75 वर्षीय एपी चेरियन को लोहे के रॉड से मार डाला। 68 वर्षीय उनकी पत्नी लिलिकुट्टी चेरियन को हत्यारों ने कुदाल से काट डाला। हत्यारों की तलाश में लुक आउट नोटिस जारी।
60 साल का पाकिस्तानी राशिद खान मुंबई आकर कल्पना से उसका धर्म और नाम बदलवाकर निकाह किया। जबकि उसकी 2 बीवी पाकिस्तानी है, उनसे 4 लड़के और 2 लड़की है। एक और भारतीय बीवी भी है, 2 बेटियों वाली। कल्पना को भी 1-1 लड़का, लड़की...
नेतन्याहू ने कहा कि अबू-अल अता एक 'Ticking Bomb' था जो पूरे इजरायल में कई आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। इसके बाद आतंकी संगठन 'फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद' ने 200 रॉकेट दाग कर निर्दोषों को निशाना बनाया और बदला लेने की धमकी दी।
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने याद दिलाया कि कैसे शिवसेना ने भाजपा के 'बुरे दिनों' में भी उसका साथ दिया था। उद्धव ने स्पष्ट किया कि भाजपा उनके पास रोज नए ऑफर लेकर आ रही है और अभी भी गठजोड़ की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक वीडियो आया है। एकदम वायरल हो गया है। कारण है कमलनाथ सरकार में लोकनिर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का इस वीडियो में होना। लेकिन इतना काफी नहीं होता। वीडियो वायरल हुआ है क्योंकि एक महिला ऑफिसर भीड़ के बीच में झुक कर मंत्री साहब के पाँव छूते नजर आ रही हैं।
पाकिस्तानी सरकार के पास 'अच्छे आतंकी' हैं, जो उनके भारत-विरोधी अजेंडे को सेना के शह पर अंजाम देती है जो सेना स्वयं खुल्लमखुल्ला नहीं कर सकती। वैसे ही एनडीटीवी जैसों के पास 'निष्पक्ष' पत्रकार हैं जो 'निजी राय' के नाम पर कॉन्ग्रेस के लिए भाजपा-विरोधी अजेंडा चलाते हैं।
कॉन्ग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को कहा है कि अगर महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस सरकार में शामिल होने में विफल रहती है तो राज्य में पार्टी का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा। हालाँकि, कॉन्ग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के विधायकों की राय का विरोध किया और...
शिव सेना भले ही कपिल सिब्बल के साथ अपना इतिहास भूल गई हो लेकिन लोगों को याद है। और वे मज़े लेकर उसे भी याद दिला रहे हैं। बस 5 साल पहले शिव सेना ने कपिल सिब्बल को 'शराब पीकर उत्पात मचाने वाला बंदर' कहा था।
"मैं मुंबई में शूटिंग का अपना अनुभव शेयर कर रही थी। इस दौरान मैंने जो शब्द इस्तेमाल किए वह एडल्ट कॉमेडी है, मैंने यह शब्द एक एडल्ट मज़ाक के तौर पर उस वक़्त के अपने फ्रस्टेशन (कुंठा) को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल किए थे।"
"विदा होती सरकार के बुझे हुए जुगनू रोज नए मजाक करके महाराष्ट्र को कठिनाई में डाल रहे हैं। राष्ट्रपति संविधान की सर्वोच्च संस्था हैं। वे व्यक्ति नहीं बल्कि देश हैं। देश किसी की जेब में नहीं है।"
चारों मुख्य पार्टियों भाजपा, कॉन्ग्रेस, एनसीपी और शिवसेना में सबसे कम यानी केवल 44 विधायक कॉन्ग्रेस के जीते हैं, और राज्यपाल के राष्ट्रपति शासन से पहले की मीटिंग में न बुलाने पर बिफ़र ऐसे रहे हैं मानो बैठक में होते तो दावा सीएम की दावेदारी का पेश कर देते!
साल 1950 में 16 जनवरी को फैजाबाद जिले के स्थानीय कोर्ट में पहली बार इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले सीजेआई रंजन गोगोई इन पाँचों न्यायधीशों में उम्र के लिहाज से सबसे बड़े हैं, जिनकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1954 है।
"अगर सरकार हमें जमीन देती है तो हम वहाँ पर स्कूल या फिर अस्पताल बनवाएँगे। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों समुदाय के बीच पैदा हुई नफरत खत्म हो गई हैं। इसलिए अब वे नहीं चाहते कि हिंदुस्तान में माहौल में बिगड़े। मोदी और योगी सरकार में अमन शांति है..."
"कॉन्ग्रेस हमेशा ही देश से पहले पार्टी को तवज्जो देती है। कॉन्ग्रेस, बीजेपी को महाराष्ट्र ‘थाली में सजाकर’ दे रही है। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कॉन्ग्रेस की शिथिलता से सिद्ध हो गया कि कॉन्ग्रेस के खात्मे का समय आ गया है।"
"चूँकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि श्री रामलला एक निर्विवाद मंदिर है, इसलिए उसका शिखर भी मंदिर का था, न कि किसी मस्जिद का गुंबद, तो अनजाने में मंदिर के शिखर को तोड़ने वाले कारसेवकों पर चल रहे बाबरी मस्जिद के गुंबद तोड़ने वाले केस को अविलम्ब सरकार द्वारा समाप्त किया जाए।"
इस की जाँच हो कि एनकाउंटर में शामिल अफसरों के हाथों इस घटना के दौरान कोई आपराधिक कृत्य तो नहीं घटित हुआ है। लेकिन इसे एनकाउंटर की सत्यता, उसकी परिस्थितियों या माओवाद के आरोपितों की मृत्यु पर सवाल के रूप में न देखा जाए।
“राम जन्मभूमि न्यास चाहता है कि योगी आदित्यनाथ ट्रस्ट का नेतृत्व करें। गोरखपुर में प्रतिष्ठित गोरखनाथ मंदिर, जो गोरक्षा पीठ से संबंधित है, ने राम मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई है। महंत दिग्विजय नाथ, महंत अवैद्यनाथ और अब योगी आदित्यनाथ मंदिर आंदोलन के अभिन्न अंग रहे हैं।”
शिवसेना ने एक बड़ी कीमत चुकाई है। जिसकी सरकार को बाला साहेब ने हिजड़ों का शासन कहा उसके सामने झुकना पड़ा। मातोश्री अब 'मातेश्री' का शरणागत है। फिर भी हासिल कुछ नहीं हुआ।
राजस्थान में (जहाँ कॉन्ग्रेस का शासन है) इतिहास की पाठ्य पुस्तकों से उनके नाम से 'वीर' हटा दिया गया और अब इतिहासकारों की स्वायत्त संस्था ICHR को राजस्थान यूनिवर्सिटी ने कह दिया है कि यूनिवर्सिटी कैम्पस में सावरकर छोड़ कर किसी भी विषय पर सम्मेलन हो सकता है।
राम मंदिर पर हद दर्जे की नकारात्मकता फैलाई गई। आपको जानना ज़रूरी है कि इस फ़ैसले को लेकर कैसी-कैसी वाहियात और डरावनी बातें कही गईं। इन 8 मीडिया पोर्टल्स को पहचान लीजिए और उन्होंने कैसे हिन्दुओं को बदनाम करने का प्रयास किया, यह भी देख लीजिए।
"आखिर टिड्डे इतनी दूर से आए हैं। इसलिए यहाँ के लोगों को उन्हें खाना ही चाहिए। कराची के लोगों को टिड्डियों के पकवान बनाने चाहिए। टिड्डों के साथ बिरयानी और करी खाइए। इनके स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करके इस स्थिति का लाभ उठाना चाहिए।"
पाकिस्तान के समर्थन में प्रोपेगंडा NDTV के लिए नया नहीं है। हाल ही में पाकिस्तान ने एनडीटीवी की ही एक फुटेज को अपने भारत-विरोधी एजेंडा को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया था। निधि ने अपने चैनल के 'काम' को आगे बढ़ाते हुए...
राज्यपाल को समर्थन से जुड़े अपेक्षित पत्र को न दिखा पाने की स्थिति में उन्होंने तीसरी सबसे बड़ी पार्टी NCP के प्रमुख शरद पवार को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। लेकिन, इसकी भी संभावना नहीं है कि NCP सरकार बनाने में...
बाला साहेब के बेटे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा के साथ 30 साल पुराना गठबंधन लगभग खत्म कर दिया है। वे अड़े हैं कि भाजपा के साथ सरकार तभी शिवसेना बनाएगी जब उसे ढाई साल के लिए सीएम की कुर्सी मिलेगी।
इन कलाकृतियों में सदियों पुरानी मूर्तियाँ, पत्थर के खंभे, लकड़ी से बने वाहन, रथ आदि जैसी प्राचीन वस्तुएँ हैं। जिन्हें भवन के परिसर में खुली जगह पर बिन किसी खास देख-रेख के कूड़े की तरह फेंक दिया गया।
राज्यपाल ने एनसीपी को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया क्योंकि वो राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। कॉन्ग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन के सम्बन्ध में रुख स्पष्ट न किए जाने के कारण शिवसेना के नेतृत्व में सरकार का गठन नहीं हो सका।
शिक़ायत में फ़िल्म हेलारों के निर्देशक अभिषेक शाह, निर्माता आशीष सी पटेल, नीरव सी पटेल, आयुष पटेल, मीट जानी के साथ-साथ संवाद लेखक सौम्या जोशी और संपादक प्रतीक गुप्ता के ख़िलाफ़ सरकार द्वारा कथित रूप से 'समुदाय का अपमान करने और भावनाओं को आहत करने' से प्रतिबंधित 'शब्द' का उपयोग करने के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की माँग की गई है।
NCP के एक नेता का कहना है कि जब तक तीनों पार्टियाँ- कॉन्ग्रेस, NCP और शिवसेना, सरकार में शामिल नहीं हो जातीं, तब तक कोई स्थिरता नहीं आएगी। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि कॉन्ग्रेस सरकार का हिस्सा हो।"
“बाबर एक विदेशी एक आक्रांता (हमलावर) था। हम सरकार को इसकी अनुमति नहीं देने के लिए संपर्क करेंगे। भारत में बहुत सारे अच्छे मुस्लिम हैं। देश की शांति और विकास में उनका काफी योगदान रहा है। इनमें वीर अब्दुल हमीद , अशफाकउल्ला खान और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आता है।। नई मस्जिद का नाम उनमें से किसी के नाम पर रखा जाना चाहिए।”
ख़ुर्शीद ने एक लेख में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला 'हिन्दू राष्ट्र' को ख़ारिज करता है। अदालत ने फैसले में कहा है कि वहाँ मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात एएसआई की रिपोर्ट साबित नहीं कर पाई।
इस मामले में अयोध्या अधिनियम की वैधता को डॉक्टर एम इस्माइल फारुकी और अन्य बनाम भारत संघ व अन्य 1994 SCC (6) 360 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया था। अगर उस समय ऐसा नहीं होता तो अधिनियम की धारा 4(3) को रद्द कर दिया जाता और जो सुनवाई अयोध्या पर हुई, वो कभी संभव ही नहीं होती।
"अगर सरकार जमीन देना चाहती है तो हमें हमारी सुविधा के हिसाब से मिलनी चाहिए। आवंटित जमीन 67 एकड़ जमीन में से ही होनी चाहिए। तभी हम यह जमीन लेंगे। नहीं तो हम जमीन लेने की पेशकश को ठुकरा देंगे।"
श्रीनगर के डीएम शाहिद चौधरी ने ख़ुद कई ऐसे फोटो शेयर किए, जिसमें लोग दरगाह के पास इकट्ठे होकर ईद-उल-मिलाद मनाते दिख रहे हैं। इन लोगों ने वहाँ नमाज पढ़ी। इन फोटोग्राफ्स से निधि के झूठ का पर्दाफाश हो गया।
स्विट्जरलैंड सरकार ने 2015 में निष्क्रिय खातों के ब्योरे को सार्वजनिक करना शुरू किया था। इसके तहत इन खातों के दावेदारों को जमा धन हासिल करने के लिए आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराने थे।
बाबर के आक्रमण से वर्षों पहले भी अयोध्या एक तीर्थस्थल था और वहाँ पूजा-पाठ होते थे। यह कैसे साबित हुआ? यह साबित हुआ सिखों के पवित्र साहित्य 'जन्म साखी' से। मतलब जन्मभूमि से भारत के लोगों की भावनाएँ जुड़ी थीं, सिर्फ़ हिन्दुओं की नहीं।
फलस्वाड़ी गाँव में मंदिर निर्माण के लिए जल्द ही यात्रा निकाली जाएगी। इसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और संत-महात्मा शामिल होंगे।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 24 मई, 2018 तक 9,00,000 से अधिक रोहिंग्याओं ने म्यांमार के रखाइन प्रांत से पलायन किया है। 2017 में सैन्य कार्रवाई के बाद बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के कारण ये भागे हैं।
जिन खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ़्तार किया गया है, उन्हें पंजाब में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए विदेश से फंड मिल रहे थे। हिंदुवादी नेताओं की हत्या सहित किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश दोनों रच रहे थे।
एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान स्थित लश्कर के मुख्यालय से पैसा दुबई भेजा जाता था। दुबई में बैठा हैंडलर हवाला कारोबार के जरिए यह पैसा भारत में भेजता था। इस पैसे को जावेद और उसके साथी लश्कर के नए एजेंट बनाने के लिए प्रयोग करते थे।
कॉन्ग्रेस की ओवरसीज शाखा ने तुर्की में अपना दफ़्तर खोला है। ऐसे समय में जब तुर्की लगातार भारत की आलोचना कर रहा है, कॉन्ग्रेस का वहाँ पर ऑफिस स्थापित करना बहुतों की समझ में नहीं आया।
कॉन्ग्रेस और एनसीपी के सहयोग से सरकार बनाने को लेकर उत्साहित शिवसेना को तगड़ा झटका लगा है। सोनिया गॉंधी ने उसे समर्थन देने को लेकर आखिरी पलों में पत्ते खोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद गवर्नर ने एनसीपी को बुलावा भेजा।
AIMIM नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर अपनी इसी आदत के चलते मुसीबत में फँस गए हैं। उनके खिलाफ भोपाल के जहाँगीराबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है।
विधि मंत्रालय और अटॉर्नी जनरल से राय लेने के बाद मंदिर निर्माण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिकारियों की एक टीम को फैसले का विस्तृत अध्ययन करने की ज़िम्मेदारी दी गई है ताकि ट्रस्ट के गठन में किसी दिशा-निर्देश की अनदेखी न हो।
सरयू नदी के किनारे भगवान राम की 151 मीटर ऊँची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
10 हजार लोगों के रहने की क्षमता वाला रैन बसेरा बनाया जाएगा। अयोध्या से फैजाबाद को जोड़ने के लिए 5 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा। अयोध्या में मेडिकल कॉलेज खोलने का भी प्रस्ताव है।
शिवसेना को कॉन्ग्रेस के समर्थन पर व्यंग्य करते हुए हिन्दी फ़िल्म करन-अर्जुन की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की गई। इस तस्वीर में अभिनेत्री राखी को सोनिया गाँधी, शाहरुख खान को उद्धव ठाकरे और सलमान ख़ान को आदित्य ठाकरे के रूप में दर्शाया गया।
"पूरा भारत, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिमों ने खुले दिल से निर्णय को स्वीकार किया। लेकिन ओवैसी एक अलग ही राग अलाप रहे हैं। वह फैसले को खैरात कह रहे हैं। इस तरह के बयानों से आप हिंदू और मुस्लिमों को एक-दूसरे से लड़वाते हैं।"
शिवसेना ने राज्यपाल से कहा कि उन्हें सरकार बनाने के लिए विधायकों का समर्थन-पत्र सौंपने हेतु 3 दिनों का समय चाहिए। हालाँकि, राज्यपाल ने उन्हें तय समय-सीमा से ज्यादा समय देने से इनकार कर दिया।