Home Blog Page 4217

22 साल की लड़की जिसके यहाँ जाती थी ट्यूशन पढ़ाने, उसी मो. अफरोज ने बंदूक के सहारे घर से किया किडनैप

बिहार की राजधानी पटना में हथियार के बल पर 22 साल की युवती के अपहरण का मामला उजागर हुआ है। युवती ट्यूशन टीचर है। अपहरण के दौरान जब परिवार वालों ने उसको बचाना चाहा तो बदमाशों ने उन पर भी फायरिंग की। वारदात के पीछे अब तक मोहम्मद अफरोज उर्फ का हाथ बताया जा रहा है।

पूरा मामला फुलवारी शरीफ के नोहसा इलाके का है। वहाँ 20 की संख्या में बदमाशों ने पहुँच कर घटना को देर रात अंजाम दिया। बीच में लड़की के घर वालों ने शोर मचा कर उन्हें रोकने का प्रयास किया मगर दूसरी ओर से बदमाशों ने 5 से 6 राउंड गोलीबारी कर दी। इसके बाद सारे फरार हो गए।

युवती के अपहरण से गुस्साए लोगों ने इलाके में घटना के बाद जम कर हंगामा किया। सूचना पाते ही मौके पर पुलिस भी पहुँची और बड़ी मशक्कत के बाद सबको शांत कराया गया। बाद में मामले की जानकारी लेकर पुलिस ने अपनी जाँच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों के फरार होने वाली तस्वीरें इकट्ठा की गई।

बता दें कि घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। लोगों में गुस्सा इस बात का भी है कि आखिर घर में घुस कर सबके सामने युवती का अपहरण कैसे किया जा सकता है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का कहना है कि बंदूक के नोक पर बदमाशों ने युवती का अपहरण किया। युवती के घर के बगल में ही आरोपित फिरोज का घर बन रहा है, जो मूलत: सहरसा का निवासी बताया जा रहा है। छानबीन में पता चला है कि युवती फिरोज के घर में पढ़ाने जाया करती थी। अब पुलिस हर पहलू से जाँच में जुटी है।

युवती के परिजनों ने बताया कि अफरोज 20 की संख्या में हथियार से लैस अपने साथियों के साथ आया और घर का दरवाजा खटखटाया। इस दौरान युवती के भाई ने दरवाजा खोला तो उसके बाद घर में दहशत फैला कर अफरोज और उसके साथियों ने घर के सदस्यों की पिटाई की। बाद में उनमें से कुछ लोगों ने परिवार वालों को रस्सी से बाँधा और फिर युवती को जबरन हथियार के बल पर अपने साथ ले गए। जब भाई ने विरोध किया तो उसको हथियार की बट से मार कर घायल किया गया।

जिस चीनी राजदूत के कारण भारत के खिलाफ उगला जहर, अब उसी के ‘धोखे’ से परेशान हुए PM ओली: नेपाल का संकट गहराया

नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी टूट के कगार पर है और वहाँ के प्रधानमंत्री द्वारा संसद को भंग किए जाने की सिफारिश के बाद सरकार पर भी संकट के बादल छाए हुए हैं। इन परिस्थितियों में काठमांडू में चीन की राजदूत होउ यांकी फिर से सक्रिय हो गई हैं। ‘शीतल निवास’ में होउ यांकी ने मंगलवार (दिसंबर 22, 2020) को नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात कर के ताजा स्थिति पर चर्चा की। उधर पीएम ओली परेशान हो गए!

ये बैठक लगभग 1 घंटे तक चली। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने संसद को भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति भंडारी को भेज दी थी, जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर भी कर दिया है। चीन कम्युनिस्ट पार्टी को टूटने से बचाना चाहता है, लेकिन कहा जा रहा है कि मौजूदा संकट भी उसके ही अत्यधिक हस्तक्षेप का नतीजा है। केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) और पुष्प कमल दहल प्रचंड के कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट) के विलय के बाद ‘नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP)’ का गठन हुआ था।

नेपाल: जिस होउ यांकी से थी नजदीकी, अब उसी से नाराज हैं PM ओली?

अभी इसके गठन को 3 साल भी पूरे नहीं हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में प्रचंड ने आरोप लगाया है कि ओली ने सत्ता को साझा करने के समझौते का उल्लंघन किया है। होउ यांकी ने इस साल कई मौकों पर दोनों पक्षों में समझौते करा कर स्थिति को शांत किया, लेकिन अब मामला हाथ से निकलता जा रहा है। चीन का कहना है कि वो सिर्फ NCP में टूट के खिलाफ है, प्रधानमंत्री बदलने के विरुद्ध नहीं है।

मंगलवार को भी चीनी राजदूत की नेपाली राष्ट्रपति के साथ बैठक के विषय में किसी प्रकार का आधिकारिक बयान नहीं दिया गया। चीन की तरफ से तो कहा जा रहा है कि ये कोविड वैक्सीन की सप्लाई के सम्बन्ध में था, लेकिन लोग इसे शक की नजर से देख रहे हैं। चीनी दूतावास के प्रवक्ता झांग सी ने कहा था कि चीन नहीं चाहता कि नेपाल की सत्ताधारी पार्टी में टूट हो और नेपाल के नेताओं से गहरे रिश्ते रखने वाला चीन चाहता है कि सभी एकजुट होकर निदान निकालें।

फ़िलहाल नेपाल में 4 पूर्व व वर्तमान प्रधानमंत्रियों के बीच खींचतान चल रही है। ओली और प्रचंड के अलावा माधव कुमार नेपाल और झलनाथ खनाल भी बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। ये सभी NCP पर अपनी पकड़ बना कर रखना चाहते हैं। प्रचंड के गुट का पार्टी की स्टैंडिंग कमिटी और सेंट्रल कमिटी पर कब्ज़ा है और वो माधव को फिर से नेपाल का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। माधव फ़िलहाल पार्टी के सह-अध्यक्ष हैं।

वहीं पीएम ओली का मत है कि उनके बिना पार्टी की जो भी बैठकें हो रही हैं, उन्हें वैधता नहीं दी जा सकती है। उन्होंने एक बैठक बुला कर सेंट्रल कमिटी में अपने गुट के नेताओं को भी घुसाया। नवंबर में होउ यानि और ओली की बैठक से कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाए थे। ओली कह रहे हैं कि वो बिना किसी बाहरी शक्ति के हस्तक्षेप के चुनौतियों से निपट लेंगे। लेकिन, चीन अपना नियंत्रण किसी भी हाल में कम नहीं करना चाहता।

इसी साल जुलाई में नेपाल में भारतीय समाचार चैनलों के लिए सिग्नल बंद कर दिए गए थे। यह कदम कुछ भारतीय टीवी चैनलों द्वारा नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और चीनी दूत नेपाल होउ यांकी के बारे में ‘अपमानजनक’ रिपोर्ट के प्रसारण के बाद आया था। नेपाल सरकार ने कहा था कि नेपाल के नेताओं के चरित्र हनन में लिप्त कुछ चैनलों के कारण यह फैसला लिया गया था। अब इसी होउ यांकी से ओली खुश नहीं हैं।

नदी के पानी से ज्यादा ताकत ताड़ी में, इसे पीने से नहीं होगा कोरोना: BSP नेता भीम राजभर

उत्तर प्रदेश के बलिया में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रदेशाध्यक्ष भीम राजभर ने खुलेआम जनता के समक्ष कोरोना महामारी को लेकर झूठ फैलाया। राजभर ने जनता को संबोधित करते हुए ताड़ी (मादक पदार्थ/Palm wine) पीने की सलाह दी और कहा कि इससे उन्हें कोरोना नहीं होगा। बसपा नेता ने ताड़ी की तुलना गंगा जल से भी की और कहा कि राजभर समाज के लोग अपने बच्चों को यही पिला कर पालते हैं।

उल्लेखनीय है कि बसपा के प्रदेशाध्यक्ष भीम राजभर पहली बार पद संभालने के बाद बलिया पहुँचे थे। ऐसे में रसड़ा से बसपा विधायक उमशंकर सिंह ने उनके स्वागत में एक समारोह आयोजित किया। वहीं खुले मंच से लोगों को संबोधित करते हुए राजभर ने कहा:

“नदी के पानी से ज्यादा ताकत ताड़ी में है। पहले लोग जिंदगी और मौत से लड़ते हुए ताड़ी निकालने और अपने बच्चों को पिलाने का काम करते थे। कोविड-19 में लोग कहते हैं कि वह कैसे बचें? मैं कहता हूँ कि ताड़ी कोरोना को भी मात देने वाला है। ताड़ी पीकर राजभर समाज विपरीत हालात में भी जिंदा रहता है।”

इस कार्यकर्म में राजभर ने बीआर आंबेडकर को गरीबों का मसीहा बताते हुए वर्ष 2022 में मायावती को सीएम बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, “बहन मायावती ने हमारे समाज को सबसे ज्यादा सम्मान दिया है।” इसके अलावा उन्होंने मंच से सुहैल देव समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर पर जम कर निशाना साधा। बसपा नेता ने कहा कि कुछ लोग समाज को बरगला कर अपना हित साध रहे हैं।

बता दें कि भीम राजभर के इस बेतुके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कई लोग इस बयान पर चुटकी ले रहे हैं। डॉ गुड्डू श्रीवास्तव कहते हैं, “ताड़ी है जगतारणी, जस नदी के नीर, चार ग्लास अंदर करो, निर्मल होत शरीर।”

पर्बत सिंह लिखते हैं, “ये तो अच्छी बात है! ताड़ी प्राकृतिक शितपेय है! सबको इसका सेवन करना चाहिए।” राकेश कुमार निराला बसपा नेता के बयान पर भाजपा के ऊपर निशाना साधते हुए कहते हैं कि भाजपाइयों का गौमूत्र, गौमूत्र, गोबर अभी कम था, जो अब ये चलेगा।

अमेरिकी बच्चों के सेक्स-पोर्न वीडियो का कश्मीर कनेक्शन: नियाज अहमद मीर को FBI-CBI ने श्रीनगर से दबोचा

श्रीनगर में एक आदमी रहता है। नाम है – नियाज अहमद मीर। इसकी बीवी तमारा स्टैनली (Tamara Stanley) अमेरिका के वॉशिंगटन में रहती है। CBI ने नियाज अहमद मीर को उसके श्रीनगर घर से गिरफ्तार किया और मंगलवार (22 दिसंबर, 2020) को स्थानीय अदालत में पेश किया।

CBI ने नियाज अहमद मीर को FBI से मिली सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया। सूचना यह कि वो अमेरिकी बच्चों के यौन शोषण वाले वीडियो के जरिए भारत में बैठे-बैठे सेक्स रैकेट चलाता था।

अमेरिकी बच्चों का यौन शोषण और सेक्स वीडियो

नियाज अहमद मीर के लिए यह काम बहुत आसान था। वो बिना अमेरिका गए इस काम को अंजाम दे रहा था। साथ दे रही थी उसकी बीवी। नियाज और स्टैनली के बीच का रिश्ता शौहर-बीवी से बढ़ कर मालिक और गुलाम का है, ऐसा FBI का मानना है।

तमारा स्टैनली (Tamara Stanley) ने कई सारे अमेरिकी बच्चों को फँसाया। उन सभी के यौन शोषण का वीडियो बनाया। उसे अपने शौहर नियाज अहमद मीर के पास भेजा। फिर वो भारत में बैठे-बैठे इन वीडियो और फोटो को डार्क वेब पर अपलोड करता था, पैसे कमाता था।

नियाज अहमद मीर इनमें से कई बच्चों के साथ डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में भी रहता था। इसलिए ताकि इनमें से कोई बच्चा अगर उसका कहा नहीं माने तो वो उस बच्चे के सेक्स वीडियो या फोटो को उसके माँ-पिता या घर वालों के पास भेज देने के नाम पर मोटी रकम वसूल कर सके।

तमारा स्टैनली (Tamara Stanley) को 25 जून को FBI ने गिरफ्तार किया था। आरोप था – बच्चों से संबंधित पोर्नोग्राफी। इस मामले में FBI को जो जानकारी मिली, उसने तमारा के शौहर को पकड़ने के लिए CBI के साथ उसे शेयर किया। इसी आधार पर CBI ने मंगलवार को श्रीनगर में नियाज अहमद मीर के घर पर छापा मारा, जहाँ से 3 लैपटॉप, 5 मोबाइल, पेन ड्राइव और हाथ से लिखे कई नोट्स बरामद किए गए।

J&K में BJP का डंका: 74 सीटें जीत कर बनी सबसे बड़ी पार्टी, अब्दुल्ला-मुफ्ती-कॉन्ग्रेस-वामपंथी सब भगवा के सामने फुस्स

जम्मू कश्मीर में डीडीसी चुनावों (DDC Election) के नतीजे सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। बीजेपी ने इन चुनावों में 74 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि स्थानीय पार्टियाँ अकेले इस आँकड़े के पास नहीं पहुँच पाईं।

गुपकार गैंग ने जिला विकास परिषद के चुनावों में 100 से ज्यादा सीटों (101+) के साथ विजय जरूर पाई। मगर, पार्टी लिहाज से देखें तो इसमें 7 राजनीतिक दल एक साथ थे और किसी भी दल को अकेले इतनी सीटों (जितनी पर BJP ने जीत दर्ज की) पर जीत नहीं मिली।

बता दें कि इस गठबंधन में नेशनल कॉन्फ़्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी, पीपल्स कॉन्फ़्रेंस, CPI-CPIM, अवामी नेशनल कॉन्फ़्रेंस और जम्मू और कश्मीर पीपल्स मूवमेंट जैसी क्षेत्रीय पार्टियाँ शामिल थीं। इनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस को 67 सीटें मिली हैं, जबकि पीडीपी को केवल 27।

ऐसे ही पीपल्स कॉन्फ्रेंस को 8, सीपीआई (एम) को 5 और पीपल्स मूवमेंट को 3 मिली हैं। जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी को 12 सीटें मिलने की खबर है और निर्दलीय ने इस चुनाव में 49 सीटें जीत कर उल्लेखनीय बढ़त बनाई है। वहीं कॉन्ग्रेस के हिस्से इस बार 26 सीट आई हैं।

गौरतलब हो कि अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में पहली बार कुल 280 सीटों पर चुनाव हुए हैं। इन चुनावों में प्रदेश में भाजपा की पकड़ साफ देखने को मिली। लोगों ने पीएम मोदी के नेतृत्व में अपना विश्वास जताया।

मुस्लिम बहुल क्षेत्र में 3 सीटों पर बीजेपी की जीत बताती है कि उनके प्रयास व्यर्थ नहीं हुए। श्रीनगर की खोनमोह-2 में बीजेपी के एजाज हुसैन जीते हैं, बांदीपोरा में एजाज अहमद खान ने जीत हासिल की है और पुलवामा के काकपोरा से मिन्हा लतीफ को जीत मिली है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बीजेपी की इस बड़ी जीत पर कहा, “श्रीनगर से भाजपा के तीन उम्मीदवारों को जीत मिली है। यह सत्यापित करता है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को केन्द्र शासित प्रदेश के विकास के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण पर भरोसा है।” वहीं बीजेपी के महासचिव विबोध गुप्ता ने पार्टी के विजेता उम्मीदवारों को, विशेष रूप से घाटी के उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घाटी के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपना विश्वास जताया है।

उधर, नतीजों के स्पष्ट होने के बाद जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों ने गुपकार के हक में वोट दिया है और केंद्र द्वारा जिस तरह गलत तरीके से अनुच्छेद 370 को हटाया गया, उसे पूरी तरह नकार दिया गया है। उनके अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इन चुनावों उनकी पार्टी ने रेफरेंडम नहीं बनाया, ना ही उन्होंने अधिक कैंपेन किया, फिर भी लोगों ने उनका साथ दिया है।

थाईलैंड किंग के गर्लफ्रेंड की 1443 न्यूड तस्वीरें लीक: खुद के कैमरे से राजा को भेजने के लिए ली थी, हो गई वायरल

थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न (Maha Vajiralongkorn) की आधिकारिक गर्लफ्रेंड सीनीत वोंगवजिरापकडी (Sineenat Wongvajirapakdi) की 1443 न्यूड तस्वीरें लीक हो गई हैं। इसे थाईलैंड के राजा की मिस्ट्रेस और रानी के बीच के झगड़े के रूप में देखा जा रहा है। इनमें से कई ऐसी तस्वीरें हैं, जिनमें सीनीत बिना कपड़ों के कैमरे के सामने पोज देती हुई दिख रही हैं।

कहा जा रहा है कि उन्होंने ये तस्वीरें राजा को भेजने के लिए ली होगी। सीनीत को पिछले वर्ष राजपरिवार से निकाल बाहर किया गया था, लेकिन उनके फिर से रॉयल हरम में शामिल होने के बाद ये तस्वीरें लीक हुई हैं। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने रानी सुथिदा को नीचा दिखाया था, लेकिन अब उन्हें उनका रॉयल और सैन्य पद वापस दे दिया गया है। सीनीत इससे पहले सैन्य अस्पताल में नर्स हुआ करती थीं।

लीक हुईं सीनीत की न्यूड तस्वीरें

ये सभी तस्वीरें ब्रिटिश पत्रकार एंड्रयू मैकग्रेगर मार्शल को भेजी गई हैं, जो थाईलैंड के राजपरिवार के आलोचक हैं। उन्होंने थाईलैंड में राजतंत्र के खिलाफ कई लेख लिखे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश मीडिया काफी बड़े स्तर पर थाईलैंड के राजा की आधिकारिक सहचारिणी सीनीत उर्फ़ ‘Koi’ की लीक हुई न्यूड तस्वीरों की खबरों को कवर कर रहा है।

उन्होंने साथ ही कहा कि इस मामले में उनका स्टैंड एकदम स्पष्ट है, वो किसी को भी ये तस्वीरें नहीं देंगे। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि ये तस्वीरें सीनीत की पर्सनल फोन से ली गई हैं। उन्होंने बताया कि इन तस्वीरों में वो टॉपलेस हैं और छोटे नाइटड्रेस में दिख रही हैं। ये तस्वीरें जापान में रह रहे थाईलैंड के स्कॉलर पाविन चचलवलपोंगपुन को भी भेजी गई हैं, जो आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

इन तस्वीरों को फेक रिटर्न एड्रेस के साथ भेजी गई थी और लिखा था कि इसे थाईलैंड के लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों द्वारा प्राप्त किया गया है। रानी सुथिदा के साथ-साथ राजकुमारी बज्रकितियभा ने भी सीनीत की राजभवन में वापसी का विरोध किया था। जुलाई 2019 में राजा के 67वें जन्मदिन के दौरान 34 वर्षीय सीनीत को ‘रॉयल नोबेल कंसर्ट’ की पदवी दी गई थी। इससे 3 महीने पहले ही राजा ने 41 वर्षीय सुथिदा से शादी की थी।

लेकिन, अक्टूबर 2019 में ही सीनीत को राजा महा वजिरालोंगकोर्न ने गिरफ्तार कर के जेल भेजने का आदेश दे दिया। उन्हें राजा और रानी को सम्मान नहीं देने, उनका एहसान न जताने और उनकी अवज्ञा करने का आरोप लगाया गया। हालाँकि, अक्टूबर 2020 में वो वापस आईं और रिकॉर्ड्स से ये बात ही हटा दी गई कि कभी उन पर आरोप लगे थे और उन्हें सज़ा मिली थी।

ये पहली बार नहीं है, जब थाईलैंड के राजा विवादों में फँसे हों। 2017 में उन्होंने फेसबुक पर ही मुकदमा चलाने का प्रयास किया था। फेसबुक पर उनकी एक तस्वीर वायरल हो गई थी, जिसमें राजा जर्मनी के एक शॉपिंग सेंटर में एक छोटा सा टॉप पहन कर घूम रहे थे और उनके पूरे शरीर पर टैटू दिख रहे थे। राजपरिवार में बदलाव के लिए बैंकॉक में आंदोलन चल रहा है और लोकतंत्र समर्थक भी सड़क पर हैं।

कोरोना काल में थाईलैंड के राजा दक्षिणी जर्मनी के शानदार व भव्य होटल में अपनी 20 सहवासनियों के साथ सेल्फ आइसोलेट हो गए थे। थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न, जिन्हें रामा ‘दशम’ के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने हरम के साथ सेल्फ आइसोलेशन में जाने के लिए बवेरिया के शानदार होटेल सोनेनबिचल को पूरा ही बुक कर लिया था। थाई किंग के लिए जर्मनी दूसरे घर की तरह है, जहाँ वह अपना अधिकतर समय बिताते हैं।

‘पाकिस्तानियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी’: अर्णब के ‘पूछता है भारत’ पर ₹20 लाख का UK में जुर्माना

‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के चैनलों का यूनाइटेड किंगडम (UK) में प्रसारण करने वाली कंपनी पर पर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग नियामक ने £20,000 (19.82 लाख रुपए) का जुर्माना लगाया है। आरोप लगाया गया है कि चैनल पर एक बहस के दौरान ‘हेट स्पीच’ के खिलाफ नियमों का उल्लंघन किया गया। ‘पाकिस्तानी लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी’ का आरोप लगाते हुए ये कार्रवाई की गई है।

मंगलवार (दिसंबर 22, 2020) को ‘वर्ल्डव्यू मीडिया नेटवर्क लिमिटेड’ के खिलाफ जारी किए गए आदेश में ‘ऑफिस ऑफ कम्युनिकेशंस’ (OfCom) ने कहा कि सितंबर 6, 2019 को ‘रिपब्लिक भारत’ पर आने वाले अर्णब गोस्वामी के बहस शो ‘पूछता है भारत’ को OfCom के एग्जीक्यूटिव ने काफी भड़काऊ पाया, क्योंकि इसमें ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट्स हैं, जो संभावित रूप से काफी आपत्तिजनक हैं और बिना किसी सन्दर्भ के उन्हें पेश किया गया है।

चैनल पर नियामक के कोड के 2.3, 3.2 और 3.3 नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। 2.3 कहता है कि अगर चैनल कोई ऐसे कंटेंट को पेश करता है, जो आपत्तिजनक हों, तो संदर्भ और कारण देकर उसे सही साबित किया जाना चाहिए। लेकिन, धर्म और भाषा के आधार पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। 3.2 के अनुसार, बिना कारण भावनाएँ भड़काने वाले कंटेंट्स टीवी पर नहीं दिखाए जाने चाहिए।

वहीं 3.3 के अनुसार, किसी भी व्यक्ति, संगठन, मजहब या संगठन के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द या गालियों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। हालाँकि, ‘संदर्भ की सटीक व्याख्या’ करने पर इसकी छूट दी गई है। एग्जीक्यूटिव का कहना है कि उसने इस शो के कंटेंट्स को पाकिस्तानी जनता के खिलाफ भड़काऊ और आपत्तिजनक पाया, जिसमें उनके खिलाफ उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर टिप्पणी की गई थी। आदेश में कहा गया:

“आशंका है कि ये बयान खतरनाक हैं और बड़े स्तर पर भावनाओं को भड़काने वाले हैं। एंकर और उनके भारतीय पैनलिस्टों की सोच से अगर कोई व्यक्ति इत्तिफ़ाक़ नहीं रखता है, तो उसे ठेस पहुँच सकती है। OfCom मानता है कि ये सब कुछ राजनीतिक कारणों से किया गया, इसीलिए ये भड़काऊ हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही रिश्ते ठीक नहीं हैं, ऐसे में ये टिप्पणियाँ काफी हानिकारक हो सकती हैं।”

OfCom ने कहा है कि इस ब्रॉडकास्ट को रोकने के लिए ‘वर्ल्डव्यू मीडिया नेटवर्क’ ने कुछ कदम उठाए हैं, जैसे उसने प्रसारण से पहले बहस के कंटेंट्स को चेक करने का जिम्मा उठाया है। साथ ही कहा गया है कि प्रसारण के पहले वर्ष में ही नियमों के उल्लंघन के ये मामले चिंताजनक हैं। कंपनी ने कहा है कि ये जानबूझ कर नहीं किया गया या ऐसा कोई सबूत नहीं है कि ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के प्रबंधन की जानकारी में ऐसा हुआ हो।

OfCom ने अपनी वेसबाइट पर इस पूरे कार्यक्रम की स्क्रिप्ट अपलोड कर के ये आदेश जारी किया है। कुछ ही दिनों पहले रिपब्लिक के सीईओ विकास खानचंदानी को मुंबई पुलिस ने टीआरपी स्कैम के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया। हालाँकि, अब वो जमानत पर बाहर आ चुके हैं। रिपब्लिक ने इस मामले में  महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग (MHRC) के समक्ष याचिका भी दायर की थी।

ममता बनर्जी की मीटिंग से गायब रहे 4 बड़े चेहरे: एक बार और टूटेगी TMC? भाई-भतीजावाद पर खुलेआम बोले थे वन मंत्री

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तैयारियाँ तेज क्या की, तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) में इस्तीफों का पतझड़ सा शुरू हो गया। मंगलवार (दिसंबर 22, 2020) को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई, लेकिन 4 बड़े नाम उसमें से नदारद रहे। पार्टी के सेक्रेटरी जनरल पार्थ चटर्जी का कहना है कि उनमें से 3 ने अपनी अनुपस्थिति के जायज कारण गिना दिए, लेकिन एक राजीब बनर्जी से संपर्क ही नहीं हो पाया।

डोमजूर के विधायक राजीब बनर्जी राज्य के वन मंत्री हैं और हाल ही में उन्होंने पार्टी को लेकर कुछ आपत्तियाँ जताई थीं। कोलकाता की एक बैठक में उन्होंने पार्टी में भाई-भतीजावाद और चापलूसी के बारे में बातें कही थीं। उनका बयान हाल ही में TMC से भाजपा में गए शुभेंदु अधिकारी के बयान से मिलता-जुलता है, जिन्होंने अभिषेक बनर्जी का नाम लिए बिना ही कहा था कि पैराशूट से नेता लाकर पार्टी में ऊपर उठाए जा रहे हैं।

राजीब बनर्जी के इस बयान के बाद पार्थ चटर्जी ने उन्हें एक बैठक के लिए बुलाया भी, जिसमें चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी शामिल थे। इसके बाद उनके तेवर नरम पड़े थे और उन्होंने कहा था कि उनके बयान को पार्टी छोड़ कर जाने वाले नेताओं से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए। हालाँकि, कैबिनेट की बैठक से उनकी अनुपस्थिति फिर से उनके असंतुष्ट होने की अटकलों को बल दे रही है।

राजीब बनर्जी ने कहा था कि उनका कभी-कभी मन करता है कि वे भी बाहर निकलें और इन चीजों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करें। उन्होंने साउथ कोलकाता में एक समाजिक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा था कि जो लोग AC में बैठ कर जनता को बेवकूफ बनाते हैं, उन्हें हर स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा था कि जिन लोगों ने कुशलता से काम किया है, वो पीछे छूट जाते हैं।

नॉर्थ बंगाल विकास मंत्री रबीन्द्रनाथ घोष भी इस बैठक से नदारद रहे, जो कूच विहार से आते हैं। उन्होंने कारण बताया कि वो पार्टी के ‘दुआरे-दुआरे’ अभियान के तहत जनसम्पर्क में व्यस्त हैं। इस अभियान के तहत राज्य की जनता तक सरकारी सुविधाओं को पहुँचाने की बात कही जा रही है। पर्यटन मंत्री गौतम देब दार्जिलिंग से आते हैं और उन्होंने कहा है कि वो अस्वस्थ हैं। बीरभूम के चन्द्रनाथ साहा का कहना है कि वो सीएम ममता के आगामी दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं।

शुभेंदु अधिकारी के करीबियों का कहना है कि वो अगले 3 महीनों में TMC को पूरी तरह तोड़ देंगे। अमित शाह भी मिदनापुर की रैली में कह चुके हैं कि चुनाव आते-आते ‘दीदी’ अपने भतीजे के साथ पार्टी में अकेले ही रह जाएँगी। वहीं TMC जाने वालों के बारे में कह रही है कि उन्होंने असली चेहरे दिखा दिए और इससे पार्टी के ऊपर से बोझ कम हुआ है। अब कहा जा रहा है कि राजीब बनर्जी के जाने से पार्टी का आत्मविश्वास एकदम कम हो जाएगा।

कटाक्ष: फेकन्यूज की रानी प्रियंका, मोदी ने कॉन्ग्रेस को बेची मेट्रो | Ajeet Bharti takes on Priyanka Gandhi’s fake news

गऊ-प्रेमी प्रियंका गाँधी फेक न्यूज क्यों फैला रही हैं? अयोध्या में नया क्या बन रहा है? मोदी ने मेट्रो बेच दी? प्रशांत किशोर का नया धमाका और क्रिसमस पर पर्यावरण चर्चा!

पूरा वीडियो यहाँ देखें

S02E06: बकैत कुमार मुहल्ले का चुगलखोर लौंडा है | Ajeet Bharti mocks Ravish’s propaganda on farmers

फेक न्यूज़ पर माफ़ी कब माँगेगा रवीश? किसान आंदोलन पर चुगलखोरी और प्रोपेगंडा कब बंद होगा?

देखिए पूरा वीडियो इस लिंक पर