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पाकिस्तान में Bigo बैन, TikTok को अंतिम चेतावनी: इस्लाम विरोधी कंटेंट्स और अश्लीलता फैलाने का आरोप

भारत के बाद अब पाकिस्तान में भी TikTok को प्रतिबंधित करने की माँग उठ रही है। पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA)’ ने लाइव स्ट्रीमिंग ऐप Bigo को प्रतिबंधित करने का फरमान सुनाया है। साथ ही TikTok को भी ‘अंतिम चेतावनी’ दी है। TikTok पर अश्लील और अनैतिक कंटेंट्स होने के कारण उसे प्रतिबंधित करने की धमकी दी गई है। इससे चीन के सोशल नेटवर्किंग ऐप्स के लिए पाकिस्तान में मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।

पाकिस्तान की वेबसाइट ‘फ़ोन वर्ल्ड’ ने भी वहाँ TikTok को प्रतिबंधित किए जाने की वकालत की है। इसका कहना है कि एक इस्लामिक मुल्क होने के नाते वहाँ के कुछ तौर-तरीके और नियम-कायदे हैं, जिनका इस ऐप द्वारा उल्लंघन किया जा रहा है। साथ ही अश्लीलता फैलाने का भी आरोप लगाया गया है। लाहौर हाईकोर्ट में TikTok को बैन करने के लिए याचिका भी दाखिल की गई है।

याचिकाकर्ता ने इसे आधुनिक समय की सबसे बड़ी बुराई करार दिया है। साथ ही आरोप लगया है कि पब्लिसिटी और रेटिंग के लिए इस पर पोर्न सामग्रियाँ फैलाई जाती हैं। PTA ने बताया है कि उसके पास TikTok की इन हरकतों को लेकर कई शिकायतें आई हैं और इस पर विचार किया जा रहा है। Bigo के खिलाफ भी शिकायतें आई थीं, जिसे बैन कर दिया गया है। अब पाकिस्तान में Bigo नहीं चलेगा।

PTA ने सभी सोशल नेटवर्किंग ऐप्स से कह दिया है कि वो क़ानून और नैतिकता के दायरे में रहते हुए काम करें और मुल्क के नियम-कायदों का सम्मान करते हुए अपना व्यापर बढ़ाएँ। साथ ही PTA ने ये भी कहा कि इन कंपनियों की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही है। इस महीने की शुरुआत में ही PTA ने ऑनलाइन गेम PUBG को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। शिकायतें मिली थीं कि ये गेम ‘एडिक्टिव’ है।

PTA का कहना है कि उसे मिली शिकायतों में वर्णित था कि ये गेम गलत आदत लगाने वाला तो है ही, साथ ही बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डालता है, साथ ही इसे समाय की बर्बादी भी बताया गया था। हालाँकि, पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी इन ऐप्स को बैन किए जाने को ‘तकनीक की हत्या’ से तुलना कर रहे हैं लेकिन PTA बावजूद इसके उनकी नहीं सुन रहा।

वहीं पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि TikTok पर गाने-बजाने में समय बर्बाद करने की बजाए मुहम्मद अली जिन्ना की शिक्षाओं को प्रमोट करने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। साथ ही कहा गया है कि इससे मानसिक बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा है और साथ ही लड़कियों की प्राइवेट वीडियोज को भी लीक कर दिया जाता है। साथ ही ऐसी कई घटनाएँ भी सामने आई हैं, जहाँ TikTok पर फेमस लड़कियों का रेप हुआ।

चीन से तनाव के बीच

भारत ने हाल ही में चीन के 59 ऐप को बैन करने का निर्णय किया था, जिससे चीनी कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है। भारत के इस फ़ैसले के बाद से ही चीन की परेशानी साफ़ झलक रही है।  चीन के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भी माना था कि भारत में प्रतिबंधित किए जाने के बाद TikTok की पैरेंट कंपनी Bytedance को 600 करोड़ डॉलर (मतलब आज की करेंसी एक्सचेंज के अनुसार लगभग 45300 करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है। 

राजीव गाँधी की हत्या में शामिल नलिनी ने किया आत्महत्या का प्रयास, 29 साल से जेल में है बंद

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या मामले में दोषी नलिनी श्रीहरन ने सोमवार (जुलाई 20,2020) को जेल में आत्महत्या करने का प्रयास किया। उसके वकील पुगालेंथी (Pugalenthi) ने इस बारे में जानकारी दी। नलिनी पिछले 29 साल से जेल में बंद है। उसे वेल्लोर की महिला कैदखाने में रखा गया है।

इंडिया टुडे के अनुसार, नलिनी के वकील ने उनसे बातचीत की। पुगालेंथी ने उन्हें बताया कि नलिनी ने ऐसा प्रयास पहली बार किया है। उन्होंने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि कहा जा रहा है कि नलिनी और एक अन्य कैदी में आपसी झड़प हो गई थी। इसके बाद दूसरी कैदी ने इस बात को जेलर तक पहुँचा दिया। जिसके कारण नलिनी ने आत्महत्या की धमकी दी और फिर प्रयास भी किया।

पुगालेंथी ने बातचीत के दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि नलिनी ने पहले कभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया था। इसलिए उन्हें इस घटना के पीछे का असल कारण जानना है। नलिनी के वकील ने उसके पति मुरुगन का जिक्र भी किया।

मुरुगन भी राजीव गाँधी की हत्या के दोष में जेल में बंद है। लेकिन उसने कॉल के माध्यम से अपने वकील से अपील की है कि नलिनी को वेल्लोर जेल से पुझल जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए। वकील की मानें तो अब इस मामले में कानूनी रूप से आग्रह जल्द किया जाएगा।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार भी, नलिनी के वकील ने यही कहा है कि ऐसा नामुमकिन है कि वो आत्महत्या करने की धमकी देगी। वो 29 साल से जेल में है। आज तक उसने ऐसा कुछ नहीं किया। ये बात भी अभी तक स्पष्ट नहीं है कि जेलर शिकायत के बाद रात के 8:30 बजे पूछताछ करने क्यों गए थे।

उल्लेखनीय है कि नलिनी और उसके पति मुरुगन समेत कुल 7 लोगों को TADA अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या मामले में संलिप्त पाए जाने के बाद मौत की सजाई सुनाई थी। मगर, बाद में इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया था। नलिनी के अलावा इन 7 लोगों में उसका पति मुरुगन, एजी पेरारीवालां, संथन, जयकुमार, रविचंद्रन और रॉबर्ट प्यास का नाम शामिल था।

मध्य प्रदेश के गवर्नर लालजी टंडन का निधन, PM मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन का आज (जुलाई 21, 2020) सुबह 5:35 मिनट पर निधन हो गया। लखनऊ के मेंदाता अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके बेटे आशुतोष ने इस बारे में जानकारी अपने ट्विटर के माध्यम से दी। आशुतोष टंडन ने ट्विटर पर लिखा, “बाबूजी नहीं रहे।”

जानकारी के अनुसार, 85 वर्षीय लालजी टंडन का लंबे समय से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। मगर, 11 जून को साँस लेने में तकलीफ और बुखार की शिकायत के कारण उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद लिवर में दिक्कत होने की वजह से 14 जून को इमरजेंसी ऑपरेशन किया गया। फिर उनकी हालत नाजुक हो गई। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

उल्लेखनीय है कि लालजी टंडन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबियों में लालजी टंडन का भी नाम हमेशा आता है। अटल जी के सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के बाद लालजी टंडन ने लखनऊ सीट से चुनाव लड़ा था।

आज उनके जाने के बाद कई भाजपा नेताओं ने उनके निधन पर अपना दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन की सूचना पाते ही ट्वीट कर लिखा, “लालजी टंडन को उनकी समाज सेवा के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। वह जनता की भलाई के लिए काम करने वाले नेता थे। वह कानूनी मामलों के जानकार थे और अटलजी के साथ उन्होंने लंबा वक्त बिताया। मैं उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूँ।” 

इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा, “भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूँ। टंडन जी का पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

अमित शाह ने आगे लालजी टंडन के लिए लिखा, “एक जनसेवक के रूप में श्री लालजी टंडन जी ने भारतीय राजनीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनका निधन देश और भाजपा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूँ एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ। ॐ शांति शांति शांति”

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी लालजी टंडन के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “मध्य प्रदेश के गवर्नर व यूपी में बीजेपी की सरकार में कई बार वरिष्ठ मंत्री रहे श्री लालजी टण्डन, जो काफी सामाजिक, मिलनसार व संस्कारी व्यक्ति थे, उनका इलाज के दौरान आज लखनऊ में निधन होने की खबर है। अति-दुःखद व उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना।”

‘डायरेक्टर को गाली, कलाकारों के रोल काटने वाली’ – अनुराग कश्यप के इस आरोप पर कंगना ने कहा ‘मिनी महेश भट्ट’

कंगना रनौत पर हमला करने वालों में ताज़ा नाम अनुराग कश्यप का जुड़ा है, जिन्होंने दावा किया कि वो पहले उनकी बहुत अच्छी दोस्त हुआ करती थीं। वो कंगना रनौत द्वारा ‘मणिकर्णिका’ फिल्म के दौरान दिए गए इंटरव्यू से भड़के हुए थे। उन्होंने इसी इंटरव्यू को देख कर सोशल मीडिया के सहारे भला-बुरा बका। अनुराग कश्यप ने दावा किया कि उनकी दोस्त रहते हुए कंगना उनकी हर फिल्म पर हौंसला बढ़ाती थीं लेकिन ‘नई कंगना’ को वो नहीं जानते।

अनुराग कश्यप ने कंगना रनौत के इस इंटरव्यू को डरावना करार दिया। अनुराग कश्यप ने ज्ञान देते हुए कहा कि सफलता और ताक़त का नशा हर किसी को बराबर बहकाता है, चाहे वो इनसाइडर हो या आउटसाइडर। उन्होंने दावा किया कि कंगना अब ‘मुझसे सीखिए, मेरे जैसा बनिए’ कहते रहती हैं जबकि वो 2015 से पहले ऐसा नहीं करती थीं। बकौल अनुराग कश्यप, कंगना मानती हैं कि जो भी उनके साथ नहीं है, वो सब मतलबी व चापलूस है।

कंगना रनौत पर अनुराग कश्यप ने कई आरोप लगाए। जैसे- वो निर्देशकों को गाली देती हैं और एडिट में बैठ कर सह कलाकारों के रोल काट देती हैं। साथ ही ये भी आरोप लगाया कि पहले कंगना के साथ काम करने वाले जो निर्देशक उनकी सराहना करते थे, वो सब अब उनके साथ काम करने से डरते हैं। अनुराग ने दावा किया कि कंगना ने दूसरों को दबाने की ताक़त कमाई है। अनुराग कश्यप ने आगे कहा:

“मुझे और कुछ नहीं कहना है। कंगना क्या बकवास कर रही हैं? वो कुछ भी बिना सर-पैर की बातें बोल रही हैं। इन सब का अंत यहीं होगा। चूँकि मैं उसे बहुत मानता हूँ और यह कंगना मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही है। बाक़ी बोलें ना बोलें, मैं तो बोलूँगा क्योंकि बहुत हो गया। अगर यह तुम्हारे घर वालों को भी नहीं दिखता और तुम्हारे दोस्तों को भी नहीं दिखता तो फिर एक ही सच है कि हर कोई तुम्हारा इस्तेमाल कर रहा है और तुम्हारा अपना आज कोई नहीं है। बाक़ी तुम्हारी मर्ज़ी, मुझे जो गाली बकनी है बको।

कंगना रनौत को अनुराग कश्यप ने कहा बुरा-भला

हालाँकि, अनुराग कश्यप के इन आरोपों का कंगना रनौत ने तगड़ा जवाब दिया। उन्होंने कश्यप को ‘मिनी महेश भट्ट’ करार दिया। कंगना ने कहा कि कश्यप समझते हैं कि वो एकदम अकेली हैं और उनके आसपास केवल फर्जी लोग हैं, जो उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन पलटवार करते हुए कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि जैसे राष्ट्रद्रोही और अर्बन-नक्सली आतंकियों को बचाते हैं, ऐसे ही ये लोग फ़िल्मी माफिया का भी बचाव कर रहे हैं।

उधर स्वरा भास्कर ने भी कंगना रनौत पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने ही 1955 में ‘पाथेर पांचाली’ के साथ समानांतर सिनेमा की शुरुआत की थी। साथ ही मजाक उड़ाते हुए ये भी कहा कि कंगना ने 2013 में ‘क्वीन’ के साथ फेमिनिज्म शुरू किया और 1947 में भारत को आजादी भी दिलाई। इस पर कंगना ने उन्हें याद दिलाया कि जब भारतीय सिनेमा का स्वर्ण युग था, तब स्वरा पैदा भी नहीं हुई थीं।

कंगना ने पलटवार में तंज जारी रखते हुए कहा कि इसके बाद बॉलीवुड माफिया और अंडरवर्ल्ड डॉन्स ने सिनेमा इंडस्ट्री पर कब्जा कर लिया। उन्होंने पूछा कि अगर ‘क्वीन’ के साथ पैरेलल सिनेमा की शुरुआत नहीं हुई तो स्वरा बता दें कि हुई कब? साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि स्वरा भास्कर ऐसी बातें कर के सुशांत सिंह राजपूत के हत्यारों को बचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ही लोग देशद्रोहियों और आतंकवादियों का भी बचाव करते हैं।

बता दें कि अनुराग कश्यप अक्सर सोशल मीडिया पर गाली बकते रहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपशब्द कहे थे। अनुराग कश्यप ने सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान ट्विटर पर वापसी की थी। उससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर कटुता होने की बात कहते हुए ट्विटर को अलविदा कह दिया था। अनुराग कश्यप को सोशल मीडिया पर कई लोग मानसिक पागल भी करार देते हैं। उन्होंने दंगाइयों का भी समर्थन किया था।

ड्रोन प्रताप अब हुए गिरफ्तार: होम क्वारंटाइन नियमों का उल्लंघन कर TV चैनल में गए इंटरव्यू देने

हाल ही में ई-कचरे से सैंकड़ों ड्रोन बनाने का दावा करने के कारण विवादों में आए ड्रोन प्रताप को सोमवार (जुलाई 20, 2020) को थालगट्टापुरा पुलिस ने होम क्वारंटाइन नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मैसूर से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले उनके ख़िलाफ़ इस संबंध में थालगट्टापुरा पुलिस थाने में डॉ एचएस प्रयाग ने एफआईआर दर्ज करवाई थी।

ड्रोन प्रताप के नाम से मशूहर हुए प्रताप एनएम अभी जल्द ही बिहार से हैदराबाद आए थे। उन्हें बेंगलुरु के थालगट्टापुरा में अधिकारियों ने होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए थे। मगर, उन्होंने ये निर्देश मानने की बजाय इनका उल्लंघन कर दिया और कन्नड़ के एक प्राइवेट टेलिविजन चैनल में साक्षात्कार देने चले गए।

इसके बाद पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की और सूचना पाते ही कि वे मैसूर में है, पुलिस ने बेंगलुरु के ब्रूहट महानगर पालिके (बीबीएमपी) और थालगट्टापुरा पुलिस थाने के अधिकारियों की एक टीम बनाई। फिर, मैसूर के मंडी मोहल्ला से उन्हें होम क्वारंटाइन कराने ले गई।

इस बात की पुष्टि डिप्टी कमिश्नर प्रकाश गौड़ा ने द हिंदू से बातचीत के दौरान स्वयं की। हालाँकि इसी के साथ पुलिस ने यह भी बताया कि ड्रोन प्रताप का अपराध जमानती है और उपयुक्त कार्रवाई के बाद प्रताप को छोड़कर उसे होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। 

गौरतलब है कि इससे पहले ड्रोन बॉय के नाम से खूब चर्चा बटोरने वाले इस युवक ने दावा किया था कि उसने ई-कचरे और मिक्सर ग्राइंडर से 600 ड्रोन विकसित किए थे। प्रताप की इन कहानियों पर यकीन करते हुए कई ऐसे लेख सामने आए थे, जिनमें दावा किया जाने लगा कि प्रताप ने दुनिया भर के विभिन्न ड्रोन एक्सपो में कई स्वर्ण पदक जीते हैं।

दावा यह भी किया गया था कि 87 देशों द्वारा उसे आमंत्रित किया गया है, और अब पीएम मोदी के साथ ही डीआरडीपी से उन्हें काम पर रखने के लिए कहा गया है। जबकि वास्तव में यह सब सिर्फ एक काल्पनिक कहानी थी, जिस कहानी का निर्माण ड्रोन बॉय प्रताप एनएम ने ही किया था।

इसके बाद इन कहानियों से पर्दा तब उठा था जब तथाकथित ‘ड्रोन बॉय’ प्रताप एनएम द्वारा एक कन्नड़ चैनल को दिए एक इंटरव्यू में अपने साथ ड्रोन की एक फोटो दिखाने और उसे अपने द्वारा बनाने के दावे के ठीक 2 दिन बाद ही उस ड्रोन के वास्तविक निर्माता ने प्रताप और उनके बीच इस ड्रोन के निर्माण को लेकर किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया।

Covid-19: भारत में 24 घंटे में सामने आए 40 हजार से ज्यादा केस, 681 संक्रमितों की गई जान

Covid-19 वायरस से जुड़ी ख़बरों की लाइव जानकारी

भारत में 24 घंटे में पहली बार 40 हजार से ज्यादा केस मिले हैं। 40,425 नए मामले सामने आए हैं और 681 लोगों की जान गई है। इसी के साथ देश में संक्रमितों की संख्या 11,18,043 हो गई है। 3,90,459 एक्टिव केस हैं। अब तक 27497 लोगों की मौत हो चुकी है।

देश में बीते ​तीन दिन में करीब एक लाख नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। पिछले 24 घंटों की बात की जाए तो 7 राज्यों में एक दिन के सर्वाधिक केस दर्ज किए गए हैं। इन राज्यों में महाराष्ट्र (9518), आंध्र प्रदेश (5041), तमिलनाडु (4979), पश्चिम बंगाल (2278), उत्तर प्रदेश (2250), राजस्थान (934) और मध्य प्रदेश (837) शामिल हैं।

विश्वभर में कोरोना के आँकड़ेसंख्या भारत में Covid-19 के आँकड़े संख्या
विश्वभर में अब तक कोरोना वायरस से कुल संक्रमित 14511266* भारत में अब तक कुल संक्रमित1118043*
विश्वभर में संक्रमण से रिकवर कर लिए गए लोग 8775834भारत में अब तक सफलतापूर्वक रिकवर कर लिए गए लोग 700086
वायरस के कारण कुल मृत्यु 610251भारत में वायरस के कारण कुल मृत्यु27497

देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों की बात की जाए, तो महाराष्ट्र में हालात काफी खराब हैं। यहाँ अब संक्रमितों की संख्या 310455 पर पहुँच गई है। वहीं, 24 घंटे में 258 नई मौतों के साथ अब मृतकों की संख्या 11854 हो गई है। देश के कुल मौतों में एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा महाराष्ट्र का ही है।

वैश्विक स्तर पर भी संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। दुनिया भर में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या बढ़कर 14,714,481 हो गई है, जबकि संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या 610,251 है। अमेरिका 3,919,141 संक्रमित मामलों के साथ दुनिया का सबसे प्रभावित देश है। वहॉं अब तक 143,440 लोगों की मौत हो चुकी है।

नोट- तारांकित (*) किए गए आँकड़े लगातार बदल रहे हैं, जिन्हें समय-समय पर अपडेट किया जाता रहेगा। यह भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों पर आधारित हैं। विश्वभर के अन्य आँकड़े worldometers(डॉट)info से लिए गए हैं।

कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना एवं जानकारी-

सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी (पीडीएफ)
इन्डियन काउँसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च द्वारा जारी गाइडलाइन्स (पीडीएफ)
यात्रा सम्बन्धी सलाह (पीडीएफ)

‘सचिन पायलट बहनोई इसलिए छोड़े गए’: बोले उमर अब्दुल्ला- भूपेश बघेल को मेरे वकील जवाब देंगे

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। बघेल ने राजस्थान के राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए उमर अब्दुल्ला की रिहाई को सचिन पायलट के साथ उनकी रिश्तेदारी से जोड़ा था।

बता दें कि सचिन पायलट, उमर अब्दुल्ला के बहनोई और फारूक अब्दुल्ला के दामाद हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि राजस्थान में जारी खींचतान में उन्हें और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला को जबरन घसीटा जा रहा है।

द हिंदू को दिए इंटरव्यू में भूपेश बघेल ने कहा था, “जहाँ तक सचिन पायलट का सवाल है, ऐसा नहीं है कि मैं राजस्थान की घटनाओं पर बारीकी से नज़र रख रहा हूँ, लेकिन यह उत्सुकता पैदा करता है कि उमर अब्दुल्ला को क्यों छोड़ा गया। उन्हें और महबूबा मुफ्ती को कानून के एक ही सेक्शन्स के तहत हिरासत में लिया गया था। वे अभी भी अंदर हैं और उमर अब्दुल्ला बाहर। क्या इसलिए कि सचिन पायलट उमर अब्दुल्ला के बहनोई हैं?”

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बघेल की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। पार्टी ने एक बयान में कहा कि वह ऐसे सभी गलत, दुर्भावनापूर्ण, झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित बयानों को खारिज करता है जो सुविधाजनक राजनीतिक स्थिति से दिए जा रहे हैं।

नेशनल कॉफ्रेंस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंग्रेजी अखबार द हिन्दू में 20 जुलाई को छपे छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के इंटरव्यू में उन्होंने गलत तरीके से कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की रिहाई किसी न किसी रूप से सचिन पायलट और राजस्थान की वर्तमान राजनीतिक उठा-पठक से जुड़ी हुई है। पार्टी ने इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी है।

उमर अब्दुल्ला ने भी बघेल के इंटरव्यू पर टिप्पणी करते हुए कहा, “मैं इस तरह के झूठे दुर्भावनापूर्ण और झूठे आरोप से तंग आ गया हूँ कि सचिन पायलट जो भी कर रहे हैं वह किसी न किसी तरह से इस साल की शुरुआत में मेरे या मेरे पिता की रिहाई से जुड़ा था। अब बहुत हो गया है। भूपेश बघेल मेरे वकील आपको जवाब देंगे।”

अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में राहुल गाँधी, कॉन्ग्रेस पार्टी और रणदीप सुरजेवाला को भी टैग किया है। गौरतलब है कि सचिन पायलट ने सारा पायलट से शादी की है, जो उमर अब्दुल्ला की बहन और फारूक अब्दुल्ला की बेटी है। सारा के परिवार ने शादी का विरोध किया था, क्योंकि सचिन पायलट हिंदू हैं।

सचिन और सारा की शादी के लगभग 16 साल हो गए हैं और उनके दो बच्चे आरन और विहान हैं। हाल में सचिन पायलट ने जिस तरह के तेवर दिखाए हैं उससे राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर खतरा मॅंडरा रहा है। इसके बाद पार्टी ने उन्हें उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया था। वर्तमान में कानूनी लड़ाई चल रही है। सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने को लेकर स्पीकर की ओर से दिए गए नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है।

कर्नाटक: दलित का दावा- बाइक टच करने पर पीटा, ग्रामीणों ने कहा- महिलाओं को करता था अश्लील इशारे

कर्नाटक के विजयपुरा में 28 वर्षीय एक दलित की कथित तौर पर ऊँची जाति के व्यक्ति की बाइक छूने पर पिटाई कर दी गई। युवक की बेरहमी से पिटाई किए जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि युवक को जूते और डंडे से पीटा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि मारपीट की यह घटना शनिवार की है। वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मारपीट की यह घटना राजधानी बेंगलुरू से करीब 530 किलोमीटर दूर हुई है। पीड़ित युवक ने इस मामले में थाने में जाकर शिकायत भी दर्ज कराई है। 

विजयपुरा जिले के पुलिस अधीक्षक अनुपम अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, “पीड़ित दलित (काशीनाथ तलवार) की शिकायत पर हमने 13 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 18 जुलाई को तालिकोटी के पास मिनाजगी गाँव में हुई इस घटना की जाँच की जा रही है।”

दलित युवक की शिकायत पर पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत और धारा 143, 147, 324, 354, 504, 506 और 149 के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में कुछ आरोपितों से पूछताछ भी की जा रही है।

अग्रवाल ने पीड़ित द्वारा दर्ज की गई शिकायत के हवाले से कहा, “तलवार ने दावा किया है कि उसने गलती से बाइक को छुआ था और इसके लिए माफी भी माँगी थी। फिर भी आरोपितों ने उसे डंडे और जूतों से बुरी तरह पीटा।”

काशीनाथ तलवार के पिता यनकप्पा तलवार ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने बेटे को बेरहमी से मारे जाने के दौरान बचाने की कोशिश की तो आरोपितों ने उन पर, उनकी पत्नी और उनकी बेटी पर भी हमला कर दिया।

इसी से जुड़े मामले में गाँव की दो-तीन महिलाओं ने भी पुलिस में तलवार के खिलाफ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने की शिकायत दर्ज कराई है।

अग्रवाल ने कहा, “हमने तलवार से उसके आचरण के बारे में पूछताछ करने के लिए उसे तलब किया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उसने उन्हें छेड़ा, अनुचित तरीके से छुआ और जब वे अपने घर के बाहर कपड़े धो रहीं थीं तो तलवार ने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया। हमने इस मामले में एक काउंटर केस भी दर्ज किया है।”

ग्रामीणों ने दावा किया, “वो अक्सर महिलाओं के साथ अश्लील इशारे करता था। हमने उसे कई बार कपड़े खोलकर महिलाओं को प्राइवेट पार्ट दिखाते और महिलाओं को अनुचित तरीके से छूते, छेड़छाड़ करते देखा था। इसके लिए उसे कई बार चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद शनिवार को महिलाओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार से गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।”

खालिद सैफी के बच्चों के नाम पर राणा अय्यूब की इमोशनल उल्टी: उन बच्चों का क्या जिनके पिता को दंगाइयों ने मार डाला

दिल्ली में फरवरी में हुए हिंदू विरोधी दंगे कितनी बड़ी साजिश का नतीजा थे इसको लेकर हम लगातार तथ्य सामने लाते रहे हैं। इस मामले में दंगों के सूत्रधारों को बचाने के लिए संवेदनाओं की आड़ में घटिया हथकंडे लगातार अपनाए जा रहे हैं। सफूरा जरगर के बाद अब खालिद सैफी के लिए भी इसी तरह के कुत्सित प्रयास शुरू हो गए हैं।

खालिद सैफी के गुनाहों पर भावुकता की लीपापोती करने का जिम्मा उठाया है इस्लामिक पत्रकारिता करने वाली पत्रकार राणा अय्यूब ने। इसी मिशन के तहत उसने पृष्ठभूमि बनानी शुरू कर दी है।

सोमवार को राणा अय्यूब ने एक ट्वीट किया है। ट्वीट में वो खालिद सैफी के बच्चों के साथ नजर आ रही हैं। अपने 1.1 मिलियन फॉलोवर वाले ट्विटर हैंडल से उन्होंने लोगों को ये बताने की कोशिश की है कि खालिद सैफी जिसने एंटी सीएए प्रोटेस्ट में भाग लिया था, उसके बच्चे अब उसकी राह देख रहे हैं।

राणा अय्यूब एक फोटो साझा करते बेहद भावुकता के साथ लिखती हैं, “खालिद सैफी के परिवार के साथ हूँ जिसे एंटी सीएए प्रोटेस्ट करने पर गिरफ्तार किया गया। पहले दो महीनों में उसके बच्चे पूछ रहे थे कि क्या डैडी ईद के लिए आएँगे। फिर पूछा कि क्या वो मेरे जन्मदिन पर आएँगे। इन सवालों का अब भी कोई जवाब नहीं है, क्योंकि सैफी अब भी जेल में बंद है।”

इस ट्वीट के बाद कुछ लोग हैं जो ये सब देखकर भावुक हो रहे हैं और दुआ कर रहे हैं कि सैफी के परिवार के सिर से ये मुश्किल का समय टल जाए। लेकिन सवाल है कौन सा मुश्किल समय? क्या ये मुश्किल समय सैफी के घर-परिवार पर उस परिवार के मुकाबले ज्यादा है जिसने दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में अपने पिता, अपने भाई और अपने बेटे को खो दिया।

क्या ये दुख उससे बढ़कर है जिससे वो बच्चा बड़ा होकर महसूस करेगा जिसके पिता बस उसके लिए दूध लेने निकले थे और दंगाइयों ने उनकी जान ले ली। क्या ये दुख विनोद के बेटे के दुख से ज्यादा है जिसके पिता को बीच सड़क पर नारा-ए-तकबीर और अल्लाह हू अकबर के नारों के बीच में मार दिया गया।

राणा अय्यूब! ये दुख, ये संकट उस 15 साल के नितिन के परिवार के दुख से बड़ा नहीं है जो चाउमिन लेने निकला और घर सिर्फ़ उसकी लाश आई। रतन लाल का सोचा है कभी? क्या गलती थी उनके बच्चों की उनका पिता तो केवल उन लोगों की सुरक्षा में तैनात हुआ था, जिन्होंने उसकी जान ले ली।

रतन लाल की पत्नी का क्या गुनाह था? ये संकट वो कहर नहीं है जिसे दलित दिनेश समेत कई हिंदू परिवारों ने 24-25 फरवरी की रात झेला। उत्तराखंड के दिलबर नेगी को जलती आग में उसके हाथ-पाँव काटकर फेंक दिया गया? क्या उसके माँ-बाप नहीं थे? उसका परिवार नहीं था? आईबी के अंकित शर्मा का हाल भूल जाएँ क्या?

कौन होती हैं राणा अय्यूब ऐसे प्रयास करके किसी की गिरफ्तारी को मानवीय कोण देने वाली और केवल मजहब की पत्रकारिता करके अपने फॉलोवर्स का ब्रेनवॉश करने वाली? उन्हें नहीं पता क्या जिस व्यक्ति को लेकर वह यह बात कर रही हैं कि वो कौन है? उस पर क्या आरोप हैं?

अगर नहीं पता तो जानिए कि खालिद सैफी वही शख्स है जिस पर आरोप लगा है कि उसने सिंगापुर सहित मध्य पूर्व के एक देश से दंगों के लिए धन जुटाया और मलेशिया तक जाकर जाकिर नाइक से मुलाकात की। इसके अलावा उमर खालिद और ताहिर हुसैन की शाहीन बाग में मीटिंग कराने वाला भी यही शख्स था। जिसके संबंध बड़े बड़े मीडिया गिरोह के लोगों से भी थे

आज जैसे-जैसे दिल्ली दंगों की परतें खुल रही है, साफ मालूम चल रहा है कि उसके तार शाहीन बाग से जुड़े थे। लेकिन राणा अय्यूब को इससे क्या मतलब? उन्हें खालिद केवल वही शख्स लगता है जिसने एंटी सीएए प्रदर्शनों में भाग लिया और दिल्ली पुलिस ने इस्लामोफोबिया के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया।

यहाँ बता दें, एंटी सीएए प्रदर्शन में जिसका विकराल रूप 24-25 फरवरी की रात उत्तर-पूर्वी दिल्ली में देखने को मिला। इसके बाद करोड़ों की संपत्तियाँ बर्बाद हो गई और 50 से ज्यादा लोगों की जान गई, जबकि कई घायल हुए।

मौके दर मौके साध्वी प्रज्ञा को भगवा आतंक बोलने वाली और इस्लामिक देशों के बयान के बाद प्रधानमंत्री की चुप्पी को अपनी जीत समझने वाली राणा अय्यूब नहीं मानती क्या कि ‘ईद में अब्बा घर आएँगे’ का भावुक प्रश्न पूछने वाले बच्चे को पिता के अपराध का भी पता होना चाहिए?

हम ये नहीं कहते कि सैफी के बच्चों में भी वही गुण या वही कट्टरता होगी। लेकिन ये जरूर कह रहे हैं कि उनकी आड़ में कई परिवारों पर हुए अत्याचार की कहानी पर पानी न फेरा जाए। राणा अय्यूब जैसों ने आज इस्लामिक आतताइयों के कारनामों को धो-पोंछ कर उन्हें स्मृतियों से मिटाने का बीड़ा उठाया है। यही सेकुलरिज्म देश के लिए खतरा है और वास्तविकता में देश में इस्लामोफोबिया का प्लॉट तैयार करने का यही असल मकसद है।

सबसे दुखद तो ये है कि इस एजेंडे के तहत मजहब देखकर अपराधी के मानवीय/पारिवारिक पहलू की बात जोर-शोर से होती है लेकिन उसने कितनों के अब्बा छीन लिए, इसकी बात कोई वामपंथी मीडिया नहीं करता और न कोई तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता न्याय दिलाने आगे आता है! आज का सच यही है कि वामपंथ का जहर भी अपनी पैठ बनाने के लिए कट्टरपंथ के आधीन हो चुका है।

बहराइच: घर में सुअर घुसने पर नसीरुद्दीन ने दोस्तों के साथ मिल दलित परिवार को पीटा, 6 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के एक घर में सुअर घुसने को लेकर बढ़े विवाद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक दलित के घर में घुसकर उपद्रव किया, जिससे गाँव में दोनों समुदायों के लोग आमने सामने आ गए। पुलिस ने बताया कि मामले में एक पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर छः आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक जोगनिया गाँव निवासी दलित बुधई ने अपने घर में सुअर पाल रखा है। रविवार (जुलाई 19, 2020) को उसका सुअर पड़ोस के नसीरुद्दीन के घर में चला गया था। जिसे नसीरुद्दीन ने पकड़ लिया और उसे वापस करने से मना कर दिया। इस बात को लेकर बुधई और नसीरुद्दीन के बीच कहासुनी हो गई।

थाना प्रभारी जयनारायण शुक्ला ने सोमवार (जुलाई 20, 2020) को पीटीआई से बातचीत में बताया कि नसीरुद्दीन ने कुछ समय तक बहस करने के बाद जानवर को छोड़ दिया। इसके बाद बुधई वापस अपने घर आ गया। दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया था।

मगर कुछ ही देर बाद नसीरुद्दीन अपने समुदाय के कुछ लोगों के साथ आया और दलित परिवार पर हमला बोल दिया। वो लोग काफी देर तक बुधई के घर पर उपद्रव करते रहे। बचाव करने आए लोगों को मारा पीटा। बीच-बचाव करने आई किशोरियों के साथ छेड़छाड़ की। बुधई का आरोप है कि उपद्रवियों ने उसके घर में घुसकर महिलाओं से छेड़छाड़ की साथ ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए घर में मौजूद महिलाओं, बच्चों व अन्य लोगों के साथ मारपीट की।

बुधई की शिकायत पर, पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसएचओ जयनारायण शुक्ला ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ घर में घुसकर बलवा, मारपीट, छेड़छाड़, धमकी, दलित उत्पीड़न, पॉक्सो अधिनियम में केस दर्ज किया गया है। उनमें से छह को गिरफ्तार कर लिया गया और दो अन्य की तलाश जारी है। शुक्ला ने कहा कि इलाके में स्थिति नियंत्रण में है। दलित समुदाय के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की एक टीम तैनात की गई है।