Thursday, July 16, 2020
Home बड़ी ख़बर कॉन्ग्रेस भारत का वो बेजोड़ विपक्ष है जिसकी तलाश राष्ट्रवादियों को 70 सालों से...

कॉन्ग्रेस भारत का वो बेजोड़ विपक्ष है जिसकी तलाश राष्ट्रवादियों को 70 सालों से थी

वरना UPA-2 के दौरान जितने ताबड़तोड़ घोटाले सत्तापरस्त कॉन्ग्रेस सरकार करती रही, उससे तो यही साबित होता है कि भाजपा एक कमजोर विपक्ष है और इसे विपक्ष की नहीं बल्कि देश के नेतृत्व की कमान दी जानी चाहिए। UNESCO चाहे तो कॉन्ग्रेस को 'बेस्ट विपक्ष' का पुरस्कार भी दे सकती है।

ये भी पढ़ें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी, कॉन्ग्रेस, लगातार अपने आप को हर मोर्चे पर आजमा चुकी है और उसने साबित भी कर दिया है कि वो राजनीति में सिर्फ सत्ता में रहकर ही नहीं, बल्कि एक बेजोड़ विपक्ष की भी भूमिका बखूबी निभा सकती है। पिछले दो सालों में जो सूझ-बूझ कॉन्ग्रेस ने दिखाई है, हर राष्ट्रवादी व्यक्ति उन्हें इसी रूप में अपने हृदय के भीतरी कक्ष में स्थापित कर लेना चाहता है।

गोदी मीडिया द्वारा लाई गई ‘मोदी लहर’ और ‘मोदी आँधी’ के बीच भी कॉन्ग्रेस ने मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान मजबूती से अपने आप को स्थापित कर के रखा, बावजूद इसके कि 2014 के आम चुनाव में कॉन्ग्रेस को जनता ने संसद में विपक्ष कहलाए जाने लायक भी नहीं छोड़ा था। राष्ट्रवादी लोग चाहे कितनी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यकाल की तारीफ़ करें, लेकिन मोदी भक्त कभी ये बात स्वीकार नहीं करेंगे कि इसमें पूरा योगदान कॉन्ग्रेस का ही रहा है।

सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर एयर स्ट्राइक तक कॉन्ग्रेस ने जमकर माँगे सबूत

मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि आतंकवाद पर उनका सख्त रवैया रहा। लेकिन अगर कॉन्ग्रेस अपने प्रशंसकों की प्रार्थना के खिलाफ जाकर भी लगातार और दिन-रात मोदी सरकार पर दबाव न बनाती तो शायद ही कभी पीएम मोदी भारतीय सेना को कभी इतनी खुली छूट देते कि वो पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों को सबक सिखा पाते।

तीन तलाक़ बिल

अपने चुनावी मेनिफेस्टो से लेकर रैलियों तक में महिला सशक्तिकरण की माला जपने वाले गाँधी परिवार ने ‘कभी घोडा-कभी चतुर’ की नीति वाले कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को खुली छूट दी थी कि वो तीन तलाक़ पर मोदी सरकार को घेरे। आखिरकार मोदी सरकार ने कॉन्ग्रेस की सदियों पुरानी तुष्टिकरण की राजनीति के सामने नई लकीर खींचकर और अल्पसंख्यक वोट बैंक की चिंता किए बिना ही तीन तलाक़ जैसे संवेदनशील विषय पर अध्यादेश लाना ही पड़ा।

SC-ST आयोग में कॉन्ग्रेस की भूमिका

सदियों से दलित वोट बैंक की हितैषी रहने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी के दबाव के कारण ही भाजपा को दलितों के प्रति होने वाले सामाजिक शोषण रोकने के लिए यह आयोग बनाना पड़ा। हालाँकि, ‘थैंकलेस कॉन्ग्रेस’ चाहती तो आजादी के इतने वर्षों में इस आयोग का गठन कर  इसे आसानी से ‘पन्डित नेहरू आयोग’ का नाम दे सकती थी, लेकिन मूर्ख कॉन्ग्रेस ने इसका क्रेडिट भी नरेंद्र मोदी को सौंप दिया।

मनरेगा vs किसान निधि योजना

कॉन्ग्रेस के बड़ी विदेशी यूनिवर्सिटी से पढ़कर आए बड़े नेताओं ने किसानों को सामाजिक और आर्थिक तौर पर सक्षम बनाने के लिए उनको मात्र 60 साल में किसान से मनरेगा मजदूर में तब्दील कर उनका मानसिक प्रोमोशन किया, लेकिन खुद को प्रधानसेवक कहने वाले चायवाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को उत्तम कृषि तकनीक के लिए अनेक योजनाएँ जारी की, जिनके कारण किसान सिर्फ किसान ही बनकर रह जाएगा। किसानों को कृषि और हल छोड़कर फावड़ा और सब्बल उठाकर दिहाड़ी-मजदूरी करने का जो अवसर कॉन्ग्रेस ने दिया था, वो अब मोदी जी ने समाप्त कर दिया है।

कॉन्ग्रेस ने फिर भी एक आदर्श विपक्ष की भूमिका में रहकर किसानों के लिए नया चुनावी जुमला ईजाद किया, कृषि ऋण माफ़ी। इस ऋण माफ़ी की नेहरूवादी दूरगामी सोच यह है कि किसान आराम से लेट-लेटकर ऋण लेता रहे और अपनी सेहत सुधारे। लेकिन फिर नरेंद्र मोदी ने सॉइल हेल्थ कार्ड और किसान निधि योजना का उद्घाटन कर किसानों को बुनियादी स्तर पर मजबूत बनाने और सहायता प्रदान कर उनके उस आराम के जीवन में दखल दे डाली, जिसने आजादी के इतने वर्षों बाद तक किसानों की एड़ियों में बिवाई डाली थी।

अगर कॉन्ग्रेस लगातार किसानों के माध्यम से धरना प्रदर्शन न करवाती और किसानों की एड़ियों का प्रोफेशनल तरीके से फोटोग्राफी करवाकर नरेंद्र मोदी सरकार को न दिखाती तो शायद मोदी सरकार इन योजनाओं की ओर कभी कदम नहीं उठाती और किसान की मनरेगा की आस में जीवन गुजारना पड़ता।

सामान्य वर्ग में आरक्षण

समाज की विभिन्न जातियों और वर्गों को देखते ही उनकी वोट बैंक क्षमता पहचानने की अचूक शक्ति रखने वाली कॉन्ग्रेस कभी सामान्य वर्ग को नहीं देख पाई थी। अगर कभी देख भी सकी तो वोट बैंक क्षमता को भाँपकर उसकी ओर ध्यान देना जरुरी नहीं समझा। समाज के जातिगत समीकरणों में कॉन्ग्रेस अपनी तमाम पंचवर्षीय में इतनी व्यस्त रही कि उसे कभी यह महसूस नहीं हुआ था कि सामान्य श्रेणी में भी ऐसे गरीब हो सकते हैं, जिन्हें सामाजिक न्याय की जरूरत है। लेकिन ‘थैंकलेस’ कॉन्ग्रेस सरकार ने आजादी के इतने वर्षों बाद भी सामान्य वर्ग के गरीबों को सामाजिक न्याय सिर्फ इसलिए नहीं दिया ताकि इसका श्रेय वो नरेंद्र मोदी को दे सकें।

लोग कॉन्ग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हैं लेकिन इस पंचवर्षीय में उन्होंने एक कदम आगे बढ़कर नरेंद्र मोदी को इन सब जरुरी और बुनियादी कामों का श्रेय लेने का मौका दिया। वो भी तब, जब नेहरू, इंदिरा, राजीव इत्यादि गाँधी के नाम पर इन सब योजनाओं को चला सकती थी।

सबसे बड़ी उपलब्धि कॉन्ग्रेस सरकार की इन 5 वर्षों में ये रही कि इसने नरेंद्र मोदी सरकार को एक भी घोटाला नहीं करने दिया। यहाँ तक कि अपने पारिवारिक घोटाले भी अगले आम चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस ने स्वीकार कर डाले। इन सब बातों को बड़े स्तर पर देखा जाए तो कॉन्ग्रेस के अंदर एक अच्छे विपक्ष के सारे गुण नजर आने लगे हैं। वरना UPA-2 के दौरान जितने ताबड़तोड़ घोटाले सत्तापरस्त कॉन्ग्रेस सरकार करती रही, उससे तो यही साबित होता है कि भाजपा एक कमजोर विपक्ष है और इसे विपक्ष की नहीं बल्कि देश के नेतृत्व की कमान दी जानी चाहिए। UNESCO चाहे तो कॉन्ग्रेस को ‘बेस्ट विपक्ष’ का पुरस्कार भी दे सकती है।

नेहरू को जाता है मोदी सरकार की सफलता का ‘पूरा-पूरा क्रेडिट’

बड़प्पन में कॉन्ग्रेस ने 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता सौंपी और खुद विपक्षी पार्टी बनने का फैसला किया। इन सबके बावजूद भी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि जवाहरलाल नेहरू ने इस देश को कश्मीर समस्या के सिवाय कुछ नहीं दिया है, तो इससे यही साबित होता है कि नरेंद्र मोदी नेहरू द्वारा दिए गए अवसरों के प्रति उदार नहीं हैं। मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए कॉन्ग्रेस अकेले मैदान में नहीं रही बल्कि उसने अपने गोदी मीडिया, सस्ते कॉमेडियन्स, न्यूट्रल पत्रकारों के गिरोह और अवार्ड वापसी गैंग जैसी घातक टुकड़ियों को भी इस प्रक्रिया में एड़ी-छोटी का जोर लगाने पर मजबूर किया। यह दर्शाता है कि विपक्ष में बैठकर कॉन्ग्रेस, मोदी सरकार को अच्छे से मॉनिटर कर सकती है।

अगले चुनाव इन्हें विपक्ष ही दीजो’

मोदी सरकार के इस कार्यकाल की सबसे ख़ास बात यह रही है कि चुनाव से पहले पहले ‘लगभग’ कई बड़े विपक्ष के नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं। यह बड़ी उपलब्धि है कि आजकल जैसी ही कोई नेता कहता है कि वो उसी पार्टी के साथ खड़ा होगा, जो ‘देशहित’ की बात करेगी तो राष्ट्रवादी और गैर-राष्ट्रवादी जनता तुरंत समझ जाती है कि ये भाजपा में शामिल होने की बात कर रहा है। कॉन्ग्रेस के तमाम सस्ते-महँगे, बड़ी-छोटी गोदी मीडिया जिस ‘राष्ट्रवाद’ और ‘देशभक्ति‘ शब्द को मजाक साबित करने के प्रयास करती रही, चुनाव से पहले वही शब्द सम्मान का विषय बनकर उभर चुके हैं। शायद नरेंद्र मोदी की इन्हीं खूबियों का नतीजा भी है कि इस चुनाव में कॉन्ग्रेस ने भी उनके खिलाफ कोई PM कैंडिडेट मैदान में नहीं उतरा है। लेकिन राष्ट्रवादी लोग कॉन्ग्रेस का मास्टरस्ट्रोक कभी समझेंगे ही नहीं।

ऐसे ही तमाम मुद्दे हैं, जिनके लिए यदि विपक्ष में बैठी कॉंग्रेस द्वारा भाजपा पर निरंतर दबाव न बनाया गया होता, तो शायद राष्ट्रवादी मोदी सरकार का उन पर ध्यान ही नहीं जाता। इसलिए देशहित तो इसमें नजर आता है कि कॉन्ग्रेस इसी तरह से विपक्ष में रहकर भाजपा पर इसी सख्ती से दबाव बनाती रहे, ताकि सभी राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम चाक-चौबंद तरीके से आगे बढ़ते रहें और नरेंद्र मोदी अपने भारत निर्माण का लक्ष्य पूरा कर सकें। आरक्षण, सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकवाद, जो भी आपत्तियाँ विपक्ष द्वारा लगायी गईं, मोदी सरकार को उन्हें पूरा करना पड़ा। अब जिस संवेदनशीलता से राम मंदिर पर विपक्ष सरकार को लगातार कोस रहा है, उससे लगता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्दी ही राम मन्दिर निर्माण कार्य को भी पूरा करेंगे और मास्टरस्ट्रोक की झड़ी लगाते रहेंगे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

ख़ास ख़बरें

सावरकर को चिढ़ाने, हिंदुओं को गाली देने वाले कॉमेडियंस… अब शिवसेना से माँग रहे रहम की भीख

खुद को क्रिएटिव बताने वाले इन कॉमेडियनों के पास जोक्स का अभाव है, तभी तो वो हिन्दू प्रतीकों का अपमान कर लोगों को हँसाने की कोशिश करते हैं।

पैगंबर की फिल्म से भावनाएँ होंगी आहत, YouTube, फेसबुक, Instagram सब जगह करो बैन: महाराष्ट्र सरकार

इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन पर आधारित ईरानी फिल्म ‘मुहम्मद दी मेसेंजर ऑफ गॉड’ पर प्रतिबंध लगाने को लेकर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

सुशांत सिंह केस: सुब्रमण्यम स्वामी ने पत्र लिख PM मोदी से की CBI जाँच की माँग, कहा- पुलिस छिपाना चाहती है बॉलीवुड के बड़े...

"आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सीधे या राज्यपाल के ज़रिए सीबीआई जाँच के लिए सहमत कर सकते हैं। मुंबई पुलिस पहले ही कोरोना वायरस पैनडेमिक और दूसरे मामलों में व्यस्त है। जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए सीबीआई जाँच ज़रूरी है।''

रक्षाबंधन पर गाय के चमड़े के उपयोग न करने की सलाह पर खुद ही फँसा PETA इंडिया, लोगों ने पूछा- राखी में कहाँ होता...

PETA इंडिया की सूर्यवंशी ने कहा, "हमें इस हिंसा के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करनी चाहिए। लेकिन लोग इस हिंसा के प्रति नहीं बल्कि अपना गुस्सा पेटा के खिलाफ निकालते है जब कि हम गायों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"

7 कॉमेडियनों ने डिएक्टिवेट या प्रोटेक्ट किया अकॉउंट: हिन्दू धर्म और महापुरुषों के अपमान की ट्वीट-वीडियो होने लगी थी वायरल

स्टैंड-अप ‘कॉमेडियन’ अग्रिमा जोशुआ का मामला तूल पकड़ने के बाद स्टैंड अप कॉमेडी के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले तथाकथित कॉमेडियन्स को चुन-चुन कर सोशल मीडिया यूजर्स आड़े हाथों ले रहे हैं।

पायलट नर्म, गहलोत गर्म: साजिशकर्ता बता कर कहा – ‘अंग्रेजी बोलने, हैंडसम होने से कुछ नहीं होता’

गहलोत ने कहा कि पायलट बिना रगड़ाई हुए ही केंद्रीय मंत्री और पीसीसी चीफ बन गए और अगर 'रगड़ाई' हुई होती तो आज और अच्छा काम करते।

प्रचलित ख़बरें

अनस कुरैशी ने शिव मंदिर के उपाध्यक्ष को पीट-पीट कर मार डाला… क्योंकि उन्होंने भगवा पहना था

कांति प्रसाद की मौत से हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त। थाने पर उन्होंने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनस पर...

‘मुझे बचा लो… बॉयफ्रेंड हबीब मुझे मार डालेगा’: रिदा चौधरी का आखिरी कॉल, फर्श पर पड़ी मिली लाश

आरोप है कि हत्या के बाद हबीब ने रिदा के शव को पंखे से लटका कर इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। गुरुग्राम पुलिस जाँच कर रही है।

UAE दूतावास की सील-राजकीय चिन्ह से छेड़छाड़ कर आतंक के लिए 10 महीने में 150 किलो सोने की तस्करी: NIA ने किया खुलासा

हिरासत के आवेदन को आगे बढ़ाते हुए, एजेंसी ने अदालत को बताया कि गृह मंत्रालय ने प्रारंभिक जाँच की थी और पाया था कि तस्करी का सोना आतंकवादी गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता था।

तो रुक जाएगी चीन में जाने वाली 80% ऊर्जा… भारत ऐसे ख़त्म करेगा ड्रैगन और अरब का व्यापार, साथ आए कई देश

मलक्का को लेकर भारत द्वारा खास रणनीति पर काम करने की खबरें सामने आ रही हैं। चीन में ऊर्जा की 80% ज़रूरत मलक्का रूट से ही पूरी होती है।

विदेश में पढ़ाई के दौरान मोहब्बत, पहले मजहब फिर सारा के CM पिता फारूक अब्दुल्ला बने रोड़ा: सचिन पायलट की लव स्टोरी

सारा और सचिन पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान एक दूसरे से मिले थे। एक दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने सारा के परिवार की तरफ से लगातार आपत्तियों के बावजूद 2004 में एक बंधन में बँधने का फैसला किया।

दूध बेचने से लेकर हॉलैंड में F-16 उड़ाने तक: किस्सा राजेश पायलट का, जिसने सत्ता के सबसे बड़े दलाल को जेल भेजा

सत्ता के सबसे बड़े दलाल पर हाथ डालने के 2 दिन बाद ही पायलट को गृह मंत्रालय से निकाल बाहर किया गया था। जानिए राजेश्वर प्रसाद कैसे बने राजेश पायलट।

सावरकर को चिढ़ाने, हिंदुओं को गाली देने वाले कॉमेडियंस… अब शिवसेना से माँग रहे रहम की भीख

खुद को क्रिएटिव बताने वाले इन कॉमेडियनों के पास जोक्स का अभाव है, तभी तो वो हिन्दू प्रतीकों का अपमान कर लोगों को हँसाने की कोशिश करते हैं।

Covid-19: भारत में पिछले 24 घंटे में सामने आए संक्रमण के 29429 मामले, अब तक 24309 की मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देशभर में कोरोना वायरस के 29,429 नए मामले सामने आए हैं और 582 लोगों की मौत हुई है।

अपहरण किए गए बीजेपी नेता को पुलिस ने किया रेस्क्यू, लश्कर कमांडर ​​हैदर के परिवार को हिरासत में लेकर शुरू हुआ था ऑपरेशन

बारामूला के वाटरगाम में नगर समिति के उपाध्यक्ष मेराजुद्दीन मल्ला को बचाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन को लश्कर के सोपोर कमांडर सज्जाद उर्फ ​​हैदर के परिवार के सदस्यों को हिरासत में लेकर शुरू किया गया था।

Qraa Men ब्रांड ने महिलाओं की नग्न तस्वीरों के साथ किया पुरुष प्रॉडक्ट का प्रचार, सोशल मीडिया पर भड़के लोग, किया विरोध

लोगों की कड़ी प्रतिक्रियाओं को देखते हुए Qraa Men हालही में पोस्ट किए विज्ञापन सामग्री को हटा दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर महिलाओं ऑब्जेक्टिफाई किया था।

पैगंबर की फिल्म से भावनाएँ होंगी आहत, YouTube, फेसबुक, Instagram सब जगह करो बैन: महाराष्ट्र सरकार

इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद के जीवन पर आधारित ईरानी फिल्म ‘मुहम्मद दी मेसेंजर ऑफ गॉड’ पर प्रतिबंध लगाने को लेकर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

सुशांत सिंह केस: सुब्रमण्यम स्वामी ने पत्र लिख PM मोदी से की CBI जाँच की माँग, कहा- पुलिस छिपाना चाहती है बॉलीवुड के बड़े...

"आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सीधे या राज्यपाल के ज़रिए सीबीआई जाँच के लिए सहमत कर सकते हैं। मुंबई पुलिस पहले ही कोरोना वायरस पैनडेमिक और दूसरे मामलों में व्यस्त है। जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए सीबीआई जाँच ज़रूरी है।''

पालघर: महाराष्ट्र CID की चार्जशीट से साधुओं की लिंचिंग में धार्मिक कारण से इनकार, हत्या को बताया अफवाहों पर आधारित

चार्ज शीट में पालघर, महाराष्ट्र में हुई साधुओं की लिंचिंग को अफवाहों के आधार पर बताते हुए कहा गया है कि इसके पीछे कोई धार्मिक कारण नहीं था।

हैंड-सैनिटाइजर पर GST छूट घरेलू उत्पादों की कीमत बढ़ाने और चीन से आयात को प्रोत्साहित कर सकता है, जानिए कैसे

एक बार के लिए ऐसा लग सकता है कि कर की दर शून्य होने पर कीमतें कम होंगी, लेकिन यह सच नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जीएसटी वास्तव में एक ऐसा VAT है, जहाँ उत्पादन के प्रत्येक चरण में जोड़े गए मूल्य पर कर लगाया जाता है।

रक्षाबंधन पर गाय के चमड़े के उपयोग न करने की सलाह पर खुद ही फँसा PETA इंडिया, लोगों ने पूछा- राखी में कहाँ होता...

PETA इंडिया की सूर्यवंशी ने कहा, "हमें इस हिंसा के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करनी चाहिए। लेकिन लोग इस हिंसा के प्रति नहीं बल्कि अपना गुस्सा पेटा के खिलाफ निकालते है जब कि हम गायों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"

पीएम ओली के ‘अयोध्या ज्ञान’ पर माहौल बिगड़ने के बाद नेपाल ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा- किसी को दुख पहुँचाने की नहीं थी नियत

''वास्तविक अयोध्या बीरगंज के पश्चिम में थोरी में स्थित है, भारत अपने यहाँ भगवान राम का जन्मस्थल होने का दावा करता है।'' वहीं अब अजीबोगरीब दावे के बाद खुद को बुरी तरह घिरता देख ओली ने विदेश मंत्रालय के जरिए सफाई पेश करवाई है।

हमसे जुड़ें

239,925FansLike
63,547FollowersFollow
275,000SubscribersSubscribe