मुंबई के मीरा रोड इलाके में धर्म पूछकर जैब जुबैर अंसारी ने दो सिक्योरिटी गार्डों पर चाकू से हमला कर दिया। जाँच एजेंसियाँ इसे 'लोन वोल्फ' आतंकी हमले के तौर पर देख रही हैं।
कॉन्ग्रेस के मुखपत्र 'नेशनल हेराल्ड' ने भारत को नीचा दिखाते हुए बांग्लादेश में आम चुनाव 2026 की वाहवाही की है। एक आर्टिकल में लिखा- भारत को बांग्लादेश से सीखने की जरूरत है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सोमवार (27 अप्रैल 2026) को औपचारिक हस्ताक्षर हो गए हैं। इसके तहत न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
AIMIM नेता सईदा फलक ने एक बार फिर देश के उच्च पदों पर बैठे नेताओं के लिए 'गंदी भाषा' का इस्तेमाल किया। मुस्लिम भीड़ को संबोधित करते हुए सईदा ने सीएम योगी को 'बंदर' कहा है।
'अंबेडकरवादी' सतीश बौद्ध लगातार अपने भाषणों में हिंदू विरोधी बयान देता है। यहाँ तक की सतीश ने माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मकथा का मजाक भी उड़ाया।
गाजीपुर में नाबालिग लड़की की मौत के बाद गाँव पहुँचे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को लोगों ने बाहर रोक दिया। यह अखिलेश यादव की 'जातिवाद राजनीति' के खिलाफ जनता का 'विद्रोह' है।
जुल्फिकर अहमद ने कृष्णा बनकर हिंदू महिला के साथ धोखे से निकाह किया। महिला का धर्म परिवर्तन करवाकर मुस्लिम नाम 'रूबिया' रख दिया। 5 साल तक जुल्फिकर ने पीड़िता के साथ रेप किया।
जाँच से पता चला कि नोएडा हिंसा स्पॉन्टेनियस नहीं थी। मुख्य आरोपित अदित्य आनंद ने 5 साल से तैयारी कर रखी थी। श्रमिकों को भड़काने के लिए 17+ व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए।
'द इकोनॉमिस्ट' ने हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति को ऐसे दिखाने की कोशिश की है जैसे बाबर के आने से पहले न तो संस्कृति थी और न भाषा, कला। ये सब हमने मुगलों से सीखा
'द वायर' ने उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक नाम कटने पर SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और कहा था कि वोटरों के नाम कैसे कम हो गए। लेकिन आयोग ने इसका जवाब दिया है।
नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण दलितों के लिए अलग निर्वाचक मंडल की सदन में वकालत की। ये देश को बाँटने की अंग्रेजों की चाल थी, जिसका जिन्ना ने समर्थन किया था।
आरफा ने 'लव जिहाद' को सीधे-सीधे हिंदू महिलाओं का अपमान बता दिया। मतलब जो भी इस मुद्दे पर सवाल उठा रहा है, वो महिलाओं को नासमझ मान रहा है, यहाँ यही बताने की कोशिश की गई।
नेपाल की बालेन सरकार के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। श्रम मंत्री ने इस्तीफा के बाद अब गृहमंत्री गुरुंग को जनता और विपक्षी दलों के दबाव में इस्तीफा देना पड़ा है।
Gen-z आंदोलन के बाद नेपाल में सरकार बनाने वाले बालेन शाह के खिलाफ लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। भंसार नीति के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग सड़कों पर हैं।