जनता को भड़काने के लिए खुलेआम पर्चे बाँटे जा रहे हैं, जिसमें कट्टरपंथियों द्वारा न केवल मुस्लिम समुदाय को सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ भड़काने के लिए गलत सूचना छापी जा रही हैं, बल्कि देश में हिंसा करने के लिए कर्बला का किरदार निभाने की भी बात स्पष्ट तौर पर लिखी दिखाई दे रही है।
स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजम, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सलमान को दोषी करार दिया था। इस ब्लास्ट के 2 अन्य आरोपित दिल्ली के बटला हाउस में 2008 में हुए एनकाउंटर में मार गिराए गए थे। एक आरोपित शाहबाज हुसैन को अदालत ने...
रेप पीड़िता के वकील ने बताया कि पीड़िता का घर पूरी तरह से टूट चुका है। उन्होंने कहा कि कुलदीप सेंगर ने अपने अपराध को छिपाने के लिए पीड़िता पर न सिर्फ़ केस वापस लेने का दबाव बनाया बल्कि एक विधायक के तौर पर डराया-धमकाया भी।
नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में फिर से विरोध-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। जिन शहरों से हिंसक वारदातों की रिपोर्ट आ रही है, उनमें प्रमुख हैं - फिरोजाबाद, हापुड़, कानपुर, बहराइच, सीतापुर, गोरखपुर मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और हमीरपुर।
कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने बताया कि दिल्ली महिला कॉन्ग्रेस की करीब 50 अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया और मंदिर मार्ग पुलिस थाना ले जाया गया।
लखनऊ में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में गुरुवार को जमकर हिंसा हुई। इसमें उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया, उनपर काँच की बोतलें बरसाईं। दंगाईयों की भीड़ शहर के मुख्य इलाकों में घुस गई और जमकर आगजनी व पथराव किया।
प्रोफेसर जोसेफ पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मलयालम भाषा में एक विवादित प्रश्नपत्र तैयार किया था, जिससे समुदाय विशेष की मजहबी भावनाएँ आहत हुई थीं। 2010 में उन पर कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन के सदस्य नजीब समेत कुछ युवकों ने चाकुओं से उनका दाहिना हाथ काट दिया था।
“हमारा अनुरोध है कि क्योंकि उन्होंने (वकार अहमद) खुद को मानसिक रूप से अयोग्य और अक्षम साबित कर दिया है, तो उन्हें तुरंत काम करने से रोका जाना चाहिए। हम सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से अनुरोध करते हैं कि वे उन्हें किसी भी प्रशासनिक या न्यायिक कार्य करने से रोकें। वह 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' हैं।”
हर उस आदमी को गोदी मीडिया, आईटी सेल, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी बोल देते हैं, जो उनके पाखंड की पोल खोलने की जुर्रत करता है। मुझे भरोसा है कि रवीश जी सबका नाम किसी कॉपी में लिखकर रख रहे होंगे कि जब राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनेंगे तो उनसे बोलकर सबको जेल भिजवाएँगे।
अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाक़े में मुस्लिम भीड़ द्वारा नागरिकता क़ानून के विरोध में हिंसा की गई। पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। इन आरोपों में अहमदाबाद पुलिस ने कॉन्ग्रेस कॉरपोरेटर शहज़ाद खान पठान समेत 49 दंगाईयों को हिरासत में लिया है।
हाई कोर्ट ने अदालत परिसर में नारेबाजी के प्रकरण की जाँच के लिए एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। समिति गहराई से जाँच के बाद दोषी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई पर उचित दिशा-निर्देश देगी।
बम फटने के कारण रईस के हाथ में काफी गंभीर चोट आई है, इसलिए पुलिस की ओर से उसे अभी कुछ नहीं कहा गया है। पुलिस का कहना है कि रईस को फिलहाल ईलाज मुहैया करवाया जा रहा है और ईलाज के बाद उस पर एक्शन लिया जाएगा।
संभल में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने उग्र होते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। इस मामले में सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क, एसपी जिलाध्यक्ष फ़िरोज़ ख़ान, स्थानीय पार्षद के पति हाजी मोहम्मद शकील और मुशील ख़ान समेत 17 को नामज़द करते हुए...
असम में शुक्रवार (दिसंबर 20, 2019) को 10 दिन के बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। नागरिकता संशोधन कानून के कारण असम में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सुरक्षा कारणों से इसे निलंबित किया गया था।
बुशरा और सिराज ने उनके द्वारा चलाए जा रहे तीनों स्कीम में मुस्लिम महिलाओं को पैसा लगाने का लालच दिया और साथ ही उन्होंने एक इस्लामिक पब्लिक स्कूल को उसके पैसे को दोगुना वापस करने का वादा करके उनसे 1.2 करोड़ रुपए ठग लिए।
"बड़ी संख्या में भीड़ दरगाह में इकट्ठी हुई और फिर बाद में भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर भारी मात्रा में पथराव करना शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर जेएम सोलंकी भी घायल हो गए। दरगाह में नमाज के बाद दो से तीन हजार उपद्रवियों की भीड़ सड़क पर आई और..."
पुलिसकर्मियों का रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेने का जब वीडियो बनाया जा रहा था, तो ठीक उसी समय एक पुलिसकर्मी अपनी जेब में हाथ डालने जा रहा था और इसी मुद्रा का स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया पर यह भ्रम भैलाने की कोशिश की जाने लगी कि गुहा को पुलिसकर्मी ने मुक्का...
द वायर ने ये नहीं बताया कि उसने किस आधार पर यह तय किया कि पूरे देश में NRC लागू होने का यही तरीका होगा। क्या इसके लिए सिर्फ धर्म ही एकमात्र आधार होगा। क्या इसके लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र वगैरह जैसे किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी?
नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ देश भर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों में आतंकियों के स्लीपर मॉड्यूल सक्रिय हो चुके हैं। आगजनी और दंगा भड़काने के मक़सद से कट्टरपंथी आतंकी अपनी पूरी तैयारी के साथ नागरिकता क़ानून के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों में शामिल हो चुके हैं। यह जानकारी ख़ुफ़िया एजेंसियों के माध्यम से...
मेंगलुरु हॉस्पिटल में दो लोगों के मरने की ख़बर आई है। ये दोनों मंगलुरु नार्थ पुलिस स्टेशन को आग के हवाले करने जा रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शन को हिंसक होते देख गोली चलाई और ये दोनों ही मारे गए। लखनऊ में भी एक प्रदर्शनकारी मारा गया।
पुलिस अधिकारी तनवीर अहमद ने उपद्रवियों क नेतृत्वकर्ता को सपाट शब्दों में कहा कि वो भड़का कर लोगों के भविष्य से न खेलें, ख़ासकर छात्रों के। पुलिस अधिकारी तनवीर ने उपद्रवी महिला वामपंथी को फटकारते हुए कहा- "छात्रों के करियर से मत खेलो। जाओ यहाँ से।"
ममता बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार के सबका साथ सबका विकास नारे पर निशाना साधते हुए कहा था, "केवल बीजेपी यहाँ बचे और बाकी सब चले जाएँ, यही बीजेपी की राजनीति है। यह कभी नहीं हो पाएगा। भारत सभी का है। अगर सबका साथ नहीं रहेगा तो सबका विकास कैसे होगा? नागरिकता क़ानून किसके लिए है?"
मुख्यमंत्री ख़ुद स्थिति पर पैनी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने पुलिस से कहा है कि उपद्रवियों को चिह्नित कर उनपर कड़ी कार्रवाई करें। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार उपद्रवियों की संपत्ति नीलाम कर वसूली करेगी। अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया दंगाइयों को संरक्षण देने संबंधी याचिका ठुकरा दी थी। कोर्ट रूम में उस समय एक अजीब सा माहौल बन गया जब याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने जजों के समक्ष शेम-शेम के नारे लगाए।
अपने नफ़रत भरे भाषण में लगभग 3 मिनट 30 सेकेंड पर, मौलाना ने सरकार को CAA और NRC को वापस लेने या जिहाद के लिए तैयार रहने की धमकी दी। मौलाना ने कहा कि अगर यह क़ानून पर तुम अटल रहे तो इतना याद रखना की मरने और मारने से कोई नहीं चूकेगा।
आज़मगढ़ में उपद्रव करने वाले 11 लोगों को चिह्नित कर धर-दबोचा गया। जमीयत-उल-अशरफिया के छात्रों ने उपद्रव किया था, जिसके बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की। पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रख रही है। सांसदों-विधायकों तक को भी पुलिस उठा कर ले गई।
भारत में 2 लाख से अधिक श्रीलंकाई तमिल, तिब्बती और 15,000 से अधिक अफगानी, 20-25 हजार रोहिंग्या भारत में रह रहे हैं। यह उम्मीद की जाती है कि किसी दिन जब वहाँ की स्थिति में सुधार होगा तो यह शरणार्थी अपने घर वापस लौट जाएँगे। लेकिन, पाक में स्थिति सुधरेगी क्या?
देशव्यापी विरोधों के चलते, देश के कई हिस्सों में प्रशासन की तरफ़ से धारा-144 लागू की गई। लेकिन, विपक्षी नेताओं के उकसाने पर लोगों ने क़ानून का उल्लंघन किया और क़ानून को हाथों में लेते हुए 'शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन' की आड़ में पुलिस पर हमला भी किया।
पर्यावरण एक्टिविस्ट मेधा पाटेकर भी विरोध करने पहुँचीं, लेकिन पाक से आए हिन्दू शरणार्थियों ने उन्हें खदेड़ दिया। शरणार्थियों ने मेधा पाटेकर को खदेड़ते हुए कहा कि जो लोग CAA का विरोध कर रहे हैं, वो पाकिस्तान में रह कर दिखाएँ।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पाक सेनाध्यक्ष जनरल मुशर्रफ को भगोड़ा बताते हुए कहा कि उसे सज़ा देना मुश्किल है क्योंकि वो भी काफ़ी ताक़तवर है। 167 पेज के फ़ैसले को कोर्ट ने लिखा है कि मुशर्रफ ने हमेशा अपनी बीमारी और सुरक्षा का हवाला देते हुए कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने उग्र होते हुए 2 सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।
11 मिनट 41 सेकंड का ऑडियो। यह ऑडियो सिर्फ दो मुस्लिम व्यक्तियों के बीच बातचीत भर का ऑडियो नहीं है। यह इंटेलिजेंस एजेंसी के सूत्रों से मिला ऑडियो है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में केंद्र सरकार को अस्थिर करने के लिए इस साजिश की प्लानिंग लंबे समय से की गई है। इसकी पूरी फंडिंग ISIS के द्वारा हुई है।
स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण दंगाईयों को क़ानूनी मदद उपलब्ध कराते हैं। नागरिकता क़ानून के नाम पर देश में अराजकता फैलाने के लिए इन विरोध प्रदर्शनों को और जारी रखना स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण जैसे लोगों का कुचक्र है। पढ़ें व्हाट्सप्प चैट।
सीएए पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अमेरिका के स्टेट सेक्रेटरी माइक ने कहा कि सीएए को लेकर संसद में हुई लम्बी बहस को जिसने भी देखा-सुना होगा, उसे पता होगा कि इस क़ानून के द्वारा पड़ोसी देशों के पीड़ित अल्पसंख्यकों को अधिकार मिल रहा है।
कॉन्ग्रेस को आइना दिखाने के मक़सद से बीजेपी एक ऐसे वीडियो को सामने लाई है, जिसमें ख़ुद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर हिंसा के शिकार हुए शरणार्थियों के लिए सरकार को सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने का सुझाव देते नज़र आ रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस ने बेरोजगार युवकों को 4000 रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। हालाँकि, कॉन्ग्रेस अपने वादे से मुकर गई और विधानसभा सत्र में कहा कि अभी ऐसी कोई योजना तैयार ही नहीं की गई है।
'हिंदू हृदय सम्राट' बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में सरकार बना चुके हैं। तीन पहियों वाली कभी भी पलटने वाली सरकार। अब CAA पर एक बार फिर से शिवसेना ने पलटी मारी है। वो भी कॉन्ग्रेस और UPA को आँख दिखाती हुई पलटी।
नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में वामदलों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया था। इसी विरोध-प्रदर्शन में पहुँचे इतिहासकार रामचंद्र गुहा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
हसीना बेन मूलरूप से भारत की ही रहने वाली थीं, लेकिन 1999 में निक़ाह हो जाने के बाद वो पाकिस्तान चली गईं थी। पाकिस्तान में उनके शौहर की मृत्यु हो जाने पर उन्होंने भारत वापस आने का फ़ैसला किया। दो साल पहले ही उन्होंने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया था, जिसे...
"दास्तान लाइव रॉक बैंड के समूह ने अपमानजनक (गालियाँ) शब्दों के साथ "ओम" का उच्चारण किया। इसके अलावा, उन्होंने जानबूझकर हिंदू धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत किया और सेरेंडिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल 2019 के मंच का दुरुपयोग किया।"
"अमरजीत सिंह मांदर बजाएँ, मैं नाचूँगी। अपनी परंपरा और संस्कृति के बढ़ावे के लिए नृत्य करने से मैं छोटी नहीं हो जाऊँगी। अपनी संस्कृति को प्रसारित करने के लिए कई लोग नाचते हैं, तो उसमें बुरा क्या है?"
नाजिल बच्ची को बहला-फुसला कर सामान दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था और उसका रेप किया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उसने बेरहमी से मासूम का गला दबाकर हत्या कर दी। बच्ची की मौत हो जाने के बाद नाजिल ने उसके शव पर तेजाब डालकर उसे जला दिया।
गुरुवार को कई वामपंथी व मजहबी संगठनों ने बंद का आयोजन किया था। पुलिस को ख़ुफ़िया सूचना मिली कि इस्लामी संगठनों और वामपंथियों के विरोध प्रदर्शन की आड़ में कुछ देशविरोधी ताक़तें हिंसा पर उतर सकती हैं और दिल्ली की तर्ज पर बेंगलुरु में भी दंगा भड़काया जा सकता है।
अगस्त से अक्टूबर तक पाकिस्तान ने सीमा पार से 950 बार सीजफायर उल्लंघन की वारदातों को अंजाम दिया है। सेनाध्यक्ष रावत ने कहा कि पाकिस्तान ख़ुद की हरकतों की वजह से लगातार अनियंत्रित होता जा रहा है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई कि इसके पीछे दो कारण हो सकते हैं। पहला कारण ये हो सकता है कि उन्होंने नए क़ानून को पढ़ने की जहमत ही नहीं उठाई और दूसरा कारण ये हो सकता है कि उन्हें पढ़ कर भी कुछ समझ नहीं आया। तभी उन्होंने 'दो बाप' वाली पहेली बुझाई।
उन दंगों के कारण केरल से 1 लाख हिन्दुओं को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी थी। कॉन्ग्रेस पार्टी की अध्यक्ष रहीं एनी बेसेंट ने इस बारे में अपनी पुस्तक में एक घटना का जिक्र करते हुए लिखा है कि हिन्दुओं का बुरी तरह से कत्लेआम किया गया। जिन्होंने भी इस्लाम अपनाने से इनकार किया, उन्हें या तो मार डाला गया, या फिर उन्हें भाग कर जान बचानी पड़ी।
"मोदी-शाह कहते हैं कि उन पर विश्वास करो। अमित शाह हिंदुस्तान के मुस्लिमों को कहते हैं कि उन पर विश्वास करो। यदि गोधरा कांड, सोहराबुद्दीन कांड, असम की एनआरसी सूची और उनके मुसलमानों के खिलाफ बयान देखें तो क्या वे बयान और मोदी शाह के कदम मुसलमानों में विश्वास पैदा करते हैं?"
संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के नाम पर मजहबी उन्माद फैलाने की साज़िश रची जा रही है। यहाँ तक कि मस्जिदों से घोषणा की गई ताकि उपद्रवी सड़क पर उतर कर हिंसा करें। इन घोषणाओं का परिणाम क्या हुआ, ये दिल्ली ने भुगता और पूरे देश ने देखा। खुद एक प्रदर्शनकारी ने...
एबीवीपी के छात्रों द्वारा आयोजित सेमिनार के दौरान पहले एसएफआई के गुंडों ने उन्हें (ABVP के कार्यकर्ताओं को) उनकी क्लास से खींचकर बाहर निकाला और बाद में उनकी पिटाई की। इस बीच शिक्षकों के एक समूह ने बीच-बचाव करके किसी तरह छात्रों की जान बचाई।