डीयू के छात्रों को उम्मीद है कि जो वामपंथी दिन-रात 'आज़ादी' के नारे लगाते हैं और 'आज़ादी' की माँग कर रहे हैं, वो 'आज़ादी' उन्हें मुफ्त में मिल रही है तो वो ज़रूर आकर ले जाएँगे। ऑपइंडिया को मिली ताज़ा सूचना के अनुसार, अभी तक एक भी वामपंथी 'आज़ादी' लेने नहीं पहुँचा।
कुछ लोग हिंसा भड़का कर नॉर्थ-ईस्ट को जलाना चाहते हैं। हम आपके लिए वो 11 झूठ लेकर आए हैं, जिसका इस्तेमाल कर के CAA को असम सहित अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों के ख़िलाफ़ बताया जा रहा है। 11 झूठ और उन सभी को काटता हुआ सच का पुलिंदा। इसे नोट कर लें।
"आज देश में बहू-बेटियों को जलाया जा रहा है। मुझे पता चला कि इधर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गेरुआ पहन कर चक्कर लगा रहे हैं। बीजेपी के ये वे लोग हैं जो शादी कम करते हैं। लेकिन गेरुआ पहन बहू-बेटियों की इज्जत लूटने का काम करते हैं।"
"कॉन्ग्रेस नेता कमरुल इस्लाम हिंसा वाली जगह पर मौजूद था। कॉन्ग्रेस ने अपील की थी कि लोग असम सचिवालय 'जनता भवन' के पास इकट्ठे हों। एक बड़े बुद्धिजीवी ने, जो अकादमिक व्यक्ति भी है, दिल्ली में बैठ कर असम सचिवालय और गुवाहाटी को जलाने की तैयारी की थी। इसमें इस्लामी कट्टरपंथी PFI भी..."
"मोटा भाई सबको हिंदू-मुस्लिम बनना सिखा रहे हैं, लेकिन इंसान नहीं। जब से आरएसएस अस्तित्व में आया है तब से वे संविधान में यकीन नहीं रखते। कैब से मुस्लिम दूसरी श्रेणी का नागरिक होगा और बाद में उसे एनआरसी लागू करके उसका शोषण किया जाएगा।"
"मुर्शिदाबाद जाते हुए मुझे नवग्राम के पास मुस्लिमों की बड़ी भीड़ ने घेर लिया है। मेरी गाडी के दोनों तरफ भीड़ जमा है। प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। SP और DG भी फ़ोन नहीं उठा रहे।"
सीएए और एनआरसी को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। फरहान अख्तर ने अंग्रेजी में वही चीजें शेयर की है, जिसमें वही बातें हैं जिन्हे व्हाट्सप्प फॉरवर्ड के माध्यम से फैलाया जा रहा है। आपके सामने जब भी ऐसी बातें आएँ, आप तभी जवाब देने की स्थिति में होंगे जब आपको सच्चाई पता होगी।
जमात फेडरेशन में मोहम्मद जॉन 'संरक्षक' के पद पर साल 2010 से आसित थे। लेकिन सोवमार को उन्हें इस पद से यह कहकर हटा दिया गया कि नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन करके उन्होंने समुदाय का अपमान किया है।
जामा मस्जिद का शाही इमाम होने के नाते अहमद बुखारी का ये फर्ज था कि वो अपने समुदाय के लोगों को समझाएँ। नए कानून पर उनके भ्रम को दूर करें। लेकिन जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, कौमी ठेकेदार उन पर टूट पड़े। उन्हें 'जमीरफरोश' करार दिया।
जयपुर सीरियल ब्लास्ट के 2 अन्य आरोपितों को दिल्ली के बटला हाउस में 2008 में हुए एनकाउंटर में मार गिराया गया था। एक आरोपित शाहबाज हुसैन को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। इन धमाकों में 71 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 185 लोग घायल हुए थे।
"जिस तरह जलियॉंवाला बाग में जनरल डायर ने लोगों पर गोली चलवाई थी, अमित शाह भी देश के लोगों पर ऐसे ही गोली चलवा रहे हैं। अमित शाह जनरल डायर से कम नहीं हैं।"
मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने के बाद विश्वविद्यालय में राजनीतिक प्रयोगों का जो सिलसिला शुरू हुआ था, उसके तहत ही कुछ महीने पहले दिलीप मंडल और मुकेश कुमार की अनुबंध पर नियुक्ति हुई थी। आरोप है कि दोनों प्रोफेसर छात्रों के बीच जातिगत भेदभाव कर माहौल खराब कर रहे हैं।
"तेलंगाना और कर्नाटक हाइवे पर महिलाओं के साथ रेप और जलाकर मारने की 15 घटनाओं में हम चारों की भूमिका की जॉंच कर रहे थे। दो ने इनमें से 9 घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली थी।"
स्थानीय नेता आशु खान, मुस्तफा और हैदर का नाम भी एफआईआर में है। सीवाईएसएस के नेता कासिम उस्मानी, AISA के चंदन और एसआईओ के आसिफ तन्हा को भी आरोपी बनाया गया है।
NRC और CAA को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए इसका असर संबंधों पर पड़ने की खबरों को खारिज किया है। साथ ही भारत को हमेशा से सहिष्णु और धर्मनिरपेक्षता में यकीन करने वाला मुल्क बताया है।
"जब जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाए गए और उसके बाद देश के अन्य शिक्षण संस्थानों को अस्थिर और देशद्रोह के विष से व्याप्त करने की कोशिश की गई तब BHU के छात्रों ने तय किया कि एक ऐसा छात्र समूह बनाया जाए जो कि शिक्षण संस्थानो में जेहादी, नक्सली और देशद्रोही प्रवृत्ति का विरोध हर स्तर पर कर सके।"
"छात्र से अपील है कि वे इस एक्ट को अच्छी तरह से पढ़ें। अगर एक्ट का अध्ययन करने के बाद भी कोई समस्या है तो सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है। लेकिन नरमी की किंचित मात्र भी संभावना नहीं है। अगर कोई आगजनी कर रहा हो तो पुलिस एक्शन नहीं लेगी तो क्या करेगी?"
पीड़िता 10वीं की छात्रा है। उसके साथ गाँव के ही चार युवकों ने उस समय गैंगरेप का प्रयास किया, जब वो अपनी दादी के साथ शौच कर के लौट रही थी। कोहरा और बरसात का फायदा उठाकर मनचलों ने लड़की को जबरन खींच लिया और...
ठाकरे द्वारा जामिया के (हुड़दंगी और हिंसक) छात्रों को रोकने के लिए की गई सीमित पुलिस कार्रवाई की तुलना जलियाँवाला बाग़ हत्याकाण्ड से करने को महाराष्ट्र भाजपा के शीर्ष नेता ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। फडणवीस ने कहा है कि इससे ठाकरे ने...
सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) द्वारा घुसपैठ की कोशिश की जा रही थी। लेकिन संदिग्ध गतिविधियों का पता चलते ही भारत ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान की एसएसजी यूनिट के कम से कम 2 एलीट कमांडो को मार गिराया।
BHU में जॉइंट एक्शन कमिटी के बैनर तले कुछ वामपंथी संगठन के लोगों ने CAA के विरोध में जुलुस निकाला। लेकिन ठीक उसी समय बहुत से BHU के छात्र ऐसे भी थे, जो देश के इस कानून के साथ थे। ऐसे समर्थक छात्रों ने एक बड़ी सभा की लेकिन दूसरों को गोदी मीडिया कहने वाली मीडिया गिरोह ने यह खबर दबा दी।
राहुल गाँधी 'रेप इन इंडिया' जैसा विवादित बयान देते हैं तो उनके चेले-चपाटे स्मृति ईरानी को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर झूठ फैलाते हैं। वो भी उस शख्स के साथ जिसे पद्म भूषण सम्मान मिल चुका है, जो BEST सांसद रह चुका है।
सफदरजंग और होली फैमिली अस्पतालों में क्रमशः दो और एक 'प्रदर्शनकारी' भर्ती किए गए थे। इनमें से होली फैमिली अस्पताल में घायल प्रदर्शनकारी की चोट गोली से नहीं थी, और उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। वहीं सफ़दरजंग अस्पताल में घायल प्रदर्शनकारियों के घावों के बारे में अलग-अलग मेडिकल और पुलिस जाँच चल रही है।
एडीजे कोर्ट ने जेल में बंद अभिनेत्री पायल रोहतगी को बड़ी राहत प्रदान करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। कोर्ट ने पायल की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद रोहतगी द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए नेहरू-गाँधी परिवार के वीडियो को देखा और इसके बाद अपना फैसला सुनाया।
पेशावर हाई कोर्ट ने गायब चल रहे पूर्व राष्ट्रपति, सैन्य जनरल और मुल्क को कारगिल की शर्मनाक हार में झोंकने वाले पूर्व तानाशाह परवेज़ मुशर्रफ़ को मौत की सज़ा सुनाई है। उन पर 3 नवंबर, 2007 को संविधान को निलंबित कर देश में इमरजेंसी थोपने के मामले में देशद्रोह का मुकदमा चल रहा था।
महक 13 दिसंबर से अपने कराची स्थित घर से गायब हुई थी। जिसके बाद उसका एक वीडियो आया है। इस वीडियो में महक हिजाब पहनकर बैठी है और अपना नाम महक केसवानी की जगह महक फातिमा बता रही है।
योगेश्वर दत्त ने जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी व उसके छात्रों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस यूनिवर्सिटी में मजहब के आधार पर आरक्षण दिया जाता है, वही यूनिवर्सिटी अब सेकुलरिज्म के लिए लड़ने का दावा कर रही है। दत्त ने इसे दोहरा रवैया करार दिया।
पीड़िता ने 10 नवंबर को दुष्कर्म की शिकायत की थी। पुलिस मामले की जॉंच के लिए उसे नासिक लेकर गई। लेकिन, आरोपित पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसका फायदा उठाकर आरोपित ने उसके पिता को मौत के घाट उतार दिया।
दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के बाद अब सीलमपुर इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की बसों में जमकर तोड़फोड़ की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।
प्रोफेसर ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि वो काफ़ी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना ने उन्हें बुरी तरह डरा दिया है। वे सदमे में हैं।
“हमारी ख्वाहिश और हमारी आरजू ये है कि दिल्ली में चक्का जाम हो। सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, पूरे देश में, जहाँ मुस्लिम कर सकता है। मुस्लिम हिन्दुस्तान के 500 शहरों में चक्का जाम कर सकता है।"
'पेंडुलम हिंदुत्व' या 'पेंडुलम-त्व' के शिकार उद्धव ठाकरे का पेंडुलम एक बार फिर डोल कर हिंदुत्व से कॉन्ग्रेस-छाप सेक्युलरता के सिरे पर पहुँच गया है। उद्धव ठाकरे ने जामिया में हिंसा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन की तुलना जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड से कर दी है।
जामिया नगर में CAA कानून बनने के बाद हुए बवाल पर पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य लोगों की जाँच जारी है। इस मामले में पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर दंगे भड़काने के लिए 2 एफआईआर भी दर्ज की हैं।
जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा कि कानून के मुताबिक बिना इजाजत पुलिस कैंपस में दाखिल नहीं हो सकती। जामिया कैंपस में बिना इजाजत घुसकर पुलिस ने ऐसी मिसाल कायम की है जो हर यूनिवर्सिटी के लिए एक खतरा है।
सीजेआई ने पूछा कि अगर छात्र पत्थरबाजी करते हैं तो क्या उनके ख़िलाफ़ FIR नहीं होगी? छात्र अगर इस तरह की हरकत करेंगे तो पुलिस क्या करेगी? साथ ही जामिया के छात्रों के वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि आपको फैक्ट्स पता होने चाहिए।
अनुराग कश्यप ने ट्विटर से स्वयंभू निर्वासन समाप्त कर दिया है। आते ही जामिया की हिंसा का दोष मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस के मत्थे मढ़ने की कोशिश की है। सेक्रेड गेम्स का दूसरा सीजन आने से ठीक पहले उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट किया था।
बीते 3 महीने में 750 फ़र्ज़ी आईडी कार्ड बरामद किए गए हैं। इससे पता चलता है कि जामिया में हिंसा की साज़िश लंबे समय से रची जा रही थी। हिंसा भड़काने की तैयारी काफ़ी पहले से थी और संशोधित नागरिकता क़ानून के रूप में उन्हें एक नया हथियार मिल गया।
अपने ही प्रोफेसरों से प्रताड़ित माखनलाल के छात्रों के साथ बीते दिनों पुलिस ने भी जोर-जबर्दस्ती की थी। बावजूद इसके जब ये भोपाल की सड़कों पर निकले तो कोई शोर-शराबा नहीं हुआ। न सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुॅंचाया गया।
सबसे ज्यादा हिंसा पश्चिम बंगाल में हुई। उसी तरह पूर्वोत्तर में भी ऐसे कई विरोध प्रदर्शन हुए। असम में उपद्रवियों के ख़िलाफ़ 136 केस दर्ज किए गए हैं और कुल 190 आरोपितों को गिरफ़्तार किया गया है। इनमें से कई ऐसे लोग हैं, जो तरह-तरह के संगठनों से जुड़े हैं
दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिसोदिया और आप विधायक अमानतुल्लाह खान तथा अन्य पार्टी नेताओं ने आपराधिक साजिश रची और जामिया हिंसा भड़काई। अपनी शिकायत के साथ पुलिस को कुछ वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें कथित रुप से आप नेता भीड़ को उकसा रहे हैं।
एक तरफ शिवसेना अपनी सत्ता में साझीदार कॉन्ग्रेस और एनसीपी को ख़ुश रखने में लगी है, वहीं दूसरी तरफ़ वो भाजपा को देशहित और हिंदुत्व के मुद्दों पर अकेले क्रेडिट लेने भी नहीं देना चाहती। मौजूदा स्थिति में पार्टी पेंडुलम की तरह हो गई है- कभी इधर तो कभी उधर।
इस हड़ताल को एमके फैजी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) ने बुलाया है। एसडीपीआई के आतंकियों से कनेक्शन सामने आते रहते हैं और कन्नूर के नारथ इलाक़े में इसके नेताओं के यहाँ पुलिस की रेड में कई ख़तरनाक हथियार मिले थे। ये संगठन चोरी-छिपे हथियारों का प्रशिक्षण देता है।
ये गिरफ्तारियाँ ऐसे वक्त में हुई है जब बांग्लादेश ने कहा है कि भारत से उसने अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों की जानकारी मॉंगी है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए बांग्लादेशियों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ दस्तावेज भी बनवा रखे हैं।
गिनती के लोगों के साथ धरने पर बैठी प्रियंका की हालत देख महिला कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव से रहा नहीं गया। उन्होंने आनन-फानन में किसी को फोन लगाया और फटकारने वाले अंदाज़ में पूछा- "हमारे लीडर्स कहाँ हैं? आओ भेजिए, वेणुगोपाल वगैरह को भेजिए। आप समझ गए न?"
अब्दुल गिर जाता है, उसकी आँखों के सामने स्कूल जाती रजिया का चेहरा घूमता है, उसके माता-पिता की तस्वीर नाचती है, उसकी आँख बंद होने लगती है, लोग उसके ऊपर लात रख कर भाग रहे होते हैं। भीड़ छँटने के बाद अब्दुल मरा हुआ पाया जाता है।