स्वाति मालीवाल ने बताया कि उन्हें बिभव कुमार ने उन्हें एक साथ 7-8 थप्पड़ मारे। जब स्वाति मालीवाल ने इसका विरोध किया और उन्हें पीछे धकेला तो बिभव कुमार उन पर टूट पड़े।
कम्युनिष्ट जिस केरल मॉडल का हौव्वा खड़ा करते हैं, उस केरल में जून 2016 से अगस्त 2022 तक के मौजूदा आँकड़ों में सीपीआई-एम के राज में 431 बम धमाके हो चुके हैं।
राहुल गाँधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का सच एक दलित व्यक्ति ने मीडिया को बताया है। उन्होंने जानकारी दी है कि कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेता कैसा दोहरा व्यवहार करते हैं।
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने बीते दिनों मुख्यमंत्री आवास में अपने साथ हुई बदसलूकी और कथित मारपीट के मामले में आखिरकार लिखित शिकायत दे दी है।
पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस ये स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि दस साल पहले 2014 में देश ने कोई दूसरी सरकार चुनी है, कोई दूसरा प्रधानमंत्री है जिसे देश ने बनाया है, वो मन से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'न केवल भारत, न केवल बिहार, न केवल पूर्वांचल, मिथिलाँन्चल बल्कि सीतामढ़ी पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बने सीता माता का ऐसा भव्य मंदिर बनाने का काम करेंगे।'
वक्फ बोर्ड का काम अल्लाह के नाम पर दान की गई संपत्ति की देख-रेख का होता है। नेहरू सरकार ने 1954 में एक्ट बनाकर इस बोर्ड को मजबूती दी थी। अब इसके नाम पर कब्जे होते हैं।
दैनिक भास्कर ने एक रिपोर्ट में बताया है कि स्वाति मालीवाल घटना वाले दिन अपनी राज्यसभा सीट को लेकर बात करने गईं थी। दावों के अनुसार, मालीवाल से AAP ने सांसद पद से इस्तीफ़ा देने को कहा है।
कॉन्ग्रेस ने जो मुस्लिमों के लिए किया वो भले ही मुस्लिम भूल जाएँ लेकिन हिंदुओं को याद रखना चाहिए, ताकि हमेशा दिमाग में रहे कैसे कॉन्ग्रेस हिंदुओं को दोयम दर्जे का बनाना चाहती थी।
कॉमेडियन श्याम रंगीला का पर्चा वाराणसी से ख़ारिज हो गया है। 10 प्रस्तावक जुटाने में उनके पसीने छूट गए थे। गाजीपुर से मुख़्तार अंसारी की भतीजी और अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत का पर्चा भी ख़ारिज हो गया है।
स्वाति मालीवाल के पूर्व पति नवीन जयहिंद ने कहा कि अगर संजय सिंह सच में उन्हें छोटी बहन मानते हैं तो कम से कम उन्हें मांडवली करना बंद करना चाहिए और FIR करवानी चाहिए।
दिसंबर 2019 में पाकिस्तान, अफ़ग़निस्तान और बांग्लादेश के पीड़ित अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने के लिए ये कानून लाया गया था, जिसका इस्लामी तत्वों ने खासा विरोध किया था।