ऐसे में सिर्फ एक व्यक्ति बचता है जो अभी प्रधानमंत्री है, और आगे भी हर हाल में प्रधानमंत्री बनना चाहता है। जिसके पास न अब सत्ता और षड्यंत्रों के अनुभवों की कमी है, न संसाधनों की, न समर्थकों की, न ऊर्जा की, न मुद्दों की और न ही दिलेरी की।
एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में शीला दीक्षित ने स्वीकार करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह आतंकवाद से लड़ने में उतने कठोर नहीं थे, जितने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
अपूर्बा चक्रबर्ती कल रात इस्लामपुर के गुलशन इलाके में अपने किसी रिश्तेदार के यहाँ एक शादी समारोह में गए थे। इसके बाद जब वो लगभग 10 बजे शादी से वापस घर जा रहे थे, तो संदिग्ध TMC गुंडों ने सड़क पर उनके साथ मारपीट की।
ममता ने अपने कार्यकर्ताओं से पोलिंग बूथ पर सतर्क रहने का आदेश दिया है। दरअसल, ममता का तर्क है जब
एक दिन में त्रिपुरा, राजस्थान में चुनाव हो सकते हैं तो बंगाल में क्यों नहीं सकते?
जेटली ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में लिखा है, "अपनी लगातार नई बातों को सीखने की इच्छा के कारण, प्रधानमंत्री न केवल एक प्रभावशाली विद्यार्थी साबित हुए हैं बल्कि उन्होंने विदेश नीति, आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर भी अपनी पकड़ मज़बूत की।"
अब उनकी खैर नहीं जो किसी खास दल को जिताने, धर्म या भाषा संबंधी भड़काऊ भाषण या किसी तरह की अफवाह फैलाने जैसी पोस्ट डालकर चुनाव और मतदाता को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।
अलका ने इनकार के बीच भी ये कहकर सुगबुगाहट छोड़ दी कि यह संभव हो सकता है कि आगामी चुनावों में जो भी नेता देश के पक्ष में फैसला लेगा, वह हमेशा उसका समर्थन करेंगी।
नेहरू ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता ठुकरा कर 'दोस्त' चीन का नाम सुझाया। सेनाधिकारियों ने चीन के मंसूबे बताए तो उल्टा उन्हें ही झिड़क दिया। अंबेडकर की बातों को नज़रअंदाज़ किया। सरदार पटेल की राय भी नहीं मानी। आज भारत उसके दंश झेल रहा।
उन्होंने कहा कि यहाँ दो त्रिभुज बनते हैं- एक ख़रीददारों का और एक बिक्रेताओं का। एक तरफ प्रियंका, राहुल और रॉबर्ट हैं तो दूसरी तरफ़ पाहवा, भंडारी और थम्पी है। उन्होंने पूछा कि प्रियंका गाँधी द्वारा 15 लाख रुपए में ख़रीदी गई ज़मीन 84.15 लाख रुपए में क्यों बेच दी गई?
यह पोस्ट उस दिन चर्चा में आया है जब से कुछ मुस्लिम संगठनों ने रमजान के दिन पड़ने वाली तारीखों पर चुनाव आयोग से आपत्ति जतानी शुरू की और रमजान के दिन पड़ने वाली तारीखों को बदलने की माँग की है।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रह चुके टॉम वडक्कन सोनिया गांधी के क़रीबी भी माने जाते थे। लेकिन, बीजेपी में शामिल होने के साथ ही उन्होंने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला है।
गाँधी-वाड्रा परिवार के आसपास के जाल हर गुजरते दिन के साथ और अधिक उलझते जा रहे हैं। एक खुलासे में, OpIndia ने हाल ही में संजय भंडारी से जुड़े संदिग्ध भूमि सौदों में गाँधी परिवार के गठजोड़ का भंडाफोड़ किया है।
नरेंद्र मोदी बनारस लोकसभा क्षेत्र से 56.37% और वडोदरा से 72.75% मत पाकर विजयी हुए। साथ ही गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल में भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार 50% से अधिक मत पाकर जीते। मतदाताओं में चुनाव को लेकर जागरूकता आई है।
ऑपइंडिया ने राहुल गाँधी और हथियार दलाल संजय भंडारी के बीच संबंधों का ख़ुलासा करते हुए कई दस्तावेज पेश किए थे। राहुल और पाहवा के बीच संदिग्ध ज़मीन सौदे हुए जो सीसी थम्पी द्वारा वित्तपोषित था। अब हमारे पास और भी एक्सक्लूसिव दस्तावेज हैं।
भाई मौक़े पर तो वहाँ मौजूद नहीं था लेकिन उन्होंने ट्विटर के माध्यम से इस घटना की जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल, इंडियन रेलवे और एसपी जीआरपी को टैग करते हुए दे दी। भाई द्वारा की गई मदद की ये गुहार फौरी तौर पर रंग लाई और...
एजेंसी ने सीसी थम्पी और पाहवा को पहले भी पूछताछ के लिए समन जारी किया था। पाहवा ने अभी तक एजेंसी के समन का कोई जवाब नहीं दिया है। थम्पी अभी अमेरिका में इलाज करा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) जल्द ही उसका बयान भी दर्ज करेगी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को कानपुर से टिकट दिया गया है। सुशील कुमार शिंदे को महाराष्ट्र की सोलापुर से टिकट दिया गया है, वहीं प्रिया दत्त मुंबई-नॉर्थ सेंट्रल से चुनावी मैदान में उतरेंगी।
भाजपा के ग्राम प्रधान के साले के ससुर के किसी बयान को उठा कर भाजपा के झूठ के रूप में प्रचारित कर एक-एक घंटे का शो कर लेने वाली तथाकथित पत्रकारों की इस जमात ने राहुल-भंडारी कनेक्शन पर आँखें मूँद ली। इन्हे साँप सूंघ गया।
इस निर्मम हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सुदहा सड़क से गुजर रही एक महिला का फोन लेकर मृतक के दूसरे चाचा से 2 लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी।
आतंकियों को साथ देने और UNSC में उनके पक्ष में खड़े होने को लेकर अमेरिका पहली बार खुल कर चीन के खिलाफ आ गया है। वैश्विक स्तर पर चीन का अलग-थलग पड़ जाना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा सकती है।
शीर्ष नौकरशाह और उनके सहयोगियों ने नोटबंदी के बाद और उससे पहले कोलकाता की शेल कंपनियों के नाम पर 95 करोड़ रुपए की फर्जी प्रविष्टियां दिखाई है। छापे में 2.2 करोड़ रुपए नकद, मर्सडीज समेत चार लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए।
राहुल गाँधी संजय भंडारी के साथ संदेहास्पद ज़मीन सौदों में बुरी तरह घिरते नज़र आ रहे हैं। भाजपा ने OpIndia के ख़ुलासे के बाद राजनीतिक हमले तेज़ कर दिए हैं। तीन तरफ से अटैक करते हुए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को राफेल तक घेरा जा रहा है।
OpIndia के माध्यम से राज्यवर्धन राठौड़ ने राहुल गाँधी को घेरते हुए कहा है कि राहुल गाँधी को हथियारों के सौदागर संजय भंडारी और यूरोफाइटर अधिकारियों के साथ उनकी मुलाकात के बारे में बताना चाहिए।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब कई लोग घूस आदि जैसे पारम्परिक तरीके से भ्रष्टाचार के रास्ते अपनाते रहे हैं, कॉन्ग्रेस परिवार ने नया तरीक़ा इजाद किया है।
स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस पर 'फैमिली पैकेज भ्रष्टाचार' करने का आरोप लगाया। स्मृति ईरानी ने कहा कि गाँधी परिवार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। एचएल पाहवा के यहाँ पर ED की रेड में राहुल गाँधी के नाम के दस्तावेज पाए गए।
जिन्हे विपक्षी तानाशाह कहते हैं, उन्होंने छोटे से छोटे दलों को भी गले लगाया, गठबंधन बचाया, नया गठबंधन बनाया। जो मंचों से एकता का नारा देते फिरते हैं, वे ही एक-दूसरे के साथ गठबंधन नहीं कर पाए। राजग आज भी समावेशी है।
जसविंदर का कहना है कि जब उनके साथ हुए धोखे का अहसास हुआ तो वे सुपरमार्केट हर्जाना मांगने पहुंचे। वहाँ कर्मचारियों ने उनसे माफी मांगते हुए 200 डॉलर का एक गिफ्ट वाउचर ऑफर किया।
राहुल गाँधी की दादी से लेकर पिताजी तक के राजनीतिक दंभ को बिहार और यूपी ने ही चकनाचूर किया है। लेकिन विदेशी पढ़ाई के कारण शायद राहुल को इन ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी नहीं होगी। सामाजिक समस्याओं का राजनीतिकरण शाह बानो की तरह कहीं कॉन्ग्रेस की कब्र न खोद दे इस बार!
अरविन्द केजरीवाल को जब उनके पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास ने आत्ममुग्ध बौना कहा था तो किसी ने सोचा नहीं होगा कि केजरीवाल उन्हें सच साबित करने के लिए किस हद तक जाएँगे।
कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर देश ने कभी किसी रिलिजियस आइडेंटिटी को ऊपर नहीं माना है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में इंदिरा गाँधी ने स्वर्ण मंदिर में मिलिट्री ऑपरेशन करने की भी इजाज़त दे डाली थी।
इससे पहले, साल 2010 में नसरीन को दुष्प्रचार करने और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में जेल भेजा गया था। हालाँकि, नसरीन ने इन आरोपों से इनकार किया था। 6 साल की सजा काटने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।
इसी तरह के SMS दोपहर 2 बजे के करीब ऋण माफी के अन्य आवेदकों को भी भेजा गया, जबकि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के लिए चुनाव आयोग ने शाम को 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
अरविन्द केजरीवाल सपोर्ट देना चाह रहे हैं, आगे पीछे घूम रहे हैं, मीटिंग कर रहे हैं, पब्लिक जगहों से आवाज लगा रहे हैं, और एक बेवफ़ा सनम राहुल हैं कि लेना ही नहीं चाह रहे सपोर्ट।
फिलहाल लालू यादव स्वास्थ्य कारणों से राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) में दाखिल हैं। वहाँ उनका इलाज़ चल रहा है। उनसे मिलने आने वाले लोगों से भी वह हॉस्पिटल में ही मुलाक़ात कर रहे हैं। रघुबर दास ने कहा है कि इस मामले में जेल नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
एक ऐसा व्यापारी जिसके बारे में 1990 में ही सरकार को पता चल गया था कि वह आतंकियों का वित्तीय पोषण करता है लेकिन उसे बार-बार गिरफ़्तार कर के छोड़ दिया गया। आज 30 वर्षों बाद वही घाव अब नासूर बन चुका है।
माहौल ऐसा बने कि वोट नहीं कर पाने पर व्यक्ति को पश्चाताप हो। फिर कभी देश में कुछ भी गलत दिखे तो व्यक्ति अपने आप को उसके लिए जिम्मेदार माने और सोचे कि यदि मैं उस दिन वोट करने गया होता तो ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा नहीं होती।
मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) के कार्डिनल जॉर्ज पेल पर आरोप था कि उसने चर्च के दो ‘कॉयर बॉयज़’ (प्रार्थना गीत गाने वाले लड़के) का नब्बे के दशक में यौन शोषण किया था।
अगली बार कोई एन्टीसैप्टिक क्रीम वाले लोग ऐसा विज्ञापन बनाएँगे जिसमें किसी नमाज़ पढ़ने जाते बच्चे पर हिन्दू बच्चों ने बम उछाल दिया हो, और उसकी चमड़ी जल जाए। बाद में पता चले कि वो तो हिन्दू ही था जिसने अपने मजहबी दोस्त के लिए टोपी पहनकर बम झेला! फिर आप चुपके से अपनी क्रीम बेच लेना यह कहकर कि साम्प्रदायिक सद्भावना का परिचायक है यह विज्ञापन।
चुनाव के इस मौसम में भाजपा भी बाहर से आ रहे नेताओं के स्वागत में खड़ी है। जदयू, लोजपा, शिवसेना और अकाली दल जैसे पुराने गठबंधन साथियों का साथ बनाए रख कर भाजपा और उत्साह में नज़र आ रही है।
अमेठी के रेलवे स्टेशन परिसर में राहुल गाँधी के विरोधस्वरूप एक पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर में वह आतंकी मसूद अज़हर के साथ दिख रहे हैं। पोस्टर में राहुल गाँधी को जैश सरगना का पाँव छूते हुए दिखाया गया है।
मायावती के शासनकाल के दौरान नेतराम का प्रभाव ऐसा था कि बड़े-बड़े नेताओं को भी उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था। उनके आवास पर नेताओं की लम्बी लाइन लगी रहती थी। कैबिनेट मंत्रियों तक को उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था।
राहुल गाँधी की हालात उस बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी की तरह हुई पड़ी है, जिसे कल सुबह पेपर देने जाना है और वो आज शाम नोट्स बनाने बैठा है। उसे अभी सिलेबस भी खरीदना है, ‘मोस्ट इम्पोर्टेन्ट’ और वेरी-वेरी इम्पोर्टेन्ट सवाल लाल-नीले और तमाम रंगीन पेनों से रंग कर परीक्षा के मैदान में कूदना है।
DRDO के अनुसार, इस मिसाइल में एडवांस नेवीगेशन व कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है। इनकी सहायता से अब यह अपने लक्ष्य को पहचान कर एकदम सटीक प्रहार करने में सक्षम हो गई है।
कॉन्ग्रेस और BSP के बीच राजनीतिक दूरी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनावों के दौरान भी देखने को मिली थी। मध्य प्रदेश में गठबंधन न होने के लिए मायावती ने कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था।