आम कैदियों से दूर कहीं और शिफ्ट किया जाए।

दिल्ली दंगों के आरोपित शाहरुख पठान ने कड़कड़डूमा कोर्ट में अर्जी लगा कर अपनी जान को खतरा बताया है और साथ ही कहा है कि उसे आम कैदियों से अलग कहीं और शिफ्ट किया जाए। दिल्ली दंगों के दौरान खुलेआम बंदूक लहराने वाला शाहरुख पठान फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ की हाई रिस्क जेल नंबर 4 में कैद है। सोमवार (जुलाई 27, 2020) को इस मामले की सुनवाई होने की संभावना है।

याचिका में शाहरुख पठान की तरफ से कहा गया है कि जेल अधिकारियों द्वारा उसे मौखिक रूप से आश्वासन दिया गया है कि उसे ‘ज्यादा जोखिम नहीं वाले’ कैदियों के जेल से दूसरे सामान्य कैदियों के साथ स्थानांतरित कर दिया जाएगा। दिल्ली दंगों के आरोपित शासहरुख ने शनिवार को ये याचिका दायर की। वकील असगर खान, अब्दुल ताहिर खान और तारिक नासिर ने शाहरुख की तरफ से कोर्ट में ये अर्जी डाली।

शाहरुख ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपने वकील से गुरुवार को ही इस आशंका को व्यक्त किया था, ऐसा याचिका में दावा किया गया है। हाल ही में शाहरुख ने जमानत याचिका भी डाली थी, जिसे कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था। बता दें कि दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों में उसकी तस्वीर खासी वायरल हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने इसकी तलाश शुरू कर दी थी।

शाहरुख पठान ने इस अर्जी में अपने पिता के ऑपरेशन का हवाला देकर जमानत माँगी थी। उसने कहा था कि उसका कोई पुराना अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। चार्जशीट दायर हो चुकी है। माता-पिता (अम्मी-अब्बू) की सेहत खराब है, उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इससे पहले शाहरुख पठान ने कोरोना का हवाला देकर जमानत माँगी थी। लेकिन उसकी जमानत अर्जी को कड़कड़डूमा कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 

दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा में शाहरुख ने जाफराबाद इलाके में 8 राउंड फायरिंग की थी। उसके पास से एक पिस्तौल तथा दो कारतूस जब्त किए गए थे। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में शाहरुख के घर से पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए थे। 

दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ UAPA एक्ट के तहत दायर की चार्जशीट, देशद्रोह के अलावा कई मुक़दमे दर्ज

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन के दौरान देशद्रोही बयान के आरोपित शरजील इमाम के खिलाफ क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली के पटियाला कोर्ट में शनिवार (25 जुलाई, 2020) को चार्जशीट दाखिल किया है। दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट यूएपीए एक्ट के तहत दायर किया है। बता दें कि जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम ने जामिया और अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण दिया था।

पुलिस ने चार्जशीट में देशद्रोह के साथ आईपीसी की धारा 153 (ए), 153-बी और 505 को भी शामिल किया है। शरजील पर CAA के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन के दौरान, राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता को नुकसान पहुँचने वाली गतिविधियों में लिप्त होने और लोगों को उकसाने का आरोप है। अदालत मामले में 27 जुलाई को सुनवाई कर सकती है।

चार्जशीट में लगाए गए आरोप

चार्जशीट में कहा गया है, ‘‘शरजील इमाम पर देश के खिलाफ भाषण देने और एक विशेष समुदाय को अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए भड़काने का आरोप है, जो राष्ट्र की संप्रभुता और एकता के खिलाफ है। संशोधित नागरिकता कानून के विरोध की आड़ में उसने एक विशेष समुदाय के लोगों को राजमार्ग बाधित करने के लिए उकसाया और ‘चक्का जाम’ कराया जिससे सामान्य जनजीवन बाधित हुआ।’’

इसमें आगे आरोप लगाया गया है,” इमाम ने खुलेआम संविधान का उल्लंघन किया और इसे ‘फासीवादी’ दस्तावेज बताया। सीएए के विरोध के नाम पर उसने खुलेआम दुष्प्रचार किया कि ‘चिकेन नेक’ को जाम किया जाए जो पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ता है। उसने प्रदर्शन के लोकतांत्रित तरीकों का भी अपमान किया।’’

लैपटॉप ने खोले शरजील के राज

जाँच कर रही पुलिस को शरजील के कारनामों का खुलासा उसके लैपटॉप से भी मिला था। लैपटॉप के जरिए पुलिस को शारजील द्वारा मस्जिद के आस-पास वाले इलाकों में भड़काऊ पोस्टर बँटवाने का सबूत भी मिला था। लैपटॉप के डाटा की खोजबीन के दौरान पुलिस को उन सभी पोस्टर की तस्वीरें बरामद हुई।

शरजील का भड़काऊ भाषण

इमाम पर जामिया मिलिया इस्लामिया में 13 दिसम्बर और इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 जनवरी को भड़काऊ भाषण देने की जाँच चल रही है। जहाँ उसने कथित तौर पर धमकी दी थी कि असम और शेष पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से ‘अलग कर दिया जाए।’

पुलिस ने इससे पहले अदालत को बताया था कि 13 दिसम्बर के उसके भाषण के बाद दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर आगजनी और हिंसा हुई और 16 जनवरी के उसके भाषण के बाद कई जगह प्रदर्शन शुरू हो गए। वर्तमान में वह गुवाहाटी जेल में बंद है और कोरोना वायरस से संक्रमित है।

युवती ने ठुकराया प्रेम प्रस्ताव तो मोहम्मद आलम ने फिकवाया तेजाब, पीड़िता ने कहा- मैं उसे भाई समझती थी, दोनों आरोपित गिरफ्तार

नेपाल में एक भारतीय को काठमांडू के सीतापला में 22 वर्षीय लड़की पर तेजाब फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मुन्ना मोहम्मद ने अपने नियोक्ता मोहम्मद आलम के इशारे पर महिला पर हमला किया था। जो नेपाल का नागरिक है। पीड़ित महिला का काठमांडू के कीर्तिपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

आलम से जब पूछताछ हुई तो उसने बताया कि उसने पबित्रा पर तेजाब इसलिए फिंकवाया क्योंकि उसने उसका प्रेम नहीं स्वीकारा था और उसे नकार दिया था। इसलिए उसने मुन्ना से कहकर ये करवाया। इसी बीच पीड़िता ने अपने दिए बयान में पुलिस को कहा, “मुझे नहीं पता था आलम मुझसे प्रेम करता है। मेरे लिए तो वो भाई जैसा था।”

वहीं पूछताछ के दौरान मुन्ना मोहम्मद ने पुलिस से गिड़गिड़ाते हुए कहा कि उसे उस समय पता नहीं था कि बोतल में एसिड है। उसने कहा,

“बॉस ने मुझे महिला पर इसे फेंकने के लिए कहा था। यह एक शराब की बोतल थी, इसलिए मुझे लगा कि इसमें शराब है। लेकिन, बोतल को पकड़ने के बाद मुझे अपनी कलाई पर गरमाहट महसूस हुई, तब मुझे पता चला कि यह एसिड था। “बॉस ने फिर मुझे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और अपने वर्कशॉप में ले गए। उन्होंने मुझे इस काम के लिए एक पैसा नहीं दिया।”

दोनों आरोपित ने कथित तौर पर अपना अपराध कबूल कर लिया है। मामले की आगे की जाँच अभी चल रही है। फिलहाल दोनों आरोपित काठमांडू मेट्रोपॉलिटन पुलिस सर्कल की हिरासत में हैं।

गौरतलब है कि पीड़ित लड़की का चेहरा तेजाब पड़ने पर बुरी तरह झुलस गया है। पीड़िता की पहचान पबित्रा करकी के रूप में हुई है। पुलिस ने तेजाब फेंकने वाले भारतीय युवक मुन्ना मोहम्मद को घटना के दो घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने बताया था कि मुन्ना ने पबित्रा पर कल रात करीब 8:45 बजे उस वक्त हमला किया था। जब वो अपने घर से बाहर निकली थी। गिरफ्तारी के वक्त मुन्ना का हाथ भी बुरी तरह से झुलसा हुआ था।

डेडलाइन खत्म होने के बाद ह्यूस्टन में चीनी दूतावास में जबरदस्ती पिछले गेट से दाखिल हुए अमेरिकी एजेंट्स, खाली कराई बिल्डिंग

अमेरिका ने चीन के खिलाफ रुख और सख्त कर लिया। चीन को मंगलवार (जुलाई 21, 2020) को ह्यूस्टन स्थित महावाणिज्य दूतावास 72 घंटे में बंद करने के आदेश दिए गए थे। शुक्रवार (जुलाई 24, 2020) शाम 4 बजे जैसे ही डेडलाइन खत्म हुई, अमेरिकी एजेंट्स इस बिल्डिंग में दाखिल हो गए। अंदर मौजूद कुछ लोगों ने गेट नहीं खोला। इस पर एफबीआई ने उन्हें वॉर्निंग दी। इसके बाद एजेंट्स ने दरवाजा ताकत के इस्तेमाल से खुलवाया।

हैरानी की बात चीन का रवैया है। जानकारी के मुताबिक, जिस तय वक्त में बिल्डिंग का हैंडओवर अमेरिका अधिकारियों को देना था, उस समय जब एफबीआई एजेंट्स वहाँ पहुँचे तो मेन गेट अंदर से लॉक था। पिछले गेट पर भी यही हाल थे। लेकिन, टीम ने इसे जबरदस्ती खुलवाया। बाद में मेन गेट पर भी ताकत का इस्तेमाल करना पड़ा।

डिप्लोमैसी के नियमों के तहत चीन को अमेरिका द्वारा दी गई डेडलाइन खत्म होने के पहले दूतावास खाली करनी थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। दूतावास के हेड काई वेई ने ‘द पॉलिटिको’ को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प प्रशासन का आदेश मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा था, “ये हमारे विरोध करने का तरीका है। हम कॉन्स्युलेट खाली नहीं करेंगे। बहरहाल, उन्हें बिल्डिंग खाली करनी पड़ी।”

हालाँकि, दूतावास की तलाशी के वक्त हैरान करने वाली चीजें दिखीं। दूतावास के बाहर कई चीनी नागरिक जुटे। इन्होंने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया और चीन के विरोध में बातें कहीं। इनमें से ज्यादातर लोग ताली बजाकर एफबीआई एजेंट्स का हौसला बढ़ा रहे थे।

दूतावास को बंद करने के लिए दी गई समय सीमा के खत्म होने से पहले ह्यूस्टन पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए और चार दशकों से चीन सरकार के कब्जे वाली इमारत के पास की सड़कों को बंद कर दिया। पुलिस ने वाणिज्य दूतावास की इमारत के चारों ओर सुरक्षा कड़ी कर दी है।

अब तक यह साफ नहीं है कि एफबीआई को ह्यूस्टन कॉन्स्युलेट से क्या मिला। हालाँकि, एजेंट्स के दाखिल होने के बाद कई लोग बक्से लेकर बाहर निकलते दिखे। ये लोग लोकल पुलिस डिपार्टमेंट के थे। एफबीआई के साथ फोरेंसिक डिपार्टमेंट की एक स्पेशल टीम भी आई थी। माना जा रहा है कि इस टीम ने मंगलवार को जलाए गए डॉक्युमेंट्स के सुराग तलाशे। दस्तावेज जलाए जाने की घटना के बाद ही दूतावास पर शक हुआ था। इसके बाद इसे 72 घंटे में बंद करने के आदेश दिए गए थे।

गौरतलब है कि अमेरिका ने चीन से 72 घंटे के भीतर ह्यूस्टन में अपने वाणिज्य दूतावास  को बंद करने के लिए कहा था। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने आरोप लगाया था कि यह जासूसी और बौद्धिक संपदा की चोरी का एक केंद्र है। शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने वाणिज्य दूतावास पर अमेरिका में बीजिंग के जासूसी अभियानों का हिस्सा होने का भी आरोप लगाया था।

ह्यूस्टन में चीनी वाणिज्य दूतावास बंद करने के अमेरिका के फैसले पर पलटवार करते हुए चीन ने शुक्रवार को चेंगदू स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास बंद करने का आदेश दिया। दूतावास को बंद करने का आदेश देते समय, चीन ने अमेरिका पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया।

राम मंदिर भूमिपूजन में मुझे नहीं बुलाया गया तो भगवान राम की तरह सरयू में जल समाधि ले लूँगा: आजम खान

मुस्लिम कारसेवक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजम खान ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मौके पर एक अनोखी माँग रखी है। उन्होंने कहा कि यदि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में उनको आमंत्रित नही किया गया तो वह उसी दिन सरयू में जल समाधि ले लेंगे।

आजम खान ने शनिवार (25 जुलाई, 2020) को अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला का दर्शन के दौरान यह शपथ लिया है। उन्होंने कहा कि हमने भी राम मंदिर के लिए आंदोलन किया है और हम भी भगवान राम को मानने वाले हैं। हम भी राम भक्त हैं। आजम खान ने कहा कि राम को किसी जाति या धर्म में नहीं बाँधा जा सकता। उन्होंने कहा कि वो इस दिन वहाँ उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनना चाहते हैं।

आजम खान ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने आंदोलन किया है, वह भगवान राम को मानने वाले हैं। वे भी भगवान राम के भक्त हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम कारसेवक मंच ने राम मंदिर आंदोलन के लिए जागरूकता अभियान चलाया है। मंच ने ईट सहित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को कर मुस्लिम समुदाय को भी पक्ष में लाने का काम किया था। अब जब राम जन्मभूमि मंदिर बनने जा रहा है तो उन्हें भी आमंत्रित किया जाना चाहिए।

वहीं उन्होंने राम और लक्ष्मण का उदाहरण देते हुए कहा, जिस तरह भगवान राम और लक्ष्मण ने सरयू में जाकर जल समाधि ली थी, उसी तरह मैं भी सरयू में जल समाधि ले लूँगा। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका वाले संत स्वर्गीय महंत रामचंद्र दास परमहंस की समाधि पर श्रद्धांजलि भी दी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम मंदिर भूमिपूजन की तैयारियों की समीक्षा करने आज (25 जुलाई 2020) अयोध्या पहुँचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी में हनुमान जी के दर्शन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लोगों के साथ बैठक कर मंदिर-निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया।

सीएम योगी ने साधु-संतों के साथ हुई बैठक के दौरान बताया कि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति वाले भूमिपूजन कार्यक्रम में सिर्फ 200 अतिथि ही शामिल हो सकते हैं, इसीलिए अगर किसी को निमंत्रण न मिले तो इसे प्रतिष्ठा का विषय न बनाया जाए। सीएम योगी ने कारसेवकपुरम में पत्थरों की तराशी का भी जायजा लिया। पूरे अयोध्या के लोग 5 अगस्त को दीप प्रज्ज्वलित कर इस मौके पर ख़ुशी मनाएँगे।

बॉलीवुड में गैंगबाजी के कारण ज्यादातर तमिल फिल्मों में करता हूँ काम: ‘दिल बेचारा’ के म्यूजिक डायरेक्टर AR रहमान

म्यूजिक निर्देशक एवं गायक ए आर रहमान (A R Rahman) ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है कि क्यों वे हिन्दी फिल्मों की जगह ज्यादातर तमिल फिल्मों के लिए संगीत तैयार करते हैं। बता दें, एआर रहमान ने सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी रिलीज हुई फिल्म ‘दिल बेचारा’ में संगीत दिया है।

रेडियो मिर्ची को दिए एक इंटरव्यू में रहमान ने कहा, “मैं अच्छी फिल्मों को मना नहीं करता, लेकिन मुझे लगता है कि कोई गैंग है जो गलतफहमी के चलते गलत खबरें फैला रहा है। मुकेश छाबड़ा मेरे पास आए थे और मैंने उन्हें दो दिन में गाना तैयार करके दिया।”

उन्होंने मुझसे कहा- सर ना जाने कितने लोगों ने कहा है कि मत जाइए, मत जाइए उनके पास और उन्होंने मुझे कहानियों पर कहानियाँ सुनाई हैं।” रहमान ने कहा कि मैंने उनकी बातें सुनीं और सोचा कि ठीक है अब मैं समझ गया हूँ कि मुझे कम काम क्यों मिल रहा है और अच्छी फिल्में मेरे पास तक क्यों नहीं आ पाती हैं।”

बातचीत के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर उस संगीत के बारे में भी बताया जो उन्होंने तमाशा, रॉकस्टार, दिल से और गुरु सहित अन्य बॉलीवुड फिल्मों के लिए तैयार किया है।

रहमान आगे कहा, “मैं डार्क फिल्में करता हूँ, क्योंकि एक पूरा ग्रुप मेरे खिलाफ काम कर रहा है बिना ये सोचे समझे कि वो मेरा नुकसान ही कर रहे हैं। लोग चाहते हैं कि मैं उनके लिए काम करूँ लेकिन साथ ही वो लोग भी हैं जो नहीं चाहते कि मुझे काम मिले। लेकिन ठीक है, मैं तकदीर में विश्वास रखता हूँ और मैं मानता हूँ कि सब कुछ आपके पास ईश्वर के जरिए आता है।”

उन्होंने आगे कहा, मैं अपनी फिल्में ले कर आ रहा हूँ। इसके अलावा मैं अपने और कामों में व्यस्त हूँ। मैं आप सभी लोगों का स्वागत करता हूँ, कि आप मेरे साथ आए। हम मिल कर बेहतरीन फिल्में बनाएँगे।

गौरतलब है कि सुशांत की आत्महत्या ने बॉलीवुड के पर्दे के पीछे की सच्चाई को सामने ला दिया हैं। कई बड़े एक्टर, फेमस सेलेब्रिटीज़ से जुड़ी कई बातें सामने आ रही हैं। आए दिन लोग नेपोटिज्म को लेकर भी खुलकर बात कर रहे हैं। उनकी अचानक मौत से उनके प्रशंसकों और कंगना रनौत जैसी अन्य हस्तियों में नाराजगी फैल गई, जिन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड के दिग्गजों की इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने के कारण सुशांत सिंह राजपूत ने अपना जीवन समाप्त करने का इतना कठोर निर्णय लिया।

राम मंदिर परिसर में 2 लाख को कराया भोजन, 80000 को दिए फूड पैकेट्स: महावीर मंदिर खोलेगा रामायण शोध संस्थान

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की औपचारिक शुरुआत 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि-पूजन के साथ ही हो जाएगी। इसके लिए पूरे देश में 10 करोड़ परिवारों से चन्दा लेने की बात कही गई है। वहीं पटना के महावीर मंदिर ने कहा है कि वो राम मंदिर के निर्माण के लिए हर साल 2 करोड़ रुपए देगा। महावीर मंदिर ने राम मंदिर ट्रस्ट को अयोध्या में 2 करोड़ रुपए का चेक सौंप भी चुका है।

‘दैनिक भास्कर’ की ख़बर के अनुसार, महावीर मंदिर ट्रस्ट ने कहा है कि राम मंदिर बनने में 3-4 साल लग ही जाएँगे, ऐसे में हर साल उसके द्वारा 2 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाती रहेगी। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव किशोर कुणाल ने जानकारी दी कि ट्रस्ट के अकाउंट में इसके लिए वित्त की व्यवस्था कर के उसे अलग रख दिया गया है। साथ ही वहाँ रामायण शोष संस्थान का खाका भी तैयार किया गया है। इसे अमांवा मंदिर परिसर में शुरू किए जाने की योजना है।

किशोर कुणाल का राम मंदिर मामले को सुलझाने में अहम योगदान है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मस्जिद पक्ष के वकील राजीव धवन ने भड़क कर जिस नक़्शे को फाड़ दिया था, वो अयोध्या पर लिखी किशोर कुणाल की पुस्तक से ही लिया गया था। तब किशोर कुणाल ने कहा था कि धवन जानते थे कि इस नक़्शे के बाहर आने से उनकी पोल खुल जाएगी, इसीलिए उन्होंने ऐसा किया। तत्कालीन सीजेआई गोगोई ने उन्हें इसके लिए टोका भी था।

महावीर मंदिर द्वारा तैयार किए जाने वाले रामायण शोध संस्थान में दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह होगा, जिसमें रामायण से जुड़े दस्तावेज प्रमुख होंगे। रामायण पर रिसर्च भी किया जाएगा। कोरोना महामहृ ख़त्म होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अमांवा मंदिर राम मंदिर परिसर के भीतर ही स्थित है, जो 70 एकड़ की उस जमीन के एक भाग पर स्थित है। इसकी व्यवस्था का सञ्चालन महावीर मंदिर ही करती आई है।

यहाँ भगवान राम के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को मुफ्त में भोजन कराया जाता है। इसे ‘राम रसोई’ नाम दिया गया है, जिसे जनवरी 2020 में ही शुरू किया गया था। कोरोना संकट के दौरान अब तक भोजन के 80,000 पैकेट्स बाँटे जा चुके हैं। अब तक 2 लाख लोगों को यहाँ भोजन कराया जा चुका है। मंदिर निर्माण शुरू होगा तो यहाँ भीड़ बढ़ने की उम्मीद है लेकिन महावीर मंदिर ट्रस्ट सबको भोजन मुहैया कराएगा।

इसके लिए ‘राम रसोई’ के बजट में भी बढ़ोतरी की जाएगी। फ़िलहाल इसका सालाना बजट 3 करोड़ रुपए है। अब तक 52.4 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। चूँकि पूरे भारत से लोग रामलला के दर्शन के लिए आते हैं, इसीलिए ‘राम रसोई’ में भी इसका ध्यान रखते हुए हर प्रान्त के व्यंजन तैयार किए जाते हैं। हर क्षेत्र के लोग रामलला की नगरी में आकर अपनापन महसूस कर सकें, इसीलिए ऐसा किया जाता है।

इससे पहले महावीर मंदिर ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। इसमें से 2 करोड़ रुपए की पहली किस्त का चेक भी बुधवार (जुलाई 22, 2020) को भेज दिया गया है। वहीं रामादल ट्रस्ट मंदिर के चौखट को स्वर्ण मंडित कराएगा। साथ ही भूमिपूजन पर रामलला को सोने-चाँदी की बनी पोशाक अर्पित करेगा। किशोर कुणाल अक्सर राम मंदिर के पक्ष में आवाज़ बुलंद करते रहे हैं।

J&K: लश्कर के टॉप कमांडर इशफाक और आतंकी एजाज अहमद को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, एक CRPF जवान घायल

जम्मू-कश्मीर में पारिंपोरा के रणबीरगढ़ इलाके में सुरक्षाबलों ने शनिवार (25 जुलाई, 2020) सुबह हुई एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकियों को ढेर कर दिया। इनमें एक लश्कर का टॉप कमांडर इशफाक राशिद था। दूसरे आतंकी का नाम एजाज अहमद था।

सुरक्षा एजेंसियों को रणबीरगढ़ क्षेत्र में दहशतगर्दों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी। मिली सूचना के आधार पर आर्मी और पुलिस के जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। सर्च ऑपरेशन के दौरान जब सभी घरों की तलाशी ली जा रही थी तभी एक घर से आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों के लगातार फायरिंग करने के जवाब में भारतीय सुरक्षाबलों को भी गोली चलानी पड़ी।

रिपोर्ट के अनुसार,आतंकियों ने सुरक्षाबलों को घेरना शुरू कर दिया था। जिसके बाद आर्मी ने काउंटर ऑपरेशन शुरू किया। फायरिंग के दौरान एक आतंकी को निशाना बनाते हुए सुरक्षाबलों ने उसे टारगेट करके मार गिराया। फिर उसी के बाद जवानों ने उसके साथी को को भी ढेर कर दिया। सुबह हुए एनकाउंटर में एक सीआरपीएफ जवान के घायल होने की भी सूचना है।

एक आतंकी की पहचान इशफाक राशिद नाम से हुई है। वह श्रीनगर के सोजिथ इलाके में रहने वाला था। इशफाक लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर था। वह 2018 में लश्कर का टॉप कमांडर बना था। उसका ठिकाना श्रीनगर था। वहीं वो अपनी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता था। राशिद सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में शामिल आतंकी था।

इसके अलावा दूसरे आतंकी की पहचान एजाज अहमद के तौर पर हुई है। उसका संबंध भी इसी आतंकी संगठन से मिला है। पुलवामा में रहने वाले आतंकी एजाज का लोग एजाज भट के नाम से जानते थे। एजाज लश्कर का प्रमुख आतंकवादी था। इनके एनकाउंटर से आतंकी गतिविधियों को कम करने में जवानों को बड़ी सफलता मिली है।

आतंकियों के पहचान के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, इस इलाके में 2-3 आतंकियों के एक दल के छिपे होने की सूचना मिली है। इस सूचना के आधार पर सेना की 29 राष्ट्रीय राइफल्स ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी (SoG) और सीआरपीएफ (CRPF) जवानों के साथ इस इलाके में सर्च अभियान शुरू किया है और इलाके को चारो तरफ से घेर लिया है। कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट के जरिए भी ये जानकारी साझा की है।