पाकिस्तानी एजेंडे के तहत भारत के खिलाफ प्रोपगेंडे को हर रोज भारी तादाद में सोशल मीडिया पर फैलाने के लिए यूथ मशीनरी को पाक ISPR में भर्ती कर रहा हैं। झूठ फ़ैलाने के लिए युवाओं को बाकायदा ट्रेनिंग का भी प्रावधान किया गया है।
रेणुका कुमार की अगुवाई वाली जॉंच समिति ने सौंपी रिपोर्ट। सोनभद्र और मिर्जापुर में फर्जी सहकारी समिति बनाकर 6,602 एकड़ जमीन पर कब्जा आया सामने। मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत करीब 660 करोड़ रुपए आँकी गई है।
इस समय सोशल मीडिया पर कई सौ या शायद हजारों की तादाद में ऐसे सबूत वायरल हो रहे हैं जो राणा अयूब की फर्जी दावों को झूठा साबित करते हैं। बताते हैं कि सड़कों पर उतरी कट्टरपंथियों की भीड़ न शांतिपूर्ण है और न ही उसका मकसद पाक है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से पहले विहिप का बड़े कार्यक्रम का ऐलान। ‘रामोत्सव’ नाम से चलने वाला यह कार्यक्रम 25 मार्च को शुरू होगा और 8 अप्रैल को इसका समापन होगा।
इससे पहले एक महीने में जान देने वाले किसानों का आँकड़ा 300 के पार 2015 में पहुॅंचा था। राजस्व विभाग के आँकड़े बताते हैं कि बारिश में किसानों की 70% खरीफ़ की फसल नष्ट हो गई। अक्टूबर से नवंबर के बीच आत्महत्या में 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
केंचुली उतार कर ये पूरा विरोध अब 'हम बनाम वो' का हो गया है। इस पूरे विरोध का लहजा 'मुस्लिम बनाम काफिर' का हो चुका है। वो खुल कर कह रहे हैं कि 'गलियों में निकलने का वक्त आ गया है', वो चिल्ला कर जामिया की गलियों में कह रहे हैं कि उन्हें 'हिन्दुओं से आज़ादी' चाहिए।
बीजीबी के महानिदेशक ने बताया है कि 2019 में अवैध रूप से सीमा पार करने पर 1000 लोगों को बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया। इनमें 445 नवंबर-दिसंबर में आए। पहचान कराने पर सभी घुसपैठियों के बांग्लादेशी होने की बात सामने आई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में तीन अधिकारियों का डेस्क बनाया गया है जो अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संबंधित सभी मामलों को देखेगी। पिछले महीने ही अमित शाह ने कहा था कि अयोध्या में चार महीने के भीतर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा होगा।
सेवादल की बैठक में कॉन्ग्रेस ने सावरकर पर विवादित पुस्तिका बॉंटी है। इसमें दावा किया गया है कि सावरकर ने 12 साल की उम्र में एक मस्जिद पर पथराव किया। अल्पसंख्यक महिलाओं के साथ बलात्कार करने के लिए हिंदुओं को प्रोत्साहित किया।
गहलोत को पता है कि गोरखपुर और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत पर चीखने वाली मीडिया को नरगिस के मॉं-बाप की सिसकी सुनाई नहीं देगी। रेखा और कांता तो खैर हिंदू नाम हैं। उनके माँ-बाप का रूदन तो वैसे भी उन्हें सुनाई पड़ना नहीं है।
"फ़रहान अख्तर CAA के बारे में कुछ नहीं जानते थे और सिर्फ़ लोगों को CAA के ख़िलाफ़ खड़े होने के लिए उकसा रहे थे, इस दौरान वो कई मीडिया चैनल्स और उनके कैमरों में कैप्चर हो गए थे। अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि इस विरोध के लिए लोगों को आमंत्रित करते समय उन्होंने भारत के ग़लत नक़्शे वाले पोस्टर का इस्तेमाल किया।"
UGC के द्वारा भेजी गई जाँच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के लगातार गिरते हुए हालातों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर यही परिस्थितियाँ रही तो एक दिन यह बर्बाद हो जाएगा। वीसी हांगलू के चार वर्षों के कार्यकाल में विश्वविद्यालय NIRF की रैंकिंग में 200 के बाहर चला गया है।
बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद पिछले सप्ताह 27 हीटर खरीदे गए। इन्हें वार्डों में लगाया जाना था। लेकिन, खरीदे जाने के बाद ये हीटर कहॉं गए इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। अंदाजा लगाया जा सकता है गहलोत सरकार कितनी गंभीर है।
IIT, फैज, CAA, मोदी-शाह विरोध... मतलब गिरोह विशेष के लिए फेक न्यूज फैलाने का भरपूर मसाला। ऐसे में सिर्फ BBC ही इसमें क्यों आगे रहे! मीडिया के तमाम बड़े नामों ने 'फैज की नज्म हिंदू विरोधी' के टाइटल से खबर चलाई। किसी ने भी सच जानने की कोशिश नहीं की।
लिबरल गैंग को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका कहा सच है या झूठ। वे केवल अपने एजेंडे की परवाह करते हैं। उसे आगे बढ़ाने के लिए हिंदुओं पर क्रूर अत्याचार करने वाले इस्लामी शासकों का महिमामंडन करते हैं।
राहुल गाँधी का प्रशंसा पत्र केरल के सीएम के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सार्वजनिक किया गया। इसके बाद UDF को बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। यूडीएफ केरल का विपक्षी गठबंधन है जिसकी अगुवाई कॉन्ग्रेस करती है।
यूपी में सीएए के विरोध में हुई हिंसा में पीएफआई की संलिप्तता सामने आई है। इस कट्टरपंथी संगठन के संबंध आतंकियों से बताए जा रहे हैं। इस पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है। बावजूद बंगाल में उसे प्रदर्शन की इजाजत किसने दी?
सिंध से आई दमी कोहली जोधपुर के पास एक रिफ्यूजी कैंप में रहती है। सालभर से यहीं पढ़ाई कर रही है। 11वीं की परीक्षा भी यहीं से पास की। बावजूद इसके राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उसका 12वीं का परीक्षा फॉर्म खारिज कर दिया है।
अब केरल विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा पास किए गए प्रस्ताव का कोई अर्थ नहीं रहा। क्योंकि इस प्रस्ताव पर आगे काम करने के लिए पिनरई विजयन सरकार को राज्यपाल के हस्ताक्षर लेने अनिवार्य हैं, जो खुले तौर पर इसका विरोध कर चुके।
लगभग 1000 वहाबी प्रचारक (कट्टर इस्लाम के प्रचारक) केरल में आए। विचारधारा को फैलाया, पानी की तरह पैसा बहाया। कई नई मस्जिदों का निर्माण कराया, सब सऊदी अरब स्टाइल में। लेकिन यह सुनिश्चित किया कि इन मस्जिदों से कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार किया जाएगा।
कॉन्ग्रेस चाह कर भी नेहरू-गाँधी से ऊपर नहीं उठ पा रही। स्टेडियम, हॉस्टल, अस्पताल, सरकारी योजनाओं में इनके नाम के राजनीतिक इस्तेमाल के बाद अब जनता पर इनको थोपने की योजना। कमलनाथ सरकार ने MPPSC के परीक्षा पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए इसमें भी नेहरू को घुसा दिया।
"मेरी माँ ने 'डायरेक्ट एक्शन डे' के दौर को तब देखा था, जब वह एक बच्ची थीं और उन्हें गहरा आघात पहुँचा था। उन्होंने देखा था कि पार्क सर्कस में अपने घर के पास मुसलमानों द्वारा एक हिन्दू को कैसे मार दिया गया था।"
"कन्नन ने न सिर्फ़ पीएम मोदी और अमित शाह के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी की है, बल्कि उन्होंने पीएम और गृहमंत्री को जान से मारने की धमकी दी। कन्नन कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जैसा तमिलनाडु में राजीव गाँधी के साथ हुआ था।"
"अति दुःखद है कॉन्ग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व खासकर प्रियंका गाँधी की इस मामले में चुप्पी साधे रखना। अच्छा होता कि वह यूपी की तरह उन गरीब पीड़ित माँओं से भी जाकर मिलतीं, जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही के कारण उजड़ गई हैं।"
“नफ़रत फैलाने वाली भीड़ के ख़िलाफ तत्काल अनुशासनात्मक और क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस कार्यक्रम के आयोजकों और मास्टरमाइंड की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें तुरंत निष्कासित कर दिया जाना चाहिए।”
पद यात्रा, मुंडन, धरना-प्रदर्शन के बाद ही शुरू हो पाई नियुक्ति प्रक्रिया। फिर भी मेरिट लिस्ट में आईं आरक्षित वर्ग की महिलाओं को नहीं दिया नियुक्ति पत्र। अतिथि विद्वान भी भविष्य को लेकर सशंकित।
कोटा में 962 बच्चों की मौत कॉन्ग्रेस सरकार की नाकामी दिखाती है, इसीलिए वहाँ मीडिया सवाल नहीं पूछ रहा। एक बच्ची के स्वास्थ्य के साथ खेल रहे प्रदर्शनकारी मीडिया के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। इस देश के मीडिया की दुर्गति यही है कि जब तक ‘भाजपा’ वाला धनिया का पत्ता न छिड़का गया हो, इन्हें न तो दलित की मौत पर कुछ कहना है, न बड़ी संख्या में नवजात शिशुओं की मृत्यु पर इन्हें वो ज़ायक़ा मिल पाता है।
संगठन से जुड़े आरोपितों के यहाँ से आपत्तिजनक सामग्रियाँ, साहित्य, सीडी आदि मिले थे। जिसको आधार बनाकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया नामक संगठन को बैन करने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार ने भेजा।
अपने मुल्क पाकिस्तान में हिंदुओं को प्रताड़ित कर देश छोड़ने पर मजबूर करने वाले पाकिस्तानी CAA विरोध की तस्वीरों को शेयर करके मानवाधिकारों की भी दुहाई दे रहे हैं और चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र इस पर संज्ञान ले.....
असलम शेख ने जुलाई 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर मेमन की फॉंसी को उम्रकैद में बदलने की अपील की थी। मेमन 1993 बम ब्लास्ट का दोषी था। दिलचस्प यह है कि उस वक्त जिनलोगों ने मेमन का समर्थन किया था उसे शिवसेना ने देशद्रोही बताया था।
CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान भीड़ को इनलोगों ने हिंसा और पुलिस पर हमले के लिए उकसाया था। FIR में एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज का भी नाम है। उसके अलावा पॉंच पूर्व छात्र ऐसे हैं जिनका आपराधिक अतीत रहा है।
ये ऐसा पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मुरादाबाद के सिविल लाइन से एक मामला सामने आया था। जहाँ काउंसलिंग के बाद तीन बीवियाँ आपसी विवाद भुलाकर अपने शौहर के साथ रहने के लिए तैयार हो गईं थीं।
अस्पताल में मासूमों की मौत के बीच राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार का असंवेदनशील चेहरा फिर आया सामने। कहा- PMO के इशारे पर भाजपा कर रही सियासत। बच्चों की मौत से दबाना चाहती है CAA का विरोध।
औरों की तरह वह महिला भी नए साल की पूर्व संध्या पर पोप का ब्लेसिंग्स लेने ही पहुॅंची थी। लेकिन, कुछ ऐसा हुआ जिसने न केवल उसकी महिला को बल्कि जिसने भी यह घटना देखी वह स्तब्ध रह गया।
नए साल पर इसरो चीफ के. सिवन ने लक्ष्य और योजनाओं का खाका पेश किया। साथ ही बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बहुत अच्छा काम कर रहा है। यह अभी अगले 7 साल तक काम करता रहेगा।
20 दिन की उम्मी हबीबा को उसकी ही अम्मी ने कड़ाके के ठंड में मोदी विरोध की आग में झोंक दिया है। वामपंथी उस पर हाथ सेंक रहे। जबकि यही उम्मी बड़ी होगी तो पूछेगी- बिना कानून पढ़े, किसके उकसाने पर मेरी जान को खतरे में डाल आई थी?
अब स्थिति सामान्य है। लेकिन गाँव वाले फ्लैगमार्च निकालकर अपना विरोध दिखा रहे हैं। मामले के संबंध में 3 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। मगर रिपोर्ट अभी किसी के ख़िलाफ़ दर्ज नहीं हुई हैं
"अभी यह फैसला नहीं लिया गया है कि इंटरनेट सेवाएं कब शुरू की जाएँगी। यह मुद्दा सरकार के संज्ञान में है। स्थिति सुधरने के साथ जल्द ही इंटरनेट सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।"
भाजपा ने कहा कि उसके विधायकों ने 50 लाख रुपए की सहायता राशि दी है लेकिन कॉन्ग्रेस की तरफ़ से कोई देखने तक नहीं आया है। भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया कि जब बच्चों की मौत हो रही थी, तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत झारखण्ड में जश्न मनाने गए हुए थे।
उद्धव के बेटे आदित्य, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और अमित देशमुख नए मंत्रियों में प्रमुख नाम हैं। पुणे पुलिस ने बताया कि थोपते के नाराज़ समर्थकों ने कॉन्ग्रेस कार्यालय पर हमला बोल दिया और वहाँ मौजूद कुर्सियों व गद्दों को फेंक डाला।
अगर मुस्लिमों को एससी कैटेगरी में आरक्षण X% मिलता है तो इसका अर्थ ये है कि उतनी ही संख्या में दलितों का हिस्सा कट जाएगा। क्या शेहला चाहती हैं कि दलितों को अगर मुस्लिमों के साथ रहना है तो उन्हें अपने हिस्से के आरक्षण की कुर्बानी देनी होगी?
फेसबुक पर मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जेएनयू द्वारा अपलोड की गई 14 दिसंबर 2019 की वीडियो है। जिसमें शर्जील सीएए के ख़िलाफ़ लोगों को कहता नजर आ रहा है कि उनकी संपत्तियाँ जब्त कर ली जाएँगी और उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाएगा। इसके अलावा 40 सेकेंड की वीडियो में वो कुरान का हवाला दे देकर बताने की कोशिश कर रहा है कि आखिर किस तरह कुरान, संविधान से ऊपर हैं।
इत्तेहाद उलेमा ए हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुफ्ती असद कासमी ने कहा है कि आम तौर पर जनवरी को ही नए साल के रूप में मनाया जाता है। लेकिन इस्लामी नजरिए के एतबार से इस्लाम का नया साल मोहर्रम से शुरु होता है और इस्लाम के अंदर मोहर्रम को ही नया साल माना जाता है।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बुजुर्ग को चारों ओर से घेर रखा था और उसे खरी-खोटी सुना रहे थे। इस दौरान वहाँ उपस्थित कई लोग तमाशबीन बन कर देखते रहे। अंत में महिला ने स्याही भरी बोतल निकाली और बजुर्ग के सिर और गले पर उड़ेल दिया।
अगर सच में बैंडेज पहनने का शौक है तो उपद्रवियों के लिए दो विकल्प हैं। पहला विकल्प ये है कि वो यूपी में जाकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर सकते हैं। पुलिस उनकी ऐसी मरम्मत करेगी कि वो ख़ुद असली मरहम-पट्टी के साथ लौटेंगे। लेकिन हाँ, वो फिर सड़क पर उतर कर 'ड्रामा खेलने' की हिम्मत शायद ही जुटा सकें।
वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि राज्य में नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर फ़ॉर सिटीजन (NRC) लागू नहीं किया जाएगा.......