Home Blog Page 5151

शाहीन बाग ने ली इंजीनियर की नौकरी, रास्ता खुलवाने को कैंडल मार्च निकालेंगी महिलाएँ

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में शाहीन बाग में समुदाय विशेष की औरतों ने डेरा डाल रखा है। इसके कारण कालिंदी कुंज-नोएडा रोड बंद है। इसकी वजह से आसपास के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोड बंद होने से परेशान होकर एक इंजीनियर को नौकरी छोड़नी पड़ी है। अब रास्ता खुलवाने के लिए आसापास की मुहल्लों की महिलाएँ कैंडल मार्च निकालने की योजना बना रही हैं।

खबर के मुताबिक नॉलेज पार्क की एक आईटी कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कहना है कि कालिंदी कुंज मार्ग बंद होने की वजह से उनके घर से ऑफिस तक का सफर काफी लंबा हो गया था। इस वजह से उन्हें आर्थिक और शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसको लेकर वो पिछले 37 दिन से परेशान थे और इस समस्या की वजह से आखिरकार नौकरी छोड़ने का फैसला लेना पड़ा।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत ग्रेटर नोएडा में रहते हैं। ऑफिस जाने में उन्हें 40-45 मिनट लगता था। सब कुछ बड़े ही आराम से चल रहा था। लेकिन कालिंदी कुंज रोड बंद होने के बाद उनकी परेशानी बढ़ गई। प्रशांत को ऑफिस पहुँचने में 3 से साढ़े 3 घंटे लगने लगे। उन्होंने समय से ऑफिस पहुँचने की काफी कोशिश की, लेकिन जाम इतना ज्यादा होता था कि रोज लेट पहुँचते थे। 37 दिन से हाफ डे की अटेंडेंस लग रही थी। सैलरी आधी हो गई और सफर का खर्च दोगुना। 6-7 घंटे रोड पर बीतने लगा, उसके बाद 9 घंटे की नौकरी। इतनी मेहनत के बाद भी सैलरी आधी मिल रही थी। ऐसे में जॉब कर पाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था।

प्रशांत का कहना है कि उन्होंने इस परेशानी के बारे में ऑफिस में भी बताया लेकिन उन्होंने उनकी परेशानी नहीं सुनी और हाफ डे अटेंडेंस लगने लगी। प्रशांत ने कुछ दिन तक इंतजार किया कि शायद लोगों की परेशानी समझते हुए रास्ता खोलने का फैसला ले लिया जाए। लेकिन, ऐसा नहीं होने पर सोमवार (जनवरी 20, 2020) को उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

नवभारत टाइम्स में छपी खबर

वहीं अब इस बंद के खिलाफ स्थानीय निवासी कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में हैं। इसकी जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नोएडा स्थित अपने स्कूल और कॉलेजों में उत्तरी-बाहरी दिल्ली के स्टूडेंट्स समय पर नहीं पहुँच पा रहे हैं। इसके अलावा नौकरीपेशा लोग भी बुरी तरह से प्रभावित हैं। रोड बंदी के कारण समय की बर्बादी हो रही है।

‘…अब तो मैं जिंदा घर नहीं जा पाऊँगी’ – शाहीन बाग से जान बचाकर भागी लड़की की आपबीती

क़ानून व्यवस्था बहाल करे पुलिस: शाहीन बाग़ में पिकनिक मना रहे लोगों पर हाई कोर्ट हुआ सख़्त

रात के अँधेरे में विखंडित की गई देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, आंध्र में मंदिरों की सुरक्षा पर उठे सवाल

देश भर के कई मंदिरों में हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को विखंडित किए जाने की ख़बरें आती रहती हैं। कभी सांप्रदायिक हिंसा में मंदिरों को निशाना बनाया जाता है तो कभी प्राचीन मूर्तियों को हड़पने के लिए चोरी की जाती है। अब ऐसी ही एक ख़बर आंध्र प्रदेश से आई है। ये घटना आंध्र प्रदेश के काकीनाडा शहर में स्थित अग्रहारम इलाक़े की है। यहाँ सुरवारापु में स्थित बजरंग मंदिर में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ मचाई गई।

उक्त मंदिर सड़क किनारे खुली जगह में स्थित था। ये घटना मंगलवार (जनवरी 21, 2020) को हुई। जिस रास्ते में ये मंदिर स्थित है, वो रास्ता पीठापुरम शहर की ओर जाता है। जब बदमाशों ने पाया कि मंदिर में कोई नहीं है और आसपास का इलाक़ा सुनसान पड़ा है, तब उन्होंने मंदिर में घुस कर प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ की। माँ दुर्गा और भगवान गणेश की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा व्याप्त है।

जब स्थानीय लोगों ने सुबह में मंदिर व प्रतिमाओं को ऐसी स्थिति में देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद घटनास्थल का दौरा किया और बदमाशों की तलाश में लग गई। विखंडित की गई प्रतिमाएँ सीमेंट की बनी हुई थीं। उन्हें तोड़ने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का कहना है कि ये घटना देर रात की गई। सुबह पूजा करने गए श्रद्धालुओं ने सबसे पहले मंदिर में हुई तोड़फोड़ के बारे में स्थानीय लोगों को बताया। हनुमान और साईं बाबा की मूर्तियों को भी विखंडित कर दिया गया।

काकीनाडा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक पिल्ली अनंत लक्ष्मी सहित कई अन्य स्थानीय नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। धारा-427 (संपत्ति को नुकसान पहुँचाना) के तहत केस दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

वाईएससीआरपी, टीडीपी और भाजपा- तीनों दलों के नेताओं ने मंदिर का दौरा किया और आरोपितों की त्वरित गिरफ़्तारी की माँग की। भाजपा विधायक राजा सिंह ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री जगन रेड्डी को निशाने पर लिया।

सड़क किनारे झुग्गी डाल रहते थे पाकिस्तान से आए निसार और अफरीदी, पुलिस बन 4 राज्यों में की ठगी

चार राज्यों में नकली पुलिस बन ठगी करने वाले नटवरलाल निसार और अफरीदी पाकिस्तान के बलूचिस्तान के रहने वाले हैं। दोनों 80 के दशक में ईरान और इराक के बीच चले युद्ध के दौरान भारत आ गए थे और यहाँ उत्तर प्रदेश के जिला जौनपुर में रहने लगे। दोनों ने यहाँ पर रहते हुए नकली पुलिस बन ठगी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया। दोनों ब तक चार राज्यों में 50 से ज्यादा ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। निसार और अफरीदी के इस गोरखधंधे का पर्दाफाश तब हुआ जब 16 जनवरी को ये पुलिस के हत्थे चढ़े।

पुलिस ने दोनों को तब गिरफ्तार किया जब वे ठगी के मंसूबे से मेरठ के सर्राफा व्यापारी के पास पहुँचे। कभी खुद को पुलिस तो कभी सेल्स टैक्स अधिकारी बताकर सर्राफा व्यापारियों के बैग की तलाशी लेने की आड़ में लूटपाट कर दोनों भाग जाते थे। महीने में चार वारदात करना उनका टारगेट होता था। दोनों आरोपित सीसीटीवी कैमरे में कैद थे, इसके बावजूद पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। इनके ऊपर 51 हजार रुपए का इनाम भी रखा गया था।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर

पुलिस के अनुसार पिछले काफी समय से सर्राफा बाजार में स्थानीय और बाहरी सर्राफा कारोबारियों से पुलिस की वर्दी में दो लोग ठगी और लूटपाट करते आ रहे थे। मगर पकड़ में नहीं आ रहे थे। इसको लेकर सर्राफा कारोबारी कई बार तीखा आक्रोश जता चुके थे। दोनों ठगी करते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे और उनके पोस्टर भी
सर्राफा बाजार में लगे हुए थे। गुरुवार (जनवरी 16, 2020) सुबह पुलिस की वर्दी में दो लोग बाइक से सर्राफा बाजार में घूम रहे थे। बाजार में मौजूद कॉन्सटेबल कुलदीप और आशू दिवाकर ने इन्हें देखा तो झट से पहचान लिया। दोनों पुलिस वालों को देखकर इन फर्जी पुलिसकर्मियों ने बाइक मोड़ ली तो कुलदीप और आशू ने पिस्टल निकाल ली और फिर इनका पीछा करते हुए धर दबोचा।

दोनों ठग कभी पुलिस की वर्दी पहनकर तो कभी सूट पहनकर चौराहे पर खड़े हो जाते थे और खुद को अफसर बताकर चेकिंग करते थे। इस शातिर बदमाशों को पकड़ने के लिए कॉन्सटेबल आशु दिवाकर को 5 हजार रुपए का इनाम दिया गया और साथ ही डीडीपी से भी उसे सम्मानित किए जाने किए जाने की संस्तुति की है।

पुलिस ने बताया कि दोनों ठग कुछ साल जौनपुर में रहने के बाद फर्रुखाबाद आकर रहने लगे थे, लेकिन ठगी का माल वो अब भी जौनपुर में ही बेचते थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों की निशानदेही पर 500 ग्राम सोना बरामद किया है। अफरीदी और निसार ने 24 अक्टूबर को मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन के पास सर्राफ सुरेश चंद से चेकिंग के नाम पर 400 ग्राम सोना लूट लिया था। पुलिस से पूछताछ के दौरान दोनों ने 50 से ज्यादा ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूली।

सीओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि दोनों का परिवार फर्रुखाबाद में सड़क किनारे झुग्गी डालकर रहता है। इससे पहले ये जौनपुर में रहते थे। पकड़े गए ठगों ने बताया कि उनके दादा बलूचिस्तान में रहते थे। मूल रूप से वे वहीं के रहने वाले हैं। ज्यादातर सोना जौनपुर के एक सर्राफा व्यापारी को बेचते थे। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।

6 महीने में 2 करोड़ रुपए की ठगी: बांग्लादेशी सलीम मोहम्मद को CCTV की मदद से पुलिस ने दबोचा

ठग ईसा खान ने पुलिस को कहा- ‘नौकरी करने से ज्यादा ठगी में आता है मजा, इसलिए करता हूँ’

चीखते रहे दरोगा लेकिन कार से 5Km तक घसीटता रहा युसूफ, ATM ठगी रैकेट का है सदस्य

7 साल की बच्ची से अब्दार और रफीकुल ने किया रेप, फिर गला घोंटकर तालाब में फेंका

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नौशेरा जिले से एक 7 साल की बच्ची का अपहरण और रेप के बाद हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना नौशेरा जिले के जियारत काका साहिब में शुक्रवार (जनवरी 17, 2020) को घटी। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों आरोपितों को स्थानीय लोगों ने पुलिस के हवाले किया। बताया जा रहा है कि पहले स्थानीय लोगों ने खुद आरोपितों को दंडित करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने पुलिस को सौंप दिया। आरोपितों की पहचान अब्दार और रफीकुल वहाब के रूप में हुई है।

मृतक बच्ची के चाचा मियाँ यूसुफ जहाँ के मुताबिक उनकी भतीजी घटना से एक दिन पहले दोपहर 3 बजे मदरसे गई थी। जब वह 4:30 बजे तक घर वापस नहीं लौटी तो घरवालों ने उसे तलाशना शुरू किया। साथ ही मस्जिदों से भी अनॉउंसमेंट करवाई, लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चला।

इसी दौरान बच्ची के घर के किसी शख्स ने दो लोगों को उसका गला दबाते देखा। ये दो लोग अब्दार और रफीकुल वहाब थे। स्थानीय लोगों को करीब आता देख दोनों आरोपितों ने लड़की को पानी के तलाब में फेंक दिया और वहाँ से फरार हो गए। बच्ची को खींचकर तलाब से बाहर निकाला गया, मगर बच्ची दम तोड़ चुकी थी। शव को तुरंत जिला हेडक्वार्टर अस्पताल भेजा गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसकी हत्या से पहले हुए रेप की पुष्टि की।

घटना की जानकारी होने के बाद बड़ी तादाद में स्थानीयों द्वारा आरोपितों को ढूँढा जाने लगा। इसके बाद शनिवार की देर रात जाकर दोनों आरोपित वहाँ के लोगों के हत्थे चढ़े। पहले स्थानीयों ने इन आरोपितों को खुद ही सजा देने की सोची, लेकिन बाद में इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।

लखनऊ में 6 साल की बच्ची से रेप, गले में चाकू घोंप हत्या: मामू अराफात को फाँसी

13 साल की बच्ची से बार-बार संभोग की इच्छा, मना करने पर हुसैन ने किया रेप और एनल सेक्स

ऑटो ड्राइवर ने चाकू लेकर किया 5 साल की बच्ची का रेप, ख़ून से लथपथ नाबालिग अस्पताल में

CAA पर रोक से SC का इनकार, केंद्र से 144 याचिकाओं पर 4 हफ्ते में माँगा जवाब

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर दाखिल 144 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (22 जनवरी 2020) को कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 4 हफ्तों में जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही ये भी कहा है कि इस कानून को लेकर असम और त्रिपुरा का मामला अलग से सुना जाएगा।

चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सीएए से संबंधित 144 याचिकाओं पर सुनवाई की।

सीएए की संवैधानिक वैधता को इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग, पीस पार्टी, असम गण परिषद, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन, जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द, जयराम रमेश, महुआ मोइत्रा, देव मुखर्जी, असदुद्दीन ओवैसी, तहसीन पूनावाला व केरल सरकार सहित अन्य ने चुनौती दी थी।

सीएए की सुनवाई के दौरान एक्ट को चुनौती देने वाले पक्ष की दलील रखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बुधवार को कोर्ट में कहा कि जबतक इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक इस को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। बता दें, कपिल सिब्बल ने इस दौरान संविधान पीठ के गठन की माँग भी की थी। इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि वह केंद्र की पूरी बात सुने बिना एकतरफा आदेश नहीं दे सकते हैं।

चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी याचिकाओं को केंद्र के पास पहुँचना जरूरी है। इसके अतिरिक्त सिब्बल की निलंबन वाली दलील पर चीफ जस्टिस बोबडे ने कहा कि यह एक तरीके से रोक की ही बात होगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि असम और त्रिपुरा से दाखिल CAA विरोधी याचिकाओं की अलग से सुनवाई होगी। अब कोर्ट में इस मामले पर इससे ज्यादा याचिका दाखिल नहीं होगी।

असम, त्रिपुरा पर अलग से सुनवाई

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने इस सुनवाई के दौरान कहा कि हम सरकार से कुछ अस्थायी परमिट जारी करने के लिए कह सकते हैं। वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने असम में अधिनियम के कार्यान्वयन के संबंध में एक पूर्व आदेश की माँग की। उन्होंने कहा कि असम की स्थिति अलग है, पिछली सुनवाई के बाद से 40,000 लोग असम में प्रवेश कर चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सीएए के ख़िलाफ़ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट में भीड़ का सवाल उठाते हुए कहा कि कोर्ट का मौहाल शांतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने अमेरिका और पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम के अंदर आगुंतकों के नियम का हवाला भी दिया।

केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कहा कि सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं में से करीब 60 की प्रतियाँ सरकार को दी गई हैं। इन्हीं प्रतियों पर अभी तक उन्होंने जवाब तय किया गया है, जबकि कोर्ट में 144 याचिका दायर की गई है। वेणुगोपाल ने इस दौरान कोर्ट से अब और याचिका न दाखिल करने की माँग उठाई। लेकिन शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में वह जल्दबाजी में कोई आदेश नहीं दे सकती।

गौरतलब है कि इससे पहले गत 9 जनवरी को चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर देशभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए कहा था कि वह इस मामले में तभी सुनवाई करेंगे जब हिंसा रुकेगी। साथ ही शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है। 

वामपंथियों और कॉन्ग्रेसी सरकारों की सिब्बल ने खोली पोल, कहा- CAA लागू करने से मना नहीं कर सकते राज्य

CAA समर्थन रैली में अमित शाह ने विपक्ष पर साधा निशाना, डंके की चोट पर कहा- नहीं वापस होगा कानून

CAA-NRC के विरोध में भाषण देते हुए RJD सांसद अशफाक की गिरी पैंट, लोगों ने कहा- हम भी देखेंगे

8 साल के आतंकी ने ईसाई का सिर उड़ाया, कहा- बदला पूरा होने तक नहीं रुकेंगे: रिपोर्ट्स

पश्चिमी अफ्रीका के नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट और बोको हराम के आतंकियों की नई बर्बरता सामने आई है। आठ साल के एक आईएस आतंकी ने एक ईसाई की गोली मारकर हत्या कर दी। आतंकी संगठन की न्यूज एजेंसी अमाक ने इस घटना का वीडियो जारी किया है। एक अन्य घटना में एक पादरी का सिर कलम कर दिया गया। इससे एक महीने पहले भी आईएस आतंकियों ने 11 ईसाइयों का सिर कलम कर दिया था।

डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, अमाक द्वारा जारी की गई हालिया वीडियो में एक नाइजीरियन ईसाई व्यक्ति को ISIS से जुड़ा एक छोटा सा लड़का मारता दिख रहा है। उसकी उम्र महज 8 साल लग रही है। 8 साल का यह आतंकी वीडियो में ईसाई समुदाय के लोगों को धमकी भी दे रहा है कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक वह उन सभी खूनों का बदला नहीं ले लेते जो उनके लोगों का बहाया गया।

गौरतलब है कि अमाक एजेंसी द्वारा जारी इस हालिया वीडियो में से फुटेज काटकर आतंकी संगठन की गतिविधियों पर नजर रखने वाली एजेंसी एसआईटीई ने ऑनलाइन शेयर किया है। ये वही समूह है जो जिहादी आतंकी की गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखता है। साथ ही दुनिया को इस्लामिक बर्बरता के बारे में भी बताता हैं।

इस घटना के अलावा बता दें बोको हरम में इस्लामिक आतंकियों द्वारा एक पादरी को मारे जाने की खबर भी आई है। जानकारी के मुताबिक अंदिमी नामक पादरी के अपहरण की सूचना आधिकारिक तौर पर 3 जनवरी को मिली थी। बाद में इस्लामिक कट्टरपंथी समूह मिशिका ने इस अपराध की जिम्मेदारी ली थी और साथ ही अंदिमी के अपहरण के कुछ दिन बाद उनकी फिरौती के लिए वीडियो शेयर की थी। जिसमें ईसाई नेताओं और राज्य सरकार से उनकी रिहाई पर अपनी कुछ शर्त रखी थी।

हालाँकि इस्लामिक कट्टंरपंथियों की बर्बरता को अच्छे से जानते-समझते हुए भी अंदिमी वीडियो में बिलकुल डरे नहीं थे। उन्होंने उस वीडियो में ईश्वर पर विश्वास जताते हुए कहा था कि अगर भगवान ने चाहा तो वो जल्द ही अपनी पत्नी, अपने बच्चों और अपने साथियों के साथ होंगें। अगर ऐसा नहीं होता तो शायद ये भी भगवान की मर्जी होगी। लेकिन, अफसोस क्रिश्चियन पोस्ट की खबर के अनुसार सोमवार को स्थानीय सूत्रों ने खुलासा किया कि अंदिमी की अब हत्या की जा चुकी हैं। संबिसी के जंगलों में उनका सर कलम कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उन्हें इसलिए मारा क्योंकि उन्होंने अपनी आस्था के साथ समझौता करने से मना कर दिया था और दूसरा वह अपनी रिहाई के लिए पैसा नहीं जुटा पाए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने अंदिमी को छोड़ने के लिए 2 मिलियन यूरो की माँग की थी। लेकिन चर्च के लोग इतना पैसा जुटा पाने में असफल रहे। नाइजीरिया के पत्रकार अहमद सलकीदा के अनुसार अंदिमी का सिर सोमवार की दोपहर कलम किया गया। इसकी सूचना मिलते ही उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखा और बताया कि उन्हें इस घटना का एक वीडियो मिला है।

ISIS से मुक्त हुई यज़ीदी लड़कियाँ, जलाए बुरखे; ISIS लक्षण है, बीमारी नहीं

बिन बुर्क़े बाहर जाओगी तो हल्ला मच जाएगा: आईसिस ने यज़ीदी सेक्स स्लेव से यही कहा

शरिया का जानकार ISIS का सरगना: यजीदी बच्चियों से रेप, उन्हें सेक्स स्लेव बनाने का दिया था हुक्म

‘कॉन्ग्रेस नेताओं के कारण हुआ देश का बँटवारा, देशभक्ति दिवस के रूप में मनाई जाए नेताजी की जयंती’

पश्चिम बंगाल भाजपा उपाध्यक्ष और आज़ाद हिन्द फ़ौज के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने मंगलवार (जनवरी 21, 2019) को कहा कि देश का बँटवारा कॉन्ग्रेस के सांप्रदायिक नेताओं के कारण हुआ। साथ ही उन्होंने नेताजी का जन्मदिन देशभक्ति दिवस के रूप में मनाए जाने की मॉंग की है।

चंद्र कुमार बोस के मुताबिक जिन्ना शुरुआत में धर्मनिरपेक्ष थे और वे विभाजन नहीं चाहते थे। लेकिन, कॉन्ग्रेस ने उन्हें इसके लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि जब जिन्ना को लगा कि वे भारत में सत्ता में साझीदार नहीं बन सकते तो उन्होंने 1940 में लाहौर सम्मेलन में पाकिस्तान के मुद्दे को उठाया।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के सांप्रदायिक नेताओं के कारण भारत विभाजित हो गया। सरदार पटेल, पंडित (जवाहरलाल) नेहरू और यहाँ तक कि महात्मा गाँधी ने भी इस विभाजन को न चाहते हुए स्वीकार किया। 1955 तक पाकिस्तान एक धर्मनिरपेक्ष राज्य था। जिन्ना का निधन होने के बाद वह इस्लामिक राज्य बन गया। लेकिन भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य रहा और यही भारत की आत्मा है।”

उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को ‘देशभक्ति दिवस’ घोषित करने की माँग भी की। इसको लेकर एक मार्च में भाग लिया। बोस ने कहा कि ‘जय हिंद’ एक नारा था जिसका इस्तेमाल आजाद हिंद सरकार और आजाद हिंद फौज में किया गया था। उन्होंने कहा, “यह सभी धर्मों, सभी समुदायों, सभी जाति और पंथों को एक करता है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को ‘जय हिंद’ का उपयोग करना चाहिए। इससे कोई कठिनाई या कोई समस्या नहीं होगी।”

बोस ने कहा, “हम हिंदू नहीं हैं, हम मुस्लिम नहीं हैं, हम सिख नहीं हैं, हम बौद्ध नहीं हैं, हम भारतीय हैं। आजाद हिंद फौज की भावना को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के लोग और युवा नेता, नेता जी की विचारधाराओं के लिए उठे, समावेशी हो, धर्मनिरपेक्ष हो और एक हो।”

‘कुछ लोग नहीं चाहते मेरे पिता की मौत का रहस्य सुलझे’, बोस की बेटी ने की मोदी से अस्थियों के DNA टेस्ट की माँग

DU में लगी सावरकर-बोस-भगत सिंह की प्रतिमा, प्रपंची लिबरल्स के आँसुओं से यमुना में बाढ़

कहानी राजर्षि की: जिसे बोस और पटेल की तरह कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का पद त्यागना पड़ा, कारण- नेहरू

बंगाल: माँ काली की मूर्ति तोड़ बदमाश फरार, 8वीं बार मंदिर में चोरी का प्रयास

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में अराजक तत्वों द्वारा शिव शक्ति काली मंदिर की मूर्तियों को तोड़ने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक अज्ञात बदमाश मंदिर में चोरी करने के लिए आए थे, मगर चोरी में नाकाम होने के बाद उन्होंने मंदिर की मूर्तियों को छिन्न-भिन्न कर दिया। इस घटना से इलाके के लोगों में काफी रोष है।

अपराधी जेवर चुराने की नीयत से मंदिर में घुसे थे। बताया जा रहा है कि मंंदिर में आठवीं बार चोरी की कोशिश की गई है। इससे पहले भी सात बार बदमाशों ने मंदिर में चोरी करने का प्रयास किया था। मंगलवार (जनवरी 21, 2019) को हुई वारदात की सूचना मिलने पर न्यू जलपाईगुड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुँची। हालाँकि, पुलिस को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। फिलहाल पुलिस 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

पूरे मामले का खुलासा मंगलवार सुबह पुजारी के मंदिर पहुँचने पर हुआ। रोज की तरह सोमवार रात को पुजारी मंदिर बंद कर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब मंदिर का दरवाजा खोला गया तो नजारा देखकर हक्के-बक्के रह गए। इसके बाद चोरी की खबर पूरे इलाके में फैल गई और लोगों का आक्रोश बढ़ गया। आशंका जताई जा रही है कि चोर माँ काली की मूर्ति से जेवर चुराने के लिए आए होंगे और दरवाजा बंद होने की वजह से उन लोगों ने किसी लाठी या डंडे के सहारे उन जेवरों को निकालने का प्रयास किया होगा। इसी दौरान मूर्ति गिर कर टूट गई होगी। इसके बाद चोर वहाँ से फरार हो गए।

लोगों को पुलिस से भी इस बात की नाराजगी है कि 7 बार चोरी का प्रयास करने के बाद भी अभी तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले की चोरी को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

मंदिर की दीवार पर ख़ून से लिख दिया नाम, इलाके में तनाव: ‘कसाई’ की दुकान पर काम करने वाला गिरफ़्तार

मंदिर में तोड़फोड़, हिंदुओं के घरों को जलाया: मुस्लिमों की भीड़ का कहर, देखती रही पुलिस

शिव मंदिर में फेंके प्रतिबंधित मांस के टुकड़े, बीफ के कारण पहले भी इस इलाके में हुआ था बवाल

झाड़फूँक के नाम पर मौलवी कलीम शेख समेत 4 ने किया गैंगरेप, पीड़िता को जान से मारने की दी धमकी

झारखंड के विष्णुगढ़ के गैडा इलाके में मंगलवार (जनवरी 21, 2019) को एक मौलवी समेत 4 लोगों पर एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। कोडरमा निवासी महिला का कहना है कि मौलवी सहित अन्य आरोपितों ने नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ बलात्कार किया। महिला के मुताबिक पूरी घटना पिछले साल अक्टूबर की है, जब वह काफी बीमार थी। इसी दौरान आरोपितों ने उसका रोग ठीक करने का झाँसा देकर उसका फायदा उठाया और बाद में जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपितों की पहचान मौलवी सबदर बाबा उर्फ़ कलीम शेख, आमिर बाबा, नसीब बाबा एवं शहबान बाबा के रूप में हुई है। महिला ने अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए आरपितों पर कड़ी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा की माँग की है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले के संबंध में प्राथमिकी दायर कर ली है।

महिला ने अपनी शिकायत में सभी आरोपितों का नाम बताते हुए कहा कि कुछ समय पहले उसे शारीरिक परेशानी रहती थी। इसी बीच उसके एक जानकार आमिर शेख नामक व्यक्ति ने उसे बाबा के यहाँ जाकर इलाज़ कराने की सलाह दी। आमिर के सुझाव पर ही वह पहली बार इलाज के लिए अगस्त महीने में गैडा आई और झाड़फूँक कराई।

दैनिक जागरण के हजारीबार संस्करण में 22 जनवरी 2020 को प्रकाशित खबर

महिला के मुताबिक झाड़फूँक के बाद उसे पानी पीने को दिया गया और 20 दिन बाद वापस आने को कहा गया। महिला अक्टूबर में जब दोबारा गई तो सभी आरोपित वहाँ पहले से मौजूद थे। उसे फिर वही पानी पीने को दिया गया। लेकिन इस बार वह पानी पीकर बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो उसका पूरा बदन टूट रहा था और कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे। अपनी हालत देखते ही उसे समझ आ गया कि उसका रोग ठीक करने के बहाने किस घिनौने काम को अंजाम दिया गया। महिला ने तुरंत आरोपितों से उनके ख़िलाफ़ शिकायत करने की बात कही। लेकिन उन लोगों ने मुँह खोलने पर पीड़िता के बच्चे को जान से मारने की धमकी दी।

हिंदुस्तान के हजारीबाग संस्करण में प्रकाशित संबंधित खबर

पीड़िता के अनुसार आरोपित उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उस घटना का उस पर ऐसा असर हुआ कि वो हमेशा आत्मग्लानि में रहने लगी और आत्महत्या का भी विचार बनाया। उसने सोचा कि अगर वो चुप रही तो ये दरिंदे किसी और को अपना निशाना बनाएँगे। इसके बाद उसने इनके ख़िलाफ़ एफआईआर करवाई। शिकायत में महिला ने दावा किया कि कई और महिलाएँ भी इन दरिंदों की हैवानियत का शिकार हुई हैं, लेकिन वे उनके सामने नहीं आना चाहती।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में आरोपितों के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। घटना के बाबत विष्णुगढ़ के थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्हें महिला की शिकायत मिली है। जिसके आधार पर उन्होंने एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही मामले की जाँच शुरू हो चुकी है। जाँच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।

₹5,000 के लिए अब्दुल ने 13 साल की बच्ची से किया रेप, ₹2500 के लिए महिला से गैंगरेप

बंगाल में 17 साल की लड़की को गैंगरेप के बाद जलाया, मास्टरमाइंड महबूर मियाँ समेत 3 गिरफ्तार

10वीं की छात्रा के साथ गैंगरेप का प्रयास, असफल होने पर मार दी गोली: आजाद खान समेत 4 गिरफ्तार

10 बच्चों के बाप फारूक को हुआ इश्क, महिला ने बनाई दूरी तो जिंदा जला डालने को फूँक दिया घर

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 10 बच्चों के बाप ने एकतरफा इश्क़ में एक महिला को उसके बच्चों के साथ जिंदा जला देने की कोशिश की। इस घटना में महिला और उसके दो बच्चे झुलस गए।

मामला खरखौदा थाना क्षेत्र के जाहिदपुर का है। यहाँ पुलिस ने महिला और उसके 6 बच्चों को जिंदा जलाने के मामले का खुलासा किया। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने घटना का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपित फारूक 58 साल का है। 10 बच्चों का पिता फारूक कायस्थ बढ़डा का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि फारूक का एक शादीशुदा महिला से प्रेम संबंध था। कुछ दिनों से महिला फारूक की बात नहीं मान रही थी। इसी से नाराज होकर फारूक ने पेट्रोल डालकर महिला के घर को आग लगा दी।

फारूक जाहिदपुर में एक गोदाम में चौकीदारी करता था। गोदाम के पीछे ही महिला अपने 6 बच्चों के साथ रहती थी। उसका 7 साल से पति से विवाद चल रहा था। वो अपने पति से अलग रहती है। फारूक का महिला के घर आना-जाना था। फिर वह उसे पसंद करने लगा था। उसने बताया कि 2 साल से चौकीदारी में मिलने वाला सारा पैसा महिला और उसके परिवार पर वह खर्च कर देता था।

फारूक उस महिला से एकतरफा इश्क करता था। वह परिवार को छोड़कर जाहिदपुर में ही रहने लगा था। मगर महिला ने फारूक के चाल-चलन को देखते हुए उससे किनारा करना शुरू कर दिया था। उसके बच्चों ने भी उसे तवज्जो देना बंद कर दिया। फारूक को यह नागवार गुजरा और उसने परिवार को जिंदा जलाकर मारने का प्लान बनाया।

पुलिस ने बताया कि फारूक की महिला की बड़ी बेटी पर भी नीयत खराब थी। एक बार बकरी चराने के लिए जाते समय फारूक ने उसके साथ अश्लीलता भी की थी। उसी दिन से महिला फारूक से सतर्क हो गई थी। इसी बात को लेकर फारूक बौखलाया हुआ था। आरोपित फारूक ने बताया कि महिला की बेटी का पड़ोसी केे घर आना-जाना था। जब फारूक ने उसे रोकने की कोशिश की तो महिला ने उसे निजी जिंदगी में न झाँकने की सलाह दी। इसको लेकर फारुक गुस्से में आ गया।

फारूक ने यह भी बताया कि वह सेक्सवर्धक दवाइयाँ लेता था। इसके बावजूद महिला उसको भाव नहीं देती थी। तभी से उसके मन में नफरत भर गई थी और उसने इस वारदात को अंजाम दिया। फारूक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूलते हुए कहा, “13 जनवरी की शाम मैं उसके घर गया। इसके बाद रात में पीछे की दीवार में बने रोशनदान से मकान में पाइप के जरिए पेट्रोल डालकर आग लगा दी।”

खरखौदा इंस्पेक्टर मनीष बिष्ट ने बताया कि महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई गई। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, जिसमें फारूक का नाम सामने आया। इसके बाद शक के आधार पर उसे उठाया गया। बाद में पूछताछ में उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

मुस्लिम महिला ने धर्म परिवर्तन कर मंदिर में की शादी, परिजन दे रहे हैं दम्पति को ज़िंदा जलाने की धमकी

मुस्लिम लड़के से प्यार और शादी का प्लान बाप को पसंद नहीं, बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े-टुकड़े