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मुंबई में जगह-जगह ब्लास्ट की फिर धमकी, पुलिस अलर्ट: पहले RBI सहित 11 बैंकों में धमाके करने की कॉल करने वाले रफीक हुआ था गिरफ्तार

नई साल के स्वागत में दुनिया भर के लोग सेलिब्रेशन के मूड में हैं। भारत में भी लोग लोग पार्टी के लिए तरह-तरह से तैयारियाँ कर रहे हैं। इसी बीच मुंबई पुलिस को एक शख्स का कॉल प्राप्त हुआ है, जिसमें बम विस्फोट करने की धमकी दी गई है। कॉल मिलने के बाद मुंबई पुलिस अलर्ट हो गई। हालाँकि, अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।

दरअसल, शनिवार (30 दिसंबर 2023) की शाम करीब छह बजे पुलिस को एक कॉल आया। कॉलर ने मुंबई में जगह-जगह धमाके करने की धमकी दी और फिर फोन काट दिया। इसके बाद पुलिस कॉल करने वाले शख्स का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही शहर में जगह जगह तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है। 

बता दें कि मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में नए साल का जश्न जोर-शोर से मनाया जाता है। ऐसे में पुलिस अलर्ट मोड में रहती है। दिल्ली में भी पुलिस दो दिन पहले से ही वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही है। दिल्ली के बाहर से जाने वाली गाड़ियों की जाँच की जा रही है।

दरअसल, 26 दिसंबर को भी मुंबई पुलिस को ऐसी ही एक कॉल आई थी। उसमें कहा गया था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ऑफिस सहित मुंबई के 11 बैंकों पर बम रखा गया है और उन्हें उड़ा दिया जाएगा। यह धमकी को RBI को एक ईमेल के जरिए दी गई थी। इसको देखते हुए पुलिस ने धारा 144 लागू कर दिया था।

हालाँकि, यह कॉल झूठी साबित हुई। इसमें मुंबई क्राइम ब्रांच ने तीन लोगों को पकड़ा है। इसमें से एक की पहचान आदिल रफीक के तौर पर हुई है। दूसरा उसका रिश्तेदार और तीसरा उसके रिश्तेदार का दोस्त है। इन लोगों को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किया गया है।

‘इस अपराध के लिए बख्शेंगे नहीं’ : रूस के बेलगोरोद शहर में ड्रोन से बमबारी, 21 की मौत, 110 घायल; पुतिन ने खाई बदला लेने की कसम

रूस के बेलगोरोद में एयर स्ट्राइक की खबर है। हमले में 3 बच्चे समेत 21 लोग मारे गए जबकि 110 लोग घायल हो गए। रूस ने इस हमले का बदला लेने की कसम खा ली है। ये शहर यूक्रेन सीमा के पास है। माना जा रहा है कि ये एयरस्ट्राइक यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई में की है। हालाँकि यूक्रेन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।

हमला 30 दिसंबर को हुआ। इस दौरान क्लस्टर बमों से ताबड़तोड़ हमले किए गए। हमले के बाद कुछ फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आई है इसमें जलती हुई कारें, क्षतिग्रस्त इमारतें और चारों ओर धुआँ नजर आ रहा है। राष्ट्रपति पुतिन ने इस हमले के बाद बैठक की है। घटनास्थल पर मेडिकल सुविधा पहुँचाई गई है। घायलों का इलाज चल रहा है।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया मॉस्को, ओरयोल, ब्रांस्क और कुर्स्क क्षेत्रों के आसमान पर भी ड्रोन देखे गए हैं। उन्होंने इस हमले के पीछे यूक्रेन का नाम लेते हुए कहा कि यूक्रेन की सरकार अग्रिम मोर्चे पर हुई हार से ध्यान हटाने और हमें इसी तरह की कार्रवाई करने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा है।

रूसी अधिकारियों ने इस हमले के लिए ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपिय देशों को जिम्मेदार ठहराया कि वो यूक्रेन को हथियार भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही देश यूक्रेन को रूस के खिलाफ हमलों के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने इसे आतंकी हमले जैसा बताया है और कहा है कि इसकी सजा उन्हें जरूर मिलेहगी।

बता दें कि शनिवार (30 दिसंबर 2023) को हुए इस हमले से एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर 122 मिसाइलों और 36 ड्रोन से हमले किए थे। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंसकी का दावा था कि इस हमले से 39 लोगों की जान गई है और 159 लोग घायल हुए हैं।

विपश्यना से 10 दिन बाद लौटे CM केजरीवाल, अब जाएँगे ED को जवाब देने?: दिल्ली आकर बोले- खुद को ऊर्जावान महसूस कर रहा हूँ

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन के बीच ‘शांति की खोज’ में गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल वापस लौट आए हैं। केजरीवाल 20 दिसंबर 2023 को 10 दिन के विपश्यना कोर्स के लिए पंजाब के होशियारपुर स्थित आनंदगढ़ गाँव गए थे। वे शनिवार (30 दिसंबर) को लौट आए हैं। अब सवाल है कि वे ED द्वारा भेजे गए समन का जवाब देंगे या नहीं।

अरविंद केजरीवाल ने अपनी सोशल मीडिया पर लिखा है कि वे अब खुद को ऊर्जा से सराबोर महसूस कर रहे हैं और दिल्ली के लोगों की सेवा के लिए तैयार हैं। उन्होंने लिखा, “10 दिन की विपश्यना साधना के बाद आज वापिस लौटा। इस साधना से असीम शांति मिलती है। नई ऊर्जा के साथ आज से फिर जनता की सेवा में लगेंगे। सबका मंगल हो!”

दरअसल, दिल्ली के शराब नीति के कथित घोटाले में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को तीसरी बार समन जारी किया है और 3 जनवरी 2024 को पूछताछ के लिए बुलाया है। अब सवाल है कि अरविंद केजरीवाल पूछताछ में जाते हैं या नहीं, क्योंकि उन्हें भी अब अपनी गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और AAP सांसद संजय सिंह को पूछताछ के दौरान ही गिरफ्तार किया गया था।

इसके पहले ED मुख्यमंत्री केजरीवाल को शराब नीति मामले में दो बार समन जारी किया जा चुका है, लेकिन वो जवाब देने के लिए नहीं आए। इससे पहले, ईडी ने 18 दिसंबर 2023 को सीएम केजरीवाल के खिलाफ दूसरा समन जारी किया था और उन्हें 21 दिसंबर 2023 को पेश होने के लिए कहा था।

हालाँकि, पेश होने के बजाय आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने इस समन को राजनीति से प्रेरित करार दिया था। उन्होंने कहा था कि ईडी ने ये समन ऐसे समय में जारी किया, जब वो 20 दिसंबर 2023 को विपश्यना के लिए पंजाब रवाना होने वाले हैं। इसके बाद वो इसमें शामिल नहीं हुए थे।

वहीं, ईडी ने इस मामले में 2 नवंबर 2023 को पहला समन भेजकर अरविंद केजरीवाल को पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया था। तब अरविंद केजरीवाल खुद को चुनाव में व्यस्त बताकर ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था। वो मध्य प्रदेश के सिंगरौली में चुनाव प्रचार करने चले गए थे।

दिल्ली की आबकारी नीति में घोटाले में दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री और लाइसेंसिंग का काम निजी कंपनियों को दे दिया था। इस नीति पर कई सवाल उठे थे, जिसमें यह भी सवाल था कि क्या इस नीति से दिल्ली सरकार को राजस्व में नुकसान हुआ है। ईडी ने इस घोटाले की जाँच शुरू की और उसने कई लोगों से पूछताछ की।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का हमला

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार (30 दिसंबर 2023) को कहा कि सीएम केजरीवाल इसे लंबे समय तक नहीं टाल सकते। उन्होंने कहा, “शुरुआत में उन्होंने चुनाव और फिर विपश्यना का बहाना बनाया और अब देखते हैं कि वह 3 जनवरी को क्या स्पष्टीकरण देते हैं। वह इससे ज्यादा समय तक बच नहीं सकते, उन्हें एजेंसी के सामने पेश होना होगा।”

भाजपा नेता सचदेवा ने आगे कहा, “अस्पताल नकली दवाएँ दे रहे थे, लोग प्रदूषण से परेशान थे… इस दौरान दिल्ली के सीएम असीम शांति की तलाश में थे। उन्हें शांति मिली, लेकिन दिल्ली के लोगों का क्या?”

ED के समन की अनदेखी कब तक?

सीएम केजरीवाल ED के समन को लागतार अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जाँच एजेंसी के समन के बाद कोई कितनी बार पेशी से बच सकता है और ऐसे में ED के पास और क्या-क्या विकल्प बचते है? जानकारों के अनुसार, ED तीन बार तक पेश होकर सबूत, बयान या पूछताछ में सहयोग करने के लिए कह सकती है।

अगर कोई व्यक्ति तीसरी बार भी समन मिलने पर पूछताछ में सहयोग के लिए नहीं पहुँचता है तो एजेंसी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है। जरूरत पड़ने पर एजेंसी कोर्ट में गैर-जमानती वारंट जारी करने के लिए अर्जी लता सकती है। इसके बाद कोर्ट गैर-जमानती वारंट जारी कर सकता है और ईडी उसे गिरफ्तार। कर सकती है।

महिला को प्रेगनेंट करो और पाओ ₹13 लाख का इनाम: बिहार में ठगी का नया तरीका, 8 गिरफ्तार, दर्जन भर फरार

बिहार के नवादा में साइबर थाना की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो महिलाओं को माँ बनाने के नाम पर दूसरे राज्यों के पुरुषों को ठग रहा था। पुलिस ने इस केस में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि दर्जन भर अपराधी फरार हो गए। पकड़े गए ठगों के पास से पुलिस को 9 मोबाइल और प्रिंटर मशीन और बड़ी संख्या में डेटा बरामद हुआ है। अनुमान है कि इस ठगी के रैकेट में 25-30 लोग शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये गिरफ्तारी इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर एसआईटी ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गुरम्हा गाँव में की। वहाँ मुन्ना कुमार उर्फ दीपक इस रैकेट को चलाता था। इसके टीम के सदस्य ठग भोले-भाले लोगों को फोन करके कहते थे कि उन्हें उन महिलाओं को प्रेगनेंट करना है जो माँ नहीं बन पा रहीं। इसके बदले उन्हें लाखों रुपए दिए जाएँगे। इस तरह वो पुरुषों को बातों में फँसाकर रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी फीस के नाम पर ठगते थे।

डीएसपी कल्याण आनंद ने बताया कि गुरमा स्थित ईंट के बने बोरिंग घर के पास साइबर क्राइम करने वाले 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम शत्रुघ्न कुमार उर्फ सोनू कुमार, राजेश कुमार, प्रभात कुमार वर्मा, कविंद्र प्रसाद, गोपाल दास,अनिल कुमार, अजय कुमार, लक्ष्मण कुमार हैं।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि लोग ठगी करने के लिए इस स्कैम को ऑल इंडिया प्रेगनेंट जॉब का नाम दिए हुए थे। इसी का नाम लेकर ये भोले-भोले लोगों के मोबाइल पर संपर्क करते थे और कहते थे कि जिन महिलाओं को बच्चे नहीं हो रहे हैं, उन महिलाओं को प्रेग्नेंट करना है। अगर महिला सफलापूर्वक प्रेगनेंट हो गई तो इसके बदले में उनको 13 लाख रुपए दिए जाएँगे।

लोगों को फँसाने के लिए ये उनके वॉट्सएप नंबर के जरिए संपर्क करते थे। फिर महिला की तस्वीर आदि दिखाकर इस काम के लिए उन्हें मनाया जाता था। इसके बाद जब व्यक्ति इस काम को करने की इच्छा जताता था तो उससे पहले रजिस्ट्रेशन फीस माँगी जाती थी जो 799 रुपए थी और उसके बाद उसे सिक्योरिटी मनी डिपोजिट करने को कहा जाता था जो 5 हजार से 20 हजार रुपए था। इसमें भी अगर महिला बहुत सुंदर है तो ये प्राइज बढ़ जाता था।

पुलिस के मुताबिक ये ठग पुरुषों को फँसाकर कहते थे कि अगर उन्होंने महिला को प्रेगनेंट कर दिया तो उन्हें 13 लाख रुपए मिलेंगे लेकिन अगर नहीं कर पाए तो सांत्वना राशि 5 लाख रुपए की दी जाएगी। पुलिस को इनके पास से कई महिलाओं का और पुरुषों की तस्वीरें मिली हैं। अब पुलिस इस रैकेट को चलाने वाले मुन्ना को ढूँढने का प्रयास कर रही है। छापेमारी के दौरान वह फरार हो गया था।

राम भजन गा रहे थे रमेश पांडेय, मुलायम की पुलिस ने सिर में मार दी गोली… 4 बच्चों को लेकर शव के लिए भूखी-प्यासी दर-दर भटकी थी विधवा, आज भी अपना घर नहीं

अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का काम जोरों पर है। 22 जनवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यहाँ रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इस अवसर के लिए अभी से पूरे देश में भक्तिभाव में हर्ष और उल्लास का माहौल बना हुआ है। इसी समय पर हिन्दू समाज को कारसेवक कहे गए वो तमाम रामभक्त याद आ रहे हैं जिन्होंने मुगलकाल से मुलायम काल तक रामजन्मभूमि के लिए स्वयं को स्वाहा कर दिया।

दिसंबर 2023 से ऑपइंडिया की टीम अयोध्या में है जहाँ हमने ऐसे तमाम परिवारों से मुलाकात की। इन्हीं में एक परिवार रमेश कुमार पांडेय का भी है। उन्हें 2 नवंबर, 1990 को मुलायम सिंह यादव की सरकार के आदेश पर गोली मार दी गई थी।

किराए के घर में रहता है परिवार

दिवंगत रमेश कुमार पांडेय का परिवार अयोध्या रानी बाजार क्षेत्र में रहता है। यह जगह हनुमान गढ़ी से कुछ ही दूरी पर स्थित है। जब हम उनके घर पहुँचे तो वह बंद था। हमने आवाज दी तो अंदर से एक सुरेश नाम का युवक निकला जिसने खुद को रमेश पांडेय का बेटा बताया। सुरेश हमें अपने घर के अंदर ले गए। घर में जरूरी रोजमर्रा की जरूरत के सामानों का अभाव दिखा। जिस घर में रमेश कुमार पांडेय का परिवार रहता है वो सैकड़ों साल पुराना है।

यह मकान अयोध्या नरेश की प्रॉपर्टी है जिस में रमेश का परिवार लगभग 40 वर्षों से किराए पर है। जब हमने सुरेश से पूछा कि क्या उनके पास निजी मकान नहीं है तो उन्होंने जवाब दिया ‘नहीं’।

इसी किराए के मकान में रहता है रमेश पांडेय का परिवार

ईंट-भट्ठे पर नौकरी कर के पालते थे परिवार

सुरेश ने हमें बताया कि उनके पिताजी मूल रूप से पड़ोसी जिले गोंडा के रहने वाले थे। वो सन 1970-80 के दशक में अयोध्या कमाने के लिए बसे थे। यहाँ वो एक ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे। भगवान राम के परम भक्त होने के नाते रमेश ने किराए का मकान रामजन्मभूमि के ही आसपास लेना चाहा। आखिरकार हनुमानगढ़ी पर उनको किराए पर कमरा मिल गया जहाँ उनका परिवार आज तक है। अपने पिता की तस्वीर हाथों में ले कर हमें दिखाते हुए सुरेश भावुक हो गए।

पिता रमेश की स्मृतियाँ सहेजे हुए सुरेश पांडेय

पिता के देहांत के बाद माँ ने पाला परिवार

अपने बचपन की याद दिलाते हुए रमेश ने बताया कि 1990 में बलिदान के समय उनके पिता की उम्र 40 वर्ष के आसपास थी। रमेश की पत्नी तब लगभग 35 वर्ष थी। रमेश 2 बेटियाँ और इतने ही बेटे मिला कर कुल 4 बच्चों के पिता थे। उनके न रहने पर उनकी पत्नी ने पूरे परिवार को पाला-पोषा। उन्होंने सभी बेटी-बेटों की शादियाँ की। रमेश के बेटे सुरेश भी बाल-बच्चेदार हैं। फिलहाल वो एक छोटी सी दुकान चला कर अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं। दिवंगत रमेश पांडेय की पत्नी अभी जीवित हैं।

दिवंगत रमेश की पत्नी और बेटा सुरेश

रमेश के सिर में मारी गई थी गोली

सुरेश पांडेय ने 2 नवंबर, 1990 की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उस दिन क्या हुआ था। 30 अक्टूबर, 1990 को गोलीकांड के बाद तत्कालीन मुलायम सरकार को लगा कि उन्होंने रामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को कुचल दिया है। सुरेश के अनुसार, तब उनके पिता भगवान राम का दर्शन करने की इच्छा लिए एक जत्थे एक साथ जन्मभूमि की तरफ निकले थे। जत्थे में अयोध्या के ही कई अन्य निवासी शामिल थे। इसी दौरान मुलायम सिंह सरकार के आदेश पर गोलियाँ बरसा दी गईं। रमेश कुमार पांडेय जत्थे में सबसे आगे चल रहे थे। गोली उनके सिर पर लगी जिस से मौके पर ही उनका प्राणांत हो गया।

जिस स्थान पर रमेश को गोली मारी गई वो जगह हनुमानगढ़ी के पास ही है। यह स्थान रमेश के घर से महज 300 मीटर दूर ही होगा। अयोध्या पुलिस स्टेशन भी रमेश के घर और उनके बलिदान स्थल से महज आधे किलोमीटर दूरी पर मौजूद है। बताया जा रहा है कि जत्थे को राम का भजन गाते हुए जाता देख कर वहीं से निकली फ़ोर्स ने घेराबंदी कर के गोलियों की बौछार कर दी और उसमें रमेश कुमार पांडेय की मृत्यु हो गई। सुरेश का कहना है कि उनके मन में यह टीस पूरी जिंदगी बनी रहेगी भले ही वो 1990 में महज 2 साल के थे।

रमेश का बाहर से घर और कुछ ही दूर पर अयोध्या पुलिस स्टेशन

शव लेने के लिए भी करना पड़ा संघर्ष

सुरेश ने बताया कि उनकी माता को अपने पति का शव लेने के लिए बहुत जद्दोजहद करनी पड़ी थी। दावा है कि पहले तो कोई प्रशासनिक अधिकारी बताने को ही तैयार नहीं हो रहा था कि रमेश पांडेय के साथ क्या हुआ। अपने पति की मौत की जानकारी उनको जत्थे में साथ चल रहे लोगों से हुई। बकौल सुरेश, उनकी माँ ने कई जगहों पर मिन्नत की और अन्न-जल त्याग कर अपने पति की लाश लेने के लिए दौड़ती रहीं। आखिरकार तमाम शवों के बीच रमेश कुमार की भी डेड बॉडी मिली।

कानूनी औपचारिकताओं के बाद रमेश का अंतिम संस्कार अयोध्या में ही हुआ। अंतिम संस्कार के समय भी पूरी अयोध्या पुलिस छावनी बनी थी और शव यात्रा में शामिल लोग भी बंदूकों के साये में रहे थे।

रमेश पांडेय के घर में आज भी मौजूद हैं पुराने अखबारों की कटिंग

सम्मान को भी मोहताज रहा परिवार

सुरेश ने हमें बताया कि पिता के देहांत के बाद जब उनकी माँ 4 बच्चों का परिवार पालने के लिए जूझ रहीं थीं तब उनकी कहीं से कोई मदद नहीं हुई। स्थानीय प्रशासन की तरफ से 1 लाख रुपए दिए गए थे जो इस परिवार के भरण-पोषण के लिए नाकाफी थे। सुरेश का यह भी कहना है कि बीते 3 दशकों में आर्थिक मदद तो दूर वो और उनका परिवार किसी बड़े मंच आदि पर सम्मान के लिए भी मोहताज रहा क्योंकि उनको कहीं बुलाया ही नहीं गया। हालाँकि सुरेश को आशा है कि बदले माहौल में सरकार और हिन्दू समाज के लोग उनके घर की सुध लेंगें।

‘राम मंदिर बनना पिता की आत्मा को शांति’

दिवंगत रमेश पांडेय का परिवार राम मंदिर बनने से बेहद खुश है। उनके बेटे सुरेश ने इसे अपने पिता की आत्मा को शाँति मिलने जैसा बताया। मंदिर निर्माण के लिए सुरेश ने सबसे बड़ा श्रेय उन रामभक्तों को दिया जिन्होंने अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया। इसी के साथ रमेश के परिजनों ने अयोध्या के विकास के लिए मोदी और योगी सरकार की भी तारीफ की। सुरेश को यह भी उम्मीद है कि उनके बलिदानी पिता की याद में वर्तमान सरकार अयोध्या में स्मारक भी बनवाएगी जो वर्तमान और भविष्य के रामभक्तों की प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

दिल्ली में लव ट्रायंगल का चक्कर: माहिर को अरमान, फैसल और समीर ने चाकुओं से गोदा, एक के बाद एक किए 50 वार, न प्यार मिला-न बची जान

दिल्ली में माहिर उर्फ इमरान नाम के युवक की चाकुओं से गोद-गोदकर हत्या कर दी गई। उसे 50 से ज्यादा बार चाकू घोंपे गए। माहिर की हत्या का आरोप अरमान खान, फैसल खान और समीर खान पर लगा है। ये मामला इंस्टाग्राम से शुरू हुआ था, जो लव ट्रायंगल से होता हुआ माहिर की खौफनाक हत्या तक पहुँच गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के भागीरथी विहार में बुधवार (27 दिसंबर 2023) की रात 20 साल के एक युवक की हत्या कर दी गई। उसकी पहचान माहिर उर्फ इमरान के रूप में की गई। हत्या का आरोप 18 वर्षीय अरमान पर लगा। इसमें उसका एक दोस्त भी शामिल था।

जाँच में पता चला है कि हत्या का मामला लव ट्रायंगल से जुड़ा था। दरअसल, माहिर और अरमान का एक ही लड़की के साथ इंस्टाग्राम से कनेक्शन हो गया था। इसको लेकर दोनों में गाली-गलौच हुई, इसके बाद अरमान ने माहिर की जान लेने का फैसला कर लिया।

दिल्ली के पहाड़गंज में एक फ्लेक्स प्रिंटिंग की दुकान पर माहिर काम करता था। उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर एक 21 साल की युवती से हुई थी। वो युवती 18 साल के अरमान के साथ भी रिश्ते में थी। इस बीच अरमान ने माहिर और युवती को वीडियो कॉल पर बात करते देख लिया, जिसकी वजह से वो आग-बबूला हो गया।

अरमान ने युवती का फोन छीन लिया और उसे माहिर से दूर रहने के लिए कहा। इस बीच अरमान ने माहिर को ठिकाने लगाने की योजना बना डाली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवती का फोन वापस देने का झूठा बहाना बनाकर अरमान ने एक योजना के तहत माहिर को भागीरथी विहार आने के लिए तैयार किया।

इसके बाद उसने 21 साल के फैसल और 19 साल के समीर के साथ मिलकर माहिर पर हमला कर दिया। तीनों ने उसे बड़ी बेदर्दी से चाकुओं से गोद डाला। इसके बाद शव को सड़क के किनारे फेंक दिया और फरार हो गए। शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी थी।

इस मामले में दिल्ली पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड ने छानबीन कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि समीर कबाड़ व्यापारी है, अरमान एक जनरल स्टोर का मालिक है और फैसल एलसीडी टीवी ठीक करता है। हत्या भागीरथी विहार इलाके में हुई, यहीं तीनों आरोपित रहते हैं।

राष्ट्रीय एकता को पिरोने वाला संदेश, दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों-यात्राओं का जिक्र, अयोध्या से पूरे देश को जोड़ने वाली ट्रेनों का शिलान्यास: PM मोदी के ‘ 24 मास्टरस्ट्रोक’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (30 दिसंबर, 2023) को अयोध्या में रहे। उन्होंने इस दिन को ऐतिहासिक बताया और पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से अंडमान का नाम लिया और देश की पहली आजाद हिंद फौज की सरकार का जिक्र किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता से लेकर देश के कमजोर तबके तक की बातों को रखा। उन्होंने राम लला के नव्य, भव्य, दिव्य मंदिर में अनवरत भक्तों की पूजा का जिक्र किया और कहा कि 500 साल से जिन पलों का इंतजार भक्त कर रहे थे, वो इंतजार अब कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज तो अयोध्या में विकास और तकनीकी की बातें हो रही हैं, कुछ दिनों में अध्यात्म और भक्ति की बातें होगी। यही अयोध्या का महात्म्य है। उनका ये सब बोलना उनके लक्ष्यों की तरफ इशारा करता है। पीएम मोदी ने अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बनने का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या में अब सीधे भक्त विदेशों से भी पहुँच सकते हैं, अयोध्या के लोग उनके स्वागत को तैयार रहें। अभी तो ये सिलसिला शुरू ही हुआ है।

पीएम मोदी ने अयोध्या से पूरे देश को जोड़ने वाली ट्रेनों का शिलान्यास किया। मोदी ने अपने भाषण में दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों और यात्राओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या से दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेनें चलेंगी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो अयोध्या को देश के अन्य हिस्सों के साथ बेहतर ढंग से जोड़ेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के बीच एकता बढ़ेगी। इस संदेश से यह संकेत मिलता है कि मोदी देश को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश कर रहे हैं। यह भी एक राजनीतिक संदेश है जो मोदी के आगामी चुनाव अभियान के लिए महत्वपूर्ण है। मोदी के इस दौरे को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मोदी अयोध्या के जरिए देशभर के लोगों को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

मोदी के अयोध्या आगमन से पहले ही शहर में उत्साह का माहौल था। सड़कों पर तिरंगे झंडे और भाजपा के झंडे लहरा रहे थे। मोदी के आगमन के बाद शहर में भव्य स्वागत किया गया। सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मोदी ने भी लोगों का अभिवादन किया और उनसे बातचीत की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस दौरे के दौरान अयोध्या को एक राष्ट्रवादी भावना से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत की संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का निर्माण सभी भारतीयों का है और इसकी रक्षा भी सभी भारतीयों का कर्तव्य है। प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या दौरे के दौरान हुई रैली में देशभक्ति का ज्वार दिखा। इस रैली में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इन लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में नारे लगाए और देशभक्ति के गीत गाए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस रैली में कहा कि भारत एक महान देश है और इसका इतिहास गौरवशाली है। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए सभी भारतीयों को मिलकर काम करना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या दौरे के दौरान हुए रोड शो में अलग-अलग राज्यों के लोगों का प्रतिनिधित्व दिखा। इस रोड शो में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लोग शामिल थे।

प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या दौरे को कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या को एक राष्ट्रवादी भावना से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने अलग-अलग राज्यों के लोगों से मुलाकात कर उन्हें राम मंदिर निर्माण के लिए बधाई दी और आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव मदद करेगी। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से अयोध्या में विकास की नई गति देखने को मिलेगी। इन परियोजनाओं से अयोध्या को एक प्रमुख पर्यटन स्थल और शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

मोदी के अयोध्या दौरे को लोकसभा चुनाव 2024 का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। इस दौरे से मोदी ने कई मायनों में अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है, देशभर के लोगों को एकजुट करने की कोशिश की है, राष्ट्रवादी भावनाओं को उभार दिया है। पीएम मोदी ने पूरे देश से 22 जनवरी को फिर से दिवाली मनाने की अपील की है, तो पूरे देश में 14-22 जनवरी तक स्वच्छता अभियान की भी बात कही है, जो हिंदुत्व और राष्ट्रवाद को एक साथ जोड़ता है।

वैसे तो लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम कई कारकों पर निर्भर करेंगे, जिनमें देश की आर्थिक स्थिति, विपक्षी दलों की स्थिति और मोदी सरकार की नीतियों की जनता की प्रतिक्रिया शामिल हैं। फिर भी पीएम मोदी के अयोध्या दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह 2024 के चुनावों को जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। वैसे पीएम मोदी का ये दौरा लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अगर झाँकी है, तो 22 जनवरी का दिन अभी बाकी है।

सड़क पर अर्जुन अवॉर्ड और खेल रत्न छोड़ कर भागीं विनेश फोगाट, जीजा बजरंग की तरह ही किया ड्रामा

कुश्ती संघ विवाद के बीच दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने शनिवार (30 दिसंबर, 2023) को अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार वापस कर दिया। वो पीएम मोदी से मिलने जा रही थी, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया, जिसके बाद उन्होंने अपने अवॉर्ड कर्तव्य पथ पर ही जमीन पर रख दिए और वापस चली आई। इस घटनाक्रम का वीडियो बजरंग पूनिया से शेयर किया। खुद बजरंग पूनिया भी कुछ दिन पहले इसी तरह से सड़क पर अपना अवॉर्ड रख कर वापस आ चुके हैं।

विनेश फोगाट ने 26 नवंबर, 2023 को पुरस्कारों को लौटाने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में आज विनेश फोगाट प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर पहुँचीं और कर्तव्य पथ पर अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार रख दिया। उन्होंने कहा कि वह इन पुरस्कारों को ऐसे लोगों के हाथों में नहीं रख सकतीं जो महिला पहलवानों के साथ अन्याय कर रहे हैं।

खास बात ये है कि विनेश फोगाट जिस समय अवॉर्ड वापसी कर रही थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में ही नहीं थे, बल्कि वो अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का लोकार्पण कर रहे थे।

इस का वीडियो बजरंग पूनिया ने शेयर किया। बजरंग पूनिया ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “यह दिन किसी खिलाड़ी के जीवन में न आए। देश की महिला पहलवान सबसे बुरे दौर से गुजर रही हैं।”

बता दें कि विनेश फोगाट को साल 2016 में अर्जुन अवाॅर्ड और साल 2020 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया था। विनेश फोगाट ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जबकि एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है।

बता दें कि विनेश फोगाट से पहले रेसलर बजरंग पुनिया ने अवॉर्ड लौटा दिया था। बजरंग पुनिया भी कर्तव्य पथ पर अवॉर्ड रखकर वापस लौट गए थे, उन्हें भी पुलिस ने रोक दिया था। बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट के अलावा पैरा एथलीट वीरेंद्र सिंह भी अवॉर्ड लौटाने की घोषणा कर चुके हैं।

‘स्कूलों से हटाओ उनकी मूर्तियाँ’: RJD विधायक की माँ सरस्वती पर अश्लील टिप्पणी, खुद को बताते हैं महिषासुर का वंशज

बिहार में सियासी भूचाल उठा हुआ है। ऐसे में इसे और भड़काने का काम राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक फतेह बहादुर सिंह कुशवाहा ने किया है। उन्होंने हिंदू धर्म और देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चारा घोटाले के दोषी लालू यादव की पार्टी के विधायक फतेह ने माँ सरस्वती और ब्रह्मा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।

कुशवाहा समाज से ताल्लुक रखने वाले और बिहार के रोहतास जिले के डेहरी से सत्ताधारी RJD के विधायक फतेह ने कहा, “आप ही के ग्रंथ में लिखा हुआ कि सुरसती (सरस्वती) जो है, ब्रह्मा की बेटी है और ब्रह्मा जी का अपनी ही पुत्री पर नियत खराब हुआ और उन्होंने (ब्रह्मा) उनके साथ शादी कर लिया। आप खुद समझिए… पूजा किसका होता है, चरित्रवान का या चरित्रहीन का?”

आरजेडी विधायक ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “ये चरित्रवान-चरित्रहीन वाली बात मैं नहीं बोल रहा हूँ, ये संत कबीरदास ने कहा है। मैं उनका कहा हुआ बात कह रहा हूँ। उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों में सरस्वती जी की प्रतिमा नहीं लगाई जानी चाहिए।” बता दें कि माँ सरस्वती को विद्या की देवी कहा जाता है और सनातन धर्म में उन्हें हर घर में पूजा जाता है।

फतेह ने कहा कि स्कूलों में सरस्वती जी की प्रतिमा के बजाय सावित्रीबाई फुले की तस्वीर लगानी चाहिए। दरअसल, 7 जनवरी को सावित्रीबाई फुले की जयंती है। इसके आयोजन के लिए RJD विधायक फतेह लोगों को निमंत्रण देने पहुँचे थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक ने हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की।

ये पहली बार नहीं है कि विधायक फतेह ने इस तरह का बयान दिया है। इससे पहले वो माँ दुर्गा के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने माँ दुर्गा को काल्पनिक बताते हुए कहा था कि देवी दुर्गा का कोई अस्तित्व नहीं है, यह मनगढ़ंत कहानी है। उन्होंने खुद को महिषासुर का वंशज बताया था। उन्होंने कहा था कि अगर देवी दुर्गा का अस्तित्व था तो ब्रिटिश हुकूमत के समय उन्होंने क्यों नहीं भारत को बचा लिया।

उन्होंने कहा कि एक तरफ हिंदू शास्त्रों में बताया जाता है कि भगवान शंकर ने अन्य देवताओं के साथ आह्वान कर देवी दुर्गा की उत्पत्ति की। एक तरह से भगवान शिव ने देवी दुर्गा का आविष्कार किया तो इस रिश्ते से देवी दुर्गा भगवान शिव की पुत्री हुईं। दूसरी ओर देवी दुर्गा को महागौरी के नाम से भी बुलाया जाता है। ऐसे में गौरी भगवान शिव की पत्नी थी, तो क्या भगवान शिव ने अपनी पुत्री से विवाह कर लिया था?

फतेह बहादुर ने कहा था कि ये सब मनुवादियों का षड़यंत्र है। महिषासुर की हत्या करने के लिए दुर्गा का इन सबने उपयोग किया और महिषासुर का वध नहीं हत्या हुई। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा था कि ये मनुवादी लोग बताने का काम करेगा कि कौन-सा मैदान में महिषासुर के साथ दुर्गा ने युद्ध किया और रात्रि में कौन युद्ध करने जाती थी उसके यहाँ?

देवी दुर्गा और भगवान शंकर को लेकर उनके द्वारा कही गई आपत्तिजनक बातों पर खासा बवाल मचा था। बिहार ही नहीं, कई जगहों पर हिन्दू संगठनों ने आरजेडी विधायक फतेह बहादुर का पुतला जलाया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री, पहली बार का विधायक और चुनाव में उतरा प्रत्याशी… देखिए राजस्थान मंत्रिमंडल में किस-किस को मिली जगह, 22 नेताओं ने ली शपथ

राजस्थान में 15 दिनों के गहन मंथन के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल का विस्तार शनिवार (30 दिसंबर, 2023) को आखिरकार हो गया है। राजधानी जयपुर में राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ।

इसमें 12 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। इसके साथ ही पाँच मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पाँच राज्यमंत्री बनाए गए। कैबिनेट में जगह पाने वालों में किरोड़ी लाल मीणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और पहली बार विधायक बने हेमंत मीणा भी शामिल हैं।

राज्यपाल कलराज मिश्र ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी और प्रेमचंद भैरवा भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण समारोह शनिवार दोपहर 3:15 बजे शुरू हुआ।

बताते चलें कि तीन राज्यों में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल बनाने में सबसे अधिक वक्त इस राज्य में ही लगा। राजस्थान में 12 दिसंबर, 2023 को भजन लाल शर्मा को सीएम बनाया गया था तो दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाया गया था।

इसके बाद सीएम शर्मा अपने मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर मंथन में लगे थे। अब उनके मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। यहाँ हम उनकी कैबिनेट के कैबिनेट मंत्रियों और मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पाँच राज्यमंत्री के नाम के बारे में बताते हैं।

फोटो साभार: X हैंडल/@BJP4Rajasthan

इन 12 कैबिनेट मंत्री हैं बनाए गए

भजनलाल की कैबिनेट में वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा और पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर को जगह दी गई। उधर जनजातीय समाज से आने वाले बाबू लाल खराड़ी ने भी मंत्रिमंडल में शामिल हैं। उनके अलावा कैबिनेट में चार ओबीसी मंत्री जोगाराम पटेल, सुरेश सिंह रावत, अविनाश गहलोत, ज़ोराराम कुमावत को भी जगह मिली है।

सीएम भजनलाल की कैबिनेट में जाट कैटेगिरी से कन्हैया लाल चौधरी और सुमित गोदारा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं SC समाज से मदन दिलावर तो ST समुदाय से हेमंत मीणा मंत्री बने। हेमंत मीणा पहली बार विधायक बने हैं। बताते चलें कि वो उदयपुर संभाग के प्रतापगढ़ जिले के मशहूर नेता और पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा के पुत्र हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार में एक महिला मंत्री भी

राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा की कैबिनेट विस्तार में शामिल हुए 22 मंत्रियों में एक महिला मंत्री भी बनाई गई है। इनका नाम डॉ मंजु वाघमार हैं। इन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है। इनके अलावा ओटा राम देवासी (ओबीसी), विजय सिंह चौधरी (जाट), के के बिश्नोई (विश्नोई) और जवाहर सिंह बैडम (गुर्जर) को राज्यमंत्री बनाया गया है।

राजस्थान में स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों में संजय शर्मा (ब्राह्मण), गौतम कुमार, झाबर सिंह खर्रा (जाट), सुरेंद्र पाल सिंह और हीरा लाल नागर शामिल है। इनमें स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाए गए सुरेंद्र पाल ने अभी चुनाव नहीं जीता है। वह करणपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार हैं और इस सीट पर 5 जनवरी,2024 को उपचुनाव होना है।

115 सीटों जीती थीं बीजेपी

बताते चलें कि राजस्थान विधानसभा चुनावों में राज्य की 200 में से 199 सीटों पर वोट पड़े थे। इनमें बीजेपी 115 सीट जीती थी। वहीं कॉन्ग्रेस को महज 69 सीटें ही मिलीं थी। यहाँ एक सीट पर उम्मीदवार के मौत की वजह से चुनाव टाल दिया गया था।

बीजेपी ने पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को राज्य का सीएम बना हैरान किया था। शर्मा ने 15 दिसंबर, 2023 को सीएम पद की शपथ ली थी। उनके साथ दो डिप्टी सीएम दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने भी शपथ दिलवाई गई थी।