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करतारपुर जनरल बाजवा के दिमाग की उपज, यह घाव याद रखेगा भारत: पाक का रेल मंत्री

करतारपुर कॉरिडोर शुरू करने के पीछे पाकिस्तान की जिस छिपी हुई मंशा को लेकर आशंका जाहिर किया जा रहा था उसकी पुष्टि खुद वहॉं के रेल मंत्री ने कर दी है। पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने करतारपुर कॉरिडोर को अपने फौज के मुखिया जनरल कमर जावेद बाजवा के दिमाग की उपज बताया है। साथ ही कहा है कि इस कॉरिडोर का शुरू होना भारत के लिए नुक़सानदेह रहेगा।

9 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती पर करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इस कॉरिडोर के जरिए सिख श्रद्धालु बिना वीजा के करतारपुर जा सकते हैं। उद्घाटन के वक़्त इमरान ने इस पहल का श्रेय ख़ुद को दिया था।

करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करते हुए 12,000 से अधिक श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए इमरान ने कहा था, “मुझे इस स्थान के महत्व का अंदाज़ा नहीं था। मुझे एक साल पहले पता चला। मुझे ख़ुशी है कि हम आपके लिए ऐसा कर सके।” इस सभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद थे।

लेकिन इमरान के दावे को नकारते हुए उनके रेल मंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर का पूरा श्रेय जनरल बाजवा को दिया है। शेख रशीद अहमद ने कहा,

“करतारपुर कॉरिडोर खोल कर जनरल बाजवा ने भारत को जो घाव दिया है वह उसे लंबे समय तक याद रखेगा। जनरल बाजवा ने भारत को बड़ा धक्का दिया है। पाकिस्तान ने शांति के लिए नया माहौल बनाया है और सिख समुदाय का भरोसा जीता है।”

भारत के ख़िलाफ़ अक्सर ज़हर उगलने वाले शेख रशीद को इमरान ख़ान का बेहद करीबी माना जाता है। करतारपुर कॉरिडोर खुलने के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के एक एक्टिवस्ट ने कहा था कि इसके पीछे पाकिस्तान का नापाक एजेंडा छिपा हुआ है। पीओके के एक्टिविस्ट अमजद मिर्ज़ा ग्लासगो में निर्वासित जीवन जी रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख भारत के शांति और एकता में खलल डालने के लिए एक नया फ्रंट चाहते थे।

अमजद मिर्ज़ा ने एक कार्यक्रम में मीडिया से कहा था कि पाकिस्तान ने अब यह फ़ैसला क्यों लिया? 73 साल बाद उन्होंने ऐसा क्यों किया? उन्होंने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि कश्मीर का प्रवेश द्वार बंद हो गया है जहाँ से वे आतंकवाद को फैला रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना, देश के लोगों के बीच विश्वास खोती जा रही है। पीओके कार्यकर्ता ने कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से, वे अब पंजाब में शांति और सद्भाव में बाधा डालने के लिए खालिस्तानी चरमपंथियों का इस्तेमाल करेंगे।

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मोदी से बगावत कर कॉन्ग्रेस में जाने वाले नाना पटोले बने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर

कॉन्ग्रेस नेता नाना पटोले को महाराष्ट्र विधानसभा का नया स्पीकर चुना गया है। पटोले राज्य के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वो 1999 से 2014 तक हैट्रिक चुनाव जीत कर लगातार विधायक रहे। हालिया विधानसभा चुनाव में फिर से विधायक बने। 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीते। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन महाविकास अघाड़ी ने उन्हें संयुक्त रूप से स्पीकर पद का उम्मीदवार बनाया था। बीजेपी ने चुनाव से पहले अपने उम्मीदवार किशन कठोरे का नाम वापस ले लिया। इसके बाद पटोले निर्विरोध स्पीकर चुने गए।

ये वही नाना पटोले हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बगावत करने के बाद भाजपा छोड़ दी थी और फिर कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए थे। नाना पटोले 2014 में भाजपा के टिकट पर भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र से जीत कर सांसद बने थे। दिसम्बर 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव से ऐन पहले नाना पटोले ने पार्टी से बगावत कर दी थी। उन्होंने न सिर्फ़ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता, बल्कि लोकसभा से भी इस्तीफा दे दिया। महाराष्ट्र के अकोला में भाजपा के एक अन्य बागी नेता यशवंत सिन्हा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए धरने पर बैठे थे। पटोले ने उनका समर्थन कर के भाजपा को नाराज़ कर दिया था। साथ ही उन्होंने सीधा पीएम मोदी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे।

विदर्भ में पेस्टिसाइड पॉयजनिंग के कारण किसानों की मौत को मुद्दा बना कर पटोले ने भाजपा से नाता तोड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली के कारण भाजपा में लोकतंत्र नहीं बचा है। 1990 में पहली बार जिला परिषद सीट जीत कर राजनीति में एंट्री लेने वाले पटोले ने भाजपा में ज्यादा भाव न मिलने के कारण दिसम्बर 2017 में पार्टी को अलविदा कह दिया। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से उनकी मुलाक़ात हुई और फिर वो कॉन्ग्रेस का हिस्सा बन गए।

भाजपा में शामिल होने से पहले भी नाना पटोले ने लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन असफल रहे थे। 2009 में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा और सकोली विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए। पटोले को यशवंत सिन्हा के आंदोलन का समर्थन करने के कारण महाराष्ट्र भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष रावसाहब दाणवे ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया और यहीं से भाजपा के साथ उनकी नाराज़गी बढ़ती चली गई।

नाना पटोले ने आरोप लगाया था कि एक बैठक के दौरान जब उन्होंने पीएम मोदी के सामने बढ़ते टैक्स और किसानों का मुद्दा उठाया तो उन्होंने कहा कि चुप रहो। पटोले ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री गंभीर मुद्दों पर सवाल पूछने पर आग-बबूला हो जाते हैं।

पटोले पहले भी कॉन्ग्रेस में रह चुके हैं। जनवरी 2018 में उनकी वापसी के बाद अब पार्टी ने उन्हें इनाम दिया है। प्रोटेम स्पीकर दिलीप पाटिल ने नए विधानसभाध्यक्ष के रूप में 57 वर्षीय पटोले के नाम की घोषणा की। इसके साथ ही पिछले 2 दशक में पहली बार विदर्भ क्षेत्र से किसी को स्पीकर का पद मिला। उन्होंने हालिया चुनाव में फडणवीस सरकार में मंत्री रहे परिणय फुके को हराया। फुके पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस के क़रीबी हैं। 1987 में नागपुर यूनिवर्सिटी से राजनीति की शुरुआत करने वाले पटोले अब विधानसभा में स्पीकर हैं। उन्हें इस पद पर निर्विरोध चुना गया।

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तमिलनाडु में IS का मॉड्यूल: अलावुदीन और सरफुदीन के घर पर NIA ने छापे मारे

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने आईएस मॉड्यूल मामले में अपनी जाँच के संबंध में तमिलनाडु के तंजावुर और तिरुचिरापल्ली में शनिवार को छापे मारे और दो संदिग्धों के ठिकानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा एक कुल्हाड़ी समेत अन्य सामान बरामद किया। 

दिल्ली में एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवाद विरोधी जाँच एजेंसी ने एनआईए स्पेशल कोर्ट (एर्नाकुलम) द्वारा जारी वारंट के आधार पर तंजावुर में अलावुदीन और तिरुचिरापल्ली के एस सरफ़ुदीन के आवास पर छापे मारे। जाँच अभियान में दो लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक पेन ड्राइव, पाँच सीडी/ डीवीडी, एक कुल्हाड़ी के अलावा 17 दस्तावेज़ बरामद किए गए।

उन्होंने बताया कि इस मामले में जून में कोयंबटूर में छापों के बाद मोहम्मद अजरुद्दीन तथा शेख हिदायतुल्ला को गिरफ़्तार किया गया था। एनआईए ने कहा कि ऐसा संदेह है कि दोनों शख़्स जून में गिरफ़्तार किए गए लोगों के साथी हैं।

ज़ब्त किए गए सामान को एनआईए की विशेष अदालत को सौंपा जाएगा और उपकरणों को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा जाएगा। जाँच एजेंसी के मुताबिक़ इस मामले में दोनों आरोपितों से उनके संबंधों के बारे में पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वे आईएस के लिए किसी ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि में शामिल तो नहीं हैं।

दरअसल, एनआईए ने इस साल 30 मई को कोयम्बटूर के 6 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। ऐसी सूचना थी कि इनलोगों और उनके साथियों ने सोशल मीडिया पर आतंकवादी संगठन आईएस की विचारधारा का प्रचार किया था। इसका मकसद केरल और तमिलनाडु में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के इरादे से युवाओं की आईएसआईएस/ दाएश में भर्ती करना था।

एनआईए के अधिकारी ने बताया कि यह भी पता चला था कि कुछ आरोपित व्यक्ति और उनके सहयोगी भारत में आईएसआईएस/ दाएश के मंसूबों को आगे बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर श्रीलंकाई आईएसआईएस/ दाएश नेता ज़हरान हाशिम और उसके सहयोगियों का अनुसरण कर रहे थे।

इससे पहले एनआईए ने 12 जून को कोयंबटूर में 6 आरोपितों के घरों पर छापेमारी की थी। इससे सामने आए तथ्यों के आधार पर मोहम्मद अजरुद्दीन और शीक हिदायतुल्ला को गिरफ़्तार किया था। एनआईए के अधिकारियों के अनुसार, आईएस तमिलनाडु के कथित प्रमुख अजरुद्दीन फेसबुक के जरिए जहरान हाशिम से जुड़ा था। वह इस साल अप्रैल में श्रीलंका में ईस्टर संडे पर हुए आतंकी हमले में शामिल था।

महात्मा गाँधी जैसा था ‘कुबुद्धि’, दुष्ट और शराबी: कॉन्ग्रेस राज में पढ़ रहे बच्चे

महात्मा गॉंधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर जारी सियासत के बीच मध्य प्रदेश में स्कूली किताब में गॉंधी जी की तुलना ‘कुबुद्धि’ से किए जाने का मामला सामने आया है। प्रदेश शिक्षा विभाग ने कक्षा 10 के लिए जो मॉडल पेपर तैयार किया है उसमें इस शब्द का इस्तेमाल किया गया है। राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार चल रही है, जिसने भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा के गोडसे पर कथित बयान को लेकर संसद में जबर्दस्त हंगामा किया था। यहॉं तक कि कॉन्ग्रेस के एक विधायक ने मध्य प्रदेश आने पर साध्वी को जिंदा जला देने की धमकी भी दी थी। ​विधायक का कहना था कि गॉंधी जी के खिलाफ बात कॉन्ग्रेसियों के दिल पर चोट करती है।

हैरानी की बात है कि उसी कॉन्ग्रेस के राज में बीते कई महीनों से सरकारी स्कूल के बच्चों को वह मॉडल पेपर पढ़ाया जा रहा है जिसमें बताया गया है कि कुबुद्धि गॉंधी जैसा था। मॉड्यूल बुक में टेस्ट पेपर-3 के पेज नंबर 46 पर लिखा है, “कुबुद्धि बेहद अवगुणी और शराबी था और गाँधी जी जैसा जीवन जीता था।” इंग्लिश मॉड्यूल के टेस्ट पेपर-3 में प्रश्न पूछा गया है कि सुबुद्धि और कुबुद्धि की विशेषताएँ बताएँ। इसका जवाब देते हुए सुबुद्धि काे ईमानदार और अच्छा जीवन जीने वाला बताया गया है, जबकि कुबुद्धि को दुष्ट व्यक्ति, शराब पीने वाला और गाँधीजी के जैसा जीवन जीने वाला बताया गया है।

गाँधीजी को बताया ‘कुबुद्धि’ (फोटो साभार: ANI)

हालाँकि एक शिक्षिका नीलम वसानिया ने इसे मिसप्रिंट का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि टीचर्स छात्रों को पढ़ाते समय इस मॉडल में सुधार कर देते हैं। वसानिया ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “यह मिसप्रिंट के चलते हुआ है। जहाँ गाँधीजी लिखा है, वहाँ गैम्बलिंग (जुआ) लिखा होना चाहिए था। ऐसा प्रिंटिंग मिस्टेक के चलते हो सकता है, लेकिन इसमें मॉडल पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञ की कोई गलती नहीं है।”

एएनआई के मुताबिक यह मॉडल पेपर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने कमजोर छात्रों की मदद के लिए तैयार किया है। इसे पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले कई महीनों से पढ़ाया जा रहा है। कॉग्रेस पार्टी की प्रवक्ता विभा पटेल ने कहा है कि इस मामले की जाँच कराई जाएगी। जो भी इस गलती के लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी मिस्टेक है। कॉन्ग्रेस पार्टी इस तरह की किसी भी मानसिकता का समर्थन नहीं करती है।

‘कॉन्ग्रेस के 40 विधायक कैप्टन के खिलाफ, हमारे साथ नवजोत सिंह सिद्धू बना लें सरकार’

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक ने पंजाब में जल्‍द ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार के गिरने का दावा किया है। AAP विधायक अमन अरोड़ा के मुताबिक पंजाब के कई कॉन्ग्रेसी विधायक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ खड़े हो गए हैं। बगावत करने वाले चार विधायक अमरिंदर के गृहनगर के ही हैं।

अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृहनगर के चार कॉन्ग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। इन चार बागी विधायकों को 40 कॉन्ग्रेस विधायकों का समर्थन हासिल है। अमन अरोड़ा ने कहा, “मैं उन 40 विधायकों और 19 आप विधायकों को साथ लेकर सरकार बनाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को आमंत्रित करता हूँ। इस संबंध में हम कॉन्ग्रेस के विधायकों के संपर्क में हैं।” गौरतलब है कि सिद्धू अमरिंदर सरकार में मंत्री रह चुके हैं। लेकिन, मतभेदों के चलते उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था।

बता दें कि पंजाब में कॉन्ग्रेस के नाराज विधायकों ने आरोप लगाया है कि अफसरशाही विधायकों पर भारी है। अधिकारी विधायकों की नहीं सुन रहे हैं। कॉन्ग्रेस विधायकों ने अपने क्षेत्रों में पुलिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अधिकारी लगातार अपनी मनमानी करते हैं। इस तरह के तमाम मामले लगातार उठाए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बात करने के लिए भी समय नहीं दिया।

विधायकों ने कहा कि अगर पंजाब को नशे से मुक्त बनाना है तो सालों से एक ही जगह जमे पुलिस अधिकारियों को बदलना होगा, सरकार को पुलिस पर सख्ती करनी होगी। चारों विधायकों ने कहा कि अपनी ही सरकार में उनकी नहीं सुनी जा रही। उनका कहना है कि जब विधायकों की नहीं सुनी जा रही तो आम नागरिकों का क्या होगा।

बता दें कि पिछले दिनों कॉन्ग्रेस के चारों विधायकों-  हरदयाल सिंह कंबोज, मदन लाल जलालपुर, निर्मल सिंह शुत्राना और काका राजिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि पंजाब पुलिस उनके फोन कॉल्स को टैप कर रही है। इसकी शिकायत करने पर भी मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ये चारों नाराज विधायक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिला पटियाला के विधानसभा क्षेत्रों से ही हैं। उल्लेखनीय है कि 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में कॉन्ग्रेस के 77 विधायक हैं।

अरशद ने अश्लील वीडियो बना मालकिन से ऐंठे ₹1 करोड़, फर्जी निकाहनामा तैयार कर हत्या की रच रहा था साजिश

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में कार ड्राइवर अरशद द्वारा अपनी ही मालकिन की अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने एसएसपी से पूरे मामले की शिकायत की है। पीड़ित महिला की शिकायत पर एसएसपी ने मझोला थाना पुलिस को मामले की जाँच के आदेश दिए थे। मामला सही मिलने पर ड्राइवर समेत पाँच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला किया गया है। अरशद के अलावा जुल्फिकार उल्लाह, जफरुल्लाह, हारुन और नासिर को नामजद किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित महिला नागफनी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पति की 2009 में कारोबारी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। पति की मौत के बाद पीड़िता लंबे समय तक सदमे में रही थी। साल 2011 में उसने पाकबड़ा के डूंगरपुर रोड निवासी अरशद को ड्राइवर रखा था। शुरुआत में अरशद केवल शाम तक ड्राइवरी करता था, लेकिन धीरे-धीरे भरोसा जीतकर वह रात में भी उसके घर रुकने लगा।

इस बीच अरशद ने चोरी छिपे महिला की अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद वह उसे ब्लैकमेल करने लगा और वीडियो वायरल करन की धमकी देकर पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। इस तरह से अरशद ने मालकिन को ब्लैकमेल करते हुए अब तक एक करोड़ रुपए के साथ ही जमीन का सौदा कराकर उसमें भी 50 लाख रुपए वसूल लिए थे। लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान पीड़ित महिला ने पिछले दिनों एसएसपी अमित पाठक से न्याय की गुहार लगाई थी।

एसएसपी ने मामले की जाँच एएसपी आदित्य लांग्हे से कराई। मामला सही मिलने पर मझोला थाने में पाँचों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि मझोला पुलिस को आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सभी को जेल भेजा जाएगा।

बताया जा रहा है कि जब अरशद ने एक करोड़ रुपए से अधिक की रकम ऐंठ लिया तो उसे फँसने का डर भी सताने लगा। इसलिए उसने एक और खेल खेला। पीड़िता ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि आरोपित अरशद ने फर्जी कागजातों की मदद से एक निकाहनामा तैयार कर लिया था और उसे जान से मारने की योजना बना रहा था, ताकि उसकी हत्या के बाद वह उन कागजातों की मदद से उसे अपना पति साबित करके उसकी संपत्ति पर कब्जा कर सके। हालाँकि अरशद अपने मंसूबों में कामयाब न हो सका।

जानकारी के मुताबिक अरशद रिश्ते में पाकबड़ा के पूर्व प्रधान हारुन सैफी के मामा का लड़का है। बता दें कि हारुन प्रॉपर्टी के चक्कर में आरटीआई कार्यकर्ता कासिम की सुपारी देकर हत्या कराने का आरोपित है और उसी हत्या के मामले में हारुन सैफी जेल में बंद हैं। बताया जा रहा है कि हारुन की मदद से ही आरोपित अरशद राजनीति में जगह बनाने का प्रयास कर रहा था और अभी भी वो कुछ राजनैतिक लोगों से संपर्क करके मदद लेने की तैयारी कर रहा है।

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मंदसौर गोलीकांड: कॉन्ग्रेस की पूर्व MLA ने कहा था- आग लगा दो, राहुल गाँधी ने भाजपा सरकार को बताया था कसूरवार

जून 2017 में मध्य प्रदेश के मंदसौर में हुई फायरिंग के एक मामले में भोपाल की विशेष अदालत ने कॉन्ग्रेस की पूर्व विधायक शकुंतला खटिक को दोषी ठहराया है। उनके अलावा 7 अन्य लोग भी दोषी करार दिए गए हैं। सभी को 3-3 साल जेल की सजा सुनाई गई है और 5-5 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है।

8 जून 2017 को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग हुई थी। उस समय शिवपुर के करैरा से विधायक रही खटिक ने भीड़ को उकसाते हुए कहा था कि थाने को आग लगा दो, जो होगा देखा जाएगा।

इस घटना के बहाने कॉन्ग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गॉंधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उस समय मध्य प्रदेश में रही शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा था। राहुल ने फायरिंग के लिए प्रदेश सरकार को कसूरवार बताया था। इस गोलीकांड की पहली बरसी पर उन्होंने मंदसौर में रैली भी की थी। इसी रैली में उन्होंने प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया था।

शकुंतला खटिक को अदालत द्वारा कसूरवार ठहराए जाने के बाद इस मामले में कॉन्ग्रेस नेताओं की संलिप्तता उजागर हो गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 8 जून 2017 को करेरा पुलिस थाना, शिवपुरी में हुई थी। कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा मंदसौर में हुए गोलीकांड के विरोध में प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। खटिक भी अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन कर रही थी। पुलिस बल ने अनियंत्रित भीड़ पर काबू पाने के लिए पानी की बौछार की।

कॉन्ग्रेस की पूर्व विधायक, शकुंतला खटिक

इससे उत्तेजित होकर पूर्व विधायक ने वहाँ उपस्थित भीड़ को उकसाते हुए कहा कि वह थाने में आग लगा दो, जो होगा देखा जाएगा। उनकी बातों में आकर वहाँ उपस्थित उनके समर्थकों ने पुतला दहन करते हुएअन्य जगह भी आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके पर आग पर क़ाबू न पाया होता तो पुलिस थाने सहित अन्य सरकारी सम्पत्ती को आग से भारी नुकसान पहुँचता।

बता दें कि छ: किसानों की मौत के अलावा इस आंदोलन में करोड़ों रुपए की सार्वजनिक सम्पत्ति का भी नुक़सान हुआ था। इस दौरान कई दुकानें जला दी गईं, कई ट्रकों को आग के हवाले कर दिया गया, किसान इस हद तक उग्र हो गए थे कि उन्होंने कलेक्टर को भी घेर लिया जिससे उनकी भी जान पर बन आई थी। आंदोलन के बाद सियासत गरमा गई। उस वक्त मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार थी और किसानों की हत्या का आरोप भी शिवराज सिंह चौहान सरकार पर लगाए गए।

गोलीकांड की बरसी पर मंदसौर में सभा को संबोधित करते राहुल गॉंधी का पूरा भाषण सुनिए

ख़बर के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक शकुंतला खटीक सहित 7 कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ बलवा, आगजनी, आगजनी को उकसाने, शासकीय कार्य में बाधा डालने का अपराध कायम कर मामले का चालान अदालत में पेश किया था। विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह ने यह सज़ा सुनाई है।

हैदराबाद: सॉफ्टवेयर इंजीनियर के घर में घुसा चाँद, रेप की कोशिश के बाद बेहोश छोड़ फरार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक और खौफनाक घटना सामने आई है। जायल चॉंद नाम के शख्स ने घर में घुसकर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से रेप की कोशिश की। पीड़िता शनिवार (नवंबर 30, 2019) को बेसुध हालत में ​अपने फ्लैट में मिली। तीन दिनों के भीतर हैदराबाद से यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले बुधवार की रात एक महिला वेटनरी डॉक्टर को रेप के बाद जिंदा जला दिया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पीड़िता की बड़ी बहन से शादी के लिए एक मेट्रिमोनियल साइट के जरिए चॉंद ने संपर्क किया था। इसी दौरान पीड़िता से भी उसने दोस्ती कर ली। बीते 10 दिनों से दोनों की मुलाकात हो रही थी और वे साथ-साथ फिल्म देखने भी गए थे।

शनिवार को चॉंद पीड़िता से मिलने उसके घर पहुॅंचा। उस वक्त घर में पीड़िता अकेली थी। उसने पीड़िता के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की। इसी दौरान वह अचेत हो गई और चॉंद उसके घर से भाग खड़ा हुआ।

पड़ोसियों ने पीड़िता को बेहोशी की हालत में देखा और और उसे गाँधी अस्पताल ले गए। मधापुर के एडिशनल डीसीपी एम वेंकटेश्वरलू ने इस बात की पुष्टि की है कि चाँद ने पीड़िता का यौन उत्पीड़न करने का कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच की जा रही है और अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि हैदराबाद में बुधवार की रात, 27 वर्षीय पशु चिकित्सक डॉ. प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) के साथ बलात्कार किया गया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद हैदराबाद के बाहरी इलाके उसके शव को में आग लगा दी गई। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

तेलंगाना पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद आरिफ और अन्य तीन काफी दिनों से प्रीति के साथ बलात्कार करने की योजना बना रहे थे और टोल प्लाजा पर खड़ी पीड़िता की स्कूटी को भी उन्होंने जानबूझकर पंक्चर किया था। गुरुवार को उसी इलाके से एक और महिला की अधजली लाश मिली थी, जहाँ प्रीति रेड्डी का शव मिला था।

मो. पाशा ने पहले से ही प्लानिंग करके किया प्रीति रेड्डी का रेप और मर्डर, जलाई लाश: पुलिस का दावा

प्रीति रेड्डी मर गई फिर भी रेप करते रहे दरिंदे: आरिफ के प्लानिंग की पूरी डिटेल

अरबाज ने प्रेमजाल में फॅंसाया, फिर 3 दोस्तों के साथ किया गैंगरेप: कैमूर में लोगों ने जला डाला आरोपित का घर

प्रीति रेड्डी मर गई फिर भी रेप करते रहे दरिंदे: आरिफ के प्लानिंग की पूरी डिटेल

हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर को रेप के बाद जला देने के मामले में बेहद खौफनाक तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं। अब तक की जॉंच से पता चला है कि मुख्य आरोपित मोहम्मद पाशा उर्फ आरिफ ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत पीड़िता प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) की स्कूटी पंचर की। मदद के बहाने उसके साथ वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग आरिफ ने पहले से ही बना रखी थी।

पुलिस ने आरिफ और उसके तीन साथियों मरवीन, केशवा और रिवा (सभी नाम बदले हुए, क्योंकि इनमें से कोई एक नाबालिग होने की संभावना है) को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को अदालत में पेश की गई रिमांड रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की मौत होने के बाद भी दरिंदों ने लॉरी के केबिन में भी बारी-बारी से रेप किया था।

जॉंच में पता चला है कि दरिंदगी से पहले आरोपितों ने जमकर शराब पी। पीड़िता को भी जबरन शराब पिलाई। इसके बाद आरिफ ने उसका मुॅंह दबा दिया ताकि वो चिल्ला न सके। चारों आरोपितों ने बारी-बारी से उसके साथ रेप किया। सॉंस नहीं ले पाने के कारण पीड़िता का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई।

घटना बुधवार रात 9.35 से 10 बजे के बीच की है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित लाश को लॉरी में डाल ले गए। रास्ते में एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल खरीदा। सुनसान जगह देख लाश को फेंक उसमें आग लगा दी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरोपित पीड़िता को घसीटकर खेत में ले गए। सॉफ्ट ड्रिंक में व्हिस्की मिलाकर उसे पीने को मजबूर किया। उसके सिर पर वार किया। बारी-बारी से रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी। फिर लाश को लॉरी में डाल लिया। लॉरी में रेप के बाद आरोपितों में से एक नीचे उतर गया और पीड़िता के कपड़े लाने के लिए चला गया। उसके लौटने के बाद उन्होंने सुनसान जगह तलाशी जहॉं पीड़िता की लाश को आग के हवाले कर दिया गया।

हैदराबाद की इस जघन्य वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सड़क से सोशल मीडिया तक आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मॉंग की जा रही है। नाराज लोगों ने शनिवार को हैदराबाद के शादनगर पुलिस स्टेशन में घुसने की भी कोशिश की थी। कोर्ट में पेश करने से पहले इसी थाने में आरोपितों को रखा गया था। प्रदर्शनकारी आरोपितों को अपने हवाले करने की मॉंग कर रहे थे। भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा था।

इस बीच, तीन पुलिसकर्मियों को इस मामले में कोताही बरतने के लिए निलंबित किया गया है। पीड़ित के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था।

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‘जय श्री राम’ बोलने पर अयोध्या के हाजी सईद काफिर करार, इमाम ने मस्जिद में कराई ‘गुनाह’ की तौबा

राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुर्खियों में चल रहा अयोध्या एक बार फिर चर्चा में है। राम मंदिर मुद्दे पर कोर्ट के फैसले से पहले संतों की ओर से आयोजित राम नाम जाप कार्यक्रम में शामिल होना एक हाजी को महँगा पड़ गया। जय श्री राम कहने पर ही हाजी को उनके समुदाय के लोगों ने धर्म से निकालने और मारने की धमकी दी।

अयोध्या के वजीरगंज जप्ती निवासी हाजी मोहम्मद सईद ने हाल ही में राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों द्वारा किए गए यज्ञ में जय श्री राम का उद्घोष किया था। इसके बाद उन्हें काफिर घोषित कर दिया दिया। यही नहीं बल्कि उन्हें धमकी भरा संदेश भी मिलने लगा। काफिर कहे जाने और धमकियों से आजिज आकर हाजी को मस्जिद में माफी माँगनी पड़ी और इस्लाम में होने की दुहाई देनी पड़ी।

बता दें कि अयोध्या केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले 1 सितंबर को संत परमरहंस ने तपस्वी छावनी में राम मंदिर के निर्माण की बाधाओं को दूर करने के लिए राम नाम के जाप का आयोजन किया था, जिसमें पूर्णाहुति के दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी सहभागिता की थी। इसमें महिलाएँ भी थीं। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी राम नाम का उच्चारण किया था, जिनमें सईद भी थे। कार्यक्रम की फोटो और वीडियो सार्वजनिक होने के बाद लोगों को इस उद्घोष के बारे में पता चला।

हाजी सईद का कहना है कि जय श्री राम का नारा लगाने के कारण उनको धर्म से खारिज कर दिया गया। लोग उन्हें काफिर कहने लगे और हिंदू बताने लगे, जबकि अल्लाह ही उनका खुदा है। उन्होंने राम को अपना खुदा नहीं माना है। उनका कहना है कि उन्होंने आदाब और आदर के चलते श्री राम का नारा लगाया था। उन्होंने वहाँ पर पूजा नहीं की। हालाँकि वह अब भी खतरे से इनकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।

इस संबंध में इमाम ने मस्जिद में हाजी को जय श्री राम कहने के लिए माफी मँगवाई और इस ‘गुनाह’ से तौबा कराई। हाजी सईद ने माफी माँगते हुए कहा, “अब जय श्री राम नहीं बोलूँगा, हवन में नहीं जाऊँगा।”

कार्यक्रम के आयोजक संत परमहंस ने कहा कि यज्ञ में हिंदू धर्माचार्यों के साथ कुछ राष्ट्रवादी मुस्लिम भी थे। उन्होंने कहा कि किसी मुस्लिम को किसी मौलाना ने गुनाह कुबूल कराया, यह दुखद है। यह देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है। संत परमहंस ने कहा कि एक बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया में दूसरे मजहब के लोग रामलीला देख सकते हैं, रामलीला का मंचन कर सकते हैं और राम को अपना पूर्वज मानते हैं। उनका कहना है कि राम जिस हिंदुस्तान की अस्मिता से जुड़े हैं, वहाँ श्रीराम का नाम लेने पर यदि किसी को जबरदस्ती प्रताड़ित किया जाता है तो निश्चित रूप से शासन- प्रशासन को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।