टीवी चैनलों के एंकर जो कर रहे हैं, क्या वो प्रोपेगेंडा नहीं है। हर रात चालीस मिनट तक सरकार की हर योजना को बेकार बताना भी प्रोपेगेंडा ही है। आखिर चुनाव आयोग इसके लेवल प्लेइंग फ़ील्ड का निर्धारण करेगा कैसे? क्या मीडिया संस्थानों के लिए कोई तय क़ायदा है जहाँ चुनाव आयोग सुनिश्चित कर सके कि इतने मिनट इस पार्टी की रैली, और इतने मिनट इस पार्टी की रैली कवर की जाएगी?
अमेठी को डिजिटल बनाने और 'मेड इन अमेठी' का सपना साकार करने से लेकर यहाँ के लोगों को सुगम स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराने तक, स्मृति ईरानी ने हार कर भी अमेठी के लिए वो किया, जो पिछले 70 वर्षों में जीते हुए जनप्रतिनिधि भी न कर सके।
सच्चाई यह है कि नमो फूड का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई लेनादेना नहीं है। वास्तव में, नोएडा में इस नाम का एक रेस्टोरेंट है। जैसा कि फूड सर्च वेबसाइट जोमेटो में भी देखा जा सकता है, नमो फूड के नोएडा में 1 नहीं बल्कि 4 आउटलेट्स हैं। यहीं से पुलिसकर्मियों के लिए लंच ऑर्डर किया गया था।
जिस समय राहुल गाँधी अपना नामांकन भरने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे उस दौरान उनके सिर पर 7 बार किसी ने हरी लेजर से निशाना साधा। कॉन्ग्रेस ने संभावना जताई कि यह लेजर लाइट किसी स्नाइपर की बंदूक से हो सकती है।
मलेशिया में उज़्मा को एक टैक्सी ड्राइवर ताहिर अली से प्रेम हुआ जो मूलतः पाकिस्तानी था। वह उसे बहला फुसला कर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह के किसी गाँव में ले गया और जबरन बंदूक की नोक पर उससे निकाह किया।
चंद्रशेखर का कॉन्ग्रेस को समर्थन देना दिखाता है कि वह केवल खुद को दलितों का हितैषी बताकर समाज में एक जाना-माना चेहरा बनकर उभरना चाहते थे। अब जबकि अस्पताल में भर्ती होने पर राज बब्बर और प्रियंका गाँधी जैसे बड़े लोग उनका हाल लेने पहुँच रहे हैं तो वो दलितों के मुद्दों को दरकिनार करके सिर्फ़ अपनी राजनीति साध रहे हैं।
अगर आपने अपने निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज करवा लिया है, तो इसका मतलब है कि आपने अपना रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया है। ऐसी स्थिति में आप बिना वोटर कार्ड के मतदान भी कर सकते हैं। जरूरत होगी तो सिर्फ एक आईडी प्रूफ की।
2017-18 में कन्हैया कुमार की आय 6,30,360 रुपए जबकि 2018-19 में उनकी आय 2,28,290 रुपए की रही। पिछले दो साल में बेरोजगारी के बावजूद 8 लाख रुपए से ज्यादा कमाने वाले कन्हैया अपने घर में एक गैस सिलिंडर तक नहीं खरीद कर दे पाते हैं अफसोस! श्रवण कुमार की धरती पर शायद ऐसे ही बेटों को 'कपूत' की संज्ञा दी जाती होगी।
कर्णन पद पर आसीन पहले ऐसे जज थे, जिन्हें अदालत की अवमानना का दोषी पाया गया था। जून 2017 में रिटायर हुए कर्णन को 6 महीने जेल में गुज़ारने पड़े थे। कर्णन ने 2018 में एंटी-करप्शन डाइनेमिक पार्टी का गठन किया था। वो पहले ही मध्य चेन्नई लोकसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं और वाराणसी से...
AAP दिल्ली में बड़े भाई की भूमिका निभाना चाहती थी और पहले उसने 5 सीटों की माँग की, जिसे कॉन्ग्रेस द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद उसने 4-2 के समीकरण की माँग की और 1 सीट पर दोस्ताना लड़ाई की बात कही लेकिन उनके इस प्रस्ताव को भी तुरंत नकार दिया गया।
पहले विवेक ओबरॉय अभिनीत मोदी फिल्म पर रोक लगवाने के बाद विपक्षी दलों को यह तर्क सूझा कि अगर फिल्म पर रोक लगवाई जा सकती है, तो फिर आदमी पर क्यों नहीं। इसके तुरंत बाद ही गिरोह सक्रिय हो उठा।
लीगल नोटिस पर विवेक अग्निहोत्री ने कहा, “मुझे ऐसा लग रहा है कि कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार से किसी ने उन्हें हमें कानूनी नोटिस भेजने के लिए उकसाया है। यह कोई प्रोपगेंडा फिल्म नहीं है। मुझे नहीं पता कि लोगों को फिल्म से क्या दिक्कत है।"
ठाकोर समेत तीनों विधायक 2017 के विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस के टिकट पर चुनकर आए थे। बीते कुछ समय से लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर अल्पेश ठाकोर की कॉन्ग्रेस नेतृत्व से तनातनी चल रही थी। कई दिनों से वो कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ने का भी इशारा कर रहे थे।
60 सालों तक राज करने वाली पार्टी की मजबूरी है कि वो सत्ता से दूर है, और यह दूरी रात-दिन बढ़ती जा रही है। सत्ता पाने की यही लालसा उससे नए-नए हथकंडे आजमाने का दुष्चक्र चलवाती है। लेकिन जब बड़े और नामी चेहरे भी इस धूर्तता का हिस्सा बनने लगते हैं तो अफ़सोस होता है।
100 वर्ष पूरे होने पर ब्रिटिश सरकार पर जलियाँवाला नरसंहार के लिए मोदी सरकार द्वारा ब्रिटेन से माफी माँगने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
भारतीय मूल के लेबर सांसद वीरेंद्र शर्मा ने ब्रिटिश प्रधान मंत्री थेरेसा मे से औपचारिक माफी मांँगने का आह्वान किया है। अन्य कई लोगों ने इस माँग का समर्थन किया और जलियांवाला नरसंहार में जान गँवाने वालों की याद में एक भौतिक स्मारक के निर्माण की संभावना जताई।
मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने इसपर हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। इसके साथ ही सीएम ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अफसरों को घायलों और पीड़ित परिवारों को सभी जरूरी मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
शबाना द्वारा 29 सितंबर, 2017 को किया गया यह ट्वीट एक बार दोबारा चर्चा का विषय बना और फिर सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने-अपने तरीके से शबाना के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
भले ही पाकिस्तान कॉन्ग्रेस के सत्ता में आने को लेकर चिंतित है, लेकिन मोदी सरकार की जीत को लेकर फायदा वाली बात कहने का मतलब मोदी को 'समर्थन' देना या मोदी का 'समर्थन' पाना तो बिलकुल भी नहीं है। लेकिन हाँ, इसे डर जरूर कहा जा सकता है क्योंकि अनेकों शिकायतों और हैरानी होने के बाद भी वो कामना करते हैं कि मोदी की सरकार वापस बने।
अगर बिहार में सच में गुंडे बचे होते, और उनमें थोड़ा भी ज़मीर होता तो तुम्हें सड़क पर पटक कर, तुम्हारी बाँह पर वही गोद देते, जो अमिताभ के हाथ पर किसी ने गोदा था, "मेरा बाप चोर है।"
कांजी ने अरब आक्रमणकारी मोहम्मद बिन कासिम द्वारा भारत पर इस्लामी हमले का बचाव करता दिखा। वही कासिम, जिसने हिंदू महिलाओं का बलात्कार किया और हज़ारों लोगों को अरब में दास के रूप में बेच दिया। हिन्दू त्रिदेवों को भी बलात्कारी बताया।
क्या यह फ़ेक न्यूज़ फ़ैलाने के साथ-साथ धारा 171[G] के अंतर्गत चुनावों को अवैध रूप से (चुनावों के सम्बन्ध में झूठ बोलकर) प्रभावित करने का अपराध नहीं है ?
कॉन्ग्रेस उम्मीदवार के पास टीवी-18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड के ₹3.52 लाख के शेयर हैं जिसके द्वारा CNBC-टीवी-18, CNBC आवाज, CNBC-टीवी 18 प्राइम HD, CNN-न्यूज 18, न्यूज 18 इंडिया और IBN लोकमत जैसे विभिन्न समाचार चैनल चलाए जाते हैं।
नेतन्याहू ने अपने चुनावी प्रतिद्वंद्वियों को 'कमज़ोर लेफ्टिस्ट्स' बताया था। नेतन्याहू ने समर्थकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भले ही ये दक्षिणपंथी सरकार है लेकिन वो सभी के प्रधानमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि वो राइट, लेफ्ट, Jews, Non-Jews- इन सभी के पीएम होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर सेंसर बोर्ड फ़िल्म को पास कर देती है तो इसके रिलीज में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र आयोग ने फ़िल्म की रिलीज रोक दी है। आयोग ने कहा कि जबतक आम चुनाव ख़त्म नहीं हो जाते, तबतक ये फ़िल्म रिलीज नहीं होगी।
आम चुनाव से सिर्फ 2 दिन पहले इस इलाके की वोटर लिस्ट जारी की गई है। ऐसे में इतने कम समय में गलती में सुधार हो पाना अब मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन नजर आ रहा है।
यूपी की 8 सीटों के लिए 16633 मतदान केंद्रों पर 96 उम्मीदवार एक-दूसरे को टक्कर देने के लिए खड़े हैं। यहाँ पर मुख्य मुकाबला भाजपा, कॉन्ग्रेस और बसपा-सपा तथा-रालोद के महागठबंधन के बीच होगा।
स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा की एक ग्राउंड रिपोर्ट में इस घटना से संबंधित एक और रोचक जानकारी सामने आई है क्योंकि लगभग 35 छात्र, जो कथित पीड़िता खानम के सहपाठी भी थे, ने स्पष्ट तथ्यों द्वारा इस घटना पर अपना पक्ष साझा किया।
ऑपइंडिया लेकर आया है विवेक अग्निहोत्री को भेजी गई लीगल नोटिस की एक्सक्लूसिव कॉपी। साथ ही पढ़ें 'द ताशकंद फाइल्स' के निर्देशक का एक्सक्लूसिव स्टेटमेंट। कॉन्ग्रेस क्यों रोकना चाहती है फ़िल्म की रिलीज? किसने 7 अप्रैल को फ़िल्म को सराहा और उसके बाद नोटिस भेज दिया?
लंबे समय से कॉन्ग्रेस से जुड़े रहने के बावजूद जयसूर्या खुद स्वीकारते हैं कि ग्रामीण इलाकों में लोग अब खुलेआम 'नो कॉन्ग्रेस' कहते हैं। कॉन्ग्रेस को लगता है कि उन्हें काम करने की क्या जरूरत है। लोग इंतजार करेंगे और 10 साल बाद खुद उनके पास वापस लौट आएँगे।
सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि तुम्हें ज़मानत पर रिहा करने में कोई ख़तरा नहीं है सिवाए इसके कि तुम दोषी करार दिए जा चुके हो।
एक तरफ जहाँ नसीरुद्दीन शाह सहित 600 कलाकरों ने लोकतंत्र कमज़ोर होने का बहाना बनाते हुए मोदी को वोट न देने की अपील की है, रजनीकांत ने कहा है कि उसे ही वोट दें जो जल संकट का समाधान कर सके। रजनीकांत ने भाजपा के 'River Interlinking' परियोजना की प्रशंसा की।
भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। औसतन बात करें तो जहाँ 2016 तक कुछ सौ एमबी डेटा की ही खपत प्रति मोबाइल होती थी, वहीं अब अनुमानित तौर पर एक मोबाइल यूज़र हर महीने 10 जीबी डेटा का इस्तेमाल करता है।
देश में गरीब हैं, गरीबी है। कैसे निपटा जाए इनसे… नेहरू ने कहा, लोड मत लो - 'गरीबी हटाओ' का नारा लगाओ और मस्त रहो। और आज जबकि 1969 में शुरू की गई इस योजना के 50 साल पूरे हो रहे हैं तब आपको मानना ही पड़ेगा कि नेहरू; राजकपूर से भी बड़े शो मैन और छलिया थे।
जब महबूबा ने हिन्दुस्तान के मिट जाने की धमकी दी तो गौतम गंभीर से रहा नहीं गया और उन्होंने किया कुछ ऐसा कि तिलमिलाई महबूबा मुफ़्ती ने उन्हें ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया। जानिए दोनों में कैसे हुई ज़ोरदार बहस और गंभीर ने कैसे महबूबा के छुड़ाए छक्के।
“ये छापेमारी एजेंसी अपने इनपुट के आधार पर कर रही है। इसमें केंद्र सरकार का किसी तरह का हाथ नहीं है। सरकार को दोष देना गलत बात है। ऐसा कई वर्षों से हो रहा है, आज अचानक तो शुरू नहीं हुआ है। इसके पीछे की तरह की राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया गया है। देश में आचार संहिता लागू है। हम क्या करें?”
सोशल मीडिया पर कन्हैया कुमार के लिए कुछ तस्वीरें बड़े स्तर पर शेयर की जा रही हैं। इन तस्वीरों में ये सन्देश देते हुए शेयर किया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस MLA अदिति सिंह बेगूसराय में लोगों से CPI नेता कन्हैया कुमार को वोट देने की अपील कर रही हैं।
नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से भाजपा विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई। उनके साथ ही घटना में सुरक्षा में तैनात 5 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए।
चैती छठ में खासा धूम-धाम देखने को नहीं मिलता है। जबकि कार्तिक छठ में ज्यादा चहल-पहल होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कम ही व्रती चैती छठ करते हैं। गरमी के कारण कार्तिक छठ से ज्यादा मुश्किल होता है चैती छठ करना।
इस तरह के विवादित चित्र देखकर पता चलता है कि भीमराव अम्बेदकर को हम सबने कितने गलत तरीके से पढ़ा है। हमने उनके नाम पर समाज को सवर्ण और दलित के टकराव में झोंका है। हमने अम्बेदकर की गलत व्याख्या कर के पवित्र मानकों को अपमानित कर एक बड़े हिस्से को ठेस लगाकर हम बाबा साहब अम्बेदकर के दोषी बन चुके हैं।