पीएम मोदी ने लंबी उड़ानों के लिए केवल रात के समय यात्रा करने की प्रथा शुरू की, जो विदेशों में बिताए दिनों की संख्या को कम कर देता है और होटलों में ठहरने की अवधि में भी कटौती करता है।
इस तरह के बयानों का उस समय आना जब लोकसभा के चुनाव नज़दीक हों साफ दर्शाता है कि वो व्यावहारिक स्तर पर एक निश्चित व्यक्ति के ख़िलाफ़ कैम्पेनिंग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अगस्ता वेस्टलैंड के मामले में आरोपित बिचौलिया मिशेल को रक्षा मामले में कैबिनेट की मीटिंग और रक्षा से जुड़े सरकार की गुप्त फ़ाइलों के बारे में कैसे पता चल जाता था।”
S-400 सतह से हवा में मार करने वाला एयर डिफेन्स मिसाइल सिस्टम है जिसका अर्थ होता है ऐसी मिसाइल जो हवा से आक्रमण कर रहे किसी भी हथियार को मार गिराने में सक्षम हो। S-400 बैलिस्टिक और गाइडेड दोनों प्रकार की मिसाइलों से हमारी रक्षा कर सकने में सक्षम है। यही नहीं S-400 मानव रहित विमानों और लड़ाकू विमानों को भी मार गिराने में भी सक्षम है।
राहुल गाँधी का जयपुर में दिया गया बयान महिला-विरोधी है। उनकी ओछी मानसिकता का परिचायक है। और ट्विटर पर उस बयान के बचाव में एक और सेक्सिस्ट बयान देना उनकी छोटी सोच को दर्शाता है।
हालाँकि छद्म-लिबरलों और वामपंथी मीडिया गिरोह ने इसे 'डिस्सेंट', यानि 'असहमति की अभिव्यक्ति' बताते हुए सरकार को घेर लिया कि 'फ़्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन' या 'अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार का हनन किया जा रहा है।
राज्यसभा में भी विधेयक पारित हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए ट्विटर पर जनता को बधाई दी
अब तक ये इसलिए ख़ारिज होता रहा है क्योंकि संविधान में इसका प्रावधान ही नहीं किया गया था। इस बार संविधान में इसका प्रावधान किया गया है, इसलिए यह संविधान सम्मत है।
सरकार के पक्ष को सुनने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय की याचिका को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख़ 28 फ़रवरी तय कर दी है।
देश में केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोग ही प्रभावित नहीं है, बल्कि वो लोग भी प्रभावित है जिनके जाति प्रमाण पत्र पर जनरल होने का टैग भी लगा हुआ और खाने के लिए रोटी भी नहीं है।
कभी भारत को रेपिस्तान कहने वाले विवादित IAS टॉपर शाह फैसल उमर अब्दुल्ला की पार्टी NCP में शामिल हो सकते हैं। उनके कुपवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़ने की उम्मीद है।
सुन त्ज़ू ने भी आर्ट ऑफ़ वॉर में कहा था कि शत्रु को तभी समाप्त किया जा सकता है जब उसकी पहचान निश्चित हो जाए। जब तक आतंकवाद की परिभाषा नहीं गढ़ी जाएगी उसे समाप्त करने की बात करना बेमानी है।
इसके साथ ही यह भी कहा कि उनकी पार्टी भाजपा-कॉन्ग्रेस से समान दूरी बनाए रखेगी। पटनायक के इस स्टेटमेंट के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के महागठबंधन की कोशिश को झटका लगा है।
भारतीय महासागर को घेरने की चीन की तथाकथित 'स्ट्रिंग ऑफ़ पर्ल्स' रणनीति का एक मोती सित्वे पोर्ट भी था। इंस्टिट्यूट फॉर डिफेन्स स्टडीज़ एंड एनालिसिस में प्रकाशित नम्रता गोस्वामी की रिपोर्ट के अनुसार अंडमान सागर में चीन सिगनल इंटेलिजेंस एकत्र करने के उपकरण लगा रहा था जिससे भारत की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
उनका यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित था, जिसके लिए IndiaSpend को दोषी करार दिया गया था, जो हिंदू-विरोधी प्रचार फैलाने के लिए गलत आँकड़ों का इस्तेमाल करनेवाली वेबसाइट है।
सुतली बम पर तंज कसने वालों को, पकड़े गए लोगों को बेगुनाह बताने वालों को और NIA की बड़ी कामयाबी को बेबुनियाद बताने वालों को समझने की जरूरत है कि इन लोगों के पास से सिर्फ सुतली बम ही बरामद नहीं हुआ है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कक्षा बारह तक के विद्यालय ज्ञान के उत्पादक नहीं होते जबकि विश्वविद्यालय और उच्च शोध संस्थान मौलिक ज्ञान के उत्पादन हेतु ही बने हैं। भारत की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को पुष्ट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक ऐसे अनेक प्रयास किये हैं जिन्हें परिवर्तित होते भारत अथवा ‘न्यू इंडिया’ की आधारशिला के रूप में देखा जा सकता है।
1954 में मेले की तैयारियों के लिए एक उच्च स्तरीय कमिटी बनाई गई थी। मेले की हर जानकारी सीधे पुलिस हेडक्वॉर्टर को भेजी जाती थी। इसके बाद वहाँ से ये सारी जानकारी पीएम नेहरू को भेजी जाती थी। फिर भी उस साल के कुम्भ में मची भगदड़ में कई लोग हताहत हुए थे।
फोटो के बारे में सर्च करते ही इस फोटो की हिस्ट्री हमारे सामने आ गई। इसके बाद हमने देखा कि 'ट्रूथ ऑफ गुजरात' नाम के एक वेबसाइट ने इस तरह के फोटो को कई बार 30 मार्च 2014 और फिर 2016 में भी शेयर करते हुए लोगों के फोटो से जुड़ी गलत जानकारी दी है।