"मेरी राय है कि मामले को ज्यादा बढ़ाना उचित नहीं है। पुनर्विचार के लिए उच्चतम न्यायालय में जाना बेहतर नहीं है। मुस्लिम समुदाय पहले से कहता रहा है कि वह फ़ैसले का सम्मान करेगा और लोग इससे सहमत हैं।"
कॉन्ग्रेस नेता, पूर्व सांसद व पंजाब सरकार में भूतपूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने आज करतारपुर साहिब के उद्घाटन समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की शान में जम कर कसीदे पढ़े।
आ रही मीडिया खबरों के मुताबिक राज्य के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने फडणवीस को सबसे बड़ी पार्टी का नेता होने के चलते सरकार बनाने के लिए निमंत्रण भेजा है।
इस ऐतिहासिक क्षण के एक दिन पहले कल ही अपना 93वाँ जन्मदिन मनाने वाले आडवाणी, जिन्होंने अपना कैरियर फिल्म समीक्षा पत्रकार के रूप में शुरू किया था, ने अंग्रेजी में एक बयान जारी कर फैसले से संतोष जाहिर किया है। साथ ही कहा है कि अंततः उनका स्टैंड सही साबित हुआ है।
भागवत ने कहा कि RSS को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार क़दम उठाएगी। उन्होंने कहा कि अतीत को भूल हम सभी को मिलकर रामजन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण के कर्तव्य का पालन करना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्य सभा के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल को भारत रत्न दिए जाने की माँग की है। साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए तुरंत घोषणा की भी माँग की है। उनकी यह माँग राम जन्मभूमि आंदोलन की दशकों की माँग पर आज सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति की मुहर के आलोक में आई है।
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए यूपी के सीएम ने कई ट्वीट किए। इनमें अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए लोगों शांति और सौहार्द्र बनाए रखने की अपील की।
“अगर ओवैसी का वश चले तो ये हैदराबाद में निजामी के समय की तरह ही दूसरा फसाद खड़ा कर दे, लेकिन इसकी औकात ही नहीं है इतनी कि हिन्दुस्तान का बँटवारा कर सके।”
राज ठाकरे ने राम मंदिर के जल्दी से जल्दी मंदिर निर्माण की माँग की है। उन्होंने साथ ही कहा कि राम मंदिर के अलावा उनकी इच्छा राष्ट्र में राम राज्य की भी है।
"हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे। हमें दान के रूप में पाँच एकड़ की जमीन नहीं चाहिए। हमें इस 5 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को अस्वीकार करना चाहिए, हमें संरक्षण नहीं चाहिए।”
“जिस तरह से हिन्दू भाई हमारे फंक्शन रमजान में, बकरीद में हमारा साथ देते हैं, उसी तरह से फैसला के आने के बाद हम सभी मिलकर राम मंदिर बनाएँ और जहाँ तक हमारे सोने की ईंट की बात थी, वो हम देंगे।”
राम मंदिर आंदोलन के दौरान विहिप ने कारसेवा का प्रयोग किया था और इसने जनांदोलन का रूप ले लिया था। देश भर से लाखों श्रद्धालु कारसेवा करने के लिए अयोध्या पहुँचे थे।
सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है।
इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी।
जेएनयू की छात्र नेता रहीं शेहला ने जम्मू कश्मीर की राजनीति में भी क़दम रखा था लेकिन अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के निरस्त होने के कारण उनकी राजनीतिक पारी चौपट हो गई। इसके लिए उन्होंने लम्बा-चौड़ा फेसबुक पोस्ट लिख कर मोदी सरकार पर निशाना साधा था।
एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक 'गैंग' ने उन्हें उस समय परेशान करना शुरू कर दिया था, जब उन्होंने कहा था कि पुरातात्विक साक्ष्य उस जगह पर मंदिर होने की ओर इंगित करते हैं।
भगवान राम को घर- घर पहुॅंचाने में तुलसीदास कृत रामचरितमानस की भूमिका अतुलनीय है। अयोध्या में रामलला को उनकी जमीन कानूनी तौर पर वापस दिलाने में ऐसी ही भूमिका भारतीय वकालत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पराशरण ने निभाई है।
ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों ने बाबरी मस्जिद गिराई, उन्हीं को कोर्ट ने ट्रस्ट बनाने और मंदिर निर्माण का जिम्मा सौंप दिया है। इससे साफ लगा रहा है कि यह देश अब हिंदू राष्ट्र की ओर आगे बढ़ रहा है। अब वे काशी और मथुरा पर भी अपना दावा ठोकेंगे।
फैसले का आधार बनी एएसआई रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित ढॉंचे के नीचे नक्काशीदार ईंटें, देवताओं की युगल खंडित मूर्तियाँ, नक्काशीदार वास्तुशिल्प, पत्तों के गुच्छे, अमालका, कपोतपाली, कमल की आकृति जैसी चीजें मिली हैं।
अयोध्या विवाद मामले पर आए फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया पर यह ट्वीट फिर से वायरल हो रहा है। सुब्रमण्यम स्वामी, भाजपा के सभी नेताओं की तरह, अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बनाने के मुखर प्रस्तावक रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “करतारपुर में ही उन्होंने प्रकृति के गुणों का गायन किया था। उन्होंने कहा था- “पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरति महतु”!!! यानि हवा को गुरु मानो, पानी को पिता और धरती को माता के बराबर महत्व दो।”
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से गोगोई रामभक्तों की आँखों के तारे बन गए हैं। कोई प्रणाम करने के लिए उनका घर ढूँढ़ रहा है तो कोई उन पर ईश्वर की कृपा बने रहने की कामना कर रहा है।
"इस फैसले को सहज रूप से सभी को स्वीकार करना चाहिए। इससे सर्वधर्म सद्भाव की भावना भी और मजबूत होगी और साथ ही साथ उन्होंने विश्वास जताया कि इससे सामाजिक ताना-बाने को भी मजबूती मिलेगी।"
जजों ने इस बात का ख्याल रखा है कि कोई भी लिबरल, अजेंडाबाज़ रवीश टाइप पत्रकार, टुटपुँजिया कॉमेडियन, पंक्चर के काम करने वाले 'हा-हा' रिएक्शन ब्रीड के लौंडे या मीम का फैक्ट चेक करने वाले गंजे आदि छूट न जाएँ क्योंकि दर्द तो बहुत हुआ होगा।
सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने शरीयत क़ानून का जिक्र करते हुए कहा कि मस्जिद किसी को नहीं दिया जा सकता है। जिलानी ने कहा कि मस्जिद की कोई क़ीमत नहीं होती और मस्जिद की मिलकियत अल्लाताला के पास होती है।
फासिस्ट फकीरा ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को 'न्याय' न बताकर 'निर्णय' करार दिया और लिखा कि INDIA को आज आधिकारिक रूप से HINDU REPUBLIC घोषित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फ़ैसला सुनाया दिया है। अयोध्या की पूरी विवादित ज़मीन रामलला की है। मंदिर वहीं बनेगा। मस्जिद के लिए अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ़-साफ़ कहा कि हिन्दू विवादित ज़मीन पर अंग्रेजों के आने से पहले से ही पूजा करते आ रहे हैं। कोर्ट ने 1934 के दंगे का जिक्र करते हुए बताया कि भीतरी हिस्सा उसी वक़्त गंभीर विवाद का विषय बन गया था।
रिटायर होने से पहले जस्टिस गोगोई कई और अहम मामलों में फैसला सुना सकते हैं। इनमें सबरीमाला रिव्यू पिटिशन, राफेल रिव्यू पिटिशन, राहुल गाँधी पर अवमानना का मुकदमा, फाइनेंस एक्ट 2017 की वैधता जैसे मामले शामिल हैं।
ट्रस्ट बनाने और मंदिर निर्माण की योजना के लिए तीन महीने का वक्त सरकार को दिया गया है। साथ ही शीर्ष अदालत ने कहीं और मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि बोर्ड अपना दावा साबित करने में नाकाम रहा।
अंग्रेजों के आने से पहले ही राम चबूतरा, सीता रसोई और विवादित ज़मीन के बाहरी हिस्से में हिन्दू पूजा किया करते थे। अर्थात, आउटर कोर्टयार्ड हिन्दुओं की पूजा का मुख्य बिंदु था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सारा विवाद अंदर के हिस्से को लेकर है।
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख अरविंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी...
सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि 1857 से पहले हिन्दू यहाँ पूजा करते थे। यानी, अंग्रेजों के आने से पहले ही राम चबूतरा, सीता रसोई और विवादित ज़मीन के बाहरी हिस्से में हिन्दू पूजा किया करते थे।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि राम जन्मभूमि कोई ज्यूरिस्टिक पर्सन नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि बाबरी मस्जिद खाली ज़मीन पर नहीं बनी थी। उससे पहले वहाँ स्ट्रक्चर था, जो इस्लामिक नहीं था।
राम मंदिर मामले में चल रही सुप्रीम कोर्ट की नियमित सुनवाई 6 अगस्त को शुरू हुई थी। 40 दिनों की नियमित सुनवाई के बाद सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय पीठ ने 16 अक्टूबर को फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था
पिछले कुछ महीने से सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई निरंतर हो रही थी। आज आने वाला फ़ैसला इसलिए भी अनूठा है क्योंकि आमतौर पर शनिवार को कोर्ट की छुट्टी रहती है, लेकिन फ़ैसले के लिए शनिवार का दिन चुनना भी अपने आप में एक ऐतिहासिक क़दम है।
जज संदीप जैन ने बताया कि वे अपने कार्यालय में बैठ कर कुछ जरूरी आदेश आशुलिपिक से लिखवा रहे थे। तभी 40- 50 वकील कार्यालय में घुस आए और अभद्रता करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए।
असंतुष्ट पक्ष के पास दूसरा विकल्प क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का होगा। इसे उपचार याचिका भी कहा जाता है। पुनर्विचार याचिका ख़ारिज होने के 30 दिनों के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर की जा सकती है।
अलीगढ़ डीएम ने जिले में शुक्रवार रात 12 बजे से इंटरनेट सेवाएँ बंद करने का निर्देश दिया है। अयोध्या की ओर जाने वाली बसों व अन्य बड़े वाहनों को भी रोक दिया गया है। ऐहतियात के तौर पर शनिवार को जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, इंस्टीट्यूट और कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए हैं।
राणा अयूब अक्सर अपने भारत-विरोधी रुख का प्रदर्शन करते रहती हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों बच्चों को गिरफ़्तार कर रखा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि सुरक्षा बलों ने एक 92 वर्षीय वृद्ध महिला पर हमला किया।
राम मंदिर के हक में फैसला आया तो यह पहला मौका नहीं होगा, जब हिंदुओं के दावे पर मुहर लगेगी। हाई कोर्ट ने भी विवादित स्थल को रामजन्भूमि माना था। अंग्रेजों के जमाने में भी अदालत ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात मानी थी।
उन्हें हिंदुत्व का विद्वान माना जाता है। धार्मिक पुस्तकों का उन्हें इतना ज्ञान है कि वह अदालत में बहस के दौरान भी उनका जिक्र करते रहते हैं। तभी तो मद्रास HC के पूर्व मुख्य न्यायाधीश उन्हें 'भारतीय वकालत के पितामह' कहते हैं।
एक 'एक्सपर्ट' गवाह ने अयोध्या गए बिना ही विवादित स्थल के ऊपर एक भारी-भरकम पुस्तक लिख डाली। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें बाबर के बारे में बस इतना पता है कि वह 16वीं शताब्दी का शासक था।
सागरिका घोष की ख़ुशी ट्विटर पर बल्लियों उछल कर बाहर आ रही थी। वे शायद वह समय भूल गईं जब उनके लिबरल गैंग ने इन्हीं उद्धव ठाकरे के पिता को हत्यारा, फासिस्ट और न जाने क्या-क्या कहा था। अभिसार शर्मा की तो ख़ुशी इतनी ज़्यादा थी शायद कि विह्वल होकर उनके मुखण्डल से शब्द ही नहीं फूटे। सो......
रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि के विवादित 2.77 एकड़ जमीन के स्वामित्व के लिए हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों द्वारा दायर की गई अपील पर 40 दिन सुनवाई चली। CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 5 जजों वाली पीठ ने इस मामले पर 16 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
कैम्पस नक्सलियों की हरकतों से ट्विटर पर कई प्रबुद्ध व्यक्तित्व बिफर उठे हैं। आदित्य राज कौल ने कहा है कि अवैध रूप से किसी को बंदी बनाना कानून के खिलाफ है। एएनआई सम्पादक स्मिता प्रकाश ने भी घटना की आलोचना की है। वरिष्ठ पत्रकार कंचन गुप्ता ने जेएनयू को 'रिपब्लिक ऑफ़ जेएनयू' बताते हुए बेबस देश की......
अक्टूबर 2019 तक पाकिस्तान को काले धन के जिहादियों के हाथ में पहुँचने पर नियंत्रण करके दिखाना था। ऐसा न करने पर उसके नार्थ कोरिया और ईरान की तरह ब्लैक लिस्ट में चले जाने का खतरा था। लेकिन.....
विवाद बढ़ता देख कर सोनी टीवी ने एक ट्वीट कर विवाद पर माफ़ी माँग ली है। साथ ही दावा किया है कि कल जिस एपिसोड की शूटिंग हुई है उसमें उन्होंने माफीनामे का एक 'स्क्रॉल' जोड़ दिया है।
ज़ाकिर के अतिरिक्त पुलिस ने 8 अन्य 'आयोजकों' को भी हिरासत में लिया जो वेश्यालयों का प्रबंधन कर रहे थे। इसके अलावा पुलिस ने 5 'ग्राहकों' को भी गिरफ्तार किया है।