ये सन्देश जैश के सबसे बड़े सरगना मसूद अजहर का था। इस सन्देश से पता चला है कि कुछ बड़े आतंकी अयोध्या को दहलाने की साज़िश रच रहे हैं। एक टेलीग्राम चैनल में आए सन्देश को इंटरसेप्ट कर भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इस बड़ी साज़िश की पोल खोली है।
“हमने पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा नहीं देने का फैसला नहीं किया है, क्योंकि अपराधियों को मुआवजा देना अपने आप में एक अक्षम्य अपराध है। इससे पहले सरकार ने उन्हें मुआवजा देने का फैसला किया था, लेकिन अब हमने इसे वापस ले लिया है।”
एक होटल को भी जला डाला गया क्योंकि उसका मालिक मुस्लिम था। दरअसल, इस घटना से पहले सोशल मीडिया में एक वीडियो काफ़ी सर्कुलेट हुआ था। उन वीडियोज में ईसाईयों के साथ ग़लत व्यवहार करने के लिए मुस्लिमों व इस्लाम की निंदा की गई थी।
ऐसे समय में जब विश्व के लगभग सभी देशों ने पाकिस्तान का साथ छोड़ दिया है। उस समय चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा साझेदार है और शाहिद अफरीदी का चीन के खिलाफ़ बोलना और प्रधानमंत्री इमरान खान को इस मुद्दे पर बोलने के लिए उकसाना उन्हें महंगा पड़ सकता है।
आज कॉन्ग्रेस CAA का विरोध कर रही है। इसका कोई आधार नहीं है। जरूरत है उसके नेता इतिहास को समझें। नेहरू मंत्रिमंडल में राहत और पुनर्वास के लिए अलग से मंत्रालय था। मोदी सरकार ने उसी प्रक्रिया का सरलीकरण किया है।
"हमने 28 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जिनकी भूमिका पुलिस ने जाँच के दौरान पाई। पुलिस ने उनके खिलाफ सबूत जमा किए। उन्हें एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। अगर वो ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।"
दिल्ली पुलिस ने फर्जी वीडियो और लेटर के जरिए अफवाह फ़ैलाने वालों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है और मुखर्जी नगर के लोगों से अपील की है कि वह सोशल मीडिया पर ऐसे फर्जी पोस्ट पर ध्यान ना दें।
"इस रजिस्टर में आपका नाम ज़रूर होना चाहिए, क्योंकि ये आपके बहुत काम आएगा। एनपीआर के बहुत सारे फायदे हैं। इसके जरिए ही 'यूनिक आइडेंटिटी कार्ड' मिलेगा। ये पहचान पत्र सरकारी योजनाओं में ख़ास कर के काम आएगा।"
पहले मुस्लिमों को हिंसा के लिए उकसाया गया। अब राणा अयूब सोशल मीडिया में मरने वालों का नाम लिख कर लोगों को भड़काने की फिराक में है। इसे मुस्लिम विरोधी नरसंहार बता रही। लेकिन, उन्होंने उन दो हिंदुओं के नाम छिपा लिए हैं जो दंगों की भेट चढ़ गए।
सेक्स रैकेट मामले में दायर हुई चार्जशीट में रेस्मी पर आरोप है कि वे नाबालिग लड़कियों को अमीर क्लाइंटों के साथ 'Paid sex' के लिए तैयार करती थी। जबकि उसका पति राहुल पशुपालन इस रैकेट के बारे में जानता था और साथ ही इस काम में उसका साथ भी देता था।
NPR की शुरुआत मनमोहन सरकार के दौरान हुई। इसमें शामिल होना भारत में रह रहे लोगों के लिए अनिवार्य किया गया। साथ ही इसे NRIC की दिशा में पहला क़दम बताया गया। अमित शाह ने साफ किया है कि दोनों का कोई लेना-देना नहीं है।
पीड़िता ने बताया कि 20 दिसंबर की रात वो कमरे में सोई हुई थी। तभी मदरसे का हाफिज वहाँ पहुँचा और बहला-फुसलाकर उसे अपने कमरे में ले गया। वहाँ कमरा बंद करके डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित मौलाना ने छात्रा को किसी से कहने पर जान से मारने की धमकी दी।
आदित्य ठाकरे को पहले Y+ सुरक्षा मिली हुई थी। लेकिन अब आदित्य ठाकरे की सुरक्षा को बढ़ाकर Z श्रेणी का कर दिया गया है। वहीं पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को X श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। लेकिन अब उन्हें केवल एक पुलिस एस्कॉर्ट दिया जाएगा।
पीरजादा वांकानेर से और जोशी जूनागढ़ से विधायक हैं। 2008 में 1500 लोगों की भीड़ की अगुवाई करते हुए उसे हिंसा के लिए उकसाया था। इस मामले में जिन लोगों को सजा सुनाई गई है, उनमें कॉन्ग्रेस के एक पूर्व विधायक और अन्य नेता भी हैं।
पुलिस के मुताबिक, जेम्स के ख़िलाफ़ महिला ने शिकायत दर्ज करवाते हुए उसपर आरोप लगाया कि सीटी स्कैन के दौरान जेम्स ने उसका शोषण किया और उसकी तस्वीरें खींचीं।
एनपीआर को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद से विपक्ष उसी तरह अफवाह फैलाने में जुट गया है जैसा उसने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर किया। जिस तरीके से CAA को NRC से जोड़ा गया, उसी तरह अब NPR को भी NRC से जोड़कर दिखाने की कोशिश हो रही है। जबकि हकीकत कुछ और ही है।
राष्ट्रपति ने 2 दिनों का शोक घोषित किया है। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सेना ने बताया है कि हमले में 8 जवान भी शहीद हुए हैं।
हिंदुत्ववादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ के उनके दफ्तर में कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। हत्यारों को गुजरात एटीएस ने राजस्थान बॉर्डर से दबोचा था।
1. जामिया नगर में पुलिस प्रदर्शनकारियों को जान से मार रही है। 2. सीलमपुर में प्रदर्शनकारियों के ऊपर पुलिस बर्बरता दिखा रही, जान से मार रही। - ये वो दो न्यूज और वीडियो थे, जो फेक थे लेकिन जिस समय इन्हें फैलाया गया, उससे हिंसा भड़की और...
"हम अपना घर, जमीन सब पीछे छोड़ आए हैं... सब कुछ पाकिस्तान में है। अब यही हमारा घर है। अगर आप हमें स्वीकार नहीं करेंगे तो हम कहाँ जाएँगे? कृपया हमारी पीड़ा को समझें और जो कुछ हमारे घाव को भरने की कोशिश चल रही है, उसका विरोध न करें।’’
जम्मू कश्मीर में भारी संख्या में तैनात सुरक्षाबलों में से अर्धसैनिक बलों की 72 कंपनियों को सरकार ने वापस बुलाने का फैसला लिया है। इनमें सीआरपीएफ की 24, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी की 12-12 कंपनियाँ शामिल हैं।
आज से सवा सौ साल पहले निकोलस नोतोविच ने एक अनुभवी लामा से मुलाक़ात की। उसने प्राचीन पाली भाषा में लिखे कुछ ऐसे दस्तावेज दिखाए, जिससे निकोलस के होश उड़ गए। सिल्क रूट से हिमालय पर पहुँचे ईसा मसीह ने बौद्ध भिक्षुओं से आत्म व परमात्मा के गुर सीखे।
मोहित की जान की क़ीमत नहीं है क्योंकि वो 'योगी की पुलिस' का हिस्सा हैं। वहीं सुलेमान UPSC की तैयारी करने वाला एक 'आदर्श' छात्र है, जो किसी क़ानून के पारित होने के बाद उसे पढ़ कर नोट्स नहीं बनाता बल्कि देशी कट्टा लहराते हुए आगजनी करने निकल पड़ता है। मीडिया का हीरो कौन?
यूरोप पर कट्टरपंथी आतंकियों के केमिकल अटैक के अलावा 2020 जिन बड़ी और वैश्विक घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की है, उनमें ये दो भी प्रमुख हैं - (i) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमला होगा (ii) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संदिग्ध बीमारी का शिकार होंगे, जिससे वो...
एनपीआर को लेकर भी लोगों में भ्रम न फैलाया जाए। उसे मद्देनजर रखते हुए ANI को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने, एनपीआर, एनआरसी, सीएए और डिटेंशन सेंटर जैसे मुद्दों पर खुलकर जवाब दिया।
आपके पास विकल्प दो ही हैं: डर कर रहिए या सवाल पूछना शुरू कीजिए। सवाल नहीं पूछेंगे कि तुम्हें 'हिन्दुत्व' को फक करने का विचार क्यों आता है, तो ये कल आपकी बहू-बेटियों को छेड़ने से भी नहीं हिचकिचाएँगे। अगर कोई ‘हिन्दुओं से आजादी', ‘हिन्दुत्व की कब्र खुदेगी', 'फक हिन्दुत्व' बोल कर और लिख कर खुले आम टहल रहा है, तो...
सेवाओं के एकीकरण से यह ‘नौकरशाही’ खत्म हो जाएगी। इससे रेलवे के सुव्यवस्थित कामकाज को बढ़ावा मिलेगा, निर्णय लेने में तेजी आएगी, संगठन के लिए एक सुसंगत विजन सृजित होगा और तर्कसंगत निर्णय लेने को प्रोत्साहन मिलेगा। ये सुधार कई दशक से लंबित थे, जिन्हें मोदी सरकार ने पूरा किया है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आपके स्कूल का इंतजाम कर दिया, आपके पानी का इंतजाम कर दिया। आपके दवा-दारू का इंतजाम कर दिया। फिर उन्होंने थोड़ा रुक कर कहा- दारू का नहीं, दवा का इंतजाम किया।
कारनेशन ने 2009 में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 170 करोड़ रुपए का लोन लिया था। लेकिन साल 2015 में ये लोन एनपीए घोषित हो गया। इससे पीएनबी को 110 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले में पीएनबी ने आपराधिक षडयंत्र और धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया।
55 लाख लोगों को आयुष्मान भारत के तहत इ-कार्ड्स दिए गए। 30 लाख गैस कनेक्शन बाँटे गए। कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ 20 लाख किसानों को मिला। तेजस्विनी योजना से 10 लाख किशोरियों व युवतियों को जोड़ा गया। फिर भी रघुबर अपनी सरकार क्यों नहीं बचा पाए?
उद्धव ठाकरे की आलोचना पर शिवसैनिकों ने राहुल तिवारी को घर में घुस कर पीटा था। उनका सिर मुंडवा दिया था। आदित्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं की इस गुंडई को स्वभाविक गुस्सा बताया है।
द वायर के संस्थापक की पत्नी, औरंगजेब परस्त इतिहासकार और द टेलिग्राफ ने दावा किया था कि अलीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शन में भड़की हिंसा रोकने के लिए हथगोलों का इस्तेमाल किया। जबकि......
"कई लोगों ने इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। बावजूद इसके सोनिया, प्रियंका और ओवैसी साजिश के तहत लोगों को उकसाने वाले बयान दे रहे हैं। इससे जामिया में हिंसा भड़की। रवीश कुमार ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और अन्य जगहों पर हिंसा हुई।"
एनपीआर का मकसद देश में रहने वाले लोगों की पहचान का एक डाटाबेस तैयार करना है। एनपीआर के लिए 2010 में पहली बार डाटा जमा किया गया था, जब यूपीए-2 सरकार थी। असम को छोड़ कर पूरे देश में यह प्रक्रिया होगी।
अमजद के अलावा गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपितों में वकास, नदीम, साजिद, वसीम, मेटाब इस्लाम, रिजवान, इश्तियाक, असद महमूद, अरफ महमूद, अरफ मीर, यूनिस खान, नदीम नासिर, शहज़ाद नवाज़, शाज़ाद नज़ीर, सोहेल जफ़र और क्रिस्टोफर ईस्टवुड का नाम शामिल है।
मेरठ में सीएए को लेकर हुई हिंसा में मोहसिन, आसिफ, जहीर, आलिम और दिल्ली के आसिफ की मौत हो गई थी। इसमें 35 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस मामले में अब तक 102 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।
वरुण ग्रोवर भले ही सरकार को कागज़ न दिखाने की बात करते हों और दूसरों को भी ऐसा ही सलाह देते हों लेकिन उनके शो में जाने वाले लोगों को कागज़ दिखाना ही पड़ेगा। सोशल मीडिया में लोगों ने वरुण ग्रोवर के इस दोहरे रवैये को आड़े हाथों लिया।
"मुझे हैरानी है कि वाइस चांसलर निष्क्रिय मुद्रा में मूक दर्शक बनकर बैठे हुए हैं। हमारे सिस्टम के नाकाम होने की इस अप्रत्याशित घटना पर वह चुप्पी साधे हैं। यह काम उन ताकतों द्वारा किया गया है, जिन्हें हमारी शिक्षा व्यवस्था पर कम या लंबे समय तक होने वाले नुकसान का अनुमान नहीं है।"
जिस वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी है उन्हें रविवार को अलीगढ़ में इंटरनेट सेवाओं की बहाली के तुरंत बाद, शिक्षकों, छात्रों और ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों ने निष्कासित कर दिया था। कहा था कि जब तक वे कैंपस छोड़कर नहीं जाते विश्वविद्यालय प्रशासन का बहिष्कार किया जाएगा।
पूर्वी त्रिपुरा से सांसद रेबती कुमार को एनएलएफटी ने धमकी दी है। 1997 में इस संगठन को पोटा के तहत प्रतिबंधित किया गया था। रेबती राज्य के प्रमुख जनजाति नेताओं में शामिल हैं।
दंगाइयों से सख्ती दिखाने के लिए एक वर्ग यूपी पुलिस को बदनाम करने के लिए प्रोपेगेंडा रचने में लगा है। इस बीच रायबरेली से ऐसी तस्वीरें सामने आई है जो बताती है कि आगजनी करने वालों से नरमी नहीं दिखाने वाली यही पुलिस आग में फॅंसे लोगों के लिए जान पर खेल जाती है।
जानकी ने अपने निबंध में लिखे कुछ वाक्यों को शेयर किया। साथ ही बहार की किताब का स्क्रीनशॉट भी ट्वीट में डाला। हैरानी की बात यह थी कि जानकी के आर्टिकल और बहार की किताब में लिखे शब्दों में कोई फर्क नहीं है।
सीएए के विरोध के नाम पर जामिया में हुई हिंसा के दौरान एक वीडियो सामने आया था। इसमें मौके पर अमानतुल्लाह हिंसक भीड़ के साथ नजर आए थे। उन्होंने विरोध के नाम पर हिंसा करने वाले छात्रों के समर्थन की बात भी कही थी।
आरिफ मोहम्मद खान ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि इसके जरिए मोदी सरकार ने महात्मा गॉंधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस द्वारा किए गए वादे को पूरा किया है।
उस कॉन्सर्ट में उपस्थित महिलाओं में से एक ने यह भी कहा कि हिजाब में भी लड़कियों को कैसे परेशान किया गया था। वहीं, बॉलीवुड की स्टारकास्ट सोनम कपूर, जिनकी एक्टिंग स्किल भी उनके पाखंड का ही यह एक नमूना है.....
ये पहली बार नहीं था, जब अनुराग कश्यप और उनके जैसे लिबरल किस्म के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की छवि को धूमिल करने के लिए ऐसे घटिया प्रयोग किए और उनका पर्दाफाश हुआ। इससे पहले भी कई बार वे कई उदाहरणों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिटलर से जोड़कर और भारत की वर्तमान स्थिति को जर्मनी के हालातों से जोड़कर दिखाते रहे हैं।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक शाम 6:40 बजे तक की गिनती के मुताबिक आम आदमी पार्टी को सिर्फ 33637 वोट मिले हैं जबकि NOTA के तहत 189792 वोट पड़ चुके है।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कपिल कुमार ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपितों को राहत देने के लिए उनके पास पर्याप्त आधार नहीं है। जिसके कारण उन्हें बेल नहीं दी जा सकती है।
अमेरिका के एक अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान पीआरसी ने 39 इस्लामिक देशों में एक सर्वेक्षण किया था। उन्होंने मुस्लिमों से पूछा कि क्या वे अपने देश को शरियत कानून के अनुसार चलाना चाहते है? जवाब में अफगानिस्तान के सभी लोगों (99 प्रतिशत), पाकिस्तान के 84 प्रतिशत और बांग्लादेश में 82 प्रतिशत लोगों ने माना कि उनके यहाँ आधिकारिक कानून शरियत ही होना चाहिए।
उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि कि हमारे मुस्लिम में उतना पढ़ा-लिखा समाज नहीं है। इसके आगे उन्होंने कहा कि मुस्लिम
गुमराह हैं और इसलिए वो विरोध-प्रदर्शनों का हिस्सा बन जाते हैं और हाथ में हथियार उठा लेते हैं।