रायबरेली के हरचंदपुर से विधायक राकेश सिंह ने कहा कि पंचवटी परिवार के कॉन्ग्रेस से दूर होने के कारण कॉन्ग्रेस के साथ ये सब हो रहा है क्योंकि इसी परिवार की बदौलत यहाँ उसका सिक्का चलता था।
ऐसा नहीं है कि नसबंदी पर प्रोत्साहन कोई नई बात है, बल्कि देश भर में केंद्र व राज्य सरकारें अक्सर नसबंदी के लिए प्रोत्साहन का अभियान चलाते रहती है। लेकिन, जो संजय गाँधी ने किया था वो क्रूरता थी।
आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसकी कमान अमित शाह के हाथ में ही क्यों? आखिर विपक्षी की बेचैनी का कारण क्या है कि वो केंद्र सरकार के इस नए पहल का स्वागत करने की बजाए इसका विरोध कर रहा है।
कार्ल रॉक ने CAA (नागरिकता संशोधन कानून) विरोधी आंदोलनों में न सिर्फ भाग लिया, बल्कि अपने यूट्यूब चैनल से भी इसे दिखाया। इसमें वो अपनी पत्नी के साथ गया था।
भारतीय ऐतिहासिक साहित्य के अंतर्गत वेद-वेदाङ्ग, उपनिषद, जैन-बौद्ध साहित्य और पुराणों के बारे में भी पूरा ज्ञान दिया जाएगा। ब्राह्मी, खरोष्ठी, पाली, प्राकृत और तिगलारी के साथ-साथ संस्कृत भाषा का इतिहास पढ़ाया जाएगा।
जहाँ एक तरफ अमेरिका तेजी से अफगानिस्तान से अपनी सेना हटा रहा है, वहीं दूसरी तरफ तालिबान ने दावा किया है कि इस मुल्क के 85% भू-भाग पर अब उसका ही राज़ है।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में योगी सरकार से मुकाबले के लिए अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी केजरीवाल मॉडल की तरह फ्री-फ्री वाली चुनावी घोषणाएँ कर सकती है।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमां खान ने धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनके पूर्वज हिंदू राजपूत थे। लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था।