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₹45 करोड़ के बँगले में मृत भारतीय परिवार, पास में पड़ी बंदूक… अमेरिका में एडटेक कंपनी के CEO के साथ-साथ पत्नी और 18 साल की बेटी की भी मिली लाश

अमेरिका में संभावित घरेलू हिंसा के मामले में पूरा परिवार खत्म हो गया। भारतीय मूल के दंपत्ति और उनकी इकलौती बेटी का शव घर में ही पड़ा मिला, शव के पास ही बंदूक भी पड़ी मिली है। स्थानीय प्रशासन ने शुरुआती तौर पर इसे घरेलू हिंसा का मामला माना है, लेकिन किसी नतीजे पर पहुँचने से पहले जाँच रिपोर्ट आने का इंतजार करने को कहा है। इस घटना में कभी एडटेक कंपनी के सीईओ रहे राकेश उर्फ रिकी कमल, उनकी पत्नी टीना कमल और 18 साल की बेटी एरियाना कमल की मौत हो गई है।

ये मामला अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य का है। यहाँ राजधानी बोस्टन से 32 किमी दूर कस्बे डोवर की आलीशान कोठी में रहने वाला परिवार मृत मिला। कोई रिश्तेदार पास से गुजर रहा था, जिसकी परिवार से कई दिनों से बात नहीं हो पाई थी, तो वो घर पहुँचा और इस हादसे की खबर स्थानीय प्रशासन को दी। मृतकों में 57 वर्षीय राकेश कमल, उनकी पत्नी 54 वर्षीय टीना और 18 वर्षीय बेटी एरियाना शामिल हैं।

मृतकों में 57 वर्षीय राकेश कमल, उनकी पत्नी, 54 वर्षीय टीना और 18 वर्षीय बेटी एरियाना शामिल हैं। इन तीनों के शव गुरुवार (28 दिसंबर, 2023) को शाम 7 बजे बरामद हुए। इस मामले में नॉरफ़ॉक डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (डीए) माइकल मॉरिससी का बयान आया है, उन्होंने बताया है कि ये हादसा ‘घरेलू हिंसा’ से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि राकेश उर्फ रिकी के शव के पास से हथियार भी बरामद हुआ है।

ऑनलाइन रिकॉर्ड से पता चलता है कि दंपति को हाल के वर्षों में वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवार की कोठी की अनुमानित कीमत 5.45 मिलियन डॉलर है, वह भी एक साल पहले बेच दी गई थी। इस कोठी में 11 बेडरूम हैं, जिसे उन्होंने साल 2019 में खरीदा था। लेकिन बाद में उनकी एडटेक कंपनी एडुनोवा दिवालिया हो गई थी। उनकी पत्नी ने भी पिछले साल खुद के दिवालिया होने की अर्जी दी थी। वहीं, उन्होंने इस कोठी को 3 मिलियन डॉलर में बेच दिया था।

बिहार के दरभंगा में रातों-रात तालाब गायब, भूमाफियाओं ने भरकर बना दी झोपड़ी: सिर्फ कोरोना के दौरान ही गायब हो चुकी हैं 25 तालाब

बिहार के दरभंगा में भूमाफिया ने आबादी के बीच स्थित तालाब पर न सिर्फ कब्जा कर लिया, बल्कि रातों-रात तालाब को ही गायब कर दिया। सुबह लोगों को तालाब की जगह एक झोपड़ी नजर आई। ऐसा तालाब पर कब्जे की नीयत से किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कोशिश पहले भी हुई थी, तब भूमाफिया के उपकरण जब्त कर लिए गए थे। हालाँकि, इस बार रातों-रात इस काम को अंजाम दे दिया गया।

मामला दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना इलाके के वार्ड नंबर चार का है। यहाँ के नीम पोखर इलाके में भूमाफिया ने एक तालाब को गायब कर दिया। उसने तालाब में मिट्टी भरवा दी और अपना कब्जा दिखाने के लिए तालाब के ऊपर एक झोपड़ी भी बना लिया। इस बात की सूचना स्थानीय लोगों ने एसडीपीओ को दी, तब जाकर प्रशासनिक अमले की आँख खुली।


हालाँकि, दरभंगा सदर के एसडीपीओ अमित कुमार जब तक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे, उसे पहले ही भूमाफिया फरार हो चुके थे। इस दौरान अमित कुमार ने स्थानीय लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया है कि ये तालाब सरकारी रिकॉर्ड में है। इसका बाकायदा पट्टा भी होता रहा है, जिसमें मछली पालन होता था।

स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर की अहम जगह पर स्थित इस तालाब पर भूमाफिया की बहुत पहले नजर थी। उन्होंने पहले तालाब का पानी निकाला और उसके बाद दर्जनों ट्रैक्टर लगाकर उसमें मिट्टी भरवाने लगे। तालाब में मिट्टी डालने की जब शुरुआत हुई थी तो लोगों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी थी। इसके बाद लगभग एक सप्ताह पहले प्रशासन ने आकर कुछ सामान जब्त किया था।

लगभग 12 बीघे में फैले इस तालाब को लेकर स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सामान जब्त करने के बाद भूमाफिया ने प्रशासनिक अधिकारियों को मैनेज कर लिया। इसके बाद प्रशासन ने इसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। इस बीच भूमाफिया के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने रातों-रात तालाब को ही गायब कर दिया।

बता दें कि दरभंगा में जमीन की कीमतों बढ़ोत्तरी के बाद सरकारी जमीनों पर भूमाफियाओं की नजर टिक गई है। इसका परिणाम यह हुआ कि दरभंगा शहर से धीरे-धीरे तालाब गायब हो गए। साल 1964 में प्रकाशित गजेटियर में दर्ज है कि उस वक्त तक दरभंगा में 350 से ज्यादा तालाब थे। साल 1989 आते-आते 213 तालाब बच गए। इसका पता शहर के तालाबों के सर्वे के दौरान हुआ।

साल 2021 में दरभंगा नगर निगम की सूची में सिर्फ 119 तालाब रह गए थे, जो साल 2023 में सिर्फ 84 रह गई हैं। अकेले कोरोना के दौरान ही भूमाफियाओं ने 25 से अधिक तालाब पर कब्जा करके उसे गायब कर दिया। दरभंगा के सोनकी थाना के सामने मौजूद तालाब करीब 10 बीघे में फैला था, जो बाद में मात्र 7 से 8 बीघे का रह गया है। इसमें लोगों ने मिट्टी भर कर दुकानें खड़ी कर ली हैं।

विमान में हनुमान चालीसा पढ़ते यात्री, निषाद परिवार के घर में PM मोदी, फूल बरसाता बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी: राममय अयोध्या के दिखे अलग-अलग रूप

मोक्षदायिनी सप्तपुरी में से एक अयोध्या पुरी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तभी आगे बढ़ सकता है, जब वो आधुनिकता के साथ-साथ अपनी विरासत एवं परंपरा को भी लेकर चले। पीएम मोदी अयोध्या में रोड शो भी किया। इस दौरान अयोध्या के लोगों के साथ-साथ बाबरी ढाँचा केस में मुस्लिमों की ओर से मुख्य पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने भी पीएम मोदी के काफिले पर पुष्प वर्षा की।

अयोध्या में पीएम मोदी ने रेलवे स्टेशन और इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इसके अलावा, अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई। पीएम मोदी निषाद समुदाय के रविंद्र के घर गए और उन्हें 22 जनवरी के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी महिला मीरा के घर भी पहुँचे। अयोध्या से पीएम मोदी ने विकास के साथ ही स्वच्छता का भी संदेश दिया।

पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते कहा, “आप लोग 22 जनवरी को देश भर में दीवाली मनाएँ। अपने-अपने घरों में राम ज्योति जलाएँ। 22 जनवरी की शाम पूरे हिंदुस्तान में जगमग-जगमग होनी चाहिए। हर किसी की इच्छा है कि 22 जनवरी को होने वाले आयोजन का साक्षी बनने के लिए वो स्वयं अयोध्या आए, लेकिन अयोध्या में सबका पहुँचना बहुत मुश्किल है।”

उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुए कहा, “मैं सभी राम भक्तों से हाथ जोड़कर प्रणाम के साथ आग्रह करता हूँ कि 22 जनवरी को एक बार विधिपूर्वक कार्यक्रम हो जाने के बाद, अपनी सुविधा के हिसाब से यहाँ आएँ। 22 जनवरी को न आएँ। प्रभु राम को तकलीफ हो, ऐसा हम भक्त नहीं कर सकते। प्रभु राम पधार रहे हैं तो हमें इंतजार करना चाहिए। 550 साल इंतजार किया है, कुछ दिन और इंतजार करें।”

इस दौरान अयोध्या के लोगों से पीएम मोदी ने एक प्रार्थना की, “आपको देश-दुनिया से आने वाले राम भक्तों के स्वागत के लिए तैयार रहना होगा। अब अनंत काल तक ये दिनचर्या चलेगी। इसलिए अब अयोध्यावासियों को एक संकल्प लेना है। ये संकल्प है… अयोध्या नगर को भारत का सबसे स्वच्छ शहर बनाने का। ये स्वच्छ अयोध्या अब अयोध्यावासियों की जिम्मेदारी है।”

इसके बाद पीएम मोदी ने स्वच्छता अभियान को लेकर पूरे देश से निवेदन किया। उन्होंने कहा, “मकर संक्रांति 14 जनवरी से देश के सभी तीर्थस्थलों पर, देश के हर कोने में… 22 जनवरी तक हमें स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए। प्रभु राम सारे देश के हैं। प्रभु राम जब आ रहे हैं तो देश का एक भी मंदिर, एक भी तीर्थस्थल अस्वच्छ नहीं होनी चाहिए।”

पीएम मोदी ने निषाद परिवार को दिया न्योता

पीएम मोदी ने प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने के लिए अयोध्या के निषाद समुदाय को न्योता दिया है। पीएम यहाँ निषाद परिवार से जुड़े रविंद्र माँझी के घर पहुँचे और 22 जनवरी को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया। खुद पीएम मोदी ने उन्हें न्यौता दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बच्ची ने पीएम के साथ सेल्फी ली। बता दें कि राम मंदिर के परिसर में निषाद राज का भी मंदिर बनाए जाने का प्लान है।

पीएम ने उज्ज्वला की लाभार्थी के घर जाकर पी चाय

पीएम अपने अयोध्या दौरे में उज्ज्वला योजना की लाभार्थी मीरा के घर भी गए और उनके आवास पर चाय पी। ये श्रमिक महिला पीएम उज्ज्वला योजना की 10वीं करोड़ लाभार्थी हैं। पीएम मोदी ने मंच से भी इस बात का जिक्र किया।

इकबाल अंसारी ने भी पीएम मोदी पर बरसाए फूल

पीएम मोदी ने अयोध्या पहुँचने के साथ ही 15 किमी लंबा रोड शो किया था। इस रोड शो के दौरान बाबरी मस्जिद के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी भी पहुँचे। उन्होंने भी पीएम मोदी पर फूल बरसाए। इकबाल अंसारी ने कहा कि अतिथियों का स्वागत करना उनका धर्म और कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अयोध्या में खूब विकास किए हैं, जिसके कारण यहाँ देश-विदेश से लोग आ रहे हैं।

अयोध्या के लिए उड़ी पहली प्लेन में हनुमान चालीसा का पाठ

इस बीच, अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए यात्रियों के साथ पहली प्लेन ने उड़ान भरी। इस प्लेन में यात्रियों का स्वागत जय श्री राम के साथ हुआ।

इस प्लेन में सवारी करने वाले यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ही जय श्री राम के नारे लगाए।

वहीं, इस प्लेन में आगे का सफर तय करते हुए यात्रियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसका वीडियो एएनआई ने जारी किया है।

बता दें कि अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होना है। इसके लिए तमाम तैयारियाँ की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारों ने अयोध्या में विकास के ढेर सारे कार्य किए हैं, जिसमें अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण भी शामिल है।

‘भारत के कण-कण और जन-जन का मैं पुजारी’: अयोध्या में स्टेशन और एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद बोले PM मोदी, ₹16000 करोड़ की योजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रेलवे स्टेशन के लोकार्पण और अमृत भारत एवं वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान पीएम मोदी ने रामपथ पर 15 किलोमीटर लंबा रोड शो भी किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निषाद समुदाय से जुड़े रविंद्र के घर गए और फिर उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिला के घर जाकर चाय पी। इसके बाद वे स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर चौक पहुँचे।

वहाँ से वापस आकर पीएम मोदी ने अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। इस दौरान पीएम मोदी ने हजारों करोड़ की परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया। पीएम मोदी ने कहा कि ये उनका सौभाग्य है कि वो रामलला के मंदिर निर्माण के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इन परियोजनाओं से अयोध्या धाम और आसपास के पूरे इलाके की सूरत बदल जाएगी।

पीएम मोदी ने एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने कहा, “आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्यावासियों में ये उत्साह… ये उमंग बहुत स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूँ। मैं भी आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूँ।”

हिंदुओं के लिए प्रसिद्ध मोक्षदायिनी सप्तपुरी में से सातवीं अयोध्यापुरी में प्रधानमंत्री ने कहा, “हम सभी का ये उत्साह ये उमंग थोड़ी देर पहले अयोध्या की सड़कों पर भी पूरी तरह नजर आ रहा है। ऐसा लगता था, कि पूरी अयोध्या नगरी ही सड़क पर उतर आई है। इस प्यार, इस आशीर्वाद के लिए मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।” इसके बाद पीएम मोदी ने लोगों से ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के जयकारे भी लगवाए।

पीएम मोदी ने कहा, “देश के इतिहास में 30 दिसंबर की ये तारीख बहुत ही ऐतिहासिक रही है। आज के ही दिन 1943 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अंडमान में झंडा फहराकर भारत की आजादी का जयघोष किया था। आजादी के आंदोलन से जुड़े ऐसे पावन दिवस पर आज हम आजादी के अमृत काल के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। विकसित भारत के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए अयोध्या धाम से उर्जा मिल रही है।”

अयोध्या और उसके आसपास की परियोजनाओं को लेकर पीएम ने कहा, “आज 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है। ये कार्य अयोध्यावासियों के अथक परिश्रम का परिणाम है। दुनिया में कोई भी देश हो, अगर उसे विकास की नई ऊँचाई पर पहुँचना है तो उसे अपने विरासत को सँभालना ही होगा। हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है, हमें सही मार्ग दिखाती है, इसलिए आज का भारत पुरातन और नूतन दोनों को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “एक समय था, जब इसी अयोध्या में रामलला टेंट में विराजमान थे, आज पक्का घर सिर्फ रामलला को ही नहीं, बल्कि पक्का घर देश के 4 करोड़ गरीबों को भी मिला है। आज भारत अपने तीर्थों को भी सँवार रहा है। वहीं, डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी हमारा देश छाया हुआ है।” आज भारत काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण के साथ ही देश में 30 हजार से ज्यादा पंचायत भवन भी बनवा रहा है।”

उन्होंने कहा, “सिर्फ केदारनाथ का ही पुनर्निर्माण नहीं हुआ, 300 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज भी बने हैं। सिर्फ महाकाल लोक ही विकसित नहीं हुआ, बल्कि हर घर पानी भी पहुँच रहा है। हम सूरज-चाँद को नाप रहे हैं तो भारत की कलाकृतियों को वापस भी ला रहे हैं। आज यहाँ प्रगति का उत्सव है तो कुछ दिन बाद परंपरा का उत्सव भी होगा। आज तकनीकी दिख रही है तो कुछ दिनों बाद अध्यात्म और विरासत भी दिखेगी। यही मेल भारत को 21वीं सदी में सबसे आगे ले जाएगी।”

पीएम मोदी ने कहा, “प्राचीन काल में अयोध्या नगरी कैसी थी, इसका वर्णन महर्षि वाल्मीकि ने विस्तार से किया है।” उन्होंने श्लोक सुनाकर बताया, “वाल्मीकि जी ने बताया है कि महान अयोध्यापुरी धन-धान्य, समृद्धि और आनंद से भरी थी। अयोध्या में विज्ञान और वैराग्य तो था ही, वैभव भी शिखर पर था। अयोध्या नगरी की उसी पुरातन पहचान को हमें आधुनिकता से जोड़कर वापस लाना है। आने वाले समय में अयोध्या नगरी अवध क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे यूपी के विकास को दिशा देने वाली है।”

उन्होंने आगे कहा, “अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के बाद यहाँ आने वाले लोगों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी। इसको ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार अयोध्या में विकास कार्य करा रही है। आज अयोध्या में हाईवे चौड़े हो रहे हैं, नए पुल बन रहे हैं, नई सड़कें बन रही हैं। यातायात के साधनों को सुधारा जा रहा है। अयोध्या में बनने जा रही नई टाउनशिप लोगों के जीवन को आसान बनाएगी। विकास के कार्यों से लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बनेंगे। इससे सभी की आय बढ़ेगी।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज मुझे अयोध्या धाम एयरपोर्ट और अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करने का सौभाग्य मिला। मुझे खुशी है कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। महर्षि वाल्मीकि ने हमें रामायण के माध्यम से प्रभु राम से परिचित कराया। त्रिकालदर्शी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या धाम एयरपोर्ट का नाम रखा गया है, जो हर यात्री को धन्य करेगा। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण वो ज्ञानमार्ग है, जो हमें प्रभु श्रीराम से जोड़ती है।”

उन्होंने कहा, “आधुनिक एयरपोर्ट हमें दिव्य, भव्य, नव्य राममंदिर से जोड़ेगा। ये एयरपोर्ट हर साल 10 लाख यात्रियों की क्षमता वाला है। दूसरा चरण पूरा होने के बाद हर साल 60 लाख यात्रियों की सुविधा इस एयरपोर्ट पर होगी। इसी तरह से अभी रेलवे स्टेशन पर हर रोज 10-15 हजार की क्षमता है। काम पूरा होने पर हर दिन 60 हजार से ज्यादा लोग आ जा सकेंगे। इसी के साथ रामपथ, भक्तिपथ, श्रीराम जन्मभूमि पथ का भी लोकार्पण किया गया है।”

विकास कार्यों में बारे में बताते हुए पीएम ने कहा, “अयोध्या में मेडिकल कॉलेज से लेकर हर सुविधा विकसित की जा रही है। सरयू को प्रदूषण से बचाने के लिए जलशोधन केंद्र बनाया जा रहा है। प्राचीन कुंडों का उद्धार किया जा रहा है। अयोध्या धाम की धरती से अमृत भारत ट्रेन की शुरुआत हुई है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत की ये त्रिशक्ति भारतीय रेलवे का कायाकल्प करने वाली है। इसकी पहली अमृत भारत ट्रेन अयोध्या से गुजर रही है।”

उन्होंने कहा, “दरभंगा से आने वाली ये ट्रेन बिहारवासियों के लिए भगवान रामलला के दर्शन को सुलभ बनाएगी। इससे गरीब परिवारों को भी मदद मिलेगी। ये ट्रेन कम आय वाले वर्गों के लिए भी आरामदायक सफर उपलब्ध कराएगी। गरीब के जीवन की भी गरिमा है, इसी ध्येय के साथ इन ट्रेनों को डिजाइन किया गया है।” पीएम मोदी ने कहा कि विकास और विरासत को जोड़ने में वंदे भारत ट्रेन अहम भूमिका निभा रही है। देश की पहली वंदे भारत ट्रेन काशी से चली थी और आज देश की पहली अमृत भारत ट्रेन अयोध्या से चल रही है।

अयोध्या हवाई अड्डे की खासियत

पीएम मोदी ने जिस अत्याधुनिक हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, उसके पहले चरण को 1450 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल 6500 वर्गमीटर का है, जो सालाना लगभग 10 लाख यात्रियों की सेवा के लिए सुसज्जित है। टर्मिनल भवन का अगला हिस्सा अयोध्या के श्रीराम मंदिर की वास्तुकला को दर्शाता है। टर्मिनल भवन के अंदरूनी हिस्सों को भगवान श्रीराम के जीवन को दर्शाने वाली स्थानीय कला, पेंटिंग और भित्तिचित्रों से सजाया गया है।

अयोध्या हवाई अड्डे का टर्मिनल भवन विभिन्न सुविधाओं से सुसज्जित है, जैसे इन्सुलेशन छत प्रणाली, एलईडी प्रकाश व्यवस्था, वर्षा जल संचयन, फव्वारे के साथ भूनिर्माण, जल उपचार संयंत्र, सीवेज उपचार संयंत्र, सौर ऊर्जा संयंत्र तथा ऐसी कई अन्य सुविधाएँ प्रदान की गई हैं। ये सभी सुविधा गृह 5 स्टार रेटिंग के अनुरूप हैं। इस हवाई अड्डे से क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे पर्यटन, व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने किया इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

पीएम मोदी ने सुबह अयोध्या एयरपोर्ट के गेट नंबर 3 से रामपथ पर 15 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इसके बाद पीएम मोदी ने अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया। उस उन्होंने नई अमृत भारत ट्रेनों और वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अयोध्या से ही पूरे राज्य में फैली 15,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इनमें अयोध्या और उसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 11,100 करोड़ रुपए की परियोजनाएँ और पूरे यूपी में अन्य परियोजनाओं से संबंधित लगभग 4600 करोड़ रुपए की परियोजनाएँ शामिल हैं। पीएम की परिकल्‍पना अयोध्या में आधुनिक विश्वस्तरीय संचरना का विकास, कनेक्टिविटी में सुधार और शहर के समृद्ध इतिहास एवं विरासत के अनुरूप सुविधाओं का कायाकल्‍प करना है।

पीएम की इस परिकल्‍पना को साकार रूप देने के लिए शहर में एक नए हवाई अड्डे, नए पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन, नव पुनर्विकसित चौड़ी और सौन्‍दर्यपूर्ण सड़कों तथा अन्य नागरिक अवसंरचना का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा, कई नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई, जो अयोध्या और उसके आसपास नागरिक सुविधाओं के सौंदर्यीकरण और सुधार में योगदान देंगी।

‘श्रीराम का मंदिर भी बनवाया, नई शिक्षा नीति भी लेकर आए’: मॉरीशस के सांसद ने भी दोहराया ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नारा, कहा – हम सब खुश और गर्वित

मॉरीशस के सांसद महेंद गंगा प्रसाद ने अयोध्या में राम मंदिर बनने से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद हो गए। उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा जोर देकर कहा,”केवल पीएम मोदी ही अयोध्या की प्रसिद्धि वापस दे सकते थे और उन्होंने ये कर दिखाया।”

मॉरीशस की लेबर पार्टी से सांसद महेंद गंगाप्रसाद इन दिनों भारत में हैं। उन्होंने आगे कहा, “आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि मैं कितना गर्व महसूस कर रहा हूँ। आपमें से अधिकांश लोगों और मॉरिशस के अधिकतर हिंदू धर्म मानने वाले लोग बहुत खुश है और उन्हें गर्व है कि रामजी के पास आज अपना मंदिर है जहाँ वो पैदा हुए थे।”

मॉरिशस सांसद ने कहा,” मैं ईमानदारी से ऐसा कह सकता हूँ कि केवल पीएम मोदी ही ऐसा कर सकते थे और उन्होंने कर दिखाया है। जिस तरह से मंदिर बन रहा है और बनाया गया है, हमें मोदी जी पर गर्व है जो उन्होंने किया।” इस दौरान सांसद गंगाप्रसाद ने पीएम मोदी के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों को भी सराहना की।

इस दौरान सांसद गंगाप्रसाद ने पीएम मोदी के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों को भी सराहना की। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के कार्यकाल में शिक्षा का क्षेत्र हर तरफ से फला-फूला है। स्कूलों और विश्वविद्यालयों से निकलने वाले छात्र वो नए भारत, नई शिक्षा प्रणाली को प्रतिबिंबित करते हैं। इसके लिए मैं मुझे मोदी जी को उनकी शिक्षा नीतियों और उन्हें लागू करने के लिए धन्यवाद कहने की जरूरत महसूस होती है।”

उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी एक करिश्माई नेता है। वो अपने आप में ही अनूठे नेता है। उन्होंने भारत की नियति और तस्वीर को बदल दिया है। उन्होंने कहा, “आज, लोग भारत की ओर देखते हैं और मुझे लगता है कि एक शख्स जो हमारे आभार और हमारी तारीफ का हकदार है, वह नरेंद्र मोदी हैं, उन्होंने जो कुछ भी किया है उसके लिए।”

उन्होंने कहा कि यह नया भारत केवल उनके नजरिए की वजह से ही संभव हो पाया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनके कार्यकाल में, भारत का भविष्य आज की तरह बहुत उज्ज्वल है। मुझे लगता है, लोगों के भारत को देखने के तरीके में बदलाव आया है। और मोदी जी को धन्यवाद, कई देश भारत से दोस्ती करना चाहते हैं। वे भारत के साथ बहुत करीबी संबंध रखना चाहते हैं।”

भारत-मॉरीशस के रिश्तों पर गंगाप्रसाद ने कहा कि रिश्ते को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम मॉरीशसवासियों का भारत के साथ हमेशा बहुत अच्छा रिश्ता रहा है और मोदी के कार्यकाल में यह रिश्ता और मजबूत हो रहा है और इसके लिए मैं श्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूँ।” उन्होंने कहा, “मोदी है तो मुमकिन है।”

‘राम सिर्फ हिन्दुओं के भगवान नहीं, पूरी दुनिया के हैं’: प्राण-प्रतिष्ठा से पहले कश्मीर वाले फारूक अब्दुल्ला ने दी ‘मुबारकबाद’, पाकिस्तान पर भी बोले

अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को होने जा रहा है। इसे लेकर देश -विदेशों से बधाईयाँ आ रही हैं। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी मुबारकबाद दी है, हालाँकि वो इस शुभकामना के साथ वो पाकिस्तान का राग अलापना नहीं भूले।

NC अध्यक्ष अब्दुल्ला ने राम मंदिर के उद्घाटन पर मुबारकबाद देते हुए कहा, “भगवान राम का मंदिर खुलने वाला है, मैं उन सबको मुबारकबाद देता हूँ जिन्होंने इसकी कोशिश की कि राम का मंदिर बने और वो तैयार हो गया है। साथ-साथ उनसे ये भी कहता हूँ, सबसे भारत के निवासियों से भी कि भगवान राम सिर्फ हिंदुओं का राम नहीं है। वो सब दुनिया के लोगों का विश्व का राम है। उनके पुस्तकों में लिखा हुआ है। वो विश्व का राम है।”

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने (राम) भाईचारे की, मोहब्बत की, एक-दूसरे की सहायता की बात की है जिंदगी में। और हर बार कहा है कि जो नीचे गिरा हुआ है उसको उठाने की कोशिश करो। कभी ये नहीं कहा उसका धर्म क्या है, उसकी शक्ल क्या है, उसकी जबान क्या है, वो कहाँ से आता है, बल्कि एक यूनिवर्सल मैसेज दिया, सबके लिए, सारे विश्व के लिए कि एक-साथ रहें, तरक्की करें और भाईचारे में रहें। आज जब ये मंदिर खुलने वाला है मैं सब भाई-बहनों से कहना चाहता हूँ कि उस भाईचारे को कायम करिए जो आहिस्ता-आहिस्ता हमारे वतन से गायब हो रहा है।”

जम्मू कश्मीर में हाल ही में आतंकी घटनाओं में बलिदान हुए जवानों पर दुःख जताते हुए उम्रदराज एनसी अध्यक्ष अब्दुल्ला भारत को फिर से पाकिस्तान से बातचीत की नसीहत देने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि कि पड़ोसी से दोस्ती और बातचीत होनी ही चाहिए।

साथ ही वो चेताना भी नहीं भूले कि यह याद रखा जाना चाहिए कि दोनों देश परमाणु हथियार लैस मुल्क हैं। आतंकवाद को मजहब से जोड़ने का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि मजहब कभी भी आतंकवाद की इजाजत नहीं देता।

बताते चलें कि अभी तीन दिन पहले ही फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि यदि आतंकवाद पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से बात नहीं की जाएगी तो कश्मीर की हालात गाजा जैसी हो जाएगी। यही नहीं शनिवार (30 दिसंबर, 2023) को एनसी अध्यक्ष ने कहा है कि लोग चुनी हुई सरकार चाहते हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जल्द चुनाव कराने पर भी जोर दिया।

पुष्पवर्षा से PM मोदी का स्वागत, ‘अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन’ का किया उद्घाटन: ‘रामपथ’ पर मेगा रोड शो, इन 8 ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या एयरपोर्ट पहुँचे, जहाँ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट के गेट नंबर 3 से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य रोडशो किया, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनर्विकसित अत्याधुनिक अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया और फिर उन्होंने 2 अमृत भारत के साथ ही 6 वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (30 दिसंबर 2023) को अयोध्या पहुँचे। अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ही होना है, वहाँ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। एयरपोर्ट के गेट नंबर 3 से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन तक ‘रामपथ’ पर उन्होंने मेगा रोड शो किया।

इस रोडशो के दौरान भारी संख्या में लोग उपस्थित हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोगों ने फूल बरसाए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सभी का अभिवादन किया।

अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन के साथ ही नई सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इसमें तीन मंजिला आधुनिक रेलवे स्टेशन भवन लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा जैसी सभी आधुनिक सुविधाएँ हैं। पूजा की ज़रूरतों के लिए दुकानें, क्लॉक रूम, बच्चों की देखभाल के कमरे, प्रतीक्षालय – ये सब बनाए गए हैं। स्टेशन भवन ‘सभी के लिए सुलभ’ और ‘आईजीबीसी प्रमाणित ग्रीन स्टेशन भवन’ है।

वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन से 2 अमृत भारत ट्रेनों और 6 वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री ने जिन अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, उनमें से एक अमृृत भारत ट्रेन दरभंगा से आनंद विहार टर्मिनल वाया अयोध्या और दूसरी मालदा टाउन से एम विश्वेश्वरैया टर्मिनस, बेंगलुरू तक चलेगी। वहीं, छह वंदे भारत ट्रेनों में श्री माता वैष्णो देवीकटरा-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृतसर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, कोयंबटूर-बेंगलुरू कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस, मैंगलुरू-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस, जालना-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस और अयोध्या-आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत एक्सप्रेस हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से तीन सप्ताह पहले ही अयोध्या पहुँचे हैं और विकास कार्यों का लोकार्पण कर रहे हैं।

‘ज़्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं PM मोदी, BJP को अर्थव्यवस्था की भी समझ नहीं’: कपिल सिब्बल के शो में सुब्रह्मण्यम स्वामी, दोनों को सरकार में न होने का मलाल

कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता और सीनियर वकील कपिल सिब्बल अब नए अवतार में हैं। वो अब इंटरव्यू देने नहीं, बल्कि इंटरव्यू लेने वाले बन गए हैं। दरअसल, उन्होंने वामपंथी प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘द वायर’ पर ‘सेंट्रल हॉल विद कपिल सिब्बल’ नामक एक टॉक शो शुरू किया है। इसका पहला एपिसोड 29 दिसंबर 2023 को यूट्यूब पर स्ट्रीम किया गया।

इस शो में कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के साथ बात करते नजर आ रहे हैं। इस शो में दोनों ‘अर्थव्यवस्था के हालात’ टॉपिक पर बात करते करते हैं। इस शो की खास बात ये है कि इसमें कॉन्ग्रेसी नेता सिब्बल अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर हमला करने से नहीं चूकते हैं। हालाँकि शो में उनकी ये कोशिश धरी रह गई, क्योंकि इस मुद्दे पर आँकड़ों ने उन्हें आईना दिखा दिया।

इनमें भारतीय अर्थव्यवस्था का अच्छा प्रदर्शन बगैर कहें ही बहुत कुछ कह रहा था। इस पर जब सिब्बल से कुछ कहते नहीं बना तो उन्होंने ये तो माना कि देश की अर्थव्यवस्था खुद से ही बेहतर कर रही है, लेकिन खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे के तरह ये कहने से बाज नहीं आए कि मौजूदा सरकार अर्थव्यवस्था के बारे में कुछ नहीं जानती है।

इस शो में दोनों नेताओं के बीच बात आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स से शुरू हुई। सिब्बल ने कहा कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था AI को अपना रही है। उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी से पूछा कि इस क्षेत्र में भारत के लिए क्या चुनौतियाँ होंगी। इस पर स्वामी ने जवाब दिया कि भारत इस चुनौती का अच्छी तरह से सामना कर सकता है।

उन्होंने दावा किया कि नासा (NASA) एआई कार्यक्रमों में संस्कृत का इस्तेमाल करने के लिए शोध कर रहा है। अर्थशास्त्री स्वामी ने ये भी दावा किया कि नासा रोबोटों के लिए अंग्रेजी के बजाय संस्कृत को प्राथमिकता दे रहा है, क्योंकि संस्कृत में एक ही वर्तनी यानी स्पैलिंग के लिए अलग-अलग उच्चारण नहीं हैं, जैसे कि बट (But) और पुट (Put)।

इस मामले में ये बात गौर करने लायक है कि लंबे वक्त से इंटरनेट पर अफवाह है कि नासा AI और रोबोटिक्स के लिए संस्कृत पर शोध कर रहा है और यह काफी हद तक निराधार है। नासा एक अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है। ये आवाज पहचान प्रणालियों में सक्रिय तौर से शामिल नहीं है और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि अमेरिकी सरकारी एजेंसी AI में संस्कृत के इस्तेमाल पर शोध कर रही है।

दरअसल, इस अफवाह की जड़ 1985 में नासा के एक सहायक वैज्ञानिक का छपा एक शोध पत्र है। इसका शीर्षक था ‘संस्कृत में ज्ञान प्रतिनिधित्व और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’। यह वैज्ञानिक का नितांत निजी काम था और इसका कोई सुबूत नहीं है कि नासा ने इस विषय पर कोई और अध्ययन किया हो।

शो में बात को आगे बढ़ाते हुए कॉन्ग्रेसी नेता सिब्बल से बीजेपी नेता स्वामी ने कहा कि भारतीयों ने Y2K परेशानी का समाधान कर लिया है और पश्चिम को भविष्य में भी भारत पर निर्भर रहना होगा। हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा कि यह देश के नेतृत्व पर निर्भर करेगा। दरअसल, Y2K साल 2000 के बाद तारीखों के लिए कैलेंडर डेटा की फॉर्मेटिंग और स्टोरेज से जुड़ी संभावित कंप्यूटरीकृत गलतियों से जुड़ा था।

स्वामी ने आगे कहा, “यदि आपके पास बेवकूफ नेतृत्व है…”। इस बीच सिब्बल ने उन्हें टोकते हुए पूछा कि क्या वह ये कह रहे हैं कि मौजूदा नेतृत्व बेवकूफ है। इस पर स्वामी ने जवाब दिया कि आज के नेतृत्व में कोई विद्वान नहीं हैं।

जब कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार में उच्च शिक्षित लोग हैं तो स्वामी ने जवाब दिया, “तो उनमें प्रधानमंत्री को यह बताने का दम होना चाहिए, जो कि उच्च शिक्षित नहीं हैं। मुझे नहीं पता कि वह किस विषय में उच्च शिक्षित हैं…।” दरअसल स्वामी साफ तौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा की ओर इशारा कर रहे थे।

इस दौरान सिब्बल बातचीत का रुख दूसरे टॉपिक्स की तरफ मोड़ते, उससे पहले ही स्वामी को जो बोलना था वो बोल चुके थे। हालाँकि फिर दोनों नेता अर्थव्यवस्था पर बातचीत करने लगे। स्वामी ने कहा कि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के करीब भी नहीं है। बता दें कि पीएम मोदी ने भारत को 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।

इस शो के दौरान स्वामी को सिब्बल को अर्थव्यवस्था के बारे में कुछ बुनियादी बातें सिखानी चाहिए थीं। सिब्बल ने जोर देकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था खराब है, क्योंकि देश में प्रति व्यक्ति जीडीपी की संख्या कम है। इसके लिए सिब्बल ने ब्राजील और इंडोनेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में भारत के मुकाबले प्रति व्यक्ति जीडीपी अधिक है।

उन्होंने कहा कि देश में प्रति व्यक्ति जीडीपी संख्या कम होने से निवेश करने के लिए पैसा नहीं है। इस पर स्वामी ने उन्हें समझाते हैं कि अर्थव्यवस्था को प्रति व्यक्ति नहीं, बल्कि कुल सकल घरेलू उत्पाद संख्या में मापा जाना चाहिए। स्वामी ने आगे बताया कि निवेश को मापने के लिए प्रति व्यक्ति नहीं, बल्कि जीडीपी को लेना होगा।

हालाँकि, इसके बाद भी स्वामी ने मोदी सरकार पर हमला जारी रखा और दावा किया कि मौजूदा सरकार में कोई भी अर्थशास्त्र के बारे में कुछ भी नहीं समझता है। उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों को कुछ नहीं पता, सब कुछ नौकरशाह ही चलाते हैं और मंत्री सिर्फ फाइलों पर दस्तखत करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पीएमओ के पास एक अधिकारी है, जिन्होंने साल 1972 में लंदन से विकासात्मक अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है, लेकिन ये अब प्रासंगिक नहीं है। स्वामी ने दावा किया कि सरकार के पास कुछ अच्छे आर्थिक सलाहकार थे, लेकिन उनमें से ज्यादातर चले गए, क्योंकि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। स्वामी ने सरकार के जारी जीडीपी आँकड़ों पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि वह इस बारे में ‘द हिंदू’ में लिख रहे हैं, लेकिन कोई उन्हें नहीं पढ़ता है। स्वामी ने कहा कि नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बदल दिया और ऐसा परिवर्तन अब नहीं हो रहा है। स्वामी ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह को भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनके काम के लिए उचित श्रेय नहीं मिलता है। मौजूदा सरकार को सिर्फ राजनीति की फिक्र है, अर्थव्यवस्था की नहीं।

शो में सिब्बल और स्वामी दोनों के इस निष्कर्ष पर पहुँचने के बाद कि मोदी सरकार अर्थव्यवस्था नहीं चला सकती, दोनों एक-दूसरे को वित्त मंत्री बनाने की सिफारिश करने लगे। स्वामी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था चीन सहित कई अन्य प्रमुख देशों के मुकाबले में बेहतरीन बनावट में है और हम इसमें बदलाव ला सकते हैं।

इस पर सिब्बल ने कहा, “अगर हमारे पास आप जैसे लोग हों तो हम ये कर सकते हैं।” इस पर स्वामी ने तुरंत जवाब दिया, “या आप भी।” स्वामी ने दावा किया कि सिब्बल कानून जानते हैं, इसलिए वह भारतीय अर्थव्यवस्था को बदलने के काबिल हैं। उन्होंने दावा किया कि राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी कम हो गई है, क्योंकि अब सारा कर केंद्र वसूलता है।

स्वामी और सिब्बल ने ये भी दावा किया कि सरकार राजनीतिक वजहों से कर संग्रह पर एकाधिकार रख रही है। जब सिब्बल ने स्वामी से पूछा कि अगर उन्हें 2024 में सत्ता मिलती है तो वे क्या करेंगे तो स्वामी ने जवाब दिया कि वह आयकर खत्म कर देंगे और फिर ब्याज दरें कम कर देंगे। आखिर में स्वामी ने कहा, “आपको और मुझे सरकार में होना चाहिए।” फिर सिब्बल ने यह कहकर हँसते हैं कि ये असंभव लगता है।

उत्तराखंड सरकार का ‘लैंड जिहाद’ पर प्रहार, खाली कराई 5000 एकड़ जमीन: CM धामी बोले – भगवान राम की कृपा, देवभूमि का मूल स्वरूप बनाए रखेंगे

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार (29 दिसंबर, 2023) को कहा कि प्रदेश में 5000 एकड़ से अधिक की ‘लैंड जिहाद’ के जरिए हड़पी भूमि को उनकी सरकार ने मुक्त कराया है और आगे भी उनकी कोशिशें जारी रहेंगी। दरअसल, दिल्ली के IP एक्सटेंशन में एक ‘राम कथा’ में भाग लेने के दौरान उन्होंने ये खुलासा किया।

सीएम धामी ने कहा, “देवभूमि के अंदर हमने बहुत सारे चुनौतीपूर्ण और कठिन काम उन पर भी भगवान राम की कृपा से हमने निर्णय लिया है कि हम उस पर आगे बढ़ेंगे। कठोर निर्णय लेने से भी हम पीछे नहीं हटेंगे। हमने कठोर निर्णय लिए हैं फिर चाहे वो अतिक्रमण का मामला हो क्यों न हो।”

उन्होंने आगे कहा कि आपने ने देखा होगा राज्य के अंदर आज 5 हजार एकड़ से भी ज्यादा जमीन जो ‘लैंड जिहाद’ के तौर पर अतिक्रमण की गई थी उसे अतिक्रमण से मुक्त कराने का काम हमने किया है। प्रदेश के अंदर जो ‘लैंड जिहाद’ चलता था उस लैंड जिहाद से मुक्ति का काम हमने प्रारंभ किया है।”

इस दौरान सीएम धामी ने ये भी कहा कि इस सबके साथ-साथ देव भूमि का जो मूल स्वरूप है। जिसके लिए देव भूमि जानी जाती है। देवभूमि का वो मूल स्वरूप बना रहे उसके लिए हम यथा संभव हर कोशिश, हर प्रयत्न कर रहे हैं।

बताते चलें कि उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की बार-बार शिकायतों के बाद सीएम धामी ने राज्य पुलिस और वन विभाग को सभी अवैध संरचनाओं की पहचान करने का निर्देश दिया था।

इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि धर्म की राह पर चलने जीवन में कोई दुविधा नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यसेवक के तौर पर धर्म के मार्ग पर चलते हुए वो जो भी फैसले लेते हैं वो खुद ही समाज हित में सही हो जाते हैं।

राज्य सरकार के मुहैया कराए गए आँकड़ों के मुताबिक, मई 2023 तक राज्य के अधिकारियों ने लैंड जिहाद के जरिए अतिक्रमण की गई कुल 3,793 ऐसी जगहों की पहचान की थी। इस तरह के अतिक्रमण के सबसे अधिक मामले नैनीताल जिले में पाए गए। इस जिले में 1,433 से अधिक जगहों पर अतिक्रमण पाया गया था।

वहीं उसके बाद 1,149 अतिक्रमण हरिद्वार जिले में पाए गए। चमोली में 423 अवैध ढाँचे पाए गए थे। वहीं राज्य के अन्य जिलों में जिनमे टेहरी (209), अल्मोड़ा (192) और चंपावत (97) शामिल हैं। अधिकांश अतिक्रमण वन भूमि पर थे। इस साल की शुरुआत में अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू होने के बाद से, राज्य में करीब 500 ‘मजारों’ और लगभग 50 मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया है।

कनाडा का एक और खालिस्तानी लखबीर सिंह लांडा को भारत ने किया आतंकी घोषित, 2022 आरपीजी हमले का है मास्टरमाइंड

कनाडा का एक और खालिस्तानी भारत सरकार की तरफ से आतंकवादी करार दिया गया है। सरकार ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सदस्य और गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत उसे आतंकी घोषित किया है। लांडा पर भारत में हत्या, हत्या के प्रयास सहित दर्जनों मामले दर्ज हैं।

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार (29 दिसंबर 2023) को एक अधिसूचना जारी कर इस फैसले के बारे में जानकारी दी है। इसके मुताबिक, 33 साल का लांडा कनाडा में रह रहा है और वह पाकिस्तान से भारत में तस्करी किए जाने वाले हथियारों और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) की निगरानी करने वाला मुख्य कर्ताधर्ता है।

उसके खिलाफ पहले से ही एनआईए ने कई मामले दर्ज किए हैं। वह मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर 9 मई 2022 को हुए रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले का मास्टरमाइंड है। इस केस में लांडा के खिलाफ पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने केस दर्ज किया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, लांडा के कनाडा के खालिस्तान समर्थक तत्वों (PKEs) के साथ भी नजदीकी रिश्ते हैं। इसके सदस्यों में खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का मारा गया आतंकी हरदीप सिंह निज्जर शामिल है। इसके अलावा, सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और कई खालिस्तानियों से भी इसके रिश्ते हैं।

कौन है लांडा

लांडा पंजाब के तरनतारन जिले के हरिके का मूल निवासी है। खुफिया एजेंसी के मुताबिक, फिलहाल वो कनाडा के अल्बर्टा में छिपा है। NIA ने लांडा के खिलाफ साल 2021 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। गृह मंत्रालय के मुताबिक, लांडा पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सीमा पार से कई आतंकी मॉड्यूलों को IED, हथियार, विस्फोटकों आदि की आपूर्ति करता है।

साल 2017 में कनाडा फरार हुए लखबीर सिंह लांडा के सिर एनआईए ने ईनाम का ऐलान भी कर रखा है। एनआईए ने इस साल सितंबर महीने में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी लखबीर सिंह लांडा और पाकिस्तान में छिपकर बैठे हरविंदर सिंह रिंदा समेत पाँच आतंकवादियों के बारे में जानकारी देने वालों को नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया था।

एजेंसी ने लांडा और रिंदा के बारे में जानकारी देने के लिए 10 लाख रुपए के ईनाम का ऐलान किया था। इसके अलावा, परमिंदर सिंह कैरा उर्फ पट्टू, सतनाम सिंह उर्फ सतबीर सिंह और यादविंदर सिंह के सिर पर 5-5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है। ये सब लांडा के सहयोगी हैं। बताते चलें कि लांडा से पहले गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार ने साल 2020 में ‘आतंकवादी’ घोषित किया था।