मिया खलीफा सहित जब इन अंतरराष्ट्रीय चेहरों का समर्थन मिलने पर राकेश टिकैत से सवाल पूछा गया तो उनका जवाब था कि इसमें परेशानी ही क्या है? लेकिन जब उनसे इन हस्तियों के बारे में पूछा गया तो...
अयोध्या में भूमि पूजन हो चुका है। निधि समर्पण अभियान चल रहा है। ऐसे में सहज जिज्ञासा हो सकती है कि इस सवाल का क्या तुक है? वजहें ठोस है और हर हिंदू के लिए जानना जरूरी है।
ये ट्वीट लग सकता है कि कॉन्ग्रेस का कोई नया रोना है। लेकिन वास्तविकता ये है कि केरल कॉन्ग्रेस का यह ट्वीट उस टूलकिट में मौजूद ट्वीट से शब्दश: मिलता है, जिसके ख़िलाफ़ अब दिल्ली पुलिस जाँच कर रही है।
भारतीय पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान भी अब तथाकथित बुद्धिजीवियों के गिरोह में शामिल हो गए है। और उन्होंने इशारों-इशारों में रिहाना की बातों का समर्थन किया है।
हर्ष मंदर वही है, जो यूपीए के जमाने में सोनिया गाँधी की नेशनल एडवाइजरी काउंसिल (NAC) के सदस्य हुआ करते थे। जिनके संपर्क इटली की गुप्तचर सेवा और इतालवी सरकार से जुड़े संगठन से भी रहे हैं।
तुर्की में एक महिला ने शौहर की गोली मारकर हत्या कर दी। महिला का कहना है कि उसे लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। शौहर रेप करता था और मारता-पीटता था।
शरजील उस्मानी ने 30 जनवरी को एल्गार परिषद के एक कार्यक्रम में हिन्दुओं के लिए आपत्तिजनक बातें कही थीं। हिंदुओं को 'मनुवादी' करार देते हुए उसने इस कार्यक्रम में हिंदू समाज को बुरी तरह सड़ा हुआ बताया था।
किसानों के विरोध के खिलाफ वैश्विक अभियान के पीछे कनाडा का 'पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन' बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसकी वेबसाइट से वास्तविकता का पता चलता है कि यह सब सामान्य से कहीं अधिक भयावह है।
अयोध्या जिले के एडीजे-प्रथम कोर्ट ने उन्हें राफेल मामले (Rafael) को लेकर नोटिस जारी किया है। राहुल गाँधी को 26 मार्च को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
"भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है। बाहरी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं। भारतीय भारत को जानते हैं और उन्हें ही भारत के लिए फैसला करना है।"
गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार (3 फरवरी, 2020) को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया है।
सिद्धू ने अपने फेसबुक पेज पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए एक और वीडियो जारी किया है। सिद्धू ने आरोप लगाया कि किसान यूनियन के नेता लाल किले में मौजूद थे, जो उन नेताओं के द्वारा किए गए दावों के विपरीत है।
“लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, किसान बिल को लेकर कतिपय संगठनों द्वारा दर्ज किए गए विरोध के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत सरकार 11 बार किसानों से वार्ता कर चुकी है।”
जब लिबरल्स रिहाना, मिया खलीफा की जय-जयकार कर रहे थे, इस दौरान कुछ लोगों ने उनके अस्तित्व और ठिकाने को लेकर ही उन पर सवाल खड़े कर दिए। इनमें से एक बेबी कुमारी भी थीं।
कुछ वीडियोज सामने आई हैं, जिससे साफ हो रहा है कि पूरे प्रदर्शन में खालिस्तानियों की घुसपैठ है। इसके बाद दूसरी वीडियो में साफ-साफ तिरंगे का अपमान होते देखा जा सकता है।
जातिगत हमला दिलीप मंडल ने यही नहीं रोका। हर मुद्दे में जाति ले आने वाले दिलीप मंडल ने कहा कि आनंद रंगनाथन इसलिए गुस्से में हैं क्योंकि इससे उनकी जाति के गुमान को ठेस पहुँची है।
राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि इतने सारे तानाशाहों के नाम 'M' से ही क्यों शुरू होते हैं। इस पर लोगों ने राहुल गाँधी से ही सवाल किया कि फिर मोहनदास और मोती लाल नेहरू क्या थे?
उसे भारतीय कानून को समझने की भी सलाह दी गई है क्योंकि ट्विटर ने 'अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों' का बहाना बना कर के खुद को बचाना चाहा है।