इन 2 शिक्षकों के खिलाफ कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया ने प्रदर्शन किया। इसी संगठन ने ऊँ और माता सरस्वती की तस्वीर पर आपत्ति जताते हुए शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए स्कूल के अधिकारियों पर दबाव बनाया। कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का मूल संगठन इस्लामी कट्टरपंथी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) है।
“वर्तमान में राम जन्मभूमि के 67 एकड़ के परिसर में कोई कब्रिस्तान नहीं है।” - जिला प्रशासन ने यह प्रतिक्रिया एक पत्र के जवाब में दी है, जिसमें कहा गया था कि बाबरी स्थल के आसपास कब्रिस्तान है।
"सभी 10 हमलावरों के पास फर्जी हिंदू नाम वाले आईकार्ड थे। कसाब को जिंदा रखना पहली प्राथमिकता थी। क्योंकि वो 26/11 मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था। उसे मारने के लिए ISI, लश्कर-ए-तैयबा और दाऊद इब्राहिम गैंग ने..."
ऑपइंडिया किसी भी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा नहीं देता। चप्पल मारना भले ही किसी की खीझ की अभिव्यक्ति हो सकती है, वो एक विरोध का तरीका हो सकता है, लेकिन यह तरीका सही नहीं है, भले ही देश विरोधी वामपंथी ही इसका शिकार क्यों न हो रहे हों।
"हिन्दुस्तान की हुकूमत ने नागरिकता संशोधन बिल वापस नहीं लिया तो गलियों में खून बह जाएगा। दंगे-फसाद हो जाएँगे। हम अल्लाह के बंदे हैं, जो कह देते हैं, वो हो जाता है।"
केरल के आर्थिक विभाग ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि करुणा म्यूजिक कॉन्सर्ट के नाम पर कोच्चि म्यूजिक फाउंडेशन की ओर से किसी तरह की कोई डोनेशन CMDRF को प्राप्त नहीं हुई है।
"साल 1855 के दंगों में 75 मुस्लिम मारे गए थे और सभी को यहीं दफन किया गया था। ऐसे में क्या राम मंदिर की नींव मुस्लिमों की कब्र पर रखी जा सकती है? इसका फैसला ट्रस्ट के मैनेजमेंट को करना होगा।"
इस कार्यक्रम का मकसद देश के व्यस्ततम 400 रेलवे स्टेशनों पर तेज गति से फ्री पब्लिक वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवाना था। इस प्रोजेक्ट को 2020 के मध्य तक पूरा किया जाना था। जून 2018 में ही यह लक्ष्य पूरा हो गया था।
मोहम्मद शहंशाह और एस सौम्या ने निकाह के दौरान रस्में निभाने की बजाए सीएए और एनआरसी के विरोध की शपथ ली। शहंशाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसे ये निकाह तो कबूल है लेकिन सीएए कबूल नहीं है। कई प्रदर्शनकारी निकाह के दौरान मौजूद थे।
मृतक की पत्नी हैंडपप से पानी लेकर बर्तन धो रही थी। कथित तौर पर रेंजर ने जातिसूचक गाली देनी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर एक महिला अधिकारी ने सरोज की बेटी को बाल पकड़ घसीटना शुरू कर दिया। यह देख बीच-बचाव के लिए सरोज का पति दौड़ा, जिसकी गोली मार हत्या कर दी गई।
"पुलिसकर्मियों पर हमले किए जाने को कभी सही नहीं ठहराया जा सकता है। वर्दी में ड्यूटी पर लगे पुलिसवालों पर हमले करने के पक्ष में मैं कोई भी तर्क बर्दाश्त नहीं करूँगा। मैं तो कहता हूँ कि इसके बचाव में कोई तर्क हो ही नहीं सकता।"
मदरसे मजहबी तालीम के केंद्र हैं। अमूमन इसमें मुस्लिम समुदाय के बच्चे ही पढ़ते हैं। लेकिन, बंगाल में हिंदू बच्चों की तादाद भी अच्छी-खासी है और वह साल दर साल आश्चर्यजनक तौर पर बढ़ रही है। आखिर इसकी वजह क्या है?
राहुल गाँधी ने बेशर्मी से दावा कर दिया कि एक-एक महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में खड़े होकर मोदी सरकार को ग़लत साबित कर दिया। वे भूल गए कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार नहीं, मनमोहन सरकार लेकर गई थी।
मैग्सेसे विजेता के साथ-साथ उनके 9 अन्य साथियों को भी पुलिस ले गई है, जो क्षेत्र में शांति भंग करने का प्रयास कर रहे थे। वे बिना अनुमति लखनऊ के घंटाघर से गोमती नगर तक मार्च भी निकालने वाले थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने तिहाड़ जेल अधीक्षक और निर्भया के माता-पिता की याचिका पर करीब एक घंटे तक चली सुनवाई के बाद नया डेथ वारंट जारी किया। यह तीसरा डेथ वारंट है। इससे पहले 22 जनवरी को और फिर एक फरवरी को फॉंसी के लिए डेथ वारंट जारी हो चुके हैं।
लड़की के साथ हैवानियत का खुलासा तब हुआ जब लड़की के जख्म स्कूल की टीचर ने देखे। टीचर ने ही बच्ची से उसके जख्मों के बारे में सवाल किया और सारी बात जानने के बाद चाइल्डलाइन को सूचित किया।
इस्लामिक आतंकवाद के कारण बीते साल बुर्किना फासो और उससे सटे नाइजर तथा माली में करीब 4000 लोगों की मौत हुई थी। करीब 600,000 लोग मजबूर होकर अपना ही घर छोड़कर भाग चुके हैं।
राज्यों के धर्मार्थ विभाग कमाते तो मंदिरों से हैं, लेकिन उससे हज हाउस बनवाते हैं। ये वही पैसा है, जिससे मस्जिदों के इमामों को सैलरी दी जाती है। अगर उस करोड़ों की कमाई के बदले में सरकार किसी हिंदू देवी-देवता को ट्रेन में एक सीट दे देगी तो एहसान नहीं करेगी। और यह होना भी चाहिए।
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उनके पास पासपोर्ट, वोटर आईडी और आधार कार्ड जैसे जो कागज़ात हैं, वो उनकी नागरिकता साबित करने के लिए काफ़ी नहीं होंगे। सवाल ये उठता है कि नसीरुद्दीन से नागरिकता साबित करने को कहा किसने है?
राँची में आयोजित विशाल कार्यक्रम में पूर्व सीएम की हुई घर वापसी। बकौल शाह, 2014 में बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद भी उन्होंने मरांडी को पार्टी में लाने का प्रयास किया था।
प्लेटफॉर्म पर मौजूद पब्लिक ने लुटेरों में से एक 26 वर्षीय मो. इब्राहिम शेख को मौके से धर दबोचा, जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। जबकि उसका साथी मौके से भागने में कामयाब हो गया।
आईआरसीटीसी ने कहा है कि स्टाफ ने पूजा के लिए ट्रेन की एक सीट पर श्री महाकाल की तस्वीरें रख दी थीं। यह सिर्फ ट्रेन के उद्घाटन के समय के लिए ही था। ट्रेन में कोई भी सीट श्री महाकाल के लिए आरक्षित नहीं होने जा रही है।
लखीसराय के गाँधी मैदान में सभा करने पहुँचे कन्हैया कुमार को नारंगी शर्ट पहने एक युवक ने चप्पल फेंक कर मारा। चप्पल फेंक कर मारने वाले युवक का नाम चंदन कुमार है। पुलिस ने आरोपित युवक को कन्हैया समर्थकों की मार से बचाते हुए हिरासत में ले लिया।
शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन को मध्यस्थ नियुक्त किया है। CAA विरोध के नाम पर दो महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शनकारियों ने रास्ता बंद कर रखा है।
"आज से कुछ सालों बाद 30 करोड़ मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ कर 60 करोड़ हो जाएगी और इस्लाम-मुक्त भारत का सपना देखने वालों के बाल-बच्चे जिन्दा रहे तो वो देखेंगे कि भारत में हर तरफ इस्लामी हुकूमत का ही झंडा लहराएगा।"
टीजे जोसेफ उस प्रोफेसर का नाम है जो अपनी ही समुदाय का मारा है। बकौल जोसेफ, चर्च ने उनका साथ नहीं दिया। उन्हें आधिकारिक तौर पर बहिष्कृत कर दिया। उनकी पत्नी, दो बच्चे और बुजुर्ग माँ को भी हाशिए पर खड़ा कर दिया।
मुजीब ने दावा किया है कि वो लाइब्रेरी में बैठ कर पढ़ाई कर रहा था, तभी पुलिस ने उसकी पिटाई की। उसकी दोनों टाँगें टूट गई। इलाज पर 2.5 लाख रुपए खर्च हुए हैं। उसकी याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है।
जिस प्रकार टेडी बियर, गुलाबों की चकाचौंध के पीछे प्रियतमा के द्वारा पकाया हुआ आलू का पराठा, और जानूँ के द्वारा कराया गया मुफ़्त फ़ोन रिचार्ज ही वो शक्ति है जो प्रेमसंबंधो में माधुर्य बनाए रखता है, बड़े-बड़े नारों के पीछे मुफ़्त संसाधनों का वचन और अपने वालों को जात-धर्म के झंडे के नीचे बाँधकर भीड़ जमा करने का माद्दा ही नेता और मतदाता के मध्य प्रेम को बनाए रखता है।
एकजुट जम्मू नामक संगठन ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इसके मुताबिक जम्मू में सुनियोजित तरीके से लैंड जिहाद को अंजाम दिया गया और अपने ही इलाकों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए। फारूक अब्दुल्ला और गुलाम नबी आजाद की छत्रछाया में इसे अंजाम दिया गया।
महाकाल एक्सप्रेस की शुरुआत 20 फरवरी से होनी है। ट्रेन की एक सीट भगवान महाकाल के लिए आरक्षित है, जिस पर शिव मंदिर बनाया गया है। ट्रेन के बी5 कोच की सीट नंबर 64 पर इस मंदिर को स्थापित किया गया है।
जामिया हिंसा के विडियो में से एक चेहरा पहचान (सूत्रों के अनुसार) लिया गया है। जिस शख्स का चेहरा वायरल हुआ है, उसका नाम मो. अशरफ भट है। यह जामिया में PhD का स्टूटेंड है। लेकिन फिलहाल गायब है। ऑनलाइन-ऑफलाइन, कहीं भी इसकी कोई जानकारी नहीं है।
अजय माकन के ट्वीट पर पलटवार करते हुए मिलिंद देवड़ा ने उनके राजनीतिक मंशे पर ही सवाल खड़े कर दिए। मिलिंद ने कहा, "अगर आपने AAP के संग गंठबंधन की वकालत के बजाय शीला दीक्षित (जिनके कामों पर आपने हमेशा निशाना साधा) के कामों को जनता के बीच ले जाते तो आज हम सत्ता में होते।"
"अगर औरंगजेब की जगह वह शहंशाह होता, तो क्या अलग भारत होता? ये धारणाएँ मुगल इतिहास की मिसप्लेस्ड अंडरस्टैंडिंग की वजह से आ रही हैं। उन्हें एक अच्छा मुस्लिम बनाया गया है लेकिन उनकी कब्र की खोज क्यों हो रही है?”
भाजपा के नेता ही दिल्ली के चुनाव में पार्टी की दुर्गति चाहते थे। उन्हीं के नेता चाहते थे कि भाजपा को अच्छे नतीजे न मिलें। मुख्यमंत्री गहलोत के मुताबिक भाजपा के नेता मन ही मन कह रहे थे कि इन्हें कोई सबक मिलना चाहिए।
पहले एडिटेड वीडियो के जरिए दिल्ली पुलिस को बदनाम करने और दंगाइयों को पाक-साफ बताने की कोशिश की गई। हालॉंकि समय बीतने के साथ पूरी तस्वीर पलट गई और लिबरलों के प्रपंच का किला रेत की महल के माफिक ढह गया।
रवीश समेत कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस डंडे क्यों मार रही है? भाई, हाथ में पत्थर ले कर घूमने वाले और बसों में आग लगाने वाले छात्र नहीं, फसादी होते हैं। उनसे अपराधियों की तरह ही निपटना चाहिए।
इस विश्वविद्यालय का प्रारम्भिक बजट 5 मिलियन डॉलर का है, जो प्राचीन भारतीय पद्धति पर शोधों को भी बढ़ावा देगी। एचआर नरेंद्र को यूनिवर्सिटी का चेयरमैन और श्री श्रीनाथ को प्रेसीडेंट बनाया गया है।
प्रशांत सिंह को 'कायर' बताते हुए 'भूसा भर के पर्दा गिरा देने' की धमकी भी दी जा रही है। बिलाल ख़ान नामक सपा कार्यकर्ता ने प्रशांत को 'मोदी का कुत्ता, शाह का रखैल और योगी की नाजायज औलाद' जैसे आपत्तिजनक तमगों से नवाजा है।
भीमा-कोरेगॉंव मामले की जॉंच एनआईए को सौंपे जाने के बाद गठबंधन सरकार का मतभेद गहरा गया है। पवार ने अपने मंत्रियों की आनन-फानन में बैठक बुलाई है। इसके बाद से अटकलों का बाजार गरम है।
हाथ में पत्थर लेकर और चेहरे पर नकाब बाँध कर लाइब्रेरी में कौन सी पढ़ाई की जाती है, ये जामिया के उपद्रवी ही बता पाएँगे। वीडियो में कुछ उपद्रवियों को पत्थर लेकर लाइब्रेरी में घुसते हुए देखा जा सकता है। ये वो दंगाई हैं, जो 15 दिसंबर को पुलिस से बचने के लिए यहाँ छिपे थे।
एडिटेड वीडियो को गिरोह विशेष ने वायरल किया। तथाकथित लिबरल पत्रकारों ने इस वीडियो के सहारे न सिर्फ़ दिल्ली पुलिस को क्रूर और अत्याचारी साबित करने का झूठा प्रयास किया, बल्कि जामिया नगर के दंगाइयों को भी पाक-साफ़ बताने की कोशिश की।
70 में से 62 सीटें खाते में जाने का तो कम से कम यही संदेश है कि सुल्तान अपने अस्तबल में न होकर एक ऐसे आदमी के साथ चने खा रहा है, जिसने उसे वायदों के सिवाय और कुछ नहीं दिया।
आरा में हुए पथराव के बाद कन्हैया कुमार को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों ने कई लोगों को कुचल दिया था। हमले के सिलसिले में शिवसेना के महासचिव विक्रमादित्य और संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
नए वीडियो में देखा जा सकता है कि लाइब्रेरी के दरवाजे पर एक व्यक्ति खड़ा है, जो भाग कर आ रहे नकाबपोशों को अंदर घुसा रहा है। जाहिर है पुलिस ने यूँ ही किसी पर कार्रवाई नहीं की। उसने उपद्रवियों को चिह्नित कर एक्शन लिया।
"दो दिन के बाद भी इस विषय पर सरकार और केरल के डीजीपी लोकनाथ बेहेरा जिन पर कैग रिपोर्ट में आरोप लगाए गए हैं ने पूरी तरह चुप्पी ओढ़ ली है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि वे इस पर असेंबली में बयान देंगे, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।"
जैसे ही जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी ने इस वीडियो को रिलीज किया, लिबरल सेक्युलर मीडिया गैंग के कथित पत्रकारों ने इसे हाथों-हाथ लेते हुए प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। मीडिया गैंग के अनुसार इस वीडियो में साफ़ नजर आ रहा है कि पुलिस ने ही पहले छात्रों पर बर्बरता दिखाई, जिसके बाद कैंपस में हिंसा भड़की। लेकिन कहानी कुछ और ही है।
पीएम ने बीएचयू में एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। 430 बेड वाला ये अस्पताल 21 महीनों में बन कर तैयार हुआ है। सीएए और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फ़ैसलों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
राजनीति में प्रतीकों के गहरे मायने होते हैं। केजरीवाल ने शपथ लेते वक्त संदेश दे दिया है कि चुनाव के दौरान पैदा हुई हनुमान भक्ति फिलहाल चलती रहेगी। तब तक आप की टोपी की जिम्मेदारी नन्हे अव्यान तोमर के सिर पर होगी।