एटा पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कहा है कि जाटव की बारात में शाक्य समुदाय वाले नहीं घुसे थे, बल्कि शाक्यों के घर पर डीजे पर डांस करने जाटव पहुँचे थे।
प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने खुफिया तंत्र को महत्व नहीं दिया, जिसका खामियाजा भारत को 1962 में उठाना पड़ा। इंदिरा गाँधी ने सीआईए को अंदरुनी राजनीति में दखल देने का मौका दिया।
असम में SR की अंतिम मतदाता सूची में 8 मुस्लिम-बहुल इलाकों में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। यह आँकड़ा सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की चिंता को साबित कर रहा है।
योगी सरकार ने बजट में 'रेवड़ी संस्कृति' की जगह अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली ठोस योजनाओं पर जोर दिया है जो दिखाता है कि सरकार को जनता पर पूरा भरोसा है।
अखिलेश यादव की सरकार का 2016-17 का बजट बुनियादी ढाँचे तक सीमित था। पर योगी सरकार के बजट 2026-27 से दिखता है कि अब उत्तर प्रदेश विकास और ग्लोबल ब्रांडिंग की बात करता है।
HC ने कहा है कि 2046 तक देश में बच्चों से ज्यादा बुजुर्ग होंगे लेकिन उनके लिए सिस्टम तैयार नहीं है। जानें- बूढ़ी होती आबादी भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती है।
बांग्लादेश में महिलाओं को बुरा हाल है। चुनाव में चंद महिलाओं को ही टिकट पार्टियों ने दिया है। इसके बावजूद इन महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर जलील किया जा रहा है।
वायरल वीडियो में HDFC बैंक की कर्मचारी आस्था सिंह गुस्से में कहती हैं- ठाकुर हूँ... ब@%$ मत करना। लोगों ने इस वीडियो में 'जातिवाद' को घुसाया। अब आस्था सिंह ने पूरी सच्चाई बताई है।
कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार ने बेंगलुरु मेट्रो के किराए की बढ़ोतरी की तैयारी कर ली थी। लेकिन केंद्र सरकार के निर्देश पर रोक लगा दी। जानें आखिर क्यों किराया बढ़ाने के पीछे सरकार की मंशा क्या है?
कर्नाटक के संगीतकार टीएम कृष्णा यूट्यूब चैनल 'द देशभक्त' को दिए गए एक इंटरव्यू में वंदे मातरम्, आनंदमठ और हिंदू पहचान के लेकर अपनी नापसंदगी खुलकर जाहिर की।
हिन्दुओं को जाति व्यवस्था के नाम पर भला बुरा कहने वाले कार्डिनल बिशप बने पूला एंथनी को दलित कह रहे हैं। आखिर ईसाइयत अपनाने वाला 'दलित' कैसे हो सकता है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में करीब 97 मिनट लंबा भाषण देते हुए कॉन्ग्रेस, TMC समेत विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला
'घूसखोर पंडत' नाम कोई मासूम क्रिएटिविटी नहीं है, यह वही प्रोपेगेंडा है जो बॉलीवुड और नेटफ्लिक्स सालों से इस्तेमाल करते आए हैं, जहाँ पंडित और ब्राह्मण पहचान 'सेफ टारगेट' मानी जाती है।
विजय सिन्हा के सख्त रुख और ईमानदारी से भरे संकल्प ने भ्रष्ट तत्वों में खौफ पैदा कर दिया है। उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।