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पुलिया तोड़ बाजार में घुसी रेलगाड़ी… ओवरब्रिज में प्लेन फँसने के बाद बिहार में अब सड़क पर ट्रेन, पुलिस को सँभालना पड़ा मोर्चा

कुछ ही दिन पहले पूर्वी चम्पारण में एक स्क्रैप्ड प्लेन सड़क पर फंस गया था। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तो वहीं अब भागलपुर में ट्रेन का डिब्बा ही सड़क पर आ गया। ट्रेन का डिब्बा ट्राले के माध्यम से कहीं ले जाया जा रहा था, तभी भागलपुर में लोहिया पुल को तोड़ते हुए बाजार में घुस गया। इस घटना के बाद आसपास काफी भीड़ इकट्ठी हो गई और लोगों को दूसरे रास्ते से निकालना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक, भागलपुर में ट्रेन की बॉगी ट्रेलर पर लोड होकर स्टेशन की ओर जा रही थी। तभी लोहिया पुल के पास ट्रेलर अनियंत्रित हो गया। चूँकि उस पर काफी वजनी ट्रेन का डिब्बा ही डाल दिया गया था, ऐसे में मोड़ते समय वो अनियंत्रित हो गया। ऐसे में अचानक वो झुकने लगा। चालक ने उसे सँभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रेलर ही पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए आगे निकल गया। ऐसे में ट्रेन का डिब्बा बीच-बाजार सड़क पर आ गया। हालाँकि, गनीमत ये रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

ट्रेलर चालक की समझ-बूझ से बचा बड़ा हादसा

इस घटना के बाद स्टेशन जाने वाला पूरा रोड बंद हो गया है। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके की बैरिकेडिंग की और लोगों को दूसरे रास्तों से गंतव्य तक पहुँचाया। बताया जा रहा है कि अगर ट्रेलर चालक ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। चूँकि ट्रेलर का ब्रेक ही फेल हो गया था। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। हालाँकि इस हादसे में ट्रेलर चालक घायल हो गया है। ट्रैफिक डीएसपी आशीष सिंह ने बताया कि हादसे के बाद ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ा।

‘अब कोई नहीं रोक सकता युद्ध’: बड़ी बैठक में किम जोंग उन ने सेना को दिया ‘पूरे दक्षिण कोरिया को नेस्तनाबूत करने’ का आदेश, कहा – परमाणु बम से भी दो जवाब

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने ऐलान किया है कि परमाणु शक्ति को बढ़ावा देने के लिए वो 2024 में 3 और जासूसी उपग्रह लॉन्च करेंगे। इसके साथ ही तानाशाह ने साफ कर दिया है कि वो युद्ध की तैयारी कर रहे हैं।

कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी (KCNA) ने रविवार (31 दिसंबर, 2023) को ये खुलासा किया है कि किम जोंग उन ने कहा है कि अमेरिकी नीति युद्ध को जरूरी बना रही है। तानाशाह किम ने अपनी न्यूक्लियर पॉवर का जखीरा बढ़ाने का ये ऐलान ‘वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया’ की साल की आखिरी की बैठक में किया।

किम जोंग उन ने सत्ताधारी पार्टी की पाँच दिनों की बैठकों के समापन पर वाशिंगटन पर जोरदार हमला बोला है। इसके तहत उन्होंने आने वाले साल के लिए आर्थिक, सैन्य और विदेश नीति के लक्ष्य निर्धारित किए। केसीएनए ने लिखा है कि किम ने कहा, “दुश्मनों के हम पर आक्रमण करने के बेपरवाह कदमों की वजह से यह पक्का है कि कोरियाई प्रायद्वीप पर किसी भी वक्त युद्ध छिड़ सकता है।”

यही नहीं, किम जोंग उन ने सेना को जरूरी होने पर किसी भी हमले के जवाब में परमाणु बम सहित दक्षिण कोरिया के पूरे क्षेत्र को नेस्तनाबूद करने के लिए तैयार रहने का आदेश जारी किया है। इसी बैठक में किम ने ऐलान किया, “हम 2023 में पहले स्पाई सैटेलाइट को कामयाबी से लॉन्च करने और संचालित करने के अनुभव के आधार पर अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को तेज़ी से बढ़ावा देने के लिए 2024 में तीन और स्पाई सैटेलाइट लॉन्च करेंगे।”

बताते चलें कि इस साल की शुरुआत में ही उत्तर कोरिया ने कामयाबी के साथ अपना स्पाई सैटेलाइट लॉन्च किया था। इसे लेकर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने मिलकर ऐतराज जताते हुए उसकी खासी आलोचना की थी। यहीं नहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस पर खासा एतराज जताया था। कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया का ये स्पाई सैटेलाइल पहले ही व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिका के अहम सैन्य ठिकानों की तस्वीरें ले चुका है।

यहाँ ये बात गौर करने लायक है उत्तर कोरिया के नेता ने ये ऐलान उस वक्त किया है जब दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों में अहम चुनाव होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के आसपास फायदा उठाने के लिए उत्तर कोरिया सैन्य दबाव बनाए रखेगा। माना जा रहा है कि ये पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी हो सकती है। डोनाल्ड ट्रम्प के समय उत्तर कोरिया के साथ अमेरिका के रिश्ते सुधारने की कोशिशें हुई थीं।

सोल में इवा वुमंस यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्टडी के प्रोफेसर लीफ-एरिक इस्ले ने कहा, “प्योंगयांग अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का इंतजार कर रहा होगा, यह देखने के लिए कि उसके उकसावे उसे अगले प्रशासन में क्या फायदा पहुँचा सकते हैं।” अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन प्रशासन कहता है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उत्तर कोरिया ने यूएन के प्रतिबंधों के बाद भी और अधिक मिसाइल परीक्षण किए इसके बाद अमेरिका ने उस पर नए प्रतिबंध लगा दिए।

उधर अमेरिका ने भी सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया। उसने कोरियाई प्रायद्वीप के पास परमाणु-सशस्त्र पनडुब्बियों और बड़े विमान वाहक तैनात कर दिए हैं। वहीं दक्षिण कोरिया के यूनिफिकेशन मंत्रालय कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले उत्तर कोरिया अपनी ताकत दिखाने के लिए उकसावे की कार्रवाई कर सकता है।

2023 में हजारों ने फिर से अपनाया हिंदुत्व: कोई बकरी-कंबल के लालच में बना था ईसाई, किसी ने कहा – इस्लाम मतलब बच्चा पैदा करने की मशीन

विकसित भारत के लक्ष्य के लिए देश अपने स्वर्णिम काल से गुजर रहा है। गुलामी की जंजीरों को लोग तोड़ रहे। आर्थिक उन्नति भी पूरी दुनिया में सबसे तेज अपने देश की ही है। इसका असर सामाजिक स्तर पर भी पड़ रहा है। इस्लामी और ईसाई धर्मांतरण रैकेट पर लोग चोट कर रहे। इनके जाल को तोड़ा जा रहा। प्रलोभन में आकर जो सनातन भाई-बंधु-भगिनी लोग इनके जाल में फँस गए थे, वो पुनः हिंदू बन रहे, अपनी जड़ों की ओर लौट रहे।

जिस विदेशी फंडिंग के सहारे इस्लामी और ईसाई धर्मांतरण का जाल बिछाया जाता था, उस पर सरकार ने प्रहार किया है। ऐसा नहीं है कि अभी कट्टर मजहबियों ने धर्मांतरण करना छोड़ दिया है, लेकिन अब चावल और दवाइयों के लालच में लोग कम फँस रहे। जो फँस गए हैं, वो भी आर्थिक उन्नति होने से अब ठगा हुआ महसूस करते हैं। जब यह बोध होता है, वो अपने वास्तविक सनातन धर्म को याद करते हैं। घर वापसी करते हैं।

धर्मांतरण की तमाम साजिशों के बीच साल 2023 में घर वापसी करने वाले ऐसे लोग और परिवार सैकड़ों हैं। पूरे साल हमने ऑपइंडिया पर ऐसी खबरों को प्राथमिकता से प्रकाशित भी किया। इन खबरों और इनकी कहानियों को अब एकसाथ लेकर आए हैं हम। अपने भूले-बिछड़ों का सनातन धर्म में स्वागत है!

दिसंबर 2023: कुल 5 घर वापसी

29 दिसंबर 2023: छत्तीसगढ़ के किलकिला धाम में भाजपा नेता और अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 8 परिवारों की सनातन में वापसी करवाई। इस दौरान उन्होंने हमेशा की तरह सभी लोगों के चरण पखारे। ये सभी लोग ईसाई मिशनरियों की लालच में आकर हिंदू धर्म छोड़ चुके थे। लेकिन अब वापस मिशनरियों की चालबाजी समझने के बाद इन्होंने दोबारा सनातन में लौटने का फैसला किया।

29 दिसंबर 2023: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में परिजनों के विरोध के बावजूद एक मुस्लिम लड़की ने अपने हिंदू प्रेमी के साथ विवाह किया है। इस युवती का नाम शाबिया है। घर वापसी के बाद उसका नाम सीता रखा गया है। पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज का फैसला किया। लेकिन शाबिया के परिजनों ने वहाँ हंगामा कर दिया। इसके बाद बजरंग दल से जुड़े लोगों ने तांबेश्वर शिव मंदिर में दोनों की शादी करवाई।

25 दिसंबर 2023: छत्तीसगढ़ के कोरबा में धर्मांतरण का शिकार हुए 101 हिंदू परिवारों की विधि-विधान से घर वापसी कराई गई। भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सभी के पैर धोकर उनका सम्मान किया। उन्होंने लिखा, “अपने पूर्वजों से पुनः जुड़ने पर आपने राष्ट्र को मजबूत किया है। हम गौरवांवित है। आपका स्वागत है, अभिनंदन है।”

11 दिसंबर 2023: मुस्लिम महिला निकहत ने कन्नौज के विधूना बाजार स्थित माँ दुर्गा के मंदिर में शुद्धीकरण के बाद हिन्दू धर्म अपना लिया। वो अब नेहा बन चुकी हैं। इसी के साथ नेहा (पहले की निकहत) ने हिमांशु नाम के एक हिन्दू युवक से शादी भी कर ली। निकहत का बेटा रिहान भी अब हिंदू माता-पिता के साथ पलेगा-बढ़ेगा।

7 दिसंबर 2023: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सूफ़िया नामक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया। सूफ़िया का नया नाम ‘अंजलि’ रखा गया है। हिन्दू धर्म अपनाने के बाद उन्होंने विजय को अपना जीवनसाथी चुना और टिकरा मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से शादी रचाई।

नवंबर 2023: कुल 4 घर वापसी

28 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी की है। घर-वापसी करने वाली लड़की का नाम आफरीन है, जो अब निशा नाम से जानी जाएँगी। निशा ने प्रिंस गुप्ता नाम के लड़के से वेदमंत्रों के बीच हिन्दू रीति-रिवाज़ से शादी भी कर ली है।

27 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मुस्लिम परिवार के 2 सदस्यों ने घर वापसी की है। आसिफ नाम का युवक घर वापसी करके अब आकाश चौहान बन चुका है जबकि उनकी बीवी सुमैया खातून अब प्रिया नाम से जानी जाएँगी। आसिफ ने कहा, “मुझे सनातन धर्म सबसे बढ़िया और पवित्र धर्म लगा। इस्लाम कोई धर्म नहीं है। आपस में ही शादी-वादी। वो सब बेकार है।”

11 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मुस्कान सिद्दीकी नामक महिला ने न सिर्फ हिन्दू धर्म में घर-वापसी की, बल्कि हिन्दू लड़के से शादी भी रचाई। मुस्कान सिद्दीकी इसके साथ ही अब ‘मुस्कान मौर्या’ बन गई हैं। उन्होंने बताया है कि हमास आतंकियों द्वारा इजरायल की महिलाओं के साथ की गई क्रूरता को देखने के बाद उन्होंने घर-वापसी करने का निर्णय लिया।

7 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 10 साल पहले हिन्दू से ईसाई बनाए गए 36 परिवारों ने घर वापसी की। घर वापसी करने वाले कुल लोगों की संख्या 310 है। इसमें इस्लाम को मानने वाले 5 अन्य परिवार के लोग भी शामिल हैं। इन सभी ने माना कि उन्होंने बहकावे में आकर हिन्दू धर्म छोड़ दिया था।

अक्टूबर 2023: कुल 6 घर वापसी

28 अक्टूबर 2023: दिल्ली की एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर के हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। लड़की का नाम गुलफ्शा है, जो अब स्नेहा राजपूत नाम से जानी जाएँगी। गुलफ्शा ने हिंदू लड़के आकाश राजपूत से शादी की। इसके बाद उसे जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। गुलफ्शा ने FIR दर्ज करके यह बताया कि उसके अब्बा सुलेमान उस पर गंदी नजर डालते हैं।

28 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी की है। लड़की का नाम फ़िज़ा जहाँ है, जो अब चाहत वाल्मीकि नाम से जानी जाएँगी। फ़िज़ा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंकित को अपना जीवन साथी चुना। इस विवाह के दौरान फ़िज़ा ने ख़ुशी जाहिर की है और सनातन में पूरी आस्था जताई है।

11 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया। महिला का नाम खुशबू बानो था, जो अब खुशबू के नाम से जानी जाएँगी। खुशबू ने विशाल नाम के युवक से शादी भी कर ली। खुशबू के मुताबिक, उनके पूर्वज इस्लामी आक्रांताओं के अत्याचार से मुस्लिम बने थे।

4 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली शबाना ने हिंदू धर्म अपनाकर अपने प्रेमी अरविंद से शादी कर ली है। शबाना ने इस्लाम त्यागने के बाद अपना नाम बदलकर शिवानी कर लिया है। शिवानी बनी शबाना ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं को बच्चा पैदा करने की मशीन माना जाता है। शिवानी का कहना है कि हिंदू धर्म में महिलाओं को सम्मान मिलता है।

2 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में उजमा नाम की मुस्लिम महिला ने घर वापसी करते हुए हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। उजमा का नया नाम उर्मिला रखा गया है। उर्मिला ने अगत्स्य मुनि आश्रम में वैदिक विधि-विधान से भागीरथ नाम के युवक से विवाह किया। उजमा ने बताया कि उन्हें हिंदू धर्म में बहुत विश्वास है और वो भगवान भोलेनाथ की भक्त हैं।

1 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बच्चे समेत 4 लोगों ने इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपना लिया। तनवीर को ‘तुषार झा’, उनके बेटे हुसैन को ‘युवराज’ नाम दिया गया। वहीं इरशाद बने ‘गिरीश भारद्वाज’ जबकि मीना का नाम ‘सूरजमुखी’ रखा गया। घर-वापसी करने वाले लोगों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने मजबूरी के चलते इस्लाम कबूल कर लिया था। अब गलती का एहसास होने के बाद वह फिर से हिंदू धर्म अपना रहे हैं।

सितंबर 2023: कुल 4 घर वापसी

24 सितंबर 2023: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 10 परिवारों के 70 लोगों ने इस्लाम त्याग कर घर वापसी की। लगभग 10 साल पहले इन सभी को किसी मौलवी और मुस्लिम नेता द्वारा डरा-धमका कर और लालच देकर इस्लाम कबूल करवाया गया था। घर वापसी किए इन 70 लोगों में बच्चे, महिलाएँ, युवा और वृद्ध सभी लोग शामिल।

4 सितंबर 2023: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में अरमान और इस्माइल नाम के 2 मुस्लिम भाइयों ने घर वापसी की। अरमान और इस्माइल की माँ हिन्दू थीं, उन्होंने मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया था। 4 बच्चे पैदा करके वो सभी को बेसहारा छोड़ भाग गया था। अरमान और इस्माइल की माँ का कहना है कि उन्होंने कभी अपने बच्चों को मस्जिद नहीं भेजा। अरमान ने बताया कि वो जन्म से ही मन से हिन्दू थे।

3 सितंबर 2023: असम में अलीमा अख्तर नाम की एक महिला डॉक्टर ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया। उन पर एक मौलवी से निकाह का दबाव बनाया गया। इसके लिए घर वालों ने जन्नत का लालच दिया। डॉक्टर लड़की ने इसी वजह से खुद को अपने परिवार से दूर कर लिया, हिन्दू धर्म अपना लिया।

2 सितंबर 2023: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर कुलदीप ठाकुर नाम के युवक से शादी कर ली। लड़की ने यह भी कहा कि अब उसे पुराने मजहब इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है।

जुलाई 2023: कुल 6 घर वापसी

30 जुलाई 2023: झारखंड के गुमला जिले में धर्मांतरण का शिकार हुए जनजातीय समाज के 20 लोगों ने घर वापसी कर ली। ईसाई मिशनरियों द्वारा चंगाई सभा में इन लोगों को बीमारी ठीक करने और इलाज कराने का लालच दिया गया। ईसाई बन जाने के बाद भी न तो कोई ठीक हुआ और न ही इलाज कराया गया। इसके बाद धर्मांतरित हुए लोगों को समझ आया कि यह सब अंधविश्वास था।

26 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से शादी की। फरजाना नाम की युवती ने अपना नया नाम सरस्वती रखा है। फरजाना ने अपने विवाह को किसी भी प्रकार के दबाव व लालच से मुक्त बताया।

25 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के शामली में शानम नामक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी करते हुए हिंदू धर्म अपना लिया। इसके बाद उसने अपने प्रेमी रूपक से मंदिर में शादी कर ली। शानम अब शालिनी के नाम से जानी जाएगी। शालनी का कहना है कि उसके पूर्वज कभी हिंदू थे। शालिनी ने यह भी कहा है कि उसे कट्टरपंथी सोच रखने वाले मुस्लिमों से परेशानी है।

16 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी करके हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। महिला का नाम शाइस्ता अली है, जो अब सीमा नाम से जानी जाएँगी। सीमा ने अपने पति के रूप में राम अवतार को चुना है।

6 जुलाई 2023: गुजरात के राजकोट का हिंदू युवक आशीष गोस्वामी बांगलादेशी मुस्लिम लड़की से शादी करने के लिए इस्लाम अपना लिया था। उसे इंस्टाग्राम के जरिए फँसाया गया था। हिंदू संगठनों और साधु-संतों की समझाइश के बाद उसने घर वापसी कर ली।

2 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में शबाना ने घर वापसी कर हिंदू लड़के से मंदिर में शादी कर ली। शबाना हिंदू धर्म अपनाकर रजनी बन गई और उसने बबलू को अपना जीवन साथी बनाया है। शबाना से रजनी बनी युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से घर वापसी कर बबलू से शादी की है।

जून 2023: कुल 5 घर वापसी

22 जून 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली की तीन तलाक पीड़िता शहनाज ने घर वापसी कर ली। बचपन के दोस्त पवन के साथ शादी कर वह आरोही बन गईं। बचपन से ही वह भगवान श्रीकृष्ण की भक्त थीं। भगवान की पूजा करने पर ही शौहर ने तीन तलाक देकर उन्हें घर से निकाल दिया था।

21 जून 2023: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी करते हुए हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया। आएशा नाम की इस लड़की ने फरीदाबाद में रवि नाम के हिन्दू युवक से शादी कर ली। अब आयशा आशा नाम से जानी जाएँगी।

15 जून 2023: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मोहम्मद शायन अली ने हिंदू धर्म स्वीकार करने की घोषणा की। शायन अली के अनुसार जब पाकिस्तानी एजेंसियों के टॉर्चर के कारण उन्हें मुल्क छोड़ना पड़ा था, तब भगवान श्रीकृष्ण उनके साथ थे। उन्होंने कहा, “करीब दो साल तक अपने पूर्वजों की संस्कृति और जीवनशैली का पालन करने के बाद मैं घर वापसी कर रहा हूँ।” शायन अली के अनुसार उनके दादा-दादी ने भारत के बजाय पाकिस्तान को सिर्फ इसलिए चुना था क्योंकि वे मुसलमान थे और वो उनकी सबसे बड़ी गलती थी।

12 जून 2023: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मुस्लिम महिला ने अपने बेटे सहित हिंदू धर्म अपना लिया है। दिव्यांग रानी बेगम नाम की इस महिला ने बताया कि मंदिर का प्रसाद खाने से उनके बेटे जुनैद की आँखों की रौशनी लौटी आई। जुनैद की आँखें बचपन में ही खराब हो गईं थीं। रानी ने कहा कि हिंदू धर्म में उनकी आस्था बचपन से थी।

7 जून 2023: उत्तर प्रदेश में दो मुस्लिम युवतियों ने अपने हिंदू प्रेमी से शादी की। इन युवतियों के परिजन जबरन उनका निकाह कराना चाहते थे। सीतापुर में प्रदीप से शादी कर रूबिया अब रजनी बन गई हैं। जबकि बहराइच की रुबीना खान ने शेष कुमार अवस्थी के साथ मंदिर में शादी की। अब वह रूबी अवस्थी हो गई हैं।

मई 2023: कुल 1 घर वापसी

1 मई 2023: मध्य प्रदेश के सागर जिले में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने 50 से ज्यादा परिवारों के 95 लोगों को सनातन धर्म में वापसी करवाई। ये लोग जिले के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले हैं। उन्होंने घर वापसी के वक्त कहा कि वो लोग लालच में आकर ईसाई बन गए थे लेकिन अब फिर ऐसा नहीं होगा। इनमें से कुछ को पानी में डुबकी लगवाकर ईसाई बनाया गया था। लालच के लिए बकरी, मच्छरदानी और कंबल दिया था। ईसाई बनने के बाद एक महिला को मंगलसूत्र पहनने से मना किया गया था।

अप्रैल 2023: कुल 4 घर वापसी

24 अप्रैल 2023: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 100 परिवार दोबारा अपने धर्म में वापस लौटे। भाजपा नेता व ‘अखिल भारतीय घर वापसी’ के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इस दौरान 100 परिवारों के पाँव पखारकर उन्हें अपने धर्म में वापसी करवाई।

22 अप्रैल 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मुस्लिम लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार किया है। रोशनी बेगम नाम की इस लड़की को नई पहचान रिद्धि गुप्ता के तौर पर मिली। रमजान के आखिरी जुमे को उसने अगस्त्य मुनि आश्रम में शिवम गुप्ता से विवाह किया।

18 अप्रैल 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सबीना नाम की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया। उसने सोमपाल से शादी की। सबीना अब सोनम के नाम से जानी जाएँगी। परिजनों के तैयार नहीं होने पर दोनों ने मंदिर में शादी का फैसला किया।

11 अप्रैल 2023: उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक मंदिर में रहमत अली ने घर वापसी की। अब वे रितिक नाम से जाने जाएँगे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने हिंदू धर्म अपनाया। शुद्धिकरण के बाद उन्होंने महादेव का अभिषेक किया। बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। बताया कि बचपन से ही उन्हें हिंदू धर्म पसंद था। रामलीला देखना, गणेश उत्सव में हिस्सा लेना और काँवड़ ले जाना उन्हें हमेशा से पसंद रहा है।

मार्च 2023: कुल 2 घर वापसी

29 मार्च 2023: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में 9 साल पहले धर्मान्तरित हुए एक परिवार ने घर वापसी की। ईसाई मत से अपने मूल धर्म में वापस आने वाले एक ही परिवार के 8 सदस्य हैं। घर वापसी करने वाले कैलाश ने बताया कि उनके घर में कुछ लोग बीमार रहा करते थे। तभी एक व्यक्ति ने ईसाई बन जाने और बेहतर इलाज का झाँसा दिया। कैलाश के मुताबिक उसी लालच में वो ईसाई बन गए थे।

1 मार्च 2023: उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली नरगिस ने हिंदू धर्म स्वीकार कर मैनपुरी के आलोक से शादी रचाई। नरगिस ने कहा कि उन्हें बचपन से ही सनातन धर्म पसंद था। कभी-कभी वह मंदिर भी चली जाती थीं, जिससे नाराज अब्बू उनकी पिटाई किया करते थे। शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद नरगिस से निक्की बनी नई-नवेली दुल्हन ने बताया कि इस्लाम उन्हें कभी पसंद नहीं था।

फरवरी 2023: कुल 8 घर वापसी

28 फरवरी 2023: असम में 142 लोगों ने घर वापसी की। इन सभी ने ईसाइयत छोड़ सनातन धर्म को अपनाया। यह असम में अब तक की सबसे बड़ी घर-वापसी है। घर-वापसी करने वाले तिवा जनजाति के ये लोग जन्म से हिंदू थे। लेकिन इनके दादा-दादी गरीबी तथा शिक्षा की कमी के चलते भ्रमित होकर ईसाई बन गए थे। अब अपनी इच्छा से घर वापसी की।

27 फरवरी 2023: गुजरात के वलसाड जिले में 20 क्रिश्चियन परिवारों ने घर वापसी की। स्थानीय प्रथा की आड़ में क्रिश्चियन मिशनरीज वाले भोले-भाले जनजातीयों को शादी करवाने का लालच देकर चर्च ले जाते हैं, फिर उनका धर्मांतरण करवाते हैं। अब इन लोगों ने स्वेच्छा से घर वापसी की।

22 फरवरी 2023: छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने धर्मांतरित हुए 250 लोगों की घर वापसी करवाई। ईसाई बन चुके ये सभी लोग 36 अलग-अलग परिवारों से थे। घर वापसी करने वाले सभी लोगों के पैरों को गंगाजल से धोया गया।

20 फरवरी 2023: मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की मौजूदगी में 220 धर्मांतरित ईसाइयों ने हिन्दू धर्म में घर-वापसी की। घर-वापसी करने वालों ने बताया कि ईसाई मिशनरियों ने उन्हें घर देने का लालच दिया था, जिसके बाद उन्होंने हिन्दू धर्म को छोड़ दिया था। हालाँकि, वादा नहीं निभाया गया और उन्हें घर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वो अपनी मर्जी से घर-वापसी कर रहे हैं।

14 फरवरी 2023: चंडीगढ़ की एक लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार करते हुए दिल्ली में अजय कुमार संग शादी की है। नाजिश खान नाम की यह लड़की अब पूजा के नाम से जानी जाएगी। नाजिश ने हिंदू बनने पर बेहद खुशी जताई।

8 फरवरी 2023: झारखंड के लोहरदगा में एक ही परिवार के 13 सदस्यों ने ईसाई धर्म त्याग कर सरना धर्म में घर वापसी कर ली। इन सभी ने पादरियों द्वारा खुद को गुमराह करने और अन्धविश्वास सिखाने का आरोप लगाया। साल 2012 में ईसाई मत अपनाने को इस परिवार ने अपनी बड़ी भूल बताते हुए सरना धर्म को ही बेहतर कहा।

7 फरवरी 2023: मध्य प्रदेश के मुरैना में एक मुस्लिम परिवार ने हिन्दू बनने की घोषणा की। युसूफ ने कहा कि जहाँ प्रताड़ना मिल रही, ऐसे दीन में रहने का क्या फायदा। युसूफ पर अपने घर को मस्जिद के लिए देने का दबाव बना रहे थे कट्ट्ररपंथी मुस्लिम। इसके खिलाफ युसूफ ने कहा कि वो अपनी जमीन पर मंदिर बनवा देंगे।

4 फरवरी 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली में सबा बी नामक लड़की ने हिंदू लड़के अंकुर देवल से शादी करने के लिए घर वापसी की। अब वह सोनी देवल के नाम से जानी जाएँगी। सबा बी उर्फ सोनी का कहना है कि उन्होंने अपनी मर्जी से घर वापसी की। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म बहुत पसंद है। उन्हें पूजा करना अच्छा लगता है। साथ ही इसमें तीन तलाक भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि अब वह जीवन भर हिंदू बनकर रहेंगी।

जनवरी 2023: कुल 5 घर वापसी

23 जनवरी 2023: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सलीम खान नामक बुजुर्ग व्यक्ति ने सनातन धर्म अपना लिया। अब वह बाबा सुखराम दास के नाम से जाने जाएँगे। सलीम का कहना है कि वह हनुमान जी से प्रभावित होकर हिंदू बने हैं। सलीम का कहना है कि उन्होंने अंतर आत्मा की आवाज सुनकर इस्लाम त्याग कर सनातन धर्म अपनाया है।

21 जनवरी 2023: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के मंच पर एक मुस्लिम महिला सुल्ताना बेगम ने सनातन धर्म अपना लिया। मुस्लिम महिला ने कहा, “मेरा नाम सुल्ताना है। मैं मूर्ति पूजा करती हूँ, इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे त्याग दिया। हिन्दू धर्म से अच्छा कोई धर्म हो ही नहीं सकता। इसमें भाई-बहन में शादियाँ नहीं होती। इसमें औरतों की जिंदगी बर्बाद नहीं होती। इसमें तीन तलाक नहीं होता।”

20 जनवरी 2023: छत्तीसगढ़ में 1100 ईसाइयों ने एक साथ घर वापसी की। महासमुंद जिले के बसना में बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने गंगाजल से चरण पखारकर सबकी हिंदू धर्म में वापसी करवाई। घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि वे भटक कर धर्मांतरण का शिकार हो गए और अपना धर्म छोड़ दिया था। अपनी भूल का एहसास होने के बाद वे हिंदू धर्म में लौट आए।

16 जनवरी 2023: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शबनम नाम की लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया। अब वह नेहा पाठक के नाम से जानी जाएँगी। शबनम ने कोमेश पाठक नाम के हिन्दू लड़के से शादी की। शबनम काफी पहले से हिन्दू धर्म से प्रभावित थीं। वो दीपावली त्यौहार को काफी पसंद किया करती थीं।

3 जनवरी 2023: उत्तर प्रदेश के एटा में 10 ईसाई परिवारों के 35 लोगों ने सनातन धर्म में वापसी की। वर्ष 1995 में धर्मांतरण कर ये लोग ईसाई बन गए थे। इन्हें प्रलोभन देकर ईसाई बनाया गया था। इनमें से कई लोग सनातन धर्म में वापसी के इच्छुक थे। इसलिए 35 लोगों ने स्वेच्छा से हवन में आहुति देकर घर वापसी की।

रवीश को लताड़, बिहार के बेरोजगार, राहुल और केजरीवाल की ‘ख्याली सरकार’: 2023 के टॉप-10 विचार, जिसे पाठकों ने पढ़ा बार-बार

ऑपइंडिया की विचारधारा और विचारों को इतने साल में आप पाठकों से लगातार प्यार-सम्मान मिला। बात चाहे राजनीति गलियारों में चल रही हलचल के विश्लेषण की हो, वामपंथी नैरेटिव को तोड़ने की हो, हिंदुत्व की आवाज उठाने की हो, धर्म-संस्कृति-सभ्यता की हो या फिर किसी तरह के सामाजिक बदलाव की… जब-जब हमारे लेखकों ने आपसे अलग-अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा किए आपने उन पर सहमति जाहिर कर हमें बताया कि हम सही रास्ते पर हैं।

साल 2023 में भी ऑपइंडिया के लेखकों द्वारा लिखे कई ऐसे लेख थे जिन्हें आप पाठकों ने सराहा और पसंद किया। वर्ष के खत्म होने से पहले एक बार उनमें से टॉप 10 पर सरसरी निगाह डालते हैं।

1. MP निकम्मे, फिर भी कैसे गहराया मोदी मैजिक

भारतीय जनता पार्टी की तीन राज्यों में हुई जीत के बाद चारों ओर मोदी मैजिक की चर्चा थी और 2024 के परिणामों में पार्टी की जीत को लेकर कयास लगने लगे थे। ऐसे में अजीत झा ने अपने इस लेख में निष्पक्ष होकर बताया था कि ऐसा नहीं है भाजपा में निकम्मे सांसद नहीं है।

कुछ हैं जो पद मिलने के बाद जनता के लिए कुछ नहीं करते… लेकिन फिर भी मोदी मैजिक अगर इतने सालों में और गहराया है तो उसका कारण है पीएम मोदी द्वारा शुरू की वो तमाम योजनाएँ जिससे देश का हर वंचित वर्ग लाभान्वित हुआ। इस लेख में उन्होंने योजनाओं के नाम के साथ आँकड़े भी दिए, जिससे समझा जा सकता है कि ये योजनाएँ सिर्फ कहने को शुरू नहीं हुईं। इन पर काम भी हुआ और लोगों को फायदा भी पहुँचा।

2. दीवाली पर रवीश कुमार का ज्ञान

रवीश कुमार के हर प्रोपेगेंडा को तोड़ने के क्रम में इस साल भी हमने कोई कसर नहीं छोड़ी। हाल में वह दिवाली के मौके पर पटाखे फोड़ने पर तंज कसते हुए नजर आए थे, ऐसे में अनुपम कुमार सिंह ने उनके हर तंज के पीछे छिपी कुंठा को उभारते हुए तर्कों के साथ रवीश के पाखंड की पोल खोली थी।

अपने लेख में उन्होंने बताया था कि रवीश कुमार को फेफड़ों की याद तभी आती है जब हिंदू त्योहार आएँ। बकरीद पर जब करोड़ों बकरे काटे जाते हैं तो उन्हें कोई ज्ञान देना नहीं सूझता। यहाँ तक जब मुस्लिम भीड़ खुलेआम सिर तन से जुदा बोलते हुए सड़कों पर आ जाती है तब भी उन्हें कोई चिंता नहीं सताती। उन्हें समस्या तभी होती है जब हिंदू आवाज उठा लें या फिर अपने त्योहार मनाने की बात करें।

3. काश हर लड़की की किस्मत श्वेता नंदा जैसी होती

हाल में अमिताभ बच्चन ने अपना एक बंगला ‘प्रतीक्षा’ अपनी बेटी श्वेता के नाम किया था। ऐसे में उनके इस कदम की हर जगह सराहना हुई थी। इस तरह का फैसला देख रचना वर्मा ने भी अपने लेख में इस बात पर प्रकाश डाला था कि आमतौर पर जिस समाज में लड़कियों की शादी के बाद उन्हें पराया समझा जाने लगता है वहाँ अमिताभ के इस फैसले की क्या वैल्यू है। इससे समाज में कितना पॉजिटिव संदेश जाएगा। लेख में उन्होंने अपना परिवारिक अनुभव भी साझा किया है और उम्मीद की है कि अगर हर लड़की की किस्मत श्वेता नंदा जैसी हो जाए तो क्या बात होगी।

4. जातिगत जनगणना के नाम पर ठगने चले थे राहुल गाँधी

अपने बेबुनियाद बातों के जरिए राजनीति में दोबारा काबिज होने की कोशिशों में जुटे राहुल गाँधी कई बार ऐसी बात कर देते हैं जिसकी वजह से जगह-जगह फजीहत झेलनी पड़ती है। इस साल उन्होंने जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया था और कुछ दावे किए थे जिनसे लगे कि कॉन्ग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में बहुत कुछ किया था लेकिन मोदी सरकार ने जनगणना नहीं कराई।

श्रवण शुक्ला ने उनके इसी दावे का पोस्टमॉर्टम करते हुए बताया था कि कॉन्ग्रेस जिस सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना 2011 (एसईसीसी) की बात कर रही है, उसके आँकड़े गलत हैं। उन आँकड़ों का कहीं उपयोग नहीं किया जा सकता है। इस बारे में केंद्र सरकार ने 2021 में सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा भी दिया था। 

5. हिंदुत्व के मुद्दे पर ‘ट्रू इंडोलॉजी’ बनाम देवेंद्र फडणवीस

सावित्रिबाई फुले को लेकर ट्रू इंडोलॉजी नाम के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट पिछले साल हुआ था जो जुलाई 2023 में वायरल हुआ। उसमें दावा था कि फुले को भारत की पहली महिला शिक्षक बताना ऐतिहासिक रूप से सही नहीं है। ट्वीट वायरल होने के बाद उनका विरोध हुआ और कॉन्ग्रेस नेता ने तो उनकी परेड निकलवाने तक की बात कही।

ये सुनने के बाद बीजेपी के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि परेड तो छोड़ दो, मैं तो कहता हूँ सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दो। लेकिन सिर्फ यह कहने से कुछ हासिल नहीं होगा। हमें देश के कानूनों का पालन करना होगा।”

फडणवीस के इस बयान के बाद कई लोगों ने इसका गलत अर्थ समझ लिया और भाजपा-आरएसएस की सोच पर सवाल उठाने लगे। हालाँकि ऐसे टाइम राहुल रौशन ने एक विस्तृत लेख लिखकर समझाया कि क्यों भाजपा किसी कीमत पर महाराष्ट्र में सावित्रीबाई फुले का विरोध नहीं कर सकती।

6. बिग बॉस में चुम्मा चाटी

फैमिली शो के नाम पर बिग बॉस में दिखाया जाने वाला कंटेंट धीरे-धीरे आपत्तिजनक होता जा रहा है। इसी मामले पर जयन्ती मिश्रा ने तब लेख लिखा था जब ओटीटी सीजन में आकांक्षा पुरी ने जैद हदीद के साथ ऑन कैमरा लिप लॉक किया। उन्होंने अपने लेख में बताया था कि ये अश्लीलता कोई नई नहीं है। इससे पहले इसी शो में चुम्मा-चाटी, मसाज देने और सुहागरात जैसे सीन हो चुके हैं।

7. केजरीवाल को नहीं दिखा गड्ढे में डूबकर हुई अजीत की मौत

दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने का वादा करने वाले केजरीवाल मुसीबत के समय में इसी दिल्ली पर ध्यान भी नहीं देते। ऐसा इस बार तब देखने को मिला जब दिल्ली में मॉनसून आने के बाद कई इलाके काफी प्रभावित हुए और हर्ष विहार में गड्ढे में पानी भर जाने से एक अजीत नाम के व्यक्ति की मौत हो गई।

उस समय सुधीर गहलोत ने पाठकों का इस घटना पर ध्यान दिलवाया और अरविंद केजरीवाल को लिखा कि शायद उन्हें अपने शीशमहल में बैठकर दिल्ली की हालत नहीं दिखती, लेकिन आम जनता बारिश से बुरी तरह प्रभावित है। कभी गड्ढों में पानी भर जाता है तो कभी नालों का पानी बाहर आ जाता है।

8. ‘एक मोहल्ला-एक होलिका’ और ‘एक मोहल्ला-एक बकरा’

दीवाली की तरह होली पर भी कुछ एक्टिविस्ट हिंदुओं को तरह-तरह के ज्ञान देने निकलते हैं। इस बार का प्रपंच होली पर पानी की बर्बादी के साथ-साथ होलिका दहन को लेकर भी था। प्रदूषण का हवाला देकर राय दी जा रही थी कि लोग एक मोहल्ले में एक होलिका जलाएँ…। ऐसे में अनुपम कुमार सिंह ने उन्हें तर्कों के साथ लताड़ा और पूछा कि क्या आज जो इतनी चिंता होली त्योहार पर जताई जा रही है वो चिंता बकरीद पर भी होगी? क्या ‘एक मोहल्ला-एक होलिका’ की तरह ‘एक मोहल्ला-एक बकरा’ काटने का प्रस्वात दिया जाएगा।

9. विपक्ष बाँटना चाहता था हिंदुओं को जाति में, भाजपा ने जवाब दिया

भारतीय जनता पार्टी पर जातीय भेदभाव करने का आरोप लगाने वाला विपक्ष इस बार तब हैरान रह गया जब पार्टी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अपनी ओर से सीएम नाम की घोषणा की। ये हैरानी क्यों थी इसे श्रवण शुक्ला के विस्तृत लेख से समझा जा सकता है।

इस लेख में उन्होंने बताया है कि किस तरह से विपक्ष हिंदुओं को जाति में बाँटने की राजनीति में जुटा है। हालाँकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने ये उदाहरण दिया कि चाहे जनजातीय समाज हो या फिर ओबीसी हर किसी को बराबर समान अधिकार हैं। उन्होंने बताया है कि किन बातों के दम पर भाजपा मजबूत होती जा रही है और कैसे इंडी गठबंधन चाहकर भी मोदी मैजिक का मुकाबला नहीं कर सकता।

10. कौन खा गए बिहार के रोजगार

बिहार में रोजगार का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में रहता है। सवाल उठता है कि आखिर क्यों वहाँ के नवयुवकों को कमाने के लिए पलायन करना पड़ता है। कोई पार्टी वहाँ सरकार बनाने के लिए बड़ी तादाद में जॉब देने के वादे करती है लेकिन फिर होता क्या है ये किसी से छिपा नहीं है।

इसी विषय पर अजीत झा ने मार्च में हैरान करने वाले तथ्यों के साथ लेख लिखा था। इसमें उन्होंने बताया था कि आज के राजनेता कह देते हैं कि बिहार में उद्योग संभव नहीं लेकिन हकीकत ये है कि एक समय में बिहार में बड़े-बड़े कारखाने हुआ करते थे। मगर आज उसमें से किसी का नाम नहीं बचा है। कारखाने खंडहर बन गए हैं।

वह बताते हैं कि इस हालात के लिए कोई एक जिम्मेदार नहीं है। लेकिन पिछले कुछ दशकों में जो मजबूरी में पलायन बढ़ा है उसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर कॉन्ग्रेस, लालू यादव के जंगलराज और नीतीश कुमार के कथित सुशासन की ही है।

जम्मू कश्मीर को भारत से अलग कर इस्लामी शासन लाना चाहता था तहरीक-ए-हुर्रियत, गृह मंत्रालय ने लगाया बैन, ‘मुस्लिम लीग (JKML)’ पर भी चला था डंडा

जम्मू-कश्मीर को आतंक मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार कट्टरपंथी तत्वों और संगठनों पर कार्रवाई कर रही है। मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर (मसरत आलम समूह) पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब तहरीक-ए-हुर्रियत पर प्रतिबंध लगाया गया है। आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से जम्मू-कश्मीर के इस संगठन को UAPA कानून के तहत बैन कर दिया गया है।

इस बात की जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया साइट X पर दी है। उन्होंने अपने हैंडल पर लिखा, “तहरीक-ए-हुर्रियत, जम्मू-कश्मीर (TeH) को यूएपीए के तहत एक ‘गैरकानूनी संघ’ घोषित किया गया है। यह संगठन जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की निषिद्ध गतिविधियों में शामिल है।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह समूह जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए भारत विरोधी प्रचार फैला रहा है और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत, भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को तुरंत विफल कर दिया जाएगा।”

तहरीक-ए-हुर्रियत पर प्रतिबंध लगाने को लेकर भारत सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि इस संगठन से जुड़े लोग आतंकियों को श्रद्धांजलि देते हैं और पत्थरबाजी को बढ़ावा देते हैं। इससे जुड़े लोग भारतीय कानून का पालन नहीं करते और कश्मीर को भारत से अलग मानते हैं।

दरअसल, तहरीक-ए-हुर्रियत का गठन साल 2004 में जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने किया था। गिलानी के बाद इसका अध्यक्ष मुहम्मद अशरफ सेहराई बना। सेहराई का साल 2021 में निधन हो चुका है। यह संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का सहयोगी संगठन है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस जम्मू कश्मीर के 26 संगठनों का समूह है, जिसका गठन 1993 में किया गया था।

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस में कई ऐसे संगठन शामिल हैं, जो अलगाववादी और पाकिस्तान समर्थक हैं। इनमें जमात-ए-इस्लामी, जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) और दुखतरान-ए-मिल्लत आदि शामिल हैं। साल 2005 में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस दो हिस्सों में बँट गया था। इसके कथित नरमपंथी गुट का नेतृत्व मीरवाइज उमर फारुख को मिला, जबकि चरमपंथी गुट का नेतृत्व सैयद अली शाह गिलानी ने किया।  

इसके पहले 27 दिसंबर 2023 को केंद्र ने ‘मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर’ (मसरत आलम गुट/MLJK-MA) को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 3(1) के तहत गैर-कानूनी संगठन घोषित किया था। इस संगठन को जेल में बंद मसरत आलम भट्ट ने बनाया था। 50 साल का मसरत साल 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।

मसरत पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने आतंकी फंडिंग केस में मामला दर्ज किया है। साल 2010 में कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर हुए देश विरोधी प्रदर्शनों में उसकी भूमिका सामने आई थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। उस पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत मामला दर्ज है। मरसत के खिलाफ 27 केस दर्ज हैं। वहीं, उस पर 36 बार PSA के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

मुस्लिम लीग को बैन करने के दौरान अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा था, “मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) संगठन और इसके सदस्य जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल हैं और जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और लोगों को भड़काकर वहाँ इस्लामी शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का संदेश एकदम स्पष्ट है कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसे कानून के तहत कठोरतम सज़ा दी जाएगी।

बता दें कि UAPA के तहत अगर किसी संगठन को ‘गैरकानूनी’ या ‘आतंकवादी’ घोषित कर दिया जाता है या उस पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिया जाता है तो उसके सदस्य स्वत: अपराधी घोषित हो जाते हैं। इसके बाद उसकी संपत्ति भी जब्त हो सकती है। इस समय देश में 43 संगठनों को आतंकी संगठन घोषित कर उन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें कई खालिस्तानी संगठन सहित लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लिट्टे, अलकायदा, ISIS आदि शामिल हैं।

BHU गैंगरेप केस में यूपी पुलिस ने 3 को दबोचा, बुलेट बाइक बरामद: बंदूक दिखा कर उतरवाए थे कपड़े, टहलने निकली थी छात्रा

वाराणसी में दो माह से जिस गैंगरेप केस की गूँज थी और छात्र आंदोलन कर रहे थे, उस केस में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस वारदात को 1 नवंबर 2023 को रात के डेढ़ बजे के आसपास अंजाम दिया गया था। तीनों आरोपितों के नाम कुणाल पांडेय, अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल है। तीनों को वाराणसी से ही गिरफ्तार किया गया।

कुणाल पांडेय, आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल पर छात्रा के साथ गैंगरेप करने का आरोप है। घटना के बाद इनकी तस्वीर भी सामने आई थी। पुलिस ने आरोपितों के पास से वारदात में उपयोग की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

इस मामले में आईपीसी की धारा 354(ख), 506 और 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें बाद में गैंगरेप (IPC 376-D) और इलेक्ट्रॉनिक साधनों के जरिए यौन उत्पीड़न (IPC 509) जैसी धाराएँ बढ़ा दी गई थी। ये दोनों धाराएँ पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए बयान के बाद बढ़ाई गई थी। पुलिस ने तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया।

गौरतलब है कि आईआईटी बीएचयू की एक छात्रा अपने क्लासमेट के साथ 1 नवंबर, 2023 की रात में हॉस्टल से बाहर निकलकर टहल रही थी। इसी दौरान उसके साथ दरिंदगी की बात सामने आई। इस मामले में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में तीनों आरोपितों ने बंदूक से पहले डरा धमका कर छात्रा को निर्वस्त्र किया। उसके बाद आरोपितों ने छात्रा का वीडियो बनाया और उसके बाद तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने तीनों आरोपितों के हुलिया के बारे में FIR में विस्तार से बताया था।

BHU के इस मामले में तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी करने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया था। इन प्रदर्शनों में 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों में बीएचयू के छात्रों के साथ ही स्थानीय लोग भी शामिल हो गए थे।

LSD, गाँजा, चरस, उन्माद बढ़ाने वाली गोलियाँ, दारू… न्यू ईयर से पहले नशे में झूमते 95 लड़के-लड़कियाँ हिरासत में, खुले में चल रही थी रेव पार्टी

न्यू ईयर 2024 से एक दिन पहले ही महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने रेव पार्टी में छापेमारी कर 95 युवाओं को हिरासत में लिया है। इनमें 5 युवतियाँ भी शामिल हैं। ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार (31 दिसंबर, 2023) को सुबह गौमुख इलाके में हो रही इस रेव पार्टी में छापेमारी की थी।

पुलिस के मुताबिक, पार्टी से कुछ मात्रा में LSD, चरस, एक्स्टसी गोलियाँ और मारिजुआना जैसी ड्रग्स जब्त की हैं। पुलिस ने 200 ग्राम मारिजुआना, 70 ग्राम चरस, 0.40 ग्राम एलएसडी और कुछ एक्स्टसी गोलियाँ जब्त की हैं। इसके साथ ही पुलिस ने 29 दोपहिया वाहनों को भी जब्त किया है।

जानकारी के मुताबिक, घोड़बंदर रोड पर कासारवडवली गाँव के पास एक प्राइवेट प्लॉट में ये रेव पार्टी 19 वर्षीय सुजल महाजन और 23 साल के तेजस कुणाल नामक युवकों ने करवाई थी। सुजल कलावा और तेजस कुणाल डोंबिवली के रहने वाले हैं। कथित रेव पार्टी बड़ी संख्या में युवक और युवतियाँ शामिल थे।

छापेमारी के के दौरान हिरासत में लिए गए लोग ठाणे, मीरा रोड, पालघर, कल्याण, डोंबिवली और नवी मुंबई इलाकों से हैं। हिरासत में लिए गए युवाओं को ठाणे के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल जाँच के लिए ले जाया गया।

ठाणे पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए इस छापेमारी की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, ठाणे पुलिस की क्राइम बैंच यूनिट-5 को इस रेव पार्टी को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर ही रविवार तड़के कासारवडावली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में गौमुख क्षेत्र में एक खाड़ी के पास एक खुली जगह पर छापा मारा गया था। पुलिस के मुताबिक, यहाँ 19 से लेकर 20 साल के बीच के युवाओं को कथित तौर पर तेज म्यूजिक वाली पार्टी में ड्रग्स और शराब लेते हुए पाया गया।

इस छापेमारी को लेकर क्राइम ब्रॉन्च के एडिशनल पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले का कहना था, “हमने 90 पुरुषों और पाँच महिलाओं को हिरासत में लिया है और उन्हें मेडिकल जाँच के लिए भेज रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

उगले ने कहा, “हम जाँच कर रहे हैं कि पार्टी के लिए ड्रग्स किससे मँगाया गया था।” पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि दो संदिग्धों तेजस कुणाल और सुजल महाजन ने ये रेव पार्टी करवाई थी। इसके लिए उन्होंने एक पार्टी में आने के लिए हर एक के लिए 1000 रुपए की फीस ली थी।

यहीं नहीं, पार्टी शुरू होने से से ठीक दो घंटे पहले दोनों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोकेशन की जानकारी शेयर की थी। पुलिस ने IPC और नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

बताते चलें कि 21 दिसंबर, 2023 को ठाणे पुलिस का कार्यभार सँभालने वाले आशुतोष डुंबरे के निर्देशों के तहत क्राइम ब्रांच ने छापेमारी की इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। एडिशनल पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले का कहना है कि इस कार्रवाई से एक सख्त संदेश भी जाएगा और उन लोगों पर रोक लगेगी जो 31 दिसंबर की रात को ऐसी अवैध रेव पार्टियों का आयोजन करने या उनमें भाग लेने की योजना बना रहे हैं।

स्त्री की योनि हवन कुंड | साधु के मुँह में गुप्तांग | सिगरेट पीती माँ काली… हिंदू-घृणा से सना और सनातन विरोधी बॉलीवुड: 2023 में भी पूरे साल एक्टिव रहा गैंग

सनातन के प्रतीकों का सबसे ज्यादा मजाक कहाँ उड़ाया गया? हिंदू देवी-देवताओं से जोड़ कर भद्दे और अश्लील/द्विअर्थी संवाद और चुटकुले कहाँ परोसे गए? बोलने-बताने-दिखाने-सुनाने की आजादी के नाम पर हिंदुओं को कभी लालची तो कभी क्रूर, कभी चरित्रहीन तो कभी गद्दार किस प्लेटफॉर्म ने बताया? बिना ज्यादा सोचे एकमात्र उत्तर जो दिमाग में आएगा, वो है – बॉलीवुड।

सोशल मीडिया के दौर में लिखने-बोलने-दिखने का ऑप्शन अब आम जनता के पास भी है। बॉलीवुड के सनातन-विरोधी रवैये पर लोग अब इनकी खाल उतारने लगे हैं। तो क्या ऐसे में मुंबइया फिल्म इंडस्ट्री हिंदुओं को लेकर अपनी घटिया मानसिकता से बाहर आ चुकी है? अभिव्यक्ति की जिस आजादी के नाम पर हिंदू धर्म को नीचा दिखाया जाता है, क्या उसी तरीके से इस्लाम और ईसाई मजहब को लेकर यह इंडस्ट्री कहानियाँ लिख सकती है, उसे पर्दे पर उतारती है? बिना ज्यादा सोचे एकमात्र उत्तर जो दिमाग में आएगा, वो है – नहीं।

बॉलीवुड एक फट्टू इंडस्ट्री है। बॉलीवुड धंधा करने वाली कौम का नाम है। इन लोगों को पता है कि हिंदू को छोड़ कर ये अगर किसी और पर निशाना साधे तो ‘सर तन से जुदा’ निश्चित है, बिजनेस का बेड़ागर्क पक्का है। इसलिए हर बार ये मजाक उड़ाते हैं सनातनी परंपराओं का, हिंदुओं की आस्थाओं का। साल 2023 भी इनके लिए कोई अपवाद नहीं रहा। जब-जब इन्होंने हिंदू प्रतीकों का मजाक उड़ाया, नीचा दिखाया, OpIndia ने उसे खबर की शक्ल दी, प्रकाशित किया। बॉलीवुड की पूरे साल भर की नीच हरकतों को अब एकसाथ लेकर आए हैं हम। मकसद स्पष्ट है – जब तक इनकी मानसिकता को तोड़ेंगे नहीं, छोड़ेंगे नहीं!

दिसंबर 2023

  • बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर क्रिसमस के मौके पर केक पर दारू डलवा रहे थे और फिर आग लगाते हुए ‘जय माता दी’ कहते सुनाई पड़े। वीडियो में देख सकते हैं कि रणबीर कपूर जब केक पर शराब डलने के बाद जय माता दी कहते सुनाई पड़ते हैं, तभी उनके परिवार के अन्य लोग भी जय माता दी कहते हैं।
  • इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के बीच मशहूर गायक लकी अली ने फिलीस्तीन जाने की इच्छा जताई। उन्होंने अपने एक्स अकॉउंट पर लिखा- “इंशाल्लाह मैं फिलीस्तीन जाना चाहता हूँ।” सोशल मीडिया पर इसको लेकर उन्हें जवाब मिला कि इनकी सारी मोहब्बत उम्माह के लिए है। क्योंकि इन्होंने कभी नहीं कहा कि ये भारत के साथ मिल कर पाकिस्तान से लड़ना चाहते हैं। मगर फिलीस्तीन जाने के लिए ये उतावले हैं।

नवंबर 2023

  • जैसे ही हिन्दू पर्व-त्योहार आते हैं, वैसे ही बॉलीवुड हस्तियाँ ज्ञान देने लगते हैं। दिवाली पर दीया मिर्जा ने वीडियो बना कर कहा – “कुछ ज़्यादा ही पैकेजिंग हो जाती है और काफी कचरा पैदा हो जाता है। इस दिवाली मुझे कुछ मत दीजिए। आप उन संगठनों का समर्थन करें जो पर्यावरण के स्वास्थ्य के लिए काम कर रहे हैं।” आश्चर्य यह कि यही दीया मिर्जा ईद-बकरीद या क्रिसमस पर इस तरह के ज्ञान नहीं देती दिखती हैं।

अक्टूबर 2023

  • सलमान खान की फिल्म ‘Tiger 3’ का एक गाना है – ‘लेके प्रभु का नाम’। इसमें कैटरीना कैफ सेक्सी कपड़ों में दिख रही हैं। कई अन्य लड़कियाँ भी इसी तरह की ड्रेस में नाचती हैं। गाने के बैकग्राउंड के लिए ‘लिंगनुमा आकृतियों’ का इस्तेमाल किया गया है। इस पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि गाने में आखिर ‘प्रभु’ का नाम लेने की बात ही क्यों, इस्लाम के ‘खुदा’ या ‘अल्लाह’ का नाम क्यों नहीं?

सितंबर 2023

  • खालिस्तान समर्थक सिंगर शुभनीत सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी “पंजाब के लिए प्रार्थना करें” पोस्ट किया। इसमें भारत का बिगड़ा हुआ नक्शा दिखाया गया था। नक्शे से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर-पूर्वी राज्य गायब थे। यह पोस्ट भारत की संप्रभुता को चुनौती देने और खालिस्तान को बढ़ावा देने की एक कोशिश थी। इस गायक को सोशल मीडिया की ताकत का अहसास कराया गया। कैसे? भारत में इसके शो ‘स्टिल रोलिन इंडिया टूर’ रद्द करके।
  • गणपति उत्सव के दौरान चप्पल पहन कर पूजा करने पहुँचीं बॉलीवुड डायरेक्टर फराह खान। जब सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया तो फर्जी का सफाई पेश करने लगीं।
  • बॉलीवुड एक्टर आमिर खान की पूर्व बीवी किरण राव का कहना है कि अब गलत मैसेज देने वाली फिल्में भी सैकड़ों करोड़ रुपए कमा रही हैं। ऐसी फिल्मों को कमाई करता देख उन्हें दुख होता है। यह दुख उन्होंने तब जाहिर किया जब ‘द केरल स्टोरी’, ‘गदर 2’, ‘कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्मों ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की और ‘द वैक्सीन वार’ रिलीज होने वाली थी।
  • बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार का सच दिखाती फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ के हिट से वह परेशान हो गए हैं। उन्होंने कहा, “मैंने ‘द केरल स्टोरी’ और ‘गदर 2’ जैसी फिल्में नहीं देखीं। परेशान करने वाली बात यह है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्में इतनी लोकप्रिय हैं। ऐसी फिल्में सभी गलत चीजों को सही दिखाते हैं और बिना किसी कारण के अन्य समुदायों को नीचा दिखाते हैं। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति है।”
  • एक्टर प्रकाश राज ने तमिलनाडु के मंत्री और मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदयनिधि द्वारा दिए गए हिन्दू विरोधी बयान को दोहराते हुए कहा, “सनातन डेंगू बुखार की तरह है और इसे मिटाया जाना चाहिए। सनातन का खात्मा जरूरी है।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सनातन धर्म को कायम रखने पर आक्रामक तरीके से बोलते हैं, वे हिंदू नहीं हैं।

अगस्त 2023

  • हिंदुओं के भगवान पर आधारित विवादास्पद फिल्म ‘ओ माय गॉड-2 (OMG-2)’ को सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया। हस्तमैथुन, अप्राकृतिक सेक्स, लिंग, शराब, नग्नता के अलावा इस फिल्म में ‘स्त्री की योनि हवन कुंड है’ जैसे डायलॉग भी थे, जिसे सेंसर बोर्ड ने बदलने को कहा।
  • ‘ओ माय गॉड 2 (OMG 2)’ के निर्माताओं को महाकाल मंदिर के पुजारियों ने कानूनी नोटिस भेजा। पुजारियों का कहना है कि ट्रेलर में भगवान शिव को कचौड़ी खरीदते दिखाया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी ने कहा कि भगवान शिव ने न सिर्फ कचौड़ी खरीदा बल्कि उनसे कचौरी बेचने वाले को पैसे भी माँगते दिखाया गया। इससे शिव भक्तों की भावनाएँ आहत हुईं।

जुलाई 2023

  • क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘Oppenheimer’ में अभिनेता और अभिनेत्री, दोनों ही बिस्तर पर नंगे हैं। युवती को पूरी तरह न्यूड दिखाया गया है और उसके स्तन पर्दे पर दिख रहे होते हैं। इसी सीन में आगे वो भगवद्गीता का श्लोक पढ़ती है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने पूछा कि आखिर भारत में सेंसर बोर्ड ने इस दृश्य को कैसे पास कर दिया? लोगों ने सवाल किया है कि क्या जिस तरह से सेक्स सीन में गीता को दिखाया गया है, वैसे किसी अन्य मजहब की पुस्तक दिखाई जा सकती है?
  • हिन्दू धर्म को लेकर कई ऐसी फ़िल्में बनी हैं, जिनमें तरह-तरह के सन्देश दिए जाते हैं। सुधारवादी फ़िल्में बनती हैं और धर्म को लेकर अच्छा-बुरा बताया जाता है। लेकिन इस्लामी आतंकवाद से संबंधित विषय पर फिल्म ’72 हूरें’ बनाने में 11 साल लग गए। और तो और जैसे ही ये रिलीज होने आई, वैसे ही धमकियों का दौर शुरू हो गया।
  • इस्लामी आतंकवाद के चेहरे को उजागर करती फिल्म ’72 हूरें (72 Hoorain)’ को लेकर भोजपुरी एक्ट्रेस सबीहा शेख आपत्ति जताई। उन्होंने कहा है कि ऐसी फिल्में लोगों को मजहबी आधार पर बाँटने के लिए बनाई जाती हैं। उन्होंने कहा, “इस फिल्म में कुरान को गलत तरीके से दिखाया गया है। कुरान किसी की जान लेना नहीं सिखाता।”

जून 2023

  • अशोक पंडित की फिल्म ’72 हूरें’ को सर्टिफिकेट देने से सेंसर बोर्ड ने इनकार कर दिया था। इससे कुरान का रेफरेंस हटाने को कहा गया था। लोगों ने सवाल किया कि जब भगवान श्रीराम, हनुमान और लक्ष्मण के अलावा माँ सीता को लेकर बनी फिल्म ‘आदिपुरुष’ में देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक संवाद और दृश्य पास हो गए, फिर ’72 हूरें’ को लेकर ही क्रिएटिव फ्रीडम का मर्दन क्यों?
  • भगवान श्रीराम और हनुमान जी को आपत्तिजनक रूप से प्रदर्शित करने के लिए इलाहाबद उच्च न्यायालय ने ‘आदिपुरुष’ फिल्म के निर्माताओं को खरी-खरी सुनाई। हाईकोर्ट ने पूछा कि आखिर एक समुदाय की सहिष्णुता के स्तर की बार-बार क्यों परीक्षा ली जा रही है?
  • 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘The Kerala Story’ को OTT पर खरीददार मिलने में दिक्कत हुई। ये सब तब हुआ, जब इसी साल आई ‘भीड़’ और ‘अफवाह’ जैसी प्रोपेगंडा फ़िल्में सुपर फ्लॉप होने के बावजूद OTT पर तुरंत रिलीज हो गई। ‘The Kerala Story’ में दिखाया गया था कि कैसे एक साजिश के तहत केरल में हिन्दू लड़कियों को निशाना बनाया जाता है और उनसे फँसा कर उनका धर्मांतरण और निकाह कर दिया जाता है।
  • रामायण पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ के संवाद लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला ने अपने संवाद के बचाव के पीछे खूब तर्क दिया। उन्होंने अपनी गलती को छिपाने के लिए कुछ ऐसे तर्क भी दे डाले, जिसको लेकर लोग उन्हें धर्मद्रोही तक कहने लगे। उन्होंने कहा, “भगवान राम ने अपना पूरा जीवन मानव मूल्यों पर जिया है। उन्होंने कभी चमत्कार नहीं दिखाया। उनकी शक्तियाँ अर्जित की हुई थीं। जैसा उन्होंने कमाई थीं, वैसा हम और आप भी कमा सकते हैं। श्रीराम की कथा की विशेषता यही है।”
  • फिल्म ‘आदिपुरुष’ के डायलॉग लेखक मनोज मुंतशिर ने दावा किया है कि हनुमान जी भगवान नहीं थे। उन्होंने कहा कि हनुमान जी भगवान नहीं, बल्कि भक्त थे। उन्होंने कहा कि बजरंग बली श्रीराम की तरह बात नहीं करते हैं और हमने उन्हें भगवान बनाया है।
  • फिल्म ‘आदिपुरुष (Adipurush)’ के डायरेक्टर ओम राउत ने अभिनेत्री कृति सेनन को मंदिर परिसर में विदाई चुम्मा दिया। मंदिर प्रांगण में इस हरकत पर कई लोगों ने आपत्ति जताई। मंदिर प्रांगण में ‘गुडबाय किस’ पर मंदिर के प्रधान पुजारी ने भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “यह निंदनीय कृत्य है। आप होटल के कमरे में जाकर यह सब कर सकते हैं। आपका व्यवहार रामायण और देवी सीता का अपमान करने जैसा है।”

मई 2023

  • The Kerala Story नसीरुद्दीन शाह के लिए एक प्रोपेगेंडा फिल्म है। नसीरुद्दीन ने कहा, “ऐसा लगता है कि हम नाजी जर्मनी की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ हिटलर के समय में फिल्म निर्माताओं को सर्वोच्च नेता हिटलर द्वारा उस समय के फिल्ममेकर्स को ऐसी फिल्में बनाने के लिए कहा जाता था, जिसमें उसकी तारीफ हो और यहूदियों को नीचा दिखाया जाए। ये खतरनाक चलन है।”
  • अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ पर निशाना साधा। कमल हासन ने सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म को प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया। उन्होंने कहा, “सिर्फ ‘सच्ची कहानी’ लिख देना पर्याप्त नहीं होता। कहानी वास्तव में सच होनी चाहिए और ये (फिल्म) सच नहीं है।”
  • फिल्म ‘द क्रिएटर- सृजनहार’ के खिलाफ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। बजरंग दल कार्यकर्ता हिरेन रबारी ने कहा, “यह फिल्म हमारे बच्चों को भारतीय संस्कृति से खुद को अलग करने और लव जिहाद के जाल में फँसने के लिए उकसाती है। फिल्म में युवाओं को माता-पिता से दूर रहकर गैर-धर्म के लोगों के साथ प्यार करने की सीख दी गई है।”
  • सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा की एक वेब सीरीज है ‘दहाड़’। इसमें दिखाया गया है कि ‘ठाकुरों की लड़की’ एक मुस्लिम लड़के के साथ भाग जाती है और हिन्दू संगठन पुलिस के कामकाज में बाधा डालते हैं। हिन्दू कार्यकर्ताओं को उपद्रव करने वाला दिखाया गया है।
  • हिंदू देवी देवताओं को गाली देकर पैसे कमाने वाले कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को स्टार स्पोर्ट्स पर आईपीएल मैच के दौरान शो होस्ट करने का मौका मिला। स्टार स्पोर्ट्स पर हिंदूफोबिक कॉमेडियन को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए। लोग बोले – ‘Jio Cinema’ पर ही देखेंगे।

अप्रैल 2023

  • ‘द कश्मीर फाइल्स’ को जनता का काफी प्यार मिला लेकिन फिल्म के निर्माता अभिषेक अग्रवाल को Filmfare Awards 2023 में आमंत्रित तक नहीं किया गया। जबकि फिल्म को 7 कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था। और तो और, ‘द कश्मीर फाइल्स’ को एक भी अवॉर्ड नहीं दिया गया।
  • बॉलीवुड सिंगर और संगीतकार एआर रहमान चेन्नई में हुए एक अवॉर्ड शो पहुँचे। साथ में उनकी बीवी भी थी। इस दौरान एआर रहमान को बीवी सायरा बानो से कहते हुए सुना गया, “हिंदी में मत बोलो, तमिल में बोलो।” ये ऐसे लोग हैं जो पूरे देश को जोड़ने के बजाय भाषा के आधार पर तोड़ने में लगे रहते हैं।
  • रैपर बादशाह (Badshah) की नई एलबम ‘सनक’ के गाने में अश्लील शब्दों के साथ भगवान भोलेनाथ को जोड़ा गया। गाने के लाइन कुछ इस तरह हैं, “कभी सेक्स तो कभी ज्ञान बाँटता फिरूँ, जो भी जलता है उसकी @##@# फाड़ता फिरूँ, भोलेनाथ के साथ मेरी बनती है…।” इसको लेकर उज्जैन के महाकाल मंदिर के पुजारी सहित कई शिव भक्तों ने आपत्ति जताई।
  • बॉलीवुड सिंगर मकसूद महमूद अली (लकी अली के नाम से मशहूर) ने कहा, ‘ब्राह्मण’ शब्द ‘अब्राहम’ से लिया गया है। अली ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावे के साथ कहा, “ब्राह्मण’ नाम ‘ब्रह्मा’ से आया है और ‘ब्रह्मा’ शब्द की उत्पत्ति ‘अब्राम’ से हुई है… जिसे अब्राहम या इब्राहिम से लिया गया है।”

मार्च 2023

  • बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने एक फोटोशूट में लाल रंग के डीप-नेक आउटफिट के साथ माँ लक्ष्मी का नेकलेस पहना। इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “यह लाल रंग मुझे कब छोड़ेगा।” इसे देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने तापसी को आड़े हाथों लेकर कहा – “वल्गर फोटो में माँ लक्ष्मी का हार पहनने पर तुम्हें शर्म आनी चाहिए।”
  • Netflix पर एक वेब सीरीज है, ‘राणा नायडू’ नाम की। इसमें एक किरदार है हिन्दू साधु का। उसका तकिया कलाम ‘अनंत आनंदम्’ है। ‘विजयवाड़ा महाराज’ नाम का ये किरदार मतलब हिंदू साधु बच्चों का यौन शोषण करने वाला होता है। ये और इसके शिष्य बार-बार ‘अनंत आनंदम्’ बोलते हैं। एक दृश्य में तो ‘विजयवाड़ा महाराज’ को गुप्तांग भी मुँह में लेकर अश्लील हरकतें करते हुए दिखाया गया है।
  • बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने अपने परिवार के साथ होलिका दहन किया। इसके लिए शिल्पा ने अपने घर के अंदर होलिका दहन में बाँस का इस्तेमाल किया। साथ ही जूते पहनकर पूजा की। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उनको जमकर खरी-खोटी सुनाई। किसी ने लिखा कि होलिका कभी भी घर के अंदर नहीं जलाई जाती है। तो किसी ने कहा कि हिंदू धर्म में बाँस जलाना वर्जित है।

फरवरी 2023

  • बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का कहना है कि अकबर ने कोई अलग मजहब नहीं चलाया। उनके अनुसार इतिहास की किताबों में गलत तथ्य पढ़ाए गए हैं। जबकि ऐसा माना जाता है कि दीन-ए-इलाही के नाम से अकबर ने एक मजहब चलाया था और इसमें इस्लाम का सबसे ज्यादा प्रभाव था।
  • बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि मुगलों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उनके अनुसार मुगल लूट-मार करने नहीं, बल्कि बसने आए थे। उन्होंने कहा कि अगर मुगल इतने ही बुरे थे तो उनका विरोध करने वाले लोग मुगलों द्वारा बनाई गई स्मारकों जैसे ताजमहल और लाल किले को गिरा क्यों नहीं देते?
  • बॉलीवुड गीतकार जावेद अख्तर फैज़ फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गए। ये वही फैज अहमद हैं, जिन्होंने लिखा था, “सब ताज उछाले जाएँगे, सब तख्त गिराए जाएँगे। बस नाम रहेगा अल्लाह का।” भारत मे अक्सर देश विरोधी और हिंदू विरोधी प्रोपगेंडा में इस नज्म का प्रयोग किया जाता है।
  • सोशल मीडिया की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2012 में रिलीज हुई फिल्म में हिंदू-घृणा से भरा सीन था। इसके लिए 2023 में एक्टर को माफी माँगनी पड़ी। ‘कमाल धमाल मालामाल’ नाम की फिल्म में श्रेयस तलपड़े हिंदुओं के पवित्र धार्मिक प्रतीक ॐ पर पैर रखे हुए थे। वीडियो जब वायरल हुआ तो श्रेयस तलपड़े ने माफी माँगी।

जनवरी 2023

  • ‘राजी’ फिल्म हरिंदर सिक्का की किताब ‘कॉलिंग सहमत’ पर बनाई गई थी। किताब में सहमत तिरंगे को पूजती थीं। मगर मेघना ने फिल्म से तिरंगे को ही निकाल दिया और फिल्म में पाकिस्तान के झंडे दिखाए। इसके अलावा फिल्म से राष्ट्रभक्ति के सीन ही हटा दिए गए, भारतीय एजेंट्स पर सवाल खड़ा किया गया और पाकिस्तानी आर्मी को नर्म दिल दिखाया।
  • हिंदू घृणा से सनी फिल्म मेकर लीना मणिमेकलई ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘काली’ के पोस्टर में हिंदुओं की आराध्य देवी माँ काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया। इतनी घटिया हरकत के बावजूद लीना मणिमेकलई ने कहा कि एक रचनात्मक फिल्म मेकर के रूप में उनका इरादा किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाना नहीं था। इसके खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर दर्ज हुई।
  • शाहरुख़ खान की फिल्म ‘पठान’ के गाने ‘बेशरम रंग’ में दीपिका पादुकोण को भगवा बिकनी में दिखाए जाने के बाद हिन्दू संगठनों ने आपत्ति जताई। इसके बाद मानवी तनेजा नामक एक अभिनेत्री ने वीडियो डाल कर इससे भी घटिया हरकत की। वो वीडियो में ‘भगवा आइसक्रीम’ खाती हुई दिख रही और कह रही, “ये मेरी आइसक्रीम है, इसको मैं चाटूँगी। ये लो भक्त, तुम चाटो। चाटो-चाटो। कोई समस्या है?”
  • सोनी टीवी ने प्रसिद्ध ‘क्राइम पेट्रोल’ के एक एपिसोड में ‘अहमदाबाद-पुणे मर्डर’ नाम से कार्यक्रम प्रसारित किया। यह एपिसोड श्रद्धा वालकर हत्या का नाट्य रूपांतरण था। लेकिन इस नाट्य रूपांतरण में श्रद्धा और आफताब का धर्म बदलकर दिखाया गया। इसमें श्रद्धा का नाम ईसाई लड़की एना फर्नांडिस रखा गया, जबकि उसकी हत्या करने वाले आफताब का हिंदू नाम मिहिर रखा गया।

14 ऑटो वाले, 150 CCTV, 100 फोन नंबर: इजरायली दूतावास के बाहर धमाके मामले की जाँच जामिया की ओर मुड़ी, अल्लाह-हू-अकबर लिखकर किया था विस्फोट

इजरायली दूतावास के पास 26 दिसंबर 2023 को हुए धमाके के मामले में पुलिस अब तक छह संदिग्धों और 14 ऑटो चालकों से पूछताछ कर चुकी है। इसी क्रम में खबर ये भी है कि दिल्ली पुलिस ने जाँच की दिशा को जामिया की तरफ मोड़ा है, वो अब जामिया से लेकर इजरायली दूतावास तक के पूरे रूट की जाँच कर रही है। इसमें करीब 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी शामिल है।

जामिया से इजरायली दूतावास तक के रास्तों की सावधानीपूर्वक जाँच के अलावा पुलिस ने एक लंबे कद के व्यक्ति को संदिग्ध माना है। अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। कोशिश है आरोपित जल्द से जल्द गिरफ्तार हों।

हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस की तकनीकी टीम भी काम में जुटी है। वह फोन कॉल्स का विश्लेषण कर रही है, जिसके तहत 100 से अधिक संदिग्ध फोन नंबरों की पहचान हुई है। इन नंबरों के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि कुछ नंबर इसमें से बंद हो गए हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और दिल्ली पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा विस्फोट स्थल से पत्तियों और मिट्टी के नमूने भी एकत्र किए गए हैं। एनएसजी बम स्क्वाड टीम द्वारा दिल्ली पुलिस को एक विस्तृत सीलबंद रिपोर्ट सौंपने वाली है, जिसमें अहम जानकारियाँ होने की उम्मीद है।

बता दें कि 26 दिसंबर 2023 को इजरायली दूतावास से 260 मीटर दूर नंदास हाउस के गेट नंबर -4 पर धमाका हुआ था। इस जगह पर सीसीटीवी कैमरा भी नहीं था। दूतावास के पास तैनात एक सुरक्षा अधिकारी ने घटना को स्पष्ट रूप से याद करते हुए कहा, “मैंने शाम करीब 5 बजे एक तेज आवाज़ सुनी, यह आवाज टायर फटने जैसी थी। मैंने एक पेड़ के पास धुआँ भी देखा।”

धमाके के बाद मौके पर पहुँची दिल्ली पुलिस को यहाँ से एक पत्र बरामद हुआ था जिसमें जिहाद और अल्लाह-हू-अकबर जैसे नारों और गाजा में चल रहे युद्ध का जिक्र किया गया था। एक पन्ने के इस पत्र को टाइप किया गया था और इजरायल के झंडे में लपेटकर यहाँ छोड़ा गया था। इस पत्र में इजरायल के खिलाफ जिहाद जारी रखने की धमकी दी गई थी। शुरुआत में इस मामले में दो लोगों को संदिग्ध के तौर पर पहचाना गया था, लेकिन उनकी भूमिका अभी तक साफ नहीं हो सकी है। बता दें कि इज़राइल और हमास के बीच चल रहे तनाव की वजह से इजरायली दूतावास के आसपास सुरक्षा उपायों को काफी बढ़ा दिया गया है।

गलाकाट प्रतियोगिता, परिवार की उम्मीदों का भार… विद्यार्थियों की आत्महत्या में कोटा ने इस साल बना दिया अनचाहा ‘रिकॉर्ड’, हॉस्टलों में एंटी-हैंगिंग डिवाइस

कभी इंजीनियरिंग-मेडिकल की तैयारी के लिए छात्र-छात्राओं के लिए सबसे पसंदीदा जगह के रूप में उभरा राजस्थान का कोटा, अब आत्महत्या की फैक्ट्री बन चुका है। यहाँ हर साल हजारों छात्र-छात्राएँ आँखों में सपने लेकर आते हैं। इनमें से कुछ विभिन्न कारणों से दुनिया को अलविदा कह जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में कोटा में आत्महत्या की प्रवृत्ति में भारी इजाफा हुआ है।

साल 2023 में कोटा में 26 विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली। यह आँकड़ा डराने वाला है। पिछले साल यह आँकड़ा 15 था। यह कोटा में छात्रों में आत्महत्या करने का अभी तक का सबसे अधिक आँकड़ा है। अगर इसके लिए कोई निरोधात्मक उपाय नहीं किए गए तो इस प्रवृत्ति में कमी आने की कोई संभावना नहीं दिख रही।

छात्रों में आत्महत्या करने की बढ़ रही प्रवृत्ति के कारण वहाँ के मकान, हॉस्टल, लॉज, पीजी आदि जगहों के मालिक भी परेशान हैं। मालिकों ने मकानों एवं हॉस्टलों के कमरे के पंखों में एंटी-हैंगिंग डिवाइस लगाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही बालकनियों और लॉबी में लोहे की जाली लगा रहे हैं, ताकि आत्महत्या के लिए कोई जगह ना मिले।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले रमेश कुमार (बदला हुआ नाम) ऐसे ही एक बदनसीब पिता हैं। उन्होंने अपने सबसे बड़े बेटे को मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा भेजा था, लेकिन इस साल उनके बेटे ने अपने हॉस्टल के रूम में आत्महत्या कर ली थी। अब उन्होंने अपने छोटे बेटे को कोटा से वापस लाने के निर्णय लिया है, जो इस साल के शुरू में वहाँ गया था।

रमेश का कहना है कि उनके दोनों बच्चे अलग-अलग हॉस्टल में रहते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सोचा था कि वे साल 2024 में अपनी पत्नी को कोटा भेजेंगे, ताकि किराए का कमरा लेकर दोनों बच्चों को अपने साथ रख सके। इससे उन्हें घर जैसी सुविधा भी मिलती और बच्चे आराम से तैयारी कर पाते। इससे पहले ही यह दुर्घटना हो गई।

उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि उनके बच्चे इंजीनियरिंग या मेडिकल के बेस्ट कॉलेज में पढ़ें, लेकिन यह काम जीवन की कीमत लगाकर नहीं होना चाहिए। इसलिए उन्होंने अब अपने छोटे बेटे को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। रमेश का कहना है कि अब जोखिम लेने का उनका कोई इरादा नहीं है।

इंजीनियरिंग के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हर साल लगभग दो लाख छात्र-छात्राएँ कोटा जाते हैं। गला काट प्रतियोगिता और माता-पिता की आकांक्षाओं के बोझ तले डूबे छात्र-छात्राएँ यहाँ कोचिंग के मायाजाल में उलझे रहते हैं।

कोटा प्रशासन द्वारा एंटी हैंगिंग डिवाइस और बालकनी में नेट लगाने के निर्देश के साथ-साथ कोटा पुलिस ने हॉस्टल वार्डनों को ‘दरवाज़े पर दस्तक’ अभियान में हिस्सा लेने के लिए कहा है। इसके साथ ही मेस कर्मचारियों और टिफिन देने वालों को यह रिपोर्ट करने के लिए नियुक्त किया गया कि यदि कोई छात्र बार-बार मेस से अनुपस्थित रहता है और बिना खाए टिफिन पाया जाता है तो इसकी जानकारी दें।

शहर पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों में तनाव और अवसाद के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए एक समर्पित स्टूडेंट सेल की स्थापना की है। अधिकारियों के मुताबिक, सेल में 11 पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्हें इसलिए चुना गया क्योंकि सभी की उम्र 40 के आसपास है और उनके किशोर बच्चे हैं, जिससे उन्हें छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी।