'अंबेडकरवादी' सतीश बौद्ध लगातार अपने भाषणों में हिंदू विरोधी बयान देता है। यहाँ तक की सतीश ने माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मकथा का मजाक भी उड़ाया।
गाजीपुर में नाबालिग लड़की की मौत के बाद गाँव पहुँचे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को लोगों ने बाहर रोक दिया। यह अखिलेश यादव की 'जातिवाद राजनीति' के खिलाफ जनता का 'विद्रोह' है।
जुल्फिकर अहमद ने कृष्णा बनकर हिंदू महिला के साथ धोखे से निकाह किया। महिला का धर्म परिवर्तन करवाकर मुस्लिम नाम 'रूबिया' रख दिया। 5 साल तक जुल्फिकर ने पीड़िता के साथ रेप किया।
जाँच से पता चला कि नोएडा हिंसा स्पॉन्टेनियस नहीं थी। मुख्य आरोपित अदित्य आनंद ने 5 साल से तैयारी कर रखी थी। श्रमिकों को भड़काने के लिए 17+ व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए।
'द इकोनॉमिस्ट' ने हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति को ऐसे दिखाने की कोशिश की है जैसे बाबर के आने से पहले न तो संस्कृति थी और न भाषा, कला। ये सब हमने मुगलों से सीखा
'द वायर' ने उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक नाम कटने पर SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और कहा था कि वोटरों के नाम कैसे कम हो गए। लेकिन आयोग ने इसका जवाब दिया है।
नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण दलितों के लिए अलग निर्वाचक मंडल की सदन में वकालत की। ये देश को बाँटने की अंग्रेजों की चाल थी, जिसका जिन्ना ने समर्थन किया था।
आरफा ने 'लव जिहाद' को सीधे-सीधे हिंदू महिलाओं का अपमान बता दिया। मतलब जो भी इस मुद्दे पर सवाल उठा रहा है, वो महिलाओं को नासमझ मान रहा है, यहाँ यही बताने की कोशिश की गई।
नेपाल की बालेन सरकार के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। श्रम मंत्री ने इस्तीफा के बाद अब गृहमंत्री गुरुंग को जनता और विपक्षी दलों के दबाव में इस्तीफा देना पड़ा है।
Gen-z आंदोलन के बाद नेपाल में सरकार बनाने वाले बालेन शाह के खिलाफ लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। भंसार नीति के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग सड़कों पर हैं।
मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन 'कॉमरेड अरविंद मेमोरियल ट्रस्ट' के अंतर्गत आता है, जिसने गुरुग्राम से लेकर नोएडा तक मजदूरों को भड़काया और हिंसा फैलाने की साजिश रची।
'सेंट' फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ टिप्पणी करने पर हिंदू कार्यकर्ता गौतम खट्टर के खिलाफ FIR दर्ज की गई, लेकिन उसने हिंदुओं पर अत्याचार किए उसके लिए यह बोलना जरूरी है।
नेपाल-भारत की खुली सीमा चौकियों पर कस्टम प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ काफी सख्त हो गई हैं। नियम के तहत नेपाली 100 रुपए से अधिक मूल्य के किसी भी सामान पर कस्टम शुल्क देना जरूरी है।
कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने मुफ्त रेवड़ियों के वादे किए, लेकिन सत्ता में आने के दो साल बाद भी यह बोझ आम आदमी की झेल रहा है। सरकारी कर्मचारियों का वेतन लटका हुआ है।
लखनऊ और गाजियाबाद में झुग्गियों में लगी आग को विपक्ष ने 'सरकार की साजिश' बताया पर योगी सरकार ने पीड़ितों की मदद का जिम्मा उठाया न कि साजिश करने का तरीका।