10वीं के बच्चों को सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में आरएसएस को लेकर आपत्तिजनक बातें पढ़ाई जा रही थी। मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से तमिल और अंग्रेजी में प्रकाशित किताब से आपत्तिजनक हिस्सा हटाने का निर्देश दिया है।
"सीएए और एनआरसी को अलग-अलग देखने की जरूरत है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के दुखी लोगों को यदि भारत में सुविधाएँ मिलती हैं तो इसमें बुराई क्या है।"
एनआरसी और सीएए पर विपक्ष खासकर कॉन्ग्रेस का दोहरा चरित्र जगजाहिर है। बॉलीवुडिया गैंग के विरोध की भी वजहें निजी हैं। अनुराग कश्यप भी सरकारी खैरात बंद होने की वजह से ट्रोलबाज बने हैं। पढ़िए, वो पत्र जो उनकी पोल खोलता है।
लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष का जमावड़ा लगाने वाली ममता अब उनसे कन्नी काटने लगी है। बंगाल में कॉन्ग्रेस ने विधायक दल का नेता अब्दुल मन्नान को बनाया जाना भी उन्हें रास नहीं आया। मन्नान राज्य के प्रमुख मुस्लिम नेता है। इसके अलावा ओवैसी की गतिविधियों से भी उनकी चिंता बढ़ी हुई है।
जब एक पत्रकार ने अरुंधति से पूछा कि क्या विरोध-प्रदर्शन के कुछ परिणाम निकलेंगे तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। उम्मीद जताई कि 'सभी लोग आज़ाद हो जाएँगे।' कहा कि विरोध कर रहे लोग कभी भी पीछे नहीं हटेंगे।
यह व्यवस्था लागू होने पर पुलिस को आकस्मिक परिस्थितियों में डीएम की अनुमति लेने से आज़ादी मिल जाएगी। गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका जैसे मामलों में फिलहाल डीएम की अनुमति चाहिए होती है।
मामला शोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर से जुड़ा है। राजदीप ने एक IPS पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई। प्रेस की स्वतंत्रता की दुहाई दी। राहत नहीं मिली तो माफी माँग जान बचाई।
मुल्तान डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने फ़ैसला लिया है कि जो भी वकील बार काउंसिल का चुनाव लड़ेगा, उसे एक एफिडेविट देना होगा। इस एफिडेविट के माध्यम से उम्मीदवारों को इस्लाम के प्रति अपनी आस्था की शपथ लेनी होगी।
डीन ने सभी वार्डन को निर्देश देते हुए यह सुनिश्वित करने को कहा है कि विश्वविद्यालय के हॉस्टल में कोई बाहरी व्यक्ति मौजूद न हो। पुलिस ने इस संबंध में ऑडिट कराने का सुझाव रजिस्ट्रार को दिया है।
फ़िल्म 'तान्हाजी' ने वामपंथी पोर्टलों की ऐसी सुलगाई है कि वो अजय देवगन से खार खाए बैठे हैं। क्विंट, वायर, एनडीटीवी और स्क्रॉल की समीक्षाओं का पोस्टमार्टम कर हमने आपके मनोरंजन की व्यवस्था की है। जानिए, वामपंथी समीक्षकों ने देश के अस्तित्व को कैसे नकारा है।
तरुण गोगोई का कहना है कि बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए वैकल्पिक राजनीतिक दल वक्त की जरूरत है। इस संबंध में आसू का प्रस्ताव सामने आने के बाद उन्होंने यह बात कही है।
"#JNU कवरेज से जुड़ी एक क्लिप में दिख रही पुरानी तारीख के संबंध में स्पष्ट करना चाहते हैं कि कैमरे की सेटिंग्स अपडेटेड नहीं थीं। इससे जो ग़लतफहमी पैदा हुई है, उसके लिए हमें खेद है।"
नलगोंडा पुलिस ने हत्या के मामले में जून में 1600 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसमें प्रणय की हत्या करने की योजना के पूरे घटनाक्रम को बताया गया था। लेकिन, इस मामले में कोई मुक़दमा शुरू नहीं हुआ।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 13 जनवरी को खुलने वाला है। इससे पहले वाइस चांसलर ने खुद और अपने परिवार के ऊपर जान का खतरा बताया है। उन्होंने कैंपस में फिर से हिंसा की आशंका जताई है।
जिस महिला के अब्बा 'बाबा-ए-क़ौम' हो वह अपने परिवार के साथ पाकिस्तान नहीं जाती। क्यों? जानने के लिए 'जिन्ना की आज़ादी' का नारा लगाने वालों को जानना चाहिए कि अपने ही बनाए पाकिस्तान में 'कायदे आजम' कौन सी मौत मरे थे।
तीनों आतंकी आपस में बातचीत करने के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसमें कम्युनिकेशन खत्म होते ही टेक्स्ट अपने-आप डिलीट हो जाते थे। इन्हें शहर की दीवारों पर लगे पोस्टरों से बड़े नेताओं की जानकारी जुटानी थी।
इंडिया टुडे के स्टिंग ऑपरेशन में
खुद को ABVP का बताने वाला JNU का छात्र अक्षत अपने ही बयान से पलट गया है। उसने कहा है कि मैंने शेखी बघारने के लिए झूठ बोला था। उसने कहा है कि इंडिया टुडे के रिपोर्टर ने ही झूठ बोला था।
विदेश में अत्याधुनिक प्रेस में छपी कुरान 6 महीने से लावारिस पड़ी हैं। इन्हें मलप्पुरम के दारुल उलूम अरबी कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने मॅंगवाया था। उनका कहना है कि गरीबों के बीच बॉंटने के लिए कुरान मॅंगवाई गई थी।
शाहिद ने आरती को अपने घर पर बुलाया। किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। इसके बाद शाहिद ने युवती का गला काट दिया। बताया जाता है कि दोनों दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में भी रह चुके थे।
अब क्रांति कुमार आम इंसान नहीं रहे। अब क्रांति कुमार कामरेड क्रांति कुमार हो गए हैं। कामरेड क्रांति कुमार ने ट्विटर पर संविधान पढ़ा था और राजनीति शास्त्र की बारीकियाँ उसने एक बुर्जुआ मित्र के साथ पिज्जा ऑर्डर करते वक़्त मुफ्त कूपन इस्तेमाल करते हुए सीखीं थीं।
बकौल स्वामी सिर्फ दिल्ली पुलिस से जेएनयू में बात नहीं बनेगी। वहॉं बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की जानी चाहिए। साथ ही यूनिवर्सिटी का नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय कर दिया जाना चाहिए।
राहुल कंवल के फ़र्ज़ी दावे वाली फ़ोटो का संबंध दूर-दूर तक ABVP या 'ABVP की रैली' से नहीं था। उनके खोखले दावे का सच ख़ुद राहुल कंवल द्वारा शेयर किए गए जनसत्ता के लेख से भी हो गया। इसमें विरोध-प्रदर्शन के लिए स्पष्ट तौर पर आइशी घोष और JNUSU का उल्लेख किया गया था, न कि ABVP का।
अक्षय प्रीतमदास भाटिया, मनीष आडवाणी... जैसे कई नामों के सहारे एजाज करीब 22 साल तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की आँख में धूल झोंकता रहा। इस दौरान उसने नाम ही नहीं बदले। रूप-रंग और जीवनशैली भी नाम के अनुसार बदली।
इतने विभत्स अपराध के बावजूद हुसैन को बच्ची के साथ बलात्कार का दोषी नहीं, बल्कि बाल यौन शोषण अपराध का दोषी ठहराया गया। और उसे सजा कितनी मिली? सिर्फ 75 घंटों के लिए समाज सेवा करने का आदेश! रेप पीड़िता के साथ यह कैसा न्याय?
जब तक जनता ने चिदंबरम की पार्टी की योजनाओं और झूठे वादों को बिना कोई सवाल किए, बिना कोई जाँच-पड़ताल किए आँख मूँदकर माना, तो समझदार... लेकिन जैसे ही जनता ने सच्चाई को देख-समझकर, देश हित को जान कर फैसला लेना शुरू किया वो बेवकूफ! तिहाड़ी से आने के बाद शायद...
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एसिड पीड़िता की वकील अपर्णा को क्रेडिट दिए बिना फ़िल्म रिलीज़ पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इसके लिए 15 जनवरी तक मल्टिपलेक्स और अन्य जगहों पर 17 जनवरी तक की मोहलत दी गई है।
वीडियो में दिखाया गया कि हवाई अड्डे के पास ऊपर एक विमान को मिसाइल ने निशाना बनाया, तभी एक छोटा धमाका हुआ, लेकिन विमान में विस्फोट नहीं हुआ। इसके कई मिनट बाद तक वो उड़ान भरता रहा लेकिन हवाई अड्डे से पहले वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
“आज CAA लागू हो गया । मोदी को बोलो पहले अपने कागज, अपनी डिग्री इन “entire political science” दिखाए, और अपने बाप का और ख़ानदान का birth सर्टिफ़िकेट दिखाए सारे हिंदुस्तान को। फिर हमसे माँगे। #f**k CAA”
बीवी और कॉलेज जाने वाले 2 बच्चे। सब-इंस्पेक्टर विल्सन का यही परिवार था। लेकिन उन्हें पूरी प्लानिंग के तहत मार डाला गया। क्यों? क्योंकि शमीम और तौफिक गुस्सा में थे। गुस्सा इसलिए कि उनके आतंकी दोस्तों को गिरफ्तार क्यों किया गया! बदला लेने के लिए दोनों ने साजिश रची और...
जम्मू-कश्मीर में कभी पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते तो कभी सेना पर पत्थरबाजी का सीन आम है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब कश्मीरी पंडित ने 'फ्री कश्मीर फ्रॉम इस्लामिक टेररिज़्म' का पोस्टर लहराया हो, विदेशी दल को जमीनी हकीकत से वाकिफ कराया हो।
IIM अहमदाबाद के 90 से अधिक छात्रों ने CAA के समर्थन में एक याचिका दायर की है। इन पूर्व छात्रों का कहना है कि CAA के साथ NRC लागू किए जाने से देश में किसी भी समुदाय को कोई खतरा नहीं है और इसके विरोध में झूठ और अफवाहें सिर्फ हिंसा फैलाने के लिए गढ़े जा रहे हैं।
2017-18 की तुलना में कॉन्ग्रेस पार्टी के चुनावी बॉन्ड की बात करें तो यह 5 करोड़ रुपए से बढ़कर साल 2018-19 में 383 करोड़ रुपए पर पहुँच गई है। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंप दिया है, वहीं से यह डेटा लिया गया है।
एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल का केस लड़ने वाली वकील को क्रेडिट देने के निचली अदालत के फ़ैसले के एक दिन बाद Fox Studios और फ़िल्म की निर्देशक मेघना गुलज़ार ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक अपील दायर की है।
इस दौरान कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं और मीडिया को दूर रखा गया, जिसका कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे उन्हें प्रियंका से मिलने नहीं दे रहे। नाराज कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए और...
इंडिया टुडे समूह के पत्रकार राहुल कंवल इस वीडियो में बता रहे हैं कि किस प्रकार उनके 2 खोजी पत्रकारों- जमशेद खान और नितिन जैन की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने कथित ABVP कार्यकर्ता अक्षत अवस्थी का पर्दाफाश किया है।
जम्मू के जगती कैंप जाइए, दिल्ली के मजनू का टीला जाइए। देखिए वहाँ के कश्मीरी पंडितों के कुछ परिवारों की हालत। देखिए उनकी महिलाएँ क्या काम करने को मजबूर हैं! इनके लिए संविधान क्या कहता था 1990 में? इनके लिए संविधान अब क्या कहता है? इसके लिए न्यायपालिका क्या कह रही थी 1990 में? इनके लिए न्यायपालिका अब क्या कह रही है?
"वे चारों लोग चाहते थे कि मैं अरेबिक में वो शब्द बोलूँ। मैं डर गया था और मेरे मन में ख्याल आ रहा था कि वे मुझे मार देंगे क्योंकि उन्होंने कहा था कि उनके पास चाकू है और उन्हें कोई गवाह नहीं चाहिए।"
पुलिस ने बताया कि पीड़िता और इस अपराध के पीछे का मास्टमाइंड महबूर मियाँ खान पिछले एक साल से संबंध में थे। रविवार को लड़की अपने घर से बाजार जाने को कहकर निकली थी। लेकिन महबूर उसे अपने साथ बेलखोर इलाके में सुनसान जगह ले गया और...
उस समय के कैबिनेट मंत्री मोरारजी देसाई ने तो विपक्षी दलों को भी इस संधि के खिलाफ एकसाथ होने की सलाह दे डाली थी। तत्कालीन गृहमंत्री गोविन्द बल्लभ पन्त भी पाकिस्तान को दी जाने वाली इस आर्थिक राशि से नाखुश थे। वो चाहते थे कि इस आर्थिक राशि का उस धन के साथ सामन्जस्य बैठाया जाए, जो हिन्दू शरणार्थी पाकिस्तान में छोड़ कर आ चुके थे।
यह मैथिली की खूबसूरती है कि 'हम देखेंगे' की 'बुतपरस्ती' सगुण-निर्गुण ब्रह्म में बदल जाती है। लेकिन, फैज कट्टर पाकिस्तानी थे। यह बात सालों पहले हरिशंकर परसाई दुनिया को बता चुके हैं।
जिहाद के जरिए ये आतंकी मारत में इस्लामी राज लाना चाहते थे। इसके लिए मजहबी कक्षाएँ संचालित की गईं। गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक आतंकी मॉड्यूल 'अंसारुल्लाह' बनाया गया।
JNU में हुई हिंसा में छात्र संघ प्रेसीडेंट आइशी घोष समेत चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, प्रियरंजन, योगेंद्र भारद्वाज, वास्कर विजय मेक, सुचिता तालुकदार, डोलन सामंता और विकास पटेल का नाम शामिल है। हिंसा के पीछे एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी हाथ है, जिसका नाम है- यूनिटी अगेन्स्ट लेफ्ट।
"ये हमारे लिए हैरानी की बात नहीं है कि वो उन लोगों के साथ खड़ी हुईं, जो भारत की बर्बादी चाहते हैं। वो उनके साथ खड़ी हुईं, जिन्होंने लाठियों से लड़कियों के प्राइवेट पार्ट्स पर हमला किया। मैं उनका ये अधिकार छीन नहीं सकती।"
CAA के विरोध की आड़ में इस्लामिक कट्टरपंथियों और वामपंथियों ने हिंदू विरोधी नारे लगाए। 'फक हिंदुत्व' लिखकर 'ऊँ' चिह्न का भरी दुनिया के सामने अपमान किया। अब इसी इस्लामिक भीड़ ने शाहीन बाग के प्रोटेस्ट में जिन्ना वाली आजादी के नारे लगाए और वहाँ किसी ने इस पर आपत्ति नहीं जताई।
AMU में विरोध प्रदर्शन के नाम पर एक बार फिर आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। अलीगढ़ पुलिस ने इस मामले में करीब 60 छात्रों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। भड़काऊ नारेबाज़ी करने वालों से सख़्ती से निपटने की बात कही गई है।
जनगणना पारंपरिक पेन और पेपर के बजाए मोबाइल फोन एप्लीकेशन के जरिए होगी। अधिसूचना में साफ शब्दों में कहा गया है कि मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना के मकसद से ही पूछा जाएगा। इसके अलावा परिवार के मुखिया का नाम, शौचालय का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, पीने के पानी के स्नोत जैसे सवाल पूछे जाएँगे।
आप राम नाम बोलते हुए शवयात्रा तक नहीं निकाल सकते। हिन्दुओं की बहू-बेटियाँ घरों से नहीं निकल सकतीं। उस काल की कल्पना कीजिए और उसे 'तानाजी' में देखिए। गद्दार तब भी थे और अब भी हैं- ये आपको पता चलेगा। भगवा का क्या महत्व है, यह भी जान पाएँगे।
हालात का जायजा लेने के बाद विदेशी राजनयिकों ने कहा कि स्थानीय लोगों ने रक्तपात के पाकिस्तानी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हिंसा के लिए पाकिस्तान को ही कसूरवार ठहराते हुए स्थानीय लोगों ने उस पर दबाव बनाने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि वे सुरक्षा के मुद्दे के साथ मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को संतुलित करने की पूरी कोशिश करेंगे। इंटरनेट पर एक समय-सीमा तक ही रोक लगनी चाहिए।
वीसी ने हिंसा के कारणों की पड़ताल करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय सुझाने को लेकर समिति गठित की है। लेकिन, JNUTA ने इसमें शामिल सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। JNUTA वैचारिक रूप से JNUTF का विरोधी माना जाता है।