द वायर ने मेडिकल रिपोर्ट के तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया है। सेक्शन 16 के तहत दर्ज पीड़िता के बयान को डॉक्टर का वर्जन बताकर निष्कर्ष निकाला है कि बलात्कार हुआ था।
बिहार के पूर्णिया में राजद नेता शक्ति मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शक्ति मलिक ने कुछ दिनों पहले टिकट के बदले पैसे माँगने का आरोप तेजस्वी यादव पर लगाया था।
हाथरस पीड़िता की दुर्भाग्यपूर्ण मौत का राजनीतिकरण करने और राजनीतिक लाभ हासिल करने की एक और कोशिश करते हुए विपक्षियों द्वारा सोशल मीडिया पर आरोपितों में से एक के पिता को भाजपा नेता साबित करने के लिए कई तस्वीरें शेयर की जा रही है।
“सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ऐसे कई मुद्दे सामने आए हैं, जिन्होंने हमें भी उतना ही दर्द दिया है, जितना आप सबको। और इन मुद्दों ने हमारे खुद के गिरेबान में झाँकने के लिए हमें मजबूर किया।"
"दोषियों को सजा देना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है। लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस बल किसी भी हद तक जा सकती है और सरकार सजा देने के कानूनी तरीकों में भी बदलाव कर सकती है।"
वीडियो में उत्तर प्रदेश में ठाकुर समुदाय के सदस्यों को हाथरस मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी पर पीड़ा व्यक्त करते हुए सुना जा सकता है। साथ ही वे यह दावा भी कर रहे है कि अभियुक्तों को झूठे मामले में झूठा फँसाया जा रहा है।
नॉर्थ मुंबई में तीन लोगों ने 22 वर्षीय महिला के साथ दो साल तक ब्लैकमेल कर दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में 2 आरोपितों फैयाज शेख और सादिक को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं तीसरा नदीम फरार है।
कैबिनेट मंत्री ने बसपा प्रमुख मायावती पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती इस मामले की संवेदनशीलता नहीं समझ रही। शास्त्री ने कहा कि मायावती ने इस मामले में बयान देकर एक दलित बेटी का अपमान किया है।
"एक सच्चे पत्रकार को कॉल टैपिंग से कभी डर नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकार "लीक" से डरता है तो इसका मतलब है कि वह कुछ छिपा रहा है या नहीं चाहता कि सच्चाई सामने आए।"
स्मृति ईरानी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए, चाहे वह राजनीतिज्ञ हो या कोई और, किसी भी बलात्कार पीड़िता के लिए इस तरह की असंवेदनशील और अभद्र टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है।
तृणमूल कॉन्ग्रेस हाथरस मामले में खुद को ‘न्याय के योद्धा’ के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है, मगर सच्चाई तो यह है कि बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड गंभीर सवाल उठाता है।
तनाव इस कदर बढ़ गया कि आगरा में मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात करना पड़ा। वहीं एसपी सिटी ने पथराव करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।