शरजील उस्मानी ने 30 जनवरी को एल्गार परिषद के एक कार्यक्रम में हिन्दुओं के लिए आपत्तिजनक बातें कही थीं। हिंदुओं को 'मनुवादी' करार देते हुए उसने इस कार्यक्रम में हिंदू समाज को बुरी तरह सड़ा हुआ बताया था।
किसानों के विरोध के खिलाफ वैश्विक अभियान के पीछे कनाडा का 'पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन' बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसकी वेबसाइट से वास्तविकता का पता चलता है कि यह सब सामान्य से कहीं अधिक भयावह है।
अयोध्या जिले के एडीजे-प्रथम कोर्ट ने उन्हें राफेल मामले (Rafael) को लेकर नोटिस जारी किया है। राहुल गाँधी को 26 मार्च को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
"भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है। बाहरी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं। भारतीय भारत को जानते हैं और उन्हें ही भारत के लिए फैसला करना है।"
गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार (3 फरवरी, 2020) को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया है।
सिद्धू ने अपने फेसबुक पेज पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए एक और वीडियो जारी किया है। सिद्धू ने आरोप लगाया कि किसान यूनियन के नेता लाल किले में मौजूद थे, जो उन नेताओं के द्वारा किए गए दावों के विपरीत है।
“लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, किसान बिल को लेकर कतिपय संगठनों द्वारा दर्ज किए गए विरोध के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत सरकार 11 बार किसानों से वार्ता कर चुकी है।”
जब लिबरल्स रिहाना, मिया खलीफा की जय-जयकार कर रहे थे, इस दौरान कुछ लोगों ने उनके अस्तित्व और ठिकाने को लेकर ही उन पर सवाल खड़े कर दिए। इनमें से एक बेबी कुमारी भी थीं।
कुछ वीडियोज सामने आई हैं, जिससे साफ हो रहा है कि पूरे प्रदर्शन में खालिस्तानियों की घुसपैठ है। इसके बाद दूसरी वीडियो में साफ-साफ तिरंगे का अपमान होते देखा जा सकता है।
जातिगत हमला दिलीप मंडल ने यही नहीं रोका। हर मुद्दे में जाति ले आने वाले दिलीप मंडल ने कहा कि आनंद रंगनाथन इसलिए गुस्से में हैं क्योंकि इससे उनकी जाति के गुमान को ठेस पहुँची है।
राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि इतने सारे तानाशाहों के नाम 'M' से ही क्यों शुरू होते हैं। इस पर लोगों ने राहुल गाँधी से ही सवाल किया कि फिर मोहनदास और मोती लाल नेहरू क्या थे?
उसे भारतीय कानून को समझने की भी सलाह दी गई है क्योंकि ट्विटर ने 'अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों' का बहाना बना कर के खुद को बचाना चाहा है।
विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए पिल्लई ने कहा कि आंतरिक कलह के कारण ऐसे विवाद हो रहे हैं जबकि, उन्होंने पल्लीपुरम पट्टार्य समाजम के अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
यदि आवेदक का सोशल मीडिया अकाउंट राष्ट्र विरोधी और भड़काऊ सामग्री से लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ निगेटिव रिपोर्ट लगाकर आवेदन रद्द कराने की संस्तुति की जा सकती है।
एक तरफ कॉन्ग्रेस की छात्र ईकाई इस अभियान को शुरू करके आरएएस पर हमला बोल रही है और ये जता रही है कि एक रुपया व एक करोड़ दोनों बराबर हैं। वहीं पार्टी के दिग्गज नेताओं ने इस अभियान पर आपत्ति जताई है।
मिया खलीफा ने दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली में इंटरनेट भी बंद कर दिया है। साथ ही उन्होंने आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं की एक तस्वीर भी शेयर की।
ऑक्सफ़ोर्ड लैंग्वेजेज़ ने 'आत्मनिर्भरता' को 2020 के लिए ऑक्सफ़ोर्ड हिंदी शब्द चुना है। PM मोदी ने कोविड-19 पैकेज की घोषणा करते हुए इस शब्द पर विशेष जोर दिया था।
“यवतमाल में पाँच साल की उम्र से कम के 12 बच्चों को पोलियो ड्रॉप की बजाय हैंड सैनिटाइज़र दे दिया गया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फ़िलहाल, अभी वो ठीक हैं।”
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कृषि कानून विरोधी सिख प्रदर्शनकारियों को ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।