"क्या हाल ही में मोदी सरकार द्वारा किए गए फैसले सीएए, ट्रिपल तालक, राम मंदिर ने तो कहीं नहीं भारतीय मुसलमानों को असुरक्षित महसूस करने के लिए मजबूर किया है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू और कश्मीर के पैकेज के तहत, 30,000 से अधिक कश्मीरी पंडितों ने लगभग 2,000 पुन: आवंटित सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन किया है।
“इलेक्ट्रिक वाहनों की उत्पादन ईकाई स्थापित करने के लिए तमाम अंतर्राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल समूहों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। हम राज्य के भीतर इसमें निवेश को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता करेंगे।"
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यौन उत्पीड़न मामलों पर उनके विवादास्पद आदेशों को देखते हुए न्यायमूर्ति पुष्पा वीरेंद्र गनेदीवाला को बॉम्बे उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश बनाने की अपनी सिफारिश को वापस ले लिया है।
शख्स ने बताया कि जब वह पहले अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डेट पर जाते थे, तो हमेशा अपने फ़ोन पर ही लगी रहती थी, लेकिन मोची उनमें से नहीं है। वह सिर्फ उसी को अपना पूरा समय देती है।
लाल किले पर धार्मिक झंडे फहराए जाने और गिरफ्तार किए गए किसानों को लेकर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है, “निशान साहिब सिख पहचान का प्रतीक है। झंडा फहराना अपराध नहीं बनता।”
गंगा आरती को गाँव और कस्बों से जोड़ कर योगी सरकार गंगा स्वच्छता अभियान को सबसे बड़े जन आंदोलन का रूप देना चाहती है। इस अभियान के जरिए राज्य सरकार युवा पीढ़ी के बीच अपनी संस्कृति के प्रति लगाव को और मजबूत करना चाहती है।
“मैं पुलिस के वर्जन को नहीं मानूँगा। मैं सिर्फ इसलिए भरोसा नहीं कर लूँगा कि पुलिस कह रही है तो सही कह रही है। पुलिस का वर्जन सरकारी वर्जन होता है। जो सरकार कहेगी वो पुलिस करेगी।”
'क्रांतिकारी' पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने ट्विटर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और इच्छाधारी आंदोलनकारी योगेन्द्र यादव को मशविरा दिया है।
हर एक परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को प्रदर्शन में दिल्ली पहुँचने का फरमान दिया गया है। ऐसा न करने पर जुर्माने और गाँव-समाज से बहिष्कार की धमकी दी गई है।
पश्चिम बंगाल के नॉर्थ कोलकाता में शेख मतलाब ने अपने बेटे शेख नज़ीर पर क्रूड बम से हमला कर दिया। शेख मतलाब की मौत हो गई, वहीं उसका बेटा बुरी तरह घायल है।
"चूँकि मुझे सरकार से एक सवाल पूछना था, इसीलिए मैं अपने फोन में कुछ चीजें चेक कर रहा था। मेरा स्टोरेज भर गया था और मैं उसमें से अवांछित चीजें हटा रहा था।"
महापंचयात में सैंकड़ों लोग शामिल हुए। सबकी मौजूदगी में हुई मुजफ्फरनगर महापंचायत में फैसला लिया गया कि आज सीधा दिल्ली नहीं जाना है। गाजीपुर बॉर्डर पर पहले से ही बहुत लोग पहुँच गए हैं।