शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।
पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भारत के CJP प्रदर्शन की कवरेज को प्राइम टाइम में जगह दी है। इससे साफ है कि उनके लिए पाकिस्तान की मीडिया भारत की आंतिरक राजनीति में खूब दखल देती है।
ग्राउंड रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की। उन्होंने बैग में पत्थर भर रखा था। इनलोगों ने कनॉट प्लेस के पास सुरक्षा बलों को निशाना बनाया।
कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने छात्रों की माँग का समर्थन करते हुए पीसी किया और पीएम मोदी ने माफी की माँग की। लेकिन कॉन्ग्रेस राज में पेपर लीक पर कभी किसी ने इस्तीफा नहीं दिया।
इस रिपोर्ट में हम आपको उन पत्रकारों की लिस्ट दे रहे हैं जिनके ऊपर सीजेपी के 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान हमला हुआ या उनके साथ रिपोर्टिंग करते हुए बदसलूकी हुई।
पंजाब में फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा का हाईटेक पेपर लीक हुआ है। इस मामले में पंजाब हरियाणा और राजस्थान तक तार जुड़े हैं। लेकिन पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार चुप है।
एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
हमें समझने की जरूरत है कि तथाकथित किसान संगठन कैसे अक्सर कृषि सुधारों के रास्ते और किसानों के विकास में बाधा बनते हैं। यही स्थिति तीनों कृषि कानूनों के समय भी देखी गई।
ब्रिटेन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हो रहा विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक नहीं हैं। 'द वायर' के प्रोपेगेंडा में फँसने से पहले भीड़ कैसे जुट रही है, इसे भी समझना जरूरी है।
मोदी सरकार देस के पहले राष्ट्रपति के सपने को पूरा करने जा रहे हैं। वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में सम्मान दिलाने की लालसा देश के बड़े-बड़े नेताओं की थी।
राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों में मिशनरियाँ एक्टिव हैं। जो गरीब लोगों को लालच देकर ईसाई बना रही हैं। इसीलिए अब SIT जैसी जाँच एजेंसियों को गाँव-गाँव छिपे इन धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश करना चाहिए।
खुद को 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सबसे बड़ा रक्षक' बताने वाला लेफ्ट-लिबरल जमात सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ भीड़ की बदसलूकी को जायज ठहरा रहा है।
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने यूसीसी विधेयक को मंजूर कर लिया है। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला चौथा राज्य बन गया है। इसमें बहुविवाह, तीन तलाक, हलाला निकाह पर रोक लगाई गई है।
हिन्दू देवी-देवताओं को माँस- शराब का सेवन करने वाले ध्रुव राठी के विवादित वीडियो पर केन्द्र सरकार ने रोक लगा दिया है। GAC ने यूट्यूब को 24 घंटे के भीतर कंटेंट हटाने को कहा है।
NIA ने मास्टरमाइंड सहाबुद्दीन मंडल और उसकी गैंग को गिरफ्तार किया है। जो बांग्लादेशी घुसपैठियों को बॉर्डर पार करवाकर को दिल्ली, मुंबई जैसे देश के प्रमुख महानगरों में भेजता था।
सोनम वांगचुक के अस्पताल जाते ही CJP के मंच पर अब 'डफलीबाज गैंग' का कब्जा हो गया है। AISA के नेहा बोरा और उसके साथी बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले पुराने 'आंदोलनकारी' रहे हैं।
जब CJP का एजेंडा एक्सपोज हुआ, तो 'आंदोलनजीवी' योगेंद्र यादव ने 'पंचशील' का प्रपंच रच डैमेज कंट्रोल किया। इसमें 'जय भीम' और 'इंकलाब जिंदाबाद' से हिंदुओं को गुमराह किया जाता रहा है।
कोचिंग फायरिंग विवाद में रौशन आनंद का सवाल है कि खान सर के मैनेजर की शिकायत पर उनकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन उनकी शिकायतों पर FIR क्यों नहीं दर्ज कर रही पुलिस?
कॉकरोच जनता पार्टी का 'संसद मार्च' क्या दिल्ली को हिंसा की आग में झोंकने की साजिश है, क्योंकि 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों का पैटर्न भी ऐसा ही था। अभी सिर्फ मुखौटा बदल गया है।
पाकिस्तान अब सऊदी अरब के बाद कुवैत के साथ भी रक्षा समझौते की बातचीत कर रहा है, लेकिन ईरान से बढ़ते तनाव के बीच यह डील उसे तीन मोर्चों पर एक साथ फँसा सकती है।
छात्रों की आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति के बीच राहुल गाँधी की प्रेजेंटेशन में शामिल मामलों की तथ्यात्मक पड़ताल। जानें- क्या है असली कहानी।