सोशल मीडिया पर आम लोगों द्वारा बरनौल के चित्र भेजे जा रहे हैं। इन चित्रों में बरनौल को ट्रक में भर कर भेजा जा रहा है, तो किसी चित्र में विमान से बरनौल बरसाए जा रहे हैं। आए इस गैलरी में उनमें से चुनिन्दा चित्रों को देखते हैं।
रतन सिंह ठाकुर अपने दोस्तों के साथ मतगणना केंद्र पर पहुँचे थे। नतीजे देखते हुए वो गश खाकर कुर्सियों पर गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
शत्रुघ्न सिन्हा की हार के पीछे जो भी फैक्टर हैं, उनका न तो कॉन्ग्रेस से कुछ लेना-देना है और न ही भाजपा से। यह उनकी व्यक्तिगत हानि है, उनकी विफलता है, जिसके ज़िम्मेदार वह ख़ुद हैं। क्या हैं सिन्हा कि हार के कारण, समझिए स्थानीय समीकरणों के साथ।
चुनावी माहौल में इस तरह की खबरें अभी तक केवल पश्चिम बंगाल से सुनने-देखने को मिलीं थी, लेकिन रुझान आने के बाद अब ये दृश्य सीपीआई के कार्यालय के बाहर भी देखने को मिल रहा है।
तमाम EVM हैकिंग से लेकर डर के माहौल के बीच अन्य कई प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों के अरमानों का शीघ्रपतन देखने को मिला है। इस प्रकार बड़े ही दुःख के साथ यह सूचित करना पड़ रहा है कि देश ने एकसाथ आज लगभग 22 प्रधानमंत्री खो दिए हैं।
जनता के बीच 'हेट पॉलिटिक्स' का बाजा बजाकर BJP को सत्ता से उखाड़ फेंकने की गुहार लगाने वाले अब अपने घर के केबल, डीटीएच की तारों को बेदर्दी से उखाड़ रहे हैं। उन्हें यकीन नहीं हो पा रहा है कि 'सेकुलर' नागरिक के घर में लगी LED इतने कट्टर रुझान कैसे दिखा सकती है।
भाजपा कभी भी 200 का आँकड़ा नहीं छू पाएगी और बीजेपी इस वक्त बौखलाई हुई है। इसीलिए वो एग्जिट पोल को अपने पक्ष में दिखाने के लिए सेटिंग कर रही है, ताकि छोटे-मोटे दल उनके साथ खड़े हो सकें।
कमलनाथ एक ऐसा नाम है, जिसने उत्तर प्रदेश में सिंधिया को भिजवाकर उनका क़द घटा दिया क्योंकि वहाँ कॉन्ग्रेस की बुरी हार तय थी। दिग्विजय को 'सबसे बड़ा नेता' और 'सबसे कठिन सीट' के ऐसे जाल में फँसाया, जिससे वह मध्य प्रदेश में एकछत्र राज कर सकें।
जीत का आँकड़ा धीरे-धीरे स्पष्ट होता जा रहा है। बीजेपी की धमाकेदार इंट्री हो रही है। लेकिन सबसे मजेदार दौर देखने को मिला जब EVM राग छेड़कर महागठबंधन से लेकर लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने हार के प्रति वो कितने आश्वस्त हैं, इसका परिचय दिया।
एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के हिंसा भड़काने वाले विवादास्पद बयान की जाँच हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस कुशवाहा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और अगर इस बयान से किसी तरह की हिंसा हुई, तो इसके जिम्मेदार उपेंद्र कुशवाहा होंगे।
चांदनी चौक की मशहूर स्वीट शॉप से विशेष प्रकार की 50 किलो कमल बर्फी बनाने का ऑर्डर भी दिया गया है। इस बर्फी की खासियत होगी कि इसका आकार पार्टी के चुनाव चिह्न कमल फूल की तरह होगा।
पाकिस्तानी मीडिया ने स्क्रॉल के इस लेख को हाथोंहाथ लिया। इसमें मोदी की जीत के पाँच कारण गिनाए गए हैं लेकिन काफ़ी ज़हरीले तरीके से। लिखा गया है कि इलीट लोग मोदी के बेअदबी भरे भाषणों से नाराज़गी जताते हैं। इनमें अशुद्धियाँ और नाटकीयता होती है।
प्रकाश राज के लिए अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी प्रचार किया था। वह अपनी जीत के प्रति इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र की बजाए दिल्ली और बेगूसराय में प्रचार शुरू कर दिया था।
MLA के. सुधाकर ने कहा कि जेडी (एस) के साथ गठबंधन एक "अपवित्र गठबंधन" था और कॉन्ग्रेस ने केवल 37 विधायकों के साथ पार्टी को सब कुछ दे दिया। उन्होंने गठबंधन को नैतिक रूप से ग़लत बताया।
कॉन्ग्रेस के निष्ठावान राजदीप सरदेसाई ने भी एग्जिट पोल के आंकड़ों के बाद ईवीएम फ़र्जीवाड़े की झूठी ख़बर उठाने के लिए विपक्षी नेताओं की खिंचाई की थी। राजदीप ने तर्क दिया था कि विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और विशुद्ध रूप से राजनीतिक कारणों से बनाए गए हैं।
राहुल गाँधी के होते हुए भी कॉन्ग्रेस को सस्ते कॉमेडियंस आउटसोर्स करने पड़े ये बात चौंका देने वाली थी। गोदी मीडिया ने जब राहुल गाँधी से इस बारे में सवाल किया, तो उनका जवाब था, “देखिए भाई साहब, मैं फ्रेंक्ली कहता हूँ, आप लिख के ले लीजिए, मैं कॉमेडियंस के साथ पूरा न्याय करूँगा।
लेखक ने आरोप लगाया कि अगले कुछ वर्षों में भारत पर वैष्णव शाकाहार थोप दिया जाएगा। हालाँकि, इसके लिए उन्होंने कोई बैकग्राउंड नहीं दिया। रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों के भाजपा में शामिल होने को लेकर भी इस लेख में नाराज़गी जताई गई है। कहा गया है कि सैन्य अधिकारी समझते हैं कि एक ही पार्टी उनके लिए काम कर रही है और उनका भाजपा में शामिल होना अशुभ है।
उनके स्थानीय आवास के बाहर सुरक्षा के लिए एक वाहन भी खड़ा किया गया है। विवेक को ये सुरक्षा मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन और सिक्योरिटी ब्रांच द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग पर सिर्फ एक ही पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह संवैधानिक संस्था के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि यदि एक ही पक्ष की सुनवाई करनी है तो फिर संस्था की स्वतंत्रता का क्या मतलब रह जाता है?
"मैं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के नजरिए से कहना चाहूँगा कि हमें भारत में हुए लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता और पवित्रता पर पूरा विश्वास है। यह स्पष्ट है कि जिसकी भी विजय हो या फिर जो भी परिणाम आएँ, हम नई सरकार के साथ कार्य करेंगे।"
वाराणसी से नरेंद्र मोदी 11000 वोटों से आगे चल रहे हैं। पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद आगे चल रहे हैं। बॉलीवुड हीरो-कम-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे।
बताया जाता है कि जेना अपने मित्र के साथ मोटर साइकिल से जा रहे थे जब चार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। हमले की जाँच जारी है। कहा जा रहा है की हमले की वजह आपसी रंजिश है।
उदित राज ने ट्विटर के माध्यम से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट आख़िर क्यों नहीं चाहता कि सारे ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान हो? इसके बाद उन्होंने देश की शीर्ष अदालत पर ही कथित धाँधली में शामिल होने का आरोप लगा दिया।
मिसाइल की शुरुआत से ही वायु सेना इसके विकास के हर कदम पर इसमें शामिल रही है। उसके इंजीनियरों ने मिसाइल का सॉफ्टवेयर भी बनाया था। HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) ने मिसाइल के इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल हिस्सों पर काम किया था।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले पाँच साल तक देश में शांतिपूर्ण माहौल के मद्देनज़र, इस समय एग्जिट पोल से विपक्ष में उपजी हताशा को ध्यान में रखकर, किसी तरह की हिंसा को रोकने के लिए, पहले से ही सावधानी बरतने की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है।
कॉन्ग्रेस जनादेश को EVM से छेड़छाड़ बताकर लगातार जनादेश का अपमान करती नजर आई। नतीजा ये रहा कि नालायक विपक्ष द्वारा तैयार किए गए फासिस्ट, भक्त, दलित पर अत्याचार, अल्पसंख्यकों में डर का माहौल, EVM हैक, बिकी हुई मीडिया, कट्टर हिन्दू जैसे नैरेटिव नरेंद्र मोदी की छवि ख़राब करने के बजाए उन्हें महामानव बनाते चले गए।
राजदीप ने यहाँ तक कहा कि मोदी के यहाँ से चुनाव लड़ने की वजह से वाराणसी की सीट VVIP संसदीय सीट में बदल चुकी है। जिसका असर वहाँ पर हो रहे परिवर्तन के रूप में देखा जा सकता है।
"वीवीपैट और ईवीएम पर्चियों का मिलान मतगणना शुरू होने से पहले की जानी चाहिए। ट्रेंड्स जारी हो जाने के बाद ये प्रकिया निष्फल हो जाएगी। इसके कारण प्रभावित उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसके कारण क़ानून व्यवस्था बिगड़ सकती है।"
ख़बर के अनुसार, एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष श्री गुप्ता के ख़िलाफ़ पूरक आरोप पत्र दायर किया। उन्हें ED ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया था।
इस समय भाजपा और मोदी की ‘लहर’ किस कदर चल रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कॉन्ग्रेस के द्वारा कराया गया एग्जिट पोल भी कह रहा है, “आएगा तो मोदी ही!” और इतने के बावजूद राहुल गाँधी एग्जिट पोल्स को फर्जी बता कर अपने समर्थकों को अंतिम ढाँढ़स बँधा रहे हैं।
AAP के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की एक वीडियो क्लिप ट्विटर पर शेयर की। इसमें अर्नब EVM हैकिंग को लेकर विपक्षी दलों पर तंज कसते नज़र आए। इसी वीडियो के जवाब में पागलखाने से लेकर डूब मरने तक की बात लिखी गई।
ऐसे नेताओं को ईवीएम का नट-बोल्ट खोलने के लिए पेचकस और पिलास दे देना चाहिए ताकि वे वोट देने के बाद ईवीएम को खोलें और अंदर झाँक कर देख सकें कि आख़िर उनका वोट गया कहाँ, किस पार्टी को गया? ये नेता वोट देने के बाद ईवीएम को खोलेंगे, झाँक कर देख लेंगे कि उनका वोट इच्छित पार्टी को गया है या नहीं और फिर उसे वापस पेचकस से कस सकते हैं।
मोदी विरोध में यह लोग दिमाग से इतने पैदल हो चुके हैं कि प्राइमरी स्कूल स्तर की गणित भी सर के ऊपर से उड़ रही है। इन्हें दिमाग का इलाज कराना चाहिए। ये लोग 2000 वोट को 20 लाख से गुणा भी नहीं कर पाते हैं और चले पत्रकारिता करने!
इससे पहले, चुनाव आयोग ने मतदान में इस्तेमाल की गई मशीनें, 23 मई को हो रही मतगणना से पहले नई मशीनों से बदलने के आरोपों और शिकायतों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताकर खारिज कर दिया था।
इन्होंने सीसीटीवी भी लगा रखे हैं। एक अतिरिक्त टेंट में मॉनिटर स्क्रीन लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हर आने-जाने वालों पर गौर किया जा रहा है। नाइट विजन टेक्नोलॉजी और दूरबीन का भी प्रयोग किया जा रहा है।
नीतीश कुमार, प्रकाश सिंह बादल और उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में सहयोगी दलों की बैठक हुई, जिसमें राजग सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की गई। गठबंधन ने आगामी सरकार के दौरान 25 लाख करोड़ रुपए खेती को समर्पित करने का संकल्प लिया।
रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने धमकी भरे अंदाज़ में कहा था कि लोगों में इस समय आक्रोश है और ऐसे में अगर ‘रिजल्ट लूटने’ की घटना हुई तो सड़कों पर खून बहेगा। उन्होंने अपने समर्थकों से हथियार उठाने के लिए तैयार रहने को भी कहा है।
4 दिनों का भूख-प्यास जब हावी हुआ तो गुड़िया (1 साल की बच्ची) माँ की लाश का मोह छोड़ते हुए, रेंगते हुए, खेत से बाहर एक मंदिर के पास जा पहुँची। यहाँ कुछ भक्तों की नज़र इस पर गई। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और गुड़िया को अस्पताल तक पहुँचाया।