झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, इंदौर की रानी अहिल्याबाई और रामगढ़ की रानी अवंतीबाई इनमें प्रमुख हैं। ऐसे ही दक्षिण भारत में कित्तूर की रानी चिन्नम्मा, शिवगंगा की रानी वेलु नचियार को सम्मान दिया गया।
वीरेंद्र सिंह कादियान AAP के विधायक हैं। उनके कथित ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। इनमें अपशब्दों की भरमार है। देवी-देवताओं से लेकर माँ-बहन तक की गाली दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के हितों की रक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि नए कृषि कानून उनकी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं और इससे कृषकों की आय में निरंतर वृद्धि होगी।
कॉन्ग्रेस को फेक न्यूज की फैक्ट्री कहते हुए बीजेपी के मंत्री ने लिखा, “वीडियो में 2 मिनट पर देखें, किस तरह से झारखंड के मॉक ड्रिल को असम पुलिस द्वारा शूटिंग बताया जा रहा है।”
बिग बॉस के घर से बाहर आने के बाद एक तरफ कहा जा रहा है कि वह कैंसर से जूझ रही अपनी माँ का इलाज करवा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने खुद के बायोपिक का जिक्र कर भी लोगों को चौका दिया है।
पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 57 सीटों पर कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर दी है। नंदीग्राम सीट से ममता के अपोजिट शुभेंदु अधिकारी को टिकट दिया गया है।
वे केजरीवाल सरकार को, एक उच्च माध्यमिक स्तर के सरकारी स्कूल के निर्माण के लिए करावल नगर में 5,000 वर्ग गज की करोड़ों की अपनी निजी जमीन के एक टुकड़े को हस्तांतरित करने के इच्छुक हैं।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि भारत की छवि खराब करने के लिए ‘Persecution Relief’ नाम के ईसाई NGO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा आम बात है। इसी तरह की एक घटना बैरकपुर थाना क्षेत्र के भाटपाड़ा में जून 25, 2019 को भी हुई थी, जब रिलायंस जूट मिल पर कुछ गुंडों ने बम फेंके थे।
वीडियो में दिखाई दे रहे बाबा उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 98 साल है। हैरानी की बात ये है कि 98 की उम्र में भी ये बाबा आत्मनिर्भर हैं और अपनी दो वक्त की रोटी के लिए खुद मेहनत करते हैं।
नए कृषि कानूनों को लेकर मोदी सरकार का विरोध करने के लिए धनसा राजमार्ग पर डेरा डाले तथाकथित किसानों ने एक युवा महिला के सवाल करने पर इस कदर तिलमिला गए कि कोई उसका नाम पूछने लगा तो किसी ने माइक ही छीन ली।
एक तरफ जहाँ राज्य में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ राजनेताओं का तृणमूल कॉन्ग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने का सिलसिला जारी है।
"मैं इस पुरस्कार को अपने देश के लोगों को अर्पित करता हूँ। आप किसी भी भाषा में भारतीय साहित्य को पढ़ लीजिए आपको पता चलेगा कि लोगों का प्रकृति के साथ गहरा संबंध रहा है।"