24 फरवरी को चॉंदबाग में पुलिस पर हमला सोची-समझी साजिश थी। दंगाइयों ने पुलिस को बुलाने से पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे ताकि उनकी पहचान न हो। अब फुटेज के आधार उनकी धर-पकड़ की जा रही है।
सर्वेक्षण में पाँच हजार से अधिक पाठकों ने हिस्सा लिया। 38% से ज्यादा मत पाने वाले रणजीत सिंह की सहिष्णु साम्राज्य बनाने के लिए प्रशंसा की गई। दूसरे स्थान पर अफ्रीकी स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी अमिलकार काबराल रहे।
बीजेपी ने सात कॉन्ग्रेस सांसदों को शेष लोकसभा सत्र में भाग लेने से निलंबित करने के निर्णय का स्वागत किया है। भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि सांसदों का आचरण बेहद शर्मनाक था। इतना ही नहीं कुर्सी का अपमान करने वाले सदस्यों को अधिकतम सजा मिलनी चाहिए।
बीजेपी विधायक संजय पाठक ने अपनी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है, "मैं सीएम कमलनाथ से नहीं मिला हूँ। बीती रात मुझे अगवा करने की कोशिश की गई थी। मेरे ऊपर बहुत दबाव बनाया जा रहा है।"
डीसीपी शर्मा की पत्नी उनकी हालत देखकर बेहद भावुक मन से 24 फरवरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उस दिन अमित शर्मा के ऑफिस स्टाफ ने घर पर कॉल की थी और कहा था कि अमित शर्मा घायल हो गए हैं।
एक चैनल की टीम आज प्रदर्शन को कवर करने पहुॅंची। वहॉं करीब 19 औरतें ही थीं। कमजोर होते प्रदर्शन की सच्चाई छिपाने के लिए औरतों ने हूटर बजाया तो कुछ मर्द वहॉं पहुॅंचे। उन्होंने डराने के लिए महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी भी की।
किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।
यूपी पुलिस ने लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर 57 दंगाइयों के पोस्टर लगाए हैं। दंगाइयों को संपत्ति के नुकसान की वसूली का नोटिस भी दिया गया है। हिंसा फैलाने वाले सभी उपद्रवियों के पोस्टर और बैनर लगाए जाएँगे। जुर्माना नहीं देने पर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हिंसा वाले दिन शाह आलम अपने भाई यानी ताहिर हुसैन की छत पर दंगाइयों के साथ मौजूद था। हिंसा भड़काने में उसका बहुत बड़ा हाथ है। वह फरार बताया जा रहा है।
जस्टिस मुरलीधर के तबादले का आदेश 26 फरवरी को जारी किया गया था। इसको दिल्ली दंगों से जोड़ लिबरल गैंग ने प्रोपेगेंडा फैलाया था। अब खुद जस्टिस मुरलीधर ने बताया है कि दिल्ली दंगों से काफी पहले ही उन्होंने तबादले को लेकर सहमति दे दी थी।
वे 'देवानंद' बनना चाहते थे, लेकिन बन गए कुंठित पत्रकार। सो, खीझ होनी स्वभाविक है। इसलिए ताज्जुब नहीं होना चाहिए कि राजदीप सरदेसाई को अब रवीश कुमार भी दुकानदार बता रहे हैं। कह रहे हैं मैं उनकी तरह बैलेंसवादी नहीं हूॅं।
"बदकिस्मती से हिंदूफोबिया एक सच है। मैंने कॉन्ग्रेस और राष्ट्रपति उम्मीदवारी के अपने अभियान के दौरान हर बार प्रत्यक्ष तौर पर इसे महसूस किया है। इसके बावजूद हमारे नेता और मीडिया इसे न केवल बर्दाश्त करते हैं, बल्कि इसे और भड़काते हैं।"
दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के पहले ताहिर हुसैन ने एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसका नार्को टेस्ट करवा लिया जाए, वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार है।
इस हिंसा में ना सिर्फ हिन्दुओं को चिह्नित कर मारा गया, बल्कि उनके परिवार के साथ बसलूकी भी की गई, परिवार की महिलाओं और बेटियों के साथ अश्लील हरकत करने से लेकर पवित्र मंदिरों को भी हिंसक मुस्लिम भीड़ ने अपना निशाना बनाया। इन दंगों में एक सबसे बड़ा नाम आम आदमी पार्टी नेता ताहिर हुसैन का भी आया है।
रिपब्लिक ऑफ़ बज़ ने इस खबर का शीर्षक रखा है - "हिंदू मॉब ने 13 साल की एक मुस्लिम लड़की का जाफराबाद में गैंग रेप किया।" इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरोपित हिंदू भीड़ ने जिस कॉलोनी में दीबा रहती है, वहाँ तबाही मचाई और मुस्लिमों के साथ अत्याचार किए।
द वायर नामक इस प्रोपोगंडा साइट ने अंकित शर्मा के वीभत्स मर्डर को झुठलाने की न सिर्फ कोशिश की थी बल्कि दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में इस्लामिक भीड़ द्वारा हिन्दुओं पर बरपाए गए कहर को भी नजरअंदाज करने का कुत्सित प्रयास किया था।
जब उसे गिरफ्तार किया गया, उस समय वह संसद के गेट नंबर-8 से प्रवेश कर रहा था। अख्तर खान को बाद में पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। उसने कहा कि वह प्रवेश करने से पहले कारतूस बाहर निकलना भूल गया था।
यासिर अराफात ने ABP न्यूज़ चैनल की पत्रकार रुबिका लियाक़त का ट्वीट शेयर किया है। जिसमें भीड़ द्वारा पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है- "लाजवाब, आतंकवादी पिट रहे हैं..."
आज सदन में कोरोना वायरस पर चर्चा के दौरान हनुमान बेनीवाल ने कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को सोनिया गाँधी के 'इटली कनेक्शन' से जोड़ते हुए कहा- इस बात की जाँच होनी चाहिए कि क्या सोनिया गाँधी के घर से कोरोना वायरस फैला है?
हमें यकीन है कि ये महिलाएँ अपनी ऊर्जा बेफिजूल चिल्लाकर बर्बाद नहीं करती होंगी। इन्हें सरकारी योजना के तहत केवल दियासलाई की लालसा नहीं रहती होगी। ये पारिवारिक आय के लिए सिर्फ़ किसी पुरूष पर आश्रित नहीं रहती होंगी।
शाहीन बाग़ ने अपने चहेते मीडियाकारों के साथ मिलकर रोज थोड़ा-थोड़ा प्रयासों से दिल्ली में हिन्दुओं के खिलाफ नरसंहार की तैयारियाँ शुरू की। बीस साल के दिलबर नेगी की मौत हो, चाहे आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का चार सौ बार चाकुओं से गोदा गया शरीर हो, इस सबकी पटकथा शाहीनबाग ने ही आधार दिया इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
2018 में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत कोष बनाया गया। लेकिन, इसका पैसा एक स्थानीय वामपंथी नेता के खाते में भेज दिया गया। उसने इसका इस्तेमाल एक पॉल्ट्री फॉर्म खरीदने के लिए। भेद खुला तो फरार हो गया।
कमलनाथ सरकार का संकट गहराता ही जा रहा है। कॉन्ग्रेस ने जिन विधायकों को छुड़ाकर लाने का दावा किया है वे ही बंधक बनाए जाने की खबरों को नकार रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि यह कॉन्ग्रेस की अंदरूनी लड़ाई है।
गुनहगारों के वकील एपी सिंह ने फाँसी दिए जाने और ना दिए जाने पर रोष जताते हुए कहा कि आज चौथा डेथ वॉरंट जारी हुआ है, 2013 में चारों दोषियों को फाँसी दी गई, फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी दी और इसके बाद पुनर्विचार याचिका में चारों गुनहगारों को फाँसी दी गई।
24 फरवरी की उस काली रात को याद कर बबीता की आवाज थम जाती है। बुजुर्ग नरेश चंद्र फूट-फूटकर रोने लगते हैं। सुधा उस वक्त को याद कर अब भी सिहरने लगती है। दंगाइयों से इन्होंने जान भले बचा ली, पर उनके दिए जख्म शायद ही भरे।
यूके में कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग क्रिएटिव तरीके अपनाते नजर आ रहे हैं। कोरोना से बचने के लिए अपने मुँह को ढक कर रखें, बीमार लोगों के संपर्क या फिर भीड़ के संपर्क में आने से बचे, तो इन्हीं सब को ध्यान में रखते हुए लोग अपने चेहरे पर प्लास्टिक का डिब्बा डालकर घूम रहे हैं।
डॉ. खान और उनके जैसे हर जिहादी की असली दिक्कत है काफ़िरों से उनकी नफ़रत। काफिरों को हिकारत भरी नज़रों से देखने और अपने जूतों तले रौंदने की 1200 साल पुरानी आदत। इसके आगे आज का काफ़िर झुकने से इनकार कर रहा है।
निलंबित होने वालों में गौरव गोगोई, टीएन प्रतापन, डीन कुरीयकोसे, आर यूनिथन, माणिक टैगोर, बेनी बहनन और गुरजीत औजला हैं। कॉन्ग्रेस के इन सातों सांसदों को लोकसभा की मर्यादा तोड़ने के लिए निलंबित कर दिया गया है।
आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। कुछ ही देर पहले ताहिर ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। ताहिर हुसैन पर आइबी कांस्टेबल अंकित शर्मा की हत्या में शामिल होने के साथ-साथ, हिंसा भड़काने, साजिश रचने समेत कई अन्य मामले दर्ज किए गए हैं।
वीडियो में स्पष्ट देख सकते हैं कि डीसीपी अमित शर्मा भीड़ के बीच फँसे हुए हैं, जिसके बाद कई पुलिसकर्मी वहाँ पहुँचते हैं और वो डीसीपी अमित शर्मा को पत्थरबाजों और भीड़ के चंगुल से बचाते हैं। चाँद बाग हिंसा में एसीपी अनुज भी घायल हुए थे।
महबूब पाशा ने हथियार खरीदे। शरीफ ने अपने घर में इन्हें इकट्ठा किया। मोइदीन और उसके साथी बीते साल ट्रेनिंग के लिए देश से बाहर गए। फिर हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए लौट आए। इससे पहले कि वे अपने मॅंसूबे में कामयाब होते दबोच लिए गए।
मंदर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने और उनकी याचिका खारिज करने अपील शीर्ष अदालत से की गई है। इस बीच कथित सामाजिक कार्यकर्ता का एक और विडियो भी सामने आया। इसमें भी वे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करते दिख रहे हैं।
पीड़िता छठी में पढ़ती है। उसके पिता की मौत हो चुकी है और अपने मामा के घर रहती है। दो मार्च को समीर खान व समी खान ने उसे जबर्दस्ती पकड़ लिया और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद से ही दोनों फरार हैं।
विडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस कार्रवाई के बाद वहाँ मौजूद भीड़ आगे की तरफ भागती है। तभी दूसरी ओर से आई उपद्रवियों की भारी भीड़ पुलिस पर हमला कर देती है। भीड़ में शामिल बुर्का धारी महिलाएँ भी पुलिस पर हमला करते हुए नजर आती हैं।
25 फरवरी की शाम राहुल कुछ सामान लेने घर से निकला। तभी दंगा भड़क गया। वह डरकर एक टंकी के नीचे छिप गया। लेकिन दंगाइयों ने उसे वहाँ भी नहीं छोड़ा और उसके ऊपर तेजाब से भरी बोतल फेंक दी। इससे उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया।
वेम्पती ने बीबीसी की योगिता लिमये की उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया है जिसमें दिल्ली पुलिस को एकपक्षीय बताया गया है। लेकिन, उस दंगाई भीड़ का जिक्र नहीं है जिसने हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की जान ली।
ऐसा लगता है कि दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की आड़ में अंकित शर्मा की जानबूझकर हत्या की गई। घटनाक्रम, प्रथम दृष्टया मिली जानकारी, कुछ बयान और डॉक्टरों की शुरुआत राय इसी ओर इशारा कर रहे हैं। उनकी हत्या के तार बांग्लादेशी आतंकियों से जुड़ रहे हैं।
दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगे हुए। लेकिन प्रोपेगेंडा पोर्टलों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने दंगाइयों को बचाने के लिए हिंदुओं के खिलाफ घृणा परोसी। इसका असर अब दिखने लगा है। हिंदुओं को उनकी पहचान के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद भू-माफिया और बकरी चोरी के आरोपित मोहम्मद आजम खान पिछली सरकार में नगर विकास विभाग के मंत्री थे और वर्ष 2016-17 में हुई इन भर्तियों के समय जल निगम उन्हीं के विभाग के अधीन था।
उन्होंने दावा किया है कि मध्य प्रदेश के 15-20 कॉन्ग्रेस विधायक भाजपा से संपर्क में हैं। उनके इस बयान के बाद ख़ुद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सकते में हैं। वो भाजपा पर विधायकों की ख़रीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं। दिग्विजय सिंह ने भी ऐसे ही दावे किए थे।
वहाँ टी स्टॉल के बगल में स्थित रजाई-गद्दों की एक दुकान को भी जला डाला गया। वहाँ स्थित एक ग़रीब की ठेले को भी आग के हवाले कर दिया गया। सूरज जी अपनी चाय की दुकान जलाए जाने के बाद से लगातार भटक रहे हैं और उन्हें अब न्याय की उम्मीद है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज अपने नागरिकों से अभिवादन के लिए भारतीय तरीका अपनाने की सलाह दी है। नेतन्याहू ने कहा है कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारतीय तरीका यानी, नमस्ते कहना सबसे बेहतर है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हुँगा कवासी की हत्या की घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के लिए पुलिस दल रवाना किया गया और घटना के लिए जिम्मेदार नक्सलियों की खोज शुरू की गई। कवासी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
नीरज प्रजापति की एक 9 साल की बेटी है और 3 वर्ष का बेटा है, जिनकी शिक्षा-दीक्षा और भरण-पोषण हेतु लोगों द्वारा सहयोग स्वरूप दी गई राशि का अहम योगदान होगा। पीड़ित परिवार ने जनता के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है। ऑपइंडिया भी आप सभी का धन्यवाद करता है।
फ़िलहाल गुरुवार दोपहर 12:30 बजे तक इस मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया गया है। जज ने जैसे ही आदेश की घोषणा की, वकीलों के एक समूह ने 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के पवित्र नारों से आसमान गूँजा दिया।
"चाँदबाग चौराहे के पास ही दुर्गा फकीरी मंदिर है। पेट्रोल पंप फूँकने के बाद दंगाई तेजी से चारो तरफ आग लगा रहे थे। शाम का समय था। दहशत और शोर बढ़ता जा रहा था। जैसे ही भारी संख्या में दंगाइयों की नजर मंदिर की तरफ पड़ी तो सबसे पहले मंदिर बचाने के लिए मंदिर के पुजारी प्रार्थना करने लगे। दंगाइयों ने मंदिर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी थी।"
राहुल गॉंधी ने बुधवार को दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान एक बार फिर जुबान फिसलने की उनकी आदत सामने आ गई। साथ ही एक महिला ने कॉन्ग्रेस नेताओं को दंगों के लिए जिम्मेदार बताया।
यूपी की मेरठ की रहने वाली वंशिका 8वीं कक्षा की छात्रा हैं। वंशिका कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 मार्च को वंशिका सहित 20 लड़कियों को सम्मानित करने वाले हैं।