भारत इस समय कोरोनो वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को कहा कि भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 2022 में 10.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित भाषण में, बेंजामिन नेतान्याहू ने कहा कि हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के आतंकी समूहों को इजरायल के नागरिकों पर अपने हमलों के लिए भारी कीमत चुकानी होगी।
भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को बिना आधार का बताया है, जिन्होंने B.1.617 म्यूटेंट स्ट्रेन के लिए इंडियन वेरिएंट शब्द का उपयोग किया है।
हमारे पास 12 ऐसे उदाहरण हैं, जब वामपंथी मीडिया ने कोरोना की दूसरी लहर से ठीक पहले अपने ऑनलाइन पोर्टल्स पर वैक्सीन को लेकर फैक न्यूज फैलाई और लोगों के बीच भय का माहौल पैदा किया।
अब जब इजरायल राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है तो जहाँ भारतीयों की तरफ से इजरायल के साथ खड़े होने के मैसेज सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ विपक्ष और वामपंथी ने फिलिस्तीन के साथ एक अलग रास्ता चुना है।
”अंडमान में कोरोना की गंभीर स्थिति को लेकर चिंतित हूँ। जीबी पंत अस्पताल में हर रोज 4-5 मौतें हो रही हैं। 4 लाख लोगों के लिए केवल 50 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। लोगों में लक्षण दिखने के बाद भी टेस्टिंग नहीं हो रही है।”
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना 'महान महिला शासक' रानी अहिल्या बाई होलकर से किए जाने के बाद रानी के वंशजों में गुस्सा है।
पीएम केयर फंड ने डीआरडीओ की तरफ से तैयार किए गए ऑक्सीकेयर सिस्टम को मंजूरी दे दी है। डीआरडीओ ने बुधवार (12 मई 2021) को इस बात की जानकारी दी। जल्द ही इसकी सप्लाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि इस्लामिक स्टेट केवल एक क्षेत्रीय आतंकवादी संगठन नहीं है बल्कि एक वैश्विक गिरोह है, जिससे संबद्ध संगठन दुनिया भर में सक्रिय हैं।
असम में पहली बार एक महिला वित्त मंत्री चुनी गई है। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी सरकार में वित्त विभाग 5 बार गोलाघाट से विधायक रह चुकी अजंता निओग को सौंपा।
पत्र को करीब से देखने से यह स्पष्ट होता है कि संबित पात्रा ने जो कहा वह वास्तव में सही है। पत्रों में उल्लेख है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार 'खरीद करने की योजना' बना रही है। न कि ऑर्डर दिया है।
चैरिटी कमिश्नर ने बताया कि ‘We The People Charitable Society’ नाम से एक एनजीओ पहले से ही मौजूद है। उन्होंने माँग की कि ट्रस्ट के खिलाफ एक नाम के तहत खुद को पंजीकृत करने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए जो कि पहले से मौजूद है।