Tuesday, October 27, 2020
Home रिपोर्ट मीडिया पत्रकारिता छोड़ ब्याह कराने वाले बिचौलिए की भूमिका में आ गए हैं रवीश बाबू…

पत्रकारिता छोड़ ब्याह कराने वाले बिचौलिए की भूमिका में आ गए हैं रवीश बाबू…

प्रिय रवीश 'पत्रकार' बाबू! यह बात तो पक्की है। आप प से पत्रकार थे, प से पंडित बनने चले लेकिन रहेंगे आप प से प्रोपेगेंडाकार ही!

रवीश कुमार पत्रकारिता का एक जाना-माना नाम है। मैग्सेसे भी जीत चुके हैं। लेकिन अब वे इस प्रोफ़ेशन को छोड़ने का मन बना चुके हैं। कैसे, क्यों और काहे? क्योंकि रवीश कुमार ने जयपुर में आयोजित टॉक जर्नलिज़्म कार्यक्रम में कुछ ऐसी बातें कही, जो एक पत्रकार नहीं कह सकता, कभी नहीं कह सकता। इस कार्यक्रम में उन्होंने कई मुद्दों पर बातें की और नसीहतों का अंबार लगा दिया। मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस ने इस कार्यक्रम के 6 मिनट का एक वीडियो अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया। इस वीडियो को देखने के बाद, एक नहीं बल्कि कई सवाल मन में घर कर जाते हैं, जिनके जवाब शायद ही कभी रवीश कुमार भी दे पाएँ।

मैग्सेसे पुरस्कार विजेता पत्रकार रवीश कुमार ने वर्तमान सरकार को घेरते हुए आज की पत्रकारिता के संदर्भ में कहा कि आज का मीडिया आपको अपने पड़ोस के समुदाय विशेष को एक दुश्मन के तौर पर दिखा रहा है। रवीश कुमार, कथित अल्पसंख्यक समुदाय की जो दयनीय छवि गढ़ने की कोशिश करते दिखे उसकी असलियत जानने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें, और जानें कि क्या वाकई हिन्दुस्तान में ‘शांतिप्रिय’ डरे हुए हैं।

समुदाय विशेष के प्रति अपनी वफ़ादारी निभाते हुए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से हिन्दू समाज पर हमला किया और लड़कियों को नसीहत दी कि उन्हें किस तरह के लड़के से शादी नहीं करनी चाहिए। शायद एक पत्रकार की भूमिका से अब वो उक्ता गए हैं, इसीलिए उन्होंने लव-गुरू बनने का रुख़ किया है।

इस कार्यक्रम में उन्होंने लड़कियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लड़का किसी समाज से नफ़रत करता हो, वो न तो एक अच्छा पति बन सकता है, न अच्छा प्रेमी बन सकता है और न एक अच्छा भाई बन सकता है, ऐसे किसी ‘आईटी सेल’ वाले से शादी न कर लेना। पता चले कि शादी किसी ऐसे से हो जाए जो नफ़रत करता हो तो वो प्रेमी नहीं हो सकता! ये किस लाइन में आ गए आप रवीश भाई साब! पत्रकार से पंडित बन गए आप तो!

रवीश कुमार, लड़कियों को यह बताना भूल गए कि मदरसे में शिक्षा के नाम पर बच्चियों के साथ रेप करने वाले मौलवी कितने ख़तरनाक होते हैं, उनसे बचना चाहिए। उन्होंने यह नहीं बताया कि मदरसे में दवा देने के नाम पर हथियार सप्लाई किए जाते हैं।

अच्छे भाई का हवाला देने वाले रवीश कुमार को कौशांबी की उस घटना के बारे में बताना चाहिए था जिसमें एक 15 साल की बच्ची का गैंगरेप हो जाता है, और वो बच्ची अल्लाह का वास्ता देती दया की भीख़ माँगती है। वो बच्ची गिड़गिड़ाते हुए कहती है कि भैया आप तो मुझे जानते हैं, अल्लाह के लिए मुझे छोड़ दो। बता दूँ कि उस मासूम बच्ची को नाजिक और आदिल ने बहन तो नहीं माना, लेकिन हाँ उन्होंने अपने एक और दोस्त के साथ मिलकर न सिर्फ़ उस बच्ची का सामूहिक बलात्कार किया बल्कि उस दरिंदगी का वीडियो भी बनाया, उसे अपलोड कर वायरल भी किया।

रवीश कुमार, ऐसे भाईयों के बारे में क्या कहेंगे, क्योंकि उनका तो मानना है कि आज का मीडिया पड़ोस में रह रहे मजहब विशेष वाले को दुश्मन बता रहा है? जबकि सच्चाई यह है कि आज का मीडिया आपको सतर्क कर रहा है कि अपने पड़ोस में रहने वाले शख़्स को भाई कह देने भर से वो आपका भाई नहीं बन जाता बल्कि हो सकता है कि वो आपके ऊपर नज़रे गड़ाए हुए हो और मौक़े की तलाश में हो कि कब वो आपको हानि पहुँचा दे। 

लड़कियों से एक अच्छे पति के बारे में रवीश कुमार ने ज़्यादा कुछ तो नहीं कहा, लेकिन इतना ज़रूर कहा कि वो इस बात का ध्यान रखें कि कहीं वो ‘आईटी सेल’ का न हो। उनके शब्दों को मैं जितना समझ पाई हूँ उसके अनुसार, आईटी सेल से उनका सीधा मतलब दक्षिणपंथी और बीजेपी की विचारधारा को फॉलो करने वाले लड़कों से था।

मेरा सवाल यह है कि क्या ऐसे लड़के अच्छे पति इसलिए साबित नहीं हो सकते क्योंकि वो समाज में धर्म के नाम पर फैली बुराई को देख नहीं पाते और उसे दूर करना अपना धर्म समझते हैं? ऐसे लड़के अत्याचार पर चुप बैठना नहीं जानते और इस बुराई का बीज बोने वालों से सख़्त नफ़रत करते हैं, इसलिए वो अच्छे पति नहीं बन सकते? ऐसे लड़के जो देश को विकास की राह पर देखना चाहते हों और इसके आड़े आने वालों से नफ़रत करते हों, वो अच्छे पति बनने के लायक नहीं, इस पर मुझे यक़ीन नहीं।

शायद रवीश कुमार को पता भी नहीं कि महिलाओं को कितनी छोटी-छोटी बातों के लिए तलाक़ दे दिया जाता है। सब्ज़ी में नमक-मिर्च कम था, तो दे दिया तलाक़; रिक्शा ख़रीदने के लिए ससुराल से पैसा नहीं मिला तो दे दिया तलाक़; बेटी पैदा करने पर घर से निकाला और दे दिया तलाक़; गुल मंजन से दाँत साफ़ करने पर दे दिया तलाक़; शौहर को पतली गर्लफ्रेंड मिल गई तो दे दिया तलाक़; शौहर से सब्ज़ी लाने के लिए 30 रुपए माँगे तो दे दिया तलाक़… उदाहरण कम पड़ जाएँगे रवीश ‘पत्रकार’ बाबू! लेकिन आपको सुनने वाली लड़कियों को आप एक भी ऐसे उदाहरण नहीं गिनाएँगे, यह बात भी पक्की है। क्योंकि आप प से पत्रकार थे, प से पंडित बनने चले लेकिन रहेंगे आप प से प्रोपेगेंडाकार ही!

तलाक देने वाले ऐसे शौहरों के लिए रवीश कुमार के पास है कोई जवाब? अपने कार्यक्रम में लड़कियों को आईटी सेल के लड़कों से बचने की सलाह देने वाले रवीश कुमार को यह भी बताना चाहिए था कि आपके पड़ोस में अगर ऐसा कोई सौदे विशेष का लड़का हो तो उससे भी बचकर रहना चाहिए। लेकिन उन्होंने नहीं बताया क्योंकि उन्हें तो केवल दक्षिणपंथी विचारधारा वाले लड़कों से परहेज है।

अब बात प्रेमी की, जिसके बारे में रवीश जी अच्छी तरह से बता नहीं पाए। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहाँ प्यार के नाम पर लड़कियों का धर्म परिवर्तन करा पहले तो उनसे जबरन शादी की जाती है और फिर तलाक़ देकर उसे छोड़ दिया जाता है, दर-दर भटकने के लिए। अपने कार्यक्रम में रवीश जी ने ऐसे स्वार्थी प्रेमी से बचने की सलाह लड़कियों को नहीं दी, क्योंकि उन्होंने तो ये तय कर रखा है कि आईटी सेल के लड़कों को मोहब्बत करनी आती ही नहीं, जबकि सच्चाई से वो ख़ुद मुँह मोड़े हुए हैं। मैं तो यही कहूँगी की ऐसे सिरफ़िरे आशिक़/ प्रेमी से भी लड़कियों को बचकर रहना चाहिए जिनका मक़सद केवल आपकी मासूमियत को छलना भर रहता है।

आज के मीडिया को भर-भर कर गाली देने में जुटे रवीश कुमार शायद यह भूल बैठे हैं कि आज वो जो कुछ भी हैं वो इसी मीडिया के दम पर हैं। समाज में लोग उन्हें जानते हैं तो इसी मीडिया की वजह से। आज जिस मीडिया को वो कोसते नहीं थकते, कभी उसी मीडिया के वो भी मुरीद हुआ करते थे और लोगों को ज्ञान बघारने के लिए उसी माध्यम का सहारा लेते थे। अफसोस कि अब तक ले रहे हैं!

रवीश कुमार ने स्वामी चिन्मयानंद मामले का ज़िक्र किया और कहा कि सरकार इस मामले पर चुप है, जबकि सच्चाई यह है कि यह मुद्दा सभी जगह छाया हुआ है और इस पर जितनी तेज़ी के साथ कार्रवाई होनी चाहिए थी, वो हो रही है। लेकिन रवीश का असली दर्द आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ बकरी चोरी के आरोप को लेकर है। उन्हें कष्ट है तो इस बात का कि भूमाफ़िया, भैंस-बकरी चोर, किताबों की चोरी करने वाले, महिला वार्ड में जबरन घुसकर महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले और सदन की अध्यक्षता करने वाली रमा देवी पर भद्दा कॉमेंट और जया प्रदा के अंतर्वस्त्रों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले आज़म ख़ान के कारनामों पर घंटो बहस क्यों की जाती है?

ज़ाहिर सी बात है जब यह बातें सामने आती हैं तो उनके चहेते नेताओं की शर्मनाक़ हरक़ते भी सामने आती हैं, ऐसे में वो लोगों को अख़बार पढ़ने और टीवी न देखने की सलाह नहीं देंगे तो और क्या करेंगे। इस पर सवाल उठता है कि आख़िर, रवीश कुमार को आज़म ख़ान से ऐसा भी क्या लगाव है जो वो उनके कारनामों पर होने वाली बहसों से इतने नाराज़ हैं?  

जयपुर में आयोजित टॉक जर्नलिज़्म कार्यक्रम में रवीश कुमार ने जिन भी मुद्दों पर चर्चा की उसका न तो कोई आधार था और न ही सच्चाई से उसका कोई लेना-देना था। चूँकि मीडिया की बदौलत पत्रकारिता जगत में वो एक नामी चेहरा हैं, इसलिए उन्हें सुनने और देखने के लिए लोग इकट्ठा हो जाते हैं। लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि उनकी कही हर बात पर आँख मूँदकर भरोसा कर लेना चाहिए।

फ़िलहाल, वो वर्तमान सरकार से ख़ासे नाराज़ हैं इसलिए उनका यह दर्द अक्सर ऐसे मौक़ों पर छलक ही जाता है। मेरी सलाह है कि उनकी फ़िजूल की बातों को गंभीरता से लेने की बजाए, हमें अपने आँख-कान खुले रखने होंगे, जिससे ऐसी मानसिकता के भ्रमजाल में फँसने से बचा जा सके।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौफीक बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौफीक लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

बाबा का ढाबा स्कैम: वीडियो वायरल करने वाले यूट्यूबर पर डोनेशन के रूपए गबन करने के आरोप

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं।

अपहरण के प्रयास में तौफीक ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौफीक ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौफीक ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

केरल: 2 दलित नाबालिग बेटियों की यौन शोषण के बाद हत्या, आरोपित CPI(M) कार्यकर्ता बरी, माँ सत्याग्रह पर: पुलिस की भूमिका संदिग्ध

महिला का आरोप है कि इस केस को कमजोर करने वाले अधिकारियों का प्रमोशन हुआ। पुलिस ने सौतेले पिता को जिम्मेदारी लेने को भी कहा।

दाढ़ी कटाना इस्लाम विरोधी.. नौकरी छोड़ देते, शरीयत में ये गुनाह है: SI इंतसार अली को देवबंदी उलेमा ने दिया ज्ञान

दारुल उलूम देवबंद के उलेमा का कहना है कि दरोगा को दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए थी चाहे तो वह नौकरी छोड़ देते। शरीयत के हिसाब से उन्होंने बहुत बड़ा जुर्म किया है।

प्रचलित ख़बरें

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

अपहरण के प्रयास में तौफीक ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौफीक ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौफीक ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

"मदद की गुहार लगाए जाने से 1 महीने पहले ही सोनू सूद ने मरीज के नाम की एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं?" - जानिए क्या है माजरा।

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

नवरात्र में ‘हिंदू देवी’ की गोद में शराब और हाथ में गाँजा, फोटोग्राफर डिया जॉन ने कहा – ‘महिला आजादी दिखाना था मकसद’

“महिलाओं को देवी माना जाता है लेकिन उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है? उनके व्यक्तित्व को निर्वस्त्र किया जाता है।"

एक ही रात में 3 अलग-अलग जगह लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाला लालू का 2 बेटा: अब मिलेगी बिहार की गद्दी?

आज से लगभग 13 साल पहले ऐसा समय भी आया था, जब राजद सुप्रीमो लालू यादव के दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी यादव पर छेड़खानी के आरोप लगे थे।
- विज्ञापन -

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

₹1.70 लाख करोड़ की गरीब कल्याण योजना से आत्मनिर्भर बन रहे रेहड़ी-पटरी वाले: PM मोदी ने यूपी के ठेले वालों से किया संवाद

पीएम 'स्वनिधि योजना' में ऋण आसानी से उपलब्ध है और समय से अदायगी करने पर ब्याज में 7% की छूट भी मिलेगी। अगर आप डिजिटल लेने-देन करेंगे तो एक महीने में 100 रुपए तक कैशबैक के तौर पर वापस पैसे आपके खाते में जमा होंगे।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौफीक बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौफीक लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

मुंगेर में दुर्गा पूजा विसर्जन: पुलिस-पब्लिक भिडंत में युवक की मौत, SP लिपि सिंह ने कहा- ‘बदमाशों’ ने चलाई गोलियाँ

मुंगेर एसपी और JDU सांसद RCP सिंह की बेटी लिपि सिंह ने दावा किया है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया और गोलीबारी की

गाँव में 1 मुस्लिम के लिए भी बड़ा कब्रिस्तान, हिन्दू हैं मेड़ किनारे अंतिम संस्कार करने को विवश: साक्षी महाराज

साक्षी महाराज ने याद दिलाया कि शमसान और कब्रिस्तान के इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उठाया था।

पेशावर: मदरसे में कुरान पढ़ाते वक़्त बम धमाका- 7 की मौत 72 घायल, अधिकतर बच्चे

जहाँ बम धमाका हुआ, स्पीन जमात मस्जिद है, जो मदरसे के रूप में भी काम करता है। मस्जिद में जहाँ नमाज पढ़ी जाती थी, उस जगह को खासा नुकसान पहुँचा है।

बाबा का ढाबा स्कैम: वीडियो वायरल करने वाले यूट्यूबर पर डोनेशन के रूपए गबन करने के आरोप

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं।

अपहरण के प्रयास में तौफीक ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौफीक ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौफीक ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

केरल: 2 दलित नाबालिग बेटियों की यौन शोषण के बाद हत्या, आरोपित CPI(M) कार्यकर्ता बरी, माँ सत्याग्रह पर: पुलिस की भूमिका संदिग्ध

महिला का आरोप है कि इस केस को कमजोर करने वाले अधिकारियों का प्रमोशन हुआ। पुलिस ने सौतेले पिता को जिम्मेदारी लेने को भी कहा।

दाढ़ी कटाना इस्लाम विरोधी.. नौकरी छोड़ देते, शरीयत में ये गुनाह है: SI इंतसार अली को देवबंदी उलेमा ने दिया ज्ञान

दारुल उलूम देवबंद के उलेमा का कहना है कि दरोगा को दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए थी चाहे तो वह नौकरी छोड़ देते। शरीयत के हिसाब से उन्होंने बहुत बड़ा जुर्म किया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,331FollowersFollow
338,000SubscribersSubscribe