मायावती ने यूपी में कुछ सीटों पर गठबंधन को मिली जीत को भाजपा की सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा इसलिए किया है ताकि चुनाव पूरी तरह से प्रभावित नजर न आए और कोई सवाल न उठा सके।
प्रियंका गाँधी अक्सर ईरानी पर यह आरोप लगाती थी कि वो एक बाहरी व्यक्ति हैं और उन्हें अमेठी के मतदाताओं की कोई परवाह नहीं है। उनके इन बेबुनियादी आरोपों का जवाब, राहुल को न चुनकर स्मृति को चुनकर जनता ने ख़ुद ही दे दिया।
तस्वीर पूरी तरह साफ़ हो चुकी है और स्मृति ईरानी को हर जगह से जीत की बधाइयाँ मिल रही हैं, और राहुल गाँधी खुद अपनी हार स्वीकार चुके हैं तो सोशल मीडिया यूजर्स सिद्धू से उनसे इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
एएनआई के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में शनिवार (मई 25, 2019) को कॉन्ग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक होगी। जिसमें पार्टी की हार की वजहों पर चर्चा करने करने के साथ ही कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर किसी बड़े फैसले की भी उम्मीद की जा रही है।
एग्जिट पोल के दिन से ही नरेंद्र मोदी की यात्रा और गुफा वाली तस्वीरों को छोड़कर इस संक्रामक मीडिया गिरोह की एक टुटपुँजिया टुकड़ी को गोभी के पत्तों में कीड़े होने की जाँच करते हुए देखा गया है।
स्वरा भास्कर उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भाजपा को सत्ता से हटाने से लिए विपक्षी नेताओ के लिए कैंपेनिंग की थी। लेकिन मोदी लहर के आगे उनका जलवा नहीं चल पाया। वो सभी कैंडिडेट्स रुझानों में भाजपा नेताओं से पिछड़ते नजर आए, जिनकी कैम्पेनिंग करने के लिए स्वरा ने...
कॉन्ग्रेस को अब राहुल गाँधी के आगे सोचना होगा, एक नेता और देश के नेतृत्त्व के लिए वे स्वयं को सर्वोत्तम प्रत्याशी साबित नहीं कर पाए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वे स्वयं भी प्रधानमंत्री बनना नहीं चाहते हैं और उन्हें पार्टी जबरदस्ती नेता बना कर रखना चाहती है।
कुछ दुखद घटनाओं का स्मरण करें तो कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर में भाजपा कार्यकर्ता अपूर्बा चक्रवर्ती को तृणमूल के गुंडों ने बेरहमी से पीटा था।
कुछ ट्रोल करने वाले लिख रहे हैं कि प्रकाश राज के पास अभी भी टाइम है, मोदी से नफरत करना छोड़ दें। वहीं, कुछ ने तो उन्हें डूबकर मर जाने की भी सलाह दे डाली।
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने पद से त्यागपत्र दे सकते हैं। कर्नाटक में सत्ताधारी दल के 17 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। तृणमूल के 47 विधायक पार्टी छोड़ने का मूड बना रहे हैं।
सोशल मीडिया पर आम लोगों द्वारा बरनौल के चित्र भेजे जा रहे हैं। इन चित्रों में बरनौल को ट्रक में भर कर भेजा जा रहा है, तो किसी चित्र में विमान से बरनौल बरसाए जा रहे हैं। आए इस गैलरी में उनमें से चुनिन्दा चित्रों को देखते हैं।
रतन सिंह ठाकुर अपने दोस्तों के साथ मतगणना केंद्र पर पहुँचे थे। नतीजे देखते हुए वो गश खाकर कुर्सियों पर गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
शत्रुघ्न सिन्हा की हार के पीछे जो भी फैक्टर हैं, उनका न तो कॉन्ग्रेस से कुछ लेना-देना है और न ही भाजपा से। यह उनकी व्यक्तिगत हानि है, उनकी विफलता है, जिसके ज़िम्मेदार वह ख़ुद हैं। क्या हैं सिन्हा कि हार के कारण, समझिए स्थानीय समीकरणों के साथ।
चुनावी माहौल में इस तरह की खबरें अभी तक केवल पश्चिम बंगाल से सुनने-देखने को मिलीं थी, लेकिन रुझान आने के बाद अब ये दृश्य सीपीआई के कार्यालय के बाहर भी देखने को मिल रहा है।
तमाम EVM हैकिंग से लेकर डर के माहौल के बीच अन्य कई प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों के अरमानों का शीघ्रपतन देखने को मिला है। इस प्रकार बड़े ही दुःख के साथ यह सूचित करना पड़ रहा है कि देश ने एकसाथ आज लगभग 22 प्रधानमंत्री खो दिए हैं।
जनता के बीच 'हेट पॉलिटिक्स' का बाजा बजाकर BJP को सत्ता से उखाड़ फेंकने की गुहार लगाने वाले अब अपने घर के केबल, डीटीएच की तारों को बेदर्दी से उखाड़ रहे हैं। उन्हें यकीन नहीं हो पा रहा है कि 'सेकुलर' नागरिक के घर में लगी LED इतने कट्टर रुझान कैसे दिखा सकती है।
भाजपा कभी भी 200 का आँकड़ा नहीं छू पाएगी और बीजेपी इस वक्त बौखलाई हुई है। इसीलिए वो एग्जिट पोल को अपने पक्ष में दिखाने के लिए सेटिंग कर रही है, ताकि छोटे-मोटे दल उनके साथ खड़े हो सकें।
कमलनाथ एक ऐसा नाम है, जिसने उत्तर प्रदेश में सिंधिया को भिजवाकर उनका क़द घटा दिया क्योंकि वहाँ कॉन्ग्रेस की बुरी हार तय थी। दिग्विजय को 'सबसे बड़ा नेता' और 'सबसे कठिन सीट' के ऐसे जाल में फँसाया, जिससे वह मध्य प्रदेश में एकछत्र राज कर सकें।
जीत का आँकड़ा धीरे-धीरे स्पष्ट होता जा रहा है। बीजेपी की धमाकेदार इंट्री हो रही है। लेकिन सबसे मजेदार दौर देखने को मिला जब EVM राग छेड़कर महागठबंधन से लेकर लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने हार के प्रति वो कितने आश्वस्त हैं, इसका परिचय दिया।
एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के हिंसा भड़काने वाले विवादास्पद बयान की जाँच हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस कुशवाहा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और अगर इस बयान से किसी तरह की हिंसा हुई, तो इसके जिम्मेदार उपेंद्र कुशवाहा होंगे।
चांदनी चौक की मशहूर स्वीट शॉप से विशेष प्रकार की 50 किलो कमल बर्फी बनाने का ऑर्डर भी दिया गया है। इस बर्फी की खासियत होगी कि इसका आकार पार्टी के चुनाव चिह्न कमल फूल की तरह होगा।
पाकिस्तानी मीडिया ने स्क्रॉल के इस लेख को हाथोंहाथ लिया। इसमें मोदी की जीत के पाँच कारण गिनाए गए हैं लेकिन काफ़ी ज़हरीले तरीके से। लिखा गया है कि इलीट लोग मोदी के बेअदबी भरे भाषणों से नाराज़गी जताते हैं। इनमें अशुद्धियाँ और नाटकीयता होती है।
प्रकाश राज के लिए अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी प्रचार किया था। वह अपनी जीत के प्रति इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र की बजाए दिल्ली और बेगूसराय में प्रचार शुरू कर दिया था।
MLA के. सुधाकर ने कहा कि जेडी (एस) के साथ गठबंधन एक "अपवित्र गठबंधन" था और कॉन्ग्रेस ने केवल 37 विधायकों के साथ पार्टी को सब कुछ दे दिया। उन्होंने गठबंधन को नैतिक रूप से ग़लत बताया।
कॉन्ग्रेस के निष्ठावान राजदीप सरदेसाई ने भी एग्जिट पोल के आंकड़ों के बाद ईवीएम फ़र्जीवाड़े की झूठी ख़बर उठाने के लिए विपक्षी नेताओं की खिंचाई की थी। राजदीप ने तर्क दिया था कि विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और विशुद्ध रूप से राजनीतिक कारणों से बनाए गए हैं।
राहुल गाँधी के होते हुए भी कॉन्ग्रेस को सस्ते कॉमेडियंस आउटसोर्स करने पड़े ये बात चौंका देने वाली थी। गोदी मीडिया ने जब राहुल गाँधी से इस बारे में सवाल किया, तो उनका जवाब था, “देखिए भाई साहब, मैं फ्रेंक्ली कहता हूँ, आप लिख के ले लीजिए, मैं कॉमेडियंस के साथ पूरा न्याय करूँगा।
लेखक ने आरोप लगाया कि अगले कुछ वर्षों में भारत पर वैष्णव शाकाहार थोप दिया जाएगा। हालाँकि, इसके लिए उन्होंने कोई बैकग्राउंड नहीं दिया। रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के भाजपा में शामिल होने को लेकर भी इस लेख में नाराज़गी जताई गई है। कहा गया है कि सैन्य अधिकारी समझते हैं कि एक ही पार्टी उनके लिए काम कर रही है और उनका भाजपा में शामिल होना अशुभ है।
उनके स्थानीय आवास के बाहर सुरक्षा के लिए एक वाहन भी खड़ा किया गया है। विवेक को ये सुरक्षा मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन और सिक्योरिटी ब्रांच द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग पर सिर्फ एक ही पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह संवैधानिक संस्था के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि यदि एक ही पक्ष की सुनवाई करनी है तो फिर संस्था की स्वतंत्रता का क्या मतलब रह जाता है?
"मैं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नजरिए से कहना चाहूँगा कि हमें भारत में हुए लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और पवित्रता पर पूरा विश्वास है। यह स्पष्ट है कि जिसकी भी विजय हो या फिर जो भी परिणाम आएँ, हम नई सरकार के साथ कार्य करेंगे।"
वाराणसी से नरेंद्र मोदी 11000 वोटों से आगे चल रहे हैं। पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद आगे चल रहे हैं। बॉलीवुड हीरो-कम-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे।
बताया जाता है कि जेना अपने मित्र के साथ मोटर साइकिल से जा रहे थे जब चार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। हमले की जाँच जारी है। कहा जा रहा है की हमले की वजह आपसी रंजिश है।
उदित राज ने ट्विटर के माध्यम से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट आख़िर क्यों नहीं चाहता कि सारे ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान हो? इसके बाद उन्होंने देश की शीर्ष अदालत पर ही कथित धाँधली में शामिल होने का आरोप लगा दिया।
मिसाइल की शुरुआत से ही वायु सेना इसके विकास के हर कदम पर इसमें शामिल रही है। उसके इंजीनियरों ने मिसाइल का सॉफ्टवेयर भी बनाया था। HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) ने मिसाइल के इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल हिस्सों पर काम किया था।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले पाँच साल तक देश में शांतिपूर्ण माहौल के मद्देनज़र, इस समय एग्जिट पोल से विपक्ष में उपजी हताशा को ध्यान में रखकर, किसी तरह की हिंसा को रोकने के लिए, पहले से ही सावधानी बरतने की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है।
कॉन्ग्रेस जनादेश को EVM से छेड़छाड़ बताकर लगातार जनादेश का अपमान करती नजर आई। नतीजा ये रहा कि नालायक विपक्ष द्वारा तैयार किए गए फासिस्ट, भक्त, दलित पर अत्याचार, अल्पसंख्यकों में डर का माहौल, EVM हैक, बिकी हुई मीडिया, कट्टर हिन्दू जैसे नैरेटिव नरेंद्र मोदी की छवि ख़राब करने के बजाए उन्हें महामानव बनाते चले गए।