मायावती ने आगे कहा कि इस स्थिति में, कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लिए कश्मीर जाना और स्थिति का राजनीतिकरण करने का प्रयास करना उचित नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि पार्टियों को कश्मीर जाने से पहले थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए।
2015 में मदरसों ने यह कहकर भोजन लेने से इनकार कर दिया था कि भोजन बनाने वाली संस्था इस्कॉन हिन्दुओं का धार्मिक संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भोजन बनाने के बाद भगवान को भोग लगाया जाता है और गंगाजल मिलाकर स्कूलों में भेजा जाता है।
प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा है कि 5 साल तक मोदी का विरोध करने वाले थरूर बताएँ कि अचानक से उनके सुर क्यों बदल गए हैं। वहीं केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नितला ने कहा है कि मोदी का गुणगान करने की जरूरत नहीं है।
बंगाल के उपभोक्ता मामलों के मंत्री साधन पांडे ने हत्या के पीछे भाजपा का हाथ बताया। इसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने मनगड़िया की ओर आने वाली सड़कों पर आगजनी की। बराकर बाज़ार बंद करवा दिया।
इमरान के मंत्री बोले, "मोतीलाल नेहरू के परपोते, जवाहरलाल नेहरू के पोते, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को उनके पूर्वजों के यहाँ नहीं जाने दिया गया। यह दिखाता है कि किस तरह आरएसएस और नाजी विचारधारा ने इंडिया पर कब्जा कर लिया है।"
"मनमपति में मंदिर के पास एक टैंक से गाद निकाला जा रहा था। इसी दौरान वहाँ के मजदूरों को एक अज्ञात वस्तु मिली। उन्होंने उसे खोलने की कोशिश तो वह फट गया, जिसमें के. सूर्या नामक एक शख्स की मौत हो गई और 5 अन्य लोग घायल हो गए।"
सुरभि ने ट्विटर पर लिखा कि सावरकर की प्रतिमा उन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा के साथ नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। सुरभि ने लिखा कि सावरकर अंग्रेजों को क्षमा याचिकाएँ लिखा करते थे।
इस समिट में कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बियारित्ज़ पहुँचने से पहले पीएम मोदी ने बहरीन में 15,000 से भी अधिक प्रवासी भारतीयों को सम्बोधित किया।
अगर भाजपा ने किसी स्वतंत्रता सेनानी या किसी महापुरुष को लेकर ऐसा निर्णय लिया होता तो कई लोग बवाल खड़ा करते हुए कहते कि सरकार पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ कर रही है या उसका भगवाकरण कर रही है।
चिदंबरम ने सीबीआई से पूछताछ के दौरान कहा कि वे सभी अधिकारी अपने काम में दक्ष थे और फाइलों को वही लोग देखा करते थे। उनके इस बयान के बाद अब उनके कार्यकाल में वित्त मंत्रालय में तैनात रहे कुछ अधिकारियों से सीबीआई पूछताछ कर सकती है।
कुंठायुक्त विरोधाभासी रवैये की पराकाष्ठा पर टीवी फोड़ डालने की सलाह देने वाले रवीश कुमार ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि लोग उनके शो के दौरान टीवी बंद कर देते हैं। आप ख़ुद दोनों वीडियो देखिए और सोचिए कि रवीश आख़िर चाहते क्या हैं?
इन पत्रकारों के द्वारा निशाने पर लिए गए अधिकारियों के ख़िलाफ़ कंटेंट्स को व्हाट्सप्प और फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर फैलाया जाता था। एफआईआर में दर्ज किया गया है कि इन्होने 'अभिव्यक्ति की आज़ादी' का ग़लत फायदा उठाते हुए आधारहीन ख़बरें चलाईं।
क्या आपको 2011 में आयोजित भाजपा की एकता यात्रा याद है? अब्दुल्ला-कॉन्ग्रेस सरकार ने न सिर्फ़ अनंत कुमार, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को J&K में घुसने से रोका बल्कि गिरफ्तार भी करवा लिया था। आज तीनों दिग्गज हमारे बीच नहीं रहे। आइए इतिहास में चलें 8 वर्ष पीछे।
7 छात्रों के अलावा विश्वविद्यालय ने स्टूडेंट्स वेल्फेयर के डीन और मौजूद सुरक्षाकर्मियों पर भी एक्शन लिया है। साथ ही हॉस्टल के प्रबंधन को भी बर्खास्त कर दिया है।
खास बात ये है कि ये सम्मान प्रधानमंत्री को उस समय मिला है जब भारत लगातार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दरकिनार कर रहा है। ये सम्मान दर्शाता है कि मोदी कार्यकाल में मुस्लिम देशों के साथ भारत के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत हो रहे हैं।
पाकिस्तानी मीडिया ने इंडिया टुडे पर मौसमी सिंह द्वारा पोस्ट किए गए उस क्लिप का इस्तेमाल करके यह दिखाने का झूठा प्रयास किया है कि कश्मीर में अत्यधिक बल का उपयोग किया जा रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष ले रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले अरुण जेटली उन गिने-चुने नेताओं में से थे, जिन्होंने मोदी और वाजपेयी- दोनों दिग्गज प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री की भूमिका निभाई।
पाकिस्तान के संसदीय दल ने अपना यूएई दौरा रद्द कर दिया। पीएम मोदी को यूएई द्वारा जायद मेडल से सम्मानित किए जाने को इसकी वजह बताई गई है। लेकिन, असली वजह कुछ और ही है। पाकिस्तान के आंतरिक सूत्रों से हम निकाल कर लाए हैं दिलचस्प ख़बर।
स्वाति चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री की छवि को खराब करने और उनका मजाक उड़ाने की नियत से इस तस्वीर को अपने ट्विटर हैंडल पर ‘offered without comments’ कैप्शन के साथ शेयर किया। मगर लोगों ने स्वाति की काली करतूत को रंगे हाथों पकड़ लिया।
"अनुच्छेद 370 में इन संशोधनों की आवश्यकता थी, क्योंकि इसके कारण लगभग सभी कश्मीरी अल्पसंख्यकों (जैसे शिया, दलित, गुर्जर, कश्मीरी पंडित, कश्मीरी सिखों) के साथ हद से ज्यादा भेदभाव हो रहा था। लेकिन अब उन्हें कानून के समक्ष बराबरी का अवसर मिलेगा।"
इस शो ने दुनियाभर में रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की। 36.9 लाख इम्प्रेशन और 61 लाख ट्यून-इन के साथ रात 9 से 10 बजे की समयावधि में यह इन्फोटेन्मेंट जेनर का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो बन गया।
बहरीन का यह मंदिर भारतीयों सहित विदेशियों के भी आकर्षण का केंद्र है। मंदिर की कलाकृति काफी प्रसिद्ध है। पुनर्निर्माण के बादइस मंदिर में 80 फीसदी हिस्से में श्रद्धालु घूम सकेंगे और भगवान कृष्ण की प्राचीन प्रतिमा के दर्शन कर सकेंगे।
सीबीआई इस मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री, बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त समेत 13 ब्यूरोक्रेट्स और राजनेताओं से पूछताछ कर सकती है। माना जा रहा है कि इस मामले में 15-20,000 पन्नों की चार्जशीट नौ सितंबर तक दाखिल हो सकती है।
पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गॉंधी और अन्य विपक्षी नेताओं के जम्मू-कश्मीर दौरे पर इकबाल अंसारी का दो टूक। कहा, “कॉन्ग्रेस अगर कश्मीर जाना चाहती है, तो जाए, लेकिन कश्मीर पर राजनीति न करे, क्योंकि कॉन्ग्रेसियों की राजनीति अब हिन्दुस्तान से खत्म होने वाली है और खत्म हो जाएगी।”
अमित सिंह की मानें तो 16 अगस्त को पर्यटन स्थल हनुवंतिया टापू पर उनका परिवार पिकनिक मनाने गया था। वहाँ सुरक्षा गार्ड ने उनके परिवार पर ईंट, लाठी और बियर की बोतल से हमला किया। हमले में उनके भाई की आँख की 80 फीसद रोशनी चली गई।
श्रीनगर के एक पूर्व आतंकी का कहना है कि अगर यह 1947 में हो गया होता तो आज शायद वो संसद या एसेंबली में होते। उन्होंने कहा कि ब्लैकमेल और मजहब की सियासत के कारण ही उनके जैसे कई युवाओं ने राह भटक कर बंदूक उठा ली और कुछ अब भी उठा रहे हैं।
श्रद्धांजलि देने के नए अंदाज में नेशनल हेराल्ड ने जेटली की योग्यता और प्रतिबद्धता को पूर्ण रूप से नकारते हुए 2014 में वित्त मंत्री के तौर पर उनकी नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए हैं। कहा है कि 2002 दंगों के बाद कानूनी जंजालों से बचाने का एहसान मोदी ने उन्हें वित्त मंत्री बनाकर उतारा।
लश्कर के 6 आतंकवादियों के तमिलनाडु में घुसने की खुफिया रिपोर्ट के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। सभी आतंकवादी मुस्लिम हैं, लेकिन हिंदुओं की वेशभूषा में वे भारत में घुसे हैं। उन्होंने तिलक और भभूत लगा रखा है।
राहुल गॉंधी, हमारा नहीं तो कम से कम उनका तो ख्याल करिए, जो आपसे हर बाद उम्मीद लगा लेते हैं, पहले से भी किसी बड़े चमत्कार की और आप हर बार, बार-बार, पिछली बार से भी ज्यादा वीभत्स तरीके से उस सपने को चीर-फाड़ देते हैं।
खलीज टाइम्स को दिए साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के अलग-थलग पड़े रहने की स्थिति को खत्म करने के लिए अनुच्छेद 370 को निरस्त किया। उन्होंने कहा, "अलग-थलग पड़े रहने से कुछ युवा कट्टरपंथी बन गए और हिंसा तथा आतंकवाद के रास्ते पर चल पड़े।"
एक पाकिस्तानी ने ट्वीट किया, "पहले सुषमा स्वराज और अब अरुण जेटली। इंशाअल्लाह अगले नरेंद्र मोदी और अमित शाह होंगे, क्योंकि इनकी मौत के लिए कश्मीरी दुआ कर रहे हैं। कश्मीर में अत्याचार के लिए ये लोग गुनहगार हैं। ये सब नरक में सड़ेंगे।"
राज्य में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं। 17 अगस्त के बाद छिटपुट विरोध की घटनाओं में भी कमी देखी गई है। हालॉंकि सीमा पार से आंतकी खतरे की आशंका बनी हुई है जिसके कारण सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
पत्र में जजों से इसे गंभीरता से लेने को कहा गया है। हालॉंकि किसी आवश्यक परिस्थिति में वे मुख्य न्यायाधीश को मैसेज भेज सकते हैं। रजिस्ट्रार जनरल ने जिला जजों से अपने अधीनस्था न्यायिक कर्मचारियों को भी इस संबंध में निर्देशित करने को कहा है।
स्व-घोषित 'उदारवादियों' और लिबरपंथियों का यह रेगुलर पैटर्न बन गया है। ये किसी भी भाजपा नेता की मृत्यु के बाद जश्न मनाते हैं। संवेदना, संस्कृति, जीवन-मरण जैसे शब्द इनकी डिक्शनरी में मानो है ही नहीं। अगर होता तो शायद ये वो नहीं होते, जो आज ये बन चुके हैं!
राहुल गॉंधी और अन्य विपक्षी नेताओं से राज्यपाल ने कहा है, "अब उनकी यहॉं कोई जरूरत नहीं है। उनकी जरूरत तब थी जब उनके साथी संसद में बोल रहे थे। यदि वे यहॉं आकर माहौल बिगाड़ना और दिल्ली में बोले गए झूठ को ही दोहराना चाहते हैं तो यह सही नहीं है।"
"मेरी हत्या हो सकती है। मरना तो वैसे भी है। शायद हत्या ही मेरी नियति में है। इसके लिए एफसीसी और स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा। मैं यहाँ कॉन्वेंट में रहूँगी। मैंने पुलिस से सुरक्षा भी माँगी है। लेकिन उन्होंने अब तक कुछ नहीं किया है।”
कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन की याचिका में हस्तक्षेप की मॉंग। 16 अगस्त को CJI की अगुवाई वाली पीठ ने भसीन की याचिका पर सुनवाई को दो हफ्ते के लिए टाल दिया था और कहा था कि सरकार को सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए और समय दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से रवाना होने के बाद ट्वीट करके बताया कि उनका फ्रांस दौरा काफी सफल रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनो देशों के बीच अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई। यह बातचीत आपसी सहयोग को बढ़ाएगी और नए मौके देगी।
राहुल गाँधी समेत सभी विपक्षी राजनेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया और उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस दिल्ली भेज दिया गया। इनमें गुलाम नबी आज़ाद, डी राजा, शरद यादव, मनोज झा, मजीद मेमन और अन्य नेता शामिल थे।
तीनों बैंक कर्मचारियों के ख़िलाफ़ PNB की एक शाखा के उप सर्कल प्रमुख ने पांच अप्रैल 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि आरोपियों ने दो बार ग़लत रिकॉर्ड बनाया है, जो डिपॉजिटर द्वारा भरे गए असली वाउचर से मेल नहीं खा रहे थे।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अपने बयान में कहा था कि ऐसे वक्त में जब सरकार लोगों को सीमा पार आतंकवाद के खतरे से बचाने की कोशिश कर रही है तब वरिष्ठ राजनेताओं की ओर से आम जनजीवन को पटरी पर लाने में बाधा डालने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। अगर वो इलाके का दौरा करेंगे, तो उन पाबंदियों का भी उल्लंघन करेंगे, जो अब भी कई इलाकों में लागू है।
"जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने की ऐतिहासिक भूल से देश को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी। आज, जबकि इतिहास को नए सिरे से लिखा जा रहा है, उसने ये फैसला सुनाया है कि कश्मीर के बारे में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की दृष्टि सही थी और पंडित नेहरू जी के सपनों का समाधान विफल साबित हुआ है।"
कृष्ण जन्माष्टमी पर परंपरा स्वरूप कृष्ण की झाँकी निकाले जाने की तैयारी थी, लेकिन जुमे की नमाज़ के चलते झाँकी का समय दोपहर 3 बजे रखा गया। इसके बावजूद 3 बजे जैसे ही झाँकी गाँव के चौराहै पर पहुँची, तो दूसरे समुदाय ने...
पिछले दिनों जयराम रमेश ने कहा था कि पीएम मोदी के शासन का मॉडल पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है। उनके काम को स्वीकार नहीं करना और हर समय खलनायक की तरह पेश कर कुछ हासिल नहीं होने वाला है। सिंघवी और थरूर ने उनके बयान का समर्थन किया था।
दुष्कर्म में आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ पिछले साल सितंबर में हुए विरोध-प्रदर्शन में शामिल 5 ननों में से एक लूसी कलपूरा हैं। इसके कारण FCC ने उन्हें बर्खास्त कर 17 अगस्त तक कॉन्वेंट छोड़ने को कहा था। इसके खिलाफ उन्होंने वेटिकन में अपील कर रखी है।
अर्शी ख़ान ने इस साल की शुरुआत में ही कॉन्ग्रेस का हाथ थामा था। पार्टी में उन्हें एक बड़ा पद भी दिया गया था। उन्होंने तब ये भी कहा था कि वो लोकसभा चुनाव में भाग लेंगी। पार्टी ने उन्हें मुंबई प्रदेश माइनॉरिटी वेलफेयर कमिटी का वाइस प्रेसिडेंट बनाया था, लेकिन...