कॉन्ग्रेस पार्टी के भीतर उन नेताओं को अनदेखा किया जाता है जिन्होंने संगठन और देश के लिए अपना अहम योगदान दिया, लेकिन गाँधी परिवार के वफादार नहीं माने गए।
पीलीभीत जिले के न्यूरिया हुसैनपुर गाँव में रहने वाले निरंजन मंडल को अब भारतीय नागरिकता मिल पाई है। वह 74 वर्ष के हैं। निरंजन मंडल 1971 में भाग कर भारत आए थे।
उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक स्थानीय मंदिर में कुछ युवकों ने हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ खंडित कर दी। उन्होंने यहाँ अम्बेडकर की फोटो लगाने का प्रयास किया।