कर्नाटक और आँध्र प्रदेश की सरकारों ने रमजान के दौरान स्कूलों का समय बदल दिया है। इस फैसले की वजह ये बताई गई है कि बच्चे पढ़ाई के साथ धार्मिक कार्यों को जारी रख सकें। वहीं, कर्नाटक में हिंदुओं को हनुमत ध्वजा तक लहराने नहीं दिया जाता।
नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में असम में कई राजनीतिक दलों सरबतमक हड़ताल का आह्वान किया है। अब इन राजनीतिक दलों को गुवाहाटी पुलिस की ओर से कानूनी नोटिस जारी किया गया है।
पश्चिम बंगाल की हुगली लोकसभा सीट से टीएमसी की उम्मीदवार बनाई गई रचना बनर्जी ने संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमें कैसे पता चलेगा कि जो महिलाएँ खुद को पीड़ित बता रही हैं, वो वास्तव में पीड़ित ही हैं।
कर्नाटक में एक कॉन्ग्रेसी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चप्पल से मारने की बात कही है। वो पीएम मोदी द्वारा गैस के सिलेंडर कम करने की घोषणा से नाराज है।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कर्नाटक में गोबी मंचूरियन और कॉटन कैंडी पर बैन लग गया है। लेकिन हकीकत में बैन उसमें पड़ने वाले कलरिंग एजेंट में लगा है।
विधायक पठान माजरा ने यहाँ तक कहा कि अगर अफीम-पोस्त की खेती की इजाजत नहीं दी जा सकती तो कम से कम राज्य में दुकानें खोली जानी चाहिए ताकि पंजाब के युवाओं को बचाया जा सके।
एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से 30 जून तक का वक्त माँगा था, ताकि वो इलेक्टोरन बॉन्ड की पूरी जानकारी दे सके। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है।
पोस्टर में सोनिया गाँधी और राजीव गाँधी को डाँस करते दिखाया गया है, साथ ही धमकाया भी गया है कि अगर कॉन्ग्रेस नहीं सुधरी, तो राहुल गाँधी का वीडियो भी जारी किया जाएगा।
केरल यूनिवर्सिटी में बवाल की खबर है। यहाँ एसएफआई कार्यकर्ताओं की गुंडई के विरोध में केरल स्टूडेंट यूनियन से जुड़े छात्रों ने प्रदर्शन किया और आर्ट फेस्टिवल के दौरान अव्यवस्था की स्थिति उपन्न हो गई।
जाफर सादिक ने NCB को बताया है कि वह उदयानिधि स्टालिन से मिला था। सादिक ने कबूल किया है कि उसने ₹7 लाख उदयानिधि स्टालिन दिए थे। इसमें से ₹5 लाख की सहायता बाढ़ के पीड़ितों के लिए थी। इसके अलावा ₹2 लाख का फंड DMK के लिए था।
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में सीएए विरोधी प्रदर्शनों का प्रमुख चेहरा रहे अपनी पार्टी के अबू ताहेर खान को फिर से लोकसभा चुनाव में उतारा है। पीएफआई ने उसे अपनी रैली में बुलाने का दावा किया था।
इंडी गठबंधन की सबसे बड़ी उम्मीद ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा तो की ही, पश्चिम बंगाल की सभी 42 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी कर दिया।