आईटीबीपी कर्मियों की कई टीमों सहित मेडिकल और सहायक कर्मचारियों ने आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्टेकहोल्डर्स से कई चर्चाएँ भी की। यह भवन भारत की सबसे बड़ी कोविड केयर फैसीलिटी है।
अलग-अलग सोशल मीडिया यूज़र्स ने ट्विटर के जरिए इस फर्जी पोस्ट को शेयर करते हुए यह दावा किया कि रिपब्लिक ऑफ हॉन्गकॉन्ग ने अपने देश का एक नया नक्शा जारी किया है, जिसमें उसने भारत के हिस्से के रूप में चीनी-अधिकृत क्षेत्रों को मंजूरी दी है।
अशोक गहलोत सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की 'अन्नपूर्णा रसोई' का नाम बदलकर ‘इंदिरा रसोई योजना’ कर दिया है। साथ ही, कुछ और पुरानी योजनाओं का भी नाम बदलकर उन्हें राजीव गाँधी के नाम से जारी कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि उपद्रवियों के बीच जानबूझकर ये अफवाह फैलाई गई कि कपिल मिश्रा के लोगों ने CAA विरोध प्रदर्शन के पंडाल में आग लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट से माँग की गई है कि वो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से इस मामले की जाँच गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत कराने के संबंध में आदेश या निर्देश जारी करे।
सोशल मीडिया पर The Daily Switch नाम के राजनीतिक, मीडिया और कल्चर वेबसाइट ने विश्व के नए सुपरहीरो 'लिबरलमैन' और 'उदारवादियों' की हरकतों को शेयर किया है।
PAK के उड्डयन मंत्री ने कहा कि उनकी सरकारी एयरलाइंस में 40% पायलट के पास फर्जी लाइसेंस हैं। और कराची में हुए प्लेन क्रैश के वक्त पायलट कोरोना वायरस पर चर्चा कर रहे थे।
फातिमा ने महिला सशक्तिकरण दिखाने के लिए अपने बच्चों से अपनी हाफ न्यूड बॉडी पर पेंटिंग करवाई थी। उन पर केरल पुलिस एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस हमले के दौरान रंगभेदी समूह के लोगों ने बलजीत की दुकान के अंदर तरह-तरह के स्लोगन भी लिखे। जैसे- 'white power', 'Trump 2020', 'F**K ISIS', and 'go home' आदि।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने उत्तराखंड की युवती से मजहब छुपाकर फेसबुक पर दोस्ती के बाद शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपित जमाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
श्रीनगर की उस मस्जिद के बाहर डीएसपी अयूब पंडित सुरक्षा में तैनात थे। लेकिन इस्लामी भीड़ ने हिंदू समझ उनके साथ रूह कॅंपा देने वाली बर्बरता की। जब पहचान के लिए उन्हें नंगा किया गया तो...
शुक्र मनाइए कि रामदेव बनिया बन गए तो कई मीडिया हाउस चल रहे हैं। जरा मीडिया कंपनी के मालिकों से पूछिए कि नोटबंदी के बाद रामदेव के विज्ञापन का सहारा न होता तो उनका क्या हुआ होता?
'ग्लोबल टाइम्स' द्वारा भारतीय रक्षा मंत्री की चीनी रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात को लेकर प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है, जिसे 'द क्विंट' जैसे भारतीय प्रोपेगेंडा वेबसाइट द्वारा भी प्रकाशित किया गया है।
कोरोना को हल्के में लेने वाले, डॉक्टरों पर हमला करने वालों, थूकने, मल-मूत्र त्यागने वाले अधम श्रेणी के मनुष्यों की तुलना स्वामी जगन्नाथ के सेवायतों से करना धूर्तता है।
वामपंथियों और उनके गिरोह को ये बात नहीं भूलना चाहिए कि जिस कानून-व्यवस्था में उन्हें यकीन नहीं है, आज उसी ने उन्हें मानवीय आधार पर जमानत दी। ये चीज वामपंथियों को याद रखना चाहिए।
Plurals के नेता अनुपम सुमन की कम्पनी है YBM, जिसने अपने कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए निकाल दिया। अनुपम सुमन को पुष्पम प्रिया चौधरी का करीबी माना जाता है।
मंत्रालय ने पतंजली कम्पनी से कहा है कि पहले वो अपने कागज मंत्रालय में जमा करवाएँ और तब तक किसी भी तरह का विज्ञापन या दावा करने से बचें, जब तक इस पर जाँच पूरी नहीं होती।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार ने फैसला किया है कि दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में 50 फीसदी कर्मचारी कम किए जाएँगे। इसी तरह इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में भी 50 फीसदी कर्मचारी कम करने का फैसला लिया गया है।
'चाऊ-माओ' के बीच अपने लिए वैश्विक छवि तलाश रहे नेहरू ने कभी सीमा पर हो रही सैनिकों की मौत को लेकर जुबान नहीं खोली। उन्हें यह स्वीकार करते दशक बीत गए कि सीमा पर कुछ चिंताजनक हो रहा है।
अपनी तस्वीर साझा करते हुए अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, "कॉन्ग्रेस कार्य समिति की आभासी बैठक में हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया, जिन्होंने भारत-चीन सीमा पर बलिदान दिया।"
पतंजली ने कहा कि कोरोना किट, केवल ₹545 में उपलब्ध कराया जाएगा। रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस दवा ने 3-7 दिनों के भीतर '100% रिकवरी रेट' दिखाया है।
साल 2021 में रिलीज होने वाली यह फिल्म मोपला समुदाय के उस नेता की जिंदगी पर आधारित है , जिसे साल 1921 में मालाबार में हजारों हिंदुओं के नरसंहार का जिम्मेदार बताया जाता है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की माता जोगमाया ने भी पंडित नेहरू को एक भावपूर्ण पत्र लिखकर अपने पुत्र की मृत्यु की निष्पक्ष जाँच की माँग की थी। लेकिन, एक माँ की माँग को भी नहीं माना गया।
जनरल झाओ जोंगकी सोचता था कि चीन को USA और उससे जुड़े देशों के सामने कमजोर नहीं दिखाई पड़ना चाहिए। इसलिए वह इस हमले के जरिए भारत को सबक सिखाना चाहता था।