इंदिरा ने पुराने कॉन्ग्रेस को फुस्स कर एक ऐसी कॉन्ग्रेस खड़ी कर ली जहाँ उनके चाटुकारों ने 'इण्डिया इज इंदिरा एंड इंदिरा इज इण्डिया' कहने में भी संकोच नहीं किया।
दिलचस्प बात ये है कि देश की आम महिलाओं से लेकर प्रतिष्ठित पदों पर रहने वाली महिलाओं को लेकर भद्दी राय देने वाले वीर दास आज भारत के लिबरल धड़े में मशहूर हैं।
लिबरल गिरोह और उसके इकोसिस्टम के लोगों के लिए अब अपने एजेंडा को छिपाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। अब ये इकोसिस्टम पूरी बेशर्मी के साथ अपना एजेंडा चलाता है।