पन्नू ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने न्यूयॉर्क में खालिस्तानियों से वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो प्रोफ़ेसर देविंदर पाल सिंह भुल्लर को 5 घंटे के भीतर छोड़ दिया जाएगा।
जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की प्रेसिडेंसियल डिबेट के दौरान धनंजय को यह कहते हुए सुना गया, "मैं इस मंच से शरजील इमाम और उमर खालिद की रिहाई की माँग करने आया हूँ।"
1927 में मुस्लिमों ने एक हिन्दू शादी में बैंड बजाने पर बवाल कर दिया था। विद्यार्थी ने कुछ नेताओं के साथ मिल कर एक मस्जिद के सामने संगीत बजाकर इस मानसिकता का विरोध किया।
सुरेन्द्रन केरल की वामपंथी सरकार के खिलाफ लगातार लोहा लेते रहे हैं। सुरेन्द्रन ने सबरीमाला महिलाओं के प्रवेश को लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। उन पर राज्य सरकार ने 200 से अधिक मुकदमे लगाए थे।
बीजेपी ने मेरठ से रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को चुनावी मैदान में उतार दिया है, तो सुल्तानपुर से मेनका गाँधी को एक बार फिर से उम्मीदवार बनाया है।
स्थानीय बीजेपी नेता विकास सरदार ने कहा, 'बीजेपी ने सरकार की अनुमति से जिबंतला-माथेर दिघी इलाके में एक पार्टी बैठक आयोजित की थी। लेकिन टीएमसी के गुंडों ने बैठक में घुसकर अशांति फैला दी।
मस्जिद समिति के सदस्य अकील पहलवान ने कहा कि वे पिछले 4-5 वर्षों से होली के दौरान मस्जिदों को ढक रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन पर रंग न लगे।
ये मामला दिल्ली के पांडव नगर इलाके का है। जहाँ इस वारदात के बारे में तब पता चला, जब 4 साल की बच्ची वापस अपने घर आई और अपनी माँ से पेट में दर्द की शिकायत की।
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के सामने तौसीफ ने जैसे ही हिंदू-मुस्लिम करना शुरू किया और आईएस की तारीफ शुरू की, वैसे ही उन्होंने थप्पड़ मारकर उसे जमीन पर बैठा दिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
इस्लामिक स्टेट ने उन हमलावरों की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्होंने मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में घातक गोलीबारी की थी। उस आतंकी हमले में कम से कम 133 लोग मारे जा चुके हैं।
बदायूँ डबल मर्डर केस के पीड़ित दोनों बच्चों के पिता विनोद पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। उन्होंने अपनी बाइक फूँक दी और कथित तौर पर आत्मदाह की कोशिश की।
भगवान राम का नाम लेने पर अतीक कुरैशी और अल्फाज कुरैशी ने छात्र को पीट दिया। उन्होंने कहा, 'यहाँ क्यों राम का नाम ले रहे हो, क्या पता नहीं है कि किस जगह (स्कूल पर) खड़े हो।'
मॉस्को आईएस हमले में करीब सौ लोगों की जान जा चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि जब आतंकी अंधाधुँध फायरिंग कर रहे थे, तो लोग एक-दूसरे के ऊपर से चढ़कर भाग रहे थे।
सीआईडी अधिकारी ने बताया कि हमने फोन से अन्य फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए और जाँच के दौरान लड़कियों ने भी अपराध कबूल कर लिया। इनके आधार पर हमने उनके खिलाफ चार्जशीट दायर किया।