सोनिया गाँधी ने कहा कि मैं दुखी हूँ लेकिन वो मेरे सहयोगी हैं। जो हुआ सो हुआ, हमें साथ में काम करना चाहिए। पत्र लिखने वालों के खिलाफ मेरे मन में कोई दुर्भावना नहीं है।
शेखर गुप्ता ने आरोप लगाया कि ब्लूम्सबरी ने संजीव सान्याल, आनंद रंगनाथन और संजय दीक्षित जैसे लेखकों की धमकी के बाद दिल्ली दंगों पर किताब का प्रकाशन वापस लिया।
सोनिया गॉंधी ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है। राहुल फिर से जिम्मेदारी सॅंभालने को तैयार नहीं हैं। पर कॉन्ग्रेसियों को अध्यक्ष गॉंधी ही चाहिए। सुबह से चल रहा है ड्रामा।
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से जब भी पर्दा उठेगा तो गाँधी ही निकलेंगे। या तो कुर्सी पर बैठा गाँधी या फिर पर्दे के पीछे से कुर्सी को नचाता गाँधी। 'गैर गॉंधी अध्यक्ष' महज जुमला है।
पिछले दिनों बहरीन में गणेश मूर्तियों को तोड़ती एक बुर्का वाली महिला का वीडियो वायरल हुआ था। इन मूर्तियों को दिव्य पांडे ने अपने घर में स्थापित करने के बाद विसर्जित किया है।
“मैं इर्तिका जावेद, पुत्री जावेद इकबाल शाह, निवासी फेयरव्यू हाउस गुपकर रोड, श्रीनगर, कश्मीर-190001, अपने पासपोर्ट में अपनी माँ का नाम महबूबा मुफ्ती से बदलकर महबूबा सैयद कराना चाहती हूँ।”
यहाँ किसी करीम की गर्लफ्रेंड यह साबित करने के लिए संघर्ष नहीं करती है कि उसका मृत बॉयफ्रेंड आतंकी नहीं था, बल्कि यहाँ किसी अशफाक की बीवी अपने 'जान' को एक हिन्दू नेता की क्रूर हत्या के बाद वापस आने के लिए बड़े प्यार से बोलती है।
सुरक्षा एजेंसियों ने 3 पाक आतंकियों के नेपाल के रास्ते भारत में घुसने की सूचना दी है। इस सूचना के बाद बिहार में नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिगुल फूॅंक दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी नीतीश कुमार की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेगी।
महाराष्ट्र के कॉन्ग्रेस विधायक ने आरोप लगाया है कि राज्य में जितने भी स्थानीय निकायों पर उनकी पार्टी का शासन है, उन्हें शिवसेना के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार द्वारा नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
"उकसाने के लिए ताहिर ने कहा कि हिंदू लोगों ने संप्रदाय विशेष के कई लोगों को मार दिया, उनकी दुकानों को आग लगा दी है... किसी भी हिंदू को छोड़ना नहीं चाहिए।"
हरियाणा के पानीपत में 25 साल की विधवा के साथ लव जिहाद, मारपीट और गर्भवती होने के बाद घर से बाहर निकलने का मामला सामने आया है। महिला को कदम-कदम पर दरिंदगी झेलनी पड़ी।
ब्लूम्सबरी इंडिया ने ज़िया उस सलाम और उज़मा औसफ़ द्वारा लिखित पुस्तक "शाहीन बाग: फ्रॉम ए प्रोटेस्ट टू ए मूवमेंट" प्रकाशित की है। उस किताब में शाहीनबाग के पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया गया है।