ईरानी की पीछे वाली सीट पर बैठी सांसद संगीता देव ने कहा कि कांग्रेस सांसद आस्तीन चढ़ाकर मारने के अंदाज में आए थे। यह घटना तब हुई जब ईरानी ने बंगाल में रेप की घटनाओं पर विपक्ष की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए।
अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बाबरी मस्जिद ध्वंस के एवज में मुआवजे के रूप में मुस्लिम पक्ष को मिल रही 5 एकड़ ज़मीन के खिलाफ याचिका दायर करने जा रही है। इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए महासभा अदालत से इस आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगी।
ACB ने हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि जॉंच में अजित पवार की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं। क्रियान्वयन एजेंसी की गड़बड़ियों के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।
"गीता (बदला हुआ नाम) की साड़ी घुटनों से ऊपर खींची हुई थी, ऊपरी शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था, उनके सिर, गले और हाथों पर गंभीर चोट के निशान थे। उनके पति की हालत खराब है। आत्महत्या करने की सोचता है। अब बच्चों का क्या होगा?"
आँकड़ों के मुताबिक़, यूपी में पिछले दो साल में 5,178 मुठभेड़ों में पुलिस ने 103 अपराधियों को मार गिराया है। 1,859 अपराधी पुलिस कार्रवाई में जख्मी हुए। इसके अलावा, 17,745 अपराधियों ने डर से आत्मसमर्पण किया या खुद ही जमानत रद्द करा जेल पहुँच गए।
पीड़ित लड़कियों की शिकायत पर इन सभी आरोपितों को इसी साल 17 जून को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन एनजीओ की शिकायत पर सुनवाई के दौरान इन सभी आरोपितों को बरी कर दिया गया।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। TMC के गुंडों ने इस बार उत्तर 24 परगना के बीजेपी के भाटपारा विधायक पवन सिंह के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की और विधायक पर बम से हमला भी किया।
हैदराबाद इनकाउंटर को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पुलिस का आभार व्यक्त किया जा रहा है। घटनास्थल पर पहुँचे हजारों लोगों ने पुलिस पर फूल बरसाए हैं और महिलाओं ने पुलिस की कार्रवाई पर अपनी खुशी प्रकट करते हुए उन्हें राखी बाँधी है। एसीपी और डीसीपी जिंदाबाद के नारे भी...
कुल 90 सीटों में से कॉन्ग्रेस-शिवसेना के 59 पार्षद थे। वहीं, बीजेपी समर्थित कोणार्क विकास अघाड़ी के पास केवल 31 पार्षद थे। लेकिन, जब अंतिम परिणाम आया तो कॉन्ग्रेस के 47 में से 18 पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया और कोणार्क विकास अघाड़ी की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल 49 वोटों के साथ मेयर चुनी गईं।
साल 2008, दो लड़कियाँ इंजिनियरिंग की पढ़ाई करती थीं - स्वपनिका और प्रनिथा। स्वपनिका को श्रीनिवास ने प्रोपोज किया। स्वपनिका ने ठुकरा दिया। लेकिन 'मर्द' श्रीनिवास ने इसे अपना अपमान समझा। अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर उसने स्वपनिका के साथ-साथ प्रनिथा पर भी एसिड फेंक दिया।
कानून मंत्री रेड्डी ने कहा कि आरोपितों को भगवान ने उनके किए की सजा दी है। जिससे हैदराबाद समेत पूरे देश में खुशी है। उन्होंने दावा भी किया कि वह चारों पुलिस के हथियार लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन पर फायरिंग की।
इससे पहले पीड़िता के पिताजी ने मंगलवार को कहा था, "दोषियों को जितना जल्दी संभव हो उतनी जल्दी सजा मिलनी चाहिए। कई कानून बनाए गए लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है। निर्भया केस को ही देख लीजिए। दोषियों को फाँसी पर लटकाना चाहिए।"
क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के लिहाज से पुलिस चारों आरोपित दरिंदों को उसी हाइवे के पास लेकर पहुँची थी, जहाँ यह जघन्य अपराध किया गया था। लेकिन वहाँ से ये सभी भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को मार गिराया।
तीनों ही पार्टियाँ गृह, वित्त, हाउसिंग, राजस्व जैसे विभागों पर नज़रें गड़ाए बैठे हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, काली कमाई और बंदरबाँट का भरपूर 'स्कोप' है। सरकार अभी 6 मंत्रियों को ही जब विभाग नहीं बाँट पा रही है, तो ज़ाहिर सी बात है मंत्रिमंडल विस्तार कर बाकी पद भरना तो और बड़ी चुनौती होगी।
चाहे झूठ बोलना हो या फिर गबन का मामला। ये न केवल कानूनी रूप से गलत हैं, बल्कि नैतिक और सामाजिक तौर पर भी ये गुनाह ही माने जाते हैं। इन तमगों के लिए राहुल गॉंधी को सार्वजनिक तौर पर वैसे ही माफी मॉंगना चाहिए जैसे सुप्रीम कोर्ट से मॉंगी थी।
राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करने वालों में हैदराबाद के लोकसभा सांसद प्रमुख हैं। उन्होंने फैसले पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा था कि खैरात में पाँच एकड़ जमीन नहीं चाहिए।
हिन्दू कहीं भी हो, कट्टर नहीं है। वो सामाजिक अपराध कर सकता है, धार्मिक आतंकवादी नहीं बनता। लेकिन, बांग्लादेशी यहाँ दीमक की तरह फैल रहे हैं, और समाज को खोखला कर रहे हैं। इन्हें बाहर फेंकना समय की माँग है, इसलिए इन्हें नागरिकता देने का तो सवाल ही नहीं उठता।
"मेरी दोस्त टिकट ख़रीदने के लिए लाइन में खड़ी थी। तभी मैंने नोटिस किया कि एक शख़्स उसे घूर रहा है। शुरुआत में हमने उसे इग्नोर किया लेकिन वह लगातार घूरे जा रहा था और हमारा पीछा कर रहा था। जब मैंने उससे पीछा करने की वजह पूछी, तो उसने अकड़कर कहा कि अगर मैं तुम्हें देख रहा हूँ, तो इसमें क्या प्रोब्लम है।"
"जहाँ कहीं हमारी पार्टी को 600-700 वोटों की लीड मिली, वहाँ पार्टी ने 50-50 करोड़ रुपए सड़क बनवाने के लिए मुहैया कराए हैं। अब और पैसे तब मिलेंगे जब हमारी पार्टी को लीड (चुनावों में बढ़त) मिलेगी।"
विपक्षी दलों को दिक्कत बुलेट ट्रेन से नहीं है। उनका विरोध राजनीतिक ओछेपन के अलावा कुछ नहीं है। उनको दिक्कत इस बात से है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी तो इसका श्रेय नरेंद्र मोदी को जाएगा।
कॉन्ग्रेस IT सेल में दक्षिण भारतीय अभिनेत्री की जगह किसी प्रोफेशनल का आना या फिर JNU कनेक्शन है बड़ा कारण? वही कनेक्शन जो अब राहुल गाँधी के भाषण लिखता है लेकिन कभी मनमोहन को काले झंडे दिखा चुका है। राहुल ने जिन-जिन को अनफॉलो किया है, उन सभी 69 अकाउंट्स के बारे में...
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2016 में कैंटीन में मिलने वाले भोजन के दाम बढ़ाए गए थे। इसके बाद अब सब्सिडी ख़त्म करने का फ़ैसला लिया गया है। साल 2016 से अब तक...
कश्मीर पर अफवाह फैलाने में शेहला रशीद पुरानी उस्ताद रही हैं। वे ट्ववीट कर सेना पर कश्मीरियों को प्रताड़ित करने का आरोप तक लगा चुकी हैं। सेना ने उस वक्त कहा था कि लोगों को भड़काने के लिए असामाजिक तत्व और संगठन फर्जी खबरें फैला रहे हैं।
पीड़िता की हालत बेहद नाज़ुक होने की वजह से उन्हें लखनऊ रेफ़र कर दिया गया। बर्न यूनिट में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि पीड़िता 90 फ़ीसदी तक झुलस गई हैं और उनकी हालत बेहद नाज़ुक है।
कंगाली के कगार पर खड़ा पाकिस्तान अब सरकारी संपत्ति बेचने को भी मजबूर हो गया है। उसने पॉंच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद भारत के साथ व्यापार रद्द कर कूटनीतिक संबंध कमतर कर दिया था।
हर भारतीय को भारत के नजरिए से बने वैध नक्शे को देखने की जरूरत है न कि पाकिस्तान-चीन के प्रोपेगेंडा वाले नक्शे को ध्यान में रख कर राजनीति करने की! लेकिन PFI तो इस्लामिक संगठन है, उसे तो पाकिस्तान में सब कुछ 'पाक' दिखता है इसलिए POK भी पाकिस्तान में मिला देना चाहता है।
शर्त जो कोर्ट ने चिदंबरम के बेल के लिए रखी थी, वो है - (i) इस संबंध (केस) में प्रेस को ब्रीफ नहीं करेंगे। (ii) मामले से जुड़े गवाहों से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। (iii) कोर्ट की इजाजत के बगैर विदेश नहीं जा सकते (iv) 2 लाख रुपए का निजी मुचलका भरना होगा।
"दिल्ली में जब 84 के सिख दंगे हो रहे थे, गुजराल जी उस समय के गृह मंत्री नरसिम्हा राव के पास गए थे। उन्होंने राव से कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार के लिए जल्द से जल्द सेना को बुलाना आवश्यक है। अगर राव गुजराल की सलाह मानकर जरूरी कार्रवाई करते तो शायद 1984 के नरसंहार से बचा जा सकता था।"
"400 कार्यकर्ता BJP में शामिल हुए हैं। हम सब ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहे थे क्योंकि शिवसेना ने भ्रष्ट और हिन्दू-विरोधी दलों से हाथ मिलाकर सरकार बनाई है। अभी कई और भी कार्यकर्ता हैं, जो शिवसेना के इस क़दम से नाराज़ हैं और वो भी..."
विदेशी पत्रकार डेक्स्टर ने लिखा कि जब वो श्रीनगर हवाई अड्डे पर उतरे, तो राणा अयुब ने उन्हें ‘विदेशियों के लिए पंजीकरण’ डेस्क पर जाने से रोक दिया। हवाई अड्डे पर हंगामा का लाभ उठाते हुए, वे दोनों बिना किसी रोक-टोक के और बिना पंजीकरण करवाए आराम से बाहर निकल गए।
"वह अपनी माँ को पानी देने के लिए कह रही थी। मैंने उसे चुपचाप सोने के लिए कहा। उसने मुझसे पूछा 'तुम कौन हो?' और 'चोर, चोर, मम्मा, हमारे घर में एक चोर है' चिल्लाना शुरू कर दिया। मैंने उसे ईंट से मारा जो मैंने बिस्तर पर रखी थी। फिर मैंने उसके साथ भी वैसा ही (बलात्कार) किया।"
हिन्दुओं की जैसे दुर्दशा सेक्युलर सरकार ने कर रखी है, उसमें हिन्दुओं को 'सेक्युलरिज़्म' की दुहाई वैसे ही है, जैसे नाज़ी यातना शिविर में पड़े यहूदी से प्रार्थना कि वह अपने शोषकों को जिलाए रखने के लिए कुछ कर दे।
इंदिरा गाँधी के मामले में स्वामी ने दावा किया कि इंदिरा गाँधी ने अपनी राजनीतिक छवि के चक्कर में अपने सुरक्षा कर्मियों के आतंकी गुटों से मिल जाने की रिपोर्ट के बाद भी सुरक्षा कर्मी नहीं बदले।
"खासतौर पर भारतीय लड़कियों को सेक्स एजुकेशन दी जानी चाहिए। खासतौर पर 18 साल की उम्र में आते ही उन्हें कॉन्डोम साथ लेकर चलना चाहिए। बहुत आम तर्क है, अगर मर्दों की इच्छाएँ पूरी होंगी तो वे महिलाओं को नहीं मारेंगे। सरकार को कुछ इस तरह की योजना बनानी चाहिए।"
मध्य प्रदेश के कमलनाथ सरकार में मंत्री इमरती देवी अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। इससे पहले भी गणतंत्र दिवस के दौरान अपने एक भाषण को लेकर इमरती देवी चर्चा में रह चुकी हैं। जिसमें अपना भाषण पढ़ते-पढ़ते उन्होंने कहा था कि अब कलेक्टर साहब....
बच्ची ने अब्दुल हामिद बहादुर अंसारी के कुकृत्यों के बारे में बताया, तो माता-पिता ने पुलिस में केस दर्ज कराया। आरोपित के ख़िलाफ़ पोस्को एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
सिस्टर लिसी ने कहा, “मैं बयान दे रही हूँ क्योंकि मैं सच्चाई जानती हूँ। शिकायतकर्ता नन के साथ 2011 से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। नन को न्याय मिलना चाहिए, मैं उसके साथ हूँ। मैं प्रार्थना करती हूँ कि उसे न्याय मिले।”
बीएचयू प्रशासन को उस ऑर्डिनेंस को देश के सामने प्रस्तुत करना चाहिए जिसके जरिए बीएचयू में धार्मिक शिक्षा बीएचयू एक्ट-1951 में संशोधन के पूर्व से दी जा रही थी, इसीलिए संसद को संशोधन के समय लिखना पड़ा कि "religious instruction being given." अर्थात दी जा रही धार्मिक शिक्षा रोकी नहीं जाएगी।
बड़े पैमाने पर हो रहे ह्यूमन ट्रैफिकिंग की जानकारी पाकिस्तान की सेना और सरकार दोनों को है। लेकिन, चीन को खुश रखने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पुलिस पर ऐसे मामलों की जॉंच नहीं करने का दबाव है। मीडिया को भी इसकी रिपोर्टिंग से मनाही है।
बस्तर के आईजी पी सुंदरराज ने बताया कि रहमान खान मानसिक रूप से बीमार था। लेकिन, वॉशिंगटन पोस्ट ने भारत को बदनाम करने के इरादे से ऐसी हेडिंग लगाई है जिससे प्रतीत होता है कि जवानों के दो गुटों में झड़प हो गई हो।
पवार ने मोदी के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर वे उनके साथ हैं। वहीं, उनकी सांसद बेटी ने कहा है कि पीएम ने उनमें जो भरोसा जताया है उसके लिए वे उनकी शुक्रगुजार हैं।
उत्तरी तेलंगाना में हुए इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी और दलित सड़क पर हैं। परिजनों का कहना है कि अभी तक किसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने इसका स्वागत किया है। इस अधिनियम को शरणार्थी हिन्दुओं के लिए बड़ी राहत बताया है। वहीं लिबरल गिरोह ने भी अपनी रुदाली शुरू कर दी है। कॉन्ग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने इसे लोकतंत्र के ही खिलाफ बता दिया है।
अमजद और अजगर ने पीटने के बाद दलित से कहा कि वह नीची जाति से है। उसे पठानी सूट पहनने का कोई अधिकार नहीं है। अगर उसने दोबारा पठानी सूट पहना तो वे उसे जान से मार देंगे।
अपनी ही पार्टी के नेता के सम्बोधन के दौरान सदन में नींद लेने के कारण सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी की ख़ासी आलोचना हुई। राहुल गाँधी केरल के वायनाड से सांसद हैं।