US द्वारा वेनेज़ुएला के प्रेसिडेंट मादुरो को पकड़ने से ग्लोबल पावर पॉलिटिक्स की सच्चाई सामने आ गई है। किसी देश की संप्रभुत्ता की रक्षा के लिए 'न्यूक्लियर ढाल' जरूरी है।
तीन दिनों में 100 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया, 40 से ज्यादा पुस्तकों का विमोचन हुआ, लोकनृत्य, भक्ति संगीत और ओपन माइक जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को आकर्षित किया।
नववर्ष 2026 में ऑपइंडिया की भूमिका केवल समाचार देने तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है- तथ्यों के साथ निर्भीकता और राष्ट्र के साथ स्पष्ट प्रतिबद्धता।
साल 2025 'न्याय' नहीं बल्कि न्यायिक सतर्कता वाला रहा। वाराणसी के ज्ञानवापी कॉम्प्लेक्स, मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि विवाद, मदुरै का कार्तिगई दीपम विवाद जस का तस रहा।
ईरान में 'रियाल' का डॉलर के मुकाबले में रिकॉर्ड गिरावट और 42 प्रतिशत पहुँची महँगाई को लेकर लोगों में गुस्सा है। इस्लामी रिजीम हटाने की माँग की जा रही है।
बंगाल में ममता सरकार के दौरान हिन्दू त्यौहारों पर लगातार विवाद हुए हैं। बंगाल में घुसपैठियों की समस्या सबसे ज्यादा है। इससे निपटने के लिए ममता सरकार का हटना जरूरी है।
घुसपैठियों की चर्चा करते हुए अमित शाह ने घोषणा की है कि बीजेपी सरकार बनने पर एक ऐसा मजबूत नेशनल ग्रिड बनाया जाएगा जिससे 'इंसान तो क्या, परिंदा भी पैर नहीं मार पाएगा।'
'द वायर' की 'पत्रकार' आरफा खानम शेरवानी से दिल्ली आतंकी हमले को लेकर पूछे गए सवाल को उन्होंने 'मजेदार' बताकर टाल दिया। इससे लेफ्ट-लिबरल की मानसिकता उजागर हो गई।